किसान क्षेत्र दिवस में कोसा उत्पादन बढ़ाने पर जोर, आधुनिक तकनीकों से रेशम किसानों को मिली नई दिशा

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जगदलपुर. धरमपुरा, कालीपुर स्थित केंद्रीय शिल्क बोर्ड एवं रिजनल तसर अनुसन्धान केंद्र (आरएसआरएस,जगदलपुर ) द्वारा बस्तर एवं राज्य रेशम विभाग के समन्वय से ग्राम बड़ागांव स्थित कृमिपालन केंद्र में किसान क्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेशम किसानों को कोया (ककून) उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और उनकी आजीविका को अधिक सशक्त बनाना था।कार्यक्रम में ग्राम सरपंच दयाराम कश्यप, उपसरपंच बलराम गोपल, पंच रामचंद बघेल, वैज्ञानिक-बी डॉ. प्रवीण रेड्डी, उप निदेशक रेशम एवं एडीएस आर. चंद्रकर तथा एन. मार्सकोले (एडीएस) मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर किसानों को कोया उत्पादन बढ़ाने के लिए चौकी गार्डन, जीवन सुधा, एलएसएम (LSM) सहित अन्य उन्नत तकनीकों के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर रेशम उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।उप निदेशक रेशम आर. चंद्रकर ने किसानों से सीएसबी-आरएसआरएस द्वारा विकसित एवं अनुशंसित तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं, सरपंच दयाराम कश्यप ने कहा कि आधुनिक कृषि एवं रेशम तकनीकों को अपनाकर ही तसर कृषकों की आय में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रवीण रेड्डी ने बीज कोया (Seed Cocoon) और ग्रेनेज (Grainage) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार परिछा, वरिष्ठ तकनीकी सहायक (STA), आरएसआरएस, जगदलपुर ने किया। इस दौरान ताहिर सिद्दीकी, दाकेश्वर, नेखूराम साहू, फूल दास, बलराम कश्यप, कांति पुजारी सहित राज्य रेशम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में तसर कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने किसानों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रेशम उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का उत्साह भर दिया।

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