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मारकंडी नदी बुझाएगी बस्तर शहर की प्यास

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बस्तर जलप्रदाय योजना के लिए 57.71 करोड़ मंजूर

अमृत मिशन के तहत बस्तर नगर पंचायत में नई जल आपूर्ति व्यवस्था

अब हर व्यक्ति को मिलेगा दोगुना पानी

जगदलपुर राज्य शासन ने बस्तर जिले की नगर पंचायत बस्तर में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल के लिए नई जलप्रदाय योजना को मंजूरी दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत बस्तर की नई जलप्रदाय योजना के लिए 57 करोड़ 71 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने के बाद शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता मौजूदा 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी। यानि हर व्यक्ति को रोजाना 70 लीटर अतिरिक्त शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।

योजना के तहत बस्तर शहर में करीब 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 2700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही लोगों को घरों तक पर्याप्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।बस्तर जलप्रदाय योजना के लिए मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल का निर्माण किया जाएगा। वहां से रॉ-वॉटर पाइप लाइन के जरिए नदी का पानी जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। संयंत्र में पानी के शुद्धिकरण के बाद इसे बस्तर शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह नदी से पानी लेने, उसका शुद्धिकरण करने और घरों तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था विकसित की जाएगी। बस्तर की इस नई जलप्रदाय योजना से शहर की पेयजल व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। वर्तमान में वहां प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 65 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध हो रहा है। नई योजना के पूर्ण होने पर यह मात्रा बढ़कर 135 लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। इससे घरेलू जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और नागरिकों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल मिलेगा। योजना का काम जून-2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।योजना के अंतर्गत तीन एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही 500 किलोलीटर क्षमता का एक उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा। शहर में पेयजल वितरण के लिए 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जल शोधन संयंत्र, उच्च स्तरीय जलागार और नए वितरण नेटवर्क के माध्यम से शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके पूरा होने से बस्तर शहर के नागरिकों को अधिक मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा और शहर की पेयजल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। योजना के लिए स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक संचालन एवं संधारण भी शामिल है।

हर परिवार को भरपूर पानी: साव

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बस्तर शहर के हर परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अमृत मिशन 2.0 से शहर की पेयजल व्यवस्था का कायाकल्प होगा। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर परिवार को बुनियादी सुविधाएं सुलभ हों और लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बने। बस्तर की यह पहल इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

प्रमुख सचिव बोरा का कड़ा संदेश

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा है कि बस्तर जलप्रदाय परियोजना के क्रियान्वयन में उच्च तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। निर्माण के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी और प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी घटकों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता के साथ जून-2028 की समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।

डौंडी में अर्टिगा और बाइक की भिड़ंत, दल्लीराजहरा युवक की मौत

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डौंडी। बालोद जिले के डौंडी में शनिवार रात करीब 10:30 बजे मारुति अर्टिगा कार और बाइक के बीच हुई टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक रेलवे कर्मचारी महेश सिंह का एकलौता पुत्र था एवं कच्चे माइंस में कार्य करता था मृतक की पहचान दल्ली राजहरा की रेलवे कॉलोनी निवासी आनंद सिंह (33 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के समय काम से वापस आ रहा था प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना डौंडी में दुर्गा मंदिर के आगे अंकित चाय दुकान के पास हुई। हादसे में बाइक सवार आनंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

जिसके बाद उनकी मौत हो गई। दुर्घटना में शामिल मारुति अर्टिगा कार का पंजीयन क्रमांक सीजी 04 क्यूसी 8930 बताया गया है। घटना के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे की खबर से मृतक के परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल हैं।

शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय दल्ली राजहरा की प्राचार्य डॉक्टर कविता सिंह के मार्गदर्शन में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा संचालित अंतर महाविद्यालयीन महिला एवं पुरुष वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन

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दिनांक 22 एवं 23 अक्टूबर 2026 को बीएसपी ओपन थिएटर दल्ली राजहरा में किया गया ।इस प्रतियोगिता में दुर्ग विश्वविद्यालय से संबद्ध 11 महाविद्यालयों से 15 महिला और 17 पुरुष प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 8 मैनेजर एवं 6 कोच भी उपस्थित रहे ।इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉक्टर कविता सिंह ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं प्रदान की तथा परस्पर सहयोग एवं सम्मान के साथ खेल भावना से खेलने पर बल दिया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिता ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्यवर्धक होती है ।

विशिष्ट अतिथि डॉक्टर मुन्नालाल नंदेश्वर तथा डॉ दिनेश नामदेव ने विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने पर विशेष बल दिया ।इस कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय की कीड़ा अधिकारी श्रीमती ओमेश्वरी मंडावी का सराहनीय योगदान रहा। मंचीय उद्घाटन सत्र का संचालन डा प्रवीण गुप्ता तथा प्रतियोगिता का संचालन श्री दुर्गा प्रसाद जंघेल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती ओमेश्वरी मंडावी ने किया।इस प्रतियोगिता में महिला वर्ग के अंतर्गत 49 किलोग्राम वर्ग में मौसमी निर्मलकर प्रथम रोशनी द्वितीय ,53 किलोग्राम वर्ग में तनुजा प्रथम भारती सानू द्वितीय एवं प्रियंका तृतीय,57 किलोग्राम वर्ग में मानसी यादव प्रथम रुचि द्वितीय ,61 किलोग्राम वर्ग में कृतिका प्रथम ,69 किलोग्राम वर्ग में शिवानी निषाद प्रथम हेमा कुमारी द्वितीय ,77 किलोग्राम वर्ग में मुस्कान यादव प्रथम जानवी देवांगन द्वितीय ,86 किलोग्राम वर्ग में भूमि सिंह प्रथम सुहाना बेरिया द्वितीय ,86 किलोग्राम वर्ग में रूसाना फरीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी तरह पुरुष वर्ग में 60 किलोग्राम वर्ग में षष्ठधीश कौशिक प्रथम यशवंत बघेल द्वितीय ,65 किलोग्राम वर्ग में सूरज यदु प्रथम सैयद रिहान द्वितीय एवं नरेंद्र कुमार तृतीय ,70 किलोग्राम वर्ग में कृष् नायक प्रथम गजेंद्र द्वितीय एवं मनीष तृतीय ,75 किलोग्राम वर्ग में मिनेश साहू प्रथम 95 किलोग्राम वर्ग में कुणाल सिंह कंवर प्रथम 110 किलोग्राम वर्ग में वीर सिंह प्रथम तथा 110 किलोग्राम से अधिक के वर्ग में मयंक जांगड़े ने प्रथम एवं तुषार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ महिला एवं पुरुष वेट लिफ्टर के रूप में क्रमशः मौसमी निर्मलकर और षष्ठ धीश कौशिक शासकीय महाविद्यालय पाटन का चयन किया गया। इस स्पर्धा के आयोजन में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण ,कर्मचारी गण एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय भूमिका रही ,तथा नगर के गणमान्य नागरिक गण एवं विभिन्न विद्यार्थियों की भी उपस्थित रही।

सोनारपाल में एक परिवार के 10 सदस्यों की मूल धर्म में वापसी, पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ स्वागत

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भानपुरी:- बस्तर जिले के ग्राम सोनारपाल में शुक्रवार को एक परिवार के कुल 10 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपनी मूल धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में वापसी की। बताया गया कि परिवार के सदस्य पिछले करीब 20 वर्षों से ईसाई धर्म अपना रहे थे। इस अवसर पर आमाबाल परगना क्षेत्र के महारा समाज के पदाधिकारियों, नाईक-पाईक, समाज प्रमुखों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।ग्राम सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान , समाज प्रमुखों और ग्रामीणों की उपस्थिति में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद एक परिवार के 10 सदस्यों का पारंपरिक विधि-विधान के साथ स्वागत किया गया। उन्हें तिलक लगाया गया, मूल धर्म में पुनः शामिल किया गया।इस दौरान आमाबाल परगना के सामाजिक पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने पर जोर दिया गया।

मुरिया दरबार में आदिवासी जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर भाजपा का आयाेजन बना दिया – उमाशंकर शुक्ला

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जगदलपुर, 23 अक्टूबर । प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर प्रकाशित आमंत्रण पत्र को लेकर उन्हाेने कहा कि अमंत्रण पत्र में संभाग के आदिवासी जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों के नाम शामिल नहीं होने से उनकी भागीदारी को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बस्तर की आदिवासी परंपरा से जुड़े इतने बड़े आयोजन में स्थानीय प्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों को उचित स्थान मिलना चाहिए था, लेकिन बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार काे भारतीय जनता पार्टी का आयाेजन बना दिय गया।

इतना ही नही बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार के लिए जारी आमंत्रण पत्र संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी कर बस्तर दशहरा समिति काे दरकिनार कर दिया गया। उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान जुड़ी है। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रर्दशित करने के लिए आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू काे बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में बुलाकर भारतीय जनता पार्टी अदिवासी हितैशी हाेने का ढ़ाेग करना चाहती है, लेकिन ऐसे आयोजन में स्थानीय आदिवासी जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों काे स्थान नही देने से बस्तर की जनता के समक्ष भाजपा का असली चेहरा उजागर हाे गया है। उन्हाेने कहा कि बस्तर दशहरा का पूरा संचालन बस्तर दशहरा समिति के पदेन अध्यक्ष बस्तर सांसद के माध्यम से किया जा रहा है, ताे मुरिया दरबार के लिए जारी आमंत्रण पत्र संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी करना बस्तर दशहरा समिति एवं बस्तर सांसद का अपमान है। इतना ही नही मुरिया दरबार के आमंत्रण पत्र में कांग्रेस के आदिवासी जनप्रतिनिधियओं में केशकाल की राज्य सभा की सांसद फूलाे देवी नेताम, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, कोंटा विधायक कवासी लखमा, एवं भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी का नाम शामिल नही करना बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार काे भारतीय जनता पार्टी का आयाेजन बनाने काे प्रमाणित करता है। उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार काे भारतीय जनता पार्टी का आयाेजन बनाने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के आदिवासी जनप्रतिनिधियाें में कांकेर सांसद भोजराज नाग, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आसाराम नेताम और अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी का नाम मुरिया दरबार के आमंत्रण पत्र में शामिल नही करना बस्तर के आदिवासी जनप्रतिनिधियाें काे बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार से दरकिनार करना बस्तर के आदिवासी जनप्रतिनिधियाें का अपमान है। वहीं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र में संस्कृति विभाग के मंत्री राजेश अग्रवाल स्वयं काे अतिथि बनाया जाना हास्यास्पद है।

लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सीसी सड़क का अधूरा निर्माण

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रोज मुश्किलों का सामना कर रहे रहवासी

लेवल में भारी अंतर, कीचड़ और गड्ढों से हादसों का खतरा

किरंदुल नगर के तालाब पारा वार्ड में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के चलते सीसी सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस कारण वहां के रहवासियों को रोजाना भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है, सीसी सड़क को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है। बनी हुई सड़क और कच्चे रास्ते के बीच लगभग डेढ़ फीट का ऊंचा-नीचा लेवल है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। सड़क के किनारे बिखरी गिट्टी, कीचड़ और नाली का गंदा पानी स्थिति को और भयावह बना रहा है।

अधिकारियों की अनदेखी

स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि यह सब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है। ठेकेदार द्वारा कई महीने पहले सड़क का आधा काम कर छोड़ दिया गया, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने न तो काम की गुणवत्ता की जांच की और न ही ठेकेदार पर कार्य पूरा करने का दबाव बनाया। रहवासियों का कहना है कि वार्ड में बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इसी अधूरे और खतरनाक रास्ते से रोजाना गुजरना पड़ता है। बरसात में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब कीचड़ भरे रास्ते में चलना तक मुश्किल हो जाता है। किराना दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।

जांच और कार्रवाई की मांग

तालाब पारा के लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत की जांच कर अधूरी पड़ी सीसी सड़क के निर्माण को तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

मुरिया दरबार में मंत्री केदार कश्यप ने किया दीप प्रज्वलन

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जगदलपुर माई दंतेश्वरी की पावन नगरी जगदलपुर सिरासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने दीप प्रज्वलन किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू मुरिया दरबार में शामिल होने आई हैं।

टीईटी विभागीय परीक्षा के निर्णय पर शिक्षा मंत्री का माना आभार

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ओएमआर शीट से ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग
जगदलपुर।
टीईटी की विभागीय परीक्षा आयोजित कराने की दिशा में सकारात्मक पहल के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा धन्यवाद व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया गया।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर संभाग के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से राज्य में टीईटी विभागीय परीक्षा को सीबीटी ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित कराने की मांग का ज्ञापन देते हुए कहा कि ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों, नेटवर्क, सर्वर संबंधी समस्याओं का सामना शिक्षक करेंगे। शिक्षकों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और व्यावहारिकता एवं निष्पक्षता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा को अभ्यर्थियों के हित में अधिक व्यावहारिक और सुविधाजनक विकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया गया। पुराने शिक्षकों से ऑफलाइन ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा का निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस विषय को गंभीरता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा अभ्यर्थियों की वास्तविक कठिनाइयों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर से संभाग अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लुदरसन कश्यप, राजेश गुप्ता, मोहम्मद ताहिर शेख, तुलादास मानिकपुरी, गजराज सिंह, रामप्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, विकासखंड अध्यक्ष जगदलपुर मनीष ठाकुर सहित शिक्षक उपस्थित थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर आगमन पर सांसद महेश कश्यप ने किया आत्मीय स्वागत

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जगदलपुर । महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के बस्तर आगमन पर सांसद महेश कश्यप ने माँ दंतेश्वरी विमानतल,जगदलपुर में पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार समारोह एवं लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर बस्तर पधारने पर सांसद महेश कश्यप ने उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।सांसद महेश कश्यप ने कहा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का बस्तर की पावन धरती पर आगमन हम सभी के लिए गर्व, गौरव और हर्ष का विषय हैl बस्तर केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हजारों वर्षों पुरानी जनजातीय संस्कृति, विशिष्ट परंपराओं और अद्वितीय सामाजिक समरसता के लिए भी जाना जाता है।

राष्ट्रपति जी की गरिमामयी उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और भी मजबूत होगी । यह हमारे जनजातीय समाज के सम्मान,स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक है।सांसद श्री कश्यप ने आगे कहा बस्तर दशहरा हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। ऐतिहासिक मुरिया दरबार जनजातीय समाज की आवाज,उसकी परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की विशिष्ट पहचान है। देश की महामहिम राष्ट्रपति का इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होना बस्तर के लिए एक यादगार अवसर है। हमें विश्वास है कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी और देश दुनिया का ध्यान हमारी गौरवशाली परंपराओं की और भी अधिक आकर्षित होगा।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी इससे पूर्व बस्तर पण्डुम के अवसर पर भी बस्तर आ चुकी हैं। उनका पुनः आगमन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,जनजातीय परंपराओं और विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।सांसद महेश कश्यप ने राष्ट्रपति जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तरवासी अपनी आत्मीयता,परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत करते हैं। राष्ट्रपति जी का यह आगमन बस्तर की गौरवशाली पहचान को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

टीईटी विभागीय परीक्षा के निर्णय पर शिक्षा मंत्री का माना आभार

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ओएमआर शीट से ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग

जगदलपुर टीईटी की विभागीय परीक्षा आयोजित कराने की दिशा में सकारात्मक पहल के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा धन्यवाद व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया गया। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर संभाग के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से राज्य में टीईटी विभागीय परीक्षा को सीबीटी ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित कराने की मांग का ज्ञापन देते हुए कहा कि ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों, नेटवर्क, सर्वर संबंधी समस्याओं का सामना शिक्षक करेंगे।

शिक्षकों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और व्यावहारिकता एवं निष्पक्षता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा को अभ्यर्थियों के हित में अधिक व्यावहारिक और सुविधाजनक विकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया गया। पुराने शिक्षकों से ऑफलाइन ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा का निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस विषय को गंभीरता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा अभ्यर्थियों की वास्तविक कठिनाइयों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर से संभाग अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लुदरसन कश्यप, राजेश गुप्ता, मोहम्मद ताहिर शेख, तुलादास मानिकपुरी, गजराज सिंह, रामप्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, विकासखंड अध्यक्ष जगदलपुर मनीष ठाकुर सहित शिक्षक उपस्थित थे।

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