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सड़क का हाल बेहाल,आम नागरिक परेशान

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दल्लीराजहरा से मात्र 3 किलोमीटर कुछ दूरी पर स्थित 1200 आबादी वाली नाला ग्राम पंचायत खम्हारटोला के सड़के केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना से आज भी पर्यन्त वंचित है।

खम्हारटोला से चिखलाकसा को जोडने वाली सडक काफी जर्जर हो गया हैं सडक पर जगह जगह बडें बडे गडडे हो बन चुके है। अब बरसात का सीजन होने के कारण इन गडडों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती हैं। सडक की स्थिति से आम नागरिक काफी नाराज है बार -बार गुहार लगाने के बावजूद भी सडक नही सुधर पाई है। वर्तमान में इस सडक का हालत यहां है। कि स्थान पर सडक है या नहीं इसका पता नहीं चलता सडक पर बडें बडे गडडे दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। इस मार्ग पर लोग रोजी मजदुरी करने के लिए अपने जान को जोखिम में डालकर मजदूरी करने के लिए दल्लीराजहरा पर निर्भर हैं।

लोग कच्ची सडक से आवागमन करते है।बारिश के समय इस रास्ते साईकिल, गाडी से जाना तो दूर पैदल चलना भी मुमकिन हो जाता है। आज तक ना तो सड़क सुधरने और ना ही लोगों को राहत मिली । जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीण व्यस्थित हैं। सडक की उपेक्षा से यहां साबित हो जाता हैं कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की आंखों में पट्टी बंधी है।

वनों से समृद्धि की ओर : छत्तीसगढ़ में आधुनिक आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई जमगांव एम में

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  •  फॉरेस्ट टू फार्मेसी, छग में 36.47 करोड़ की आयुर्वेदिक इकाई
  • वोकल फॉर लोकल को साकार करती छत्तीसगढ़ की आयुर्वेदिक प्रसंस्करण परियोजना

जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित अत्याधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण दुर्ग जिले के ग्राम जामगांव (एम) में हॉगा। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद दुर्ग विजय बघेल, स्थानीय विधायक, राज्य वनौषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 डॉक्टर स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज महा मंडलेश्वर, हरिद्वार उत्तराखंड विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे

वन और विज्ञान का संगम

आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में रू. 36.47 करोड़ की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई से प्रतिवर्ष लगभग 50 करोड़ रुपए के उत्पाद तैयार किए जाने का अनुमान है। यह इकाई प्रदेश में वनों में पाई जाने वाली औषधीय और लघु वनोपज जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करेगी। यह इकाई छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र भी बनेगी।

1 हजार लोगों को रोजगार

परियोजना के अंतर्गत 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की प्राथमिक प्रसंस्करण कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। प्रसंस्करण इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे सीजनल वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी।

आत्मनिर्भर भारत का विजन

यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मूर्तरूप देती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के नेतृत्व में प्रदेश एक नए हरित औद्योगिक युग की ओर अग्रसर हो रहा है, जिससे वनवासियों और ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित हो रहा है।

गुरु गोविंद सिंह वार्ड मे सुनी गई मन की बात

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  •  मोदी के मन की बात का था यह 123वां एपिसोड

जगदलपुर नगर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड क्रमांक- 36 मे रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का 123वां एपिसोड प्रभारी उमेश गुप्ता के निवास स्थान में सुना गया। अतिथि के रूप में एमआईसी मेंबर संग्राम सिंह राणा एवं अविनाश सिंह गौतम की उपस्थिति में एवं कार्यक्रम प्रभारी बंटू पांडेय के सहयोग से 123 वॉ एपिसोड कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में योग दिवस की बात की और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की सफलता का जिक्र किया। 22 भाषाओं में प्रस्तुत होने वाले इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा तेलंगाना में 3000 दिव्यांग साथियों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग किया। विशाखापट्टनम में 3 लाख लोगों ने एक साथ योग किया। इमरजेंसी के दौर में लोगों को प्रताड़ित किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित कर दिया है। यह सफलता हमारे स्वास्थ्य कर्मियों की है। भारत देश में 95 करोड लोग किसी न किसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। आने वाले समय में भारत और सशक्त होगा। मन की बात कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश कुशवाहा, उमेश गुप्ता, रोहित सिंह, रेणु गुप्ता, प्रीति वानखेड़े, भगवती साहू,

वीरेश गुप्ता, परेश गुप्ता, प्रदीप पाणिग्रही, राकेश झा सहित वार्डवासी उपस्थित थे।

मकान तोड़ घर में घुसा तेज रफ्तार ट्रक

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दल्लीराजहरा:- बालोद जिले के ग्राम गिधाली में कल रात्रि करीबन 9 बजे के आसपास आयरन से भरा ट्रक घर में घुसा।घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के गिधाली का हैं । जहां ट्रक क्रमांक सीजी -21 जे 8071 जो निको प्लांट से आयरन भरकर आ रहा था । तभी ट्रक बेकाबू होकर जनक भूआर्य के घर का मकान को क्षतिग्रस्त करते हुए घर में जा घुसा।

सौभाग्य से घटना  के समय मकान खाली होने के कारण कोई जानी नुकसान नहीं हुआ । हादसे की आवाज को सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए ।स्थानीय लोगों द्वारा बताया जा रहा हैं कि ट्रक ड्राइवर नशे से धुत व ट्रक की रफ्तार हाई स्पीट होने के कारण घटना को अंजाम दिया । ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दे दी गई , घटना में पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी हो चुके हैं ऐसे कई हादसे , यहां पहला घटना नहीं है । अब निको प्लांट के ट्रकों से इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। तब भी शासन प्रशासन चुप्पी सादे हुए हैं । ट्रक ड्राइवर के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इसके बावजूद भी लापरवाही थामने का नाम ही नहीं हैं। नशे से धुत चालकों पर न ही कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की जा रही है।

फांसी पर लटका मिला सरपंच का पति

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जगदलपुर ग्राम पंचायत कावापाल सरपंच के पति कमलोचन बघेल वन विभाग कार्यालय के सामने स्थित चाय की गुमटी में फांसी पर लटका मिला है। कमलोचन बघेल डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती था। अस्पताल से वह शाम 5.30 बजे निकला था और रात में उसने चाय की गुमटी में फांसी लगा ली। उसका बेटा डिमरापाल में ही है। कमलोचन का एक भाई पुलिस आरक्षक है। उसने स्वयं फांसी लगाई या उसके साथ कोई घटना हुई है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस जांच जारी है।

चार फीट लंबी बाम फिश

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  •  नगरनार प्लांट के पॉन्ड में मिली विशालकाय मछली

अर्जुन झा-

जगदलपुर नगरनार स्टील प्लांट के तालाब में करीब चार फीट लंबी बाम मछली मिली है। इस मछली का वजन करीब दस किलोग्राम है।

नगरनाल स्टील प्लांट की जरूरत के लिए शबरी नदी से पाईप लाइन के जरिए पानी लाकर ग्राम तिरिया के पास बनाए गए पॉन्ड में भरा जाता है। इसी पॉन्ड में यह विशाल मछली मिली है। माना जा रहा है कि शबरी नदी से पाईप लाइन के जरिए यह मछली पॉन्ड में आ गई होगी। स्टील प्लांट के कर्मचारी जब पॉन्ड में बोट पर सवार होकर जब दवाई का छिड़काव कर रहे थे तब यह मछली नजर आई। विशालकाय मछली को देख पहले तो कर्मचारी डर गए, फिर जब पता चला कि यह मछली है, तब साहस जुटाकर उसे पकड़ लिया गया। 10 किलो वजनी इस बाम मछली को स्थानीय बोली में भंवरी कहा जाता है।

पर्याप्त धान बीज और रासायनिक खाद उपलब्ध कराए सरकार: विक्रम मंडावी

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  • किसानों की आवाज बने कांग्रेस विधायक मंडावी
  • विधायक विक्रम मंडावी ने कृषि मंत्री को लिखा पत्र

जगदलपुर खाद और धान बीज के लिए भटक रहे किसानों के हित में बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने आवाज उठाई है।उन्होंने कृषि मंत्री को पत्र लिखकर सोसायटियों में पर्याप्त रासायनिक खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग की है।

बस्तर संभाग में खाद बीज की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। व्यापारी अनाप शनाप कीमत लगाकर रासायनिक खाद बेच रहे हैं। बीजापुर जिले में भी ऐसे ही हालात हैं। धान बीज और रासायनिक खाद की मांग को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम को पत्र लिखा है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम को लिखे पत्र में विधायक विक्रम मंडावी ने धान बीज और रासायनिक खाद उपलब्ध कराने की मांग करते हुए लिखा कि बीजापुर के अन्तर्गत सोसायटियों में धान बीज एवं रासायनिक खाद की भारी कमी है। जिसके चलते बीजापुर जिले के कृषकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि बीजापुर जिला अत्यंत सुदुर एवं संवेदनशील क्षेत्र है। लेम्पसों में धान बीज एवं रासायनिक खाद किसानों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नही होने के कारण किसानों को समीप के राज्य तेलंगाना एवं महाराष्ट्र से धान बीज एवं रासायनिक खाद को महंगे दामों में खरीदकर लाना पड़ रहा है। इसलिए बीजापुर जिले के लेम्पसों में पर्याप्त धान बीज एवं रायानिक खाद का भण्डारण हेतु आवश्यक व्यवस्था की जाए। जिससे कि क्षेत्र के किसानों को धान-बीज एवं रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में मिल सके।

23 लाख रूपए के ईनामी सहित कुल 13 नक्सलियों ने किया सरेंडर

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  • सरेंडर करने वालों में बड़े कैडर के नक्सली भी 

जगदलपुर बस्तर संभाग में नक्सलियों का आत्मसमर्पण का दौर लगातार जारी है। बीजापुर जिले में फिर 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 23 लाख के ईनामी नक्सली भी शामिल हैं।

नक्सली उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ, कोबरा व सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों से तथा छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर पश्चिम बस्तर डिवीजन अंतर्गत कंपनी नम्बर 2 की पार्टी सदस्य, धमतरी- गरियाबंद- नुआवाड़ा डिवीजन अंतर्गत पीपीसीएम, केएएमएस अध्यक्ष, एलओएस सदस्य, एओबी डिवीजन अंतर्गत पीएलजीए सदस्य, मिलिशिया प्लाटून सदस्य 23 लाख रूपये के ईनामी सहित कुल 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ बीजापुर के डीआईजी बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, कमांडेंट सीआरपीएफ 85 बटालियन सुनील कुमार राही, कमांडेंट 153 बटालियन सीआरपीएफ अमित कुमार, कमांडेंट 168 बटालियन विक्रम सिंह, कमांडेंट 170 बटालियन सरकार राजा रमन, कमांडेंट 199 बटालियन केरिपु आनंद कुमार, कमांडेंट 222 बटालियन विजेंद्र सिंह, कमांडेंट 202 कोबरा अमित कुमार, कमांडेंट 210 कोबरा अशोक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर मयंक गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स यूलैंडन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक घनश्याम कामड़े, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तिलेश्वर यादव, उप पुलिस अधीक्षक डीआरजी विनीत साहू, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक बस्तर फाईटर चंद्रहास के समक्ष सरेंडर किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में देवे मुचाकी ऊर्फ प्रमिला कंपनी नम्बर 2 पार्टी सदस्या, ईनाम 8 लाख रूपए, कोसा ओयाम ऊर्फ राजेंद्र धमतरी- गरियाबंद नुआपाड़ डिवीजन अंतर्गत एसीएम ईनाम 5 लाख रूपए, कोसी पोड़ियाम आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष ईनाम 2 लाख, सम्मी सेमला पीएलजीए सदस्य l, ईनाम 1लाख रूपये, छोटू परसीक ऊर्फ दीपक पार्टी सदस्य, ईनाम 1 लाख, मोती ताती पार्टी सदस्य, ईनाम 1.00 लाख रूपये, सुनीता हेमला एलओएस सदस्य ईनाम 1 लाख रूपये, मंजुला कुंजाम पार्टी सदस्य, ईनाम 1 लाख, सायबो पोड़ियम पीएलजीए सदस्य ईनाम 1 लाख रूपए शामिल हैं। इनके अलावा हुंगी ऊंडम ऊर्फ राधा पीएलजीए सदस्य ईनाम 1 लाख, मंगा मड़कम उर्फ मंगेश आरपीसी सदस्य,

बुधराम कोड़मे ऊर्फ राजू आरपीसी सदस्य, जमली कोड़मे ऊर्फ हिड़मे आरपीसी सदस्य ने भी आत्मसमर्पण किया है। छग शासन की नक्सल उन्मूलन नीति और नियद नेल्लानार योजना के कारण कई माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बीजापुर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण के पीछे अनेक महत्वपूर्ण कारण सामने आ रहे हैं। संगठन के भीतर विश्वास की कमी और अनिश्चित भविष्य ने भी उनके निर्णय को प्रभावित किया है। इन सब कारणों के चलते अनेक माओवादी आत्मसमर्पण कर शांति की राह पर लौटने का निर्णय ले रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर एक नया जीवन आरंभ कर रहे हैं। शासन की पुनर्वास नीति ने कई माओवादियों को नई उम्मीद दी है। उन्हें संगठन के भीतर शोषण और क्रूर व्यवहार से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है। यह नीति उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की आशा देती है। इसके अलावा सुरक्षा बलों के लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने और क्षेत्र में चलाए जा रहे आक्रामक अभियानों ने भी माओवादियों को संगठन छोड़ने के लिए प्रेरित किया है।

समर्पण में ही भलाई: यादव

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे छत्तीसगढ़ शासन की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हों। उन्होंने बताया कि सरकार की इस पुनर्वास नीति के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता, पुनर्वास के अवसर, रोजगार एवं शिक्षा संबंधी सुविधाएं माओवादियों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने नक्सलियों से आह्वान किया कि वे बाहरी तत्वों की भ्रामक विचारधाराओं को त्यागें और निर्भय होकर सामाजिक जीवन में लौटें।

दयानिधि धाकड़ बने बस्तर जिलाध्यक्ष एवं सुकमा बीजापुर से बनाये गये संभागीय उपाध्यक्ष

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बस्तर — धाकड़ समाज बस्तर संभाग पंजीयन क्रमांक 1722के तहत साधारण सभा की संभागीय बैठक 25 जून को धाकड़ समाज कार्यालय कुच्चागुड़ा में सुरेन्द्र सिंह धाकड के अध्यक्षता मे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सभा के मुख्य अथिति बस्तर सांसद महेश कश्यप ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा की आज युग में समाज हो या शासन संघ शक्ति से संचालित होता है।,साथ ही सांसद ने धाकड समाज बस्तर संभाग के लिए जगदलपुर मे भवन निर्माण हेतु सांसद निधि से पन्द्रह लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा किए एवं स्थान का चुनाव संभागीय पदाधीकारी के साथ मिलकर किया जायेगा।साधारण सभा के बैठक में जिला बीजापुर और जिला सुकमा और बस्तर जिला धाकड़ समाज के प्रमुख एवं स्वजाति बन्धुओं ने बढ़ चढ़ कर हिसा लिए।सभा के समापन तक मूसलाधार बारिश जारी रहा उसके बावजुद भी समाज के लोगों मे समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना ने उन्हे सभा तक खिंचकर ले आयी और अन्त तक बने रहे जो शुखद अनुभव है।धाकड़ समाज जिला बीजापुर पं.क्रमांक 1722 के अध्यक्ष एकन सिंह धाकड़ ने अपने उद्बोधन मे समाज को पं.क्र.1722 के महत्व को समझाते हुए संगठन से जुड़ने की अपिल की।सभा के बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये।

1)पंजीयन क्रमांक 1722के तहत धाकड समाज बस्तर संभाग को मजबुत करने के लिए सदस्यता अभियान पुरे संभाग में किया जायेगा।जिला बीजापुर से निगम्बर सिंह धाकड़,जिला सुकमा से हमीरगढड़ परगना के मांझी शशिभूषण सिंह धाकड़ को सर्वसम्मति से संभागीय उपाध्यक्ष चुना गया।

2)बस्तर जिला के विभिन्न क्षेत्र को और भी मजबुत करने व सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए तथा सक्रिय रूप से जिला संगठन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दयानिधी धाकड ग्राम तुरपुरा को सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया।एवं पुर्व अध्यक्ष घनश्याम धाकड़ को संरक्षक नियुक्त किया गया।

परगना माझियों का सम्मान 

1)हमीरगढ़ परगना जिला सुकमा के मांझी शशिभूषण सिंह धाकड़,2)करेकोट परगना के मांझी श्री मंगलु धाकड़ जी का मुख्य अथिति सांसद महोदय के हाथो सम्मान कराया गया।

सन 1910 के भुमकाल विद्रोह में शहीद परिवारों का सम्मान 

1)मिलाप वल्द घेनवा के नाति अजब सिंह धाकड, केशरपाल,1)घेनवा वल्द आशाराम के परिवार से जगत सिंह धाकड़, परचनपाल का स्वागत सासंद के हाथों सम्मानित कराया गया।

संभागीय अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ जी का उद्बोधन 

संभागीय अध्यक्ष ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा की व्यक्तिगत सम्बन्ध और व्यक्तिगत मतभेद के आधार पर समाज नही चल सकता समाज किसी व्यक्ति विशेष का नही होता समाज मे।समाज लोकतांत्रिक प्रणाली से चलेगा जिसमे सबका समानाधिकार है अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता है।

नकुल सिंह धाकड़ भैरमगढ़ ने अपने सम्बोधन मे कहा कि समाज संगठन मात्र जात भात करने के लिए नही बना है समाज की उन्नती के लिए बना है। समाज को शिक्षित करने शासन प्रशासन तक अपनी अधिकार व समाज की मांग करने के लिए बना है।निति नियम का परिपालन करने के लिए बना है।

जमीन पर ही रह जाएंगे तारापुर के सितारे

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  •  200 विद्यार्थियों के लिए महज 3 शिक्षक तैनात
  • तारापुर के पीएम स्कूल में आखिर कैसे होगी पढ़ाई, पालक हैं चिंतित

अर्जुन झा

बकावंड कुछ साल पहले एक फिल्म आई थी तारे जमीं पर। यह फिल्म एक एबनॉर्मल बच्चे पर आधारित थी, जिसे घर परिवार से दूर एक आवासीय स्कूल में उसके माता पिता ने दाखिला दिला दिया था। मगर यहां तो घर के पास उत्कृष्ट स्कूल रहते हुए भी तारापुर गांवके नन्हे मुन्ने सितारों को दमकने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। इससे लगने लगा है कि तारापुर के सितारे जमीं पर ही रह जाएंगे, वे कभी आसमान की शान नहीं बन पाएंगे।

बकावंड विकासखंड की ब्लाक ग्राम पंचायत तारापुर में शासन ने पीएम श्री स्कूल तो खोल दिया है, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट वाले इस स्कूल को वह सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं, जिसका वह हकदार है।तारापुर के पीएम श्री स्कूल में कक्षा पहली से पंचवी तक कुल 200 बच्चों का दाखिला हो चुका है और अभी अभी भर्ती चालू है। दर्ज संख्या का आंकड़ा 300 तक पहुंच सकता है, मगर यहां केवल 3 ही शिक्षक हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि 300 बच्चों को महज तीन शिक्षक आखिर किस तरह पढ़ा पाएंगे? इस स्कूल स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी और इसे पीएम श्री स्कूल का दर्जा हाल के वर्षों में मिला है। दर्जा तो बढ़ा दिया गया मगर स्कूल में और शिक्षकों की अब तक व्यवस्था नहीं की गई है।सहायक शिक्षक चद्रभव सिंह ने बताया कि स्कूल में 4 चार शिक्षकों मांग पालक कर रहे हैं।

अभी यहां केवल एक ही पंचायत के बच्चों का दाखिला हुआ है और दर्ज संख्या 200 को पार कर चुकी है। ग्राम पंचायत तारापुर की सरपंच आसमती कश्यप, उप सरपंच श्याम भाई पटेल, पंच नवीना, कमल नेताम, शंकर भारती, प्रभु कश्यप, भगतवती, क्षेत्र क्रमांक 21 के जनपद सदय सुभरना नेताम ने कहा है कि महज तीन शिक्षकों के भरोसे इतने सारे बच्चों की पढ़ाई हरगिज मुमकिन नहीं है। यहां कम से कम छह शिक्षक नियुक्त किए जाने की जरूरत है। अगर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती है तो तारापुर के सितारे उभर नहीं पाएंगे।

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