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तेंदूपत्ता बोनस घोटाला; फिर पहुंची एसीबी की टीम, दर्ज किया जांच दल बयान

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  •  34 हजार आदिवासियों को नहीं दी गई थी राशि

जगदलपुर रायपुर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल वन विभाग दफ्तर सुकमा पहुंचा। तेंदूपत्ता बोनस वितरण में मामले में जांच करने वाले दल का बयान एसीबी की टीम ने दर्ज किया। बयान लेने के बाद सुकमा के पूर्व डीएफओ अशोक पटेल के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जाना है।

अशोक पटेल के खिलाफ एसीबी कार्रवाई कर रिमांड उसे पर जेल भेजा चुका है। सुकमा वन मंडल में वर्ष 2021-22 में लगभग 34 हजार संग्रहको को बोनस नही मिलने की शिकायत के बाद जांच बैठाई गई थी। जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। इस मामले को लेकर सुकमा वन मंडलाधिकारी अशोक पटेल को निलंबित किया गया है। इस प्रकरण की जांच करने के लिए मंगलवार को रायपुर से एसीबी की जांच टीम जगदलपुर पहुंची और तेंदूपत्ता शाखा में मामले की जांच करने वाले जांच दल का बयान दर्ज किया। सुकमा वन मंडल में वर्ष 2021

व 22 में वहां के हजारों संग्रहको को तेंदूपत्ता बोनस वितरण नही होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद बस्तर डीएफओ के नेतृत्व में 8 सदस्यों की टीम गठित की गई थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि वर्ष 2021 में 15 प्राथमिक समितियों द्वारा तेंदूपत्ता बोनस वितरण में करीब 21 हजार 225 संग्रहको को 3 करोड़ 16 लाख 12 हजार 11 रुपये का वितरण नही हुआ, इसके अलावा वर्ष 2022 में 10 प्राथमिक समितियों के 13 हजार 1 सौ 97 संग्रहको को 2 करोड़ 58 लाख 69 हजार 975 रुपये का भुगतान नही हुआ। ज्ञात हो कि इस मामले में एसीबी की टीम डीएफओ के ठिकाने पर छापामार कार्रवाई करते हुए अनियमितता के मामले में रिमांड पर जेल भेज चुकी है। वहीं इसमें संलिप्त सुकमा वन मंडल के 9 प्रबंधकों को भी एसीबी पूर्व में बयान के लिए तलब कर चुकी है। इस मामले में संलिप्त 10 वन प्रबंधकों को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले 3 लोगों को वन विभाग ने भिजवाया जेल

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जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त आर सी दुग्गा और डीएफओ बस्तर उत्तम गुप्ता के मार्गदर्शन और एसडीओ बस्तर और वन परिक्षेत्र अधिकारी करपावंड सौरभ रजक के नेतृत्व में वन परिक्षेत्र करपावंड के परिसर गोटीगुडा के कक्ष क्रमांक आरएफ 1135 नया 155 में अवैध कटाई और अवैध

अतिक्रमण के आरोप में ग्राम छतोड़ी जिला कोंडागांव के 3 आरोपियों बलदेव कोराम, धरम कोराम, सोमन सिंह को जेल भिजवा दिया गया है।

इन तीनों लोगों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत पीओआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 24 जून को मुख्य न्यायिक

मजिस्ट्रेट जगदलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें 08 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल जगदलपुर भेजा गया। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल विवेक जायसवाल, परिक्षेत्र सहायक बालकदास बघेल, बनसिंह कर्मा, कमलोचन बघेल, महेश पांडे, दिनेश आलम और बीट फील्ड ऑफिसर मंगल कश्यप, कलमू देवा, तुलेश बघेल,

सोनाधर मौर्य, रघुनाथ नाग, वन प्रबंधन समिति गोटीगुडा के सदस्य और परिक्षेत्र के सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे।

वहीं बस्तर वन मंडल के ही दरभा वन परिक्षेत्र में भी वन भूमि पर अतिक्रमण करते हुए दो ट्रेक्टर को जब्त करने की कार्रवाई की गई है। वन विभाग के द्वारा चलाए जा रहे अभियान से वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।

शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा के प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर निलंबित

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बालोद, 24 जून 2025 जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले ने जिले के डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा के प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर को अपने कक्ष में स्प्राईट की बोतल में शराब मिलाकर सेवन करते हुये पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले ने बताया कि डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा के प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर के द्वारा 24 जून 2025 को अपने कक्ष में स्प्राईट की बोतल में शराब मिलाकर सेवन करते हुये पाए गए। उन्होंने बताया कि उक्त कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी द्वारा संबंधित प्रधान पाठक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा की गई है। जिसके अंतर्गत सरजूराम ठाकुर का उक्त कृत्य अनुशासनहीनता एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 के उपनियम (1) (2) (3) के विपरीत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। अतः एतद् द्वारा छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-09 (1) (क) के तहत  सरजूराम ठाकुर, प्रधान पाठक, शास.प्राथ. शाला चिपरा, वि.खं. डौण्डी. जिला बालोद (छ.ग.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी, जिला बालोद (छ.ग.) नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

 

कांग्रेस के आपातकाल ने बेटों को माता पिता की चिता को अग्नि देने तक नहीं दीं: राकेश यादव

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  • कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान को कुचला: राकेश यादव
  • आपातकाल कांग्रेस की तानाशाही सोच का प्रमाण है, आज भी जिंदा है वही मानसिकता” — राकेश यादव

बालोद 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को देश के लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए जिला भाजपा कार्यालय बालोद में आयोजित आपातकाल के 50 वे वर्ष पर आयोजित संगोष्ठी पर जिला भाजपा महामंत्री राकेश यादव कहा कि आज भी कांग्रेस उस तानाशाही मानसिकता से मुक्त नहीं हो सकी है, जिसकी नींव इंदिरा गांधी ने 50 वर्ष पूर्व आपातकाल लगाकर रखी थी।

उन्होंने कहा कि आपातकाल कोई राष्ट्रीय संकट नहीं, बल्कि एक डरी हुई प्रधानमंत्री की सत्ता बचाने की साजिश थी। 12 जून 1975 को जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया, तो उन्होंने 25 जून को ‘आंतरिक अशांति’ का हवाला देकर अनुच्छेद 352 के तहत देश पर आपातकाल थोप दिया।

संविधान, प्रेस, न्यायपालिका सब कुछ कुचला गया

यादव ने कहा कि उस समय लोकतंत्र के तीनों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—को बंधक बना दिया गया। प्रेस की आज़ादी पर इतना बड़ा हमला हुआ कि कई अखबारों की बिजली काट दी गई, सेंसरशिप लगाई गई, और 253 पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के आपातकाल ने बेटों को माता-पिता की चिता को अग्नि देने तक नहीं दिया,” यह उस अमानवीय शासन का प्रमाण है। इस दौरान लाखों लोगों को बिना मुकदमे जेल में डाला गया, जिनमें जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेता शामिल थे।

तानाशाही संशोधन और संजय गांधी की परछाई

इंदिरा गांधी ने संविधान में 39वां और 42वां संशोधन कर प्रधानमंत्री पद को न्यायिक समीक्षा से बाहर कर दिया। उन्होंने ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ शब्दों को जोड़कर वैचारिक एजेंडा थोपने की कोशिश की। प्रेस, न्यायपालिका और नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला किया गया।

यादव ने कहा कि सत्ता का असली केंद्र बन चुके संजय गांधी ने बिना किसी संवैधानिक पद पर रहते हुए नीतिगत निर्णय लिए। “कांग्रेस में परिवार ही पार्टी और सत्ता का केंद्र बन गया था, संविधान और जनता नहीं।”

वर्तमान समय राष्ट्रीय नेता पर निशाना साधा और कहा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से केंद्र सरकार के अध्यादेश को फाड़कर उसी आपातकालीन सोच को उजागर किया। कांग्रेस आज भी उसी मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस शासित राज्यों में आज भी पत्रकारों पर मुकदमे, सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तारी और एक्टिविस्टों पर पुलिस कार्रवाई होती है।”

डिजिटल इमरजेंसी: नई रणनीति

यादव ने कहा कि आज कांग्रेस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठ फैलाने वालों को संरक्षण देती है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ‘डिजिटल इमरजेंसी’ चला रही है। कांग्रेस अब भी लोकतंत्र को सिर्फ सत्ता हथियाने का औजार मानती है।

शाह आयोग की रिपोर्ट और कांग्रेस का इतिहास मिटाने का प्रयास

शाह आयोग की रिपोर्ट ने साफ लिखा था कि आपातकाल लगाने का कोई संवैधानिक औचित्य नहीं था। लेकिन 1980 में सत्ता में लौटने के बाद इंदिरा गांधी ने इस रिपोर्ट को ही नष्ट करवा दिया।

भाजपा मना रही ‘संविधान हत्या दिवस

भाजपा 25 जून को पूरे जिला में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मना रही है। लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया जा रहा है और जनता को आपातकाल का काला सच बताया जा रहा है। श्री यादव ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए सम्मान निधि योजना को पुनः लागू कर यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किन्तु पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में इस योजना को बंद कर अपमान किया था।

उपस्थित गण:

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव,प्रेम साहू, जुंगेरा मंडल अध्यक्ष अरुण साहू ,पूर्व मंडल अध्यक्ष पालक ठाकुर, प्रकाश नाहर ,संतोष साहू,जनपद सदस्य भुनेश्वरी चंद्राकर ,टेमन साहू,संतानद साहू ,संजय साहू,शिवेंद देशमुख ,हरिराम साठिया ,कामता प्रसाद साहू, साहू दुष्यंत साहू, भूपेश साहू ,ओम प्रकाश सिन्हा, लेश्वर साहू बाल सिंह साहू ,तामेश्वर साहू, गिरीश कुमार निर्मलकर ,संतोष चंद्राकर, इंदू पवार ,विनोद गोस्वामी, रामेश्वर पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

मरघट की जमीन बिकवा दी पटवारी, आरआई ने

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  • पहले पट्टा जारी किया और अब दूसरे के पास बेच दी गई पट्टे की जमीन
  • विरोध में उतरे सरपंच और ग्रामीण, पट्टा रद्द करने की उठाई मांग

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर जिले की भानपुरी तहसील के एक राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने गजब कारनामा कर दिखाया है। पटवारी और आरआई ने मरघट की जमीन का पट्टा जारी करवा दिया और अब उन्हीं के संरक्षण में उस जमीन की खरीदी बिक्री भी हो रही है। सरपंच तथा ग्रामीण इसके विरोध में उतर आए है और बात अब कलेक्टर तक पहुंच चुकी है।

यह सनसनीखेज मामला भानपुरी पंचायत के मावलीगुड़ा से सामने आया है। मावलीगुड़ा में मरघट के लिये आरक्षित शासकीय भूमि का पहले राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने पट्टा जारी करवा दिया अब उस जमीन की खरीद बिक्री भी शुरू करवा दी है। सरपंच एवं ग्रामीणों ने तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक शिकायत कर जमीन का पट्टा रद्द कर नामांतरण पर रोक लगाने तथा मरघट के लिए आरक्षित करने की मांग जिला प्रशासन से की है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पटवारी आरआई की सांठगांठ से शासकीय भूमि को खरीदी बिक्री की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार भानपुरी पंचायत के मावलीगुड़ा पारा में पटवारी हल्का नं. 0008 के भू अभिलेख के खसरा नं. 812 रकबा 1.21 हेक्टेयर शासकीय भूमि मरघट के लिये आरक्षित की गई थी।

इस भूमि की राजस्व विभाग के कर्मचारी द्वारा सांठगांठ कर बिक्री किया जा चुकाी है। प्रकरण क्रमांक सीजी 2024-25, 193-1-3222 में नामांतरण हेतु कमला बाई एवं गणेश के नाम गलत तरीके से पट्टा जारी करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। उक्त भूमि के क्रेता गरिमा दीवान निवासी भानपुरी के नाम से नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। सरपंच एवं ग्रामीणों ने 17 अप्रैल को कलेक्टर बस्तर के समक्ष लिखित शिकायत कर नामांतरण आदेश खारिज कर उक्त भूमि को मरघट के लिये आरक्षित करने की मांग की है। तहसीलदार एवं एसडीएम को भी आवेदन दिया गया है। खबर है कि भानपुरी पंचायत में कई स्थानों की शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा चुका है और राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी मुकदर्शक बने बैठे हैं। जमीन पर अवैध कब्जे का धंधा राजस्व निरीक्षक के संरक्षण में ही फल फूल रहा है।

वर्सन

दर्ज हो चुका है प्रकरण

मावली गुड़ा की जमीन के संबध में सरपंच एवं ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

शहर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की समीक्षा बैठक संपन्न

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  •  जल्द ही वार्ड अध्यक्ष एवं नए पदाधिकारियो की होगी नियुक्ति – सूर्यकांत जैन

राजनांदगांव 24 जून 2025 दिन मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज जी के आदेश अनुसार शहर जिला कांग्रेस के प्रभारी बृजेश शर्मा शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा के निर्देशानुसार शहर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की समीक्षा बैठक ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सूर्यकांत जैन के नेतृत्व में ब्लॉक कार्यालय भरका पारा वार्ड नंबर 27 में संपन्न हुई।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नीरज कन्नौज ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर आज दक्षिण ब्लॉक की समीक्षा बैठक संपन्न हुई एवं बैठक में निर्णय लिया गया कि हर माह यह बैठक अलग-अलग वार्डों में की जाएगी ,एवं जिन वार्डों में वार्ड अध्यक्ष सक्रिय नहीं है वहां नए वार्ड अध्यक्ष बनाए जाएंगे, एवं नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा बैठाक में ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यकांत जैन ने कहा कि ब्लॉक संगठन द्वारा रचनात्मक कार्यों को भी संपादित किया जाएगा ,और आम जनता से जुड़ने का प्रयास कांग्रेस जन करेंगे, एवं वार्ड एवं लोकल स्तर की समस्याओं के समाधान हेतु सभी कांग्रेस जन संघर्ष करके जनता से सीधा संपर्क बनाने का काम करेंगे। उन्होंने सभी उपस्थित कांग्रेस जनों से ट्रिपल इंजन की भाजपा सरकार की असफलताओं को जनता के बीच लाने के लिए सोशल मीडिया एवं उचित प्लेटफार्म के माध्यम से आम जनता के हक के लिए जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करने की बात कही ,और उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस एवं शहर जिला कांग्रेस से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संगठन सदैव पार्टी हित एवं जनहित में कार्य करेगा। उक्त अवसर पर शहर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजू खान, वरिष्ठ कांग्रेसी मामराज अग्रवाल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष प्रकाश बाफना,ब्लॉक उपाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार, लक्खू रुचंदानी ,महामंत्री राजेश चौहान ,नीरज कन्नौज, सतीश सोन पिपरे, जोन प्रभारी अवधेश प्रजापति ,खिलेश बंजारे, पार्षद अमीन हुड्डा ,महामंत्री कमलू विक्रमनेताम, महेश यादव, वार्ड अध्यक्ष तेन सिंह साहू, सागर ताम्रकार, संयुक्त महामंत्री अरशद खान, वार्ड अध्यक्ष रहीम मेमन ,कमल डोंगरे ,ज्ञानेंद्र चंद्राकर, संयुक्त महामंत्री मोहन चुनूरकर ,दुर्गेश धीवर , जीवन , प्रदीप यादव, जावेद अशरफ, सलमान, रजत सहित ब्लॉक के कांग्रेस जन बैठक में शामिल हुए।

पकड़े गए 4 नक्सली, आईईडी प्लांट करने और वाहनों की आगजनी में थे शामिल

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  • पकड़े गए नक्सलियों पर था 10-10 हजार का ईनाम

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत फरसेगढ़ थाना क्षेत्र में चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। 10-10 रुपए के ईनामी ये चारों नक्सली आईईडी लगाने और निर्माण कार्यों में लगे वाहनों पर आगजनी करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं।

फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के कोपनझर्री के जंगल से इन जन मिलिशिया सदस्य नक्सलियों को पकड़ा गया है। पकड़े गए नक्सलियों में मांडो कुरसम, कैलाश कुरसम, पांडू कुरसम और छोटू कुरसम ऊर्फ बुधराम शामिल हैं। मांडो कुरसम 15 म़़ई 24 को थाना प्रभारी फरसेगढ़ के वाहन में आइईडी ब्लास्ट करने एवं 12 अप्रैल 25 को पुलिस पार्टी को क्षति पहुचाने के उद्देश्य से आइईडी लगाने की घटना में शामिल था। कैलाश, पांडू और छोटू कुरसम 15 दिसंबर 20 को आलवाड़ा रोड निर्माण में लगे जेसीबी, टिप्पर एवं ट्रैक्टर पर आगजनी करने की घटना में शामिल थे। पकड़े गए नक्सलियों के खिलाफ थाना फरसेगढ़ में वैधानिक लिखा पढ़ी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।

बरसते पानीे में कांग्रेस की शिक्षा न्याय यात्रा

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जगदलपुर जिला मुख्यालय जगदलपुर में कांग्रेस नेताओं ने बरसते पानी के बीच शिक्षा न्याय यात्रा निकाली और जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त नेतृत्व में स्कूलों व शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के खिलाफ कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा शिक्षा न्याय यात्रा निकाली गई। इस दौरान तेज बारिश हो रही थी। कांग्रेसी भीगते हुए डीईओ कार्यालय पहुंचे और का घेराव किया। शिक्षा न्याय यात्रा में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व महापौर जतिन जायसवाल एवं अन्य पदादिकारी कार्यकर्ता शामिल हुए।

नक्सली बताकर मार डाला गया रसोइया को: विधायक विक्रम मंडावी

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  •  मृतक की पत्नी और सात बच्चे हो गए हैं बेसहारा
  • कांग्रेस विधायक मंडावी ने मुठभेड़ पर उठाए सवाल

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर में बीते 6 जून को मुठभेड़ में मारे गए 7 नक्सलियों में से एक शख्स को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का आरोप है कि जिस महेश कुड़ियम को नक्सली बताकर मारा गया है, वह सरकारी स्कूल मे मध्यान्ह भोजन रसोईया था।

विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया है कि नक्सवाद खत्म करने के अभियान के नाम पर निर्दोष आदिवासियों को मारा जा रहा है। मंडावी ने कहा है कि 6 जून को बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया में ईरपागुट्टा निवासी महेश कुड़ियम को नक्सली बताकर मार दिया गया।

 

महेश कुड़ियम भोपाल पटनम ब्लॉक की प्रथमिक शाला ईरपागुट्टा में मध्यान्ह भोजन रसोइया का काम करता था। महेश कुड़ियम के छोटे छोटे 7 बच्चे हैं, 3 बच्चे सरकारी आश्रम में पढ़ते हैं।

महेश कुड़ियम का यूनियन बैंक भोपाल पटनम में खाता है जिसमे हर महीने रसोइया का सरकारी पैसा जमा होता है। विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से सवाल किया है कि क्या सरकार निर्दोष आदिवासियों को मार कर नक्सवाद खत्म करना चाहती है ? क्या 7 बच्चों का पिता नक्सली हो सकता है ?

क्या सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करने वाला व्यक्ति नक्सली हो सकता है ? क्या सरकारी वेतन लेने वाला व्यक्ति नक्सली हो सकता है? क्या निर्दोष आदिवासियों की हत्या से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा? क्या ऐसे अभियानों से आदिवासियों का विश्वास जीता जा सकता है ? क्या बस्तर में नक्सलवाद समाप्त करने की प्रकिया में निर्दोष आदिवासियों को मारना उचित है? क्या आप बस्तर में ऐसे ही नक्सलवाद खत्म करना चाहते हैं जिसमे निर्दोष आदिवासी मारे जाएं? कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। विक्रम मंडावी ने महेश कुड़ियम की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करते हुए उसके परिवार को पर्याप्त मुआवजा और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग सरकार से की है।

गोदावरी माइंस प्रबंधन पर भैंसाकन्हार के ग्रामीणों ने लगाया सौतेले व्यवहार और अशांति फैलाने का आरोप

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  • ग्रामीणों को आपस में लड़ा रहा है माइंस प्रबंधन
  • न रोजगार दिया और न ही सुविधाएं उपलब्ध कराई

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर के कांकेर जिला अंतर्गत भानुप्रतापपुर क्षेत्र के भैंसाकन्हार के ग्रामीणों ने गोदावरी माइंस प्रबंधन पर क्षेत्र में अशांति फैलाने और ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है।

भैंसाकन्हार के सरपंच रमल कोर्राम ने कहा है कि खनन शुरू करने से पहले जन सुनवाई के दौरान गोदावरी माइंस कंपनी ने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 16 साल बीत जाने के बाद भी माइंस प्रभावित एवं माइंस के नीचे स्थित गांव भैंसाकन्हार के लोगों को रोजगार देना तो दूर की बात गोदावरी माइंस प्रबंधन ने गांव में एक भी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई और गांव को पूरी तरह उपेक्षित रखा गया है। सरपंच रमल कोर्राम ने आगे कहा कि कंपनी ग्रामीणों के निवेदन और आवेदनों पर गांवों को आपस में लड़ाकर दादागिरी करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि गोदावरी माइंस प्रबंधन लीज क्षेत्र से बाहर भी कहीं भी काम करना चाहता है और वन क्षेत्र में भी दादागिरी करते हुए गुपचुप तरीके से हजारों पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरपंच रमल कोर्राम ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि समय रहते इस मामले में दखल दें और भैंसाकन्हार गांव के लोगों को रोजगार और मूलभूत सुविधाएं दिलाने की पहल करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो गांववासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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