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आदिवासी समाज के स्वाभिमान और विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा चरण पादुका योजना – चेमन देशमुख

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  • चरण पादुका योजना आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार का एक ठोस कदम है – शरद ठाकुर

बालोद| भाजपा के नेताओं व आदिवासी पदाधिकारीयो ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चरण पादुका योजना के पुनः प्रारंभ किए जाने पर सराहना करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार, आदिवासी हितैषी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के कल्याण हेतु एक बार फिर चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ करने की घोषणा की है। यह योजना भारतीय जनता पार्टी के संकल्पपत्र ‘मोदी की गारंटी’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पूरा करके हमारी सरकार ने आदिवासी समाज के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।

जिला भाजपा महामंत्री राकेश छोटू यादव ने कहा कि चरण पादुका योजना का उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को जंगलों में कार्य के दौरान सुरक्षा और सुविधा प्रदान करना है। यह योजना न केवल उनके पैरों को चप्पलों के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके स्वाभिमान को भी बढ़ाती है। यह आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार का एक ठोस कदम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा में शामिल हो।

 

भाजपा जिला मंत्री आदिवासी नेता शरद ठाकुर ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना को बंद करना आदिवासी समाज के प्रति उनकी उदासीनता का प्रतीक था। इसके विरुद्ध भाजपा अजजा मोर्चा के माध्यम से शसक्त आंदोलन भी किया, ताकि इस योजना को पुनः शुरू करने की मांग को बल मिले। साथ ही, भाजपा के घोषणा पत्र समिति को इस योजना को शामिल करने हेतु सुझाव भेजे थे, जो ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में जनता के सामने प्रस्तुत हुआ। आज, माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में यह वादा पूरा होने से आदिवासी स्वाभिमान को नया बल मिला है। यह योजना तेंदूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह आदिवासी हितैषी सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रत्येक आदिवासी परिवार की खुशहाली और आत्मनिर्भरता सर्वोपरि है।

वहीं जनपद सदस्य एवं भाजपा आदिवासी नेत्री माहेश्वरी ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को साकार कर रही है।

हमारी सरकार ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनर्जन्म दिया, बल्कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा करने, पीएम वन धन केंद्र और आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय जैसे कदमों के माध्यम से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया है। यह सुशासन सरकार का परिचायक है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति समर्पित है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है, कहा कि विष्णु देव साय सरकार जी की सरकार ने ‘मोदी की गारंटी’ को साकार कर आदिवासी समाज के स्वाभिमान और विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

 

तहसील साहू समाज द्वारा अन्तरजाति विवाह का विरोध, संगठन को कैसे सशक्त बनाने को लेकर हुई बैठक

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दल्लीराजहरा तहसील साहू संघ की बैठक तहसील साहू संघ अध्यक्ष युवराज साहू की अध्यक्षता में स्थानीय साहू सदन में रखी गयी थी! बैठक का विषय माँ कर्मा महोत्सव एवं आदर्श विवाह की समीक्षा, आय-व्यय की जानकारी, अन्तरजाति विवाह नहीं करना, सामाजिक संगठन को सशक्त बनाना! युवराज साहू ने उक्त विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा तहसील साहू संघ में 15 परिक्षेत्र है, सभी परिक्षेत्र से कार्यक्रम केो सफल बनाने के लिए सहयोग राशि पदान किया गया था! आदर्श विवाह में सर्व समाज के स्वजातीय वर-वधू का सामाजिक रीति रिवाज से विवाह किया जाता है! अंतरजातीय विवाह नहीं करना हैं! अगर कोई सामाजिक व्यक्ति अन्तरजाति विवाह करता है, तो उनके विवाह में नहीं जाना है, हम सब को सामाजिक संविधान के नियमों का पालन करना है!

सभी परिक्षेत्रीय अध्यक्षों ने कार्यक्रम की प्रशंसा की एवं आने वाले वर्ष में और बेहतर करने की बात कही! माँ कर्मा महिला प्रकोष्ठ ने दो दिवसीय कार्यक्रम की सराहना की, माताओं एवं बहनों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया एवं कलश शोभायात्रा में काफी उत्साह रहा! उपकोषाध्य शीतल साहू ने कार्यक्रम के लिए प्राप्त राशि एवं खर्च का विस्तार से आय – व्यय को प्रस्तुत किया! संचालन रेखू राम साहू ने किया! आभार व्यक्त गोविन्द साहू ने किया! बैठक में संरक्षक मोहन लाल साहू, अंजू साहू, दौपती साहू,राधा साहू,चंम्पा देवी साहू, दामिनी साहू, विजय साहू परिक्षेत्रीय अध्यक्षगण रेवती साहू, कुन्ती साहू, पूर्णिमा साहू, कुन्ती साहू रेलवे कालौनी, छन्नू साहू, पुरूषोत्तम साहू, अजीत साहू, खूब लाल साहू, सुदर्शन साहू, शंकर साहू पदाधिकारीगण संगीता साहू,विमला साहू, गायत्री साहू, लिलेश्वरी साहू, बिमला साहू, किशोर साहू, गंगाधर साहू, गजेंद्र साहू, आशा साहू, भूखन साहू, हेमंत साहू, राजकिशोर साहू, हिरामत साहू, निर्मला साहू, टूकेश्वर साहू, राजेश्वरी साहू, रेणुका साहू, रामेश्वरी साहू ,मीना साहू,महेश्वरी साहू,सहित समाज के लोग उपस्थित थे!

अविनाश श्रीवास्तव बनाए गए जगदलपुर पूर्व मंडल के अध्यक्ष

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  •  भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने की घोषणा

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी के जगदलपुर पू्र्व मंडल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव बनाए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की अनुशंसा व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की सहमति से भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने मंगलवार को जगदलपुर पूर्व मंडल अध्यक्ष के रूप में अविनाश श्रीवास्तव के नाम की घोषणा की।

अविनाश श्रीवास्तव पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद के दायित्व का सफल निर्वहन कर चुके हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने नवनियुक्त जगदलपुर पूर्व मंडल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव से पार्टी की रीति नीति पर कर्मठता से काम करते हुये संगठन को मजबूत बनाने की अपेक्षा की है।

मोदी सरकार के राज में बढ़ी बांग्लादेशियों की घुसपैठ: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज

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  • प्रदेश में बांग्लादेशियों की घुसपैठ मोदी सरकार की बड़ी नाकामी
  • केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर बरसे दीपक बैज 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशियों की बढ़ी घुसपैठ के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोज रोहंगिया और बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने की खबरे सामने आ रही है। पाकिस्तान म्यांमार से भी घुसपैठिये छत्तीसगढ़ आए हैं, ऐसा दावा किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में देश की सीमायें पार करके घुसपैठिये आ गये है, यह केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की विफलता है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि केंद्र सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित नहीं रख पा रही है, तभी विदेशी घुसपैठिये देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि 10-12 सालों से राज्य में बांग्लादेशी रह रहे थे तब तो देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। मैं मुख्यमंत्री साय और गृहमंत्री विजय शर्मा को बधाई देता हूं कि वे प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री की विफलता को उजागर करने का साहस दिखा रहे हैं।

बेघर किए जा रहे हैं गरीब

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर गरीब को पक्की छत उपलब्ध कराने का दम भरते नहीं थक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में गरीबों को बेघरबार किया जा रहा है। दीपक बैज ने कहा- मैं स्वयं रायगढ़ गया था, वहां सरकार की तानाशाही और आतंक देखने को मिला, गरीबों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं। चंद बिल्डरों को फायदा पहुंचाने गरीबों को बेघर किया जा रहा है। यह सरकार की असंवेदनशीलता है।

प्रदेश में जंगलराज चल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज चल रहा, रेत माफिया कहीं गोली चला रहा है, कहीं पत्रकारों को पीट रहा है, कहीं विरोध करने वाले को खंभे से बांधकर मारा पीटा जा रहा है, तो कहीं पुलिस जवान की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या की जा रही है। धमतरी में रेत माफियाने चाकूबाजी की, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन वह थाना से फरार हो गया। रेत माफिया बेलगाम हो चुका है, सरकार का कोई अंकुश नहीं है।

सरकार कौन चला रहा?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक बड़ी बहस प्रदेश में चल रही है कि राज्य की सरकार मुख्यमंत्री नहीं विधानसभा अध्यक्ष, राज्यपाल चला रहे हैं। प्रदेश में संविधानेत्तर सत्ता हावी है। विधानसभा अध्यक्ष सीधे शिक्षा सचिव को पत्र लिख रहे हैं, राज्यपाल जिलों में समीक्षा बैठक लेते है, मतलब राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष को मुख्यमंत्री की क्षमता पर भरोसा नहीं है। तभी सीधे फील्ड में उतर कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

स्कूल बंद कर प्रवेश उत्सव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के विरोध में हमारा आंदोलन जारी है। डीईओ ऑफिस का घेराव कार्यक्रम चालू है। सरकार शाला प्रवेशोत्सव मना रही और 10 हजार 400 से अधिक स्कूल बंद कर दिए ह

गए हैं। नए सेटअप के नाम पर 45 हजार से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त कर दिए गए हैं। स्कूल बंद कर रहे हैं और बड़ी बेशर्मी के साथ शाला प्रवेश उत्सव मना रहे हैं। भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर रही है।

मनीष वर्मा बकावंड के नए एसडीएम

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बकावंड एसडीएम ऋषिकेश तिवारी को बकावंड से स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह मनीष कुमार वर्मा को बकावंड एसडीएम का प्रभार दिया गया है। बस्तर कलेक्टर हरिस एस ने इस बाबत आदेश जारी किया है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आरआरपी प्रोजेक्ट का भुगतान मांगने पर ठेकेदारों को धमका रहे ईएनसी

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  • नक्सलग्रस्त इलाकों में सड़कों निर्माण प्रभावित 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में रोड, पुल पुलिया निर्माणकी केंद्र सरकार की मंशा पर लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के इंजीनियर इन चीफ फिर पानी फेरने आमादा हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग में आरआरपी के ठेकेदारों को कई माह से निर्माण कार्यों के करोड़ों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं ठेकेदारों को ईएनसी वीके भतपहरी द्वारा काम ठीक नहीं होने की बात कह कर धमकाया जा रहा है। मामले में मंगलवार को आरआरपी प्रोजेक्ट के लगभग 60 ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई थी। अधिकारियों ने भुगतान के सवाल को टालते हुए सभी मामलों में चर्चा की।

 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की योजना रूरल रोड प्रोजेक्ट की ठेकेदारों के 150 करोड़ से अधिक की देनदारियां अटकी हुई थी। ईएनसी वीके भतपहरी ने केंद्रीय मद की राशि का भुगतान कई कारणों से आपत्ति लगाकर रोक दिया है। मार्च के बाद के कराए गए कार्यों का भुगतान न होने से ठेकेदारों में रोष है। कार्य ठप होने के कारण ईएनसी ने ठेकेदारों की बैठक ली। बैठक में उनका काम ठीक नहीं होने की बात कहकर धमकाया जा रहा है। ठेकेदारों द्वारा काम के संबंध में कहीं की कोई जानकारी पूछे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। ठेकेदारों ने भुगतान नहीं किए जाने का सवाल उठाया तो उसे टाल गए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र की योजना

योजना के तहत रूरल रोड प्रोजेक्ट-3 योजना में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। रूरल रोड प्रोजेक्ट के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के भुगतान ईएनसी के माध्यम से ही होता है। बस्तर संभाग में ही रूरल रोड प्रोजेक्ट-3 के तहत सड़क निर्माण में लगे पांच दर्जन ठेकेदारों के करीब 150-200 करोड़ रुपयों का भुगतान रोका गया है। उल्लेखनीय है कि आरआरपी के कार्यों को लेकर पूर्व में भी इसी तरह की शिकायतें पिछले साल आई थी।

काम रुका तब हरकत में आया विभाग

ठेकेदारों के काम रोकने के बाद विभाग हरकत में आया। तब जाकर उनसे चर्चा करने बैठक बुलाई गई। मामले में यह कहा जा रहा है कि सड़क निर्माण में कई छोटे-छोटे मामलों को लेकर ईएनसी कार्यालय के द्वारा आपत्ति लगाए जाने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। शासन के संज्ञान में यह मामला लाया गया।

पुरानी पद्धति से भुगतान की मांग

उल्लेखनीय है कि पिछली बार भी ठेकेदारों का भुगतान रोके जाने पर आरआरपी-2 के ठेकेदारों ने पुरानी पद्धति से भुगतान की मांग को लेकर ईएनसी से मुलाकात की थी। ऑनलाइन भुगतान होने की प्रक्रिया के चलते भुगतान में देरी से परेशान ठेकेदारों के साथ फिर से यही दिक्कत सामने आ रही है।

5 करोड़ के फर्जीवाड़ा का राज खुलने के डर से करा दी गई दो तकनीकी सहायकों और सचिव की हत्या

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  • मृतकों के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
  • एलमपल्ली, बंडा, गु़मोड़ी पंचायत की जाचं से जुड़े हैं हत्याकांड के तार
  • मुख्य सचिव एवं डीजीपी से हुई मामले की शिकायत
  • एसडीओपी सुकमा कर रहे जांच, कई लोगों के बयान दर्ज

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। सुकमा के कोंटा विकासखंड के दो तकनीकी सहायकों और एक सचिव सहित पांच शासकीय कर्मचारियों की सुनियोजित तरीके से हत्या कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले की जांच अब शुरू हो चुकी है। मामले की जांच कर रहे सुकमा एसडीओपी कई लोगों के बयान दर्ज कर चुके हैं। परिजनों एवं एक शासकीय अधिकारी द्वारा मामले की शिकायत छग शासन के मुख्य सचिव एवं डीजीपी से की जाने के बाद जांच शुरू हो चुकी है।

मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जनपद के अधिकारी के इशारों पर फर्जीवाड़ा का रहस्य खुलने से बचने ये हत्याएं कराई गई हैं। एलमपल्ली, बंडा, गुमोड़ी सहित कई पंचायतों के भ्रष्टाचार की जांच से हत्या के तार जुड़े होने की आशंका है। कोंटा विकासखंड में वर्ष 2021 से 2023 के दौरान कई पंचायतों में करोड़ों का घालमेल कर राशि बंदरबांट करने फर्जी माफ पुस्तिका तैयार कराने का खेला किये जाने का भी आरोप लगे हैं। अधिकारी अपना दामन बचाने कई हथकंडे अपनाने में जुटा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोंटा में पदस्थ तकनीकी सहायक जयराम ने 3 अगस्त 2024 को हादसे के पूर्व अपना भतीजे राजूराम पोयाम से फोन पर बात करते हुए जानकारी दी थी कि रोजगार सहायक एवं अन्य तीन लोगों के साथ गोलापल्ली, किस्टाराम की तरफ पीएम आवास आंगनबाड़ी भवन, रोजगार गारंटी के कार्यो का जियो टैग करने आया है। छुट्टी के दिन रोजगार सहायक काम है बोलकर बुलाए हैं। काम समाप्ति के बाद कोंटा आने की बात कही थी। रहस्मय ढंग से उसी दिन जयराम पोयाम की हत्या कर सड़क हादसा होना बता दिया गया। जबकि इसके पूर्व भी एक तकनीकी सहायक, सचिव एवं अन्य दो कर्मचारी सहित पांच लोगों की 6 माह के अंतराल में अलग-अलग घटनाओं में मौत होने की जानकारी सामने आई है। जबकि परिजनों ने कोंटा के जनपद सीईओ के इशारे पर हत्या कराने का आरोप लगाया है।

बंडा में करोड़ों का घोटाला

शिकायकर्ता ने खुलासा किया है कि बंडा पंचायत में अमृत सरोवर योजना के तहत 18 लाख का तालाब स्वीकृत हुआ था। सीईओ एवं मैडम ने फर्जी मस्टर रोल तैयार कर बिना तालाब खुदाई कराए पुराने तालाब को नया तालाब बताकर 18 लाख का फर्जी मूल्यांकन, फर्जी मस्टर रोल, फर्जी माप पुस्तिका भरवाकर जनपद सीईओ ने बंडा के रोजगार सहायक, सरपंच पर दबाव डालते हुए नक्सलियों का भय दिखाकर कोंटा एसबीआई से नगद 18 लाख रूपये राशि निकालकर आपस में बंदरबांट कर ली है। तालाब निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही राशि गटक चुके थे। बंडा पंचायत में अन्य पांच तालाबों का फर्जी मस्टररोल तैयार कर 95 लाख रूपये बिना कार्य कराए ही कोंटा एसबीआई बैंक से निकाले जा चुके हैं। मनरेगा मद में 85 लाख इस तरह बंडा पंचायत सहित अमृत सरोवर के नाम पर 35 कार्यो में 5 करोड़ की बंदरबांट की जा चुकी है।

घपलों से जुड़े हत्या के तार

एक भाजपा नेता द्वारा 16 जनवरी 2024 को कलेक्टर से बंडा पंचायत में हुई घपलेबाजी की शिकायत की गई थी। जिसके आधार पर 23 फरवरी 2024 जांच कमेटी गठित की गई थी। परियेाजना अधिकारी श्री भगत को जांच कमेटी का प्रमुख बनाया गया था। मुल्यांकनकर्ता से बंडा पंचायत का दस्तावेज मांगे जाने पर कुछ दिन बाद ही तकनीकी सहायक को रास्ते से हटा दिया गया। 6 माह की समयावधि में कोंटा के पांच कर्मचारियों की रहस्मय ढंग से हुई मौत के तार एलमपल्ली, बंडा, गुमोड़ी सहित अन्य पंचायतों में जांच से जुड़े हैं। घटना के पूर्व जांच अधिकारी को जिला पंचायत का एक अधिकारी द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई थी, जिसकी शिकायत सुकमा कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस अगर उसी समय मामले में गंभीरता दिखाई हुई होती तो कर्मचारी की जान बचाई जा सकता थी।

अधिकारी पर प्रशासन मेहरबान

जनपद सीईओ पर परिजनों ने हत्या कराने की आशंका जाहिर करते हुए मुख्य सचिव एवं डीजीपी से शिकायत की है। ऐसे अधिकारी पर जिला प्रशासन मेहरबान बना हुआ है। तबादला होने के 25 दिन बाद भी उन्हें से भारमुक्त नहीं किया गया है। ऐसे में आशंका जाहिर की जा रही है कि पुलिस जांच को भी प्रभावित किया जा सकता है। सप्ताह भर पूर्व भी परियेाजना अधिकारी के दफ्तर पहुंच कर उन्हें धमकी दी जा चुकी है। जिसकी शिकायत भी मुख्य सचिव से की गई है।

जांच में जुटे एसडीओपी

सुकमा एसडीओपी ने बताया कि शिकायत के आधार पर तकनीकी सहायक की रहस्मय ढंग से मौत की घटना की जांच की जा रहा है। इस मामले में जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी सहित कई लोगों का बयान दर्ज किए जा चुके हैं और कुछ लोगों के बयान दर्ज होना बाकी है। जांच पूर्ण होते ही वरिष्ठ अधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

आखिर कौन थे वो तीन लोग?

घटना दिनांक 3 अगस्त 2024 को तकनीकी सहायक के साथ रोजगार सहायक एवं तीन अन्य लोग भी थे। यह भी जांच का विषय है कि अवकाश के दिन कार्यो का मूल्यांकन करने क्यों बुलाया गया और किसके इशारों पर अवकाश के दिन मूल्यांकन कराने का आदेश दिया गया था? इन सारे पहलुओं की जांच से ही रहस्मय ढंग से हुई मौत का राज खुल सकेगा।

नक्सलियों की आड़ में खूनी खेल

कहा जा रहा है कि अधिकारी नक्सलियों की आड़ में कर्मचारियों में खौफ पैदा कर खून खराबा कराने में माहिर हैं। उनका सीधे नक्सलियों से संपर्क होने की चर्चा दफ्तरों में होती रही है। सभी पांच व्यक्तियों की मौत में नक्सलियों के नाम पर धमकी देकर फर्जी माप पुस्तिका, फर्जी मस्टररोल सहित अन्य मूल्यांकन कार्य कराए जाते हैं। रहस्यों से पर्दा उठने से पहले ही उन कर्मचारियों को उठा दिया गया है आखिरकार दफ्तरों में नक्सलियों का भय दिखाने वाला कौन है, जिसके चेहरे से नकाब हटाने की जरूरत है।

जिपंसीईओ ने माना है फर्जीवाड़ा

जिला पंचायत सीईओ द्वारा पत्र क्रमांक 729 जो 27 मई को जारी किया गया था। इसके तहत प्रकाश सिंह उर्फ रिंकू का निलंबन आदेश जारी किया गया था। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि बंडा पंचायत में वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक कई निर्माण कार्यो में जिसमें मनरेगा योजना, अमृत सरोवर तालाब निर्माण कार्य सहित अन्य कई कार्य कागजों में करवाकर राशि की बंदरबांट का खुलासा की गई है। अब देखना होगा कि उक्त सचिव को खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई कब तक होगी?

स्कूल की तालाबंदी संजय बैंस के समझाइश में आंदोलन हुआ वापस दूसरे दिन ही मिला वही शिक्षक

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ग्राम पंचायत गीधाली में में शिक्षिका का अन्यत्र ट्रांसफर होने से ग्रामीण जनों द्वारा उग्र आंदोलन करते हुए शिक्षा सत्र के पहले दिन स्कूल में तालाबंदी कर दिए और ग्रामीण जन स्कूल के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिए जब तक शिक्षक हमारे विद्यालय में नहीं आयेंगे हम अपना धरना प्रदर्शन करते रहेंगे विद्यालय में दिन शिक्षक थे एक शिक्षक दृष्टिबाधित और दूसरा शिक्षक भी विकंलाग है और जो शिक्षक ठीक है उसे युक्तयुक्ति करण के तहत अन्यत्र शाला में भेज दिया गया ग्रामीण जनों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी और प्रशासन से शिक्षक की मांग को लेकर तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन कर दिए विभागीय अधिकारियों के समझाइश पर भी जब तक शिक्षक की नियुक्ति नही होगी तब तक हम धरना से नहीं उठेंगे मामले के गंभीरता को देखते हुए भाजपा नेता पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस मौके पर पहुंचे और अधिकारियों और ग्रामीण जनों से चर्चा करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी दो दिन के समय में आपके विद्यालय में उसी शिक्षिका को वापस कर देंगे ग्रामीण जन संजय बैंस के बातों को रखते हुए अपना आंदोलन समाप्त किए और दूसरे दिन ही जिला शिक्षा अधिकारी ने सुश्री धनबाई नागेंद्र का आदेश प्राथमिक शाला गीधाली में सहायक शिक्षक की नियुक्ति आदेश निकाल दिए ग्रामीण जन नियुक्ति आदेश पाकर

प्रफुल्लित होकर भाजपा नेता संजय बैंस और शासन प्रशासन का आभार व्यक्त किए है ग्रामीण जन अपने गांव के भविष्य के लिए बड़ी जीत बता है आभार व्यक्त करने वाले माखन कोठारी लिखन बालेंद्र भागी राम साहू विक्रम केतन राठौर लखन लाल पन्नू राम देव प्रसाद मुकेश बालेंद्र धर्मेंद्र मिश्रा तुलेश सुधाकर प्रभु राम मेहर सिंग विनोद कोठारी भुवन कोठारी सीता राम सुनील कोठारी रेखा मिश्रा मुलिया बाई कमला बाई सोहेदरा अरुणा ईश्वरी डांडिया मिथिलेश धनकर अहमद बाई दुआकली बाई ने शासन प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

जिंदगी, हर कदम एक नई जंग है….. युवक के रीढ़ की हड्डियों का हुआ है ऑपरेशन, सर्जरी कर गले के बीच डाला गया है पिंजरा,नागपुर में इलाज जारी 

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  • सर्वाइकल समस्या से जूझते युवक की जान बचाने के लिए जनता से मदद की अपील, विभिन्न समाज के लोग आ रहे आगे

बालोद। हाल ही में घटित अहमदाबाद विमान हादसे के बाद लोगों का जीवन से भरोसा ही उठ गया है। यहां जीवन में कब क्या हो जाए कोई नहीं जानता! देश इस हादसे से स्तब्ध हैं तो दूसरी ओर एक कहावत है जिंदगी हर कदम एक नई जंग है, इसे जीने के लिए मजबूत इरादे और हौसले की जरूरत है। तभी हम मुसीबत भरे इस जीवन में टिक पाएंगे। ऐसी ही कुछ मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है बालोद जिले के जगन्नाथपुर के युवक दीपक यादव पर। जो पेशे से तो एक मीडिया कर्मी हैं। पर शासन प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही और लगातार 2 साल से वे सर्वाइकल स्पाइन का दर्द झेल रहे हैं । 35 वर्षीय दीपक यादव (पत्रकार) की हाल ही में 9 जून को नागपुर के न्यूरोन अस्पताल में सर्वाइकल स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डियों से संबंधित ऑपरेशन हुआ है। जहां उनका इलाज जारी है। सर्जरी के बाद आई कमजोरी और शरीर को कवर करने के लिए उन्हें लगातार अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। सर्जरी के लगभग एक हफ्ते तक वे वेंटीलेटर पर ही थे। फिलहाल उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया है। सर्जरी के बाद गले में टांके लगाए गए हैं। जो 30 जून तक खोला जाना प्रस्तावित है। इलाज में अब तक लगभग 2 लाख खर्च हो चुके हैं। पिछले साल भी उनके गले में मवाद आने और टॉन्सिल से संबंधित ऑपरेशन हुआ था। लगातार दो-तीन ऑपरेशन के चलते आर्थिक समस्या से जूझ रहे। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले पत्रकार दीपक यादव की जान बचाने के लिए जनता भी एकजुट हुई है और ठेठवार यादव समाज सहित अन्य समाज के लोग भी उनके इलाज में आर्थिक मदद कर रहे हैं।

घर पहुंच कर समाज के लोगों ने की मदद

इस क्रम में यादव ठेठवार बालोद राज के पदाधिकारियों ने दीपक यादव ( पत्रकार) के घर जगन्नाथपुर जाकर परिवार जनों से उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। साथ ही उनकी माता को समाज द्वारा सहायता राशि के रूप में 5000 रुपए बालोद राज के तरफ से सहायतार्थ प्रदान किया गया। उक्त अवसर पर ठेठवार समाज बालोद राज के उपाध्यक्ष जयप्रकाश यादव, अंकेक्षक पवन यादव, महासचिव एलेन्द्र यादव, कोषाध्यक्ष हेमंत कुमार यादव, जनक यादव मंडल अध्यक्ष तरौद, राम स्वरूप यादव मंडल अध्यक्ष बालोद, महिपाल यादव मंडल अध्यक्ष नेवारी कला उपस्थित रहे। साथ ही दीपक यादव को फोन कर उनका हाल-चाल जाना। इस मदद पर नागपुर में इलाजरत दीपक यादव ने ठेठवार यादव समाज का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए भी एक शिक्षक नरोत्तम यदु की पहल से ठेठवार समाज के लोगों द्वारा आर्थिक मदद की गई है ।छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल स्पाइन की सर्जरी काफी महंगी होने और आयुष्मान कार्ड में भी इसका निश्चित और संपूर्ण पैकेज ना होने के चलते उन्हें नागपुर जाकर ऑपरेशन करवाना पड़ा और निरंतर उनका इलाज जारी है। डॉक्टर ने कहा है कि लगभग 3 महीने तक उन्हें निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान निर्धारित दवाइयां और आहार के साथ-साथ विभिन्न सावधानी बरतना काफी अनिवार्य है। जिसमें उनका खासतौर से गले और गर्दन को बचाना होगा। उन्हें किसी भी तरह से झुकना, गर्दन को मोड़ने, भारी वजन उठाने आदि कार्यों से मना किया गया है। सर्जरी बड़ी होने के कारण घाव भी गहरा है। जिससे कवर होने और वापस दिनचर्या में आने में समय लगेगा। ऐसे में उनके सर्जरी के बाद जारी निरंतर इलाज में भी काफी खर्च हो रहा है। अस्पताल में सर्जरी में ही 1 लाख 20 हजार रुपए खर्च हुए हैं। इसके अलावा दवाइयां और अन्य खर्चे में लगातार उन्हें आर्थिक समस्या झेलनी पड़ रही है। उनकी समस्या को देख मानवता दिखाते हुए लोग उनकी मदद के लिए भी आगे आ रहे हैं और उन्हें उनके गूगल पे/ फोन पे नंबर 9755235270 पर या खाता नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न समाज और संगठन के लोग, साथ ही व्यक्तिगत लोग भी उनकी मदद कर अन्य लोगों से अपील कर रहे हैं।

एमआरआई रिपोर्ट से पता चल चुका था, सर्जरी की पड़ सकती है जरूरत, पर 1 साल तक दवाई और फिजियोथेरेपी करवा कर देख रहे थे

दीपक यादव ने बताया कि एमआरआई रिपोर्ट में यह पता चल चुका था कि रीढ़ की हड्डी खिसकने से उनकी नस काफी दबी हुई है और ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन कुछ डॉक्टर उन्हें ऑपरेशन न करवाने और दवाई लेकर देखने की सलाह दे रहे थे। कुछ जगहों पर वे लगातार फिजियोथेरेपी भी करवाते रहे। जिससे उन्हें तात्कालिक दर्द से तो राहत मिल पा रहा था लेकिन समस्या अंदरुनी थी। जिले के डॉक्टरों ने अपने स्तर पर उन्हें दर्द से राहत देने के लिए पूरा प्रयास किया। बालोद जिले के अलावा एम्स रायपुर और भिलाई में भी एक न्यूरो सर्जन के पास उनका इलाज चल रहा था। जिनका वे दवाई ले रहे थे। पर अंततः इस समस्या का स्थाई समाधान ऑपरेशन ही नजर आ रहा था। जिसके बाद दीपक यादव ने ऑपरेशन करवाने का निर्णय लिया।

सर्जरी के बाद खतरे से बाहर पर समस्या अभी पूरी दूर नहीं हुई…

वही समस्या से जूझ रहे दीपक यादव ने बताया कि फिलहाल सर्जरी के बाद खतरे से बाहर हैं लेकिन कमजोरी के कारण शरीर में काफी दर्द है। तो वही गले के पास काट कर सर्जरी की गई है और रीढ़ की हड्डियों के बीच अंदर सर्वाइकल केज यानी एक तरह का पिंजरा लगाया गया है। जिससे डॉक्टरों को माइनर के बजाय बड़ा ऑपरेशन करना पड़ा है। इस वजह से खर्च भी काफी आया है। तो वही कमजोरी भी ज्यादा है। जिसे कवर होने में समय लगेगा।

फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर वीरेंद्र गंजीर ने की क्राउड फंडिंग की अपील: बूंद बूंद से घड़ा भर सकता है….

इधर बालोद जिले के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ वीरेंद्र गंजीर ने भी उनके इलाज में मदद के लिए लोगों से अपील की है। उन्होंने बताया कि सर्जरी से पूर्व दीपक यादव उनके पास फिजियोथेरेपी के लिए भी आ रहे थे। सोशल मीडिया पर पोस्टर डालकर उन्होंने क्राउड फंडिंग की अपील की है कि बूंद बूंद से घड़ा भर सकता है। जिससे जितना संभव हो सके, बिल्कुल मदद के लिए आगे आइए। ताकि सर्जरी के बाद कवर होने और दवाइयों आदि के खर्चे से कुछ हद तक राहत मिल सके। उनके इस अपील के बाद लोग आर्थिक मदद भी करने लगे हैं। जिस पर उन्होंने सभी सहयोगियों/ दानदाताओं का आभार जताया है।

इस तरह से कर सकते हैं दीपक यादव की मदद 

आप भी अगर दीपक यादव की जान बचाने में अपनी सहभागिता देना चाहते हैं तो उनके मोबाइल नंबर 9755235270 पर ही गूगल पे या फोन पे संचालित है या फिर उनके खाता नंबर (आईडीबीआई बैंक बालोद खाता नम्बर-1215104000202060

आईएफसी कोड- IBKL0001215) पर भी सीधे पैसा भेज सकते हैं या उनके स्कैनर के जरिए भी आप भुगतान कर सकते हैं।

इंटीरियर सर्वाइकल डिस्कटॉमी और फ्यूजन सर्जरी हुई है

दीपक यादव की सर्जरी की बात करें तो उनका इंटीरियर सर्वाइकल डिस्कटॉमी और फ्यूजन सी 5-6 (Anterior Cervical Discectomy and Fusion – ACDF) गर्दन की रीढ़ (सर्वाइकल स्पाइन) से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए सर्जरी हुई है। सर्जरी कर उनके गले के भीतर रीढ़ की हड्डियों को व्यवस्थित करने सर्वाइकल केज यानि पिंजरा डाला गया है। यह सर्जरी दो मुख्य भागों से मिलकर बनती है: पहला डिस्कटॉमी (Discectomy): इसमें गर्दन के सामने (anterior) से एक चीरा लगाकर क्षतिग्रस्त इंटरवर्टेब्रल डिस्क (दो कशेरुकाओं के बीच की गद्दी) को हटा दिया जाता है। यह डिस्क अक्सर हर्नियेटेड (अपनी जगह से खिसकी हुई) या रोगग्रस्त होती है, जो रीढ़ की हड्डी या नसों पर दबाव डालती है, जिससे दर्द, सुन्नता या कमजोरी जैसे लक्षण होते हैं। दूसरा फ्यूजन (Fusion): डिस्क को हटाने के बाद, उस खाली जगह को भरने के लिए एक बोन ग्राफ्ट (हड्डी का टुकड़ा) डाला जाता है। यह बोन ग्राफ्ट आमतौर पर रोगी के अपने शरीर से (जैसे कूल्हे से) या दाता से लिया जा सकता है, या कृत्रिम हड्डी सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। इस बोन ग्राफ्ट को एक धातु की प्लेट और स्क्रू की मदद से आसपास की कशेरुकाओं (vertebrae) के साथ जोड़ा जाता है। समय के साथ, बोन ग्राफ्ट आसपास की कशेरुकाओं के साथ जुड़कर एक ठोस हड्डी बन जाता है, जिससे उस सेगमेंट में गति रुक जाती है और रीढ़ की हड्डी स्थिर हो जाती है। रिकवरी में कुछ समय लगता है और इसमें गर्दन को स्थिर रखने के लिए कॉलर पहनना और फिजियोथेरेपी शामिल है। यह सर्जरी गर्दन में क्षतिग्रस्त डिस्क को हटाकर और आसपास की हड्डियों को एक साथ जोड़कर तंत्रिकाओं पर दबाव को दूर करती है और रीढ़ को स्थिर करती है।

जैबेल में धरती आबा अभियान जारी

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बकावंड़ जनपद पंचायत बकावंड के ग्राम जैबल में भारत सरकार के निर्देश के तहत धरती आबा कार्यक्रम अभियान चलाया जा रहा है। बस्तर जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान संचालित है। शिविर के माध्यम से आधार कार्ड, प्रधानमंत्री समान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, राशन कार्ड, उज्जवला योजना, पेंशन योजना, दिव्यांग प्रमाण पत्र, वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, टीबी स्किनिंग, एनीमिया स्किनिंग जननी सुरक्षा योजना आदि के बारे में धरती आबा अभियान के तहत बस्तर जिले की चयनित ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को लाभान्वित किया जा रहा है। धरती आबा जागरूकता विस्तृत जानकारी शिविर के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा है।

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