महासमुंद – 11 क्विंटल गांजा जिसकी कीमत 2.20 करोड़ रुपये है, पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है | आरोपी UP 81 CT 3412 गांजा भरकर ओडिशा से यूपी के अलीगढ़ ले जा रहे थे किसी को पता न चले इसलिए वे कटहल के निचे दबाकर ले जा रहे थे |
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांजा ओडिशा के मौलीमुड़ा के आसपास से गाड़ी में भरा गया है, जो नक्सली इलाका है । एसपी ने बताया कि महासमुंद की यह कार्रवाई पूरे छत्तीसगढ़ में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है । पूछताछ के दौरान पता चला कि यूपी अलीगढ़ निवासी पवन बनिया नामक व्यक्ति ने ड्राइवर देवेंद्र सिंह पिता रमेश चंद्र, उम्र 30 वर्ष निवासी हीरपुर और गुड्डू पिता बलबीर सिंह, उम्र 25 वर्ष निवासी बढोना को ओडिशा भेजा था। सोमवार को जब पुलिस को मुखबीर से गांजा परिवहन होने की जानकारी मिली तो कोमाखान पुलिस ने टेमरी बॉर्डर पर गाड़ियों की जांच शुरू की। मुखबीर के बताए अनुसार जब यूपी पासिंग की उक्त गाड़ी आई तो पुलिस ने जांच की और उसमें से 11 क्विंटल गांजा बरामद किया गया।
जगदलपुर। ढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में पेशे से शिक्षक चंदन कश्यप जोकि वर्तमान में क्षेत्रीय विधायक हैं, उनकी पहल पर मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री भूपेश बघेल तथा क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार की अनुशंसा पर बड़ी संख्या में अबुझमाड़ में सौर ऊर्जा से आधारित डियुल पंप से पेयजल आपूर्ति किया जा रहा है। इसी प्रकार विधुत व्यवस्था भी बहाल की जा रही है। सबसे बड़ी बात है कि अबूझमाड़ की बीहड़ता को भेदने देश-दुनिया के लिए अबुझ रहे इस क्षेत्र में सूचना संवाद बनाए रखने में अबूझमाड़िया भी हैलो-हाय कर सकेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप सौर ऊर्जा द्वारा संचालित फोन कलेक्टर सिंह ने ओरछा के प्रथम प्रवास के दौरान मोबाइल सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे,अब फोन की घंटी घनघनायेगी। ज्ञात हो कि भारतीय जनता पार्टी पंद्रह वर्षों तक छत्तीसगढ़ में राज किया और आदिवासी विकास विभाग का जिम्मा आदिवासी नेता व नारायणपुर विधायक केदार कश्यप को सौंपा गया किंतु वह इस विधानसभा क्षेत्र में दोनों हाथों से दोहन करते रहे। सर्वाधिक दिलचस्प बात है कि अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के चौथे अध्यक्ष बनकर डाक्टर रमन सिंह लगभग तेरह वर्ष तक जमें रहें किंतु बिजली,पानी व दूरसंचार जैसे जरुरतों को पूरा नहीं कर पाए।
क्रेडा एवं दूरसंचार विभाग द्वारा बस्तर के उत्तर पश्चिम में नारायणपुर, 15 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलो में फैले संयंत्र स्थापित कर इसका संचालन शुरू कर दिया गया है। क्रेडा विभाग द्वारा बस्तर संभाग में इस तरह का ऐसा पहला सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। जिसमें एकल बी. टी. एस. टावर को सौर ऊर्जा संयंत्र से पूर्णतया डी.सी. विद्युत प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। संयंत्र में 48-48 वोल्टेज 1000 एएच की दो बैटरी बैंक सपोर्ट भी है, जो कि मास्टर कंट्रोल यूनिट के माध्यम से संबद्ध है।
जगदलपुर।नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी व समाजसेवी आनंद अग्रवाल किसी पहचान के मोहताज नहीं है। अग्रवाल समय-समय पर गरीबों की सेवा करते रहते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के प्रथम व द्वितीय लहर में उनके द्वारा भी गरीबों की तन-मन-धन से सहयोग करते हुए सेवा किया। वहीं दूसरी लहर में अपने परिजनों की स्मृति में रेड क्रॉस सोसायटी को आर्थिक सहायता किया और रेमडिसीवर इंजेक्शन भी प्रदान किया। प्रथम लहर के दौरान आनंद अग्रवाल की टीम संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ मिलकर गांव-गांव , शहर-शहर में
खाद्यान्न सामग्री वितरित करने में भुमिका निभाई। आनंद अग्रवाल मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं जिनके द्वारा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जनता की सेवा में लगे रहते हैं। इनके कार्य से प्रभावित होकर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। आईटी सेल प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही ने भी दिन-दुखियों की सेवा करने के लिए कांग्रेस कमेटी की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।
कांग्रेस की भूपेश सरकार का बड़ा ऐलान छत्तीसगढ़ में अब मछुआरों को भी मिलेगा मछली उत्पादन बोनस और पट्टे पर दिए जाएंगे जलाशय.
मछुआ समाज के उत्थान और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने सरकार का फैसला सराहनीय, मछुआ समाज में खुशी की लहर मछुआरों ने कहा भूपेश सरकार ने समाज के लिए जो किया यह हमारा सौभाग्य.
राज्य में मछली पालन को कृषि का दर्जा, मछुआरों को मिलेगी सहकारी समितियों से सुविधाएं, तालाबों और जलाशयों को अब 6 माह के बजाय 3 माह के भीतर आवंटन करने का प्रस्ताव.
कांग्रेस की भूपेश सरकार के मंशानुरूप मछुआ जाति के लोगों की सहकारी समिति को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जलाशय मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिए जाएंगे.
भूपेश है तो भरोसा…..
छत्तीसगढ़ के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी ने राज्य में मछली पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने की घोषणा और एलान का बस्तर के मछुआ समाज व मछुआरों की तरफ से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने स्वागत किया आगे उन्होंने कहा कि मछली पालन में जुटे मछुआरों को सहकारी समितियों से ऋण एवं अन्य सुविधाएं मिल सके उन्होंने कहा कि समिति द्वारा किए गए प्रस्ताव को परीक्षण के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, सहकारिता एवं वित्त विभाग को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा तथा संबंधित विभागों की अनुशंसा के अनुरूप नवीन मछली पालन नीति का अंतिम प्रारूप तैयार कर कैबिनेट के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा. श्री शर्मा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य की नवीन मछली पालन नीति का प्रस्ताव तैयार करने के लिए गठित समिति की बैठक की गई थी जिसमें नवीन मछली पालन नीति में राज्य के मछुआरों को मछली उत्पादन बोनस दिए जाने की अनुशंसा की गई है उत्पादकता बोनस राज्य के जलाशयों को पट्टे पर दिए जाने से होने वाली आय का 40 प्रतिशत होगा जो मत्स्याखेट करने वाले मछुआरों को दिया जाएगा नवीन मछली पालन नीति में राज्य के ऐसे एनीकट जिनका जलक्षेत्र 20 हेक्टेयर तक है उन्हें मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर नहीं दिए जाने का प्रस्ताव समिति ने किया है ऐसे एनीकट स्थानीय मछुआरों के मत्स्यखेट के लिए निःशुल्क उपलब्ध होंगे.
मछुआ जाति के लोगों की सहकारी समिति को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जलाशय मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिए जाएंगे आदिम जाति मछुआ सहकारी समिति मछली पालन एवं मत्स्य विभाग के कार्य को कुशलता पूर्वक कर सकें इनको ध्यान में रखते हुए आदिम जाति मछुआ सहकारी समिति में 30 प्रतिशत सदस्य मछुआ जाति के ही होंगे तथा समिति के उपाध्यक्ष का पद भी मछुआ जाति के लिए आरक्षित होगा. श्री शर्मा ने कहा कि नवीन मछली पालन नीति में समिति ने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत अपने क्षेत्राधिकार के तालाबों जलाशयों को अब 6 माह के बजाय 3 माह के भीतर आवंटन की कार्रवाई की जाने का प्रस्ताव किया है उक्त अवधि के बाद पंचायत की अनुशंसा के बिना नियमानुसार पट्टा आबंटन का अधिकार प्राधिकृत अधिकारी को होगा. मछली बीज की गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रमाणीकरण हेतु राज्य में मत्स्य बीज प्रमाणीकरण अधिनियम बनाया जाएगा जो मत्स्य बीज उत्पादन के लिए
निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करेगा. श्री शर्मा ने कहा कि निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक हेचरी एवं संवर्धन प्रक्षेत्रों के निर्माण को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा राज्य में उपलब्ध 50 हेक्टेयर से अधिक जलक्षेत्र के जलाशय जिन्हें दीर्घावधि के लिए पट्टे पर दिया गया है उन जलाशयों में केज कल्चर के माध्यम से मछली उत्पादन के लिए केज स्थापित करने के लिए अधिकतम 2 हेक्टेयर जलक्षेत्र पट्टे पर दिया जाना प्रस्तावित किया है. छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मछुआरों की आर्थिक दैनिक और सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए जो सराहनीय कदम उठाया उससे मछुआरे समाजों में खुशी की लहर व हर्ष का माहौल है तथा उन्होंने अपने परिवार और समाज की तरफ से प्रदेश के मुखिया का कोटि कोटि आभार जताते उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते कहा है कि भूपेश है तो भरोसा है गढ़बो नवा छत्तीसगढ़।
श्रीराम हिन्दू संगठन दल्लीराजहरा के युवाओं द्वारा राजनैतिक पार्टियों के नवनियुक्त पदाधिकारियो का अभिनंदन किया गया जिसमें युवाओ ने भाजयुमो नगर अध्यक्ष बनने पर संजीव सिंह जी से सौजन्य मुलाकात कर बधाई दी एवं राजनीति क्षेत्र के साथ साथ धार्मिक क्षेत्र में बढ़-चढ़ सहयोग करने की अपील की गयीं।
इसमे मुख्य रूप से जिला कार्यकारिणी सदस्य रविंदर गुप्ता ,नगर संयोजक सूरज गुप्ता,नगर सह संयोजक बिट्टू कनोजिया,सचिव दीपक कुमार,कार्यकारिणी सदस्य भाई पीयूष जैन,अखिल साहू,नितेश साहू,ढाल सिंह आदि लोग उपस्थित थे।
आज दिनांक 14 जून 2021 को SLRM सेन्टर बोधघाट में गोबर और घर के गीले कचरे से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट खाद खरीदने के लिये पंडित सुन्दर लाल शर्मा वार्ड के पार्षद और वार्डवासी पहुंचे, जिन्होने कुल 240 किलो वर्मी खाद खरीदा। उपस्थित लोगों को गोबर खरीदी, घर का कचरा संग्रहण और पृथकीकरण और वर्मी खाद बनाने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। डॉ डी के परासर ने 100 किलो, कलवेंद्र सिंह ने 60 किलो तथा एस बी शर्मा, पुराणिक ध्रुव, रामनरेश पान्डेय और टिकरिया जी ने 20-20 किलो वर्मी खाद खरीदा। खाद खरीदने वालों ने बताया कि इसका उपयोग गमले के पौधों और बाड़ी के सब्जी के लिये करेंगे। आयुक्त, नगरपालिक निगम, जगदलपुर ने आम जनता से अपील किया कि ज्यादा से ज्यादा वर्मी खाद का प्रयोग अपने गार्डन एवं गमलों में करके शहर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहयोग करें। बोधघाट, लाल बाग, धरमपुरा और प्रवीर वार्ड में स्थित SLRM सेन्टर में वर्मी खाद का निर्माण और विक्रय किया जा रहा है।
नारी सशक्तिकरण के नाम पर, महिलाओं का हो रहा है दोहन
मशीन तथा डस्टबिन सप्लाई करने वाला सप्लायर एक ,ब्लैक लिस्टेड करने की जगह किया जा रहा है उपकृत
केंद्र के पैसों का हो रहा है बंदरबांट – संजय पाण्डेय नेता प्रतिपक्ष
भारतीय जनता पार्टी पार्षदों द्वारा गत दिवस सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अन्तर्गत सालिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट एसएलआरएम सेंटरों का निरीक्षण किया गया !विदित हो कि केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत (अधिनियम 2016-17) नगर निगम जगदलपुर हेतु दस नग SLRM सेंटर स्वीकृत किए गए थे जो की वर्तमान में भवन एवं शेड पूर्ण होकर अभी आठ सेंटरों में कार्य किया जा रहा है ! भाजपा पार्षदों ने इन सेंटरों में अनेक अनियमितता पायी हैं और निगम का ध्यानाकर्षण करने हेतु महापौर और आयुक्त को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए है !
महापौर के नाम लिखे पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार की महती योजना के तहत मिशन क्लीन सिटी के माध्यम से शहर के प्रत्येक घरों से निकलने वाले दैनिक कचरा को बायोडिग्रेवल गीला जैविक कचरा से खाद बनाकर तथा अन्य नानडिग्रेवल सूखा कचरा को कबाड़ अथवा प्लास्टिक ग्रेनुअल्स बनाकर ,मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत महिला स्व सहायता समूह के द्वारा लगभग 275 महिलाओं को आय के साधन उत्पन्न करना ,महिला सशक्तिकरण ,समूह गठन से सहकारिता एवं स्वावलंबी जीवन बनाना तथापि शहर को शत प्रतिशत साफ़ एवं स्वच्छ रखना, इस योजना का उद्देश्य है !
नेता प्रतिपक्ष पांडे ने बताया कि इसी योजना के तहत SLRM सेंटरो हेतु मिशन क्लीन सिटी अंतर्गत केंद्र सरकार की चौदहवें वित् आयोग मद से बेलिंग मशीन २ नग ,जिससे सूखे कचरे को इस मशीन द्वारा कम्प्रेस्ड कर कंप्रेस्ड ईट जोकि आकार में बहुत छोटा होकर ट्रांसपोर्ट हेतू आसान हो जाता है,एवं फटका मशीन 4 नग जिससे सूखे कचरे को सेंट्रीफ्यूगल विधि से सफ़ाई किया जाता है, गत एक वर्ष पूर्व क्रय किया गया है !लगभग 17 लाख रुपये ख़र्च कर एक वर्ष पूर्व क्रय की गई यह मशीन आज पर्यंत तक शुरू नहीं की जा सकी है ! आज यह 17 लाख की मशीनें सेंटरों में धूल खा रही है ,तथा मुझे ज्ञात हुआ है कि यह मशीनें भी कबाड़ मात्र हैं !यह जहाँ जनता के पैसे का दुरुपयोग है वहीं यह मिशन क्लीन सिटी के तहत कार्यरत महिलाओं को भी उनकी होने वाली आय से वंचित करती है!
इसी प्रकार सभी सेंटरों हेतु तो दस इंसीलेटर मशीन क्रय की गई हैं,जिससे बायोमेडिकल वेस्ट जैसे हगिस, पैड, ब्लड स्टेम,बैंडेज इत्यादि नष्ट किया जाता है ,वह सभी दस नग इनसिलेटर ख़राब पड़ी हैं ! जिसके कारण बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंका जा रहा है जिससे तमाम बीमारी फैलने का ख़तरा हमेशा रहता है !
संजय पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इस प्रकार शासन की योजना का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिखता बल्कि भ्रष्टाचार से स्व की आय में वृद्धि होना स्पष्ट दिखता है !भाजपा पार्षदों को ज्ञात हुआ है की बेलिंग मशीन तथा फटका मशीन जिस सप्लायर से क्रय किया गया है उसी सप्लायर द्वारा अत्यंत गुणवत्ता विहीन डस्टबिन की भी सप्लाई की गई है ! शहर की जनता जानना चाहती है कि क्यों एक ही सप्लायर जो की लगातार घटिया सामग्री सप्लाई कर रहा है उसे ब्लैक लिस्टेड करने की बजाए ,उसे उपकृत किया जा रहा है !आपके द्वारा निगम क्षेत्र में निरीक्षण करने लगातार अख़बारों में ख़बरें प्रकाशित की जाती हैं तथा आपके संज्ञान में यह अनियमितताएं नहीं छुपी रह सकती हैं ! परंतु निगम की सबसेमहत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी आप पर होने पर भी आपकी चुप्पी एवं सप्लायर वह सम्बंधितों पर कार्यवाही न करना प्रश्नचिन्ह है एवं निगम में हो रहे भ्रष्टाचार को सिद्ध करता है !!
निरीक्षण के दौरान नेता प्रतिपक्ष के साथ भाजपा पार्षद राजपाल कशेर,महेंद्र पटेल ,शंभु नाग, श्रिस मिश्रा इत्यादि थे !!
जगदलपुर। ग्राम पंचायत मारकेल-2 सिवनागुड़ा जोकि मुख्य नेशनल हाईवे रोड से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर पर स्थित है परंतु विगत 5 वर्षों से रेलवे के द्वारा मेन रोड पर स्थित रेल फाटक को रेल लाइन दोहरीकरण के नाम से बंद कर दिया गया है एवं आवागमन के लिए डायवर्शन सड़क का निर्माण किया गया है किंतु उपरोक्त सड़क ग्राम पंचायत मार्केल दो सिवनागुड़ा से मुख्य सड़क हाईवे तक आने जाने में लगभग 4 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है उपरोक्त डायवर्टेड सड़क जो कि रेलवे के द्वारा बनाया गया है उसमें एक अंडर ब्रिज पूल बनाकर घुमावदार सड़क तैयार किया गया है जिसमें बड़ी गाडिय़ां जैसे कार, ऑटो, ट्रैक्टर, एम्बूलेंस आदि गाडिय़ों को मोडऩे में काफी असुविधा होती है साथ ही साथ बारिश के दिनों में वह अंडर ब्रिज जलभराव के कारण आवागमन बाधित होता है। बच्चों व महिलाओं को शाम के समय आने-जाने में दिक्कत होती है क्योंकि गांव के बाहर से सुनसान रास्ते पर यह सड़क बनाया गया है। उक्त सड़क के कारण गांव वालों को अपने दैनिक कार्यों के लिए जैसे बैंक राशन दुकान स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य सुविधाओं के लिए लगभग 4 किलोमीटर तक घूम कर जाना पड़ता है जिससे काफी परेशानी होती है साथ ही समय का नुकसान भी होता है।
पिछले 5 वर्षों से ग्राम वासियों के द्वारा मुख्य सड़क पर जो रेल फाटक था जिसे बंद कर दिया गया है उसे खोलने या उसी स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने हेतु मांग की जा रही है। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों से एवं कलेक्टर से भी मिलकर इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर ग्राम वासियों के द्वारा अवगत कराते हुए उक्त फाटक को खोलने या उसी स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग करते आ रहे हैं जिस पर आज दिनांक तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। उपरोक्त फाटक में लोग पटरी को पार कर अपने दैनिक कार्यो के लिए मजबूर है साथ ही स्कूली बच्चे छोटे बच्चे फाटक को पार कर आते जाते हैं जिससे जान माल का खतरा एवं बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। मारकेल के उपसरपंच संदीप कुमार डेनियल ने बताया कि उपरोक्त सड़क पर स्थित रेलवे फाटक को पुन: बहाल किया जाए या उसी स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था कर एक बड़ी आबादी को राहत पहुंचाई जाए।
साथ ही उन्होंने बताया कि विगत 5 वर्षों से ग्रामवासियों द्वारा लगातार मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग को पूरा नहीं किया जाता है तो वे ग्रामवासियों के साथ आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की ओर अग्रसर होंगे। जिसके लिए रल्वे प्रशासन एवं जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।
जगदलपुर। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के राज्य सरकारों को वेट कम करने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छ.ग.प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि पेट्रोल डीजल में एक्साइज केंद्र सरकार बढ़ा रही है। मनमोहन सरकार के दौरान पेट्रोल में 3.50रु एवं डीजल में 3 रु लगभग एक्साइज ड्यूटी लगती थी जिसे मोदी सरकार ने पेट्रोल में प्रति लीटर 32 रुपये और डीजल में 30 रुपये बढ़ोतरी कर 10 गुना एक्साइज की दरें बढ़ाई है। जिसका खामियांजा आमजनता को उठाना पड़ रहा है।लेकिन छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने तो पूर्व की सरकार के समय लगने वाली वेट की दर को ही रखा है, वैट के दरों में कोई वृद्धि नहीं की है। ऐसी स्थिति में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राज्य सरकारों को वेट कम करके आम जनता को राहत पहुंचाने की बात कहना निहायती हास्यास्पद है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल की आड़ में जनता की गाढ़ी कमाई को केंद्र सरकार लुटे और भरपाई राज्य की सरकारें करें इससे स्तरहीन सलाह और कोई नही दी जा सकती।केंद्र सरकार ने ही एक्साइज के 5 रु को किसान सेस में कन्वर्ट कर दिया ताकि राज्यों को उस एक्साइज में हिस्सा ना देना पड़े। केंद्र सरकार की ऐसी मानसिकता संघीय ढांचे की अवधारणा के विपरीत है और पूरी तरीके से गलत,असंगत और अन्यायपूर्ण है।
प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम को कम नहीं किया जा सकता है क्योंकि सरकार का खजाना खाली है इससे स्पष्ट हो गया है कि केंद्र की सरकार पेट्रोल,डीजल पर भारी भरकम टैक्स वसूली कर अपने खजाने को भरने का काम कर रही है। पेट्रोल डीजल की महंगाई का दुष्परिणाम आम उपभोक्ता को उठाना पड़ रहा है। खाद्य सामग्री,कृषि यंत्र,रासायनिक खाद, कृषि की लागत मूल्य में बेतहाशा वृद्धि हुई है, खाद्यान्न सामग्री,खाद्य तेल,अरहर की दाल, शक्कर,जीवन रक्षक दवाइयां सभी के कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ट्रांसपोर्टिंग खर्चा बड़ा है इसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान से स्पष्ट हो गया है पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार नहीं बल्कि मोदी सरकार की मुनाफाखोरी की नीति जिम्मेदार है |
शुल्क माफी,वेबसाइट में समस्या समेत कई मांगो को लेकर कुलपति को सौपा ज्ञापन
जगदलपुर – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा सोमवार को विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया और समाधान करने की मांग की गई।
अभाविप जिला संयोजक कमलेश दीवान ने बताया कि कोरोना काल मे छत्तीसगढ़ के अन्य विश्विद्यालय विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क माफ कर रहे है बस्तर एक जनजातीय व अतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के कारण यँहा भी विधार्थियों को शुल्क माफ या उचित कटौती करना चाहिए । अभाविप ने विश्वविद्यालय के बेवसाइट में आ रही तकनीकी समस्याओं को भी अवगत कराया जिस पर कुलपति ने ठीक करवाने का आश्वासन दिया।
5- 6 साल के झमेले में फंसे छात्रों का भविष्य अंधेर में –
दीवान ने बताया कि कुलपति के समक्ष स्नातक विधार्थियों के लिये यूजीसी द्वारा तय किये गए 6 साल वाले गाइडलाइन जानकारी के अभाव में अब तक सैकड़ो विधार्थियों का भविष्य अधर में अभाविप ने विश्विद्यालय प्रसासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की गलती का खामियाजा बस्तर के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी नही है और नही 6 साल से अधिक होने के बावजूद गाइडलाइंस के अनुसार एड्मिसन लेते समय कोई जानकारी कालेज के विवि के तरफ से दिया गया अब डिग्री मिलने के बाद अपात्र बताया जाना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। विश्विद्यालय इस समस्या को तत्काल दुरुस्त करें और इस साल एडमिशन लिए परीक्षार्थियों के शुल्क वापस करे और भविष्य इस ऐसे विधार्थियों का एडमिशन स्वतः ही स्वीकर न हो ।
ये रहे मौजूद- अभाविप के विभाग संयोजक अर्पित मिश्रा,जिला संयोजक कमलेश दीवान,प्रतिज्ञा बाजपेयी,शुभम बघेल वरुण साहनी,आसमन बघेल,तीरथ कशयप समेत अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।