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कलेक्टर एवं एसपी ने आर्दश गोठान मंगनार में पहुंचकर मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों का लिया जायजा, सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

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जगदलपुर, 22 जनवरी 2021/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 26 जनवरी को संभावित आगमन के मद्देनजर कलेक्टर रजत बंसल एवं एसपी दीपक झा ने गुरूवार 21 जनवरी को बकावंड विकासखंड के ग्राम मंगनार के आर्दश गोठान में पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से आयोजन से जुड़े तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर बंसल ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान वनमंडलाधिकारी स्टायलो मंडावी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत चंद्रवाल, डिप्टी कलेक्टर गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

बंसल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बारी-बारी से मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान आयोजित कार्यक्रम में उनके विभाग के कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्र के दौरान गोठान में मुख्यमंत्री के अवलोकन हेतु निर्धारित स्थलों का अवलोकन कर उसके संबंध में जानकारी ली तथा इसकी समुचित तैयारी करने को कहा। इसके अंतर्गत उन्होंने गोठान में मशरूम उत्पाद, वर्मी कम्पोस्ट, पशु शेड, सामूहिक बाड़ी, तालाब में मछली उत्पादन आदि का भी अवलोकन किया। श्री बंसल ने अधिकारियों को गोठान की उचित साज-सज्जा, रंग-रोगन आदि कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल में मनोरंजन हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी व्यवस्था करने को कहा। कलेक्टर एवं एसपी ने हेलीपेड के लिए निर्धारित स्थान में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने अधिकारियों सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भृत्यों की शासन के नियम विरुद्ध अवैध रूप से नियुक्ति को लेकर बस्तर अधिकार संयुक्त मुक्ति मोर्चा द्वारा कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया

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जगदलपुर – जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जगदलपुर में वर्ष 2014 से जलाई 2018 तक 403 भृत्यों को कलेक्टर दर पर शासन के नियम विरुद्ध नियुक्ति दिये जाने एवं अवैध रूप से 03 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने में संलिप्त लिपिकों को निलंबित कर जॉच कमेटी गठित कर जॉच करवाने के सम्बंध में।

तात्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र झा द्वारा वर्ष 2014 से 2018 तक 403 भृत्यों की नियुक्ति कलेक्टर दर पर पर की गई है जिससे सम्बंधित विभाग द्वारा किसी भी प्रकार से कोई विज्ञापन/ विज्ञप्ति प्रसारित नहीं कराया गया है एवं चयन हेतु कोई भी समिति गठित नहीं किया गया है और अवैध तरीके से भृत्यों की नियुक्ति की गई थी एवं 03 लोगों की अनुकम्पा नियुक्ति भी अवैध तरीके से की गई, जिसमें राजेन्द्र झा के साथ सम्बंधित कार्यालयीन बाबू अनुकम्पा नियुक्ति के शाखा प्रभारी श्री लाला लहरे एव सत्यनारायण पानीग्राही स्थापना शाखा प्रभारी की मिलीभगत से नियुक्ति की गई है. क्योंकि उक्त बाबू के द्वारा ही द्वारा ही नियुक्ति सम्बंधित सभी दस्तावेजों को तैयार किया जाता है तो सिर्फ राजेन्द्र झा पर ही कार्यवाही की गई किन्तु सम्बंधित कार्यालयीन लिपिक जो कि उक्त नियुक्ति में संलिप्त है इन पर क्यों कार्यवाही नहीं की गई, जबकि इनके द्वारा नियमों के विरूद्ध भत्यों की नियुक्ति एवं अनुकम्पा नियक्ति की गई हैं। कलेक्टर महोदय के जॉच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि जो नियुक्ति की गई है वह नियुक्ति फर्जी है।

भृत्यों की नियुक्ति एवं अनुकम्पा नियुक्ति में संलिप्त उपरोक्त कार्यालयान लिापका को तत्काल निलंबित किया जाये एवं इनके विरुद्ध जाँच कमेटी गठित कर जांच करवाया जाये और सम्बंधित लिपिकों को बर्खास्त करने का आदेश प्रदान किया जायें।

एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से हुई मौत

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कोंडागांव 21 जनवरी। कोंडागांव जिले के ग्राम ओडारगांव थाना अनतपुर तहसील माकड़ी में दो बच्चो की तालाब में डूबने से मौत हो गयी हैं। मामले में मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को शाम 5 बजे ग्राम ओडारगांव में सुखलाल पोयम के दो मासूम बच्चे खेमेश्वरी नेताम उम्र 7 वर्ष और टंकेश्वर पोयम उम्र 5 वर्ष, जो अपने घर के ही समीप बने तालाब में खेलते खेलते अचानक डूब जाने से मौत हो गयी हैं। बच्चो के डूब जाने का खुलासा तब हुआ जब बच्चों के घर नही लौटने पर परिवार वालों द्वारा खोजबीन शुरू की गई तब घर के समीप तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े मिले तो तालाब में डुबकी लगाकर कुछ लोगो द्वारा खोजबीन करने पर दोनों बच्चों की पानी मे डूबी हुई लाश निकली गयी।

बच्चों के तालाब में डूबने का कारण अभी स्प्ष्ट नहीं हो पाया है। घटना की जानकारी ग्रामीणों द्वारा अनतपुर थाने की पुलिस को दे दी गई हैं। पुलिस के द्वारा घटना स्थल पहुँचकर मामले की पूरी छानबीन करने के बाद ही मौत का कारण स्प्ष्ट हो पाएगा।

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं क्रेडा चेयरमैन मिथिलेश स्वर्णकार ने आचार्य महाश्रमण जी का दर्शन कर लिए आशीर्वाद

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बस्तर प्रवास पर आए जैन संत आचार्य महाश्रमण जी के जगदलपुर पहुंचने से पूर्व केसलूर से डिमरापाल आश्रम के मध्य विहार हेतु पहुंचे आचार्य महाश्रमण जी के दर्शन एवं आशीर्वाद हेतु विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय उर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार पहुंचे एवं संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर उनके साथ पदयात्रा में शामिल हुए

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय उर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार के साथ कांग्रेस प्रदेश सचिव सत्तार अली आईटी सेल प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही,वरिष्ठ कांग्रेसी संजय जैन ,जिला लीगल सेल कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश झा उपस्थित थे ।

प्रवीर ने जिस प्रसंस्करण में किया भ्रमण वहां बाल मजदूरों की भरमार, राजनगर काजू प्रोसेसिंग यूनिट को प्रशासन का संरक्षण

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जगदलपुर। अर्जुन झा

बस्तर के ग्रामीण इलाकों में जो ना हो जाए सो कम है क्योंकि इस क्षेत्र के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जिम्मेदारीपूर्वक कार्य नहीं करने के कारण बाल मजदूरी प्रथा को बढ़ावा मिल रहा है।ऐसा ही मामला बकावंड ब्लाक के राजनगर में काजू प्रसंस्करण केंद्र में सामने आया है। ज्ञात हो कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व ट्रायफेड संचालक प्रवीर कृष्ण के दौरे के बावजूद प्रशासन को यह ना दिखना अपने आप में प्रशासनिक अक्षमता उजागर करता है।

छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर जिले में उधोगों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं और सभी प्रकार के संसाधनों की उपलब्धता है तथा मानव संसाधन की भी बाहुल्यता है फिर भी बाल मजदूरी प्रथा को बढ़ावा देकर शोषण किया जा रहा है। बस्तर में कई प्रकार की योजनाएं संचालित होती है और इस क्षेत्र में निर्माण कार्यों में बाल मजदूरी की कई प्रकार की शिकायतें मिलती है उसके बावजूद प्रशासनिक टीम संबंधित क्षेत्रों में दौरा नहीं करने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।

कहां हैं राजनगर का प्रोसेंसिंग युनिट
बस्तर जिला मुख्यालय से उत्तर दिशा में स्थित बकावंड जनपद पंचायत मुख्यालय में पांच किलोमीटर पूर्व स्थित है और काजू प्रसंस्करण केंद्र बकावंड वन परिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत संचालित है और इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में नाबालिग युवतियों को भी काम में झोंका गया है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
काजू प्रसंस्करण केंद्र के संचालक से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो नाबालिग युवतियां दिख रही है और वह कालेजों में पढ़ने- लिखने वाली है।जब बच्चों से कार्य कराया जा रहा है तो उन्होंने निरुत्तर हो गए।

दलपत सागर सफाई मशीन की अब होगी जांच

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कलेक्टर ने बनाया 07 सदस्यीय जांच दल

3 आला अधिकारियों के साथ भाजपा कांग्रेस के 02-02 पार्षद होंगे शामिल

मशीन की क़ीमत पर भाजपा पार्षद दल ने खड़े किये थे सवाल

जगदलपुर।
दलपत सागर में जलकुंभी की सफाई के लिए नगर निगम द्वारा करीब 75 लाख की लागत से खरीदी गयी एक्वैटिक वीड हार्वेस्टर मशीन की जांच अंततः अब शुरू होगी। कलेक्टर ने इसकी जांच के निर्देश दिये है, जिसके लिए सात सदस्यीय जांच दल की टीम बनायी गयी है। जिसमें 03 बड़े अधिकारियों सहित भाजपा व कांग्रेस के 02-02 निर्वाचित पार्षद भी शामिल होंगे। मालूम हो कि दलपत सागर की सफाई के लिए खरीदी गयी मशीन पर भाजपा पार्षद दल ने सवाल खड़े किये थे जिसमें कलपुर्जों को जोड़कर कबाड़ के जुगाड़ से बनी मशीन खरीदने का आरोप लगाया गया था, भाजपा पार्षद दल निरंतर इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा था।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच दल में अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, कार्यपालन अभियंता जलसंसाधन करण भण्डारी, कार्यपालन अभियंता लोकनिर्माण विभाग राजेश तिवारी शामिल है। इसके अलावा महापौर व नेताप्रतिपक्ष की अनुशंसा पर कांग्रेस और भाजपा के 02-02 निर्वाचित पार्षदों को जांच दल में शामिल करने कहा गया है। नेताप्रतिपक्ष संजय पाण्डेय ने वरिष्ठ पार्षद योगेन्द्र पाण्डे व नरसिंह राव को जांच दल का सदस्य बनाया है।

इस विषय पर नेताप्रतिपक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि कलेक्टर द्वारा 03 जनवरी को वीड हार्वेस्टर मशीन की जांच के लिए निर्देश दिये गये थे। जिसमें संयुक्त जांच दल द्वारा 07 दिनों के अंदर आवश्यक जांच के बाद प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है। मगर 2 सप्ताह से अधिक का समय निकल चुका है और जांच की दिशा में अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। श्री पाण्डेय ने कहा कि दलपत सागर की सफाई का विषय जनमानस से जुड़ा हुआ है और वर्तमान में दलपत सागर में चल रहा सफाई कार्य संतोषजनक है। लेकिन75 लाख रूपये खर्च कर खरीदी गयी मशीन की भाजपा पार्षदों द्वारा बताये गये बिंदुओं के आधार पर निष्पक्ष जांच भी अत्यंत आवश्यक है। इस पर शीघ्रता से कार्यवाही होनी चाहिए। जांच कमेटी का गठन होने के बाद भी इस दिशा में हो रहा विलंब समझ से परे है और जनता के मन में संदेह भी पैदा कर रहा है।

  • संजय पाण्डेय

दल्लीराजहरा सीआईएसएफ ने सड़क सुरक्षा एवं मास्क को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली रैली

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दल्लीराजहरा – ड्राइविंग अपने आप में शानदार अनुभव है लेकिन जरा सी चूक यह आनंद हादसों को दावत देता है | गाड़ी चलाते समय अक्सर लोग ट्रैफिक रूल्स को कभी फॉलो नहीं करते कभी अनजाने में तो कभी जानबूझकर | आजकल सबसे ज्यादा हादसे सड़क दुर्घटना के कारण ही होते है | अभी देश कोरोना जैसी विध्वंसक महामारी से जूझ रहा है सरकार द्वारा मास्क को लेकर हमेशा से आगाह किया जा रहा है लेकिन लोगों को इसकी जरा भी परवाह नहीं है | इन्ही सब आवश्यक तथ्यों के मद्देनजर दल्लीराजहरा सीआईएसएफ ने बैनर लेकर सड़क हादसों एवं मास्क को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से इन प्रमुख बिन्दुओं को लेकर रैली निकाली |

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दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का सदैव प्रयोग करें

शराब पीकर वाहन न चलायें

वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें

जब भी घर से बाहर निकले मास्क लगाकर ही निकले

वाहन तेज गति से न चलायें

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जंगली जनवरों के नकली बीर नख व नाख़ून बनाकर बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया

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जगदलपुर – पुलिस थाना कोतवाली में यासिर आलम पिता जहीर आलम नि0 आकांक्षा होटल के पास, मोती लालाब पारा जगदलपुर ने उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनाक 14.01.2021 को दिलिप बनिक ने जंगली जानवर का बीर नख व नाख़ून   बीमारी से निजात मिलता है कहकर यासिर आलम को नकली सामान 10,000 रूपये में बेच कर धोखाधड़ी  किया है कि रिपोर्ट पर थाना कोतवाली जगदलपुर में अपराध क्र 29/2021 धारा 420 भादवि0 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक महोदय दीपक झा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में उनि0 पीयुष बघेल, प्रआर0क0 1281 चोवादास गेंदले, आरक्षक क्रमांक 1094 रवि सरदार, आर0क0 1067 बबलु ठाकुर व दीपक कुमार सायबर सेल के टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये तत्काल आरोपी का पता तलाश कर, आज दिनांक 21.01.2021 को आरोपी 1. दिलिप वनिक पिता स्व0 विमल बनिक उम्र 42 साल निवासी महारानी वार्ड एफ0सी0आई0 गोदाम के पीछे जगदलपुर से पुछताछ करने पर उक्त सामानों को ओप्पू बर्मन पिता सुधन बर्मन उम्र 48 साल नि0 महारानी वार्ड शहीद पार्क के सामने जगदलपुर से प्राप्त कर यासिर आलम को बेचना व अपराध करना स्वीकार किया जिनके कब्जे से 02 नग बीर नख, 01 नग टुटा हुआ बीर नख, 01 नग नाखुन, 01 नग दांत, 01 नग हड्डी का टुकड़ा एवं नगदी रकम 3,000/-रूपये को जप्त कर विधिवत गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

माओवादियों ने एक बार फिर बनाया ग्रामीणों को बलि का बकरा? राज्यपाल के नाम भैरमगढ़ एसडीएम को ज्ञापन दस हजार से अधिक ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की बस्तर पुलिस की त्रिवेणी योजना सुरक्षा, विश्वास एवं विकास के मद्देनजर ग्रामीण अंचलों तक अपनी दखल बनाने वाली योजना से माओवादी फिर एक बार बौखला गए हैं। वामपंथी हिंसा से जूझ रहे दक्षिण पश्चिम बस्तर के बीजापुर जिले में फिर एक बार माओवादियों ने विरोध के लिए ग्रामीणों को बलि का बकरा बनाया।


माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले बीजापुर के इंद्रावती नदी के उस पार के ग्रामीणों को बंदूक की नोक पर माओवादियों ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए भैरमगढ़ भेजा। छत्तीसगढ़ सरकार बीजापुर जिले के विकास के लिए इंद्रावती नदी पर पुल का निर्माण कर रही है जिससे माओवादियों के बाद में घुसकर उन्हें चुनौती दी जा सके साथ ही साथ इस क्षेत्र का सर्वागीण विकास हो जिस को रोकने के लिए अब माओवादियों द्वारा भी एक रणनीति के तहत ग्रामीणों को बरगला कर आंदोलन करने के लिए भैरमगढ़ भेज रहे हैं। इंद्रावती नदी पर बन रहे पुलिया और सड़क निर्माण के विरोध में बच्चे ,बूढ़े , युवा यूथिया महिलाओं का फौज भैरमगढ़ आ धमका और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया है|

चक्का जाम से नेशनल हाईवे क्रमांक 63 के दोनों तरफ दर्जनों वाहनों की रेलम पेल लग गई और सैंकड़ों यात्री फंसे हुए है| इंद्रावती नदी पर बन रहे पुल और सड़क निर्माण का ग्रामीण विरोध कर रहे है| बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। दूसरी तरफ बसे नदी के उस पार बसे बैल, ताकिलोड, बोड़गा, पल्ली, समेत आधा दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण भैरमगढ़ पहुंचे| इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नारायणपुर के भी कुछ गांवों के ग्रामीण पहुंचे है| आदिवासी पारंपरिक हथियारों से लैस है और राशन और बर्तन भी साथ रखें हुए है| इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे यही डटे रहने का सोच रहें है| सुरक्षा के मद्देनजर बडी संख्या में पुलिस बल तैनात की गई है ताकि किसी प्रकार की भगदड़ ना मचें| सभी को समझाने का प्रयास किया जा रहा है|अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तहसीलदार और एसडीएम मौके पर मौजूद है|ग्रामीणों ने अपनी मांग का पुलिंदा राज्यपाल के नाम एसडीएम भैरमगढ़ को सौंपा है।

सुनी जो उनके आने की आहट गरीबखाना सजाया हमने…बस्तर में उजड़ी भाजपा को कैसे हरियायेंगे विष्णुदेव

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अर्जुन झा
जगदलपुर। भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के प्रवास के ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को उस बस्तर की सुध आई है, जहां विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी का सफाया हो चुका है। अब साय इस अंचल में भाजपा को फिर से कैसे खड़ा करेंगे, यह सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा के राज मे सत्ता की मलाई खाने वालों ने संघर्ष के दौर में किनारा कर लिया है। वैसे भी हारे थके नेताओं की भीड़ यहां भाजपा का कोई भला नहीं कर सकती। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को वैसी ही काफी मेहनत करनी होगी, जैसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए भूपेश बघेल ने की थी। कांग्रेस ने बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में बहुत योजनाबद्ध तरीके से मैदानी मेहनत की थी।

बस्तर ने कांग्रेस का सौ फीसदी साथ दिया। लोकसभा चुनाव में सरगुजा में भाजपा ने बाजी मारी लेकिन बस्तर में कांग्रेस ने भाजपा को गरीब बना दिया। अब यही गरीबी भाजपा को परेशान कर रही है। पार्टी के आयोजनों में होने वाले खर्च को लेकर पुराने नेताओं की अरुचि ने भाजपा की कमजोरी को उजागर करना शुरु कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के स्वागत की बड़ी बड़ी घोषणाएं करने वाली भाजपा के पास मध्य बस्तर जिला संगठन में तैयारियों को लेकर राशि का टोटा चर्चा का विषय बन गया। है। कहा जा रहा है कि रमन सिंह के राज में मलाईदार पदों पर रहने वाले अब बदले हुए हालात में पार्टी के आयोजनों में आर्थिक सहायता देने से पीछे हट रहे हैं तो नए पदाधिकारी व निर्वाचित पार्षदों से रकम वसूलने की नौबत आ गई।

इस मामले में संगठन व राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि बिना आर्थिक प्रबंध के भाजपा यहां कैसे सक्रिय हो सकती है? यह भी कहा जा रहा है कि पंद्रह साल तक सत्ता की मलाई खाने वालों की अलोकप्रियता की वजह से ही बस्तर में भाजपा बदतर स्थिति में पहुंच गई। इन्हें समय रहते ठिकाने लगा दिया गया होता तो बस्तर पूरी तरह भाजपा मुक्त नहीं हुआ होता। किसी बड़े अंचल में जब किसी सियासी पार्टी का ऐसा सफाया होता है तो आम कार्यकर्ता का मनोबल टूट जाता है। भाजपा को समय रहते अपने संगठन को कसना चाहिए था और सत्ता की राजनीति से जुड़े नेताओं के कार्य व्यवहार की बारीकी से समीक्षा करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए भाजपा का प्रदेश संगठन जिम्मेदार नहीं है। सत्ता काल में सरकार महत्वपूर्ण हो जाती है और संगठन गौण हो जाता है।

जैसे कि अभी कांग्रेस में विधायक बाद, मंत्री वाद, सत्ता से जुड़े लोगों का परिवारवाद चर्चित हो रहा है, वैसे ही डेढ़ दशक तक भाजपा में चलता रहा। अब संगठन में बदलाव की बयार बही है। राजनीति की फसल चौपट हो जाने, खेत उजड़ जाने के बाद नई प्रदेश प्रभारी के सख्त मार्गदर्शन में भाजपा नए सिरे से खड़े होने की कोशिश कर रही है। नए चेहरों में उत्साह तो है लेकिन संसाधन नहीं हैं। जो सत्ता काल में सब कुछ अर्जित कर लेने के बाद जनता द्वारा ठुकरा दिए गए, वे अब अपना अर्जित राजनीतिक पुण्य पार्टी के संघर्ष में जाया करने तैयार नहीं हैं। ऐसे ही संक्रमण काल से नई संभावनाओं का जन्म होता है। भाजपा को ऐसे लोगों को एक झटके में किनारे कर देना चाहिए, जो भाजपा के सड़क पर आ जाने के बाद उसका दर्द महसूस नहीं कर रहे। कांग्रेस ने पंद्रह साल तक संसाधनों की कमी के बावजूद संघर्ष में कोई कसर बाकी नहीं रखी। नतीजा सामने है कि पूरे बस्तर में कांग्रेस तर गई और भाजपा बिखर गई। बस्तर में अब भाजपा की नई टीम पर जिम्मेदारी है कि वह पार्टी की मुरझा चुकी उम्मीदों को हरा करें।

इस मामले में भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय कौन सा ज्ञान देते हैं, यह देखना होगा। मगर पहले तो व्यावहारिक जरूरतों पर ध्यान देने के साथ ही मैदानी हालात को देखना होगा। बस्तर में पूरा सफाया होने के बाद भाजपा को तभी से जुट जाना चाहिए था। किन्तु दो साल बाद वह जागी है। अब धान खरीदी के मुद्दे पर उसके संघर्ष की धार कमजोर रूप में सामने आई है। भाजपा के आंदोलनों को किसानों को कोई खास रुझान हासिल नहीं हो रहा। उल्टे कांग्रेस ही तीन केन्द्रीय कृषि सुधार कानूनों और बारदानों की कमी को लेकर भाजपा और उसकी केंद्र सरकार पर चौतरफा हल्ला बोल रही है। फिर बस्तर के नगरनार संयंत्र को लेकर कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार और कांग्रेस के नुमाइंदों की सक्रियता भी भाजपा के आड़े आ रही है, क्योंकि इस मामले में भाजपा के रवैए को बस्तर विरोधी मानसिकता के तौर पर प्रचारित करने में कांग्रेस ने बाजी मार ली है। बस्तर में कांग्रेस का मुकाबला करने के लिए भाजपा के पास न तो प्रभावशाली मुद्दे हैं, न संसाधन और न ही मनोबल। ऐसे में सबसे पहले तो भाजपा को अपना नजरिया स्पष्ट करना होगा। फिर नई टीम को आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। बिना कारतूस वाली सियासी बंदूकों को ठिकाने लगाना होगा। प्रदेश के सभी बड़े भाजपा नेताओं को बस्तर में एकजुट कसरत करनी होगी, तभी निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं में जोश भरा जा सकता है।

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