13 लाख संग्राहक परिवारों को स्थानीय भाषाओं में मिलेगा आजीविका और बाजार भाव का अपडेट
जगदलपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने वनांचल में रहने वाले वनोपज संग्राहकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से “छत्तीसगढ़ वनोपज संरक्षण वाणी” और आईवीआरएस आधारित सूचना एवं संवाद तंत्र का शुभारंभ किया। यह नवाचार राज्य के 13 लाख से अधिक वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह डिजिटल कदम छत्तीसगढ़ के वनांचल में आर्थिक क्रांति और जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।
संग्राहकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। संग्राहकों को टोल फ्री नंबर 9811125813 पर एक मिस्ड कॉल करना होगा। मिस्ड कॉल के बाद 911 से शुरू होने वाले नंबर से उपयोगकर्ता को कॉल बैक आएगा। कॉल रिसीव करते ही संग्राहक अपनी स्थानीय बोलियों जैसे हल्बी, गोंडी आदि में महत्वपूर्ण जानकारियां सुन सकेंगे। जानकारी सुनने के साथ ही उपयोगकर्ता अपनी राय, अनुभव और सुझाव भी रिकॉर्ड कर सकेंगे l
प्रमुख लाभ और उद्देश्य
स्थानीय बोलियों को प्राथमिकता के कारण वनांचल की क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी मिलने से सूचनाओं का प्रसार अधिक प्रभावी होगा। जंगल, वनोपज संरक्षण, सतत संग्रहण, बाजार भाव और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी सीधे संग्राहकों तक पहुंचेगी। बाजार भाव और मूल्य संवर्धन की सही जानकारी मिलने से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और संग्राहकों की आय बढ़ेगी। यह केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि संग्राहकों और शासन के बीच संवाद का एक मजबूत मंच बनेगा।
नगर निगम जल्द शुरू करेगा आवारा कुत्तों का बधियाकरण अभियान
जगदलपुर नगर निगम क्षेत्रांतर्गत में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन द्वारा एनीमल बर्थ कंट्रोल योजना के तहत विशेष बधियाकरण अभियान की शुरुआत शीघ्र की जाएगी। जिसके तहत शहर के समस्त 48 वार्डों में आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनका बधियाकरण किया जाएगा। इसका निरीक्षण करने महापौर संजय पांडेय पूरे टीम के साथ कंगोली स्थित सर्व सुविधायुक्त एबीसी सेंटर पहुंचे।
नगर निगम प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य के संचालन की जिम्मेदारी चंडीगढ़ की विशेषज्ञ संस्था स्नेह एनीमल वेलफेयर सोसायटी को सौंपी है। एजेंसी की विशेषज्ञ टीम नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। इसके लिए सर्वप्रथम एक टीम गठित की गई है। जिसके नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज को बनाया गया है। इसके अलावा कमेटी में हेमंत श्रीवास, डॉ. गीतिका ध्रुव, डाॅ. अजय बनिक, लुप्तेश जगत को रखा गया है। नगर निगम द्वारा इस अभियान को व्यवस्थित एवं बिना किसी गतिरोध के संचालित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारिया की गई हैं। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग निगम के अधिकारी करेंगे। वहीं अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए 10 कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो आवारा कुत्तों को सुरक्षित ढंग से पकड़ने, सेंटर तक पहुंचाने तथा उपचार उपरांत उन्हें वापस पकड़े गये स्थान पर छोड़ने का कार्य करेगी।मालूम हो कि बीते कुछ समय से जगदलपुर शहर में आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसके चलते नागरिकों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा समाधान के रूप में बधियाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के संचालन के लिए कंगोली डंपिंग यार्ड के समीप विशेष सेंटर तैयार किया गया है जहां कुत्तों की बधियाकरण, उपचार एवं देखरेख की व्यवस्था की गई है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित कर्मचारियों तथा शहर में आवारा कुत्तों के उत्थान के लिए कार्य कर रहे एनिमल वेलफेयर सोसायटी (एनजीओ) की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से संपन्न होगी। बधियाकरण के बाद कुत्तों को कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा और स्वास्थ्य सामान्य होने पर उन्हें पुनः उनके क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान पूरी तरह पशु संरक्षण एवं पशु कल्याण मानकों एवं सुरक्षा नियमों के अनुरूप संचालित किया जाएगा ताकि किसी भी पशु को अनावश्यक परेशानी न हो। नगर निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा कुत्तों की जानकारी निदान टोल फ्री नं 1100 एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मोबाइल नंबर 9425266016 पर एबीसी सेंटर को दे सकते है। इस जनहितकारी अभियान में सहयोग प्रदान करें ताकि शहर को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सके।इस दौरान एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, राणा घोष, कलावती कसेर, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पशु विभाग से संयुक्त संचालक डॉ. डीके नेताम, डॉ. राजपूत, डॉ केके देव, राजपाल केसर, एनिमल वेलफेयर सोसायटी (स्ट्रे सेफ) से लुप्तेश आदि उपस्थित रहे l
बनेगा भयमुक्त माहौल: पांडे
इस संबंध में महापौर संजय पांडे ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना आवश्यक हो गया था। नागरिकों की सुरक्षा और शहर में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा एनीमल बर्थ कंट्रोल योजना के तहत यह अभियान शुरू किया जा रहा है। यह केवल बधियाकरण अभियान नहीं बल्कि शहर को आवारा कुत्तों से भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नगर निगम पूरी संवेदनशीलता के साथ इस कार्य को कराएगा तथा पशुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।महापौर ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नगर निगम की टीम जब अभियान के दौरान वार्डों में पहुंचे तो लोग सहयोग करें जिससे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके और भविष्य में आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर दी बधाई
जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। देव ने अपने बधाई संदेश में कहा कि अधिकारी का नेतृत्व पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जन-आकांक्षाओं को स्वर देने में मील का पत्थर साबित होगा और अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में बंगाल भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अखण्ड भारत के स्वप्नद्रष्टा अमर बलिदानी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों के ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने श्री देव ने कामना की कि भाजपा शासनकाल बंगाल में भयमुक्त वातावरण का सृजन करके राज्य को नवनिर्माण की ओर अग्रसर करेगा। बंगाल की जनता जिस सुशासन और सर्वतोमुखी विकास की प्रतीक्षा कर रही है, उसे धरातल पर उतारने में अधिकारी के नेतृत्व में गठित होने वाली प्रदेश सरकार की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण रहेगी। बंगाल की अस्मिता, संस्कृति और एकात्म राष्ट्रवाद की रक्षा करते हुए एक ऐसे बंगाल का उदय होगा जो विकास के हर मानक पर देश का नेतृत्व करेगा। देव ने कहा कि अधिकारी का लंबा राजनैतिक अनुभव और बंगाल की माटी से उनका जुड़ाव राज्य में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। छत्तीसगढ़ भाजपा परिवार उनके सफल कार्यकाल और बंगाल के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हैl
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की एक सक्रिय महिला नक्सली ने आज आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के येतापाका सुरक्षा कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। यह महिला नक्सली उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगम्मोटू की निवासी है।
मिली जानकारी के अनुसार दूसरी सीआरसी, पीएलजीए बटालियन, डीकेएसजेडसी की महिला पार्टी सदस्य पोडियम लक्ष्मी उर्फ लक्ष्मी पति स्व. पाला ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। 8 मई को महिला नक्सली सदस्य ने स्वेच्छा से अल्लूरी सीताराम राजू जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) पंकज मीणा आईपीएस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पोडियम लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के पोस्ट कमलापुरम अंतर्गत ग्राम सिंगम्मोटु की निवासी है। आत्मसमर्पण का कारण बताते हुए पोडियम लक्ष्मी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की बढ़ती कार्रवाई और नए पुलिस कैंपों की स्थापना से नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हो गई हैं तथा उनमें डर का माहौल बना है।
नक्सलियों के प्रति जनता का समर्थन लगातार कम हो रहा है। माओवादी विचारधारा पर विश्वास घटने और संगठन के सिद्धांतों से निराशा के कारण कई सदस्य संगठन छोड़ रहे हैं।छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लगातार हो रही मुठभेड़ों में कई वरिष्ठ माओवादी नेताओं के मारे जाने से संगठन कमजोर हुआ है। आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास योजनाओं, रोजगार के अवसर, विकास कार्य तथा आत्मसमर्पण करने वालों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, जमीन, नौकरी और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इस अवसर पर एएसपी (ऑपरेशन) पंकज मीणा, आईपीएस ने आत्मसमर्पण करने वाली महिला से कहा कि वह सरकार की पुनर्वास और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर सम्मानपूर्वक और शांतिपूर्ण जीवन जीएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पात्र सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी तथा सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने अन्य नक्सली सदस्यों से भी अपील की कि वे नजदीकी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करें या अपने परिवार के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें और सामान्य जीवन में लौटें। इस कार्यक्रम में बी. हेमंत, आईपीएस, एएसपी चिंतूर उप-विभाग, बी. अप्पालराजू, एसआई पुलिस, येतापाका थाना तथा 141 और 212 बटालियन के अधिकारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार के बीच सरकारी दफ्तरों में पसर गया है सन्नाटा
अर्जुन झा-
जगदलपुर ऐन सुशासन तिहार के बीच बस्तर जिले के बस्तानार ब्लॉक की लाड़ली “बिजली रानी” का शातिर अपराधी “तूफान सिंह” ने किडनैप कर लिया है। अचानक और लंबे समय तक बिजली रानी के गायब हो जाने से बास्तानार ब्लॉक के सात गांवों और सरकारी दफ्तरों में कोहराम मच गया है। बिजली के चले जाने से गम का आलम ऐसा है किअधिकारी कर्मचारी काम नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल बिजली रानी कोई युवती नहीं, बल्कि हम सबके जीवन का आधार बन चुकी बिजली यानि विद्युत है। वहीं तूफान सिंह कोई अपराधी तत्व नहीं, बल्कि वह प्राकृतिक हलचल है, जिसने लंबे समय से बस्तर जिले में लोगों को परेशान कर रखा है। आए दिन यहां आंधी तूफान और ओलावृष्टि के हालात बनते रहते हैं। हवा का हल्का झोंका आया नहीं कि बिजली रानी रूठ कर भाग जाती है और घंटों नहीं लौटती। लाइन मेंटेनेन्स के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने वाली विद्युत कंपनी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बार बार गुल हो जाने वाली बिजली सवाल भी खड़े कर जाती है। अभी सप्ताह भर से बस्तर जिले के बास्तानार विकासखंड के सात से अधिक गांवों की बिजली गुल है। ग्रामीणों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। वहीं जनपद कार्यालय, तहसील कार्यालय, खंड शिक्षा कार्यालय समेत तमाम सरकारी कार्यालयों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी में अधिकारियों और कर्मचारियों का बुरा हाल हो रहा है। पिछले शनिवार से गायब हुई बिजली का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।जानकारी के अनुसार, बिजली पिछले कुछ समय से बार-बार जाती रही है, लेकिन इस बार ऎसी गायब हुई कि हफ्ते भर बाद भी नहीं लौटी है।बिजली के बिना आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
7गांवों के ग्रामीण जुटे तलाश में
बिजली की तलाश में आसपास के सात गांवों के ग्रामीण लगातार जंगल, नदी किनारे और संभावित ठिकानों पर खोजबीन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले कभी इस तरह की घटना नहीं हुई, इसलिए लोग काफी चिंतित हैं। कई जगहों पर लोगों ने समूह बनाकर दिन-रात तलाश अभियान चलाया है।मगर न कहीं पोल गिरा नजर आया, न तार टूटा हुआ दिखा। बिजली के बिना ग्रामीण भले ही परेशान हैं, मगर बिजली को लेकर मजे भी ले रहे हैं
बिजली और तूफान का कनेक्शन
गांव में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि “तूफान” नाम का एक युवक पिछले कुछ दिनों से इलाके में देखा जा रहा था। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि दोनों के बीच करीबी संबंध थे और संभव है कि दोनों साथ फरार हो गए हों। हालांकि पुलिस यानि संबंधित विभाग विद्युत कंपनी ने अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रहे हैं।
जनपद दफ्तर का काम प्रभावित
बिजली के अचानक लापता होने से जनपद पंचायत का कामकाज भी प्रभावित हो गया है। कई जरूरी फाइलें और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य रुके हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के कई कार्यों में देरी हो रही है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल पूरे बस्तानार क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द से जल्द बिजली के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
बालोद जिले के बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जगतरा में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ गांव के एक कुएं में गिरा हुआ मिला। बताया जा रहा है कि पानी की तलाश में गांव पहुंचा तेंदुआ कुएं में गिर गया और करीब 6 घंटे तक कुएं के भीतर लगे मोटर पाइप के सहारे लटका रहा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे कुएं का मालिक पानी निकालने पहुंचा था।
इसी दौरान उसकी नजर कुएं के अंदर पड़े तेंदुए पर पड़ी। तेंदुआ पानी में भीगने और लंबे समय तक संघर्ष करने के कारण काफी थका हुआ नजर आ रहा था। वह किसी तरह मोटर पाइप को पकड़कर खुद को संभाले हुए था।घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू की तैयारी में जुट गई। वन विभाग द्वारा तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, तेंदुए की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोगों की भीड़ मौके पर पहुंचने लगी, जिसके चलते पुलिस द्वारा लोगों को कुएं से दूर रहने की समझाइश दी जा रही
जगदलपुर शहर में विकास कार्यों का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ,सासंद महेश कश्यप , महापौर संजय पांडे ने किया भूमिपूजन
दलपत सागर का विकास व सौंदर्यीकरण , मुक्तिघाम से समुंद चौक ,पंच पथ चौक से आमागुड़ा चौक तक मार्ग का होगा निर्माण
अधोसंरचना विकास से शहर के वार्डों में 36 विकास कार्यों का होगा भूमिपूजन
जगदलपुर। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार का दिन शहर में विकास की नई इबारत लिखने वाला रहा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव, सांसद महेश कश्यप एवं महापौर संजय पांडे ने 24 करोड़ 72 लाख 60 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया । इस व्यापक अभियान में शहर में ऐतिहासिक दलपत सागर का विकास व सौंदर्यीकरण,सड़क संपर्क व अधोसंरचना के विकास कार्यों का रहा। जो बस्तर के समग्र विकास के प्रति राज्य सरकार की संकल्प व प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नगर पालिक निगम क्षेत्र में बस्तर का ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर का विकास व सौंदर्यीकरण कार्य मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से जिसकी लागत 09 करोड़ 88 लाख 53 हजार रुपए से दलपत सागर का विकास व सौंदर्यीकरण कार्य किया जायेगा।
वहीं मुक्तिधाम से समुंद चौक से पावर हाऊस से पंच पथ चौक से आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य लागत 10 करोड़ 06 लाख रुपए से निमार्ण कार्य किया जायेगा। चित्रकोट मार्ग में पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य लागत 02 करोड़ 26 लाख रुपए से शिफ्टिंग का कार्य किया जायेगा। वहीं शहर में विभिन्न वार्डों सिविल लाइन वार्ड में 10 लाख से सीसी सड़क निर्माण,सदर वार्ड में 9.96 लाख से आरसीसी नाली निर्माण,प्रतापदेव वार्ड में 9.96 लाख नाली निर्माण,बालाजी वार्ड में 9.90 लाख नाली निर्माण, मोतीलाल नेहरू वार्ड में 9.94लाख सीसी सड़क, इंदिरा वार्ड में पुलिया निर्माण लागत 09.98 लाख रुपए,रमैया वार्ड में सड़क लागत 7.47 लाख,दलपत सागर में सीसी सड़क निर्माण 9.64 लाख, दीनदयाल उपाध्याय में 10 लाख रुपए, दंतेश्वरी वार्ड में लगभग 19 लाख रुपए से नाली निर्माण, राजेन्द्र प्रसाद वार्ड में 7.52 लाख रुपए से सीसी सड़क व पुलिया निर्माण, गंगा नगर वार्ड में लगभग 19.50 लाख रुपए से आरसीसी नाला निर्माण कार्य,जवाहर नगर में 8.26 से नाली निर्माण, शांति नगर में 4.03 लाख रुपए, स्वामी विवेकानंद वार्ड में 05 लाख रुपए से सड़क व नाली, अनुकूल देव वार्ड में 9.98लाख शेड व सड़क निर्माण,संजय गांधी वार्ड में 11 लाख रुपए से शेड निर्माण कार्य, गुरु गोविंद सिंह वार्ड में 13 लाख रुपए से नाली निर्माण, लोकमान्य तिलक वार्ड में 19.50 लाख रुपए से सीसी सड़क निर्माण कार्य, अब्दुल कलाम वार्ड में 9.15 लाख से नाली निर्माण, चंद्र शेखर आजाद वार्ड में 11 लाख से सड़क निर्माण,मदन मोहन मालवीय वार्ड में 6लाख से निमार्ण कार्य,महाराणा प्रताप में लगभग 21 लाख की लागत से नाली एवं सड़क निर्माण कार्य के विकास कार्यों का जिसका कुल लागत 24 करोड़ 72 लाख 60 हजार रुपए के कार्यो का विधिवत भूमिपूजन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव , सांसद महेश कश्यप एवं महापौर संजय पांडे व जनप्रतिनिधियों के द्वारा विधिवत किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नगर निगम में आज करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। जिसमें बस्तर के ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर का विकास व सौंदर्यीकरण कार्य किया जायेगा । बस्तरवासियों की दलपत सागर के सौंदर्यीकरण व विकास की मांग लगातार रही थी । जिसपर संज्ञान लेते हुए दलपत सागर के सौंदर्यीकरण के लिए नगरोत्थान योजना से विकास कार्य किया जायेगा। नगरोत्थान योजना से लागत 09 करोड़ 89 लाख रुपए से दलपत सागर को विकसित करने का कार्य किया जायेगा। दलपत सागर में को बाल, रिटर्निंग वाल,पेवर ब्लाक,चौपाटी निमार्ण,विद्युतीकरण , पार्किंग निर्माण एवं अन्य विकास कार्य किया जायेगा। साथ ही बहुप्रतीक्षित मांग मुक्तिधाम से समुंद चौक,पावर हाउस से पंच पथ चौक से आमागुड़ा चौक तक मार्ग का निर्माण व अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। देव ने कहा कि आज जिन सड़कों आधारशिला रखी गई है, वे महज निर्माण कार्य नहीं, बल्कि प्रगति के रास्ते हैं। देव ने कहा मुख्यमंत्री श्विष्णु देव साय जी एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी के नेतृत्व में हमारे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारी सुशासन की पहचान है। शहर के बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा । शहर में हमारे जनता के मांग के अनुरूप विकास कार्य किया जा रहा है।
जिससे प्राथमिकता के साथ सड़कों का लगातार निमार्ण कार्य किया जा रहा है । नगर निगम के विभिन्न वार्डों में अधोसंरचना विकास से 36 विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया गया। विकास कार्य से सड़क के निर्माण से जनता को आवागमन में सुविधा होगी। हमारा लक्ष्य है कि जगदलपुर शहर का कोई भी क्षेत्र का विकास में अधूरा ना रहे। विकास कार्य में राशि की कमी नहीं होगी। शहर में लगातार चौमुखी विकास कार्य हो रहे है । विकास अनवरत जारी रहेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी का सहृदय धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। वहीं सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य तेज गति के साथ हो रहे हैं। जनता के मांग के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं। जगदलपुर शहर की तस्वीर बदल रही है। हमारे सरकार के नेतृत्व में चौमुखी विकास कार्य हो रहे हैं। विकास अनवरत जारी रहेगा। वहीं महापौर श्री संजय पांडे ने कहा आज करोड़ों के विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया गया । दलपत सागर के विकास व सौंदर्यीकरण के लिए चौपाटी निर्माण, पार्किंग निर्माण, विद्युतीकरण,नाला ,को वाल,व अन्य विकास कार्यों को किया जायेगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव , सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में जगदलपुर में लगातार चौमुखी विकास कार्य हो रहे हैं। शहर के बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही। सभी निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा किया जाएगा। जगदलपुर की बहुप्रतीक्षित मांगो को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। ऐतिहासिक धरोहर दलपत सागर का विकास व सौंदर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया जल्द कार्य प्रारंभ किया जायेगा। वहीं अन्य विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया गया। इस दौरान जिला सहकारी बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा,निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन,एम आई सी सदस्य निर्मल पानीग्राही, सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह राणा,संजय विश्वकर्मा, लक्ष्मण झा,कलावती कसेर, श्वेता बधेल, त्रिवेणी रंधारी,पार्षद पारूल बोथरा,कुबेर देवांगन, गौतम पानीग्राही,आलोक अवस्थी, ,पीतामह नायक,जाहिद हुसैन, बंसती समरथ, संतोष गौर, श्याम सुंदर,दिलीप दास,नेहा धुव,हरिश पारेख,मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, रजनीश पानीग्राही,आर्येंद्र सिंह, आशुतोष पांडेय, राजेश श्रीवास्तव अलावा , जनप्रतिनिधि,वार्डवासी व पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित थे।
27 कार्य, 19 ठेकेदार, टेंडर खुलने से पहले ही पूरा खेल सेट
निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल, ठेकेदारों की सूची पहले से तैयार
जगदलपुर बस्तर संभाग की दंतेवाड़ा नगर पालिका में टेंडर प्रक्रिया को दरकिनार कर चहेते ठेकेदारों को करोड़ों के कार्य बांटने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद अब नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा में टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि टेंडर खुलने से पहले ही करोड़ों रुपए के कार्यों का बंटवारा तय कर लिया गया है। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका में करीब 27 विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी किया जाना है, जिसकी कुल लागत करीब 2 करोड़ रुपए है। टेंडर प्रक्रिया की आधिकारिक तिथि 9 मई 2026 निर्धारित है, लेकिन इससे पहले ही कथित तौर पर 19 ठेकेदारों की एक सूची तैयार कर ली गई है। बताया जा रहा है कि इन ठेकेदारों को पहले ही अलग-अलग काम सौंप दिए गए हैं और उन्हें उसी कार्य के लिए टेंडर भरने के निर्देश दिए गए हैं। जो ठेकेदार बच गए हैं उन्हें यह कहकर मना लिया गया है कि अगला काम उन्हें दिया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीपाल दास के निर्देश पर संचालित हो रहा है। बगैर टेंडर करोड़ों के कार्यों की बंदरबांट में पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष भी मुख्य रोल में हैं। सूत्रों की माने तो उपाध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने ही ठेकेदारों की सूची तैयार की है। यह लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है।
नियमों की खुली अनदेखी
सरकारी टेंडर प्रक्रिया का मूल उद्देश्य पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना होता है, ताकि सभी पात्र ठेकेदारों को समान अवसर मिल सके। लेकिन यदि टेंडर से पहले ही कामों का बंटवारा कर दिया जाए, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी पैदा करता है। दंतेवाड़ा नगर पालिका में पहले भी कई कार्य बगैर टेंडर के सेटिंग से किए जा चुके हैं। अर्थात काम पहले टेंडर बाद में। इतना ही नहीं कुछ काम तो बिना टेंडर के ही निपटाया जा रहा है। नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा में दिखावे के लिए टेंडर भी बनकर तैयार हो गया है, जिसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी पालदास के हस्ताक्षर भी चुके हैं। निविदा विज्ञापन में साफ देखा जा सकता है कि जिन कामों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं, उन्हें कामों के लिए ठेकेदारों की लिस्ट बनाई गई है और बकायदा रेवड़ी कल्चर के तहत ठेकेदारों को काम बांट दिया गया। मामले की शिकायत कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा तक भी पहुंच चुकी है अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में उच्चाधिकारी जिम्मेदारों पर क्या जांच करवाई करते हैं।
सल्फी की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाने पर कर रहे हैं काम
जगदलपुर बस्तर की पहचान मानी जाने वाली पारंपरिक पेय सल्फी को नई वैज्ञानिक सोच और आधुनिक प्रयोगों के माध्यम से स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में स्थापित करने की दिशा में युवा नवाचारक हर्षवर्धन वाजपेयी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” में उनके इस प्रयोग को विशेष सराहना मिली और उन्हें “न्यू इनोवेशन अवार्ड” में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।हर्षवर्धन “बस्तर इंडिजीनियस नेक्टर एग्रीकल्चर्स” के माध्यम से सल्फी पेय की सेल्फ लाइफ बढ़ाने पर कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य सल्फी के प्राकृतिक स्वाद और पोषक गुणों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है, ताकि यह केवल पारंपरिक पेय तक सीमित न रहकर स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक ड्रिंक के रूप में भी पहचान बना सके। उन्होंने बताया कि सल्फी का रस पेड़ से निकालने के कुछ समय बाद ही प्राकृतिक रूप से किण्वित होने लगता है, जिससे यह हल्का मादक पेय बन जाता है। यही कारण है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण रहता है। हर्षवर्धन ने अपने प्रयोगों के माध्यम से इस फरमेंटेशन प्रक्रिया की अवधि को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है, जिससे सल्फी की मूल गुणवत्ता और स्वाद को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
बस्तर की संस्कृति से जुड़ी है सल्फी
सल्फी बस्तर की आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इसे स्थानीय लोग “बस्तर बीयर” के नाम से भी जानते हैं। यह ताड़ प्रजाति के पेड़ से निकलने वाला मीठा रस है। ताजा सल्फी का स्वाद नारियल पानी की तरह मीठा और ताजगीभरा होता है, लेकिन कुछ घंटों बाद इसमें प्राकृतिक खमीर बनने लगता है, जिससे यह हल्का नशीला हो जाता है। ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में सल्फी का सामाजिक और सांस्कृतिक तौर पर विशेष महत्व है। विवाह, पारंपरिक उत्सव और सामाजिक आयोजनों में इसे प्रमुखता से परोसा जाता है। कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका भी सल्फी पर निर्भर है। स्थानीय लोग इसे पेट संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी भी मानते हैं।
जीआई टैग दिलाने का सपना
हर्षवर्धन का सपना है कि बस्तर की इस पारंपरिक पेय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले। वे चाहते हैं कि सल्फी को स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक पेय के रूप में प्रचारित किया जाए और भविष्य में इसे बस्तर के लिए जीआई टैग भी प्राप्त हो। उनका मानना है कि यदि सल्फी की गुणवत्ता और उपयोगिता को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए, तो यह बस्तर के आदिवासी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।
दल्लीराजहरा :- दल्लीराजहरा लोडिंग क्वाटर वार्ड 13 निवासी डोमेन्द्र कुमार साहू जो कि (मूक बधिर) युवक 29 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11 बजे अपने घर से बिना बताए घर से निकला है जो कि यह लकड़ा दल्लीराजहरा थाना के अंर्तगत आता है युवक डोमेन्द्र कुमार साहू बोलने में व सुनने असमर्थ भी है, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। ऐसे मैं परिवार के द्वारा खोजबीन के दौरान पता चला है कि उसे दुर्ग रेलवे स्टेशन पर उतरते हुवा गया था, परन्तु ऐसे मैं अभी तक बालक का पता नही चल पाया है, ऐसे मैं इस डोमेन्द्र कुमार साहू (बालक) की सूचना व मिलाने वाले को 5000 की नगद राशी परिवाजन के द्वारा दिया जाएगा। ऐसे में दल्लीराजहरा पुलिस थाने में भी गुमशुदगी पंजीयन क्रमांक 0015/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया गया।*मूक बधिर बालक की जानकारी*नाम – डोमेन्द्र कुमार साहूपिता – संतोष कुमार साहूउम्र – 19 वर्षीयरंग – सांवला/गेंहुआकद – लगभग 170 सेमीपहनावा – नीला टी-शर्ट और काला लोअर (पेन्ट) पहना हुवा है। लापता होते समयमोबाइल नंबर – 9109362007, 7869157081