City Media - Page 307 of 1848 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 307

ओबीसी विरोधी है भाजपा का चरित्र, पूरे प्रदेश में साजिश के तहत कम कर दिया गया ओबीसी आरक्षण: दीपक बैज

0
  •  पत्रकार वार्ता में साय सरकार पर बरसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 

जगदलपुर राजीव भवन जगदलपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रवार्ता ली। ओबीसी आरक्षण को लेकर साय सरकार पर दीपक बैज जमकर बरसे। उन्होंने आरोप लगाया कि सोची समझी साजिश के तहत भाजपा सरकार ने पंचायत एवं नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को घटा दिया है।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन एवं शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की उपस्थिति में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा की बखिया उधेड़ी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण प्रावधानों किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के चलते अधिकांश जिला और जनपद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है। प्रदेश की 16 जिला पंचायतों और 85 जनपदों में जहां पहले 25 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हुआ करती थी, अब अनुसूचित क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण लगभग खत्म हो गया है। पूर्व में ओबीसी के लिए आरक्षित ये सभी सीटें अब सामान्य घोषित हो चुकी हैं। साय सरकार द्वारा आरक्षण प्रक्रिया के नियमों में किए गए दुर्भावना पूर्वक संशोधन के बाद अनुसूचित जिलों और ब्लॉकों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और पंचों का जो भी पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, वह अब सामान्य घोषित हो गए हैं।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग में आरक्षित वर्ग का बड़ा नुकसान किया गया है। सरगुजा संभाग के पांच जिले अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ, चिरमिरी, भरतपुर सोनहत, बस्तर के 7 जिले बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर सहित मानपुर मोहला, जशपुर, गैरोला पेंड्रा मरवाही, और कोरबा जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं है। इस सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण के प्रावधानों में जो षडयंत्र पूर्वक ओबीसी विरोधी परिवर्तन किया गया है, उसके परिणाम सामने हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए जिला पंचायत, जनपद पंचायत, सरपंच और पंचों के आरक्षण में ओबीसी के अधिकारों में बड़ी डकैती इस सरकार ने की है। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में रायपुर जिला पंचायत में 16 क्षेत्रों में से केवल 4 ओबीसी के लिए आरक्षित है। बिलासपुर जिले में सदस्यों के 17 में से केवल एक क्षेत्र क्रमांक 1 में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। ओबीसी पुरुष के लिए 17 में से एक भी सीट आरक्षित नहीं है। इसी तरह बिलासपुर जिले के चार जनपद पंचायत में दो जनपद पंचायत अध्यक्ष के पद अनुसूचित जाति महिला, एक अनारक्षित महिला और एक जनपद अध्यक्ष का पद अनारक्षित मुक्त रखा गया है। ओबीसी के लिए बिलासपुर जिले के अंतर्गत चार जनपद पंचायतों में से एक भी जनपद पंचायत अध्यक्ष का पद ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं है। दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार की बदनीयती के चलते अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में आरक्षण के संदर्भ में साय सरकार ने जो दुर्भावना पूर्वक संशोधन किया है वह ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय है, अत्याचार है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में ओबीसी वर्ग के लिए कुछ बचा ही नहीं जबकि यहां बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग की है, भाजपा सरकार ने दुर्भावना पूर्वक संशोधन करके पिछड़ा वर्ग के प्रतिभागियों के अधिकार को कुचल दिया है। प्रेसवार्ता में नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स, सुभाष गुलाटी, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, महिला कांग्रेस शहर लता निषाद, चंपा ठाकुर, महामंत्री जाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, जावेद खान, अनुराग महतो, युकां अध्यक्ष अजय बिसाई, संदीप दास, रविशंकर तिवारी, पार्षद कोमल सेना, ललिता राव, उस्मान रजा, एस नीला , शादाब अहमद, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

कवासी के परिजनों के पास आय से अधिक संपत्ति; ईडी ने उठाए सवाल

0
  • पत्नी और बेटी की संपत्ति में हुई बढ़ोत्तरी पर सवाल

जगदलपुर 2 हजार करोड़ के शराब घोटाले में फंसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके पुत्र हरीश लखमा से ईडी ने गुरुवार को दूसरी बार पूछताछ की। ईडी ने कवासी लखमा और उनके परिवार की संपत्ति की डिटेल जानकारी ली।

आबकारी अधिकारियों से उनकों की जाने वाली फंडिंग और फोन से मिले कुछ जानकारियों के बारे में पूछा। ईडी ने चार बिंदुओं पर कवासी लखमा और उनके पुत्र हरीश कवासी से उनकी और पत्नी की संपत्ति के बारे में सवाल कर 9 घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि 2000 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व आबाकरी मंत्री कवासी लखमा और उनके पुत्र को फिर से ईडी ने तलब किया था। पिछली बार की पूछताछ में ईडी ने उनकी पत्नी और पुत्री की संपंत्ति की पूरी जाानकारी मंगाई थी। गुरुवार को पूछताछ के दौरान उनसे यह पूछा गया कि उनकी बेटी और पत्नी की संपत्ति में अचानक वृद्धि कैसे हो गई? वहीं आबकारी विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी से उनके संबंधों पर भी सवाल किए गए गए। बताया गया है कि इसके अलावा विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, नकदी और डिजिटल डिवाइस को लेकर भी सवाल किए गए।

सभी सवालों के जवाब दिए

ईडी दफ्तर के बाहर आए पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों के पूछे सभी सवालों के जवाब दिए हैं। साथ ही ईडी की तरफ से मांगे गए सभी डाक्यूमेंट उन्हें सौंप दिए हैं। मुझसे जो कागज मांगे गए थे वो मैंने जमा किए हैं। वहां कुछ बाते सभी ने पूछी जिनका मैंने जवाब दिया। मैंने मेरा, मेरी बेटी और पत्नी, बेटे और बहू की संपत्ति का ब्यौरा दे दिया है।

ग्राम गुजरा में निको माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आज स्वास्थ्य शिविर का किया गया आयोजन

0

कुसुमकसा मण्डल के ग्राम गुजरा मे निको माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा आज स्वास्थ्य शिविर का आयोजन ग्राम गुजरा मे किया गया जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा (गाँधी ) निको माइनिंग के जनरल मैनेजर ललित सर मण्डल के पूर्व उपाध्यक्ष हितेश साहू ग्राम पंचायत के सरपंच पटेल पंच गण उपस्थित रहे गॉव मे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए निको माइनिंग लगातार गॉव गॉव मे शिविर के माध्यम से लोगो मे जागरूकता दिला रही हैँ इस कार्यक्रम को सुचारु रूप से चलाने के लिए निको माइनिंग के द्वारा कुशल ठाकुर को जवाबदारी दिया गया मण्डल अध्यक्ष ने गाँधी सिन्हा ने निको माइनिंग को इस जनकल्याण कार्यक्रम कराने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद दिया।

 

13 लाख रूपये के ईनामी नक्सली समेत 13 नक्सलियों ने किया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण

0
  •  उदय, कटकम सुदर्शन के गनमैन और एमपी गोंदिया डिवीजन के नक्सली दंपत्ति ने भी किया समर्पण 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में एकसाथ 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 13 लाख का एक ईनामी नक्सली और महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में सक्रिय रहे नक्सली दंपत्ति भी शामिल हैं।

बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ, कोबरा व सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों से तथा छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर पश्चिम बस्तर डिवीजन अंतर्गत एसीएम, एओबी के कटाम एरिया कमेटी सदस्य, पीपीसीएम, गोंदिया डिवीजन के सदस्य एवं पामेड़ एरिया कमेटी सदस्यों सहित 13 नक्सलियों ने 9 जनवरी को पुलिस उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ बीजापुर देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विजय कुमार पाण्डे, कमांडेंट 202 कोबरा अमित कुमार, कमांडेंट 204 कोबरा संतोष कुमार मल्ल, कमाडेंट 205 कोबरा नरेश पवार, कमांडेंट 208 कोबरा शशिभूषण, कमांडेंट 210 कोबरा अशोक कुमार, कमांडेंट 85वीं बटालियन सीआरपीएफ सुनील कुमार राही, कमांडेंट 222 बटालियन सीआरपीएफ विजेंद्र सिंह, कमांडेंट 199 बटालियन सीआरपीएफ आनंद कुमार, कमांडेंट 151 बटालियन सीआरपीएफ राजीव कुमार, कमांडेंट 228 बटालियन सीआरपीएफ लतीफ कुमार साहू, कमांडेंट 196 बटालियन सीआरपीएफ कुमार मनीष, कमांडेंट 170 बटालियन सीआरपीएफ सरकार राजा रमन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स मयंक गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स यूलैंडन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार एवं उप पुलिस अधीक्षक डीआरजी विनीत साहू के समक्ष माओवादियो की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर एवं छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मुन्ना ककेम एसीएम एरिया कमेटी सदस्य, ईनाम 5 लाख रूपए, सुखराम हेमला पीपीसीएम प्लाटून नंबर 10 सेक्शन ए कमांडर ईनाम 5 लाख रूपए, देवे मड़कम ऊर्फ चांदनी मलाजखंड एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, ईनाम 1 लाख रूपए, नंदू अवलम ऊर्फ दुर्गेश गोंदिया डिवीजन सदस्य ईनाम 1 लाख रूपए, भीमा वेको पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख रूपए, बिच्चेम मुड़मा सीएनएम सदस्य, लालू माड़वी ऊर्फ गोटा आरपीसी मिलिशिया सदस्य, देवे मड़कम ऊर्फ जानकी, समैया सुन्नम आरपीसी, भीमा नुपो काउरगुट्टा आरपीसी सदस्य, कोसा मड़कम पिता हिड़मा मड़कम मिलिशिया कमांडर, बुधू मड़कम पिता हड़मा मड़कम काउरगुट्टा, काउरगुटटा संघम सदस्य, पोज्जे नुपो पति जोगा नुपो काउरगुट्टा जीरापारा कोमटपल्ली आरपीसी सदस्य शामिल हैं। सरेंडर करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रूपए की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

शिरोमणि माथुर बन गईं साहित्य की शिरोमणि

0
  •  राजहरा की साहित्यकार को दैनिक भास्कर का प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया अवार्ड 

नई दिल्ली छत्तीसगढ़ की खनिज नगरी दल्ली राजहरा निवासी वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती शिरोमणि माथुर साहित्य जगत की शिरोमणि बन गईं हैं। उन्हें दैनिक भास्कर के प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया अवार्ड 2024-25 सम्मान समारोह में प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया अवार्ड से नवाजा गया है। श्रीमती माथुर को यह अवार्ड केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के हाथों प्रदान किया गया।

शुरू से ही लेखन व साहित्य के क्षेत्र में विशेष रुचि रखने वाली समाज सेविका शिरोमणि माथुर विगत कई वर्षों से साहित्य साधना करती आ रही हैं। वे सम सामयिक विषयों पर विशेष रचनाओं का सृजन करती हैं इसके अलावा क्षेत्र व दल्ली राजहरा की समस्याओं के साथ-साथ शुरुआत से लेकर अब तक की विकास यात्रा का जीवंत चित्रण उनके विशेष लेखो में झलकता है। शिरोमणि माथुर के साहित्य व कविताओं में यथार्थ का चित्रण विशेष रूप से देखने को मिलता है। समाज सेवा व लोकसेवा के क्षेत्र में विगत कई वर्षों से कार्य करते हुए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष सेवाएं पूर्व में प्रदान की हैं।विगत कई वर्षों से अनेक पुरस्कार व सम्मान प्राप्त करने वाली क्षेत्र की समाज सेविका शिरोमणि माथुर को समाज सेवा शिक्षा व लोक सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए 8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा दैनिक भास्कर के प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया अवार्ड 2024- 25 से नवाजा गया। इस अवसर पर दैनिक भास्कर मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ हेड पवन अग्रवाल, खो खो संघ के जिला अध्यक्ष आशुतोष माथुर विशेष रूप से उपस्थित थे। इस सम्मान से पूरे प्रदेश सहित दल्ली राजहरा विशेष रूप गौरवान्वित हुआ है। श्रीमती माथुर के नई दिल्ली में सम्मानित होने तथा उनकी इस उपलब्धि पर नगरवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

11 लाख के गांजा और चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार

0

ओड़िशा के कोरापुट का निवासी है ड्रग तस्कर 

जगदलपुर पुलिस ने चरस और गांजा की तस्करी करने वाले पर ओड़िशा के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से दो किलो चरस और 10 किलो गांजा बरामद किया गया है। जप्त गांजा और चरस की कीमत 11 लाख रुपए आंकी गई है।

जगदलपुर की बोधघाट थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति काले रंग का हुडी पहने हुए काफी देर से रेलवे स्टेशन में अकेला बैठा है। इस व्यक्ति के पास रखी प्लास्टिक की बोरी से गांजा की गंध आ रही है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बोधघाट लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर रवाना की गई। इस टीम ने रेलवे स्टेशन जगदलपुर की घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति रामा पांगी पिता मोहन पांगी, उम्र 42,साल निवासी अनुगूगुड़ा, कोरापुट उड़ीसा के पास रखी प्लास्टिक की बोरी से लगभग 2 किलोग्राम गांजा तेल चरस तथा 10 किलोग्राम ग्राम गांजा बरामद किया गया। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत अवैध मादक पदार्थ 2 किलोग्राम गांजा तेल चरस तथा 10 किलोग्राम गांजा को जप्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। आरोपी को पकड़ने में निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक अरुण मरकाम,

सहायक उप निरीक्षक सुजाता नायडू, प्रधान आरक्षक नितेश मेश्राम, व्यास नारायण ठाकुर, आरक्षक भैरव सिन्हा, नारायण कलामे व गुप्तेश्वर कश्यप की अहम भूमिका रही।

48 घंटे बाद मिला शहीद वाहन चालक तुलेश्वर राणा के शरीर का हिस्सा

0
  •  परिजनों को सौंपा गया चालक के अंग का हिस्सा 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सली ब्लास्ट में शहीद हुए वाहन चालक तुलेश्वर राणा के शरीर का एक हिस्सा 48 घंटे बाद मिला है।

3 जनवरी को नक्सल विरोधी सर्च अभियान पर निकले चार जिलों के डीआरजी के साथ एसटीएफ की संयुक्त पार्टी दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र में रवाना हुई थी। 6 जनवरी को गश्त सर्चिंग से वापसी के दौरान नक्सलियों द्वारा डीआरजी दंतेवाड़ा के एक चारपहिया वाहन को आईईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया गया था। इस वारदात में डीआरजी दंतेवाड़ा के 8 जवान और एक सिविलियन ड्राइवर तुलेश्वर राणा शहीद हो गए थे। आईईडी ब्लास्ट इतना भीषण था कि उसकी जद में आए सभी शहीद जवानों के शरीर क्षत विक्षत हो गए थे। 6 जनवरी को बीजापुर जिले में हुए इस आईडी विस्फोट की घटना में शहीद 08 जवानों एवं वाहन चालक के पार्थिव शरीरों को 7 जनवरी को जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में अंतिम सलामी देकर ससम्मान विदाई दी गई। तीन दिनों से घटना स्थल के आस पास सुरक्षा बलों एवं गोताखोर टीम द्वारा गहन सर्चिंग अभियान जारी था। सर्चिंग के दौरान कल दिनांक 8जनवरी को डीआरजी बल को सिविलियन ड्राइवर तुलेश्वर राणा के पार्थिव शरीर का एक और अवशेष अंबेली नाला में मिला जिसे विधिक तथा फॉरेंसिक कार्यवाही पूरी करने के पश्चात धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार आज 9 जनवरी को परिजनों के सुपुर्द किया गया। घटना स्थल को सुरक्षित रखते हुए, घटना स्थल से समस्त भौतिक साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है।

अभाविप 57वें प्रादेशिक अधिवेशन राजनांदगांव में बस्तर विभाग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं

0
  • शैलेष ध्रुव बनाए गए बस्तर विभाग संयोजक
  •  गौरव भवानी बस्तर जिला संयोजक नियुक्त
  •  प्रांत जनजातीय कार्य सह प्रमुख बने विकास कोड़े 

जगदलपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 57वां प्रादेशिक अधिवेशन राजनांदगांव में हुआ। इसमें बस्तर के लिए कई घोषणाएं की गईं।

उद्घाटन सत्र में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि अनेक मुख्यमंत्री विधायक, सांसद यहां तक कि देश के राष्ट्रपति वैंकया नायडू जैसे व्यक्तित्व के धनी राजनेताओं को विद्यार्थी परिषद ने अपने मेहनत से सींचा है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता आज देशभर में अनेक क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं। बस्तर विभाग से लगभग 80 प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में भाग लिया।छत्तीसगढ़ का लघु दर्शन शोभायात्रा के माध्यम से पूरे राजनांदगांव शहर में कराया गया। प्रदेश मंत्री श्री यज्ञदत्त वर्मा ने सालभर के कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य शैलेष ध्रुव ने बताया कि

अधिवेशन में विद्यार्थी परिषद के इतिहास विकास, सैद्धांतिक, कार्यपद्धति व सक्षम इकाई जैसे विषयों पर चर्चा की गई। परिषद के आयाम, गतिविधियों, कार्यों, जनजातीय कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र का अधिकार है कि वह अपने व्यक्तित्व का विकास कर बेहतर रोजगार प्राप्त करने के लिए सरकार के सभी शैक्षणिक संसाधनों का उपभोग करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद में नेताओं को नहीं महापुरुषों को आदर्श माना जाता है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता परिसरों में विभिन्न मुद्दों पर लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन कर अपनी समस्याओं को उचित मंच अथवा स्थान तक पहुंचाते हैं। अधिवेशन में इसके अतिरिक्त विकास कोड़े को प्रांत जनजातीय कार्य सह प्रमुख, कमला मौर्य को बस्तर विभाग छात्रा प्रमुख, प्रदेश कार्य समिति सदस्य, अश्विन पिल्ले, गजेंद्र बिसाई, करण बघेल,भूमिका मौर्य, प्रशांत लाठिया, विराज नक्का, निशा बघेल, प्रशांत गुरला, ललिता यादव, देवेंद्र पोडियम को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।

फिर ईडी दफ्तर में बेटे के साथ पेश हुए कवासी लखमा

0

जगदलपुर दो हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में फंसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी बुधवार को फिर ईडी दफ्तर में पेश हुए हैं। आज पिता पुत्र से पूछताछ के बाद ईडी बड़ा खुलासा भी करने वाला है।

सूत्रों के अनुसार सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू और सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी की करोड़ों की संपति तेलंगाना और जगदलपुर में है। इन संपत्तियों की देखरेख उनके खासम खास लोग करते हैं। ईडी द्वारा इस पर भी विशेष जांच की जा रही है। इधर ईडी के अधिकारी दोनों पिता पुत्र से आज भी लंबी पूछताछ करेंगे। ईडी ऑफिस के अंदर जाने से पहले हरीश कवासी ने मीडिया से कहा कि ईडी अपना काम कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ईडी के अधिकारियों ने 3 जनवरी को दोनों से 8 घंटे तक पूछताछ की थी। कहा जा रहा है कि आज की पूछताछ के बाद ईडी बड़ा खुलासा कर सकता है।

पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मास्टर माइंड सुरेश सहित चारों आरोपी भेजे गए जेल

0
  •  सुरेश चंद्राकर के अड्डे पर बिठाया पुलिस का पहरा
  •  एसआईटी के अफसर जुटे मौके की छानबीन में
  •  फिर तोड़ा गया सैप्टिक टैंक, नहीं मिला मुकेश का मोबाईल‌ फोन 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर में घटित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मास्टर माइंड ठेकेदार सुरेश चंद्राकर समेत चारों आरोपियों को बीजापुर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से चारो आरोपियों को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वही आज मुकेश हत्याकांड में जांच पड़ताल कर रही एसआईटी के अफसरों ने वारदात स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।

सोमवार को मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर व महेंद्र रामटेके को बीजापुर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने सुरेश सहित चारों आरोपियों को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों पर हत्या व हत्या में सहभागिता की बीएनएस की धारा 103(1),238 (क),34, 61(2)(क),3(5) ओर 120(बी) लगाई गई है। अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख दी गई है। इधर एसआईटी की टीम जांच पड़ताल करने सोमवार को क्राइम लोकेशन पर पहुंची। टीम ने स्पॉट पर पहुंचकर हर एंगल से जांच पड़ताल की। टीम ने कुछ साक्ष्य व मुकेश का मोबाईल ढूढने उस सैप्टिक टैंक को भी तुड़वाया जहां से मुकेश का शव बरामद किया गया था। लेकिन वहां से मोबाईल नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के जिस बाड़े में मुकेश की हत्या की गई। उस बाड़े में 17 कमरे बने हुए हैं। जिसमें 11 नंबर के कमरे में मुकेश की हत्या कर शव को सैप्टिक टैंक में डाल दिया गया था। अभी पुलिस ने 11 नंबर के कमरे को सील कर दिया गया है और वहां एक बख्तरबंद गाड़ी के साथ सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

MOST POPULAR

HOT NEWS