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सुरक्षा बलों मिला नक्सलियों के सामानों का जखीरा

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  • सूचना पर निकले थे जवान, डंप सामग्री बरामद 

जगदलपुर सुरक्षा बलों को बस्तर संभाग के सुकमा जिले के दंतेशपुरम इलाके में नक्सलियों के सामानों का जखीरा मिला है। हालांकि जवानों को देख नक्सली भाग खड़े हुए।

सुकमा जिले के भेजी थाना़ क्षेत्र के दंतेशपुरम गांव में कोंटा एरिया कमेटी के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद डीआरजी व बस्तर फाईटर के जवान आपरेशन के लिए निकले थे। जवानों को देख नक्सली भाग गए और मौके से टीवी, भरमार बंदूक समेत नक्सलियों द्वारा डंप की गई सामग्री बरामद हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भेजी थानाक्षेत्र के दंतेशपुरम इलाके में लगातार नक्सलियों के होने की सूचनाएं मिल रही थी। जिसके बाद बीती रात डीआरजी व बस्तर फाईटर के जवानों को दंतेशपुरम, भंडारपदर व नागाराम इलाके में आपरेशन हेतु रवाना किया गया। सुबह लगभग 8 बजे दंतेशपुरम के जंगलों में जवानों की हलचल देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग निकले। उसके बाद जब जवानों ने आसपास इलाके की सर्चिग की तो मौके से नक्सल सामग्री बरामद हुई। उसके बाद जवान वापस सकुशल कैंप लौट आए।

ये सामग्रियां हुईं बरामद

घटना स्थल से सर्चिग के दौरान एक भरमार बंदूक, टीवी, टिफन बम, प्रेशर आईईडी, सिरिंज, ढफली, ढोलक, बम फटाका, मोबाइल चार्जर, बैटरी पिन, नक्सली बैनर, नक्सली साहित्य व दवाईयां बरामद हुईं।

डीएमएफ नीति में साफ झलक रहा निजीकरण का षडयंत्र, कांग्रेस करेगी पुरजोर विरोध: सुशील मौर्य

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  • बस्तरिया भावना के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं मोदी
  • डीएमएफ नीति पर सीएम, सांसद, भाजपा अध्यक्ष मंत्री मौन क्यों

जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लोग फूट डालो और राज करो की नीति के प्रचारक हैं। इसी नीति के तहत बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों में फूट डालने का काम किया जा रहा है।

यहां पत्रकार वार्ता में सुशील मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तारिया भावना के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं। उन्होंने सवाल उठाय कि डीएमएफ 2024 नीति पर क्यों मौन हैं मुख्य्मंत्री? बस्तर सांसद महेश कश्यप और भोजराज नाग, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा विधायक जगदलपुर किरण देव, मंत्री केदार कश्यप और बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष लता उसेंडी भी क्यों कुछ बोल नहीं रहे हैं?मौर्य ने कहा कि डीएमएफ नीति में निजीकरण का षडयंत्र साफ दिख रहा है। डीएमएफ नीति से 25 किलोमीटर के दायरे में खर्च का प्रावधान पूरी तरह राज्यों की संघीय प्रणाली पर प्रहार हैं। जिससे भविष्य में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ती जाएगी। यह की भारत के गणतंत्र के हित में कतय नहीं है। डीएमएफ की राशि संबधित जिलों में खर्च के बाद केंद्र सरकार के खातों में ही रहेगी इस फंड कर ट्रांसफर किसी भी परिस्थिति में राज्य कोष मुख्य्मंत्री राहत कोष या राज्य के किसी भी अन्य कोष में हस्तांतरित नहीं होगी। नई डीएमएफ नीति किसके दबाव में बनाई गई है या नीति में संशोधन किया गया है, इन तमाम तथ्यों को केंद्र सरकार सार्वजनिक करे। डीएमएफ राशि ख़र्च का प्रवधान केंद्र सरकार ही तय करेगी, तो फिर राज्य माइनिंग का खनिज न्यास निधि बनाने का कोई औचित्य नजर नहीं आता है। ये भारत गण राज्य के संघिय व्यवस्था या ढाचे पर बड़ा प्रहार हैं क्या राज्य सरकारें खनन के लिए और खनन की सुरक्षा की ही जिम्मेदारी ही के लिए राज्य सरकारे बनी हैं क्या।नए डीएमएफ नीति पर तत्काल छत्तीसगढ़ के मुख्य्मंत्री को बात करनी चाहिए और सहमति न बन पाने पर राष्ट्रपति से भेंट कर इस विषय पर अपना विरोध दर्ज करा ना चाहिए साथ ही सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी चाहिए। सुशील मौर्य ने कहा कि अगर डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के मुखिया, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, मंत्री केदार कश्यप बस्तर सांसद महेश कश्यप नरेंद्र मोदी से बात नहीं कर पा रहें हैं, उनके सामने अपनी बात नहीं रख पा रहें हैं तो उन्हें तत्काल बस्तर के सभी जिलों का एकीकरण करते सिर्फ एक बस्तर जिला घोषित करवा देना चाहिए। इस दौरान नगर निगम में उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, पार्षद सूर्या पानी, ब्लॉक अध्यक्ष सहदेव नाग, महामंत्री ज़ाहिद हुसैन, निकेत झा,शादाब अहमद, युंका अध्यक्ष अजय बिसाई, उस्मान रज़ा, विशाल खंबारी आदि मौजूद रहे।

सुरक्षा बलों मिला नक्सलियों के सामानों का जखीरा

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  • सूचना पर निकले थे जवान, डंप सामग्री बरामद 

जगदलपुर सुरक्षा बलों को बस्तर संभाग के सुकमा जिले के दंतेशपुरम इलाके में नक्सलियों के सामानों का जखीरा मिला है। हालांकि जवानों को देख नक्सली भाग खड़े हुए।

सुकमा जिले के भेजी थाना़ क्षेत्र के दंतेशपुरम गांव में कोंटा एरिया कमेटी के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद डीआरजी व बस्तर फाईटर के जवान आपरेशन के लिए निकले थे। जवानों को देख नक्सली भाग गए और मौके से टीवी, भरमार बंदूक समेत नक्सलियों द्वारा डंप की गई सामग्री बरामद हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भेजी थानाक्षेत्र के दंतेशपुरम इलाके में लगातार नक्सलियों के होने की सूचनाएं मिल रही थी। जिसके बाद बीती रात डीआरजी व बस्तर फाईटर के जवानों को दंतेशपुरम, भंडारपदर व नागाराम इलाके में आपरेशन हेतु रवाना किया गया। सुबह लगभग 8 बजे दंतेशपुरम के जंगलों में जवानों की हलचल देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग निकले। उसके बाद जब जवानों ने आसपास इलाके की सर्चिग की तो मौके से नक्सल सामग्री बरामद हुई। उसके बाद जवान वापस सकुशल कैंप लौट आए।

 

ये सामग्रियां हुईं बरामद

घटना स्थल से सर्चिग के दौरान एक भरमार बंदूक, टीवी, टिफन बम, प्रेशर आईईडी, सिरिंज, ढफली, ढोलक, बम फटाका, मोबाइल चार्जर, बैटरी पिन, नक्सली बैनर, नक्सली साहित्य व दवाईयां बरामद हुईं।

वन अधिकारियों ने गांवों में चलाया स्वच्छता अभियान

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  • सार्वजनिक स्थानों और तालाबों में की सफाई 

बकावंड सामान्य वन मंडल के वन परिक्षेत्र अधिकारी बकावंड बीडी मानिकपुरी और सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार काछी बकावंडने स्टॉफ के साथ स्वच्छता ही सेवा कैंपेन के तहत विभिन्न गांवों में आद्र भूमि स्वच्छता अभियान चलाया।

रेंजर  मानिकपुरी और डिप्टी रेंजर काछी तथा समस्त वन कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत तारापुर, टलनार और नारमुंडा में स्वछता अभियान चलाया। इस अभियान में तीनों ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने भी स्वच्छता अभियान में हाथ बटाया। तारापुर टलनार, पाईकपाल गांवों में सवच्छता अभियान के दौरान मंगल साय पुजारी, गंगाराम कश्यप आयतु राम भारती, ईश्वर पटेल, बालक दास जंगल समिति के अध्यक्ष नंदोराम नाग, सिरधर सिन्हा, मिनोराम पटेल, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर वन परिक्षेत्र अधिकारी बीडी मानिकपुरी और सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार काछी ने सार्वजनिक स्थानों, तालाबों आदि की सफाई की। वहां बिखरे पड़े झिल्ली पन्नी व कचरों को बोरियों में भरकर सुरक्षित स्थानों में नष्ट किया। इस दौरान श्री मानिकपुरी और काछी ने ग्रामीणों को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने, अपने घरों व आसपास की हमेशा सफाई करते रहने तथा खुले में शौच न करने की सलाह दी।

रणबांकुरों की धरा राजस्थान में बस्तर के दिव्यांग बच्चे दिखाएंगे टैलेंट

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  •  सक्षम विद्यालय जावंगा के 47 दिव्यांग बच्चे रवाना 

जगदलपुर बस्तर संभाग के नक्सलगढ़ के नाम से चर्चित दंतेवाड़ा जिले के बच्चे बेहतर प्लेटफार्म के मिलते ही अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धियां हासिल करने लगे हैं। इसी क्रम में अब जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित सक्षम आवासीय परिसर के 47 बच्चे राजस्थान के बिकानेर में अपना कौशल दिखाने रवाना हुए हैं। वे वहां कौशल विकास, घुड़सवारी व टैलेंट शो में भाग लेंगे।

दंतेवाड़ा जिले की एजुकेशन सिटी जावंगा में दिव्यांग बच्चों के लिए बाधा रहित आवासीय परिसर का निर्माण 9 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया था। इसी बाधारहित आवासीय विद्यालय के 30 बालक व 17 बालिकाओं सहित कुल 47 छात्र -छात्राओं का दल महावीर इंटर कांटीनेंटल सर्विस ऑर्गनाइजेशन द्वारा राजस्थान के बिकानेर में आयोजित 23 वें स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेगा। इन बच्चों के साथ 12 शिक्षक- शिक्षिकाएं व ट्रेनर भी शामिल होंगे। इस अवसर पर चयनित छात्र छात्राओं को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शुभकामनाएं देते हुए इनके वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सैन्य कार्यक्रम में घुड़सवारी

इसके अलावा सक्षम संस्था के ही 7 छात्र आगामी 5 व 6 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में भारतीय सेना के कार्यक्रम में घुड़सवारी कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस संस्था की अन्य उपलब्धि के तहत जम्मू कश्मीर राज्य में आयोजित दिव्यांग बच्चों के लिए राष्ट्रीय टैलेंट शो ’हम भी किसी से कम नहीं,’ में भी सक्षम के दृष्टिबाधित छात्र मास्टर अंजन का गायन में व सीमा, सिमरन, महिमा व पूनम का चयन नृत्य विधा में हुआ है। इन बच्चों की रवानगी के दौरान उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी एसके अम्बस्ता, बालक छात्रावास अधीक्षक प्रमोद कर्मा, बालिका छात्रावास अधीक्षिका रमा कर्मा, डीएमसी, बीईओ, एबीईओ, संकुल समन्वयक उपस्थित थे।

काम से निकाले गए सुरक्षा गार्डों को मिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य का साथ, पहुंचे मेकाज

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  •  नई एजेंसी को दी वार्निंग रखना होगा स्थानीय को 
  • नौकरी से निकाले गए 50 से ज्यादा गार्डों को पुनः रखने की उठाई मांग 

जगदलपुर काम से निकाले गए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के सुरक्षा गार्डों को शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य का बड़ा सहारा मिल गया है। सुशील मौर्य ने नई सिक्योरिटी एजेंसी को खुले शब्दों में वार्निंग दे दी है कि यहां पुराने और निकाले गए सुरक्षा गार्डों तथा स्थानीय लोगों को पहले काम पर रखना होगा।

बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य शनिवार को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल पहुंचे, जहां उन्होंने नौकरी से निकाले गए 50 से ज्यादा गार्डो से मुखातिब होने के बाद सिक्योरिटी कंपनी के संचालक से विस्तृत चर्चा की और साफ साफ कहा कि सभी गार्डों को पुनः काम पर रखा जाए। मौर्य ने बताया कि डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से कार्यरत 50-60 गार्डों को नई सिक्योरिटी एजेंसी बीआईएस द्वारा नौकरी से निकाल दिया गया है और इनकी जगह नए लोगों की भर्ती की जा रही है। यह पुराने गार्डों के साथ सरासर अन्याय और छलावा है। इन्हें काम से निकाल दिए जाने के कारण इनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। सभी बेरोजगार हो गए हैं। ये सभी लंबे समय से काम कर रहे थे नई कम्पनी का बाहरी लोगों को रखना गलत है। लंबे समय से कार्यरत गार्डों को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने बीआईएस कंपनी की प्रबंधक से विस्तृत चर्चा कर समस्त गार्डों को पुनः रखने की मांग की। श्री मौर्य ने कहा बाहरी लोगों के बजाए यहां के स्थानीय लोगों को पहली प्राथमिकता देनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी कंपनी के विरुद्ध आंदोलन हेतु बाध्य हो जाएगी।इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष सहदेव नाग, पूर्व प्रवक्ता एनएसयूआई उस्मान रज़ा सहित अन्य मौजूद रहे।

शहीद शंकर गुहा नियोगी को शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन

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  • नियोगी में योगदान को याद किया शंकर साहू ने 

दल्लीराजहरा शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी के शहादत दिवस पर वार्ड 14 शहीद चौक दल्ली राजहरा में उनके समाधि स्थल पर जाकर छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के सदस्यों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने कहा कि शंकर गुहा नियोगी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए श्रमिकों के बच्चों को अच्छी व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र में हेमंत प्राथमिक पाठशाला दल्ली राजहरा का निर्माण करवाया, जहां से पढ़कर छात्र-छात्राएं डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक व देश सेवा के साथ ही अन्य क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्व. नियोगी जी ने सबको अच्छा स्वास्थ्य का लाभ, किसान, गरीब, मजदूरों को सस्ते इलाज का सपना पूरा हो इस उद्देश्य से शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा का निर्माण करवाया जहां पर सबसे सस्ता इलाज होता है।

शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी हमेशा मजदूरों, किसानों, छात्र-छात्राओं को अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई लड़ते रहे। उनके कार्यों को आज पूरे छत्तीसगढ़ ही नही अपितु पूरे भारत देश में याद किया जाता है, कामरेड नियोगी के आदर्शों पर चलना ही शहीद कामरेड नियोगीके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शंकर गुहा नियोगी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू, मनी चंद्राकर, जयप्रकाश बघेल, उमेश कुमार पाल, मोहित कुमार ठाकुर, दिनेश कुमार निषाद, शिवचरण कुमार गावड़े, पवन कुमार साहू, फ्रेंड्स युवा विकास समिति के सचिव भूषण यादव आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।

राष्ट्रवाद की विचारधारा वाली भाजपा के प्रति लोगों में अथाह प्यार: केदार कश्यप

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  •  सदस्यता अभियान में जुटे वनमंत्री केदार कश्यप
  • ग्रामीणों व कॉलेजियंस को मंत्री ने दिलाई सदस्यता 

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान को लेकर आम लोगों में भी काफी उत्साह है। वहीं आज बस्तर संभाग के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ सरकार में वनमंत्री केदार कश्यप क्षेत्र के प्रवास के दौरान ग्राम बड़े आमाबाल, ग्राम देवड़ा और मर्दापाल पहुंचे। जहां उन्होंने स्वयं स्थानीय युवाओं, कॉलेज विद्यार्थियों, क्षेत्रवासियों से भेंटकर उन्हें भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता प्रदान की ।

सदस्यता अभियान को लेकर वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और राष्ट्रवादी राजनैतिक संगठन है। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रवादी विचारधारा को आम जनता का अथाह प्यार और समर्थन मिल रहा है। लोग स्वस्फूर्त होकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। ग्रामीणों, महिलाओं और कॉलेज स्टूडेंट्स को प्रधानमंत्री मोदीजी के कार्य, उनकी कार्यशैली और देश को तरक्की की ओर ले जाने के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के सुशासन के कायल हो गए हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान पूरे देश में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने वाला है। सभी कार्यकर्ता अपने लक्ष्य के अनुसार लोगों को सदस्य बनाने में जुटे हुए हैं।

हर गांव होगा भाजपामय

वनमंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग में सदस्यता अभियान को लेकर कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल में कार्यकर्ताओं ने सदस्यता अभियान के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया है। शुरुआत में नेटवर्क की समस्या के कारण कठिनाइयों से जूझना पड़ा लेकिन ऑफलाइन माध्यम से सदस्यता अभियान में तेजी आई है। बस्तर का हर एक गांव भाजपामय होगा यही हमारा लक्ष्य है।

भूमिपूजन, साइकिल वितरण

नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के मर्दापाल में स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण किया गया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा की सरकार द्वारा लाई गई इस योजना ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है। वनमंत्री केदार ने कहा कि स्कूल दूर होने के कारण आगे की पढ़ाई के लिए ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र की बेटियों को पढ़ाई में मुश्किल आती थी। सरस्वती सायकल योजना के माध्यम से इस समस्या का हल हुआ है। जिसके परिणाम स्वरूप पढ़ाई करने वाले बेटियों के संख्या में काफी वृद्धि हुई है। मंत्री श्री कश्यप ने छात्राओं को खूब पढ़ाई कर बस्तर का नाम रौशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

देवगुड़ी का भूमिपूजन

मर्दापाल क्षेत्र में प्रवास के दौरान क्षेत्रवासियों को वनमंत्री केदार कश्यप ने लाखों की सौगात दी है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में देवगुड़ी निर्माण के लिए भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद वाधवानी भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक नियुक्त

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  •  लाभचंद बाफना व अन्य नेताओं का माना आभार

दल्लीराजहरा भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक लाभचंद बाफना व भाजपा बालोद जिला भाजपा अध्यक्ष पवन साहू की सहमति से दल्ली राजहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद वाधवानी को बालोद जिला भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया गया है। गोविंद वाधवानी की नियुक्ति से व्यापारियों में हर्ष का माहौल है।

गोविंद वाधवानी व्यापारियो के साथ नगर एवं पूरे जिले के हित के लिए हमेशा से लड़ते आ रहे हैं।सभी के सुख दुख में साथ खड़े रहने वाले  वाधवानी की नियुक्ति से निश्चित ही बालोद जिले में पार्टी को व्यापारियो के बीच मजबूती मिलेगी व  वाधवानी व्यापारी व पार्टी के बीच सेतु का कार्य करेंगे। अपनी नियुक्ति पर गोविंद वाधवानी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक लाभचंद बाफना, श्रीचंद सुंदरानी, पवन साहू, प्रमोद जैन, राकेश यादव, चेमन देशमुख, कृष्णकांत पावर, यशवंत जैन, यज्ञदत्त शर्मा, राकेश यादव का आभार व्यक्त किया है। श्री वाधवानी ने कहा है कि जिस विश्वास से इन वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें यह ज़िम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर खरा उतरते हुए वे पार्टी को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और पार्टी की रीति-नीति तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एवं विष्णुदेव साय जी की सुशासन वाली सरकार की योजनाओं को अंतिम चरण के व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करेंगे।नियुक्ति के बाद गोविंद वाधवानी को बधाई देने व्यापारियों व भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का तांता लगा हुआ है। उन्हें बधाई देने वाले में सुदेश सिंह, सुरेश जायसवाल, स्वाधीन जैन, विशाल मोटवानी, जयदीप गुप्ता, मनोज दुबे, रमेश जैन, गीता मरकाम, प्रेम जायसवाल, संदीप गोगड़, अशोक लोहिया, महावीर जैन, अमित जायसवाल, संजीव सिंग, आशीष लालवानी , हितेश कुमार, योगेंद्र सिन्हा, आलोक जैन, रुचिन जैन, विकास ओटवानी, प्रकाश साहू, साहिल स्वर्णकार, पुनीत पटेल, अर्जुन यादव, जीतू ठाकुर, अभिजीत श्रीवास्तव, वैभव तिवारी, मुकेश खस, बिट्टू कनोजिया, देव पिपरे, राहुल सिंग आदि शामिल हैं।

अपने पुरखों की धरोहरों को सहेजने का बीड़ा उठाया और बना लिया संग्रहलाय डेंगगुड़ा के छुटके छुटकियों ने

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  •  विलुप्त होती धरोहरों और संस्कृति को बचाने पहल 
  • बस्तर की समृद्ध विरासत को सहेज रहे नौनिहाल 

अर्जुन झा-

जगदलपुर अपनी समृद्ध कला संस्कृति, विरासत के लिए मशहूर रहा बस्तर अब आधुनिकता के अंधे युग में पहुंच चुका है। हमारे बस्तर के पुरखे ऐसे ऐसे यंत्रों का उपयोग कर अपना जीवन आसान बना चुके थे, जो विज्ञान की खोजों से कतई कमतर नहीं हैं। आज की पीढ़ी इन यंत्रों और उपकरणों से अनजान बनी हुई है। ऐसे में उम्मीद की किरण जगाई है डेंगगुड़ा पारा झारतरई के प्रायमरी स्कूल के बच्चों ने। इन बच्चों ने प्राचीन समय में अपने पुरखों द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं को संग्रहित करने का बीड़ा उठाया है। उनके इन नन्हें कदमों को सहारा देने का काम उनके पालकों और शिक्षक शिक्षिकाओं ने किया है। आज इन छुटके छुटकियों ने शानदार संग्रहालय तैयार कर लिया है। उम्मीद है इसकी गूंज रायपुर और दिल्ली तक सुनाई देगी।

जब बच्चों ने पालकों से अपने दादा परदादा के जमाने की जीवनचर्या के बारे में जानने की कोशिश की, तो उसका यह सुफल अब सामने आया है। पालकों ने अपने पूर्वजों के जमाने में घरों में उपयोग की जाने वाली सामग्री, उपकरणों, खेती किसानी के औजार सहित बस्तर वनांचल क्षेत्र में उपयोग की जाने वाली विलुप्त सामग्रियों को सहेजने की जिम्मेदारी छुटके छुटकियों के नन्हें सुकोमल हाथों में दी है और बच्चे उसे बखूबी निभा रहे हैं। जिला मुख्यालय जगदलपुर से महज 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित लामकेर संकुल की प्राथमिक शाला डेंगगुडा पारा झारतरई के पालकों ने अपने स्कूल के बच्चों को अपने दैनिक जीवन में पूर्वजों के द्वारा उपयोग किए जाने वाली सामग्रियों को सहेजने की जिम्मेदारी दी है। ग्राम के सभी पालकों ने अपने-अपने बच्चों को वह सामग्रियां उपलब्ध कराई हैं, जिनका उपयोग वे, उनके माता पिता और दादा दादी घर पर करते रहे हैं। देखते ही देखते 47 प्रकार की सामग्रियों का संग्रहण कर एक संग्रहालय का निर्माण कर लिया गया।

ये सामग्रियां हैं संग्रहालय में

बच्चों के संग्रहालय में रुई बड़गी, तोसर, कोड़ा, हल, लगड़ा, पीढ़ा, तुमा, ढूटी, सोढिया, खपरा सांचा, फार, धान भुनने की चम्मच, मूसल, कावड़, सलप, सोडिया टाटी, बैल घंटी, चूल्हा, बेट, बैल नाथ, रेंदा, सीका, सूप, टूकनी, चोलन, कोंडी, पतरी, ककवा, चिमनी, कुसला, सूत आटना, लामन दिया, दही मथनी, मुठला, टार्च, आहरा, परला, लावा जाल, चम्मच, टांगा, गेड़ी, कुश आदि 47 प्रकार की सामग्रियां रखी गई हैं।

ये यंत्र आकर्षण केंद्र हैं 

संग्रहालय में 47 प्रकार की सामग्रियों को रखा गया है। सभी सामग्रियों के आगे उनका नाम भी लिखा गया है। आज के नवयुवक भी स्कूल में आकर इस संग्रहालय में उन सामग्रियों को देख रहे हैं जो उनके पूर्वज उपयोग करते थे ।आज के आधुनिक युग में जहां लोग ट्रैक्टर से खेती का कार्य करते हैं। लेकिन पुराने जमाने में जब यह सब यंत्र व सामग्रियां नहीं होती थीं, तब कितनी विषम परिस्थितियों में लोग कार्य किया करते थे। इन बातों को भी संग्रहालय में लोगों को समझाया जा रहा है। संग्रहालय में उपलब्ध

रुई बढ़गी, तोसर, ढेरा, कोड़ा आकर्षण का केंद्र केंद्र बना हुआ है। रुई बढ़गी से दही मथने, तोसर का उपयोग कपड़ा बुनने के लिए, ढेरा का उपयोग रस्सी आंटने के लिए और कोड़ा का उपयोग जानवर हांकने के लिए किया जाता था। इन सामग्रियों को लोग कौतूहल से देख रहे हैं।

 

संग्रहालय का शुभारंभ ग्राम के वरिष्ठ नागरिक झड़गू द्वारा किया गया। बुजुर्ग झड़गू ने उपस्थित सभी लोगों को प्रत्येक सामग्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य चरण कश्यप, संकुल समन्वयक धर्मेंद्र अग्रवाणी, संतोष अग्रवाणी, शिक्षक झरना अग्रवाणी, नेहा कश्यप, नजीर खान, देव कुमार नाग, प्रदीप पटेल, उमा राज, गौरी पोर्ते, संध्या वर्मा, ओमप्रकाश ध्रुव, किरण साहू, मंजुला दास, पालक एवं ग्रामीण बलराम, जयराम, खेमराज, बलदेव, रामकुमार, रामप्रसाद, सुलधर, झगडू राम, अंतूराम, लखमू, कमलबती, खीरो, मंगली, मिटकी, कवसिला, पार्वती, गीता, सुकरी, ललिता, सुको, समबती, नीलो, बसंती, रतन, समदू, मदनी, अमिषा, मुनि, भगवती, एलसी, संतोष, सुमनी आदि उपस्थित थे

प्रशंसनीय पहल : महेश कश्यप

प्राथमिक शाला के बच्चों द्वारा बस्तर के आदिवासियों के प्राचीन उपकरणों और घरेलू समग्रियों का संग्रहालय स्थापित किए जाने की जानकारी मिलने पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों ने वह कर दिखाया है, जिसके बारे में कभी बड़ों ने सोचा भी नहीं था। सांसद श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र अपनी संस्कृति, सभ्यता और समृद्ध विरासत को लेकर पहचाना जाता है। आज के समय में अपनी संस्कृति को सहेजने का जो कार्य डेंगगुड़ा के स्कूली बच्चों ने उठाया है। वह बहुत ही प्रशंसनीय है। सांसद महेश कश्यप ने इस अतुलनीय कार्य में लगे बच्चों, उनके पालकों और शिक्षक शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं दी है। इस संवाददाता से चर्चा में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि वे जल्द ही समय निकालकर डेंगगुड़ा पारा झारतरई स्कूल जाएंगे और संग्रहालय को देखेंगे।

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