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सर्पदंश पीड़ितों और सांपों को बचाने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी : कलेक्टर विजय

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  • सांपों के साथ सुरक्षित रहवास, पहचान, बचाव एवं उपचार ट्रेनिंग कार्यशाला

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा है कि मध्य भारत में पाए जाने वाले जहरीले सांप, उनके जहर से बचाव और प्राथमिक उपचार सहित एंटी वेनम के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक कर वन्यजीव और मानव जीवन को बचाना हमारी प्राथमिकता है। इस दिशा में स्थानीय समुदाय को जागरूक करने के साथ ही पुजारी, गायता, सिरहा आदि पारंपरिक उपचारकर्ताओं तथा बस्तर के सामाजिक संरचना के स्थानीय नेतृत्वकर्ता मांझी, चालकी, नाईक-पाइक की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने सकारात्मक प्रयास की जाएं।

कलेक्टर विजय गुरुवार को वन विद्यालय जगदलपुर में आयोजित तीन दिवसीय सांपों के साथ सुरक्षित रहवास, पहचान, बचाव और उपचार प्रशिक्षण सह कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कार्यशाला के प्रतिभागियों से इस मुद्दे को गंभीरतापूर्वक लेने और भविष्य में इस पहल को आगे बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि सांप की पहचान वाली कैटलॉग, ब्रोसर, फ्लेक्स तैयार कर स्कूलों और ग्राम पंचायतों में वितरित किया जाए। साथ ही 112 इमरजेंसी सर्विसेज सेवाओं के साथ जुड़कर सांप रेस्क्यू करने वालों को शामिल किया जाए और लोगों को सही और वैज्ञानिक उपचार की जानकारी देकर जागरूक किया जाए। वहीं उपचार के लिए स्थानीय पारंपरिक उपचारकर्ताओं को विश्वास में लेकर उनका बेहतर सहयोग लिया जाए। जिला प्रशासन के सहयोग से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सांप की पहचान, सर्पदंश की रोकथाम और सही उपचार के संबंध में प्रशिक्षण कार्यशाला 30 अगस्त तक चली। इस कार्यशाला का उद्देश्य वन कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय समुदाय के लोगों को सर्पदंश की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना था। कार्यशाला का संचालन करते हुए स्नैक बाईट हीलिंग एंड एजुकेशन सोसायटी की अध्यक्ष और संस्थापक प्रियंका कादम ने ग्रामीण और वन क्षेत्रों में सांप के काटने की रोकथाम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत में सांप के काटने से होने वाली मौतें अन्य सभी मानव-वन्यजीव संघर्षों से अधिक है।कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्राथमिक चिकित्सा, सही प्रोटोकॉल और सर्पदंश के मामलों को प्रभावी ढंग से रोकथाम करने की जानकारी दी गई। साथ ही सांपों की पारिस्थितिकी में उनकी भूमिका और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई। मुख्य वन संरक्षक बस्तर वन वृत्त आरसी दुग्गा, निदेशक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान चूड़ामणि सिंह तथा निदेशक वन विद्यालय दिव्या गौतम ने भी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला में आदिवासी कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्री गणेश राम शोरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय बसाक सहित वन विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय योगदान दिया। इस कार्यशाला में 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। अंतिम दिन 30 अगस्त को बस्तर जिले के 3 ब्लॉक से प्रतिभागी शामिल हुए। इसमें वन विभाग के कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, स्नेक रेस्क्यू एवं मैना मित्र आदि शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने के कारण सांपों के व्यवहार में बदलाव आ रहा है, जिससे मानव और वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। इस कारण सांप के काटने की समस्याएं और भी जटिल हो रही हैं। कार्यशाला में इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

खतरनाक ढ़ग से स्पीड बाईक चलाना पड़ा महंगा

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  •  एस0डी0ओ0पी0 बालोद और थाना प्रभारी बालोद ने काटा 6400 रू का चालानखुद सुरक्षित रहे व दुसरे की सुरक्षा का भी ध्यान रखे।

पुलिस पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग, श्रीमान पुलिस अधीक्षक बालोद  एस.आर.भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद देवांष सिंह राठौर एवं थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक रवि रविशंकर  पाण्डेय के द्वारा लगातार खतरनाक ढ़ग से बाईक चलाने वाले पर शिकायत मिलने पर आज दिनांक 30/08/2024 को खतरनाक ढ़ग से बाईक चलाने वाले सौरभ यादव उम्र 22 साल, के विरूद्व 6400 रू का चालानी कार्यावाही कि गई, यह अभियान लगातार जारी रहेगा, साथ ही बालोद पुलिस आप से अपील करती है कि मोड़ीफाईड वाहन व ओवर स्पीड खतरनाक ढ़ग से वाहन न चलावे, यातायात नियमों का पालन करे।

एबीवीपी के चक्काजाम के बाद जगा शिक्षा विभाग

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  • प्राचार्य ने रोक रखी है टीसी और मार्कशीट
  • बकावंड के खंड शिक्षा अधिकारी ने लिया एक्शन 

बकावंड छात्र छात्राओं की मार्कशीट और टीसी रोके रखने वाले प्राचार्य के खिलाफ चक्काजाम किए जाने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों को पत्र लिखकर हर विद्यार्थी को टीसी और मार्कशीट जारी करने के निर्देश दिए हैं।

बकावंड विकासखंड के डोडरेपाल विद्यालय के प्राचार्य द्वारा विद्यालय की 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की मार्कशीट एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं देने की शिकायत सामने आई थी। कुछ विद्यार्थियों को पिछले दो-तीन वर्षों से भी मार्कशीट और स्थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं दिए गए हैं। इस कारण विद्यार्थी किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। विधार्थी मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। उनके सामने मन मारकर पढ़ाई छोड़ने की स्थिति बन गई है। विद्यार्थी मार्कशीट या स्थानांतरण प्रमाण पत्र के लिए जब भी विद्यालय में जाते हैं, तो उन्हें कुछ ना कुछ बहाना बताकर लौटा दिया जाता है। इसके चलते विद्यार्थियों को कॉलजों और दूसरे विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इस मसले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बकावंड में चक्काजाम कर दिया था।विद्यार्थियों के आक्रोश को देखते हुए बकावंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कल ही आदेश जारी कर सभी प्रचार्यों और प्रधान पाठकों को हर विद्यार्थी की टीसी और मार्क शीट तत्काल जारी करने की हिदायत दी है।

24 लाख के ईनामी नक्सली लीडर विकास ऊर्फ सैनू मुंशी जेट्टी को बीजापुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

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  • गिरफ्तार नक्सली तीन राज्यों में रहा है वांटेड
  • गढ़चिरोली डिवीजन के अहेरी दलम का कमांडर है विकास जेट्टी

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग की बीजापुर जिला पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के मोस्ट वांटेड 24 लाख रुपए के ईनामी नक्सली विकास उर्फ सैनू मुंशी जेट्टी को गिरफ्तार कर लिया है। विकास को इलाज के लिए कुछ लोग लादकर ले जा रहे थे। इसी दौरान उसे दबोच लिया गया।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी. के निर्देशन एवं बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तारतम्य में महाराष्ट्र गढ़चिरोली अहेरी दलम के नक्सली लीडर डीवीसीएम विकास ऊर्फ सैनू मुंशी जेट्टी को पकड़ने में बीजापुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विकास महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पिड़ीमाला गांव का निवासी है। नक्सली लीडर विकास छग, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना के लगभग 35 से अधिक नक्सली वारदातों में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 25 से अधिक और छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 8 से ज्यादा संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। विकास महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के नक्सली कमांडरों के साथ वारदातें करता रहा है। एक राज्य में घटना कर सुनियोजित तरीके से प्लानिंग कर वह अपनी टीम के साथ दूसरे राज्य में नक्सली वारदातो को बखूबी अंजाम देता था। तीनों राज्यों की सरहदी इलाकों का फायदा उठाकर सुरक्षा बलों को चकमा देते हुए वह बड़ी नक्सल घटनाओं में भी सुरक्षित बच निकलने में सफल होता रहा है। नक्सली लीडर विकास महाराष्ट्र के गढ़चिरौली अहेरी दलम में डीव्हीसीएम के पद पर रहकर वहां नक्सली वारदातों को लगातार अंजाम देता रहा है। नक्सली वारदात को अंजाम देने के लिए सरहदी राज्य छग के नेशनल पार्क एरिया का उपयोग करता था। जिस वजह से नेशनल पार्क एरिया कमेटी के डीव्हीसीएम दिलीप बेंड़जा एवं उनके साथियों के साथ विकास की बड़ी घनिष्ठता एवं मित्रता रही है। जब नक्सली विकास का स्वास्थ्य ज्यादा खराब हुआ तो दिलीप बेंड़जा ने उसके इलाज हेतु उसे अपने पास बुलाकर उसे पैसा एवं सहयोगी व्यक्ति देकर जगदलपुर अस्पताल भेजा। माओवादी विकास को नेशनल पार्क एरिया के बहुत ही अंदरूनी ग्राम से 6-7 व्यक्त्यिों द्वारा लादकर जंगल के रास्ते ग्राम भटपल्ली लाया जा रहा था। जहां से उसे चारपहिया वाहन से जगदलपुर स्थित किसी निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी थी‌। परंतु पुलिस को प्राप्त सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में थाना फरसेगढ़ पुलिस एवं छसबल 13 ई वाहिनी की संयुक्त टीम ने ग्राम भटपल्ली जंगल में नाला के पास एक पगडंडी रास्ते में कुछ व्यक्ति आते दिखने पर उन्हे रूकने हेतु आवाज दी। आवाज सुनते ही एक बीमार व्यक्ति को छोड़कर वहां से सभी भाग गए। बीमार व्यक्ति गंभीर हालत में था। उसका समुचित इलाज करा कर पूछताछ करने पर वह नक्सली लीडर डीव्हीसीएम विकास ऊर्फ सैनू मुंशी जेट्टी के रूप में चिन्हित हुआ। जिसे थाना फरसेगढ़ के अपराध क्रमांक 6/2022 धारा 307, 353, 143, 147, 148, 149, 120बी भादवि 3, 4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 5, 28, 7, 27 विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायिक रिमांड पर विशेष न्यायाधीश व एनआईए कोर्ट दंतेवाड़ा के समक्ष पेश किया गया। महाराष्ट्र गढ़चिरोली अहेरी दलम के नक्सली लीडर डीवीसीएम विकास ऊर्फ सैनू मुंशी जेट्टी पिड़ीमाला थाना कोटी जिला गढ़चिरौली राज्य महाराष्ट्र से नगद 80 हजार रूपए, नक्सली वर्दी, नक्सली साहित्य, पाम्पलेट, नोटबुक एवं दवाईया जप्त की गई।

खेलों से बस्तर को अलग पहचान दिलवाएं युवा: सांसद महेश कश्यप

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  •  खेल दिवस पर पंडरीपानी में कार्यक्रम का आयोजन
  • संभाग स्तरीय हाकी खिलाड़ियों के लिए हुई चयन प्रतियोगिता

जगदलपुर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेल दिवस के अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बस्तर के युवा बस्तर को खेल के माध्यम से अलग पहचान दिलवाएं। सांसद श्री कश्यप ने बस्तर के खिलाड़ियों द्वारा राजनांदगांव में आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा हाकी प्रतियोगिता में बालक-बालिका वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर खेलने दिल्ली जा रहे खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जिसने खेलना नहीं जाना, उसने जीना नहीं जाना। खेल गतिविधि में शामिल होने के लिए उम्र की एक सीमा होती है। इस समय-सीमा का खेलकूद गतिविधियों में व्यापक उपयोग करें। खेलों विस्तार और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण खिलाड़ियों को समुचित अवसर प्राप्त हो रहे हैं। खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को बेहतर कर अपनी रूचि के खेल में प्रदर्शन बेहतर करें। श्री कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेलो इंडिया जैसे योजना के द्वारा खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही खेल के माध्यम से रोजगार का अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा बस्तर सांसद बनने से पहले वे एक कबड्डी खिलाड़ी के रूप में पहचाने जाते थे।बस्तर सांसद महेश कश्यप के मुख्य आतिथ्य में खेल दिवस पर पंडरीपानी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें संभाग स्तरीय हाकी खिलाड़ियों का चयन प्रतियोगिता भी हुई। कार्यक्रम में पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने कहा कि खेलों में नियमित रूप से खिलाड़ी शामिल हों, खेल को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए खिलाड़ियों को खेल के जज्बा को कायम रखते हुए मेहनत करने की जरूरत है। कम उम्र में खिलाड़ी के रूप में खेलते हुए स्कूल स्तर, विकासखंड स्तर, जिला स्तर, संभाग स्तर, राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए आवश्यक संसाधन के साथ- साथ खिलाड़ियों को अपनी मेहनत बरकरार रखनी होगी। बस्तर के खिलाड़ियों में खेल प्रतिभा की असीम संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामाग्रियों का वितरण किया गया। संभाग स्तरीय हाकी खिलाड़ियों की चयन प्रतियोगिता के तहत मैच का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंडरीपानी के सरपंच, उप सरपंच, संयुक्त कलेक्टर प्रवीण वर्मा, खेल विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी उपस्थित थे।

गृहमंत्री विजय शर्मा के `सारथी’ रहे एएसआई की सड़क दुघर्टना में मौत

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  •  डिप्टी सीएम को बाईक पर बिठाकर कैंप तक ले गए थे एएसआई चमरू राम
  • एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे का शिकार

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के सारथी की भूमिका निभा चुके पुलिस के सहायक उप निरीक्षक चमरू राम तेलम का बीजापुर जिले में एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।

जानकारी अनुसार बीजापुर डीआरजी का एक दल बुधवार रात नक्सलियों की मांद तिमेनार, बेचापाल क्षेत्र में सर्चिंग के लिए निकला था। रात्रि में बेचापाल के समीप पहाड़ी रास्ते व खाई में बाईक दुर्घटना ग्रस्त हो गई। इस हादसे में सहायक उप निरीक्षक चमरू राम को सिर व अन्य अंगों में गंभीर चोंट पहुंचीं। समीप के नेलसनार अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दंतेवाड़ा रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। उल्लेखनीय है 16 अगस्त को पालनार प्रवास पर आए प्रदेश के गृहमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को बाईक पर बिठाकर चमरू राम तेलम शिविर स्थल तक ले गए थे। एएसआई चमरु राम तेलम बीजापुर तहसील के ग्राम मोरमेड के निवासी थे। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि बीजापुर में दिवंगत डीआरजी एएसआई चमरू राम तेलम को पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि व गार्ड आफ आनर दिया जाएगा। इसके बाद गृहग्राम मोरमेड में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पुलिस -नक्सली मुठभेड़ में तीन वर्दीधारी महिला नक्सली ढेर, शव बरामद

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  • मौके से भारी मात्रा में हथियार और नक्सल सामग्री बरामद

जगदलपुर बस्तर संभाग में नक्सलियों के सफाये का सिलसिला जारी है। संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में आज हुई पुलिस -नक्सली मुठभेड़ में वर्दीधारी और हथियारबंद तीन महिला नक्सली मारी गई हैं। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल और आसपास से भारी मात्रा में हथियार एवं नक्सल सामग्री बरामद की है।

बस्तर संभाग के नारायणपुर एवं कांकेर जिलों की सीमा पर अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर डीआरजी, स्पेशल टास्क फोर्स और सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त टीम सर्चिंग अभियान पर रवाना हुई थी।सर्चिंग के दौरान आज 29 अगस्त को सुबह 8 बजे से लगातार पुलिस पार्टी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ दो बजे तक लगातार जारी रही। पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने अभी तक वर्दीधारी और हथियारबंद तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। मौके से भारी मात्रा में हथियार और नक्सल सामग्री बरामद की गई है। सभी जवान सुरक्षित हैं और इलाके में सर्च अभियान जारी है। इस मुठभेड़ में और भी कई नक्सलियों के हताहत होने की पूरी संभावना है।

जिला स्तरीय राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ

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  •  मेयर सफीरा साहू ने किया कार्यक्रम का आगाज

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सार्वे के मार्गदर्शन में 29 अगस्त को जिला स्तरीय राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ जगदलपुर के भगत सिंग स्कूल में किया गया। कार्यक्रम का आगाज शहर की माहपौर सफीरा साहू ने एक बच्चे को एलबेंडाजॉन की गोली खिलाकर किया।

बच्चों को संबोधित करते हुए महापौर सफीरा साहू ने कहा स्वस्थ तन में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है और जब मस्तिष्क स्वस्थ रहता है, तभी पढ़ाई और शिक्षा ग्रहण बेहतर ढंग से संभव है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का सफलतापूर्वक संचालन करने हेतु जिले में पूर्ण तैयारी कर ली गई है। जिले के समस्त स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा का वितरण कर प्रशिक्षण दिया गया है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 29 अगस्त के दिन गोली खिलाई जा रही है। जो बच्चे छूट जाएंगे उन्हें मॉप अप दिवस 4 सितंबर को दवा दी जाएगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने जानकारी देते हुए कहा 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बालका- बालिकाओं को कृमि मुक्ति की दवा अवश्य खिलाएं। वर्ष में 2 बार प्रत्येक 6 माह में एलबेंडाजॉन की गोली खिलाई जाती है। यह कुपोषण और रक्त अल्पता को दूर करने में भी मदद करती है तथा बच्चों के शारीरिक विकास में भी सहायक होती है। इस मौके पर मुख्य रूप से स्कूल की प्रिंसिपल, डीपीएम डॉ. रीना लक्ष्मी, व्याख्याता अनिल शुक्ला, सीएसी श्री पाण्डे, नरेश मरकाम, प्रशांत श्रीवास्तव, मोहन कश्यप, यशोद्रा, कमलबती के अलावा वार्ड की मितानिन एवं शिक्षक व बच्चे मौजूद रहे।

होटलों में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल, गंदगी के बीच बनते हैं खाद्य पदार्थ

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  •  खाद्य विभाग के अधिकारी कैसे बने हुए हैं बेखबर
  • खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, गंदगी पर कार्रवाई नहीं

अमरेश झा

कोंडागांव जिला मुख्यालय कोंडागांव में संचालित होटलो में घरेलू गैस सिलेंडर का खुलेआम बेधड़क उपयोग किया जा रहा है। होटलों में गंदगी पसरी है, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं रहती। लोगों की सेहत के साथ खुलकर खिलवाड़ होने के बावजूद खाद्य विभाग के अधिकारी आंख बंद किए बैठे हैं।

घरों में उपयोग होने वाली रसोई गैस से होटलों में खाद्य सामग्री बनाई जा रही है। वहीं गरीबों को वितरित किया जाने वाला पीडीएस का चावल भी बेखौफ़ होकर होटल संचालक अपने होटल में खपा रहे हैं। इस चावल से इडली डोसा, सांभर बड़ा, भात बनाकर ग्राहकों को परोसा जा रहा है। फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की नजर होटल में पसरी गंदगी व होटलों में परोसी जा रही अमानक खाद्य सामग्रियों पर कभी नहीं पड़ती है। अधिकारियों का सारा ध्यान केवल वसूली पर रहता है।

शहर के होटलो में घरेलू गैस का दुरुपयोग व होटल में खप रहे पीडीएस का चावल सम्बंधित विभाग नहीं रोक पा रहा है। मिली शिकायत अनुसार शहर के रायपुर नाके पर मेन रोड पर स्थित चौधरी स्वीट्स में घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग किया जा रहा है जिसकी जानकारी होने के बावजूद भी घरेलू गैस का दुरुपयोग रोकने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वही सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि इन होटलो में घरेलू गैस सिलिंडरों से खाली कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग कर उनका उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। भले ही खाद्य विभाग की ओर से कार्रवाई के नाम पर अपनी पीठ थपथपाई जा रही हो, लेकिन स्थिति यह है कि छह माह में खाद्य विभाग ने किसी होटल और ढाबे पर कार्रवाई नहीं कीे। ऐसे में होटल संचालक खुलेआम घरेलू गैस का स्तेमाल कर रहे हैं। आपको बता दें कि इन होटलों में घरेलू सिलेंडर का उपयोग तो हो ही रहा है साथ ही होटल में पसरी गंदगी और अमानक खाद्य सामग्रियों पर भी जिम्मेदार अधिकारियों की नजर नही पड़ रही है। शिकायत मिलने पर जब इस संवाददाता संबंधित होटल का जायजा लिया। होटल में गंदगी पसरी थी, वहां न हाथ धोने की व्यवस्था थी और ना ही खाद्य सामग्री बनाने के बर्तनों की सफाई की। होटल में रखी खाद्य सामग्री व मिठाइयों की निर्माण तिथि एवं उपयोग की मान्य समय सीमा तक लिखना होटल संचालक ने जरूरी नहीं समझा था। होटल स्वामी से बात करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी ने उन्हें ऐसा करने से मना कर रखा है। अब इसे क्या विभाग की संलिप्तता कहें या उनकी अनदेखी का आलम।

खेल दिवस पर मैदान छीनने आमादा हुआ नगर निगम

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  •  शहर की शान को बचाना छोड़ मिटाने की कोशिश
  • अस्तित्व के लिए लड़ रहा है विवेकानंद स्कूल

अर्जुन झा

जगदलपुर आज खेल दिवस है और चारों और खिलाड़ियों की जय जयकार हो रही है। वहीं नगर निगम जगदलपुर शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित स्कूल में विवेकानंद स्कूल के बच्चों से उनका खेल मैदान छीनने पर आमादा हो गया है। विद्या के इस पवित्र मंदिर के मैदान पर टॉयलेट बनवाकर नगर निगम न जाने क्या संदेश देना चाहता है?

विवेकानंद स्कूल ने देश और राज्य को कई प्रतिभाएं दी है। यह स्कूल पर वैसे भी अतिक्रमणकारियों की नजर पहले से लगी हुई है। स्कूल की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो गए हैं। स्कूल के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। स्कूल को संकट से उबारना छोड़कर नगर निगम ने स्कूल के मैदान पर सार्वजनिक शौचालय बनवाने का फैसला ले लिया है। इससे पालकों और विद्यार्थियों की भावना आहत हो रही है। स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा खत्री ने नगर निगम के इस फैसले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि इससे पहले स्कूल के पार्क पर अतिक्रमण हो गया था और बच्चों को अपने मनोरंजन की जगह से वंचित होना पड़ा है। अब नगर निगम खेल मैदान को भी छीनने जा रहा है। प्राचार्य ने कहा है कि टॉयलेट निर्माण से खेल मैदान का एक बड़ा हिस्सा छिन जाएगा। वहीं अभिभावक एवं जागरूक नागरिक आनंद झा ने भी स्कूल के मैदान पर टॉयलेट निर्माण का कड़ा विरोध किया है।

आनंद झा ने कहा कि टॉयलेट निर्माण से कैंपस में बाहरी लोगों की आमदरफ्त बढ़ेगी। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और उनके खेलने का मैदान भी छिन जाएगा। आनंद झा ने कहा है कि पहले से ही विवेकानंद स्कूल अस्तित्व के लिए संघर्षरत है। उसे संरक्षित करना छोड़ नगर निगम उसे पूरी तरह नष्ट करने जा रहा है। यह चिंतनीय है। वर्तमान में इस स्कूल में स्वामी आत्मानंद विद्यालय के तहत हिंदी व अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इस स्कूल के मैदान पर अब सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण उचित नहीं होगा।

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