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सर्विस रायफल से चली गोली सीने में लगी, हेड कांस्टेबल की मौत

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  • भैरमगढ़ थाना की घटना, इसी थाने में था तैनात
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना परिसर में प्रधान आरक्षक सोनू हपका की गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सर्विस रायफल की सफाई के दौरान गोली चल गई और गोली सीधे सोनू के सीने में जा लगी।

मिली जानकारी अनुसार प्रधान आरक्षक सोनू हपका सुबह अपनी सर्विस रायफल को साफ करते समय अचानक गोली चली जिससे उसकी मौत हो गई। जवान को घायल अवस्था में भैरमगढ़ अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हुई। घटना 16 अगस्त को सुबह 9 बजे की है। प्रधान आरक्षक सोनू हपका भैरमगढ़ थाने में पदस्थ था। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि की है। हेड कांस्टेबल सोनू हपका अवकाश पर था और 15 अगस्त को ही उसने पुनः ड्यूटी ज्वाइन की थी आज 16 अगस्त को आरओपी ड्यूटी के लिए रायफल इश्यू कराने के बाद सोनू हपका रायफल की सफाई करने थाने के पीछे मेस की तरफ गया था। माना जा रहा है कि सफाई के दौरान असावधानी वश गोली चल गई होगी जिससे उसकी मृत्यु हो गई। गोली सोनू हपका के सीने में लगी थी।

की वजह से संकट में आदिवासियों का अस्तित्व, सांसद महेश कश्यप और समाज के लोग हैं चिंतित

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  •  लगातार घटती जा रही है है जनजाति की आबादी
  •  धर्म, परंपराओं और संस्कृति का भी पराभव 
    -अर्जुन झा-
    बकावंड आदिम जनजाति में शुमार आदिवासियों की आबादी लगातार घटती जा रही है। इसी के साथ आदिम संस्कृति, धर्म और परंपराओं का भी तेजी से पराभव होता जा रहा है। गांवों में देवगुड़ी व मातागुड़ी की की संख्या कम हो रही है और प्रार्थना घरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसे लेकर आदिवासी समाज के लोग तथा बस्तर के सांसद महेश कश्यप चिंतित हैं। बकावंड में बीते दिनों आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में भी आदिवासियों की घटती जनसंख्या पर मंथन चिंतन किया गया था।


आदिवासियों की घटती आबादी के मूल में जन्म दर या मृत्यु दर उतने बड़े कारक नहीं हैं, जितना बड़ा कारक धर्मान्तरण है। आदिवासियों की आबादी का क्षरण सिर्फ बस्तर संभाग में हो रहा है, बल्कि अन्य जिलों में भी तेजी से हो रहा है। चिंता वाली बात तो यह है कि विशेष संरक्षित पहाड़ी कोरवा, कमार और बैगा जनजाति की भी जनसंख्या लगातार घट रही है। कुछ तथाकथित शोधों और सर्वेक्षणों के हवाले से कहा जाता है कि आदिवासियों में मृत्यु दर ज्यादा है और जन्म दर कम। प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत बढ़ने के कारण आदिवासियों की संख्या घट रही है। मगर हमारे जमीनी सर्वेक्षण में जो तथ्य उभर कर आए हैं, वे बेहद चौकाने वाले हैं। आज सुदूर गांवों की भी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों ले जाया जाने लगा है। इलाज के लिए भी लोग बैगा गुनिया के पास कम और अस्पतालों में ज्यादा जाने लगे हैं। स्वास्थ्य केंद्र भी ग्रामीणों की पहुंच के करीब स्थापित हो गए हैं। ऐसे में जन्म दर, मृत्यु दर वाली दलील की हवा खुद निकल जाती है। दरअसल मूल वजह जो सामने आई है, वह है धर्मान्तरण। बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ ही ऊपर लिखे तमाम जिलों में भी एक समुदाय विशेष का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। यह समुदाय चमत्कारों और प्रार्थना से हर मर्ज को दूर करने का आडंबर करके आदिवासियों को प्रभावित करने और उन्हें अपने धर्म में शामिल करने में लगातार कामयाब होता जा रहा है। आदिवासी तो भोले भाले होते ही हैं, वे जल्द ही ऐसे भ्रमजाल में उलझ जाते हैं। धर्म परिवर्तन कराने के बाद आदिवासियों को उनके मूल धर्म से पूरी तरह विमुख होने के लिए बाध्य कर दिया जाता है। उन्हें उनकी परंपराओं और संस्कारों, जो उनकी मूल पहचान है, उनसे भी दूर कर दिया जाता है। जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत जिन देवी देवताओं की आदिवसी पूजा करते हैं, उन देवी देवताओं की प्रतिमाएं और तस्वीरें तक उनके घरों से हटवा दी जाती हैं, महिलाओं के बिंदी लगाने, मांग में सिंदूर भरने और चूड़ियां पहनने तक पर भी पाबंदी लगा दी जाती है। आदिवासी और अन्य हिंदू समाज में शवों का दाह संस्कार किया जाता है, मगर धर्मान्तरित आदिवासी के शव को दफनाना पड़ता है। इसे लेकर बस्तर में कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है।

गांव -गांव में प्रार्थना घर
बस्तर संभाग के अधिकतर गांवों में प्रार्थना घरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। लोगों के देवगुड़ी और मातागुड़ी में जाकर पूजा करने का चलन कम होता जा रहा है। हर रविवार को इन प्रार्थना घरों में प्रार्थना के नाम पर चमत्कारों, चंगाई सभा का नाटक चलता है। इसे देख और भी लोग इस समुदाय विशेष से जुड़ते चले जाते हैं। लोगों को भरोसा दिलाया जाता है कि प्रभु के चमत्कार से हर रोग दूर हो जाता है, हर बाधा टल जाती है। कई स्थानों पर सेवा की आड़ में भी धर्मान्तरण कराया जा रहा है।

धर्मान्तरण ही मुख्य वजह: महेश
गत दिवस बकावंड में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भी आदिवासी समाज के प्रमुखों ने आदिवासियों की घटती आबादी पर चिंता जताई थी। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप भी बकावंड आए थे। इस दौरान उन्होंने नई दुनिया से चर्चा में आदिवासी समुदाय की घटती जनसंख्या के लिए धर्मान्तरण को ही जिम्मेदार माना है। श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर संभाग में आदिवासी तेजी से धर्मान्तरित किए जा रहे है। पिछले कांग्रेस शासनकाल में इसे बढ़ावा मिलता रहा। धर्मान्तरण हमारे आदिवासी समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। समाज की युवा पीढ़ी और बड़े बुजुर्गों को इस ओर ध्यान देना होगा, अन्यथा हम भी जल्द ही अल्पसंख्यक हो जाएंगे। सांसद महेश कश्यप ने धर्मान्तरण पर रोक के लिए शासन स्तर पर भी पहल पर जोर दिया।

वनमंत्री केदार कश्यप ने दुर्ग जिला में किया ध्वजारोहण,हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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  • जिला मुख्यालय दुर्ग में वनमंत्री केदार कश्यप ने किया ध्वजारोहण

दुर्ग /रायपुर। दुर्ग जिले की गौरवशाली परम्परा के अनुरूप 78वें स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास वातावरण में पूरी गरिमा के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने मुख्य समारोह स्थल पुलिस परेड ग्राऊण्ड में ध्वजारोहरण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम दिये संदेश का वाचन किया और समारोह में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों एवं शहीद जवानों के परिजनों को शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान जिले के विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की अत्यंत मनमोहक और आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय के प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार वितरण किया। उन्होंने सराहनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी/ कर्मचारियों को भी प्रशस्ति-पत्र वितरित कर सम्मानित किया। समारोह के प्रारंभ में मुख्य अतिथि वन मंत्री  केदार कश्यप ने समारोह स्थल पुलिस परेड ग्राऊण्ड पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के उपरान्त उन्होंने कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी और पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र शुक्ला के साथ परेड का निरीक्षण किया तथा समारोह में सम्मिलित सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। समारोह में परेड द्वारा हर्ष फायर किया गया और राष्ट्रपति की जय-जयकार की गई। उत्साह व उमंग के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में उड़ाये गये। मुख्य अतिथि ने परेड की सलामी ली तथा परेड में शामिल प्लाटून कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। परेड में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल (पुरूष व महिला), जिला पुलिस बल की 03 प्लाटून, नगर सेना, एन.सी.सी. सीनियर एवं जुनियर (बालक व बालिका), रेडक्रॉस शामिल थे।

स्वामी आत्मानंद उत्कष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेक्टर-6 भिलाई, शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग, स्वामी आत्मानंद उत्कष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दीपक नगर दुर्ग, विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग और एसएनजी सेक्टर-4 भिलाई के छात्र- छात्राओं ने देशभक्ति गीत और पारंपरिक गीतों पर सामूहिक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियों से सभी दर्शकों का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि कश्यप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए प्रथम स्थान के लिए विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग, द्वितीय स्थान के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दीपक नगर दुर्ग एवंएवं तृतीय स्थान के लिए एसएनजी विद्यालय सेक्टर-4 को तथा विशेष प्रदर्शन के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेक्टर-6 भिलाई एवं शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग को पुरस्कृत किया। इसी प्रकार परेड में प्रोफेशनल श्रेणी अंतर्गत प्रथम पुरस्कार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई, द्वितीय पुरस्कार जिला पुलिस बल महिला तथा नान प्रोफेशनल अंतर्गत प्रथम पुरस्कार एनसीसी सीनियर बालक, द्वितीय पुरस्कार एनसीसी जुनियर बालक को प्रदान किया गया। जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई के बैंड दल को विशेष पुरस्कार दिया गया।

कार्यक्रम में दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव व दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, नगर के गणमान्य नागरिक, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र- छात्राएं सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

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रायपुर, 15 अगस्त, 2024-उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान माँ दंतेश्वरी का दर्शन और पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की। इस मौके पर विधायक  चैतराम अटामी, विधायक चित्रकोट  विनायक गोयल और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज  सुंदरराज पी., कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक  गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

हर महीने के दूसरे बुधवार को प्रत्येक आईजी रेंज के आईजी शहीद परिवारों की समस्याओं को सुनेंगे-उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

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  • अमर वाटिका में अमर जवानों को दी श्रद्धांजलि

जगदलपुर 15 अगस्त 2024/ अमर जवान शहीद परिसर के माटा लोना हाल में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने शहीद परिवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी उन वीर सैनिकों के परिवार के सदस्य हैं जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। देश की रक्षा के लिए किए गए आपके परिवार के इस त्याग और बलिदान को हम सभी बार-बार प्रणाम करते हैं। आपका यह त्याग और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सरकार ने निर्णय लिया है कि हर महीने के दूसरे बुधवार को प्रत्येक आईजी रेंज के आईजी शहीद परिवारों की समस्याओं को सुनेंगे। इसके साथ ही, डीजीपी से भी उसी दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की जा सकेगी।


सभी शहीद परिवारों का प्रमाण पत्र बनाया जाएगा, और जिन परिवारों को शिक्षा के लिए 25 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है, उनका भी शीघ्र निराकरण किया जाएगा। सभी शहीदों के स्मारक बनाए जाएंगे, और इस दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। अनुकम्पा नियुक्ति और अन्य सुविधाओं को भी नियमित किया जा रहा है। आगे आने वाले समय में समूचा बस्तर शांत होगा और विकास की ऊंचाइयों को छूएगा, और इस विकास की नींव आपके परिवारों के योगदान पर आधारित होगी। इस अवसर पर विधायक विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू, कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अमर वाटिका में अमर जवान स्मारक में पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किए। परिसर में नक्सल पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा और उनको तिरंगा वितरण किया। परिसर में शहीद जवानों के नाम पट्टिका का अवलोकन करते हुए, परिजनों को पौध वितरण भी किए।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में किया ध्वजारोहण

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  • उपमुख्यमंत्री ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल (धुरवा पागा) पहनकर किया ध्वजारोहण
  • बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है

रायपुर, 15 अगस्त, 2024-आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल(धुरवा पागा) पहनकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना न केवल बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हमें अपनी स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजो कर रखना चाहिए।

बस्तरिया वेशभूषा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की अनूठी और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस वेशभूषा का महत्व सिर्फ पहनावे तक सीमित नहीं है बल्कि यह बस्तर की परंपराओं, रीति-रिवाजों, और सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।

बस्तरिया वेशभूषा में पहने जाने वाले वस्त्र और आभूषण स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए जाते हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का हिस्सा हैं। इस वेशभूसा में बस्तर की लोक कलाओं और हस्तशिल्प की झलक मिलती है जो क्षेत्र के सांस्कृतिक धरोहर की समृद्धि को दर्शाता है।बस्तरिया वेशभूषा पहनने से एक व्यक्ति को बस्तर की संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता है। यह पहनावा बस्तर के लोगों की सामूहिक पहचान को मजबूत करता है और उनके जीवन में पारंपरिक मूल्यों का स्थान बताता है। पागा जो इस वेशभूषा का प्रमुख हिस्सा है सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। बस्तरिया वेशभूषा को अपनाने और प्रदर्शित करने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलता है। यह अन्य क्षेत्रों के लोगों को बस्तर की संस्कृति से परिचित कराता है और सांस्कृतिक विविधता की समझ को गहरा करता है। बस्तरिया वेशभूषा का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री अधिकांशतः प्राकृतिक और स्थानीय रूप से उपलब्ध होती है, जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थायित्व के सिद्धांतों का समर्थन करती है।

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि किरण देव ने तिरंगा फहराया और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया

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  • पूरी भव्यता और गरिमा के साथ मनाया गया 78 वां स्वतंत्रता दिवस
  • शहीद जवानों के परिजनों को किया सम्मानित
  • कदम-ताल मिलाते हुए परेड की टुकड़ियों का मार्च पास्ट रहा आकर्षण का केंद्र
  • स्कूली छात्र-छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति और देश भक्ति पर दी शानदार प्रस्तुती
  • पुलिस और प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 188 अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशस्ति पत्र

सुकमा, 15 अगस्त 2024/ सुकमा जिले में देश की आजादी का अमृत महोत्सव पर 78 वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज जिला मुख्यालय सुकमा के मिनी स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक किरण देव ने आन-बान और शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की ओर से छत्तीसगढ़ में हुए चहुमुखी विकास का संदेश आम जनता तक पहुंचाया। उन्होंने कलेक्टरहरिस. एस और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के साथ परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में सलामी के पश्चात मुख्य अतिथि ने शान्ति और प्रेम के प्रतीक सफेद कपोत और हर्ष व उल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े और सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनांए दी। राष्ट्रगान की धुन पर तीन राउंड में हर्ष फायर किया गया। समारोह में परेड की टुकड़ियों द्वारा सधे हुए और कदम-ताल मिलाते हुए शानदार मार्च पास्ट किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य अतिथि ने सभी प्लाटून कमांडरों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ फोटो सेशन कराया। समारोह में मुख्य अतिथि  किरण देव ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए जिले के जवानों के बलिदान को याद करते हुए उनके परिजनों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया।


साथ ही स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में उत्कृष्ट परेड प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम को सम्मानित किया गया। जिसमें परेड प्रदर्शन सीनियर विंग प्रथम स्थान सीआरपीएफ बटालियन, द्वितीय स्थान महिला पुलिस बल एवं तृतीय स्थान जिला पुलिस बल को मिला। परेड प्रदर्शन जुनियर विंग में प्रथम स्थान स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, द्वितीय स्थान शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, तृतीय स्थान आईएमएसटी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा को मिला। साथ ही समारोह में परेड की टुकड़ियों को शील्ड प्रदान किया गया। इसके गरिमामय स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति और देश भक्ति पर शानदार प्रस्तुती दी। मुख्य अतिथि  किरण देव ने प्रस्तुति दे रहे आकार दिव्यांग संस्था के बच्चों की कार्यक्रम की सरहाना कर उनसे रूबरू होकर परिचय लिया। सास्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम स्थान आकार दिव्यांग आवासीय विद्यालय सुकमा, द्वितीय स्थान स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय सुकमा, तृतीय स्थान पोटाकेबिन बालाटिकरा छिंदगढ़ को मिला। साथ ही कन्या शिक्षा परिसर, सेजेस अंग्रेजी माध्यम स्कूल सुकमा, आर.एम.एस.ए, एकलव्य सुकमा और एकलव्य छिन्दगढ़ के 400 विद्यार्थियों ने पीटी का सामूहिक प्रदर्शन किया।


साथ ही बेहतर पुलिसिंग सेवा और जिला प्रशासन के अधीन विभिन्न विभागों में उत्कष्ट सेवाओं के लिए 188 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य समारोह में  हरीश कवासी अध्यक्ष जिला पंचायत, जगन्नाथ साहू अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सुकमा, श्रीमती आयती कलमू अध्यक्ष जनपद पंचायत सुकमा, ,  रामा सोढ़ी जिला पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे  मनोज देव,  हुंगा राम मरकाम,  अरूण सिंह भदौरिया,  पीलू राम यादव,  करणदेव, कलेक्टर हरिस एस. पुलिस अधिक्षक  किरण चव्हाण, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता जैन, डीएफओ अशोक कुमार पटेल, अपर कलेक्टर  गजेन्द्र ठाकुर, एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन  निखिल राखेजा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मीडिया प्रतिनिधी, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण किया

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  •  भाजपा को ललकारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने
    रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में ध्वजारोहण किया तथा इस अवसर पर कांग्रेसजनों के नाम अपना संबोधन भी दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आजादी की 78वीं वर्षगांठ पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी का यह पर्व हमें याद दिलाता है अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदानों, देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर, जेल यातना सहकर स्वतंत्र भारत का लक्ष्य हासिल किया। हम उन सभी ज्ञात, अज्ञात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते हैं। महात्मा गांधी तथा अनेक एवं दूरदर्शी विभूतियों के नेतृत्व में हमारा राष्ट्रीय आंदोलन अद्वितीय आदर्शों से प्रेरित था। गांधीजी तथा अन्य महानायकों ने भारत की आत्मा को फिर से जगाया और हमारी महान सभ्यता के मूल्यों का जन-जन में संचार किया। भारत के ज्वलंत उदाहरण का अनुसरण करते हुए हमारे स्वाधीनता संग्राम की आधारशिला- सत्य और अहिंसा को पूरी दुनिया के अनेक राजनीतिक संघर्षों में सफलतापूर्वक अपनाया गया है। आजादी के बाद संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक पंथ निरपेक्ष गणराज्य की स्थापना के साथ ही हमारा संविधान देश के आम आदमी के अधिकारों का रक्षक है।

आज हमारे संवैधानिक मूल्यों पर हमला हो रहा है। संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित तरीके से हमला हो रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी की भूमिका देश के लोकतंत्र और भारत के संवैधानिक मूल्यों को बचाने के लिए और बढ़ जाती है। हमें गर्व है कि अपनी इस जिम्मेदारी को हमारा नेतृत्व भली-भांति समझता है। हमारी पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस भारत के लोगों की आवाज लगातार उठा रही है। जब देश चलाने वाला दल, सत्ताधीश और हुक्मरान आम आदमी की जरूरतों शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को परिदृश्य के पीछे धकेल कर धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हो तब उस समय कांग्रेस जैसी जन-सरोकारी वाली पार्टी का यह नैतिक और राजनैतिक कर्तव्य हो जाता है कि वह देश को बचाने, देश की एकता और अखंडता को बचाने के लिए देश की जनता की मजबूत आवाज बने, आज कांग्रेस के नेता राहुल गांधी संसद के अंदर तथा संसद के बाहर उसी आम आदमी की आवाज को उठा रहे हैं। पिछले चुनावों में हमें आशातीत सफलता नहीं मिली लेकिन जनता ने हमें एक मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार पर निगरानी रखने की महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपा है। केंद्र मे और राज्य मे भी हम अपनी इस जबाबदारी को बखूबी समझते है।

छत्तीसगढ़ में 5 सालों तक हमारी सरकार थी, हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़िया अस्मिता से लेकर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए काम किया। कांग्रेस के 5 सालों के शासनकाल में छत्तीसगढ़ मॉडल ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। किसान, महिला, मजदूर, अनुसूचित जाति, जनजाति तथा वंचित वर्ग कांग्रेस सरकार की योजनाओं के केंद्र बिंदु थे। हमारी सरकार ने ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने के न सिर्फ ठोस योजना बनाई उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। किसानो, तेंदूपत्ता संग्राहकों, वनोपज संग्राहकों खेतिहर मजदूरों को उनकी मेहनत की पूरी क़ीमत मिले। हमने स्वामी आत्मानंद स्कूलों के माध्यम से गरीबों के बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी शिक्षा देना सुनिश्चित करवाया। हाट बाजार क्लिनिक, खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से हमने हर नागरिक तक इलाज पहुंचाया। कांग्रेस की सरकार को जनता अब याद कर रही है। हम सरकार में नहीं है, जनता के हक की लड़ाई के लिए हम हमेशा तत्पर हैं। 8 माह में ही जनता को यह अहसास होने लगा कि कांग्रेस की सरकार, वर्तमान सरकार से बेहतर थी। 8 माह में कानून व्यवस्था बर्बाद हो गई है। राज्य में कलेक्टर, एसपी कार्यालय जलाए जा रहे हैं, हत्या, लूट, डकैती से आम आदमी भयभीत है, माता-बहनें सुरक्षित नहीं हैं। बस्तर में फिर वही भय, आतंक और फर्जी मुठभेड़ का दौर शुरू हो गया है। आज प्रदेश में बस्तर से सरगुजा तक डायरिया, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से कई लोग मर गये हैं, जिसमे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा जनजाति के लोग भी है। 5 सालों में कांग्रेस ने शांति और सुशासन की जो स्थापना किया था 8 माह में वह नष्ट हो गया। प्रदेश में पत्रकारों को फर्जी मामले में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। विपक्ष के रूप में हम जिम्मेदारी को समझते है, जनता के हितों के लिए आंदोलन हमारा रास्ता है और आने वाले 4 सालों तक इस आताताई निकम्मी सरकार को उखाड़ फेकने तक हम संघर्ष करते रहेंगे। बेहतर छत्तीसगढ़ के लिए यह आवश्यक है कि वर्तमान भाजपा सरकार को सत्ता से हटाया जाए। आजादी के इस पावन पर्व पर हर कांग्रेसजन का यही संकल्प है।

नक्सली हिड़मा के अपनों को ही मार डाला नक्सलियों ने

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  • गांव में कैंप खुलने से बौखलाए नक्सलियों ने की मासूम छात्र की हत्या
  •  हफ्तेभर पहले मार डाला था छात्र के बड़े भाई को 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर हमारा देश वसुधैव कुटुंबकम यानि सारा विश्व एक परिवार की अवधारणा का पक्षधर रहा है। वहीं हमारे छत्तीसगढ़ के गांवों में तो पूरे गांव के लोग एक परिवार की तरह रहने, एक दूसरे के सुख दुख में साथ देने का काम करते हैं, मगर नक्सलियों को इस सामाजिक तानेबाने पर शायद यकीन नहीं है। यही वजह है कि कुख्यात नक्सली हिड़मा के गांव के एक मासूम छात्र को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया है। इसके हफ्तेभर पहले इस छात्र के बड़े भाई को भी नक्सलियों ने मौत की नींद सुला दी थी। ये दोनों भाई भले ही हिड़मा के सगे संबंधी नहीं रहे होंगे, मगर गांव के चलन के मुताबिक छोटे भाई, भांजे अथवा भतीजे जरूर रहे होंगे। क्या अपनों के कत्ल से हिड़मा का दिल नहीं पसीजा होगा, अंतर आत्मा नहीं कांप उठी होगी, या फिर उसकी जमीर मर चुकी है?

पुलिस के मोस्ट वांटेड कुख्यात नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती में सुरक्षा बल का कैंप स्थापित किए जाने और एक के बाद एक नक्सलियों के मारे जाने एवं लगातार उनके आत्मसमर्पण से नक्सली बौखला उठे हैं और इसी बौखलाहट में वे निरीह आदिवासियों की निर्मम हत्याएं करने लगे हैं। यहां तक कि मासूम बच्चों की भी हत्या करने से वे बाज नहीं आ रहे हैं। नक्सलियों ने मंगलवार को 17 वर्षीय स्कूली छात्र सोयम शंकर को मार डाला। इससे एक सप्ताह पहले इसी गांव में सोयम शंकर के भाई सोयम सीताराम को भी नक्सलियों ने मार डाला था। सोयम शंकर पालनार में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसकी भाभी का निधन हो गया था और उसके अंतिम कर्म में शामिल होने पूवर्ती आया था। पूवर्ती से पालनार लौटते समय नक्सलियों ने शंकर दौड़ा दौड़कर मार डाला। एक गरीब आदिवासी बेटा चीखता चिल्लाता रहा, अपनी जान की भीख मांगता रहा, मगर नक्सलियों को उस पर जरा भी तरस नहीं आई। एक सप्ताह में एक ही परिवार के दो सगे भाईयों को जान से मार डालने की घटना के बाद उनके पिता सोयम धुड़वा ने परिवार सहित गांव छोड़ दिया है। एसपी किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि की है। नक्सलियों के आधार क्षेत्र में सुरक्षा बल के लगातार बढ़ती पैठ, ग्रामीणों के मन में पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति बढ़ते अपनत्व भाव ने नक्सलियों की नींद उड़ा दी है। नक्सली अब अपना आधार बचाने निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं।

कर देंगे जड़ से खात्मा
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस से 48 घंटे पहले 16 वर्षीय स्कूली छात्र की हत्या कर नक्सली क्षेत्र में अपना वर्चस्व दिखाना चाह रहे हैं, पर नक्सलियों के कुत्सित इरादों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। जनवरी से लेकर अब तक बस्तर में सुरक्षा बलों ने 100 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है, इस बौखलाहट में अब नक्सली ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं। सुरक्षा बल नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने तैयार हैं और शीघ्र ही नक्सलियों का समूल सफाया कर दिया जाएगा।

दौड़ा दौड़कर मारा छात्र को
सात दिन पहले सोयम धुड़वा की बहू की मृत्यु हुई हो गई थी। धुड़वा का बेटा सोयम शंकर पालनार स्थित अपनी चाची के घर में रहकर पढ़ाई कर रहा था और भाभी के मृत्यु संस्कार में सम्मिलित होने के लिए पूवर्ती गांव आया हुआ था। अंतिम कार्यक्रम निपटने के बाद सोयम शंकर वापस पालनार लौट रहा था। इसी दौरान पूवर्ती और टेकलगुड़ा के बीच नक्सलियों ने शंकर को घेर लिया और उसे दौड़ा -दौड़ाकर जान से मार दिया। ग्रामीणों ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा है कि पुलिस मुखबिरी का झूठा आरोप लगाकर निर्दोष आदिवासी बच्चों को नक्सलियों ने मारा है।

ये कैसे आदिवासी हितैषी
नक्सली खुद को आदिवासियों का परम हितैषी बताते हैं। जल, जंगल, जमीन का हक आदिवासियों को दिलाने की लड़ाई लड़ने की बात कहते हैं। दूसरी ओर निरीह आदिवासियों और उनके मासूम बच्चों को लगातार मौत के घाट उतारते चले जा रहे हैं। नक्सली खुद तो तेंदूपत्ता ठेकेदारों और निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों से लेव्ही वसूल कर अपना घर भर रहे हैं और गरीब आदिवासियों के घर का चिराग बुझा रहे हैं। नक्सली नेता हिड़मा खुद आदिवासी है। क्या उसे यह सब नहीं दिखता? सोयम शंकर और सोयम सीताराम हिड़मा के गांव पूवर्ती के ही गरीब आदिवासी बच्चे थे। सोयम सीताराम और सोयम शंकर भले ही हिड़मा के सगे रिश्तेदार नहीं रहे होंगे, मगर गांव की परंपरा के अनुसार वे हिड़मा के छोटे भाई, भतीजे या भांजे जरूर रहे होंगे। एक मासूम छात्र की निर्मम हत्या से क्या हिड़मा के दिल में थोड़ा भी दर्द नहीं उठा होगा, या फिर वह भी बाहरी नक्सलियों के रंग में रंग गया है?

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सर्किट हाउस जगदलपुर में किया ध्वजारोहण

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जगदलपुर, 15 अगस्त 2024:उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज सर्किट हाउस, जगदलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। इस शुभ अवसर पर राष्ट्रगान का गायन किया गया, जिसमें उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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