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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर को विजयी बनाने के लिए कुसुमकसा में बैठक हुई संपन्न

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कुसुमकसा — लोकसभा चुनाव में काँग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर को विजयी बनाने के लिए कुसुमकसा छेत्र के काँग्रेस कार्यकर्ताओं की आवश्यक बैठक जैन भवन कुसुमकसा में संपन्न हुई ,जिसमे कांकेर लोकसभा छेत्र के काँग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी बीरेश ठाकुर के पक्ष में पंजा छाप पर प्रत्येक बूथों में अत्यधिक मतदान कराकर विजयी बनाने व काँग्रेस पार्टी के जन कल्याणकारी घोषणा पत्र को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लिया

कार्यक्रम का शुभारंभ मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ने उपस्थित काँग्रेस कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के जनकल्याण कारी योजनाओ की जानकारी देते हुए पार्टी द्वारा जारी घोषणा पत्र को घर-घर तक पहुंचाना है ,

उदेराम सिवना ने समस्त कार्यकर्ताओ से विधानसभा चुनाव में जिस तरह से मेहनत कर विधायक बनाये है उससे भी ज्यादा मेहनत कर लोकसभा चुनाव में बीरेश ठाकुर को विजयी बनाकर दिल्ली भेजने की बात राजेश चुरेन्द्र जनपद सदस्य ने उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लोकसभा चुनाव में काँग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को जिताने की बात कही

कार्यक्रम को तिहारसिंह तारम,प्रेमचंद जैन ,प्रकाशचंद कुचेरिया ,एस पी यादव ,जगन्नाथ सिवना ,तुलाराम कोसमा ने भी कार्यकर्ताओ को लोकसभा चुनाव के लिये दिशा निर्देश दिये ,कार्यक्रम का संचालन चम्पालाल सागर व आभार प्रदर्शन अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ने किया

 

इस अवसर पर कांकेर लोकसभा के काँग्रेस पार्टी के प्रत्याशी बीरेश ठाकुर ने मोबाइल पर उपस्थित समस्त कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता अपने आप को बीरेश ठाकुर समझकर चुनाव प्रचार करने की बात कही

 

उक्त बैठक में मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ,राजेश चुरेन्द्र जनपद सदस्य ,प्रकाशचंद्र कुचेरिया ,एस पी यादव ,उदेराम सिवना ,तिहारसिंह तारम,जगन्नाथ सिवना ,तुलाराम कोसमा ,कन्हैयालाल भौसार्य ,अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ,भगतराम उर्वशा, गौतम कोर्राम ,वीरेंद्र तारम,प्रेमचंद जैन ,परस राम लेडिया, शेख अहमद , भीम रावटे ,देवलाल कोर्राम ,प्यारसिंह उइके,जीवराखन नेताम ,,नदीम खान ,जसवंत कुमार रावटे ,विनेश सिन्हा ,गोपेश कोठारी ,रमेश कुमार ,रितिक उइके ,पुष्पाबाई यादव ,राधिका बाई ,सगाबती ,ज्योति यादव,राजेश्वरी साहू सहित सैकड़ों महिला पुरुष व युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे

कांग्रेस बनाएगी खेती किसानी को फायदे का धंधा: दीपक बैज

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  • भाजपा ने तीन काले क़ृषि  कानून से किसानों को गुलाम बनाने का षड्यंत्र रचा

जगदलपुर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिले, कांग्रेस इसका पूरा इंतजाम करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि देश की खुशहाली और समृद्धि का मार्ग खेतों से शुरू होता है। देश का अन्नदाता खुशहाल होगा तथा उसकी उपज की उसे पूरी कीमत मिलेगी तो देश के उद्योग व्यापार सभी में तरक्की होगी इसे ध्यान में रखकर कांग्रेस पार्टी ने किसानों के लिए किसान न्याय योजना की घोषणा की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसान कर्ज एवं जीएसटी से मुक्त होगा। एमएसपी को कानूनी दर्जा मिलेगा। किसान आर्थिक रूप से सक्षम होगा, खुशहाल होगा। बीते 10 वर्ष में मोदी सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने, उपज का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने जैसे वादों को पूरा नहीं किया। बल्कि किसानों को कमजोर करने एवं पूंजीपतियों का गुलाम बनाने के लिए तीन काले कृषि कानून लाए जिसका कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया था। भाजपा की नीति में किसान की समृद्धि खुशहाली नहीं है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री बैज ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार बनने पर किसानों को जीएसटी मुक्त करने की गारंटी दी है। जीएसटी मुक्त होने से ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, एग्रो फर्टिलाइजर के दामों में भारी कमी आएगी। मोदी सरकार के पहले कांग्रेस की सरकार ने इन सब को टैक्स मुक्त रखा था। किसान जीएसटी मुक्त होगा तो उनको लागत मूल्य में भी राहत मिलेगा जिससे किसानों की आर्थिक बचत होगी। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस किसानों के सुख समृद्धि के लिए 5 गारंटी देती है। कांग्रेस की सरकार बनने पर एमएसपी को कानूनी दर्ज़ा दिया जाएगा। इसके लिए संसद में एक विशेष कानून पारित किया जाएगा। डॉ. एमएस स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार एमएसपी तय की जाएगी।किसानों के ऋण माफ़ करने और आवश्यक ऋण माफ़ी की राशि निर्धारित करने के लिए एक स्थायी कृषि ऋण माफ़ी आयोग की स्थापना की जाएगी। किसानों की फ़सलों का नुक़सान होने पर 30 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में गारंटीड भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना को फ़िर से डिज़ाइन किया जाएगा। कांग्रेस कृषि उत्पादों के लिए एक आयात- निर्यात नीति लागू करेगी, जिसमें किसानों के हितों की रक्षा और चिंताएं सर्वोपरि होंगी। यह स्थिर और पूर्वानुमान पर आधारित होने के साथ-साथ किसानों के हितों पर आधारित होगा।

किसान जीएसटी मुक्त होंगे। कृषि में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर टैक्स से छूट के लिए जीएसटी व्यवस्था में संशोधन किया जाएगा।

हार की बौखलाहट से भूपेश बघेल का धर्म विरोधी चेहरा हुआ बेनकाब : संतोष पांडे

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  •  भ्रष्टाचारियों के सरगना रहे भूपेश के मुंह से ईमानदारी की बात अच्छी नहीं लगती

राजनांदगांव भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संतोष पांडे ने रविवार को अंबागढ़ चौकी विधानसभा क्षेत्र के छछानपहरी, सांगली, कौडूटोला, भड़सेना, चिल्हाटी, ओटेबांधा, रेंगाकठेरा, सिंघाभेड़ी सहित अनेक ग्रामों में सघन जनसम्पर्क कर जन आशीर्वाद सभाओं को संबोधित किया।

सभाओं में भाजपा प्रत्याशी संतोष पाण्डेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार सनातन संस्कृति और हिन्दुत्व का अपमान करते रहे हैं। श्री पांडे ने कहा कि “विष्णु को भ्रष्टाचार का भोग लग रहा” जैसा बयान देकर बघेल न केवल अपनी राजनीतिक कुंठा का प्रदर्शन कर रहे हैं, अपितु सनातन परम्परा के प्रति अपनी घृणा का शर्मनाक प्रदर्शन भी कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी पांडे ने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के इस बयान की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और हिन्दुत्व के प्रति विष वमन करके बघेल ने करोड़ों जनता की भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाने का कृत्य किया है। पूर्व मुख्यमंत्री हिन्दुत्व की जन आस्था से जुड़े प्रतीकों का अपमान अपनी तयशुदा हार की बौखलाहट में कर रहे हैं। इसके लिए बघेल पूरे प्रदेश की जनता से निशर्त माफी मांगें। भाजपा एवं प्रदेश की जनता ऐसे अधर्मी बयान को सहन नहीं करेगी। भाजपा प्रत्याशी संतोष पांडे ने कहा कि भ्रष्टाचार पर बघेल का बयान “सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद” की उक्ति को चरितार्थ करने वाला है। अपने शासनकाल में भ्रष्टाचारियों के सरगना रहे भूपेश बघेल के मुंह से भ्रष्टचार को लेकर बातें करना शोभा नहीं देता।

भ्रष्टाचार के प्रतीक हैं बघेल

पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों, गरीबों, अजा- अजजा वर्ग के लोगों, पिछड़ा वर्ग के लोगों का हक मारने, महादेव एप का घोटाला करके युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने और गौधन न्याय योजना तक में घपलेबाजी करके गौमाता को अपमानित करने वाले भूपेश बघेल प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रतीक बन गए हैं। श्री पांडे ने कहा कि भूपेश बघेल पहले प्रदेश को यह बताएं कि 15 महीनों से जेल में बंद सौम्या चौरसिया के क्या वे आज भी पैरोकार हैं ? क्या आज भी वह सौम्या के वकील हैं? बघेल यह भी साफ करें कि अपनी जिस उप सचिव सौम्या की वकालत वह करते रहे हैं, उसे अब तक जमानत तक के लाले क्यों पड़े हुए हैं? उन्होंने कहा कि अपने मुख्यमंत्रित्व काल में भ्रष्टाचारियों को बचाने का कृत्य बघेल ने किया है, अपनी उप सचिव सौम्या चौरसिया के भ्रष्टाचार में उनकी कितनी संलिप्तता है, यह जानकारी प्रदेश की जनता को भूपेश बघेल पहले दें, तब ईमानदारी की बात करें। पाण्डेय के साथ चुनाव प्रचार दौरे में मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष गीता साहू, जिला महामंत्री रवींद्र वैष्णव, राजेश सिंघी, गुलाब गोस्वामी, अरुण यादव, देवनारायण कुंभकार, भूषण ठाकुर, सतीश शर्मा, काशी निषाद, रामधार हिरवानी, भंगीराम साहू, नेहरू रजक, तीजुराम साहू, केशव पटेल,बिन्दु यादव, गौरीशंकर गुरले, चुन्नू साहू, गयादास साहू, शंकर नेताम, हितराम कुंभकार, सोनू कसेर, चेतन साहू, एकलव्य साहू, आशीष, अमरदास साहू, श्रीराम सोरी, धुकूराम पैकरा, कल्पना वट्टी, छन्नू साहू सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

बस्तर में स्थित भारत के सबसे पुराने चार सागौन पेड़ लड़ रहे हैं अपने अस्तित्व की लड़ाई

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  •  भरत के बाद अब लक्ष्मण भी सूखने की कगार पर
  • चारों प्राचीन पेड़ों को राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का नाम दे रखा है ग्रामीणों ने

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। बस्तर को साल वनों का द्वीप भी कहा जाता है। घने जंगल, यहां के वाटरफॉल और नैसर्गिक गुफाएं पूरे देश और विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं। इसी बस्तर में भारत के सबसे पुराने पेड़ स्थित हैं, मगर दुर्भाग्य की बात है कि जिन पेड़ों को यहां के आदिवासी भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के रूप में सदियों से पूजते आ रहे हैं, वही देवतुल्य पेड़ आज अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक वनग्राम है तिरिया। तिरिया गांव की वादियों से ही माचकोट का घना जंगल शुरू हो जाता है। यहां कच्चे रास्ते और पहाड़ी नाला पार करके 10 किलोमीटर जंगल के भीतर तोलावाड़ा बीट अंतर्गत कंटीले तारों से चार अति विशालकाय सागौन के पेड़ों को संरक्षित किया गया है। इन पेड़ों को देखकर आपके मन में जरूर यह सवाल उठेगा कि भला इतने विशाल पेड़ों की बाड़बंदी की क्या जरूरत है? दरअसल कहानी ही कुछ ऐसी है कि इन पेड़ों की सच्चाई जानकर आप निसंदेह आश्चर्य में पड़े बिना नहीं रहेंगे। माचकोट वन क्षेत्र के घने जंगल में इस रेंज के सबसे विशालकाय सागौन के पेड़ों को वन विभाग और आसपास के आदिवासियों ने राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का नाम दिया हुआ है। खास बात यह है कि सिर्फ 20 मीटर के दायरे में यह चारों पेड़ एक सीधी कतार में खड़े हुए हैं। इन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो त्रेतायुग के चारों भाई इन पेड़ों के रूप में यहां साक्षात एकसाथ खड़े हैं। बस्तर में यही भारत के सबसे प्राचीन सागौन के पेड़ हैं। इन पेड़ों की उम्र लगभग 600 साल है। इनमें से एक पेड़ को भगवान श्रीराम का नाम दिया गया है। इसे भारत का सबसे प्राचीन सागौन का पेड़ माना जाता है। इस पेड़ के अगल बगल में तीन और सागौन के पुराने पेड़ हैं, जिन्हें लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के नाम से जाना जाता है। दरअसल इन पेड़ों की वास्तविक आयु की गणना के हिसाब से देखा जाए तो यह अयोध्या में श्रीराम लला के जन्म स्थान निर्माण के पहले से अस्तित्व में हैं।

पेड़ों से आई थी इंसानी आवाज

स्थानीय ग्रामीण और जानकार रोहन कुमार बताते हैं कि भगवान राम का इस दंडकारण्य से गहरा संबंध रहा है। इसलिए इन पेड़ों की उम्र के आधार पर नामकरण राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न किया गया है। ऐसी भी मान्यता है कि कुछ ग्रामीण बरसों पहले सागौन के इन पुराने पेड़ों को काटने पहुंचे थे लेकिन जैसे ही कुल्हाड़ी चली, इन पेड़ों से इंसानी आवाजें आने लगीं। आवाज सुनकर ग्रामीण डर गए। तब से इन्हें देव पेड़ मानकर ग्रामीण इन पेड़ों की पूजा करते आ रहे हैं। पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम के चातुर्मास के दौरान गुप्तेश्वर आश्रय स्थल रहा है। गुप्तेश्वर जाने वाले भक्त इन रामनामी सागौन को देखना शुभ मानते हैं। यह पेड़ तिरिया- गुप्तेश्वर मुख्य मार्ग से छह किमी दूर हैं। पास ही सागौन के दो पुराने पेड़ और मिले हैं। इन्हें क्रमश: सीताजी और हनुमान जी का नाम दिया गया है। अब क्षेत्रवासी तोलावाड़ा जंगल में पूरा राम दरबार होने की बात श्रद्धा से कहने लगे हैं।

दुर्लभ सागौन पेड़ों का ब्यौरा

राम नाम वाले सागौन पेड़ की गोलाई 600 सेमी और ऊंचाई 43.05 मीटर, लक्ष्मण नाम वाले पेड़ की गोलाई 520 सेमी और ऊंचाई 38.40 मीटर, भरत नाम वाले पेड़ की गोलाई 536 सेमी एवं ऊंचाई 45.50 मीटर और शत्रुघ्न नाम वाले सागौन पेड़ की गोलाई 314 सेमी एवं ऊंचाई 33.05 मीटर है। इस विवरण से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सागौन के पेड़ इतनी ज्यादा गोलाई और ऊंचाई वाले और कहीं नहीं मिलते। गोलाई और ऊंचाई के आधार पर ही पेड़ों की आयु का आंकलन किया जाता है। दुख की बात है कि अंचल के आदिवासियों के लिए पूज्यनीय बन चुके ये पेड़ लगातार क्षरित होते जा रहे हैं और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

बस्तर को पूरी तरह कांग्रेस मुक्त बनाएंगे भाजपा के कार्यकर्ता : महेश कश्यप

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  •  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी, बस्तर प्रभारी महेश जैन व महेश कश्यप ने ली बैठकें
  • बूथ को सशक्त बनाने हर मतदाता व लाभार्थी से संपर्क करें कार्यकर्ता :लता उसेंडी

जगदलपुर प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ में एकमात्र बस्तर लोकसभा सीट में होने वाले चुनाव में नामांकन पत्रों की संवीक्षा व नाम वापसी के बाद कुल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। परंपरागत रूप से मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के बीच ही है। भाजपा ने लोकसभा प्रत्याशी के रूप में महेश कश्यप के नाम की घोषणा काफी पहले 2 मार्च को कर दी थी, कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम होली के त्यौहार के एक दिन पहले ले दे कर घोषित हुआ। लिहाजा प्रचार प्रसार में, क्षेत्र में जनता के बीच पहुंचने में भाजपा अब भी आगे ही चल रही है।

भाजपा के बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने रविवार को कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में पहुंच कर मंडल व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उनसे मुलाकात की। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोंडागांव की विधायक लता उसेंडी एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र प्रभारी महेश जैन की उपस्थिति में महेश कश्यप ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर को पूरी तरह से कांग्रेस मुक्त बनाना है। केंद्र की मोदी सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जन जन तक पहुंचा है। देश को समृद्ध बनाने व विकास के लिए केंद्र में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार का निर्वाचित होना आवश्यक है। भाजपा के समस्त कार्यकर्ता राष्ट्र का गौरव बढा़ने के लिए परिश्रम करते हैं। प्रदेश में तीन महीने की कार्य अवधि में ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनता से किए वादों को पूरा कर मोदी की गारंटी को साकार किया है। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने कहा कि भाजपा के ऊर्जावान कार्यकर्ता ही पार्टी की शक्ति हैं। केंद्र में फिर से मोदी सरकार को स्थापित करने सभी कार्यकर्ताओं को एकजुटता के साथ मेहनत करनी है। एक एक बूथ को सशक्त बनाने बूथ स्तर के मतदाताओं, रहवासियों से जीवंत संपर्क बनाएं, लाभार्थियों से मुलाकात करें, केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के विकास कार्यों व योजनाओं के साथ जनता जनार्दन के मध्य जाएं।

भाजपा के बस्तर लोकसभा प्रभारी महेश जैन ने केंद्र में पुनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया। भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र सामपुर, पल्ली, काटागांव, राधना, दुबारा, माकड़ी, हीरापुर, झिनारी, अनतपुर, बीजापुर, मनेदा में कार्यकर्ताओं की बैठकें ली और क्षेत्रवासियों से मुलाकात की। इस मौके पर संजू पोयाम, बालसिंह बघेल, गीतेश पाण्डेय सहित हजारों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नीबू’ से विरोधियों के पेट में जबरदस्त मरोड़ पैदा कर दी बाबा भोजराज नाग ने तो

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  •  नीबू की विशेषता पर दिए उनके बयान से विरोधी खेमे में मच गई खलबली

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग की कांकेर लोकसभा सीट से एक सनातनी आदिवासी भोजराज नाग को भाजपा ने प्रत्याशी बनाकर विरोधी दलों के नेताओं को जो सिरदर्द दे दिया है, उसकी काट विरोधी नेता अब तक नहीं निकाल पाए हैं। वहीं अब भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने एक नीबू से विरोधी नेताओं के पेट में ऐसी मरोड़ पैदा कर दी है कि कुछ पूछो मत। एक चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने नीबू का महत्व समझते हुए कुछ ऐसी बातें कह दी कि विरोधी खेमे में जबरदस्त खलबली मच गई है।

अपने पाठकों की जानकारी के लिए यहां यह बताना जरूरी है कि भोजराज नाग बस्तर संभाग के जाने माने वैद्य हैं। वे पुराने और असाध्य रोगों का भी इलाज प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति से करते हैं। रोगों के उपचार के लिए जंगली जड़ी बूटियों और नीबू, आंवला, हर्रा, बेहरा जैसे फलों व पेड़ों की छाल का उपयोग करते हैं। कांकेर लोकसभा क्षेत्र की एक चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने नींबू से और नींबू को निचोड़कर लोगों की दैवीय परेशानी दूर करने की बात कही। इसका मतलब है आयुर्वेदिक तरीके से लोगों को उपचार करने कराने की सलाह। वैसे भी नींबू का उपयोग पूजा के अलावा कई प्रकार के रोगों में भी किया जाता है। विशेष रूप से अजीर्ण के रोगियों के लिए नीबू लाभकारी है। अब जिन लोगों की बुद्धि ही अजीर्ण की चपेट में आ गई हो, उनका इलाज भी नींबू से ही संभव है। दैहिक और दैविक रोग या समस्या का इलाज नींबू से ही होता है। भारत में आदिकाल से लोग आयुर्वेद का सहारा लेकर अपने को स्वस्थ रखते आ रहे हैं। अब एलोपैथी का उपयोग करके अपने को चंगा रखते हैं। बावजूद बस्तर में आज भी हजारों लोग प्राचीन पद्धति से अपना इलाज कराना ज्यादा पसंद करते हैं।भोजराज नाग ने चुनावी समीकरण के तहत नींबू को निचोड़ कर लोगों का दुख दूर करने का दावा किया। वह दुख दैविक और दैहिक भी हो सकता है। जब लोग दुख से परे रहेंगे, तब वे अपने लिए खुद स्वालंबन की राह चुन पाएंगे। पुरातन काल से से चले आ रहे नींबू के रहस्य को उन्होंने लोगों के स्वास्थ्य से जोड़ा है। राजनीतिक विरोधियों के पेट में होने वाले दर्द को नींबू निचोड़कर ठीक करने का उन्होंने दावा किया।

छत्तीसगढ़ में बैगा गुनिया को लोग भावनात्मक रूप से मानते और पूजते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी बैगा गुनिया की शरण में जाकर अपने हाथों पर कोड़े अक्सर दशहरा पर्व पर लगवाते रहे हैं। वहीं कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री कवासी लखमा को देवता झूंपते और खुद के शरीर को सांकल मार मारकर लहूलुहान करते सैकड़ों लोगों ने देखा है। सभी राजनीतिक दल प्रसिद्ध लोगों को ही टिकिट देते हैं। चूंकि भोजराज नाग एक लोकप्रिय वैद्य और गुनिया हैं। उन्होंने देवगुड़ी के माध्यम से अपने आदिवासी समाज की रीति रिवाजों से लेकर आदिवासी परंपराओं को संरक्षित करने का बेहतरीन काम किया है। ऐसे में उनका यह बयान इस संदर्भ में काफी महत्व रखता है। उनके इस बयान को विरोधी दल किसी भी रूप में लेकर आलोचना करें, किंतु भोजराज के इस बयान ने पूरे प्रदेश के लोगों का ध्यान खींचा है। बीजेपी सनातन के लिए संघर्ष करने की बात करती है, इस अभियान में उनके प्रत्याशी अगर यह बयान देते हैं, तो उसकी सराहना सनातनी हिंदू समाज भी अब खुलकर कर रहा है।

ऐन लोकसभा चुनाव के बीच नक्सालियों ने दिया बड़ी वारदात को अंजाम, चार ट्रक फूंके

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  •  छोटेडोंगर थाने से चंद कदमों के फासले पर की ट्रकों पर आगजनी
  • लौह अयस्क लदे ट्रकों को किया आग के हवाले

अर्जुन झा-

जगदलपुर ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर संभाग में नक्सलियों ने तांडव मचाना और हिंसा की बड़ी वरदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। संभाग के बीजापुर जिले में करीब आधा दर्जन निरीह ग्रामीणों की हत्या के बाद शनिवार देर रात संभाग के ही नारायणपुर जिले में भी एकबार फिर नक्सलियों का तांडव देखने को मिला है।जहां नक्सलियों ने चार ट्रकों को आग के हवाले कर दिया है। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

ताजा घटना बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले की तहसील छोटे डोंगर की है। नक्सलियों ने छोटे डोंगर थाना परिसर से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़े चार ट्रक वाहनों में देर रात आगजनी कर दी। ये ट्रक आमदई स्थित निको जायसवाल ग्रुप की माइंस से आयरन ओर लेकर निकले थे। घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम जांच में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात लगभग 30 की संख्या में सशस्त्र नक्सली ग्रामीणों की वेशभूषा में पहुंचे और ट्रक चालकों को पहले तो ट्रक से नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन छीनकर ट्रक ड्राइवरों को एक तरफ खड़े कर दिया। उसके बाद लौह अयस्क लदे चारों ट्रकों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम नारायणपुर जिले की छोटे डोंगर तहसील मुख्यालय स्थित थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर हाई स्कूल के पास घटित हुआ है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और पुलिस की खुफिया एजेंसियों की सजगता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञात हो कि छोटे डोंगर में पूर्व में भी नक्सलियों ने भाजपा नेता सागर साहू, और कोमल मांझी की हत्या को अंजाम दिया था। इसके आलावा नक्सली समय -समय पर अपनी करतूतों से छोटे डोंगर इलाके में लगातार जान माल को नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं। जिसके चलते पूर्व से ही छोटे डोंगर पुलिस की कार्यप्रणाली और इंटेलिजेंस ब्यूरो सवालों के घेरे में रही है। बता दें कि छोटेडोंगर तहसील स्थित आमदई माइंस निको जायसवाल प्राइवेट लिमिटेड की देखरेख में संचालित है। माइंस का विरोध नक्सली शुरू से करते आ रहे हैं। नक्सली पूर्व में कई बार माइंस के वाहनों में आगजनी के साथ साथ माइंस वाहनों के लिए चेतावनियां भी जारी करते रहे हैं। इसके अलावा नक्सली माइंस के पास ही बारुदी विस्फोट भी कई दफे कर चुके हैं। लगभग सालभर पहले ऐसे ही एक बारूदी विस्फोट में दो युवा मजदूरों की मौत हो गई थी। वाहनों में आगजनी की ताजा घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

मारे जा चुके हैं कई भाजपा नेता

नक्सली लगातार खूनी वारदातों को अंजाम देते आ रहे हैं। उनके निशाने पर अमूमन भाजपा के नेता व भाजपा समर्थक ग्रामीण ही होते हैं। नारायणपुर जिले के भाजपा नेता सागर साहू और कोमल मांझी की हत्या की घटना में भी नक्सलियों का हाथ रहा है। कुछ माह पहले ही बीजापुर जिले के भाजपा नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। एक भाजपा नेता को तब मारा गया था, जब वे एक विवाह समारोह में भाग लेने बीजापुर जिले के ही एक गांव में गए हुए थे। वहीं दूसरे भाजपा नेता की हत्या उस समय की गई थी, जब वे तालाब निर्माण में लगी अपनी पे लोडर मशीन को देखने गए हुए थे। इसके आलावा बीजापुर जिले के बासागुड़ा की नदी पार बस्ती में नक्सलियों ने 3 युवकों पर हमला कर दिया था। हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप घायल हो गया था, जिसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासागुड़ा में दम तोड़ दिया। मृतकों में चंद्रिया मोडियम 25 वर्ष, अशोक भंडारी 24 वर्ष और कारम रमेश 25 वर्ष की इस घटना में मौत हो गई थी। ये सभी युवक बासागुड़ा के कलार पारा के निवासी थे। उन पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया था। ये युवक होली के दिन बाजार पारा के समीप होली खेल कर रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया था। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने इस वारदात में नक्सलियों का हाथ होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन लोगों का मानना है कि इस कृत्य को नक्सलियों अथवा उनके सहयोगियों ने ही अंजाम दिया था। इसके पूर्व होलिका दहन की रात बीजापुर शहर के भीतर डीआरजी के एक जवान पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी थी। होली के एक दिन पहले नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने अटल आवास बीजापुर में डीआरजी जवान दीपक दुर्गम पर गोली चलाई थी। जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था,जिला अस्पताल में उपचार बाद उसे जवान को बीजापुर से ही रात में हैलीकॉप्टर द्वारा रायपुर भेज दिया गया था।

शांति वार्ता की बात बेमानी

नक्सली एक तरफ तो शासन के साथ शांति वार्ता की पेशकश कर रहे हैं और दूसरी ओर लगातार जघन्य वरदातों को लगातार अंजाम भी देते आ रहे हैं। ऐसे में आखिर नक्सली किस मुंह से शांति वार्ता की बात कह रहे हैं। इस तरह की वरदातों के बीच नक्सलियों द्वारा खुद को अमन का पैरोकार बताना बेमानी ही लगता है। कुछ दिनों पहले ही नक्सली संगठन की दंडकरण्य जोनल कमेटी की ओर से शांति वार्ता की पेशकश करते हुए एक लंबा चौड़ा पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के जरिए नक्सलियों ने संदेश दिया था कि शासन पहले सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों को छह माह तक जंगलों में सर्चिंग के लिए न भेजे और कैंपों में ही रहने दे, मुस्लिम व ईसाई अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के हितों की रक्षा व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, किसानों की उपज की खरीदी के लिए समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाया जाए।. नक्सलियों ने उल्टे सरकार पर ही शांति वार्ता के नाम पर महज जुबानी जमा खर्च करने का तोहमत लगाया था। जो नक्सली आदिवासी हितों की रक्षा और उनकी सुरक्षा की बात कह रहे हैं, वही नक्सली आदिवासियों का कत्लेआम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी कथनी और करनी स्वतः उजागर हो जाती है।

ऐन लोकसभा चुनाव के बीच नक्सालियों ने दिया बड़ी वारदात को अंजाम, चार ट्रक फूंके

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  •  छोटेडोंगर थाने से चंद कदमों के फासले पर की ट्रकों पर आगजनी
  • लौह अयस्क लदे ट्रकों को किया आग के हवाले

अर्जुन झा

जगदलपुर ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर संभाग में नक्सलियों ने तांडव मचाना और हिंसा की बड़ी वरदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। संभाग के बीजापुर जिले में करीब आधा दर्जन निरीह ग्रामीणों की हत्या के बाद शनिवार देर रात संभाग के ही नारायणपुर जिले में भी एकबार फिर नक्सलियों का तांडव देखने को मिला है।जहां नक्सलियों ने चार ट्रकों को आग के हवाले कर दिया है। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

ताजा घटना बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले की तहसील छोटे डोंगर की है। नक्सलियों ने छोटे डोंगर थाना परिसर से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़े चार ट्रक वाहनों में देर रात आगजनी कर दी। ये ट्रक आमदई स्थित निको जायसवाल ग्रुप की माइंस से आयरन ओर लेकर निकले थे। घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम जांच में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात लगभग 30 की संख्या में सशस्त्र नक्सली ग्रामीणों की वेशभूषा में पहुंचे और ट्रक चालकों को पहले तो ट्रक से नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन छीनकर ट्रक ड्राइवरों को एक तरफ खड़े कर दिया। उसके बाद लौह अयस्क लदे चारों ट्रकों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम नारायणपुर जिले की छोटे डोंगर तहसील मुख्यालय स्थित थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर हाई स्कूल के पास घटित हुआ है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और पुलिस की खुफिया एजेंसियों की सजगता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञात हो कि छोटे डोंगर में पूर्व में भी नक्सलियों ने भाजपा नेता सागर साहू, और कोमल मांझी की हत्या को अंजाम दिया था। इसके आलावा नक्सली समय -समय पर अपनी करतूतों से छोटे डोंगर इलाके में लगातार जान माल को नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं। जिसके चलते पूर्व से ही छोटे डोंगर पुलिस की कार्यप्रणाली और इंटेलिजेंस ब्यूरो सवालों के घेरे में रही है। बता दें कि छोटेडोंगर तहसील स्थित आमदई माइंस निको जायसवाल प्राइवेट लिमिटेड की देखरेख में संचालित है। माइंस का विरोध नक्सली शुरू से करते आ रहे हैं। नक्सली पूर्व में कई बार माइंस के वाहनों में आगजनी के साथ साथ माइंस वाहनों के लिए चेतावनियां भी जारी करते रहे हैं। इसके अलावा नक्सली माइंस के पास ही बारुदी विस्फोट भी कई दफे कर चुके हैं। लगभग सालभर पहले ऐसे ही एक बारूदी विस्फोट में दो युवा मजदूरों की मौत हो गई थी। वाहनों में आगजनी की ताजा घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ

मारे जा चुके हैं कई भाजपा नेता

नक्सली लगातार खूनी वारदातों को अंजाम देते आ रहे हैं। उनके निशाने पर अमूमन भाजपा के नेता व भाजपा समर्थक ग्रामीण ही होते हैं। नारायणपुर जिले के भाजपा नेता सागर साहू और कोमल मांझी की हत्या की घटना में भी नक्सलियों का हाथ रहा है। कुछ माह पहले ही बीजापुर जिले के भाजपा नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। एक भाजपा नेता को तब मारा गया था, जब वे एक विवाह समारोह में भाग लेने बीजापुर जिले के ही एक गांव में गए हुए थे। वहीं दूसरे भाजपा नेता की हत्या उस समय की गई थी, जब वे तालाब निर्माण में लगी अपनी पे लोडर मशीन को देखने गए हुए थे। इसके आलावा बीजापुर जिले के बासागुड़ा की नदी पार बस्ती में नक्सलियों ने 3 युवकों पर हमला कर दिया था। हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप घायल हो गया था, जिसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासागुड़ा में दम तोड़ दिया। मृतकों में चंद्रिया मोडियम 25 वर्ष, अशोक भंडारी 24 वर्ष और कारम रमेश 25 वर्ष की इस घटना में मौत हो गई थी। ये सभी युवक बासागुड़ा के कलार पारा के निवासी थे। उन पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया था। ये युवक होली के दिन बाजार पारा के समीप होली खेल कर रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया था। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने इस वारदात में नक्सलियों का हाथ होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन लोगों का मानना है कि इस कृत्य को नक्सलियों अथवा उनके सहयोगियों ने ही अंजाम दिया था। इसके पूर्व होलिका दहन की रात बीजापुर शहर के भीतर डीआरजी के एक जवान पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी थी। होली के एक दिन पहले नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने अटल आवास बीजापुर में डीआरजी जवान दीपक दुर्गम पर गोली चलाई थी। जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था,जिला अस्पताल में उपचार बाद उसे जवान को बीजापुर से ही रात में हैलीकॉप्टर द्वारा रायपुर भेज दिया गया था।

शांति वार्ता की बात बेमानी

नक्सली एक तरफ तो शासन के साथ शांति वार्ता की पेशकश कर रहे हैं और दूसरी ओर लगातार जघन्य वरदातों को लगातार अंजाम भी देते आ रहे हैं। ऐसे में आखिर नक्सली किस मुंह से शांति वार्ता की बात कह रहे हैं। इस तरह की वरदातों के बीच नक्सलियों द्वारा खुद को अमन का पैरोकार बताना बेमानी ही लगता है। कुछ दिनों पहले ही नक्सली संगठन की दंडकरण्य जोनल कमेटी की ओर से शांति वार्ता की पेशकश करते हुए एक लंबा चौड़ा पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के जरिए नक्सलियों ने संदेश दिया था कि शासन पहले सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों को छह माह तक जंगलों में सर्चिंग के लिए न भेजे और कैंपों में ही रहने दे, मुस्लिम व ईसाई अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के हितों की रक्षा व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, किसानों की उपज की खरीदी के लिए समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाया जाए।. नक्सलियों ने उल्टे सरकार पर ही शांति वार्ता के नाम पर महज जुबानी जमा खर्च करने का तोहमत लगाया था। जो नक्सली आदिवासी हितों की रक्षा और उनकी सुरक्षा की बात कह रहे हैं, वही नक्सली आदिवासियों का कत्लेआम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी कथनी और करनी स्वतः उजागर हो जाती है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर केंद्रीय पर्यवेक्षक ने की कार्रवाई

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  •  भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप के बैनर पोस्टर व फ्लेक्स को हटाया गया

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा बीजेपी के कुल 22 जगहों पर लगे अवैध पोस्टर बैनर को जप्त किया गया है।

मौर्य ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के परिपालन में किसी भी अभ्यार्थी अथवा राजनितिक दल के मान्यता प्राप्त उमीदवार द्वारा चुनाव प्रक्रिया के तहत अधिकृत रुप से चुनाव चिन्ह के आबंटन पश्चात ही चुनाव चिन्ह का उपयोग कर सार्वजनिक रुप से बैनर पोस्टर अथवा फ्लेक्स का प्रकाशन किया जाता है। परंतु भारतीय जनता पार्टी के उमीदवार महेश कश्यप द्वारा चुनाव चिन्ह आबंटन के पूर्व ही चुनाव चिन्ह (कमल छाप) का उपयोग करते हुए सार्वजनिक रुप से नगर निगम क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में बैनर पोस्टर एवं फ्लेक्स का प्रकाशन किया गया है, जो कि आदर्श आचार सहिता एवं चुनाव के समान्य नियमों के विरुद्ध है।

मामले की शिकायत शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दिनांक 29 मार्च को 12. 18 बजे की थी परंतु दूसरे दिन तक विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की गई और न ही पोस्टर फ्लेक्स को हटाया गया। फिर जिसकी शिकायत श्री मौर्य ने लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक से की। जिसके बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक द्वारा संज्ञान में लेकर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अवैध बैनर पोस्टर को निगम द्वारा हटाया गया।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर केंद्रीय पर्यवेक्षक ने की कार्रवाई

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  • भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप के बैनर पोस्टर व फ्लेक्स को हटाया गया

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा बीजेपी के कुल 22 जगहों पर लगे अवैध पोस्टर बैनर को जप्त किया गया है।

मौर्य ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के परिपालन में किसी भी अभ्यार्थी अथवा राजनितिक दल के मान्यता प्राप्त उमीदवार द्वारा चुनाव प्रक्रिया के तहत अधिकृत रुप से चुनाव चिन्ह के आबंटन पश्चात ही चुनाव चिन्ह का उपयोग कर सार्वजनिक रुप से बैनर पोस्टर अथवा फ्लेक्स का प्रकाशन किया जाता है। परंतु भारतीय जनता पार्टी के उमीदवार महेश कश्यप द्वारा चुनाव चिन्ह आबंटन के पूर्व ही चुनाव चिन्ह (कमल छाप) का उपयोग करते हुए सार्वजनिक रुप से नगर निगम क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में बैनर पोस्टर एवं फ्लेक्स का प्रकाशन किया गया है, जो कि आदर्श आचार सहिता एवं चुनाव के समान्य नियमों के विरुद्ध है।

मामले की शिकायत शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दिनांक 29 मार्च को 12. 18 बजे की थी परंतु दूसरे दिन तक विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की गई और न ही पोस्टर फ्लेक्स को हटाया गया। फिर जिसकी शिकायत श्री मौर्य ने लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक से की। जिसके बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक द्वारा संज्ञान में लेकर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अवैध बैनर पोस्टर को निगम द्वारा हटाया गया।

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