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भूपेश बघेल बताएं कि क्या आतंकवादी संगठन है कांग्रेस : केदार कश्यप

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  • मंत्री केदार कश्यप का भूपेश बघेल से बड़ा सवाल
  •  कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल कहे जाने पर तंज
    जगदलपुर बस्तर संभाग के धाकड़ आदिवासी नेता एवं प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि चुनाव में कांग्रेस की खस्ता हालत और संगठन में हो रहे अपने विरोध से पूर्व मुख्यमंत्री इतने विचलित हो चले हैं कि अब वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ‘स्लीपर सेल’ बताकर खुलेआम अपमानित कर रहे हैं। श्री केदार कश्यप ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने जो कुछ भी अपने कार्यकर्ताओं के बारे में कहा है, वह कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र और कार्यकर्ताओं के प्रति कांग्रेस नेताओं के आचरण का परिचायक है।

वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि ‘स्लीपर सेल’ शब्द का प्रयोग आतंकवादी संस्थाओं से जुड़े लोगों के लिए किया जाता है। अब बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह क्या कांग्रेस को आतंकी संगठन मानते हैं? कश्यप ने कहा कि अफजल गुरु को ‘जी’ कहकर संबोधित करने वाले, आतंकवादियों के साथ खड़े दिखाई देने वाले कांग्रेस के नेता अब अपने कार्यकर्ताओं को भी उसी प्रकार स्लीपर सेल की संज्ञा दे रहे हैं, यह बड़ा दुर्भाग्य है। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल बताकर अपनी उस खीझ को जाहिर किया है, जो राजनांदगाँव के कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र दाऊ वैष्णव से खरी-खोटी सुनने और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महामंत्री अरुण सिसौदिया द्वारा कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल वर्मा पर प्रदेश कांग्रेस के फंड में 5.89 करोड़ रुपए के घपले का आरोप लगाने से उपजी है। जिसमें कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही आर्थिक अनियमितताओं के छींटे बघेल पर भी पड़ते नजर आ रहे हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सरकार में रहते कार्यकर्ताओं की घोर उपेक्षा करके भ्रष्टाचार में मशगूल रहे पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पार्टी में भी चल रहे घपलों से वाकिफ थे और अब जबकि सारा सच सामने आ रहा है, तो बौखलाए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल अपने ही कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल बताकर अपमानित कर रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी में ही संभव है। कहीं न कहीं आतंकवादियों से उनका संबंध हो सकता है और उन संबंधों के आधार पर अपने रिश्ते को निभाते हुए वह अपने ही कार्यकर्ताओं को भी स्लीपर सेल की संज्ञा दे रहे हैं।

बघेल की सियासत गर्दिश में
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल की राजनीतिक हस्ती अब गर्दिश में जा चुकी है और इसका ताजा प्रमाण यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने केजरीवाल के बचाव में बयान दिया, लेकिन कभी ‘खानदान की आंखों के तारे रहे भूपेश बघेल पर महादेव एप मामले में अपराध दर्ज होने पर किनारा कर लिया। स्पष्ट है बघेल को कांग्रेस नेतृत्व दोषी मान बैठा है। हालत तो यह है कि कांग्रेस प्रत्याशी तक उन्हें अपने क्षेत्र में चुनावी सभाओं के लिए बुलाने से कतरा रहे हैं। बघेल की विचलित मनोदशा की वजह यही है कि एक तरफ कांग्रेस कार्यकर्ता मुंह फेर रहे हैं तो दूसरी तरफ शीर्ष नेतृत्व कन्नी काट रहा है। सवाल अब यह है कि क्या भूपेश पर बस इतना ही भरोसा था?  कश्यप ने कहा कि बेमेतरा में बंगाल के रोहिंग्याओं को किसान बताते हुए किसान सम्मान निधि का पैसा दिलवाकर बघेल ने फर्जीवाड़ा किया और करोड़ों रुपए इन खातों मे भेजा।

चेक बाउंस, बीएसपी कर्मी को अदालत उठते तक खड़े रहने की सजा

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  • तीन लाख रुपए का चेक हो गया था अनादरित
  • अब देना होगा 3.51 लाख रू, वरना एक माह की जेल

दल्लीराजहरा चेक बाउंस हो जाने के एक मामले में दल्ली राजहरा न्यायालय की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सोनी तिवारी ने चेक जारी करने वाले आरोपी बीएसपी कर्मचारी जीवन लाल साहू को अदालत उठने तक की सजा सुनाई है।

न्यू मार्केट मेनरोड दल्ली राजहरा स्थित बॉबी रेडियो एंड इलेक्ट्रेकिल के संचालक प्रवीण जैन पिता फतेहचंद जैन ने अपने वकील दीपक सामटकर के माध्यम से क्वार्टर 80 बी, सड़क -10 सेक्टर आर 1 निवासी बीएसपी कर्मचारी एवं रिटायर्ड सैनिक जीवन लाल साहू पिता बिसाहू लाल साहू के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया था। इसके मुताबिक जीवन लाल साहू ने लेनदेन के सिलसिले में प्रवीण जैन को तीन लाख रुपए का एक चेक जारी किया था। यह चेक भारतीय स्टेट बैंक का था। प्रवीण जैन ने जब चेक को भुनाने के लिए पंजाब एंड सिंध बैंक की दल्ली राजहरा शाखा स्थित अपने खाते में राशि ट्रांसफर करने के लिए में जमा किया था। कुछ समय बाद बैंक ने यह कहते हुए चेक को अमान्य कर दिया कि चेक जारीकर्ता जीवन लाल साहू के खाते में पर्याप्त धन नहीं है। यह चेक आनादरित होकर प्रवीण जैन को लौटा दिया गया। इसके बाद प्रवीण जैन ने धन वापसी हेतु अपने वकील के माध्यम से जीवन लाल साहू को रजिस्टर्ड डॉक से नोटिस भेजा। नोटिस में कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई थी, लेकिन जीवन लाल साहू ने इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। अंततः प्रवीण जैन ने अपने वकील दीपक समेटकर के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर कर दिया। प्रथम श्रेणी न्यायाधीश श्रीमती सोनी तिवारी ने प्रवीण जैन के वकील दीपक सामटकर द्वारा रखे गए साक्ष्यों का अवलोकन करने व उनकी दलीलें सुनने के बाद वादी प्रवीण जैन के पक्ष में फैसला देते हुए प्रतिवादी जीवन लाल साहू को अदालत उठने तक की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने जीवन लाल साहू को हिदायत दी है कि वह प्रवीण जैन को प्रतिकर की राशि 3 लाख 51 हजार रू. का भुगतान एक माह के भीतर करें। एक माह में राशि नहीं देने की स्थिति में जीवन लाल साहू को एक माह के साधारण कारावास की सजा का निर्देश भी न्यायाधीश ने दिया है। मामले में जीवन लाल साहू की ओर से अधिवक्ता आरएम अग्रवाल ने तथा प्रवीण जैन की ओर से अधिवक्ता दीपक सामटकर ने पैरवी की।

कांग्रेस का बैंक खाता जप्त करने पर जमकर बरसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज

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  • संवैधानिक एजेंसियों के बल पर सत्ता बचाने का कुत्सित प्रयास कर रही है मोदी सरकार

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार पर लोकतंत्र विरोधी षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिनायकवादी मोदी सरकार ने पहले कांग्रेस की चुनी हुई सरकारों को गिराया, डर और लालच से नेताओं की खरीद फरोख्त की और जो नेता नहीं झुके उन पर ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों का अंकुश लगाया। अब जब देश में आम चुनाव हो रहे हैं, आचार संहिता लगने के बाद कांग्रेस पार्टी को आर्थिक रूप से चोट पहुंचाने के लिए आयकर विभाग का दुरुपयोग कर रही है। 30 साल पुराने आधारहीन मामले के बहाने ठीक चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी के बैंक खातों को जप्त करना अलोकतांत्रिक है।
दीपक बैज ने कहा है कि तानाशाह मोदी सरकार धनबल और केंद्रीय एजेंसिंयों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने और लोकतंत्र को खत्म करने पर आमादा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्र करके विपक्षी दलों के सीमित संसाधनों को भी छीनने का काम कर रही है। कांग्रेस की पिछली सरकारों ने 70 सालों से निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ लोकतंत्र की जो छवि बनाई थी, केंद्र की मोदी सरकार और वर्तमान भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व उसके खिलाफ काम कर रही है। भाजपा ने विपक्षी दलों से साधन, संसाधन छीनकर एकाधिकार स्थापित करने का षड्यंत्र रचा है। दीपक बैज ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस चुनावी बॉन्ड स्कैम को गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया है उसमें मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी की बदनीयती उजागर हुई है। जो तथ्य सामने आए हैं, वह बेहद चिंताजनक है शर्मनाक है देश के जांच एजेंसियों ईडी, आईटी को हफ्ता वसूली गैंग के रूप में संचालित किया जाना, ब्लैकमेलिंग और रिश्वतखोरी के स्पष्ट प्रमाण के बावजूद बड़ी बेशर्मी से साजिश करके मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का बैंक खाता फ्रीज कर देना निंदनीय है। डरी हुई मोदी सरकार कांग्रेस के बैंक खातों को जप्त करके यह चाहती है कि पैसों के अभाव में बराबरी से चुनाव ना लड़ पाए और इसके लिए आयकर विभाग के माध्यम से बाधा उत्पन्न कर रही है। श्री बैज ने कहा है कि विगत 10 वर्षों के दौरान नोटबंदी हो या पीएम केयर फंड का मामला, भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार की गतिविधियां संदिग्ध रही है, लेकिन उस पर आयकर विभाग को कोई एतराज नहीं है। राजनीतिक दल पर आयकर की देयता नहीं है, भाजपा ने कभी कोई आयकर कर नहीं दिया है, लेकिन दुर्भावनापूर्वक 30 साल पुराने मामले के बहाने ऐन चुनाव के वक्त कांग्रेस को लक्ष्य करके बैंक खातों पर रोक लगाना अलोकतांत्रिक है।

गंगाजल लेकर सौगंध लेकर काम को पूर्ण न करना है अक्षम्य अपराध : पं. तिवारी

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  • हर दिन को अंतिम मान कर सत्कर्म करते रहें

जगदलपुर गंगा हमारी सबसे बड़ी आस्था है और गंगाजल लेकर जो लोग सौगंध उठाते हैं किंतु उसे पूरा नहीं करते, वह अक्षम्य अपराध करते हैं। ऐसे लोगों को समाज तिरस्कृत भाव से देखता है। अच्छा कार्य करें। इस जीवन में हर दिन को अंतिम दिन मानकर सत्कर्म करते रहना चाहिए। कल पर भरोसा मत करो, न जाने कल तुम्हारे लिए क्या लेकर आएगा? यह बातें श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के सातवें दिन गुरुवार को महामाया धाम पाटन से पहुंचे आचार्य कृष्ण कुमार तिवारी ने कही है।

बस्तर जिला पत्रकार संघ द्वारा मां दंतेश्वरी मंदिर में आयोजित श्रीमद देवी भागवत महापुराण के सातवें दिन राधारानी, तुलसी माता की महिमा तथा शंखचूर्ण दैत्य की कथा का श्रवण भक्तों ने किया। श्रोताओं को संबोधित करते हुए आचार्य पं. तिवारी ने कहा कि आपका घर मंदिर की तरह है। रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। यहां चप्पल पहन कर प्रवेश न करें। इसे पवित्र बनाए रखने का हर संभव प्रयास करें। राधारानी की कथा सुनाते हुए पं. तिवारी ने बताया कि गो लोक में राधारानी भगवान को बहुत प्रेम करती थीं। अगर कोई भगवान को निहारता तो किसी को भी श्राप दे देती थीं। एक बार सुदामा नामक गोपी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो राधारानी क्रुद्ध हो गईं और सुदामा को ही राक्षस होने का श्राप दे दिया। इस बात से नाराज सुदामा ने भी राधारानी को श्राप दिया कि जिस भगवान के कारण आप बात – बात में लोगों को श्राप देती हैं। उससे 100 साल तक दूर रहकर वियोग सहती रहोगी। इस श्राप के चलते ही वह धरती में वृषभान के घर जन्मी और श्रीकृष्ण वियोग सहती रहीं। आचार्य ने श्रोताओं को अपने व्यवहारिक जिंदगी में एकादशी व्रत रखने, नित गंगाजल पीने, तुलसी दल ग्रहण करने, गीता का नित्य पाठ करने तथा कम से कम 6 मिनट ईश्वर की स्तुति करने की अपील करते हुए समझाया कि जब कल का भरोसा नहीं है, तो आज ही परलोक क्यों नहीं सुधार लेते।

कालरात्रि का नगर भ्रमण

भागवत महापुराण के सातवें दिन की कथा के तुरंत बाद मां कालरात्रि की पालकी निकाली गई। गुरूवार को मां कालरात्रि की पालकी निकालने का सौभाग्य 360 आरण्यक ब्राह्मण समाज को प्राप्त हुआ। यह डोली नियमानुसार सिरहासार चौक, गोल बाजार, मिताली चौक, पैलेस रोड होती हुई मां दंतेश्वरी मंदिर लौटी। उसके बाद महाआरती की गई।

आज के अनुष्ठान

श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के आठवें दिन शुक्रवार 22 मार्च को मां मनसा देवी की कथा, रुद्राक्ष उत्पत्ति और महिमा तथा मां गायत्री महिमा का वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही मां महागौरी की अष्टम पालकी नगर में निकाली जाएगी।

केंद्र सरकार की योजनाओं को रोककर कांग्रेस सरकार ने गरीबों का हक मारा : साय

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  • सुकमा की आमसभा में बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव

जगदलपुर कांग्रेस की सरकार ने सुकमा के विकास की रफ्तार रोक दी थी, यहां के लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया था। भाजपा सरकार ने सुकमा को ग्राम पंचायत से नगर पालिका और जिला बनाकर इसका कायाकल्प कर दिया। लेकिन पिछले पांच सालों में कांग्रेस सरकार ने विकास की रफतार रोक दी। केंद्र सरकार ने बस्तर व सरगुजा संभाग के लिए कई योजनाएं बनाई, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उन योजनाओं को बंद कर दिया। कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोटबैंक के रूप में उपयोग किया। आजादी के बाद के 75 साल में 55 साल तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन आदिवासियों का विकास नहीं हुआ। इसे समझने की बात है। डबल इंजन की सरकार है, तो विकास तेज रफतार से हो रहा है। आने वाले समय में फिर से डबल इंजन की सरकार बनाना है और मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाना है।

उक्त बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग के सुकमा में आमसभा को संबोधित करते हुए कही। गुरूवार को जिला मुख्यालय सुकमा के मिनी स्टेडियम में भाजपा द्वारा आयोजित आमसभा में शामिल होने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, प्रभारी मंत्री केदार कष्यप, मंत्री ओपी चैधरी, महेश गागड़ा व बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा महेश कश्यप हेलीकाप्टर से सुकमा पहुंचे। हेलीपेड पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोशीला स्वागत किया। उसके बाद मिनी स्टेडियम में आमसभा का आयोजन हुआ।आमसभा को संबोधित करते हुए ओपी चैधरी ने कहा कि भाजपा सरकार में जिले का विकास हुआ है। चाहे सड़क बनाना हो या फिर शिक्षा के क्षेत्र का काम भाजपा सरकार ने किया है। बस्तर पूरा एक जिला हुआ करता था, केरल राज्य से बड़ा जिला हुआ करता था, फिर भी कांग्रेस ने नया जिला बनाने का काम नहीं किया। भाजपा की सरकार ने नए जिले बनाकर विकास की रफ्तार बढ़ाई है। वही प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने कहा कि सुकमा में जो विकास कार्य दिख रहा है, वह भाजपा की देन है। पांच साल की कांग्रेस सरकार ने कुछ भी नहीं बनाया। न सड़कों की सुध ली और न ही लोगों की चिंता की। जो जनता के हित में काम करे, उसको वोट देना चाहिए। भाजपा की 90 दिनों की सरकार ने वादे पूरने करने की कोशिश की और पूरा किया है। वहीं पूर्व विधायक महेष गागड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए सरकार के विकास कार्यो की जानकारी दी और डबल इंजन सरकार बनाने की बात कही। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे, हुंगाराम मरकाम, अरूण सिंह, सोयम मुक्का, मनोज देव, लीलाधर राठी, नुपूर वैदिक, पीलूराम यादव, संजय सोढ़ी समेत काफी संख्या में भाजपा के नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नगद मिलेगी तेंदूपत्ता की राशि : केदार

आमसभा को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री एवं वनमंत्री केदार कश्यपने कहा कि एक समय था जब तेंदूपत्ता की राशि के लिए वनवासी भाईयों को सड़क पर बैठकर धरना देना पड़ता था। उस समय हम लोग भी आए थे। तेंदूपत्ता का बोनस तक नहीं मिला था, लेकिन अब वनवासी भाईयों की सरकार है और मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी को नगद बोनस राशि दी जाएगी । उन्होने कहा कि जिले के दारू मंत्री थे लेकिन उनसे पांच साल का हिसाब मांगोगे, तो बता नहीं पाएंगे। आज जिले का विकास हुआ है, वो सिर्फ भाजपा की देन है। बहुत ही कम समय में प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार ने मोदीजी की गारंटी को पूरा किया है। माताओं व बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि पहुंच गई, किसानों को धान का बोनस मिल गया। गरीब को छत मिल गई और रोजगार के संसाधन बढ़ गए।आजादी के बाद या पिछले पांच साल में कांग्रेस ने प्रदेश में सारी योजनाओं को बंद कर दिया था। लेकिन मोदी की गारंटी और विष्णु देव का सुशासन आ गया है। आप सभी के सहयोग से आने वाले दिनों में डबल इंजन की सरकार फिर से बनेगी और डबल रफतार से विकास कार्य होंगे।

कांग्रेस को लगा झटका

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। आमसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव व प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के सामने कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता व जनपद पंचायत अध्यक्ष सोयम भीमा ने भाजपा में प्रवेश कर लिया। सोयम भीमा कोंटा ब्लाक के बड़े नेता हैं और दो बार जनपद सदस्य, उपाध्यक्ष रह चके हैं। साथ ही छिंदगढ़ व अन्य जगहों से करीब 100 कार्यकर्ताओं व नेताओं ने भाजपा में प्रवेश किया।

नक्सली छोड़ें बंदूक की भाषा : सीएम

वहीं पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले ही हमारे गृहमंत्री वार्ता की बात कर चुके हैं। नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ मुखयधारा से जुड़ें और विकास में सहभागिता निभाएं। बंदूक की भाषा छोड़ दें, नही तो सरकार को जवाब देना आता है।

नक्सालियों ने रखी सशर्त वार्ता की पेशकश, खुद को बताया आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का हमदर्द

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  • गृहमंत्री विजय शर्मा के बयान को कहा दिखावा
  • सुरक्षा बलों को बस्तर से हटाने की मांग भी रखी

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में सक्रिय नक्‍सलियों की दंडकारण्‍य कमेटी ने सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए प्रस्ताव रखा है। इसके लिए नक्सली संगठन ने शर्तों की झड़ी भी लगाई है। कई शर्ते तो ऐसी ही हैं, जो उनकी कथनी और करनी की पोल खोल रही हैं।

शांति वार्ता के लिए नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की दंडकरण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने पोस्टर नुमा लंबा चौड़ा पत्र जारी किया है। इस पत्र में नक्‍सलियों ने बातचीत के लिए कई शर्तें रखी हैं। इसमें कहा गया है कि बातचीत के लिए अनुकूल वातावरण बन जाने पर ही हम आगे आएंगे। पत्र में सुरक्षा बलों को छह माह तक उनके कैंपों तक ही सीमित रखने पर जोर दिया गया है। इसका मतलब है कि सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियान पूरी तरह बंद रख जंगलों में सर्चिंग और गश्त के लिए न निकलें। यह भी कहा गया है कि पुलिस और सुरक्षा बल फर्जी मुठभेड़ बंद करें और सुरक्षा बलों के नए कैंप स्थापित न किए जाएं। इस संगठन का कहना है कि किसानों, मजदूरों, मध्यम वर्गीय लोगों, छोटे व मध्यम पूंजीपतियों, आदिवासियों, दलितों ईसाई, मुस्लिम अल्पसंख्यकों, महिलाओं के हितों को छोड़कर उनका कोई अलग व्यक्तिगत हित नहीं है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के बयानों का भी इस पत्र में जिक्र किया गया है। नक्सली संगठन ने कहा है कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा लगातार बयान देते आए हैं कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। अपने बीजापुर जिले के जांगला प्रवास के दौरान भी विजय शर्मा ने ऐसा ही बयान दिया था। मगर वार्ता पर वे दंडकरण्य स्पेशल जोनल कमेटी के बयान का वे कोई सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं। विजय शर्मा के बयान को नक्सली संगठन ने जनता को दिग्भ्रमित करने वाली चाल करार दिया है।नक्सली संगठन ने दलितों मुस्लिम व ईसाई अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, महिलाओं, मजदूरों, किसानों के हितों के लिए सरकारों द्वारा पर्याप्त कदम उठाए जाने के बाद ही वार्ता के लिए खुद के आगे आने की बात कही है।

सामने आया दोहरा चरित्र

नक्सली संगठन ने अपने पत्र में जिक्र किया है कि किसानों को निशुल्क सिंचाई व बिजली की सुविधा दी जाए, उनकी उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की गारंटी दी जाए, गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सड़क की व्यवस्था की जाए। अब यहां सवाल उठता है कि जो नक्सली शाला भवनों व अन्य सरकारी इमारतों में आगजनी करते आए हैं, पुल पुलियों को विस्फोट कर ढहाते आए आए हैं, सड़कों के निर्माण में लगे वाहनों व मशीनों को जलाते आए हैं, वे अब किस मुंह से गांवों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं। वहीं इस पर्चे में आदिवासी हितों की बात करने वाले नक्सली पचासों आदिवासियों को मौत के घाट उतार चुके हैं। इससे नक्सालियों का दोहरा चरित्र स्वतः उजागर हो गया है।

खतरे में पड़ गई है दाबागुड़ा प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों की जान

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  •  तीन साल में ही बुरी तरह जर्जर हो गया शाला भवन
  • प्लास्टर गिरने और पानी टपकने से विद्यार्थी परेशान

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि अधिकारी, ठेकेदार और स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधि नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ करने पर भी आमादा हो गए हैं।विकासखंड की प्राथमिक शाला दाबागुड़ा मोंगरापाल का भवन इस बात का जीता जगता सबूत है। यह भवन प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए खतरे का घर बन गया है।

 

दाबागुड़ा के प्राथमिक शाला भवन को बने तीन साल भी नहीं हुए हैं और भवन लगभग कंडम हो चला है। छत की प्लास्टर उखड़ कर आएदिन कमरों के अंदर गिरती रहती है। इससे छात्र छात्राओं के सिर पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। इस खस्ताहाल स्कूल में कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। वहीं छत इतनी बदहाल है कि सीपेज की समस्या शुरू से बनी हुई है। अब तो छत से पानी इस कदर टपकता है कि अंदर कमरों में बैठे विद्यार्थी और शिक्षक भीगकर तरबतर हो जाते हैं। पिछले तीन साल से यही हालात बने हुए हैं। जब जब बारिश होती है छत से झरना सा फूट पड़ता है। वर्षा शुरू होते ही सारे विद्यार्थी और शिक्षक भवन के किसी सुरक्षित कोने में खड़े हो जाते हैं। इस दौरान प्लास्टर उखड़ कर गिरने की घटना और भी बढ़ जाती है। शाला भवन के कमरों की अंदरूनी दीवारों का प्लास्टर आज तक नहीं कराया गया है। जबकि भवन निर्माण की पूरी रकम निकाल ली गई है। केवल बाहरी दीवारों का प्लास्टर व रंग रोगन कराकर यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस तरह जिस एजेंसी को भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी उसने सरकारी धन को हजम कर लिया है, बल्कि बच्चों की जान से भी खिलवाड़ किया है।

विधायक, बीईओ ने झाड़ा पल्ला

मामले की शिकायत गांव के ग्रामीणों द्वारा बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल से भी की गई थी, लेकिन विधायक ने कुछ भी नहीं किया। इससे लगता है कि विधायक भी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दाबागुड़ा प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक और शिक्षकों ने भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आवेदन प्रेषित कर स्थिति की जानकारी दे दी है, मगर शिक्षा विभाग की ओर से भी कोई पहल अब तक नहीं की है। खंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा का कहना है कि उनके पास अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। उनका यह भी कहना है कि दाबागुड़ा के प्राथमिक शाला भवन का निर्माण उनके कार्यकाल में नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि शाला भवन चाहे किसी भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यकाल में बना हो, मगर उस भवन में यदि विद्यार्थियों और शिक्षकों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो क्या मौजूदा विकासखंड शिक्षा अधिकारी अप्रिय हालात से निपटने कदम नहीं उठा सकते?

संभाग आयुक्त श्याम धावड़े ने बीजापुर जिले के मतदान केंद्रों और स्ट्रांग रूम का लिया जायजा

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  •  सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर दिया बल

जगदलपुर बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े ने बीजापुर जिले का दौरा कर मतदान केंद्रों और ईवीएम स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी मूलभूत आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने एवं जिले में शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया संपादित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिए।

कमिश्नर धावड़े एक दिवसीय निरीक्षण प्रवास पर बीजापुर जिले में पहुंचे थे। इस दौरान मतदान केंद्र क्रमांक 108 प्राथमिक शाला धनोरा का औचक निरीक्षण कर मौके पर उपस्थित बीएलओ, पटवारी एवं पंचायत सचिव से मतदाताओं की संख्या, मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने व नाम विलोपन की स्थिति, विगत विधानसभा में मतदान प्रतिशत सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कमिश्नर  धावड़े ने संबंधितों को मतदान का प्रतिशत बढ़ाने हेतु व्यापक रूप से मतदाता जागरूकता अभियाान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद कमिश्नर ने जिला कार्यालय स्थित ईव्हीएम स्ट्रांग रूम का अवलोकन किया, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  अनुराग पाण्डेय ने वेयर हाउस में रखे ईवीएम, सीसीटीवी से निगरानी एवं सुरक्षा संबंधी विस्वृत जानकारियों से कमिश्नर को अवगत कराया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत हेमंत नरेश नंदनवार, एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर कैलाश वर्मा, सहायक रिर्टर्निंग अधिकारी जागेश्वर कौशल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण प्रसाद गवेल सहित तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी अपस्थित थे।

एसडीओपी के नेतृत्व में हुई शांति समिति का बैठक

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  •  चुनाव और त्यौहारों में शांति व्यवस्था पर मंथन

बकावंड समरसता भवन बकावंड में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी भानपुरी घनश्याम कामड़े की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव, होली, माटी त्यौहार, आमा त्यौहार जैसे कई प्रकार के व अन्य त्यौहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विचार विमर्श किया गया।

बैठक में  कामड़े ने कहा कि चुनाव और त्यौहारों के दौरान पुलिस बल भी मुस्तैद रहेगा। ग्राम पंचायतों की सुरक्षा समितियों एवं ग्रामीणों को शांति व्यवस्था में सहयोग करना होगा। शांति समिति के बैठक में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी बकावंड गगन शर्मा, तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा, नायब तहसीलदार सुनील कुमार ध्रुव, थानेदार बकावंड छत्रपाल सिंह कंवर बकावंड थाना क्षेत्र के समस्त सरपंच और ग्रामीणों की उपस्थिति मे विस्तृत चर्चा की गई।

नीलेश श्रीवास्तव को बनाया गया सद्भभाव पत्रकार महासंघ के जिला अध्यक्ष

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बालोद जिला में पत्रकारों के हित एवं संवर्धन को लेकर सद्भाव पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आर .डी . गुप्ता प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष रशीद जमाल सिद्दीकी के अनुशंसा के अनुसार दुर्ग संभाग प्रभारी सुधीर सोनी के नेतृत्व में बोधन भट्ट को दुर्ग संभाग का महासचिव व निलेश श्रीवास्तव को सर्व  सम्मति से बालोद जिला का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है l वही उपाध्यक्ष यूमल विश्वकर्मा ,महिला उपाध्यक्ष मीनू साहू , महासचिव भोज राम साहू ,सचिव नरेंद्र साहू ,कोषाध्यक्ष हेमंत साहू, सह सचिव रोशन सार्वा, मीडिया प्रभारी इस्माइल खान,

दिनेश कुमार ,किशन भोमडे  रूपेश साहू सदस्य आदि लोगो को अलग अलग जिम्मेदारी सौपी गई है l संभाग प्रभारी सुधीर सोनी ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि सभी पत्रकार एक परिवार की तरह होते हैं, सभी एक दूसरे का सहयोग की भावना से अपने-अपने क्षेत्र में कार्य करें व एक दूसरे का मदद करें l वही संभाग महासचिव बोधन भट्ट ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई  भी पत्रकार छोटा या बड़ा नहीं होता बस उसकी कलम में वो  ताकत रहनी चाहिए  l उन्होंने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून को अतिशीघ्र लागू करवाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन किया जाएगा l

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