जगदलपुर छत्तीसगढ़ के प्रथम बलिदानी शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस पर उन्हें गोंडवाना बिरादरी ने नमन किया। यहां स्थित समाज के गोंडवाना भवन में रविवार को सभा का आयोजन किया गया। शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन दर्शन पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। समाज अध्यक्ष एन. सेवता, महिला विंग अध्यक्ष शीतला कोरम, दीपा मांझी, मोतीराम सोरी, डॉ. राज सोरी, जेआर ध्रुव, शयाम, बीएस नेताम, सुखलाल नेताम, रामगुलाल दुग्गा, भूपेंद्र उइके, प्रमोद मरावी, नरेश मरकाम व समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
होई है वही, जो विष्णु रचि राखा
- बस्तर एवं बीजापुर के पुनः निर्वाचित विधायकों के मिलन ने क्या गुल खिलाया ?
-अर्जुन झा-
जगदलपुर यहां स्थित बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल के निवास पर शनिवार को दिलचस्प नजारा देखने को मिला। फिर से जीतकर आए दो कांग्रेस विधायकों का जब मिलन हुआ, तो दोनों की बांछें खिली हुई थीं, मगर उनमें कुछ निराशा भी झलक रही थी। गम इस बात का था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकी और बस्तर संभाग में 75 फीसदी विधानसभा सीटों से पार्टी को हाथ धोना पड़ा। ऐसे में लग रहा था मानो विधायक विक्रम मंडावी अपने अग्रज विधायक लखेश्वर बघेल से पूछ रहे हों कि अब क्या होगा लखी भैया? और जवाब में लखी भैया कह रहे हों क्या होना है विक्की, होई है, वही जो विष्णु रचि रखा। वहीं इन दोनों विधायकों के मिलन के बस्तर के सियासी गालियारे में कुछ और मायने निकाले जा रहे हैं। कोई कह रहा है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए गोलबंदी का यह पहला चरण है। वहीं कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि अपने – अपने क्षेत्र के विकास के लिए दोनों विधायक भाजपा से समझौता कर सकते हैं। दूसरी ओर दोनों विधायकों ने इस मुलाकात को सौजन्य भेंट करार दिया है।
बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल के निवास में शनिवार को बीजापुर से दोबारा चुने गए विधायक विक्रम मंडावी अचानक पहुंच गए। श्री मंडावी ने बस्तर सीट से तीसरी बार निर्वाचित होने पर विधायक लखेश्वर बघेल को बधाई दी। श्री बघेल ने भी बीजापुर सीट से पुनः चुने जाने पर विक्रम मंडावी को शुभकामनाएं दी। इसके बाद दोनों नव निर्वाचित विधायकों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। दोनों हंसते – मुस्कुराते हुए इस मिलन की तस्वीर खिंचवाई और उसे मीडिया में शेयर भी किया। लखेश्वर बघेल और विक्रम मंडावी के बीच लंबी सियासी चर्चा भी हुई। कहा जा रहा है कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में मिली हार को लेकर मंत्रणा और बस्तर संभाग में बारह में से फकत चार सीटें कांग्रेस को मिलने पर दोनों ने चिंता जताई। हार के कारणों पर भी मंथन हुआ। इस मिलन पर शहर के एक सज्जन ने ‘हम तो ठहरे परदेशी…. साथ क्या निभाओगे…’ गाना गाते हुए चुटकी भरे अंदाज में कहा- विक्रम मंडावी ने लखेश्वर बघेल से पूछा कि लखी भैया, छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आ रही है, हम तो ठहरे कांग्रेसी भाजपा क्या साथ निभाएगी? तो इसके जवाब में लखेश्वर बघेल ने श्री मंडावी से कहा कि क्या होना है विक्की, होना है वही जो विष्णु (विष्णुदेव साय) रचि राखा। हमें अपने अपने क्षेत्र के विकास की चिंता करनी है, बस। इस सज्जन ने अपनी बात पूरी करते हुए एक और गाने का तड़का लगा दिया – इस जंगल के हम दो शेर.. चल घर जल्दी, हो गई देर….। वहीं एक और शख्स ने अंदाजा लगाते हुए कहा कि दोनों विधायक अपने क्षेत्रों के विकास के लिए भाजपा से समझौता कर सकते हैं, यानि भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख दोनों विधायक नहीं अपनाएंगे। वहीं तीसरे सज्जन का अनुमान था कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए कांग्रेस में लॉबिंग शुरू हो गई है और इस मुलाकात का उद्देश्य भी यही था। लखेश्वर बघेल ने हैट्रिक लगाई है और विक्रम मंडावी ने डबल धमाल किया है। कांग्रेस की सरकार बनती, तो ये दोनों निश्चित रूप से मंत्री बन जाते। इस बात का मलाल दोनों विधायकों को हुआ होगा। इसीलिए गमगलत करने दोनों मिले थे।
नेता प्रतिपक्ष के प्रबल दावेदार हैं बघेल
बहुत हो गई बातें मजाक और दिल बहलाने की। अब इस मिलन के असल मुद्दे की बात करते हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस अब विपक्ष की भूमिका में आ गई है। निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम कांग्रेस विधायक विधानसभा की विपक्ष वाली गैलरी में बैठेंगे। विपक्ष का लीडर कौन हो, इसे लेकर कांग्रेस में गोलबंदी भी शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष के लिए पाटन दुर्ग के विधायक भूपेश बघेल, सक्ती के विधायक डॉ. चरणदास महंत और बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। कहा तो यह भी जा रहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भी बदला जा सकता है और अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भूपेश बघेल को दी जा सकती है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का पद किसी आदिवासी विधायक को दिया जा सकता है। ऐसे में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल का इस पद के लिए पहला हक बनता है। तीन बार चुनाव जीतना लखेश्वर बघेल की दावेदारी को और भी मजबूती प्रदान करता है। वहीं विक्रम मंडावी को उप नेता प्रतिपक्ष की जवाबदारी मिल सकती है। कहा जा रहा है कि लखेश्वर बघेल और विक्रम मंडावी की मुलाकात की असल वजह भी यही रही है।
बारदा में आठ माह से अटका पड़ा है शौचालय निर्माण
- राशि मिलने के बाद भी अधूरा छोड़ दिया गया काम
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बारदा में 8 माह से अधूरा पड़ा है सार्वजनिक शौचालय का निर्माण। निर्माण कार्य ग्राम पंचायत के जरिए शुरू हुआ था। लंबा समय गुजर जाने के बाद भी निर्माण कार्य आज तक अधूरा पड़ा है।
सरपंच कमल मौर्य और सचिव प्रेमलता नेगी ने निर्माण कार्य की पूरी राशि आहरित कर ली है और निर्माण कार्य अधूरा ही छोड़ दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर इस संवाददाता ने गांव में जाकर निर्माण कार्य का हाल देखा। मौके पर पाया गया कि शौचालय निर्माण के नाम पर सिर्फ दीवारें खड़ी की गई हैं। दीवारों का प्लास्टर नहीं हुआ है, फ्लोरिंग का काम रत्ती भर भी नहीं हुआ है। वहीं छत की ढलाई भी अब तक नहीं कराई जा सकी है। शौचालय का निर्माण नरेगा और एसबीएम के तहत कराया जा रहा है। पंचायत सचिव हेमलता नेगी ने बताया कि एक बार 94 हजार रु. और दूसरी बार 84 हजार रु. शौचालय निर्माण के लिए मिले हैं। बाकी राशि ग्राम पंचायत के खाते में जमा नहीं हुई है। अधिकांश काम तो हो गया है। सिर्फ छत ढलाई कराना ही बचा है। वहीं मनरेगा के परियोजना अधिकारी कौस्तुभ वर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लगाता है कि सरपंच, सचिवव अधिकारी ने राशि की बंदरबांट कर ली है। जनपद पंचायत के सीईओ श्री मंडावी ने भी कोई जवाब नहीं दिया।
वर्सन
जल्द होगी छत ढलाई
शौचालय काम चल रहा है। कुछ दिनों में छत ढलाई का काम भी पूरा करा लिया जाएगा।
कमल मौर्य सरपंच, बारदा
जर्जर भवन में संचालित किया जा रहा है आंगनबाड़ी केंद्र
- बच्चों की जान से किया जा रहा है सरेआम खिलवाड़
- आंगनबाड़ी के लिए राशि स्वीकृत, काम है अधूरा
बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र बकावंड के अंतिम छोर में स्थित ग्राम पंचायत राजनगर के बदागुड़ा पारा में छोटे- छोटे बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। आंगनबाड़ी भवन के अभाव में नौनिहालों को एक ऐसे मकान में पढ़ाया जा रहा है, जो बुरी तरह जर्जर हो चला है। यह मकान कभी भी धराशायी हो सकता है। वहीं दूसरी ओर जो नया आंगनबाड़ी भवन बन रहा है, वह कई साल से अधूरा पड़ा है।
जिस मकान में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है, वह बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। यह मकान सरकारी कार्यालय के लिए बनाया गया है। मकान की दीवारें हैं तो पक्की, लेकिन छत बेहद जर्जर हो चुकी है। छत को बल्लियों और म्याल के सहारे टिका कर रखा गया है। बारिश होने पर कमरे के अंदर पानी झरते रहता है। ऐसी स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका रोज कमरे से पानी को बर्तनों की मदद से बाहर कर पूरे कमरे में पोंछा लगाती हैं। इसके बाद ही बच्चों को वहां बिठाकर पढ़ाई और उनकी देखरेख शुरू की जाती है। इस खस्ताहाल मकान में बिठाकर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। बल्लियों के सहारे टिकी छत कब भरभरा कर गिर जाए, कहा नहीं जा सकता। बच्चों की जान को पल पल खतरा बना रहता है। अगर कोई अनहोनी हो गई, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ? आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के मत्थे सारा दोष मढ़कर पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेंगे। वस्तुतः ग्राम के सरपंच और सचिव इसके लिए जवाबदेह माने जाएंगे। क्योंकि उन्हीं की मनमानी और गैर जिम्मेदाराना रवैए के कारण सुरक्षित आंगनबाड़ी भवन का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। इस भवन की पोताई भी सालों से नहीं कराई गई है। इसके आसपास झाड़ियां हैं, जहां से निकलकर सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव भवन के आसपास मंडराते रहते हैं
सालों से अधूरा पड़ा है भवन
बदागुडा में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए कई साल पहले लाखों रुपए स्वीकृत हुए हैं। आधा अधूरा काम करवाकर निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिया गया है। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के परियोजना अधिकारी ने भवन निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सरपंच और पंचायत सचिव को दे रखी है।सरपंच और सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के नाम पर सरकारी धन का दुरूपयोग ही किया है। राशि प्राप्त कर लेने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा कराने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई दिनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गायब रहती है। कार्यकर्ता के उपस्थित नहीं रहने के कारण ज्यादातर बच्चे भी नहीं पहुंचते हैं। आंगनबाड़ी में सहायिका ही उपस्थित रहती है। इस संदर्भ में चर्चा करने पर महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी राठिया ने कहा कि कहा कि मैं संज्ञान में लेकर जरूर कार्रवाई करूंगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पटनायक से चर्चा करने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
फर्जी शिकायत पर छीन ली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी
- परियोजना अधिकारी के रवैए के विरोध का इस तरह लिया गया बदला
- सरपंच, पंचों ने शपथ पत्र में शिकायत की बात नकारी
अर्जुन झा
जगदलपुर बास्तानार विकासखंड में पदस्थ महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी के रवैए का विरोध करने पर ग्राम पुसेम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी साजिश के तहत छीन ली गई। इस मामले में जनपद सदस्यों को भी अंधेरे में रख सेवा समाप्ति के प्रस्ताव को उनसे स्वीकृति दिला दी गई। जिन सरपंच, पंचों व ग्रामीणों की शिकायत का हवाला देकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बर्खास्त किया गया है, उन सभी ने शपथ पत्र देकर शिकायत की बात से इंकार किया है।
बस्तर जिले के सुदूर वनांचल बास्तानार विकासखंड में पदस्थ महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला खोब्रागढ़े की मनमानी और लापरवाही को लेकर खूब बवाल मचा था। परियोजना अधिकारी के रवैए के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता एवं सहायिकाएं आंदोलन पर चली गई थीं।इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था चरमरा गई। विगत पांच वर्षों से बतौर प्रभारी पदस्थ परियोजना अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं से समन्वय बनाने और शासन की योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में नाकाम रही हैं। वे मनमानी पर उतर आई थीं। समय बेसमय आंगनबाड़ी केंद्रों में निरीक्षण के नाम पर पहुंच जाने, कार्यकर्ताओं से दुर्व्यवहार करने, बात बात पर कारण बताओ नोटिस जारी करने उच्च अधिकारियों के समक्ष झूठी शिकायतें करने जैसे कारनामों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं परेशान हो उठी थीं। वे परियोजना अधिकारी पर आतंक का राज कायम करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन पर उतर आई थीं।कार्यकर्ताओं ने बताया कि परियोजना अधिकारी कभी भी आकस्मिक रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान करती हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान अनावश्यक आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर कई कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने की धमकी भी परियोजना अधिकारी द्वारा दी जाती है। साथ ही प्रतिमाह मानदेय राशि और अन्य देयकों को बेवजह रोक दिया जाता है। इसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजरना पड़ता है।परियोजना अधिकारी उर्मिला खोब्रागढ़े पांच साल से यहीं पदस्थ हैं। उनके अधीन दरभा ब्लॉक और बास्तानार ब्लॉक शामिल हैं। 5 वर्षों से बास्तानार विकासखंड की प्रभारी होने की वजह से दोनों ही विकासखंडों का शासकीय कार्य लगातार बाधित हो रहा है। दोनों ब्लॉकों में आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों के साथ परियोजना अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करने में नाकाम रही हैं। उनकी मनमानी और लापरवाही के चलते नौनिहालों के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उच्च अधिकारियों से परियोजना अधिकारी के खिलाफ शिकायत भी की थी। आंदोलन एवं शिकायत करने वालों का नेतृत्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की प्रदेश अध्यक्ष रुक्मणि सज्जन कर रही थीं। रुक्मणि सज्जन बास्तानार विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरगाली के आश्रित ग्राम पुसेम के आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत रही हैं। परियोजना अधिकारी ने रुक्मणि सज्जन के खिलाफ झूठे शिकायत पत्र लगवाकर उन्हें बर्खास्त करवा दिया। जिन लोगों द्वारा शिकायत की जाने का हवाला देकर बर्खास्तगी की गई है, उनमें बिरगाली के सरपंच अशोक कुमार पोयाम, पुसेम के महेश पोयामी, फगनू राम पोयामी, सुखराम पोयामी आदि शामिल हैं। इन चारों व्यक्तियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत कर कहा है कि उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणि सज्जन के खिलाफ कभी किसी अधिकारी को शिकायती आवेदन नहीं दिया है। उनके नाम से फर्जी शिकायती पत्र बनाकर रुक्मणि सज्जन के खिलाफ साजिश रची गई है। सरपंच और ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मणि सज्जन के कामकाज की सराहना करते हुए उनकी सेवा समाप्ति को गलत ठहराया है।
*बॉक्स*
*शक के घेरे में परियोजना अधिकारी*
नोटरी द्वारा सत्यापित हलफनामा जिला कार्यक्रम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर बिरगली के सरपंच अशोक पोयाम, ग्रामीण महेश पोयामी, फगनू पोयामी और सुखराम पोयामी ने एक बड़ी साजिश की पोल खोल दी है। अब शक के घेरे में महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला खोब्रागढ़े आ गई हैं। परियोजना अधिकारी के कारनामों को उजागर करने और उनकी मनमानी के खिलाफ आंदोलन शुरू करने में रुक्मणि सज्जन की बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में जाहिर है कि रुक्मणि सज्जन से परियोजना अधिकारी खुन्नस रखने लगी थीं। कांटे की तरह खटक रही रुक्मणि को रास्ते से हटाने के लिए झूठे शिकायत पत्र बनवाए गए और प्रतिवेदन जनपद पंचायत बास्तानार के सीईओ के समक्ष पेश किया गया। सीईओ ने भी इस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया। जनपद पंचायत की बैठक में मामला रखा गया और जनपद सदस्यों को पूरे तथ्यों से अवगत कराए बगैर रुक्मणि सज्जन की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव पारित करा लिया गया। बताते हैं कि इसमें पूर्व विधायक की बड़ी भूमिका रही है।
नि: शुल्क केवायसी की आड़ पर उपभोक्ताओं से दो सौ रुपए की वसूली
- एचपी गैस में चल रहा यह गोरखधंधा, खाद्य विभाग मौन
जगदलपुर रसोई गैस कनेक्शन की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार रोकने केंद्र सरकार ने केवायसी कराने का निर्णय लिया है लेकिन इसकी आड़ में गोरखधंधा शुरू हो गया है।उपभोक्ताओं से नि: शुल्क केवायसी की बजाए दो -दो सौ रुपए की वसूली सुरक्षा के नाम पर वसूली किया जा रहा किंतु खाद्य विभाग बाखबर है।
केवायसी कराने की मियाद 31 दिसंबर 2023 तय किया गया है और उपभोक्ता केंद्र सरकार के निर्देश पर गैस एजेंसियों में पहुंच रहें हैं और इसका बेजा फायदा उठाते हुए चित्रकोट रोड़ स्थित एक गैस एजेंसी ने फरमान जारी कर सुरक्षा होज के नाम पर 190 तय किया है और 200 रुपए की वसूली किया जा रहा है तथा उसके बदले गैस पाइप दिया जा रहा है तथा चाहे वो नॉर्मल ग्राहक हो या उज्जवला गैस कार्ड धारक हो।ज्ञात हो कि केंद्र सरकार के निर्देश पर उपभोक्ताओं के प्रिंगर प्रिंट, आधार कार्ड के नंबर , मोबाइल नंबर जोड़ें जाएंगे।
दूसरी तरफ इतने महत्वपूर्ण कार्य की निगरानी खाद्य विभाग के जिम्मेदार इन क्षेत्रों में जांच करने भी नहीं जा रहें हैं जिसका फायदा एजेंसी संचालक उठा रहे हैं।
स्टील प्लांट की लोडिंग साईट का सीसीटीवी कैमरा गायब
- ठेकेदार एवं अफसरों की सांठगांठ से कच्चा लोहा प्लांट से पार करने का खेल
- कड़े सुरक्षा घेरे से वाहन चालक कैसे हो गए फरार?
अर्जुन झा
नगरनार एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट से लोहा चोरी के मामले में नई जानकारी सामने आई है। प्लांट की लोडिंग साईट का सीसीटीवी कैमरा गायब है। चोरी के मामलों के सबूत सामने न आने पाएं इसलिए कैमरे गायब किए जाने की चर्चा है।
स्टील प्लांट में उत्पादन शुरू होने के कुछ दिनों बाद से ही लोहा चोर सक्रिय हो गए हैं।लोहा चोर कुछ ठेकेदारों एवं अफसरों से सांठगांठ कर प्लांट से निकलने वाले पिग आयरन को ट्रकों से पार किया करते थे। खबर है कि लेनदेन का खेल नही जमने पर मामला बाहर आ गया। चोरी में प्लांट के अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। चोरी को बढ़ावा देकर मोटी कमाई करते आ रहे अफसरों को बचाने के लिए लोडिंग साईट में लगा सीसीटीवी कैमरा ही गायब करवा दिया गया है।प्लांट को हर कोण से और चारों ओर सीसीटीवी कैमरों से लैस कर आने जाने वाले लोगों और वाहनों पर नजर रखी जाती है। इतनी कड़ी निगरानी के बावजूद एक रजिस्ट्रेशन नंबर वाले दो बड़े ट्रकों से पिग आयरन कैसे पार कर दिया गया? वहीं लोडिंग साईट जहां से रोजाना करोड़ों का लोहा ट्रकों पर लोड कर दीगर राज्यों में भेजा जाता है, वहां सीसीटीवी कैमरे से निगरानी क्यों नहीं की जाती? ये जांच के अहम बिंदु हैं
लोहा कारोबारियों से है अफसर के संबंध
अब तक की जांच में पुलिस को कुछ खास सुराग हाथ नही लगा है। प्लांट के अफसर भले ही सहयोग करने की दलील दे रहे हैं, लेकिन इस घालमेल में प्लांट के ही अफसर के लिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। खबर है कि उक्त अफसर के दूसरे राज्यों तथा रायपुर के लोहा कारोबारियों से मधुर संबंध हैं। चोरी का लोहा इन्हीं कारोबारियों के पास खपाए जाने की चर्चा है। नगरनार स्टील प्लांट में उत्पादन तीन माह पहले शुरू हुआ है और अब तक वहां से हजारों टन लोहा पार कर दिए जाने की खबर है। जानकारी के अनुसार ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले वेस्ट रा आयरन के टुकड़े बड़ी मात्रा में जमा होते हैं। इसे ही पिग आयरन कहा जाता है। सूत्रों के अनुसार अब तक 60 हजार टन से अधिक पिग आयरन की बिक्री की जा चुकी है। स्टील प्लांट के जिस भाग में पिग आयरन की लोडिंग होती है, वहां का सीसीटीवी कैमरा ही गायब है। प्लांट की यह लोडिंग साईट काफी महत्वपूर्ण भाग है। वहां सीसीटीवी कैमरा होने से ठेकेदार और अधिकारियों की सांठगांठ की आशंका को बल मिल रहा है। संयंत्र के मेन गेट से लेकर चारों ओर कैमरे के जरिए निगरानी की जाती है। सूत्रों का कहना है कि यह खेल काफी दिनों से चल रहा है। खबर है कि 30 टन पासिंग वाले ट्रकों पर 40 टन कच्चा लोहा लोड कर बाहर भेजा जाता रहा है। इस तरह प्रत्येक ट्रक में औसतन आठ टन लोहा चोरी का खेल चलता रहा है।
प्लांट के अंदर ही सारा खेल
दो दिन पहले चोरी के पिग आयरन के साथ जप्त किए गए एक ही नंबर वाले दो ट्रकों का राज भी बड़ा गहरा है। इस मामले की जांच नगरनार पुलिस कर रही है। खबर है कि प्लांट के भीतर ही नंबर प्लेट बदलने का खेल चलता है। यह इस बात का संकेत देता है कि लोहा चोरी की प्लानिंग प्लांट के अंदर ही की जाती है। फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं। वाहन चालक भी फरार हैं जिनका कोई सुराग अब तक नही मिल पाया है।
वर्सन
मामले की जांच जारी
स्टील प्लांट पूरी तरह सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे में है। सीआईएसएफ की तैनाती के बाद संयंत्र से किसी भी सामग्री की चोरी नहीं हुई है। पिग आयरन की चोरी का पर्दाफाश सीआईएसएफ के जवानों ने ही किया और मामला नगरनार पुलिस के हवाले किया है। एक ही नंबर का दो वाहन प्लांट में कैसे प्रवेश कर गए, इसकी जांच की जा रही है।
रफीक अहमद,महाप्रबंधक एवं संचार प्रमुख, नगरनार स्टील प्लांट
डॉ रमन सिंह या ओपी चौधरी बन सकते है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
- डॉ रमन सिंह या ओपी चौधरी बन सकते हैं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ?भाजपा के सत्ता में काबिज होते ही छत्तीसगढ़ का कौन बनेगा मुख्यमंत्री इस बात को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं हर दिन बदलते नामो की संभावना के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री वाली बात हर जगह हो रही है वहीं विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव से विधायक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह तथा रायगढ़ के नवनिर्वाचित विधायक ओपी चौधरी के नामो पर पार्टी विचार कर सकती है बता दे कि पार्टी हाईकमान की तरफ से पर्यवेक्षको की टीम मध्य प्रदेश राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में विधायको की बैठक लेकर समन्वय बनाकर किसी एक नाम पर मुहर लगा सकती है इसी बीच छग में मुख्यमंत्री के दौड़ में अनेक वरिष्ठ नेताओं का नाम चर्चा में है जिसमे विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह या ओपी चौधरी के नाम की चर्चा राजनीतिक हलकों में हो रही है विधायको की बैठक सम्भवतः कल होनी है इसके बाद किस नाम पर सहमति बनती है यह देखना अभी बाकी है
विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम से जुड़े लाभार्थी
- विधायक, कलेक्टर भी कार्यक्रम में रहे मौजूद
- विधायक किरण देव सिंह का पहला शासकीय कार्यक्रम
जगदलपुर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित दर्जनों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े। जगदलपुर विधायक किरण देव, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, आयुक्त नगर निगम हरेश मंडावी की उपस्थिति में ऑनलाइन कार्यक्रम शहीद गुंडाधुर कृषि कालेज के ओडीटोरियम में आयोजित था।

कार्यक्रम में बस्तर जिले के सातों विकासखंडों के शासकीय योजनाओं के लाभार्थी व हितग्राही जुड़े थे। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। ज्ञात हो कि विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को झारखंड के खूंटी से शुभारंभ किया था। इस यात्रा का उद्देश्य केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता फैलाना एवं प्रमुख सरकारी योजनाओं की शत- प्रतिशत परिपूर्णता हासिल करना है। शनिवार को इस कार्यक्रम का तीसरा आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में विभागीय प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना विकसित भारत संकल्प यात्रा से केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को शहरों-गांवों के लाभार्थी व्यक्तियों तक तक पहुंचाना है। संकल्प यात्रा में मोदी की गारंटी वाले प्रचार वाहन आने पर सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जनता को प्रेरित करें। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 14 दिसंबर से 25 जनवरी तक यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के महानगरों से प्रारंभ होकर यात्रा नगर, गांव तक जाएगी। योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित किया जाना है साथ ही लाभ ले चुके लोग अन्य लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कहें।
इस संकल्प यात्रा में प्रचार वैन पहुंचने वाले जगहों पर सतत कृषि एक्टिविटी के तहत ड्रोन डिमॉन्स्ट्रेशन, सॉइल हेल्थ कार्ड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्राम पंचायत स्तर के शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन भू अभिलेखीकरण, नल जल योजना, स्वास्थ्य जांच, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, आयुष्मान कार्ड, केसीसी पंजीयन जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
हर पंचायत में पहुंचेगी यात्रा
भारत सरकार की सभी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के नागरिकों तक पहुंचाने और उसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा देश के सभी जिलों की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में चलेगी और 25 जनवरी 2024 तक देश के सभी जिलों से गुजरेगी। केंद्र सरकार की योजनाओं की सूचना और लोगों तक उसके लाभ को पहुंचाने के मकसद से देश के कोने कोने में विकसित भारत संकल्प यात्रा शुरू की गई है। इस अभियान के माध्यम से देश के कोने कोने में लोगों को जागरूक करने की मुहिम चलाई जा रही है। विकसित भारत संकल्प यात्रा हर घर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएगी। जिसके लिए ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएगा और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जाएगी। केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता, स्वास्थ्य, रोजगार, आयुष्मान भारत योजना, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना और पीएम आवास योजना के बारे में भी लोगों को विस्तार से जानकारी दिया जाएगा।

बलिदानी परंपरा से समृद्ध है हमारा कांग्रेस परिवार : सुशील मौर्य
- सोनिया गांधी के जन्मदिन पर शहर जिला कांग्रेस ने की वृद्धजनों की सेवा
जगदलपुर बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया।
इस अवसर पर धरमपुरा स्थित रेडक्रॉस आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों को शॉल व फल भेंट किए। कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि हमारी कांग्रेस पार्टी बलिदानी परंपरा से समृद्ध है। पं. जवाहर लाल नेहरू ने भारत वर्ष की आजादी की लड़ाई में अतुल्य योगदान दिया। आजाद भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद पं. नेहरू ने समृद्ध भारत की बुनियाद रखी।

हमारे छत्तीसगढ़ के भिलाई में सोवियत रूस के सहयोग से विशाल इस्पात संयंत्र की स्थापना कराकर प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात किया। इंदिरा गांधी ने अपने पिता नेहरू जी के सानिध्य में बालपन से ही स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देना शुरू कर दिया था। प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने भी देश की अप्रतिम सेवा की और देश की अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सुशील मौर्य ने आगे कहा कि अपने नाना पं. जवाहर लाल नेहरू और माताजी इंदिरा गांधी की राह पर चलते हुए राजीव गांधी ने भी विषम परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री बनकर देश की सेवा की और देश में कंप्यूटर क्रांति का आगाज किया। राजीव जी भी देश की खातिर बलिदान हुए। उनके बाद राजीव गांधी की धर्मपत्नी सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं के लाख आग्रह के बावजूद प्रधानमंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद स्वीकार करने से इंकार कर दिया। सोनिया गांधी ने ऐसा करके त्याग का बड़ा मिसाल पेश किया। अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी अपने पूर्वजों की राह पर चलते हुए देश को एकसूत्र में जोड़े रखने के लिए काम कर रहे हैं। मौर्य ने कहा हमें गर्व है कि हम ऐसे बलिदानी कांग्रेस परिवार के सदस्य हैं। इस दौरान शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य, नगर निगम की सभापति कविता साहू, पार्षद बलराम यादव, कमलेश पाठक, सुनीता सिंह, उपाध्यक्ष महेंद्र महापात्र, महामंत्री ज़ाहिद हुसैन, प्रवक्ता अवधेश झा, महेश द्विवेदी, अल्ताफ खान, अभिषेक नायडू, अनुराग महतो, सायमा अशरफ, विजेंद्र ठाकुर, अमरनाथ सिंह,निकेत झा,एनएसयूआई अध्यक्ष शहर विशाल खंबारी, ग्रामीण अध्यक्ष नीलम कश्यप, अयाज खान, माही श्रीवास्तव, सोनिया टांडिया, मोनालिसा यदु आदि मौजूद थे।













