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बस्तर दशहरा के लिए 1.10 करोड़ की दरकार

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  • बढ़ती दर्शक संख्या के लिहाज से सुव्यवस्थित आयोजन बड़ी जिम्मेदारी : बैज
  •  आयोजन समिति की हुई बैठक, मांझी मंगड़ू समिति के उपाध्यक्ष मनोनीत

जगदलपुर बस्तर दशहरा समिति की बैठक 14 सितंबर को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित की गई। सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज और उद्योग एवं आबकारी मंत्री तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा रायपुर से वर्चुअली बैठक में जुड़े बैठक में संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन, विधायक एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, विधायक चित्रकोट राजमन बेंजाम, महापौर सफीरा साहू सहित जनपद पंचायत अध्यक्ष अनिता पोयाम, माटी पुजारी बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर विजय दयाराम के., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, आयुक्त नगर पालिक निगम हरेश मंडावी, तहसीलदार एवं बस्तर दशहरा समिति के सचिव यूके मानकर सहित मांझी, चालकी, मेंबर, मेंबरिन, पुजारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। बैठक में नए उपाध्यक्ष का मनोनयन किया गया।

भाटपाल परगना के लक्ष्मण मांझी ने मंगड़ू मांझी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी मांझियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। इस अवसर पर सांसद दीपक बैज ने नवनियुक्त उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि बस्तर दशहरा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसे देखने आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मावली परघाव के अवसर पर लोगों की उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही अन्य सभी व्यवस्थाओं को बेहतर करना जरूरी है। इस दिशा में आवश्यक बजट की मांग शासन से की गई है। उन्होंने कहा कि पुजारी, मांझी, चालकी, मेंबर, मेंबरिन के अनुभव का लाभ सदैव बस्तर दशहरा में मिलता रहा है। इस वर्ष भी इसके बेहतर आयोजन के लिए सभी लोग सक्रिय सहभागिता निभाएंगे। प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा ने कहा कि पूरी दुनिया में विख्यात बस्तर दशहरा पर्व को सब लोग मिलकर उत्साह पूर्वक मनाएंगे। बस्तर दशहरा पर्व के लिए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करेंगे। संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा विभिन्न समुदायों की भागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। यह हम सभी का पर्व है और इसे सफल बनाने के लिए सभी को सहयोग करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसके भव्य आयोजन में किसी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए शासन से अतिरिक्त राशि प्राप्त की जाएगी। विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप और विधायक चित्रकोट राजमन बेंजाम ने भी बस्तर दशहरा पर्व को सहकार की भावना के साथ मनाने पर बल दिया। मांझी-चालाकियों ने बस्तर दशहरा की सभी परंपराओं के नियमानुसार पालन तथा इसके सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन के लिए सुझाव दिए। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि वर्ष 2022 में ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के आयोजन के लिए शासन से 75 लाख रुपये आबंटित किए गए थे। आयोजन पर 95 लाख रुपए व्यय हुए। करीब 20 लाख रुपए का भुगतान शेष है। इस साल बस्तर दशहरा पर्व के सफल आयोजन के लिए शासन से एक करोड़ 10 लाख रुपए के बजट आवंटन हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने सभी के सहयोग से बस्तर दशहरा पर्व को पूरी भव्यता के साथ मनाने आश्वस्त किया। बैठक के अंत में सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे ने आभार प्रकट किया।

शहर का समग्र विकास मुख्यमंत्री की प्राथमिकता : जैन

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  • संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने शहर के पांच वार्डों में 1 करोड़ 69 लाख के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

जगदलपुर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने नगर निगम के भगतसिंह वार्ड 6, शिव मंदिर वार्ड 3,अटल बिहारी वाजपेयी वार्ड 38, लोकमान्य तिलक वार्ड 37 एवं महाराणा प्रताप वार्ड 47 में 1 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें भगतसिंह वार्ड में माली सैलून से शिवनारायण बिसोई घर तक आरसीसी नाली निर्माण लागत 9.70 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण लागत 6.45 लाख, माली सेलून से शिवनारायण बिसनोई घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 8 लाख, राम अवतार देवांगन घर से राजेश देवांगन घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 5.16 लाख, मनीष साहू घर से किशन ध्रुव घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 12.74 लाख कुल 42.03 लाख रुपए, शिव मंदिर वार्ड में पतंजलि से मुरली और राजाराम घर तक आरसीसी नाली निर्माण लागत 13.04 लाख , पुष्पांजलि टेलर्स से विष्णु जोशी घर तक आरसीसी नाली निर्माण लागत 2.70 लाख, डोंगाघाट में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 5.8 लाख कुल 20.82 लाख, अटल बिहारी वाजपेयी वार्ड में हरा नाग घर से रंजो घर तक आरसीसी नाली निर्माण लागत 10.31 लाख, जगमोहन यादव घर से मिथिलेश सांई घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 5.28 लाख, दलपत सागर राम मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण लागत 15 लाख रुपए कुल 30.59 लाख रुपए, लोकमान्य तिलक वार्ड में नहरमुंडा कंगोली टो वाल निर्माण लागत 13.6 लाख, गणेश चौक से रायल गार्डन तक बीटी सड़क निर्माण लागत 15.85 लाख, सेवाश्रम के पास धरमपुरा नं 2 में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 10.3 लाख, कृष्णा टेंपल के पास धरमपुरा नं 2 में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 9.74 लाख रुपए कुल 48.68 लाख रुपए, महाराणा प्रताप वार्ड में लक्ष्मण घर से शुक्ला घर तक आरसीसी नाली निर्माण लागत 7.96 लाख , नेगी गली में आरसीसी नाली 2.23 लाख, मालती सोढ़ी घर से गाय दूध डेयरी तक 6.67 लाख, हिडमा किराना स्टोर से शर्मा घर तक आरसीसी नाली निर्माण लागत 5.21 लाख, आंगनबाड़ी रोड नाकापारा सीसी सड़क निर्माण लागत 5 लाख रुपए कुल 27.16 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शहर का समग्र विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। बिना किसी भेदभाव के शहर के हर वार्ड का विकास किया जा रहा है। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया का आशीर्वाद नगर निगम जगदलपुर को लगातार मिल रहा है एवं शहर विकास हेतु लगातार राशि आबंटित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर के मध्य भाग के वार्ड पहले नगर पालिका फिर नगर निगम में होने के कारण पहले से विकसित हैं, पर बाहरी क्षेत्र के वार्ड पहले ग्राम पंचायत में थे। इस कारण उतना विकास नहीं हो पाया है। अब इन वार्डों में अधिक से अधिक विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। नगर निगम में लोकनिर्माण विभाग के सभापति एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव यशवर्धन राव ने कहा कि विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन जो कि नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव भी हैं, के प्रयासों से नगर निगम जगदलपुर को लगातार राशि आबंटित की जा रही है। जिससे शहर का समेकित विकास हो रहा है। संसदीय सचिव रेखचंद जैन एवं महापौर सफीरा साहू के साझा प्रयासों से आज जगदलपुर नगर निगम विकास की नई गाथा गढ़ रहा है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को पुनः आशीर्वाद देने का आह्वान भी किया।कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता अवधेश झा ने किया। इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं नगर निगम में लोकनिर्माण विभाग के सभापति यशवर्धन राव, राजस्व विभाग के सभापति राजेश राय, पार्षद सूर्या पाणी, पंचराज सिंह, दयावती देवांगन, निर्मल पाणिग्रही, त्रिवेणी रंधारी, शंभू नाग, दयाराम कश्यप,नेहा ध्रुव, पूर्व पार्षद एवं शहर जिला महामंत्री गौरनाथ नाग, अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही, आनंद मोहन मिश्रा, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, धर्मेंद्र चौहान, सुशील दत्ता, वैदेही बहनजी, हेमंत ध्रुव, राणा घोष, अजय शर्मा, रामदास पुजारी नगर निगम के कार्यपालन अभियंता तिग्गा समेत अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।

शाला भवन निर्माण में गड़बड़ी, ग्रामीणों ने रोका काम

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  • स्वीकृत राशि से अपनी जेबें भरने में लगी है चौकड़ी
  • छत में कम सरिया और छड़ों का हो रहा इस्तेमाल
  •  बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है भवन

अर्जुन झा

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा -1 के बड़ेपारा में नवीन शाला भवन निर्माण में जमकर गड़बड़ी की जा रही है। बिना ड्राइंग और ले आउट के निर्माण कार्य कराया जा रहा है और गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। छत ढलाई में घटिया सरिया और छड़ों का उपयोग तो हो ही रहा है, कम मात्रा में सरिया, छड़, स्तरहीन बजरी और अन्य निर्माण सामग्री लगाकर रकम हड़पी जा रही है। घटिया कार्य को देखते हुए ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा -1 के बड़ेपारा के ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण पर रोक लगा दी है।
छोटे देवड़ा -1 के बड़े पारा में नवीन शाला भवन निर्माण के लिए जिला खनिज निधि न्यास (डीएमएफटी) मद से 12.84 लाख रु. की स्वीकृति मिली है। यह कार्य जनपद पंचायत के इंजीनियर, सरपंच और सचिव की निगरानी में ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। शाला भवन का ज्यादातर कार्य पूर्ण हो चुका है। छत ढलाई के लिए सेंटरिंग में सरिया और छड़ें कम मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। सरिया और छड़ों को बांधने और लगाने में तय मापदंड का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। छत की मजबूती के लिहाज से सरिया, छड़ों को 6 इंच के फासले में लगाना चाहिए, लेकिन यहां सरिया व छड़ों के बीच फासला 8 से 10 इंच तक रखा गया है। ऐसा कम से कम सरिया और छड़ों का उपयोग कर रकम अपनी जेब में डालने के ध्येय से किया जा रहा है। ज्यादा फासले में छड़ें बांधने से छत की मजबूती पर अभी से सवालिया निशान लग रहे हैं। छत से पानी सीपेज की समस्या पैदा होगी और छत के धराशायी होने की भी आशंका हमेशा बनी रहेगी। जब हम कुछ ग्रामीणों के साथ निर्माणाधीन शाला भवन को देखने गए तो पता चला कि निर्माण के नाम पर केवल खानापूर्ति कर शासन को पलीता लगाने का काम चल रहा है। छत ढलाई के लिए घटिया किस्म की बजरी गिट्टी का उपयोग हो रहा है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों का कहना है जब शाला भवन तैयार हो जाएगा, तब वहां पढ़ाई के लिए हमारे बच्चे आएंगे। घटिया तरीके से बनाए गए भवन में बैठकर पढ़ाई करने वाले बच्चों के सिर पर हर पल खतरा मंडराता रहेगा। हमारे बच्चों की जान हमेशा खतरे में पड़ी रहेगी। ऐसे में हम जानबूझकर अपने बच्चों को इस भवन में कैसे भेज सकते हैं। कुल मिलाकर स्वार्थ के लिए सरपंच, सचिव, इंजीनियर और ठेकेदार की चौकड़ी बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करने पर आमादा हैं। आक्रोशित ग्रामीणों और पंचों ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। उनका कहना है कि निर्माण नए सिरे से गुणवत्ता के साथ कराया जाना चाहिए। जब पंचायत सचिव से ड्राइंग और लेआउट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। इंजीनियर और ठेकेदार ने भी ड्राइंग और लेआउट नहीं होने की बात कही। ठेकेदार ने कहा कि ड्राइंग सचिव मैडम के पास है और सचिव ने अपने पास ड्राइंग न होने की बात कही।अब सवाल उठता है कि बगैर ड्राइंग और लेआउट के इतना बड़ा स्ट्रक्चर कैसे खड़ा किया जा रहा है?

नख से सिर तक गड़बड़ी ही गड़बड़ी
नवीन शाला भवन निर्माण के नाम पर नख से सिर तक गड़बड़ी ही गड़बड़ी का आलम देखने को मिला है। नींव खोदाई व भराई, दीवार निर्माण आदि तमाम कार्यों में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। नींव की गहराई कम है, उसकी भराई में हल्के स्तर की गिट्टी, बोल्डर, रेत व सीमेंट का उपयोग किया गया है। सीमेंट कम और रेत ज्यादा उपयोग में लाई गई है। पिलर में भी बहुत ही कम और घटिया स्तर की छड़ें लगाई गईं हैं। दीवार निर्माण में प्रयुक्त की गईं इंटें और सीमेंट पूरी तरह स्तरहीन हैं। इसमें भी कम सीमेंट का उपयोग हुआ है तथा दीवारों की मोटाई बहुत कम रखी गई है। पूरे निर्माण कार्य में जमकर गोलमाल किया गया है। भविष्य में यह शाला भवन पूरी तरह असुरक्षित रहेगा। ऐसे में पालकों की चिंता जायज है।

सरपंच पति की ऐसी दबंगई !
ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा -1 की सरपंच महिला है। ग्राम पंचायत के कामकाज में सरपंच के पति की दखलंदाजी रहती है। इससे पंचों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों और कुछ पंचों के मुताबिक पंचायत और ग्रामसभा की बैठकों में सरपंच पति हावी रहते हैं। उनकी ही मनमानी चलती है। पंच जब इसका विरोध करते हैं, तो सरपंच पति सीधे धमकी देते हुए कहते हैं कि मुझे जो करना है, जैसा करना है, करता रहूंगा, तुम लोगों को जो करना है करके देख लो मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यहां तक कि ग्राम पंचायत के समानों और उपकरणों का भी सरपंच पति निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्राम पंचायत के कंप्यूटर सेट, एलईडी टीवी, टेबल, कुर्सियों को सरपंच पति ने अपने घर में रखवा लिया है। इनका उपयोग उनके परिवार के लोग कर रहे हैं। इसका भी पंचों ने विरोध किया, तो उन्हें धमका कर चुप करा दिया गया।

बैज का जगदलपुर दौरा रद्द, अब वर्चुअली जुड़ेंगे

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जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के लोकसभा सांसद दीपक बैज का जगदलपुर दौरा कार्यक्रम खराब मौसम के कारण रद्द कर दिया गया है। दीपक बैज बस्तर दशहरा के आयोजन को लेकर प्रस्तावित बैठक में हिस्सा लेने के लिए जगदलपुर आने वाले थे। बताया गया है कि श्री बैज अब वर्चुअली उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

 

खदान में चल रहे सुरक्षा गार्ड के ठेके में ठेके के शर्तों से कम सुरक्षा गार्ड ठेकेदार द्वारा मुहैया कराने पर भी पेनेल्टी नहीं लगा रहीं हैं बीएसपी प्रबंधन, भारतीय मजदूर संघ

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दल्लीराजहरा विगत खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भिलाई पहुंच कर उपमहाप्रबंधक (हार्टिकल्चर)एवं आपरेटिंग अथॉरिटी ( सुरक्षा गार्ड)

भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई को  राजहरा खदान समूह में चल रहे सुरक्षा गार्ड के ठेके में ठेकेदार द्वारा ठेके के नियम व शर्तों का पालन नहीं किये जाने व अनियमिति बरते जाने की शिकायत और उस पर त्वरित कार्यवाही करने को ज्ञापन सौंपा ।

ज्ञापन के माध्यम से संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि सुरक्षा गार्ड के ठेके में ठेकेदार द्वारा सुरक्षा गार्डो को ठेके के नियम शर्तो के अनुसार सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस ठेके में प्रारम्भ से ही बहुत सी अनियमितताऍ चल रही है, मगर प्रबंधन द्वारा कभी भी ठेकेदार पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है और ना ही इस ठेके में कोई सुधार किया जा रहा है। संघ द्वारा लगातार

प्रबंधन को इस पर सुधार किये जाने के लिए लिखित पत्र दिया जाता रहा है, किन्तु आज तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। जोकि खेदजनक है।

संघ ने कुछ बिन्दुओं के माध्यम से इस ठेके में हो रही विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रबंधन के समक्ष ईस ठेके में हो रही लापरवाही और नियमों की हो रही अनदेखी को ज्ञापन के माध्यम से उजागर किया है।

सुरक्षा गार्ड के ईस ठेके में ठेके के नियम व शर्तों के अनुसार ठेकेदार को रोजाना 33 सुरक्षागार्ड मुहैया कराना है। मगर ठेकेदार द्वारा सिर्फ 25 सुरक्षागार्ड ही उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजाना 8 सुरक्षागार्ड कम उपलब्ध कराने के लिए प्रबंधन द्वारा ठेकेदार पर आज तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई है, और उस पर

आज तक 8 अनुपस्थित सुरक्षागार्डो की कमी के लिए पेनाल्टि क्यो नहीं लगाया गया । संदर्भित ठेके में ठेकेदार द्वारा मात्र 25 सुरक्षागार्ड रखा गया है। और 25 सुरक्षा गार्ड पर चार रिलिवर रखा गया है। और सबसे हास्यपद बात यह है कि जिन 4 सुरक्षा

गार्डो को रिलिवर रखा गया है। उन 04 गार्डो के लिए श्री 04 रिलिवर रखा है। और सबसे बड़ी बात प्रबंधन उसकी इन बात को मानकर उनसे कार्य भी करा रहा है। जो कि बहुत ही चिन्ताजनक है, इस पर आज तक किसी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया गया है। आज दिनांक तक ठेकेदार द्वारा सुरक्षागार्डो को ठेके के शर्तों के अनुसार रैनकोट, गमबूट, जूता, ड्रेस लाठी, टार्च और न ही सुरक्षा गार्डो की बैठने की व्यवस्था नहीं की गई है। सुरक्षा सामग्री सभी सुरक्षा गार्डो अपने पैसे से लेने को मजबूर है। मगर उसके बाद भी प्रबंधन द्वारा सुरक्षा गार्डो को उनके अधिकार की सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने

पूरी तरह असफल है। ठेकेदार द्वारा किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है, मगर उसके बाद भी ठेकेदार का बिल प्रतिमाह बिना किसी रोकटोक के पास किया जा रहा है, जो कि सोचनीय है। सुरक्षा गार्डो को तीन-तीन माह तक वेतन भुगतान नहीं किया जाता है लेकिन

प्रबंधन ठेकेदार पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करती। सुरक्षा गार्डो का खदान भत्ता और नाईट एलाउन्स का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

ठेकेदार द्वारा इस ठेके के आरम्भ से ही सुरक्षागार्डो का प्रतिमाह एक दो हाजरी का कम भुगतान किया जाता है। ठेकेदार द्वारा सुरक्षागार्डो को छुट्टी के पैसों का भुगतान नहीं किया जाता है। मगर प्रबंधन द्वारा ठेकेदार पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही का न करना और उसके बिल को बिना किसी रोक-टोक के पास करना बहुत सी शंकाओं को जन्म देता है। वहीं राजहरा के छोटे ठेकेदारों को प्रबंधन द्वारा ठेके के सारे नियमों और सुरक्षा समाग्री उपलब्ध कराने के लिए तत्परता दिखाते हैं। बहुत अच्छी बात है मगर ये तत्परता सुरक्षा गार्ड के ठेके पर क्यों नहीं दिखाई जाती है ये चिंता का विषय है।

संघ ने बीएसपी प्रबंधन से यह आग्रह किया है, कि संघ की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सभी बिन्दुओं की सुक्ष्म जॉच की जाये एवं ऐसे ठेकेदार पर कड़ी कार्यवाही की जावे जो ठेके के नियम व शर्तो का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है, और लगातार कर रहा है प्रबंधन द्वारा ठेकेदार के उपर कम सुरक्षागार्ड मुहैया कराने के लिए नियमतः पैनाल्टि लगायी जाये एवं सुरक्षागार्डो को सुरक्षा सामग्री का पैसा तत्काल दिलायी जाये। साथ ही संघ ने मांग है कि ऐसे ठेकेदार जो लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहा है, उसे आने वाले नये ठेके में भाग न लेने दिया जाये। जिससे भविष्य में होने वाला ठेका सुचारू रूप से चल सके और जब तक संघ की शिकायत का निराकरण प्रबंधन द्वारा नहीं किया जाता है तब तक प्रबंधन द्वारा ठेकेदार को किसी प्रकार का भुगतान न किया जाये। जिससे सुरक्षागार्डो को मिलने वाली बकाया राशि का भुगतान प्रबंधन द्वारा नियमतः कराया जा सके। ईस ज्ञापन की प्रतिलिपि अधिशासी निदेशक खदान भिलाई इस्पात संयंत्र, महाप्रबंधक आई आर भिलाई इस्पात संयंत्र और महाप्रबंधक खदान कार्मिक भिलाई इस्पात संयंत्र को भी दिया है जिससे जल्द से जल्द उचित कार्यवाही हो सके। प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप जिला मंत्री मुश्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष एम पी सिंग, उपमहासचिव लखन लाल चौधरी उपस्थित थे।

 

रेलवे की बदहाली को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

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  • जगदलपुर में दिखा रेल रोको आंदोलन का व्यापक असर
  • रेलमंत्री के नाम पर मौर्य के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी बस्तर जगदलपुर के अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में आज 13 सितंबर को यहां बड़ा आंदोलन हुआ। कांग्रेस और उसकी अन्य विंगों के पदाधिकारी कार्यकर्त्ताओं ने बढ़ चढ़कर भागीदारी दी। बाद में रेलमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, कांग्रेस आईटी सेल एवं सोशल मीडिया सेल के स्टेट कोऑर्डिनेटर अनुराग महतो समेत कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, अल्पसंख्यक विभाग, अनुसूचित जाति विभाग, अनुसूचित जनजाति विभाग आदि के पदाधिकारी कार्यकर्त्ता, कांग्रेस पार्षद सैकड़ों की तादाद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के आह्वान पर अमल करते हुए बरसते पानी में भी आंदोलन को सफल बनाने जगदलपुर रेलवे स्टेशन के पास डट गए थे। वे ट्रेन परिचालन को रोकने उद्द्त थे। हालात को देखते हुए आरपीएफ और जिआरपी के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए थे। वहां बेरिकेट्स भी लगा दिए गए थे। मोदी सरकार हाय हाय के नारे लगाते कांग्रेसी आगे बढ़ने बेताब थे। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आंदोलन के बीच शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।

छग की जनता पर खीझ उतार रही भाजपा : मौर्य

कांग्रेस के लोगों को संबोधित करते हुए सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर को रेल सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जगदलपुर – दल्ली राजहरा रेल लाईन के काम को अटका दिया गया है, हमारे बस्तर के सांसद दीपक बैज द्वारा संसद में बार बार मांग उठाए जाने के बावजूद जगदलपुर स्टेशन में वाशिंग लाईन का निर्माण नहीं कराया जा रहा है, जबकि वाशिंग लाईन का कार्य वर्षों पहले से स्वीकृत हो चुका है। पचासों यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद कर छत्तीसगढ़ के यात्रियों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। श्री मौर्य ने कहा कि कोयला, लौह अयस्क जैसी बहुमूल्य खनिज संपदा को छत्तीसगढ़ से बाहर दूसरे राज्यों और अन्य देशों में भेजने के लिए तो मालगाड़ियों को बेरोकटोक चलाया जा रहा है, मगर यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद कर छत्तीसगढ़ के लोगों को किस बात की सजा केंद्र की भाजपा सरकार दे रही है, वह किसी से छुपी नहीं है। वजह सिर्फ और सिर्फ यही है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा के पंद्रह वर्षों के कुशासन को एक झटके में खत्म कर सत्ता कांग्रेस के हाथों में दे दी है। इसकी बैखलाहट केंद्र की भाजपा सरकार यहां की अवाम पर उतार रही है। श्री मौर्य ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा को दोबारा यहां की सत्ता में नहीं आने देगी और केंद्र से भी उसे बेदखल कर देगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

परिवर्तन नहीं, पश्चाताप यात्रा निकाले भाजपा : जावेद खान

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  •  हाईटेक सुविधाओं से लैस भाजपा का रथ गरीबों को मुंह चिढ़ाने वाला

जगदलपुर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीसीसी मीडिया पैनलिस्ट जावेद खान ने भाजपा की परिवर्तन यात्रा में उपयोग किए जा रहे सर्व सुविधायुक्त एवं हाईटेक वाहन को लेकर भाजपा पर तंज कसा है। जावेद ने कहा है कि एक तरफ देश की 80 करोड़ जनता पांच किलो सरकारी राशन के सहारे जीवन जीने मजबूर है, वहीं दूसरी ओर सत्ता परिवर्तन का जुनून लिए घूम रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ में परिवर्तन यात्रा आलीशान और सर्वसुविधायुक्त रथ के सहारे पूरा करना चाहते हैं। पूरे देश में 46 वर्ष की बेरोजगारी दर का रिकार्ड मोदी सरकार ने तोड़ दिया है। वहीं दूसरी ओर हाईटेक और एलईडी स्क्रीन वाले आलीशान रथ से सत्ता में वापसी के सपने देख रहे गृहमंत्री अमित शाह देख रहे हैं। मणिपुर आज भी जल रहा है और सत्ता की लालसा अमित शाह को छत्तीसगढ़ से निकलने नहीं दे रही है। श्री खान ने कहा है कि भाजपा को परिवर्तन नहीं, पश्चाताप यात्रा निकालनी चाहिए।

यहां जारी बयान में जावेद खान ने कहा है कि भाजपा की परिवर्तन यात्रा के लिए प्रयुक्त किया जा रहा रथ आधुनिक उपकरणों से लैस है। रथ की छत पर मंच की व्यवस्था की गई है। मंच पर पहुंचने के लिए स्वचालित सीढ़ी की व्यवस्था है। यानि भाजपा नेताओं को चार सीढ़ी चढ़ने की भी जहमत नहीं उठानी पड़ेगी, भले ही देश की जनता को उन्होंने कोरोना काल में बिना पूर्व सूचना के थोपे गए लाकडाऊन के चलते हजारों किमी का सफर पैदल तय करने के लिए मजबूर कर दिया था। भाजपा और अमित शाह की यह परिवर्तन यात्रा विकास विरोधी यात्रा है, जिसका छत्तीसगढ़ की जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। यह बात बखूबी अमित शाह और छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी ओम माथुर भी जानते हैं। इसीलिए परिवर्तन यात्रा में उपयोग होने वाले रथ को इतना वातानुकूलित और मनोरंजनकारी बनाया गया है कि उनका एक कतरा भी पसीना न गिरे। यात्रा के नाम पर ये नेता पर्यटक के रूप में छत्तीसगढ़ दर्शन कर लौट जाएं। जावेद ने कहा कि एक तरफ जिसे भाजपा कांग्रेस का युवराज और मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुआ नेता कहती है, उसी राहुल गांधी ने एक टीशर्ट पहनकर बारिश, ठंड और गर्मी में 3570 किमी पैदल चलकर पूरे देश को जोड़ दिया। श्री गांधी ने प्यार मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया। वहीं खुद को निर्धन घर की पैदाइश बताने वाले भाजपा के नेताओं के ठाठ कितने नवाबी हैं, आज देश व प्रदेश की जनता देख रही है। छत्तीसगढ़ की जनता आज किसी तरह के परिवर्तन के मूड में नहीं है। क्योंकि 15 साल भाजपा के कुशासन को परिवर्तित करने के बाद ही प्रदेश की जनता ने पौने 5 साल भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का परिवर्तन छत्तीसगढ़ में देखा है। आज छत्तीसगढ़ देशभर में भाजपा शासित प्रदेशों की तुलना में अधिक विकासशील है। जहां देश-भर में गुजरात माडल का ढोल पीटा जाता था, वहीं आज छत्तीसगढ़ माडल के आगे गुजरात माडल की हवा निकल गई है। प्रदेश में 2018 में बेरोजगारी दर 22 प्रतिशत थी। आज बेरोजगारी दर 0.1प्रतिशत ही रह गया है। 2014-15 तक धान का समर्थन मूल्य 1360 रु. था। आज छत्तीसगढ़ का किसान 2500 रु. में धान बेच रहा है। जहां 2018 तक छत्तीसगढ़ का किसान 10 क्विंटल धान भी प्रति एकड़ नहीं बेच पाता था, आज 20 क्विंटल धान बेचेंगे। 2018 से पूर्व भूमिहीन किसानों के लिए कुली मजदूरी के अलावा कोई विकल्प नहीं था। आज छत्तीसगढ़ की सरकार भूमिहीन किसानों को 6000 रु वार्षिक प्रोत्साहन राशि दे रही है। 2018 से पूर्व भाजपा की रमन सरकार 6000 से भी ज्यादा सरकारी स्कूलों को बंद कर प्रदेश में अशिक्षा का अंधेरा फैला चुकी थी। आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शिक्षा की एक नई किरण बनकर प्रदेश में भाजपा द्वारा फैलाए गये अंधेरे को खत्म कर रही है। 2018 से पूर्व प्रदेश में नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की राजधानी के करीब तक पहुंच चुका था। आज वो सिमट कर अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। सारकेगुड़ा, एडसमेटा, रानी बोदली और झीरम जैसे कांड भाजपा के शासनकाल में हुए जिसे प्रदेश की जनता भूली नहीं है। 2018 से पूर्व प्रदेश के बेरोजगारों के साथ 500 रु. बेरोजगारी भत्ता देने के नाम पर मजाक किया जाता था वहीं आज बेरोजगारों को छत्तीसगढ़ सरकार 2500 रु. बेरोजगारी भत्ता कांग्रेस सरकार दे रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने प्रशिक्षित भी कर रही है। 2018 से पहले छत्तीसगढ़ में वनोपज के नाम पर वनांचल के लोगों को छला जाता था। वहीं आज छ्ग में उत्पादित होने वाली करीब 67 लघु वनोपज का संग्रहण समर्थन मूल्य और वनोपज संघ की सपोर्ट प्राइज पर किया जा रहा है। जावेद ने कहा कि भाजपा को परिवर्तन की जगह पश्चाताप यात्रा निकालने की आवश्यकता है। क्योंकि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को पूरे पंद्रह वर्ष दिए छत्तीसगढ़ के विकास के लिए, परंतु सत्ता के नशे में चूर रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ को चारागाह बना कर छोड़ दिया।छत्तीसगढ़ की जनता के साथ विश्वासघात किया छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को रोजगार की जगह हथियार पकड़ाया आदिवासियों को आदिवासियों के हांथों मरवाया, बेकसूर आदिवासियों का नक्सली बताकर कहीं फर्जी मुठभेड़ में नरसंहार करवाया तो कहीं सालों तक बेगुनाह आदिवासियों को नक्सली बताकर जेलों में कैद कर दिया। छत्तीसगढ़ के युवाओं के हक की नौकरियों में आऊटसोर्सिंग कर अन्य प्रदेशों के लोगों को रोजगार दिया गया। छत्तीसगढ़ के लोगों को अन्य राज्यों में पलायन के लिए मजबूर किया और पंद्रह साल प्रशासनिक आतंकवाद का गढ़ छत्तीसगढ़ को बनाया। आज छत्तीसगढ़ की जनता रमन सरकार के पंद्रह साल के कुकर्मों को भूली नहीं है।

अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी कि दिल टूट गया

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  • खुद में कब परिवर्तन लायेगी भाजपा

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर में सफाये के बावजूद भाजपा ने अपने भीतर बदलाव किए बिना परिवर्तन यात्रा शुरू कर दी। इससे सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े वाली कहावत चरितार्थ हो गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव अपनी जिम्मेदारी पर खरे उतरने के साथ भरपूर मेहनत कर रहे हैं लेकिन भाजपा के ही बड़े नेता उनकी कोशिशों पर पानी फेर रहे हैं। भाजपा की आंतरिक स्थिति को देखकर कुदरत भी हैरान है। भाजपा ने बस्तर संभाग प्रभारी सांसद संतोष पांडेय के निर्देशन में बस्तर के दंतेवाड़ा से परिवर्तन यात्रा की शानदार शुरुआत करने काफी श्रम किया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आने की खबर से इस आयोजन का महत्व बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी। वे नहीं आये। मौसम की बेरुखी को ढाल बनाया गया। कांग्रेस कह रही है कि अपेक्षित भीड़ न जुट पाने की खबर से शाह नहीं आये। वैसे बस्तर के मौसम ने भाजपा का साथ नहीं दिया, मगर जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बस्तर मुख्यालय जगदलपुर पहुंच गई थीं तो क्या पार्टी की खातिर वे जगदलपुर से दंतेवाड़ा तक सड़क मार्ग से यात्रा कर दो मिनट के लिए ही सही, परिवर्तन यात्रा के रथ में सवार नहीं हो सकती थीं? यह सवाल भाजपा के उन कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहा है जो जोखिम मोल लेकर परिवर्तन की अलख जगाने साव के साथ निकले हैं। यह भी तो हो सकता था कि स्मृति ईरानी एक दिन बस्तर में बैठने जगह तलाश रही भाजपा को दे देतीं। कम से कम यह संदेश तो जाता कि भाजपा के बड़े नेता सुविधाभोगी ही नहीं, मैदानी कार्यकर्ता भी हैं। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का अवसर भाजपा ने खो दिया। एक वक्त था, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए मुरली मनोहर जोशी ने तिरंगा यात्रा निकालकर कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सह यात्री थे। उस समय वहां जितना खतरा था, उसके मुकाबले बस्तर में कुछ खास खतरा अब नहीं है। जो थोड़ी बहुत आशंका है भी तो सुरक्षा व्यवस्था देश के गृहमंत्री के प्रस्तावित दौरे के हिसाब से मौजूद ही रहना स्वाभाविक था। फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही कह चुके थे कि भाजपा ने परिवर्तन यात्रा को सुरक्षा नहीं दी थी लेकिन हम सुरक्षा देंगे। भूपेश बघेल पर भरोसा करके भाजपा देख सकती थी। कांग्रेस की ओर से कहा यह भी जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज ने शाह से बस्तर को लेकर जो संवेदनशील सवाल पूछे थे, उनका जवाब शाह के पास नहीं है इसलिए उन्होंने दौरे से किनारा कर लिया। अब बात यह भी है कि मौसम के नाम पर जब शाह का दौरा रद्द कर दिया गया था तो स्मृति को भेजने की जरूरत क्या थी? वे बस्तर मुख्यालय पहुंच गई थीं तो ऐसी क्या इमरजेंसी आ गई थी कि उल्टे पांव लौट गईं। जब शाह का आना सम्भव नहीं दिखा तो भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने साव को रथ पर सवार करा दिया। स्मृति को आखिर जगदलपुर भेजने का क्या तुक था? ओम माथुर भाजपा के दिग्गज नेता हैं और भाजपा को छत्तीसगढ़ में मजबूती देने वे लगातार सक्रिय हैं। आज बस्तर में स्मृति ईरानी के मुकाबले भाजपा का कार्यकर्ता माथुर पर ज्यादा भरोसा करता है। स्मृति का आना और जगदलपुर से लौट जाना भाजपा के बस्तरिया कार्यकर्ताओं ही नहीं भाजपा प्रदेश प्रभारी माथुर की शान में भी गुस्ताखी के समान माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को मुंबई से जगदलपुर बुला लिया गया।जगदलपुर पहुंचने के बाद वे हेलीकॉप्टर में बैठ कर दंतेवाड़ा रवाना हो गई लेकिन मौसम खराब होने के बाद वापस जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंची और वहां से कोलकाता के लिए रवाना हो गईं। वे नाराज थी, किसी से चर्चा तक नहीं की। साव से जब मोबाइल पर चर्चा हुई तो उन्होंने अनुरोध किया कि आप रात्रि में जगदलपुर रुक जाइए और जगदलपुर की आम सभा को संबोधित करके आप कोलकाता रवाना हो जाना, लेकिन उनकी नाराजगी इतनी गंभीर थी कि उन्होंने उनकी बात को महत्व नहीं दिया और जगदलपुर से कोलकाता के लिए रवाना हो गई। अब सवाल यह है कि स्मृति आखिर किस बात से नाराज थीं? भाजपा जिस मकसद से बस्तर में मेहनत कर रही है, उस मकसद की कामयाबी के लिए यह बेहद जरूरी है कि रुतबेदारी को दरकिनार किया जाए और संघर्ष के मैदान में सिपाही की तरह उतरा जाए।

कांग्रेस ने रेलवे प्रशासन के वार्ता का प्रस्ताव ठुकराया

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  • महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा – जारी रहेगा रेल रोको आंदोलन

अर्जुन झा

रायपुर रेलवे के वार्ता के प्रस्ताव को कांग्रेस ने ठुकराते हुए रेल रोको आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है। मंडल रेल प्रबंधक ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री प्रभारी संगठन एवं प्रशासन मलकीत सिंह गैदू को पत्र भेजकर उनके समक्ष वार्ता का प्रस्ताव रखा था।

छत्तीसगढ़ से गुजरने और बनने वाली पचासों ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिए जाने तथा लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों की बेतहाशा लेटलतीफी के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी आज प्रदेश के सभी जिलों में रेल रोको आंदोलन कर रही है। इसकी भनक लगने के बाद रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। मंडल रेल प्रबंधक ने प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री प्रभारी संगठन एवं प्रशासन मलकीत सिंह गैदू को ट्रेनों के परिचालन संबंधी विस्तृत जानकारी से युक्त पत्र भेजकर वार्ता का प्रस्ताव रखा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जानकारी दी है कि छ्ग कांग्रेस कमेटी ने वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराते हुए जनहित मे आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।13 सितंबर को सभी जिलों मे रेल रोको आंदोलन जारी रहेगा। मंडल रेल प्रबंधक ने अपने पत्र में कहा है कि सभी ट्रेंनें यथावत चल रही हैं। कोरोना काल में जिन ट्रेनों को बंद कर दिया गया है, उनका भी परिचालन शुरू कर दिया गया है। ज्यादातर यात्री ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। यह भी कहा गया है कि ट्रेक संधारण और सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकी कार्य के चलते कुछ लोकल ट्रेनों का परिचालन जरूर बंद किया गया है। उनका भी परिचालन जल्द शुरू हो जाएगा। कांग्रेस ने मंडल रेल प्रबंधक की बातों को सिरे से नकारते हुए रेल रोको आंदोलन को वापस न लेने तथा वार्ता के लिए न जाने का निर्णय किया है।

जनहित सर्वोपरि : मलकीत सिंह

मंडल रेल प्रबंधक के वार्ता – प्रस्ताव पर वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री प्रभारी संगठन व प्रशासन मलकीत सिंह गैदू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि मंडल रेल प्रबंधक द्वारा पत्र में यात्री ट्रेनों के परिचालन संबंधी दी गई जानकारी से इतर जमीनी हकीकत कुछ और है। मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि अभी भी पचासों ट्रेनों का परिचालन नहीं हो रहा है। लंबी दूरी की जो ट्रेनें चल भी रही हैं, उनकी टाइमिंग का कोई ठिकाना नहीं हैं। ये ट्रेनें कई कई घंटे विलंब से चल रही हैं। यात्रियों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। यात्री कई दिनों पहले से रिजर्वेशन करा चुके यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में दो से तीन दिन तक की देरी हो रही है। उनके जरुरी कार्य अटक गए हैं। लोकल ट्रेनों को रद्द कर दिए जाने से आम यात्रियों, ट्रेनों पर रोजाना निर्भर रहने वाले कर्मचारियों और शहरों में जाकर रोजी मजूरी करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। मजदूरों की आजीविका संकट में पड़ गई है। मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि कांग्रेस के लिए जनहित पहली प्राथमिकता है और इसीलिए हमने रेल रोको आंदोलन को वापस न लेने का फैसला किया है। श्री गैदू ने कहा कि व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो कांग्रेस के इस आंदोलन का विस्तार भी किया जा सकता है।

विश्व हिंदू परिषद दल्ली राजहरा के नगर अध्यक्ष शंकर साहू ने प्रतिनिधिमंडल के साथ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के द्वारा सनातन उन्मूलन कार्यक्रम रख सनातन धर्म को अपमानित करने के विरोध में सौपे ज्ञापन

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दल्लीराजहरा के थाना प्रभारी को ज्ञापन सौपा ,शंकर साहू ने कहा कि हम लोगों को विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुआ कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे के द्वारा सनातन उन्मूलन कार्यक्रम रखकर , सनातन धर्म के विरुद्ध धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली अभद्र पूर्ण टिप्पणी की गई है l उक्त अभद्र टिप्पणी के बाद देशभर में बवाल मचा हुआ है l उनके समर्थकों के द्वारा धर्म विशेष को मानने वाले के विरुद्ध सामाजिक हिंसा एवं नरसंहार हेतु अपराधिक षड्यंत्र जिनोसाइड करने देश में अशांति फैलाने सनातन धर्म को मानने वाले को भयभीत करने सामूहिक भय का माहौल बनाकर सनातन धर्म के ऊपर टिप्पणी करने तमिलनाडु के युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री उदय निधि स्टालिन ने किया है l उनका समर्थन वहां उपस्थित जन समुदाय के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक ने भी सामूहिक रूप से किया है l इस प्रकार सनातन धर्म के विरुद्ध गलत टिप्पणी करना धर्म को डेंगू मलेरिया जैसे बीमारी की तुलना कर उसको नष्ट करने के लिए दिए गए बयान को समर्थन कर देश के कानून से ऊपर बयान देकर स्वयं को देश का कानून से ऊपर समझकर अपराधिक काम किया है l उक्त नेताओं ने जन प्रतिनिधि होने के बावजूद जनता के विश्वास के हनन करते हुए सनातन धर्म के विरुद्ध बयान दिया है l तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन उदय निधि स्टालिन और कर्नाटक सरकार में ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री पीएम खड़गे व डीएम के सांसद ए रजा ने सनातन धर्म को एचआईवी व कुष्ठ जैसी बीमारी कहकर उदय निधि के टिप्पणी का समर्थन कर सनातन संस्कृति को खत्म करने षड्यंत्र में भागीदारी दी है l उक्त बयानों का समर्थन करने वाले ऐसे कार्यक्रम का आयोजन करने वाले भारत देश हित में सनातन धर्म मानने वालों की धार्मिक भावनाओं को मानने वालों का अपमान कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया है l उक्त अपराधिकृत से समाज दो वर्गों के बीच बट गया है l इन लोगों ने राष्ट्र में अशांति फैलाने वाली राष्ट्र की अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली बयान दिया है जो कि अपराध की श्रेणी में आता है l उपरोक्त बयान से देश में अशांति व्यापक हो गई है l मुझे भय है कि उपरोक्त अपराधी सनातन धर्म को मानने वालों के सामूहिक हत्या करने उसे नष्ट करने इस तरह के बयान दे उकसा रहे हैं l साथ ही धर्म को डेंगू मलेरिया जैसी बीमारी की तुलना कर अपमानित करने के आशय से टिप्पणी की है l मैं उक्त सनातन धर्म को मानने वाला हूं मुझे उक्त टिप्पणी से ठेस पहुंची है अतः माननीय महोदय जी से प्रार्थना है कि उक्त तत्वों के आधार पर मेरी शिकायत दर्ज कर अविलंब उदय निधि स्टालिन प्रियंक खडगे उपरोक्त कार्यक्रम के आयोजकों उपस्थित समर्थकों एवं समस्त दोषियों सांसद ए राजा के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 295 A 153 A व B 109 298 500 506 एवं 120B अपराधिक षड्यंत्र कर देश में दंगा भड़काने का अपराध किया है l अतः प्रथम सूचना दर्ज कर कार्यवाही करने की कृपा करें वा हमें सुरक्षा प्रदान करें l

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