नारायणपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिलेभर के सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एक दिवसीय हड़ताल कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति ने आंदोलन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व सेवा गणना कर समस्त लाभ प्रदान करने, केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण, राजपत्र संशोधन तथा ब्रिज कोर्स के माध्यम से बी.एड. प्रशिक्षण की व्यवस्था करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।हड़ताल में शामिल शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से उनकी समस्याएं लंबित हैं, जिसके कारण शिक्षक संवर्ग में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।आंदोलन के दौरान टीईटी की अनिवार्यता का मुद्दा प्रमुखता से उठा। शिक्षकों ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा पदोन्नति में इसे बाध्यता नहीं बनाए जाने की मांग की। इसके अलावा पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू अन्य लाभ देने तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जिलेभर से पहुंचे शिक्षकों की एकजुटता ने स्पष्ट संकेत दिया कि शिक्षक अब अपनी मांगों के समाधान के लिए संगठित और गंभीर हैं।






