जगदलपुर। किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम 2015 के धारा 54 तथा किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) नियम 2016 के नियम -41 के प्रावधानों के तहत बस्तर जिले में जिला स्तरीय गठित निरीक्षण समिति द्वारा बस्तर जिले के पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं जिसमें शा. बाल गृह (बालक), शा. सम्प्रेक्षण गृह (बालक), शा.सम्प्रेक्षण गृह (बालिका), शा. प्लेस आफ सेफ्टी (बालक), शा. विशेष गृह (बालक), शा. विशेष गृह (बालिका), बाल गृह (बालिका) सृजन सामाजिक संस्था, खुला आश्रय गृह (बालक) बस्तर सामाजिक जन विकास समिति, एवं सेवा भारती (मातृ छाया) विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी जगदलपुर का त्रैमासिक निरीक्षण कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए किया गया। समिति के सदस्य नरेन्द्र पाणिग्राही ने बताया कि सभी संस्थाएं किशोर न्याय अधिनियम के नियमानुसार संचालित की जाती है जिसमें विभिन्न प्रकार की पंजियों का संधारण किया जाता है, समिति के सदस्यों के द्वारा समस्त पंजियों का अवलोकन किया गया एवं संस्था में निवासरत बालक, बालिकाओं एवं कर्मचारियों से भी व्यक्तिगत चर्चा की गई और उनकी समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक सुधार के लिए संस्था के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया साथ ही आगामी निरीक्षण के पूर्व सभी कमियों को सुधार किए जाने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय समिति के सदस्य विजय शंकर शर्मा नरेंद्र पाणिग्राही, धरमुराम कश्यप, डॉ. वत्सला मरियम, शैलेश दुबे, मनोज कांत जोशी उपस्थित थे।

