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जनता पर महंगाई का बड़ा बोझ लाद दिया है मोदी सरकार ने: दीपक बैज

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कामर्शियल गैस के दामों में बढ़ोत्तरी से आम आदमी होगा परेशान

मोदी राज में महंगाई चरम पर : दीपक बैज

मुख्यमंत्री साय का बस्तर दौरा संवेदनहीन, बाढ़ से हुए नुकसान और परेशानी को नहीं लिया गंभीरता से

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर भी जमकर निशाना साधा। दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय का बस्तर दौरा सिर्फ दिखावे का रहा। बाढ़ पीड़ितों के प्रति उनमें जरा भी संवेदनशीलता नजर आई। मुख्यमंत्री केवल औपचारिकता निभा कर चले गए। जगदलपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज मोदी और साय सरकार पर बेहद आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने कहा कि कामर्शियल गैस के दामों में बढ़ोत्तरी मोदी सरकार का जनता पर महंगाई और बोझ है। मोदी राज में महंगाई बेतहाशा बढ़ रही है। गरीब और मध्यम वर्ग परेशान है। मोदी सरकार ने कामर्शियल सिलेंडर को 62.50 रू. से लेकर 71.50 रू. तक महंगा कर दिया। पिछले 9 माह में कामर्शियल सिलेंडर के दाम में 1270 रू. की बढ़ोत्तरी मोदी सरकार ने की है। मतलब हर माह 141 रू. दाम बढ़ाया गया है। कामर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने से बाजार में मिलने वाली खाद्य सामग्री, रेस्टोरेंट, होटलों में मिलने वाले कुक्ड फूड नाश्ता आदि के दाम स्वाभाविक रूप से और बढ़ जाएंगे। इंडस्ट्रीयल उत्पादों के दाम भी बढ़ जाएंगे। सुई से लेकर लौह उत्पादों के दाम भी बढ़ेंगे।छत्तीसगढ़ के आयरन उद्योगों पर भी इसका असर पड़ेगा, भाव बढ़ेगा और महंगाई भी बढ़ेगी।थोक महंगाई की सूचकांक आजादी के बाद सबसे ऊंचे पायदान 9.78 पर है। मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है, महंगाई से देश के नागरिकों की कमर टूटती जा रही है। 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रू. का था, आज वह 1000 रू. के पार है वह भी मिल नहीं रहा है। पेट्रोल के दाम 70 रू. प्रति लीटर से बढ़कर 108 रु. प्रति लीटर के पार हो गए है, जबकि डीजल के दाम 55 रू. प्रति लीटर से बढ़कर 104 रू. प्रति लीटर के करीब पहुंच गए है। मोदी सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 22 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की, जिसके चलते बाजार में सभी तरह के खाद्य तेलों के दाम लगभग डेढ़ गुना बढ़ गए।पॉम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी 5.5 के स्तर से बढ़कर 27.5 प्रतिशत कर दिया गया है,

अर्थात सीधे तौर पर 22 फीसदी की बढ़ोत्तरी मोदी सरकार की मुनाफाखोरी का प्रमाण है। जिन खाद्य तेलों का उत्पादन स्थानीय स्तर पर होते हैं, उनमें सेंट्रल एक्साइज की दरों में वृद्धि का प्रभाव नहीं होना चाहिए था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार का संरक्षण जमाखोरों और मुनाफाखोरों को है। जिसके चलते राइस ब्रान आयल, सरसों तेल जैसे सभी तरह के खाद्य तेलों का दाम डेढ़ गुना बढ़ा दिया गया है। दाल, चावल, सब्जियां, साबुन, कपड़ा, दवाईयां सभी वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं।

फोटोशूट कराने आए थे साय

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लगभग पूरा बस्तर संभाग लगातार दूसरे वर्ष भीषण बाढ़ की चपेट में आया है। इस वर्ष भी बाढ़ ने आम आदमी को बर्बाद कर दिया। उनके मकान, सामान, पशुधन, फसल सब बर्बाद हो गये। अनेकों मार्ग का संपर्क टूट गया, पुल-पुलिये, सड़क सभी कुछ टूट कर बर्बाद हो गए हैं। जन-जीवन ठप हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री साय का बस्तर दौरे ने जनता को सिर्फ निराश किया। मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के नाम पर बस्तर आए थे, लेकिन वे केवल औपचारिकता निभाते हुए पुल पर खड़े होकर फोटो खिंचवाकर, रील बनवाकर चले गए। मुख्यमंत्री का दौरा बेहद ही संवेदनहीन और बेहद दुर्भाग्यजनक रहा। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान और परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसा लगा कि मुख्यमंत्री नहीं कोई पर्यटक आया था जो फोटो फोटोशूट कराने आया और चला गया। यहां से जाने के बाद उन्हें सिंगापुर जाने की जल्दी थी। वे इन्वेस्टर कनेक्ट के बहाने सिंगापुर घूमने की तैयारी करने चले गए। बस्तर का आम आदमी परेशान है, न मुख्यमंत्री को फ्रिक है और न ही मंत्रियों को। बाढ़ से आठ लोगों की मौत हुई, उनके लिए भी मुख्यमंत्री ने कोई विशेष सहायता की घोषणा नहीं की। उड़ीसा द्वारा बांध से पानी छोड़ने के कारण बस्तर में बाढ़ से हालात बिगड़े, मुख्यमंत्री दिल्ली में उड़ीसा के मुख्यमंत्री के साथ बैठक की, मगर बिना पूर्व सूचना और चेतावनी के उड़ीसा सरकार द्वारा बांध से पानी छोड़े जाने पर मुख्यमंत्री साय ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई। यह उनकी संवेदनहीनता का प्रमाण है।

राहत के नाम पर खानापूर्ति

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आगे कहा बाढ़ से हजारों घर प्रभावित हुए। हजारों मकान गिर गये। बड़ी संख्यों में लोग बेघर हो गए। लोगों के सामान बारिश में बर्बाद हो गया है। लाखों एकड़ तैयार फसल बर्बाद हो गईं । अनेकों सड़क, पुल-पुलिया टूट गये, बह गये।हजारों पालतू पशु गाय, बैल, मुर्गी, बकरी, बकरा सब बह गये।दो माह का राशन एक साथ मिला था पूरा राशन खराब हो गया। घर में पहले से रखी सामग्री और अन्य जरूरी सामान खराब हो गया। सरकार द्वारा चलाया गया राहत कार्य केवल खानापूर्ति वाला था। अब तो राहत शिविर भी बंद कर दिए गए हैं।सरकार ने मदद के नाम पर केवल जले पर नमक छिड़का, सरकारी सहायता अपर्याप्त थी।राहत शिविर बंद होने के बाद जो लोग वापस घर गए हैं, उनके घरों में खाना बनाने के राशन, गैस, लकड़ी कुछ नहीं है। लोग शिविर से वापस आने के बाद भूखे थे, सामाजिक संगठनों के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके लिए भोजन की व्यवस्था की।

बैज ने उठाई दमदार मांगें

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार मकानों की पूर्तिक्षति में 1.20 लाख रुपए और आंशिक क्षति में 4000 दे रही है, जो अपर्याप्त है। अतः सभी की हानि का मूल्यांकन कर घर बनाने के लिए कम से कम पूर्ण क्षति पर 5 लाख आंशिक क्षति पर 1 लाख दिए जाएं। फसल के लिए सरकार प्रति हेक्टेयर 8000 का मुआवजा दे रही है जबकि सरकार 1 एकड़ में 21 क्विंटल धान खरीदती है तो इस लिहाज से नुकसान का मुआवजा हिसाब से 65 हजार 100 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाए। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का पूरा कर्जा माफ किया जाए। पशुओं की हानि का आंकलन कर बाजार रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए। घर में रखे सामान टीवी, फ्रिज, बेड आदि का आंकलन कर मुआवजा, दो माह के राशन एकमुश्त फिर से दिया जाए। बच्चों को कापी-किताब, स्कूल बैग मुफ्त दिए जाएं। प्रभावित क्षेत्र के लोगों के आवश्यक दस्तावेज बनाने के लिए शिविर लगाया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ जनित संक्रमण रोकने विशेषज्ञ डॉक्टरों के शिविर लगाया जाए। पूरे बस्तर संभाग के पुल-पुलियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए।प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, प्रवक्त जावेद खान,महामंत्री अभिषेक नायडू,अनुराग महतो, रविशंकर तिवारी, नीतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।

कचना की जमीन के बदले कचना में ही प्लॉट, सड्डू में आवंटन के दावे पर उठे सवाल

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मंत्री कश्यप की छवि धूमिल करने की कोशिशों की निकली हवा


रायपुर
कचना, लाभांडी, सड्डू नगर विकास योजना में जमीन आवंटन को लेकर मंत्री केदार कश्यप और उनकी धर्मपत्नी पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच सामने आए तथ्यों से स्थिति स्पष्ट कर दी है। जानकारी के अनुसार ग्राम कचना की मूल भूमि के बदले प्रस्तावित भूखंड कचना में ही दिया गया है, सड्डू में नहीं। योजना में केवल एक भूमि स्वामी नहीं, बल्कि सभी प्रभावित भूमि स्वामियों के लिए समान नीति और निर्धारित प्लानिंग मानकों के आधार पर भूखंड प्रस्तावित किए गए हैं। इससे विरोधी दलों और नेताओं के सारे दावे एवं आरोप स्वतः ध्वस्त हो गए हैं।


नगर विकास योजना का प्रारंभिक नोटिफिकेशन 5 दिसंबर 2025 को हुआ था। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को योजना का प्रारूप नक्शा प्रकाशित किया गया। इस प्रारूप में मूल भूमि के बदले दिए जाने वाले भूखंडों को संबंधित ग्राम में ही रखा गया है। यानी कचना की जमीन के बदले कचना में ही भूखंड आवंटन प्रस्तावित है और ग्राम परिवर्तन कर सड्डू में जमीन दिए जाने की बात उपलब्ध योजना से मेल नहीं खाती। जिस भूखंड को चौड़ी सड़क से जोड़कर विशेष लाभ देने का आरोप लगाया जा रहा है, उस संबंध में भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 45 मीटर चौड़े मार्ग पर कुल 37 भूखंड प्रस्तावित या आवंटित हैं। बड़े भूखंडों को प्लानिंग के निर्धारित मानकों के अनुसार चौड़े मार्ग से जोड़ा गया है। इसी आधार पर संबंधित प्लॉट नंबर 25 को भी 45 मीटर मार्ग दिया गया है। इसलिए केवल एक भूखंड की सड़क की चौड़ाई को अलग करके देखने के बजाय उसी मार्ग पर स्थित अन्य भूखंडों, उनके क्षेत्रफल, मूल भूमि की स्थिति और प्लानिंग मानकों की तुलनात्मक जांच आवश्यक है।


सभी भूखंडों के लिए समान मानक
इस मामले का एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि खसरा नंबर 658/2 जैसी स्थिति केवल एक भूखंड तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक खसरा नंबर 684/1, 684/5 और 681/1 की मूल भूमि के बदले भी क्रमशः प्लॉट नंबर 26 और 37 प्रस्तावित किए गए हैं। इन मामलों में मूल भूमि से प्रस्तावित भूखंड की दूरी और भी अधिक बताई गई है। ऐसे में किसी एक भूखंड की मूल भूमि और प्रस्तावित प्लॉट के बीच की दूरी को विशेष लाभ का आधार बताने से पहले अन्य समान मामलों की तुलनात्मक जांच जरूरी हो जाती है।

मूल जमीन भी योजना का हिस्सा
नगर विकास योजना में जमीनों का पुनर्गठन केवल प्लॉट देने तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में मूल जमीनों के हिस्सों का उपयोग अमेनिटी, सड़क और एसटीपी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भी किया गया है।उदाहरण के तौर पर, प्लॉट नंबर 26 से संबंधित मूल भूखंड पर एसटीपी प्रस्तावित है, जबकि प्लॉट नंबर 30 से संबंधित मूल भूखंड पर सड़क एवं अमेनिटी का प्रावधान किया गया है। इसी तरह अन्य मूल भूखंडों पर भी योजना की आवश्यकता के अनुसार सार्वजनिक उपयोग निर्धारित किए गए हैं।

सभी किसानों के लिए एक नीति
सामने आई जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि योजना में भूखंड निर्धारण किसी एक व्यक्ति के लिए अलग नियम बनाकर नहीं, बल्कि सभी किसानों और भूमि स्वामियों के लिए एक ही नीति तथा प्लानिंग मानकों के आधार पर किए जाने की बात कही गई है। इसका वस्तुनिष्ठ परीक्षण भी संभव है। संबंधित भूखंड की तुलना उसी योजना के अन्य भूखंडों से की जा सकती है। मूल खसरे का क्षेत्रफल, प्रस्तावित भूखंड का क्षेत्रफल, मूल जमीन से दूरी, सड़क की चौड़ाई, भूमि का सार्वजनिक उपयोग और ग्राम की स्थिति जैसे बिंदुओं की तुलनात्मक सारिणी बनाकर यह जांचा जा सकता है कि किसी को नियमों से हटकर विशेष लाभ मिला या सभी पर समान मापदंड लागू हुए।

गौर करने लायक तथ्य
कचना की भूमि के बदले कचना में ही भूखंड प्रस्तावित है, सड्डू में नहीं। 45 मीटर सड़क पर अकेला तथाकथित विवादित भूखंड नहीं बल्कि कुल 37 भूखंड हैं। खसरा 658/2 की तरह 684/1, 684/5 और 681/1 के मामलों में भी मूल भूमि से अलग स्थान पर प्लॉट प्रस्तावित किए गए हैं और उनकी दूरी अधिक बताई गई है। ऐसे में पूरे प्लान और समान प्रकृति के अन्य आवंटनों की तुलनात्मक जांच के बिना किसी एक भूखंड को अलग कर विशेष लाभ या घोटाले के रूप में प्रस्तुत करना अधूरी तस्वीर पेश कर सकता है।

कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा से जुड़ी घटना पर सर्व आदिवासी समाज ने जताई चिंता

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निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

भोपालपटनम बीजापुर जिले के भोपालपटनमम स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं से जुड़ी घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इसी संबंध में रविवार को भोपालपटनम स्थित गोंडवाना भवन में सर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाज के पदाधिकारियों एवं प्रमुख सदस्यों ने घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। छात्राओं से संबंधित किसी भी घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।

समाज ने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। समाज की ओर से प्रशासन के समक्ष घटना की तत्काल एवं निष्पक्ष जांच, संबंधित मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग रखी गई। समाज प्रमुखों ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी बेटियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी, समाज के प्रमुख कामेश्वर राव गौतम, वलवा मदनैया, अनिल पामभोई, शंकर लाल सड़मेक, सालिक राम नागवंशी मरपल्ली, किस्तैया सवलम, संटी तालांडी ईसत्तारी सहित अन्य समाज प्रमुख एवं सदस्य उपस्थित रहे।समाज प्रमुखों ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो सर्व आदिवासी समाज आगे आवश्यक कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

जनसहयोग नहीं होती तो हालात श्रीलंका जैसी निर्मित होती, साधुवाद है शहर की आवाम जिन्होंने एकता, अखण्डता और भाईचारे का पैगाम दिया-अनवर खान

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सभी समाज व समुदाय,विभिन्न संघ संगठन,व्यापारी संस्थाएं,गणमान्यजन सहित मीडिया जिन्होंने मानवता व जनसरोकार की मिसाल कायम की

भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार इस त्रासदी से निपटने में असहाय साबित हुई, हमारी मांग है नुकसान की भरपाई के लिए शासन द्वारा निर्धारित राशि का वितरण जल्द हो और बस्तर को विशेष पैकेज दी जाए।

जगदलपुर बाढ़ की विपदा में संबल प्रदान करने के लिए विभिन्न समाज के समाजसेवियों,संघ संगठनों,व्यापारी बन्धुओं,जनसेवकों सहित मीडिया के साथियों को जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रशासनिक महामंत्री अनवर खान ने साधुवाद दिया है तथा भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इस विपदा में पूरी तरह असफल बताया है।**वरिष्ठ कांग्रेसी अनवर खान ने कहा कि बाढ़ प्राकृतिक आपदा है इससे इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन शासन प्रशासन की तैयारियां सिर्फ कागजों तक रहती है। तुफान अर्नब और पड़ोसी प्रदेश ओडिशा से छोड़े गए इंद्रावती नदी के कारण आई बाढ़ की विभीषिका ने ट्रीपल इंजन सरकार के दावों की पोल खोल दी। बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए शासन-प्रशासन के पास साजों-सामान ना होना तथा बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त संसाधन ना होना प्रशासनिक लापरवाही उजागर करती है।

वरिष्ठ कांग्रेसी अनवर खान ने कहा कि बाढ़ आपदा में यदि सामाजिक संगठनों ने सामने आकर हाथ नहीं बढ़ाएं होते तो पीड़ितों के सामने भुखों मरने की स्थिति थी जो कि प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। इस बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में सरकार के द्वारा जिस मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य किया जाना चाहिए था उसमें सरकार असफल साबित हुई मुख्यमंत्री के बस्तर प्रवास से बस्तरवासियों को उम्मीद थी की कुछ ठोस घोषणा करेंगे लेकिन उन्होंने निराश किया।

अनवर खान ने शासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराकर ऋण माफ किया जाए और खेती-किसानी के समस्त लाभ व सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि प्रभावित परिवारों का जीविकोपार्जन हो सके. नुकसान की भरपाई के लिए सर्वेक्षण और शासन द्वारा निर्धारित रकम का वितरण जल्द से जल्द की जाय, सरकार बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित लोगों को विशेष राहत पैकेज दें।

ओबीसी महासभा ने बुलंद की 27 फीसदी आरक्षण और जातिगत जनगणना की मांग

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दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी

दिनेश यदु के नेतृत्व में रैली निकालकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन

नवंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

जगदलपुर ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण और जातिगत जनगणना की मांग को लेकर शनिवार को ओबीसी महासभा बस्तर संभाग ने जोरदार तरीके से आवाज बुलंद की। ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू के निर्देश पर संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजनों ने शहर के कृष्णा मंदिर से बाइक कार रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

ओबीसी महासभा ने मांग की है कि आगामी जनगणना-2027 के फॉर्मेट में एससी-एसटी की तरह ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम निर्धारित कर जातिगत जनगणना कराई जाए तथा प्रदेश में ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु ने कहा कि ओबीसी महासभा द्वारा इस मांग को लेकर कई बार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, बावजूद इसके आज तक मांगें पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आए बिना सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का सही आकलन संभव नहीं है। जातिगत जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की नीतियों, योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी सत्र तक मांगों पर विचार नहीं किया गया तो लोकसभा सत्र के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर ओबीसी महासभा द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।जिला अध्यक्ष रघुवंश यादव ने कहा कि आज ज्ञापन सौंपा गया है, यदि नवंबर माह तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के पश्चात संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाजजन कोंडागांव में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग ओबीसी महासभा की आमसभा में शामिल होने जगदलपुर से कोंडागांव रवाना हुए। इस अवसर पर संभागीय उपाध्यक्ष तुलसीराम ठाकुर, जिला अध्यक्ष रघुवंश यादव, शहर अध्यक्ष मनमोहन यादव, रामेश्वर बिसाई, हरीश साहू, योगेश्वरी साहू, चंपा ठाकुर, अंतूराम सेठिया, ओमप्रकाश साहू, गेंदालाल सोनी, मनोज कुमार ठाकुर, प्रेमसागर, प्रकाश ठाकुर, गजेंद्र ठाकुर, देवनाथ ठाकुर, कुणाल पटेल, लक्की, गणपति, संतोष यादव सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

ओबीसी महासभा ने बुलंद की 27 फीसदी आरक्षण और जातिगत जनगणना की मांग

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दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
दिनेश यदु के नेतृत्व में रैली निकालकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन

नवंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान


जगदलपुर
। ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण और जातिगत जनगणना की मांग को लेकर शनिवार को ओबीसी महासभा बस्तर संभाग ने जोरदार तरीके से आवाज बुलंद की। ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू के निर्देश पर संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजनों ने शहर के कृष्णा मंदिर से बाइक कार रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


ओबीसी महासभा ने मांग की है कि आगामी जनगणना-2027 के फॉर्मेट में एससी-एसटी की तरह ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम निर्धारित कर जातिगत जनगणना कराई जाए तथा प्रदेश में ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु ने कहा कि ओबीसी महासभा द्वारा इस मांग को लेकर कई बार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, बावजूद इसके आज तक मांगें पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आए बिना सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का सही आकलन संभव नहीं है। जातिगत जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की नीतियों, योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी सत्र तक मांगों पर विचार नहीं किया गया तो लोकसभा सत्र के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर ओबीसी महासभा द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।जिला अध्यक्ष रघुवंश यादव ने कहा कि आज ज्ञापन सौंपा गया है, यदि नवंबर माह तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के पश्चात संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाजजन कोंडागांव में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग ओबीसी महासभा की आमसभा में शामिल होने जगदलपुर से कोंडागांव रवाना हुए। इस अवसर पर संभागीय उपाध्यक्ष तुलसीराम ठाकुर, जिला अध्यक्ष रघुवंश यादव, शहर अध्यक्ष मनमोहन यादव, रामेश्वर बिसाई, हरीश साहू, योगेश्वरी साहू, चंपा ठाकुर, अंतूराम सेठिया, ओमप्रकाश साहू, गेंदालाल सोनी, मनोज कुमार ठाकुर, प्रेमसागर, प्रकाश ठाकुर, गजेंद्र ठाकुर, देवनाथ ठाकुर, कुणाल पटेल, लक्की, गणपति, संतोष यादव सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

अब 2 करोड़ 64 लाख में बनेगा नयापारा मुख्य मार्ग, शासन को भेजा गया रिवाइज इस्टीमेट

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बिजली पोल शिफ्टिंग, पाइप लाइन, पेड़ कटाई व बड़ी नाली निर्माण के लिए बढ़ाया गया बजट

इस संकरी सड़क का होगा चौड़ीकरण

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के प्रति पार्षद आलोक अवस्थी ने व्यक्त किया आभार

जगदलपुर शहर के व्यस्ततम सड़कों में शामिल जिला न्यायालय से हाता मैदान तक निर्माणाधीन नयापारा मुख्य मार्ग का रूका कार्य शीघ्र आरंभ होगा। 1 करोड़ 94 लाख 47 हजार रूपये की लागत से बन रहे नयापारा मुख्य मार्ग का पुनः 2 करोड़ 64 लाख 19 हज़ार रूपये का रिवाइज इस्टीमेट शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वर्तमान मे इस अधूरी सड़क में उड़ती धूल और गड्ढों से लोगों को भारी परेशानी हो रही है और सामने दशहरा व दीपावली पर्व भी है। जिसको ध्यान में रखते हुए अधूरी सड़क को हर संभव प्रयास कर एक सप्ताह में ठीक किया जाएगा। वार्डवासियों और आमजनों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं से भी आवश्यक चर्चा की गई है।

मोतीलाल नेहरू वार्ड के भाजपा पार्षद आलोक अवस्थी ने बस्तर जिला पत्रकार संघ भवन में आयोजित पत्रवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव के प्रति कृतज्ञता व आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सार्थक प्रयास से ही नयापारा मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हो रहा है। क्षेत्र के विकास के लिये श्री देव संकल्पित हैं। उनके मार्गदर्शन में तेजी से विकास के काम साकार हो रहे हैं। आलोक अवस्थी ने बताया कि कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा मौजूदा जारी नयापारा मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण व उन्नयन निर्माण कार्य के इस्टीमेट में आवश्यक विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग, पाइप लाइन व पंप हाउस शिफ्टिंग, पेड़ों की कटाई, बड़ी नाली निर्माण के लिए प्रावधान नहीं किया गया था। लोक निर्माण विभाग की इस चूक के कारण सड़क का चौड़ीकरण कार्य अवरोधित हुआ। जिसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लिया गया और लोक निर्माण विभाग ने रिवाइज इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा है। इस्टीमेट में विद्युत पोल शिफ्टिंग हेतु 38.33 लाख रुपए, पाइप लाइन शिफ्टिंग हेतु 23.28 लाख रुपए, पेड़ कटाई हेतु 6 लाख की राशि का प्रावधान किया गया है। इसके साथ बड़ी नाली निर्माण के लिए भी राशि बढ़ाई गई है। वार्ड पार्षद आलोक अवस्थी ने कहा कि बस्तर प्रवास पर आए उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग मंत्री अरूण साव को ज्ञापन सौंपकर रिवाइज इस्टीमेट की शीघ्र स्वीकृति हुए निवेदन किया गया है। उप मुख्यमंत्री व बस्तर प्रभारी मंत्री विजय शर्मा का भी इस कार्य हेतु ध्यानाकर्षण कराया गया है। इस बड़े कार्य हेतु बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं महापौर संजय पाण्डेय का सतत प्रयास व सहयोग निरंतर बना हुआ है। भाजपा पार्षद श्री अवस्थी ने कहा कि नयापारा मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण में ड्रेन टू ड्रेन 10 मीटर की चौड़ी सड़क साकार रूप पाएगी, वर्तमान में इस सड़क की चौड़ाई महज तीन मीटर है। करीब 600 मीटर लंबाई वाले इस मार्ग में 150 मीटर सड़क अत्यंत संकरी है। जिसका चौड़ीकरण जल्द ही आरंभ होगा। अभी प्राथमिकता में अधूरी सड़क को धूल रहित करने व सुगम यातायात हेतु बिना देर किए ठीक करना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के नेतृत्व व मार्गदर्शन में नयापारा मुख्य मार्ग जल्दी ही शहर की बेहतरीन सड़कों में शुमार हो जाएगा। पत्रवार्ता में आर्येंद्र सिंह आर्य, अजय शंकर त्रिवेदी, विक्रम सिंह यादव, विनय राजू, साहब मौर्य, अच्युत सामंत भी मौजूद रहे।

सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स के 600 नव आरक्षकों ने जगदलपुर में चलाया सघन सफाई अभियान

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सांसद महेश कश्यप ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

जगदलपुर, 4 अक्टूबर 2026/ sewa संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ के तहत जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र में जन-जागरूकता और सेवा भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां बस्तर फाइटर्स के 600 नव आरक्षकों ने वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाकर नगरवासियों को स्वच्छता का मजबूत संदेश दिया।

शनिवार को लालबाग स्थित पुलिस प्रशिक्षण शाला में इस विशेष कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सांसद कश्यप ने उपस्थित समस्त अधिकारियों, जवानों और नागरिकों को स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव सजग रहने तथा इसे जन-आंदोलन बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने की शपथ दिलाई। हरित और स्वस्थ पर्यावरण के संकल्प को सुदृढ़ करते हुए सांसद महेश कश्यप तथा सेनानी एमआर मंडावी ने कैंप परिसर में पौधरोपण भी किया।

शुभारंभ समारोह के उपरांत सांसद की अगुवाई में बस्तर फाइटर्स के 600 नव आरक्षकों ने पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ मिलकर नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सघन सफाई अभियान चलाया। इन जवानों ने नया बस स्टैंड, ऐतिहासिक दलपत सागर, सिरहासार चौक और गंगामुण्डा जैसे व्यस्त व सार्वजनिक क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर फैले कूड़े-कचरे को साफ कर पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी। जवानों के इस श्रमदान ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए गहराई से प्रेरित किया। इस पूरे आयोजन के दौरान बस्तर फाइटर्स बटालियन के जवानों के साथ ही इकाई के समस्त अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत दल्ली राजहरा में कांग्रेस की नुक्कड़ सभा

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सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग

मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस ने उठाई आवाज

दल्लीराजहरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी के मार्गदर्शन में लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा द्वारा नगर में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता एवं स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई। नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा के अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी देश का मतदाता है और प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के हटना उसके लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करता है। श्री कोसमा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती आ रही है।

कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। रतिराम कोसमा ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि मतदाता सूची को लेकर नागरिकों के मन में संदेह उत्पन्न होता है, तो निर्वाचन आयोग को उसका स्पष्ट एवं संतोषजनक जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती तभी सुनिश्चित होती है जब प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो और वह बिना किसी भय या बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जनता के अधिकारों की आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो तथा जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके नाम नियमानुसार पुनः जोड़े जाएं। सभा के दौरान कांग्रेसजनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी इस्तीफे की मांग उठाई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रवि जायसवाल, युवराज साहू, अजय नोन्हारे, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष काशीराम निषाद, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अशोक बाम्बेस्वर, के. ईश्वर राव, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, महिंद्रन अप्पू, अजय छाजेड, श्रीनिवास राव, जागेश्वर यादव, चंद्र प्रकाश सिंहा, विवेक मसीह, शाहिल कुमार, धीरपाल नेताम, जय प्रकाश यादव, विजय जोगदंड, राजकुमार साहू, अरुण कुमार रामटेके, प्रदीप कुमार, बाबलू, हीरालाल पवार, रफीक कुरैशी, सलमान खान, मूलचंद निषाद, कुशल ठाकुर, कृष्ण यादव, सूरज विहार, रोशन पटेल, राजेश निषाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कांग्रेसजनों ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता, निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय छात्रा से जुड़ी घटना पर सर्व आदिवासी समाज ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

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गोंडवाना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाज ने प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

भोपालपटनम, 4 अक्टूबर 2026।बीजापुर जिले के भोपालपटनमम कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) से जुड़ी छात्राओं की घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इसी संबंध में रविवार को भोपालपटनम स्थित गोंडवाना भवन में सर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर प्रेस नोट जारी किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाज के पदाधिकारियों एवं प्रमुख सदस्यों ने घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्रेस नोट में सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। छात्राओं से संबंधित किसी भी घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।

समाज ने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।समाज की ओर से प्रशासन के समक्ष घटना की तत्काल एवं निष्पक्ष जांच, संबंधित मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग रखी गई। समाज प्रमुखों ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी बेटियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं करेगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस में सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी सहित समाज के प्रमुख श्री कामेश्वर राव गौतम, वलवा मदनैया, अनिल पामभोई, शंकर लाल सड़ मेक, शालिक राम नागवंशी मरपल्ली किस्तैया सवलम सनंटी तालांडी ईसत्तारी सहित अन्य समाज प्रमुख एवं सदस्य उपस्थित रहे।समाज प्रमुखों ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो सर्व आदिवासी समाज आगे आवश्यक कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

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