दल्ली राजहरा किसी भी व्यवसायिक संस्थान की विश्वसनीयता वहां कार्यरत कर्मचारियों की ईमानदारी और उनके अच्छे व्यवहार के दम पर बनी रहती है। माथुर सिने प्लेक्स के कर्मचारी श्री शर्मा और उनके साथियों ने ईमानदारी की ऎसी ही शानदार मिसाल पेश की है, जिसने माथुर सिने प्लेक्स के प्रति आम लोगों के भरोसे को और भी मजबूत कर दिया है।
नगर के प्रतिष्ठित माथुर परिवार के सदस्य आशुतोष माथुर अपने परिजनों के साथ माथुर सिने प्लेक्स में नाईट शो देखने गए थे। इसी दौरान उनकी जेब में रखे बीस हजार रुपए गिर गए। इस बात का अहसास आशुतोष माथुर को शो देखकर घर लौटने के बाद हुआ। उन्होंने अपनी जेब देखी तो 20 हजार रुपए गायब थे। उन्होंने घर में ढूंढा तो रुपए नहीं मिले। फिर श्री माथुर वापस सिने प्लेक्स लौटे और वहां कार्यरत कर्मचारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी। सिने प्लेक्स के सारे कर्मचारी अलर्ट मोड पर आ गए। कर्मचारी श्री शर्मा और उनके साथियों ने सिने प्लेक्स के अंदर खोजबीन की तो वहां रुपए पड़े मिल गए। इसके बाद शर्मा ने पूरे बीस हजार रुपए आशुतोष माथुर को लौटा दिए। कर्मचारी शर्मा की ईमानदारी से आशुतोष माथुर अभिभूत हो उठे। उन्होंने शर्मा और सारे कर्मचारियों की ईमानदारी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें थैंक्स कहा। इस बात का जिक्र आशुतोष माथुर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी किया है। यह घटना बताती है कि अगर कर्मचारी ईमानदार और व्यवहार कुशल हों तो संबधित संस्थान निरंतर उन्नति करता है। काम करने वाले लोगों में अगर अपने संस्थान के प्रति जिम्मेदारी हो तो वह खुद की और अपने संस्थान की बाजार में अलग पहचान बना देते हैं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर जुटेंगे देश और प्रदेश के नामचीन कवि
डिप्टी सीएम अरुण साव के मार्गदर्शन में होगा कवि सम्मेलन “मिट्टी के बेटे” का आयोजन
रायपुर। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में देश और प्रदेश के कवियों का कुंभ लगेगा, राष्ट्रवाद की परछाईं रहे श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भव्य काव्य महोत्सव “मिट्टी के बेटे” का आयोजन किया जा रहा है। डिप्टी सीएम अरुण साव के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में प्रदेश के राष्ट्रवादी युवाओं द्वारा कवि सम्मलेन आयोजित होगा। “मिट्टी के बेटे” शीर्षक से आयोजित होने वाले काव्य महोत्सव का आयोजन राष्ट्रवादी संगठन छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ के सहयोग से किया जा रहा है, कार्यक्रम के संयोजक राष्ट्रवादी विचारक वीरेंद्र दुबे हैं l यह कार्यक्रम 11 जुलाई को रात्रि 8:30 बजे से दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।कवि सम्मेलन “मिट्टी के बेटे” के संयोजक वीरेंद्र दुबे के अनुसार, कार्यक्रम के संरक्षक एवं मार्गदर्शक प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव हैं। श्री साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस काव्य महोत्सव का उद्देश्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के राष्ट्रनिष्ठ जीवन, अखंड भारत के संकल्प तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को काव्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है।
“मिट्टी के बेटे” में देशभर के कवि होंगे शामिल
काव्य महोत्सव में देश के 3 ख्याति प्राप्त कवि शशिकांत यादव, राम भदावर और अमित शर्मा अपने वीर रस की कविताओं से रायपुर के दर्शकों में राष्ट्रवाद की लहर जगाएंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के 6 प्रतिष्ठित कवि जो देश भर में अपनी रचनाओं के लिए प्रदेश को गौरांवित करते आए हैं ऐसे देवेन्द्र परिहार, मयंक शर्मा, संस्कार साहू, हीरामणि वैष्णव, नरेंद्र गुप्ता, ईशान शर्मा अपनी ओजपूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण रचनाओं का पाठ करेंगे। आयोजन में वीर रस, राष्ट्रचेतना, संस्कृति और मातृभूमि के गौरव पर आधारित काव्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
साय मंत्रिमंडल, आरएसएस, भाजपा, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रहेगी उपस्थिति*आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि, साहित्यकार तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया जा रहा है।क्रेडाई और अष्ट विनायक रियलिटी के सहयोग से हो रहा आयोजनकार्यक्रम के प्रायोजक क्रेडाई तथा सह-प्रायोजक अष्ट विनायक रियलिटी हैं। आयोजन में प्रदेश के राष्ट्रवादी संगठन छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ की विशेष भूमिका रहेगी।
कवि सम्मेलन में एंट्री पास से मिलेगा प्रवेश*काव्य महोत्सव “मिट्टी के बेटे” में प्रवेश केवल एंट्री पास के माध्यम से होगा। इच्छुक नागरिक प्रवेश पत्र संयोजक वीरेंद्र दुबे के कार्यालय, छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ के कार्यालय तथा शहर के विभिन्न निर्धारित केंद्रों से प्राप्त कर सकते हैं।आयोजकों ने प्रदेश के साहित्यप्रेमियों, युवाओं और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़े नागरिकों से इस विशेष आयोजन में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को काव्यांजलि अर्पित करने का आग्रह किया है।
दल्लीराजहरा:-आज के आधुनिक युग में जहां एक तरफ हमारा देश डिजिटल क्रांति और आर्थिक उन्नति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर देश का भविष्य—यानी हमारी युवा पीढ़ी—तेजी से नशे के दलदल में धंसती जा रही है। स्कूल और कॉलेज के छात्रों से लेकर कामकाजी युवाओं तक, नशीले पदार्थों का सेवन एक फैशन और मानसिक तनाव से बचने का जरिया बनता जा रहा है, जो समाज के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है।क्यों बढ़ रहा है युवाओं में नशे का रुझान?
आशीष गुप्ता के अनुसार, युवाओं में नशे की लत बढ़ने के पीछे कई मुख्य कारण हैंपीयर प्रेशर (दोस्तों का दबाव): कई बार युवा सिर्फ अपने दोस्तों के ग्रुप में ‘कूल’ दिखने या शामिल होने के लिए नशे की शुरुआत करते हैं।तनाव और डिप्रेशन: पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता, और बदलती जीवनशैली के कारण युवा मानसिक तनाव से घिर रहे हैं। इससे बचने के लिए वे गलत रास्तों का सहारा लेते हैं।आसानी से उपलब्धता: सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीकों के दौर में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों और सिंथेटिक ड्रग्स की पहुंच युवाओं तक बेहद आसान हो गई है।पारिवारिक संवाद की कमी: माता-पिता की व्यस्तता के कारण बच्चों से संवाद कम होना भी उन्हें इस अकेलेपन और भटकाव की ओर धकेलता है।*बढ़ते कदम: रोकथाम के लिए अति आवश्यक उपाय*यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर काबू नहीं पाया गया, तो देश की एक पूरी पीढ़ी बर्बाद हो सकती है। इसके रोकथाम के लिए निम्नलिखित स्तरों पर कड़े कदम उठाने की सख्त जरूरत है:1. पारिवारिक सतर्कता और संवादमाता-पिता को अपने बच्चों के बदलते व्यवहार पर ध्यान देना होगा। उनसे खुलकर बात करें, उनके दोस्तों के बारे में जानें और उन्हें एक सुरक्षित, तनावमुक्त माहौल दें।2. शैक्षणिक संस्थानों की भूमिकास्कूलों और कॉलेजों में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि नशे के दुष्प्रभावों पर नियमित रूप से काउंसलिंग सत्र और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।3. प्रशासन और कानून की सख्तीपुलिस और नार्कोटिक्स विभाग को शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगानी होगी। ड्रग पेडलर्स (तस्करों) के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जरूरी है।4. पुनर्वास (Rehabilitation) केंद्रों की सुलभताजो युवा इस लत का शिकार हो चुके हैं, उन्हें अपराधी की नजर से देखने के बजाय मरीज के रूप में देखा जाए। उनके लिए बेहतर और सुलभ काउंसलिंग और नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्था होनी चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी कुसुमकसा मंडल द्वारा आत्मनिर्भर मंडल एवं डीएलपी प्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने के साथ-साथ अभियान की रूपरेखा एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।बैठक में मंडल प्रभारी राजेश दसोड़, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र, मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुंती देवांगन भाजयुमो जिला सोशल मीडिया प्रभारी सुमित जैन सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नवनियुक्त एल्डरमेन का पुष्पगुच्छ एवं शुभकामनाओं के साथ स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा आत्मनिर्भर मंडल एवं डीएलपी प्रशिक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।
दल्ली राजहरा। भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता एवं वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा, जिला बालोद के जिला महामंत्री ललित जैन (लड्डू) को दल्ली राजहरा नगर पालिका परिषद में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त किए जाने पर उन्होंने प्रदेश एवं जिला नेतृत्व सहित पार्टी के सभी वरिष्ठजनों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।ललित जैन (लड्डू) ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उसके लिए वे सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए प्रदेश महामंत्री आदरणीय यशवंत जैन जी, जिला अध्यक्ष यशस्वी चेमन देशमुख जी, पूर्व प्रदेश मंत्री आदरणीय राकेश यादव जी, जिला महामंत्री बड़े भाई सौरभ लुनिया जी, मंडल अध्यक्ष दल्ली राजहरा श्री रामेश्वर साहू जी एवं समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा कार्यकर्ताओं का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करें
300 ऑर्गेनाइजेशन को एक मंच पर लाने के लिए गोल्डन बुक में दर्ज
रायपुर जेसीआई रायपुर वामा कैपिटल द्वारा आयोजित “नारी संगम सीज़न 3 : लव यू जिंदगी” का प्रेरणादायक आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में हुआ। महिलाओं के नेतृत्व, सीखने, संवाद और उत्साह से परिपूर्ण इस महासम्मेलन ने एक नई पहचान स्थापित की। कार्यक्रम में लगभग 300 संस्थाओं से 2000 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति रही। इनमें केवल रायपुर ही नहीं बल्कि बेमेतरा, राजनांदगांव, कोरबा, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग, कुम्हारी सहित अनेक शहरों से संस्थाएं एवं प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन इंटरनेशनल प्राइम ट्रेनर पीपीपी जेएफआर राजेश अग्रवाल ने किया।
“लव यू जिंदगी” विषय पर आधारित अपने प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक राजेश अग्रवाल ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया कि ईश्वर ने हमें इतना अच्छा जीवन दिया है जो कि पूरे ब्रह्मांड में और किसी जीव को नहीं मिला है। उसके बावजूद हम लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर और परिस्थितियों को दोष देते हुए परेशान रहते हैं, गुस्सा करते हैं, इरिटेट, ईर्ष्या यह सब हमारी मूलभूत स्वभाव बनते जा रहे हैं। इसके कारण बीमारियां होती हैं। जबकि हम लोगों को हर एक परिस्थिति का सामना शांत रहकर पॉजिटिव सोच के साथकरना चाहिए। अपने में बदलाव के लिए प्रेक्टिस करके आनंद और खुशी हर क्षण महसूस की जा सकती है। जिंदगी से प्यार करने के तरीकों पर उन्होंने फोकस किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में जेसीआई रायपुर वामा कैपिटल की विशेष मैगजीन “वामिका” का विमोचन किया गया। संस्था की अध्यक्ष धृति वैभव शर्माने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं को विशेष सम्मान भी दिए गए। ओल्डेस्ट ऑर्गेनाइजेशन सम्मान गुजराती महिला मंडल को दिया गया। बेस्ट ड्रेसअप अवॉर्ड बीजीएस महिला मंडल को और बेस्ट थीम अवॉर्ड राधे राधे ग्रुप को मिला। इसके साथ ही कार्यक्रम में 10 भाग्यशाली प्रतिभागियों का लकी ड्रॉ निकाला गया तथा दस लकी विनर्स को आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। इस सफल आयोजन का नेतृत्व जेसीआई अध्यक्ष डॉ. धृति वैभव शर्मा द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में फाउंडर प्रेसीडेंट लीना वर्धर, चैप्टर कन्वीनर रुपाली दुबे, चैप्टर इंचार्ज आंचल पंजवानी, कार्यक्रम समन्वयक जया अरोड़ा, सचिव प्रीति अग्रवाल, समस्त पूर्व अध्यक्षों की टीम, कार्यक्रम निदेशकों एवं संपूर्ण वामा टीम का विशेष योगदान रहा। सभी के मार्गदर्शन एवं सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन सका। मीडिया प्रभारी सुमन दीवान एवं दीया मूलचंदानी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने जेसीआई रायपुर वामा कैपिटल को भविष्य में भी इसी प्रकार के प्रेरणादायक, प्रशिक्षण आधारित एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों के लिए शुभकामनाएं दी।
जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत धार्मिक पर्यटन पर बस्तर संभाग पहुंचे। चरण दास ने बस्तर के प्रमुख देवी देवताओं के चरणों में शीश नवाया और पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत तीन दिवसीय बस्तर प्रवास पर रहे। उनका यह दौरा आस्था, संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं कांग्रेस परिवार के साथ आत्मीय संवाद का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
प्रवास के दौरान डॉ. महंत ने धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पहले दिन वे चारामा, कांकेर एवं केशकाल पहुंचे, जहां कांग्रेसजनों ने डॉ. महंत का भव्य स्वागत किया। रात में जगदलपुर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। इसके उपरांत उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के शासकीय निवास पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सर्किट हाउस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकर राव के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल, नगाड़ों, पुष्प वर्षा और आतिशबाजी के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। दूसरे दिन डॉ. महंत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के चरणों में शीश नवाकर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही विधायक विक्रम शाह मंडावी एवं उनके समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया। विधायक निवास में डॉ. महंत ने मंडावी परिवार से आत्मीय भेंट कर कुशलक्षेम जाना। जगदलपुर लौटने के बाद उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं सर्किट हाउस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उनसे भेंट कर संगठनात्मक विषयों सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की।
पनका समाज ने रखी मांग
अंतिम दिन डॉ. महंत ने बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान काछन गुड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पनका समाज के प्रतिनिधियों ने उनसे भेंट कर समाज से जुड़ी मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग में पनका जाति को शामिल करने की वर्षों पुरानी मांग की ओर ध्यान दिलाया। डॉ. महंत ने उनकी बातों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। काछन गुड़ी बस्तर की विश्वविख्यात दशहरा परंपरा का प्रारंभिक एवं महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। लगभग छह शताब्दियों से चली आ रही काछनगादी परंपरा के अनुसार पनका समाज की एक अविवाहित कन्या देवी स्वरूप बस्तर दशहरे के शुभारंभ की अनुमति प्रदान करती है। इस ऐतिहासिक परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बघेल के घर पहुंचे महंत
डॉ. महंत बस्तर सीट से विधायक एवं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के पैतृक ग्राम गिरोला पहुंचे, जहां उन्होंने माता हिंगलाजिन के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।उल्लेखनीय है कि श्री बघेल इस प्राचीन मंदिर के प्रधान पुजारी भी हैं। रायपुर लौटते समय डॉ. महंत ने कोंडागांव में भी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने फरसगांव में राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और उनके परिजनों से मुलाकात कर चर्चा की। प्रवास के दौरान डॉ. चरणदास महंत ने राजनीतिक गतिविधियों से स्वयं को दूर रखते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसजनों, कार्यकर्ताओं एवं अपने शुभचिंतकों से आत्मीय संवाद स्थापित कर संगठनात्मक एकजुटता और पारिवारिक भावनाओं को और सुदृढ़ किया। उनके सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार ने बस्तर के कांग्रेस परिवार में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
मंत्री के गृह क्षेत्र में पुलिस है निष्क्रिय: चंदन कश्यप
जगदलपुर केबिनेट मंत्री के गृह क्षेत्र भानपुरी में थाने से 50 मीटर की दूरी पर सोने की दुकान सहित कई जगहों पर ताबड़तोड़ चोरियां, पुलिस प्रशासन नाकाम: पूर्व विधायक चंदन कश्यपएक महीने के भीतर ६ बड़ी चोरियां, थाने की नाक के नीचे सुरक्षित नहीं हैं व्यापारी; पुलिस के हाथ खाली।भानपुरी चौक के सुरक्षा कैमरे महीनों से खराब; अगर कैमरे चालू होते तो पकड़े जाते शातिर चोर।जगदलपुर नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने बस्तर के भानपुरी थाना क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए केबिनेट मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा है। उन्होंने पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया है।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा है कि भानपुरी में पिछले एक महीने के भीतर सोने की दुकान और अन्य कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हुई सिलसिलेवार चोरियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। सबसे बड़ी और हैरान करने वाली बात यह है कि बेखौफ चोरों ने भानपुरी थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित दुकानों को अपना निशाना बनाया है। यह इलाका वर्तमान भाजपा सरकार के केबिनेट मंत्री केदार कश्यप का खुद का गृह क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्र है। मंत्री के अपने ही क्षेत्र में, वह भी थाने की नाक के नीचे बढ़ रही इन गंभीर आपराधिक घटनाओं और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार व पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भानपुरी जैसे मुख्य मार्ग और व्यस्त इलाके में मात्र एक महीने के भीतर छह बड़ी चोरियां हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शातिर चोरों ने भानपुरी थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित ज्वेलरी शॉप समेत कई अन्य दुकानों को बेखौफ होकर अपना निशाना बनाया, जिससे व्यापारियों की गाढ़ी कमाई पर डाका पड़ा है। उन्होंने कहा-यह बेहद शर्मनाक और कानून व्यवस्था के ढह जाने का सबूत है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे थाने से कुछ ही कदमों की दूरी पर चोरी कर आसानी से फरार हो जा रहे हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लग रही है। जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व खुद प्रदेश सरकार के मंत्री केदार कश्यप कर रहे हैं, जो उनका खुद का गृह क्षेत्र है, वहां जब थाने के सामने ही व्यापारी और आम जनता सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरे बस्तर की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इन घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों में भारी असुरक्षा का माहौल है, लेकिन पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।*बॉक्स**सीसीटीवी कैमरे महीनों से बंद*चंदन कश्यप ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सबसे बड़ी लापरवाही को उजागर करते हुए कहा कि भानपुरी चौक जैसे मुख्य और संवेदनशील चौराहे पर सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पिछले कई महीनों से बंद और खराब पड़े हैं। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर प्रशासन सजग रहता और भानपुरी चौक के कैमरे चालू हालत में होते, तो सोने की दुकान और अन्य जगहों पर हाथ साफ करने वाले चोरों का कोई न कोई सुराग जरूर मिल जाता और अपराधी अब तक सलाखों के पीछे होते। लेकिन कैमरों का महीनों तक खराब रहना यह साबित करता है कि स्थानीय विधायक-मंत्री और विभाग क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कितने लापरवाह और उदासीन हैं। पूर्व विधायक ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि भानपुरी चौक के सभी खराब कैमरों को बिना किसी देरी के तत्काल दुरुस्त किया जाए, बाजारों में रात्रि गश्त को कड़ा किया जाए और सोने की दुकान समेत सभी छह चोरियों के मामलों का जल्द से जल्द पर्दाफाश कर चोरों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही क्षेत्र के व्यापारियों को सुरक्षा नहीं मिली और चोर नहीं पकड़े गए, तो वे स्थानीय नागरिकों व व्यापारी संघ के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे।
थाना देवरी व साइबर सेल की पुलिस टीम के द्वारा 06 आरोपियो को 24 घंटे के अंदर भिलाई से किया गिरफ्तार।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग, रेंज दुर्ग अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक जिला बालोद योगेश पटेल के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन व उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) बालोद श्रीमति श्रुती सिंह के पर्यवेक्षण में थाना देवरी क्षेत्र में घटित प्राण घातक हमला में गंभीर रूप से घायल गौकरण साहू पिता स्व.नारायण साहू निवासी सम्बलपुर चौकी पिनकापार थाना देवरी जिला बालोद कोे उसके घर के अंदर घुसकर प्राणघातक वार कर गंभीर चोंट पहुंचाने कि सूचना पर घटना की गंभीरता को लेते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद के द्वारा अज्ञात आरोपियो को पकड़ने हेतु थाना देवरी व साइबर सेल से विशेष टीम बनाया गया।
मामले का विवरण इस प्रकार है कि थाना देवरी चौकी पिनकापार क्षेत्र के ग्राम संबलपुर में देर रात ग्राम सम्बलपुर के एक युवक पर अज्ञात आरोपी द्वारा घर में घुसकर लाठी, डंडा से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आने पर घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल परिजन के द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। प्रार्थियॉ की रिपोर्ट पर थाना देवरी मे अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 109, 332(2),191(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर थाना प्रभारी मनीष शेंडे थाना स्टाफ ,फारेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड ,साइबर सेल टीम तत्काल पहुचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक संसूचना एवं तकनीकी साक्ष्य व घटना स्थल तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर उसकी बारिकी से जांच कर अज्ञात आरोपियो के संबंध में जानकारी प्राप्त हुआ। जांच के दौरान घटना समय में घायल गौकरण साहू के बाजू मे सोई नाबालिक पुत्री से बारिकी से पूछताछ करने पर मात्र इतना पता चला कि एक व्यक्ति को घटना के बाद पीछे से भागते देखा है। बच्ची छोटी होने से अज्ञात आरोपी का स्पष्ट हुलिया नही बता पा रही थी जो पुलिस के लिए खोज का विषय हो गया था।
तब एक विशेष टीम गठित कर टीम के द्वारा लोकल गांव में पतातलाश एवं तकनीकी साक्ष्य एवं सीसीटीवी फुटेज से मिले सबूतो के आधार पर एक टीम तत्काल दुर्ग भिलाई की ओर रवाना हुआ और टीम का दूसरा हिस्सा लोकल सूचना में लगा था। भिलाई ,मरोदा गये टीम द्वारा संदेही भानूप्रताप जैन को पकड़कर बारिकी से पूछताछ करने पर घटना दिनांक की रात्रि को 02 मोटरसायकल से अपने अन्य 04 साथी के साथ मरोदा से घटना स्थल ग्राम संबलपुर पहुचने से पहले अपने एक और साथी बहेराभाठा निवासी को मदद हेतू साथ होना बताया आरोपी भानुप्रताप जैन को कड़ाई से पूछताछ करने पर आहत गौकरण साहू की पुत्री से करीब डेढ साल पूर्व आरोपी भानूप्रताप जैन निवासी खपराभाट की जान पहचान के चलते आहत गौकरण साहू ने आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोपी भानूप्रताप जैन को अपने घर में बुलाकर आरोपी व उसके माता-पिता के साथ गाली गलौच कर बेईज्जत करने की बात से रंजिश रखा था, जिसके चलते आरोपी भानुप्रताप को उसके माता पिता ने टंकी मडौदा अपने नानी के घर रहने भेजा था फिर भी आरोपी भानुप्रताप जैन ने मन में बदले की भावना रखते हुए दिनांक 30.06.2026 को योजनाबद्ध तरिके से भिलाई से अपने 06 साथियो के साथ घटनास्थल पहुचकर 02 साथी को घर के बाहर निगरानी करना तथा 04 लोग घर के अंदर घुसकर हाल में सोए गौकरण साहू के ऊपर बांस के डंडा व लकड़ी के राफ्टर से कई बार उसके सिर, पीट, कमर, में वार किये मारपीट की आवाज सुनकर गौकरण साहू की 13 साल की पुत्री जग गई जिसे देखकर भानूप्रताप, दिनेश, दीपेश, कुंदन नीरज, तुषार सभी वहां से भाग खड़े हुए। घटना में प्रयुक्त सभी आलाजरब एवं मो. सायकल व स्कूटी को आरोपियो के कब्जे से जप्त कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है। *गिरफ्तार आरोपियो के नाम व पता-
* 1. भानूप्रताप जैन पिता युवराज जैन उम्र 18 साल निवास खपराभाट हाल अम्बेडकर चौक टंकी मडौदा थाना नेवई।* 2. *नीरज रस्तोगी पिता स्व. अमित रस्तोगी उम्र 18 साल निवासी गौरी गौरा चौक टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग ।* 3. *तुषार निर्मलकर पिता कुमार निर्मलकर उम्र 20 साल निवासी बजरंग चौक टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग ।* 4. *दिनेश ढीमर पिता स्व. पुसऊ ढीमर उम्र 25 साल निवासी गौरी गौरा चौक टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग।* 5. *कुंदन यादव यादव पिता संतोष यादव उम्र 18 साल निवासी गणेश चौकी टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग ।* 6. *दीपेश पटेल पिता जीतूराम पटेल उम्र 18 साल निवासी बहेराभाठा थाना देवरी जिला बालोद ।* आरोपियो के पतासाजी व गिरफ्तारी मे थाना प्रभारी देवरी उप निरीक्षक मनीष शेण्डे, सउनि रामप्रसाद गजबिहे, राजेश ठाकुर, खेमलाल ठाकुर, प्रआर. थलेश्वर सुधाकर, मलेश्वर नेताम, आर. दिलीप बर्मन, संतोष खुटेल, भूपतदास मानिकपुरी, सायबर सेल प्रभारी सउनि धरम भूआर्य, प्रआर. भुनेष्वर मरकाम, विवेक शाही, आर. विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे, भोपसिंह साहू, संदीप यादव, आकाश दुबे, पुरन देवांगन, मिथलेश यादव, योगेश पटेल, गुलजारी साहू, की सराहनीय भुमिका रहा।
जगदलपुर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ जिला शाखा बस्तर ने महारानी अस्पताल में जारी संशोधित प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं किए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जगदलपुर द्वारा 18 मई 2026 को जारी संशोधित आदेश के तहत स्टाफ नर्स रीमा दानी को मेल वार्ड प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर सामान्य स्टाफ नर्स के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी उक्त आदेश का पालन नहीं कराया गया है।संघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी 27 मई तथा 15 जून को पत्र एवं स्मरण पत्र देकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन लगभग 45 दिन बीत जाने के बाद भी न तो आदेश का पालन सुनिश्चित किया गया और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की गई। संघ ने आरोप लगाया है कि यदि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का पालन ही नहीं होगा, तो प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
यह स्थिति शासन के आदेशों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ ने संभागीय संयुक्त संचालक से मांग की है कि संबंधित संशोधित आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आदेशों की अवहेलना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था एवं अनुशासन कायम रह सके।