नई दिल्ली। बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में फिर एक बार शून्यकाल में कोरोना काल में बस्तर की बन्द हुई ट्रेनों को पुनः चालू करने को लेकर मांग रखी।
रेलवे बोर्ड द्वारा 28 सितंबर 2021को आदेश जारी किया गया कि समलेश्वरी एक्सप्रेस हावड़ा से जगदलपुर हफ्ते में चार दिन चलेगी जो कि अभी तक चालू नहीं की गई है। 18 फरवरी 2019 को दुर्ग-जगदलपुर एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया जो कि सप्ताह में तीन दिन चलती थी, उसे पुनः चालू किया जाए।
किरंदुल से विशाखापत्तनम तक चलने वाली नाइट एक्सप्रेस हफ्ते में केवल दो दिन ही चल रही है जिसे प्रतिदिन चलाया जाए। उक्त मामले को लेकर बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में सदन के समक्ष रेलवे मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल उक्त ट्रेनों का परिचालन करने की मांग रखी।
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा राजीव भवन में संजय गांधी की जयंती गरिमा व सादगी के साथ मनाई सर्वप्रथम उनके छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते बताया कि संजय गांधी इंदिरा गांधी जी के छोटे बेटे थे. उनका पूरा परिवार भारत की राजनीति से संबंध रखता हैं संजय गांधी जी के नाना स्वतंत्र देश में पहले प्रधानमंत्री बने थे वहीँ उनकी माता देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं. इसके साथ ही संजय गांधी जी के परिवार के अन्य सभी सदस्य भी राजनीति में ही हैं. संजय अपनी माँ के बेहद करीब थे इसलिए वे हमेशा अपनी माँ का समर्थन किया करते थे. संजय गांधी ने भी देहरादून के उन्हीं दोनों स्कूल से अपनी स्कूली पढाई पूरी की, जहाँ से उनके भाई ने पढ़ाई की थी. वे दोनों स्कूल वेल्हम बॉयज स्कूल एवं दून स्कूल है. संजय गांधी का जन्म 14 दिसंबर 1946 को एक भारतीय राजनीतिज्ञ और इंदिरा गांधी गांधी के छोटे बेटे के रूप में हुआ. संजय ने विश्वविद्यालय में पढ़ाई नहीं की लेकिन ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग को उन्होंने अपने एक करियर के रूप में लिया और 3 साल के लिए इंग्लैंड के क्रेवे में रोल्स रॉयल्स के साथ एक ट्रेनी के रूप में काम किया उन्होंने सन 1976 में एक पायलट लाइसेंस प्राप्त किया क्योकि वे विमान कलाबाजी में रूचि रखते थे. जिसमें उन्होंने कई पुरस्कार भी जीते हालाँकि उनके बड़े भाई राजीव गांधी भी एक पायलट थे. जो कि इंडियन एयरलाइन्स में बोइंग 737 – 200 एडीवी विमान के कैप्टेन थे।
महापौर सफीरा साहू ने भी उन्हें याद करते बताया कि संजय गांधी कांग्रेस की राजनीति के युवा आइकॉन थे युवाओं के प्रेणास्रोत भी थे उनका सपना था कि अधिक से अधिक शिक्षित युवाओं को भारतीय राजनीति से जोड़ने का था वह संसद, लोकसभा और नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य थे अपने जीवनकाल के दौरान उन्हें व्यापक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख रूप में अपनी मां के सफल होने की उम्मीद थी लेकिन एक विमान दुर्घटना में उनकी प्रारंभिक मृत्यु के बाद उनके बड़े भाई राजीव उनकी मां के राजनीतिक उत्तराधिकारी बन गए और उनकी मां की हत्या के बाद भारत के प्रधान मंत्री के रूप में सफल हुए।
जिला महामंत्री (प्रशासन) अनवर खान ने कहा कि सियासी तौर पर देश के सबसे ताकतवर परिवार में जन्म, प्रतिष्ठित दून स्कूल से पढ़ाई, ऑटोमेटिव इंजिनियर, पायलट का लाइसेंस, स्पोर्ट्स कारों का शौक और विमानों को उड़ाने का शगल। अपने पहले ही चुनाव में भले ही करारी शिकस्त झेलनी पड़ी लेकिन छोटे से सियासी करियर में ऐसा भी वक्त रहा देश की सियासत को अपने इशारे पर चलाया। अब तक आप समझ चुके होंगे कि यहां बात हो रही है संजय गांधी की और आज उन्हीं की जयंती है संजय गांधी 1977 में अमेठी से पहली बार लोकसभा का लड़े लेकिन उन्हें करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। आखिरकार 1980 में अगले चुनाव में अमेठी से ही वह चुनकर संसद पहुंचे हालांकि सांसद के तौर पर उनका कार्यकाल बहुत ही छोटा रहा क्योंकि दुर्भाग्य ने उनकी जिंदगी की डोर ही काट दी। उसी साल यानी 1980 में 23 जून को एक विमान हादसे में उनकी मौत हो गई।
कार्यक्रम के अंत मे ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष एन आर परासर जी के आकस्मिक निधन पर राजीव भवन में कांग्रेस परिवार द्वारा आत्मा की शांति के लिये 2 मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
यह रहे मौजूद… कमल झज्ज,छबिश्याम तिवारी, हरिशंकर सिंह, शहनावाज खान, प्रवीण जैन, बंटी भदौरिया,अंकित सिंह, महेश ठाकुर, सामेल नाग,प्रेम ठाकुर,करण बजाज सहित कांग्रेस के कायकर्तागण उपस्थित थे।
प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर जिला किसान मोर्चा द्वारा जिले के समस्त सोसाइटी हेतु जिला निगरानी समिति का गठन जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार की अनुशंसा उपरांत जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा तोमंन साहू द्वारा किया गया है इस संबंध में जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा तोमन साहू ने बताया कि सभी मंडलों द्वारा धान उपार्जन केंद्रों हेतु निगरानी समिति का गठन किया जा चुका है इसके उपरांत आज जिला निगरानी समिति का भी गठन किया गया है जो कि मंडल व जिला समिति संयुक्त रुप से उपार्जन केंद्र में होने वाले किसानों की समस्याओं , बारदाने की कमी , धान का उठाव , नापतोल व अन्य किसानो की समस्याओं का जायजा लेने का कार्य करेंगे | समिति निम्नानुसार है
मोहन मंडावी सांसद कांकेर, कृष्णकांत पवार जिला अध्यक्ष भाजपा, राकेश यादव प्रदेश मंत्री भाजपा, यशवंत जैन पूर्व सदस्य बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली, प्रीतम साहू पूर्व विधायक, वीरेंद्र साहू पूर्व विधायक, बालमुकुंद देवांगन पूर्व विधायक, राजेंद्र राय पूर्व विधायक, पवन साहू प्रदेश मंत्री किसान मोर्चा, दीपक साहू पूर्व अध्यक्ष हस्त शिल्प बोर्ड, लेख राम साहू पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा, छगन देशमुख वरिष्ठ नेता भाजपा, यज्ञदत्त शर्मा जिला अध्यक्ष लघु वनोपज समिति, देवेंद्र जसवाल जिला महामंत्री, किशोरी साहू जिला महामंत्री, होली लाल रावटे जिला पंचायत सदस्य, संध्या भरद्वाज जिला पंचायत सदस्य, कृतिका साहू जिला पंचायत सदस्य, मोंटी यादव जिला पंचायत सदस्य, देवलाल ठाकुर पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत, ठाकुर राम चंद्राकर जिला अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति संघ, तोमन साहू जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा, चेतन देशमुख प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा, सोमेश साहू प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा, पुष्पेंद्र चंद्राकर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा, नागेंद्र चौधरी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा, हेमंत साहू जिला महामंत्री किसान मोर्चा, मनोहर सिन्हा जिला महामंत्री किसान मोर्चा, देवेंद्र मोहल्ला प्रदेश उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा, शिवधरम गुडे प्रदेश सहसंयोजक मछुवारा प्रकोष्ठ, जगदीश देशमुख प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शिक्षा प्रकोष्ठ, प्रेमलता साहू जनपद अध्यक्ष बालोद के साथ समस्त जिला पदाधिकारी व मंडल अध्यक्ष भाजपा व किसान मोर्चा सम्मिलित रहेंगे |
जगदलपुर । न्यू बस स्टैंड पुलिस चौकी के प्रभारी कांतोपानी एवं उनके सहयोगी सिपाहीयों द्वारा एक नाबालिग बालक को होटल में कार्य करने से रोकते हुए उसे चाईल्ड लाइन वालों को बुलाकर उनके हवाले किया गया।
बस स्टैंड चौकी प्रभारी कांतोपानी ने बताया कि आज कोसा कवासी उम्र 13 तेतरपारा बास्तानार निवासी नाबालिग बालक को न्यू बस स्टैंड के एक होटल संचालक द्वारा चौकी लाया गया और बताया गया कि यह बालक मेरे यहां काम करने की बात कह रहा था। चौकी प्रभारी नाबालिक बालक को चाईल्ड लाईन वालों के सुपूर्द कर दिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि बालक के माता-पिता का देहांत हो चुका है इस लिए व काम की तलाश में जगदलपुर पहुंचा था।
विदित हो कि न्यू बस स्टैंड चौकी निर्माण के पश्चात नए प्रभारी अपने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के दिशा निर्देश पर बस स्टैंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का पालन भी करते रहते हैं।
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव (नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन ने आज विधानसभा सत्र के प्रथम दिन विधानसभा भवन के अध्यक्ष चेंबर में पहुंच कर विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान विधानसभा के स्पीकर डा चरणदास महंत जी को जन्मदिन के अवसर पर पुष्पगुच्छ भेंट कर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी से उनके सफल,सुखद,दीर्घ आयु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामनाएं करते हुए कहा की जिस तरह से अपने अपने पिता सर्व बिसाहू दास महंत जी की राजनैतिक एवं जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया है तथा सार्वजनिक जीवन में मर्यादा की एक नई परंपरा को स्थापित किया है आशा और विश्वास है कि आप शतायू होकर भी लगातार इसी तरह जनसेवा की परंपरा को निभाते रहेंगे आज आपके जन्मदिन पर यह कामना है की जिस तरह से आप पक्षपात राग या द्वैश के बिना वर्तमान विधानसभा की कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं आज आपके जन्मदिन पर आशा है आप लगातार इसी तरह विधानसभा का संचालन करते रहेंगे मैं पुनः मां दंतेश्वरी से आपके जन्मदिन पर आपके यशस्वी जीवन की कामनाएं करता हूं |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के अलावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी, पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह एवं मंत्रीमंडल के सदस्यों समेत विधायकों एवं पक्ष विपक्ष के नेताओं ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं दी |
केशकाल। केशकाल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाटामारी घुमने फिरने इंज्वाय करने आने वाले बड़े रसूखदार टाटामारी पंहुचने वालों को जलपान भोजन की सुविधा सुलभ कराने वाली शिव शक्ति महिला समूह के “अट्टानार” को कर्ज में लादते उनका एक लाख से भी अधिक का माल चट कर गये। आगंतुकों को चाय काफि नाश्ता भोजन की सुविधा सुलभ कराने वाली महिलाओं का महिला समूह खुद कर्ज में डूबकर भी अच्छे दिन आने की उम्मीद में अपने काम में जुटी हुई हैं। बताया जाता है कि समय समय पर टाटामारी पंहुचने वाले तथाकथित “बड़े लोगों” की खिदमत करते उन्हें खुश करने के फिराक में वन विभाग के साहब लोग उनकी पसंद का खास ख्याल रखते उन्हे चाय काफि गर्मागर्म नाश्ता और जायकेदार भोजन खिला खिलाकर बिदा करते गये और अभी लिख लो पैसा बाद में मिल जायेगा कहकर लिखवाते गये। धीरे धीरे उधारी बढ़ाते बढ़ाते वन विभाग के अधिकारियों ने एक लाख रूपया से भी अधिक का उधारी महिला समूह के खाते में चढ़वा लिया। अब महिला समूह की महिलाओं की जान सांसत में फंस चुकी है क्योंकि शहर के जिन दूकानों से उधारी में समान ला लाकर खिला पीला दिये है अब वो दूकानदार आये दिन पैसा जमाना कराने के लिए तगादा उपर तगादा करने लगे हैं। बेचारी समूह की महिलाएं दूकानदारों से कड़वी बात सूनकर सह लेती हैं पर वो इसके बदले में वन विभाग के अधिकारियों को भी अपने उधारी पैसा के लिए कुछ बोल भी नहीं पाती बस हांथ जोड़ चिरौरी भर करती है की जिस पर साहब लोग उन्हें दिव्यस्वप्न दिखाकर टाल देते हैं कि अभी पैसा आने वाला है पैसा आने दो आते ही तूम्हारा पैसा तूम्हे मिल जायेगा। पैसा आयेगा तो मिल जायेगा इसी भरोसे में महिला समूह की महिलाएं पैसा आने का इंतजार लंबे समय से कर रही है पर उन्हें यह नहीं मालूम की हराम का खा पीकर एन्जॉय करके चले जाने वालों का कर्जा पटाने के लिए कोई एलाटमेंट नहीं आता।
खुद भी कर्ज में डूबा हुआ है वनविभाग
टाटामारी में सेवा देने वाली शिव शक्ति महिला समूह ही कर्ज में डूबी हुई है ऐसी बात नहीं विभाग के जानकार ही यह बताते हैं की स्वीकृति के प्रत्याशा में लाखों लाखों रूपया का समान उधारी पर लेकर बगैर प्रस्ताव प्रतिवेदन प्राक्कलन एवं स्वीकृति के काम करवा लिया गया है। अब इंतजार किया जा रहा है की जिला खनिज न्यास एवं एल डब्लू ई मद एवं अन्य मद से आने वाला लगभग ढाई करोड़ रूपया आयेगा तब सब निपटा लिया जावेगा। संभवतः स्वीकृत धनराशि आ चुकी है और करोडों के आते ही लाखों का कर्जा साफ हो जाने की उम्मीद बंधी हुई है।
दुधारू गाय बना टाटामारी
केशकाल वनमंडल का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाटामारी वनविभाग के रहनुमाओं के लिए अच्छी कमाई देने वाला सबसे दुधारू गाय बन गया है । पर्यटन विकास और पर्यटकों के सुविधा के नाम पर पिछले दो दशक से लगातार विभिन्न मदों से लाखों लाखों रूपया का आबंटन प्राप्त करके खानापूर्ति करके बंदरबांट कर लेने का रिवाज सा चला आ रहा है अगर टाटामारी में जिन कामों के नाम से पिछले दो तीन वर्ष में ही जिन कार्यों के नाम से आबंटन प्राप्त करके खर्च दिखाया गया है उसका भौतिक सत्यापन कर लिया जावे तो हकिकत खुलकर आ जायेगा।ऐन केन प्रकारेंण अधिक से अधिक आबंटन अर्जित करके लोक संरक्षित रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र में कांक्रीट का जंगल खड़ा करने का काम धडल्ले से लगातार चला आ रहा है। जिस जगह की प्राकृतिक सौंदर्यता एवं नैसर्गिक छटा ही आकर्षंण का मुख्य आधार हैं वंहा पर लगातार विभिन्न उपयोगिता बता बताकर कांक्रीट के पक्के भवन बना देने का भविष्य में क्या दुष्प्रभाव पड़ेगा इस बात की चिंता किए बगैर ही लगातार पक्का निर्माण करवाते शहरी उद्यान एवं कृत्रिम सौंदर्यता लाने का उपक्रम किया जा रहा है। लगातार पक्का निर्माण होने से रोक संरक्षित आरक्षित वन क्षेत्र 2800 के प्राकृतिक सौंदर्यता पर्यावरंण एवं वंहा रहने वाले जीव जंतु पशु पक्षी वन्यप्रांणी पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर क्षुब्ध एवं चिंतित पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने इस पर चिंता जाहिर करते पक्के निर्माण पर पुनर्विचार करने की मांग उठाते इस संदर्भ में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है और उनका कहना है की हम वनविभाग के सक्षम जवाबदेह अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर पक्के निर्मांणों पर पुनर्विचार करने लिखेंगे और इसके बावजूद भी अगर अंधाधुंध पक्का निर्माण किया गया तो हम उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे पर प्रकृति प्रदत्त अनुपम उपहार को दुष्प्रभावित करते निर्जन वन क्षेत्र में रहने वाले जीव जंतु पशु पक्षी वन्यप्रांणी के नैसर्गिक हक पर कुठाराघात करने नहीं देंगे।
आज डौंडी मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ अनुसूचित जनजाति के जिलाध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे मंडल मंत्री योगेन्द्र सिन्हा गांधी व चिखलाकसा नगरपंचायत अध्यक्ष भीखी मसिया व उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम साथ ही साथ नगर पंचायत के पार्षद गण विमला जैन, संगीता साहू, लता पढडो, कुंती देवांगन, तिहारु राम आर्य, विजय डड़सेना, लीला डड़सेना, व ग्राम रजही से युवा मोर्चा व महिला मोर्चा के कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे | कार्यक्रम के समापन के पश्चात विक्रम धुर्व के नेतृत्व में सभी पार्षद गण मंदिर प्रांगण की साफ सफाई कर मंदिर परिसर को स्वच्छ किया |
बाबा भोलेनाथ का काशी विश्वनाथ धाम अपनी पूर्ण गरिमा के साथ जनता के लोकार्पण के लिए सजा है। आज दोपहर 12:55 पर प्रधानमंत्री जी इसे पूरे विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं को समर्पित किये | काशी विश्वनाथ धाम मात्र एक मंदिर का जीर्णोद्धार या सौंदर्यीकरण नहीं है बल्कि सनातन हिंदू सभ्यता और धर्म के पुनरुत्थान का जयघोष है। निसंदेह हम हिंदू गौरव के इस स्वर्णकाल का साक्षी बन रहे हैं।
इस गौरवपूर्ण महा अनुष्ठान को जन जन तक पहुंचाने की महती भूमिका हमारी है।
जगदलपुर में गूंजा हर हर महादेव का नारा, काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण का किया लाइव दर्शन
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लाइव प्रसारण देखने अनुपमा चौक स्थित मिथिला भवन में उमड़े लोग ,बीजेपी ने किया था आयोजन
जगदलपुर । जगदलपुर । 700 करोड़ की लागत और 33 महीने के समय से बने काशी कॉरिडोर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकापर्ण के कार्यक्रम को देखने के लिये भाजपा ने दिव्य काशी -भव्य काशी अभियान के तहत इसके लाइव प्रसारण की व्यवस्था मिथिला भवन में की थी।
इस लाइव प्रसारण के व्यवस्थापक कार्यक्रम के जिला प्रभारी रामाश्रय सिंह तथा कार्यक्रम प्रभारी तेजपाल शर्मा और आशु आचार्य ने इस लाइव प्रसारण के लिये सुबह से ही मिथिला भवन में कमान सम्हाल रखी थी ।
काशी कॉरिडोर के लोकार्पण को देखने बड़ी संख्या में बड़े और बुजुर्ग प्रसारण स्थल पर पहुंचे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान सभी बड़े उत्साह के साथ हर हर महादेव के नारे का उदघोष भी कर रहे थे।
इस दौरान कार्यक्रम में पधारे शहर के विभिन्न मंदिरों के पुरोहितों, पंडितों एवं मठ के मठाधीशों को भी सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में सभी पुजारियों व मठाधीशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए देश की संस्कृति,पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण व उसके संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
गौरतलब है कि काशी कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महती योजनाओं में से एक है जिसके लोकार्पण की तैयारी के लिये बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने दिव्य काशी – भव्य काशी अभियान पूरे देश और प्रदेश में चलाया था ।
इसके अतिरिक्त आज जब काशी विश्वनाथ के कॉरिडोर का लोकार्पण नरेन्द्र मोदी कर रहे थे उसी समय पूरे द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर 12 केबिनेट मंत्री भी शिवजी का अभिषेक और पूजन कर रहे थे।
बस्तर संभाग में भी दिव्य काशी भव्य काशी अभियान के तहत विभिन्न आयोजन हुये थे और आज का ये लाइव प्रसारण भी उसी कार्यक्रम का अंग था ।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संतोष बाफना ,श्रीनिवास राव मद्दी , शिव नारायण पांडे, , विद्याचरण तिवारी,रामाश्रय सिंह,योगेंद्र पांडे सुरेश गुप्ता ,मनीष पारेख , रजनीश पाणिग्रही ,बाबुल नाग,अनिल लुंकड़ ,संग्राम सिंह राणा, अविनाश श्रीवास्तव, राजपाल कसेर, राकेश तिवारी ,राजा यादव ,शिखर मालू ,राजेन्द्र बाजपेयी ,संतोष बाजपेयी ,संतोष त्रिपाठी,विनायक गोयल ,सुरेश कश्यप ,आनंद झा,आशुतोष आचार्य, प्रकाश झा ,अमित कपूर ,रोशन झा,शेखर शर्मा, अभय दीक्षित, प्रभात सिंह चौहान, सुभेन्द्र भदोरिया, राज पांडे ,शिरीष मिश्रा,लक्ष्मण झा,जितेंद्र प्रसाद गुप्ता, बंटू पांडेय,सोनू शुक्ला , विक्रम यादव,डीके नाग,अभिषेक तिवारी,योगेश शुक्ला और बबलू दुबे सहित बीजेपी के कार्यकर्ता सम्मिलित थे ।
पूंजीपतियों ने कौड़ियों के दाम खरीदी बताकर उक्त भूमि को करोड़ों में बेचा
आदिवासी भूमि स्वामी अपनी जमीन पर हक़ पाने दफ्तर का लगा रहा चक्कर
जगदलपुर। शहर के एक साहूकार ने सन् 1964 में जमीन मालिक को बना रखा था नौकर फिर कई वर्षों बाद सन् 1984 में उक्त नौकर के साथ दगाबाजी कर धरमपुरा स्थित साई मंदिर के समीप करोड़ों की आदिवासी भूमि को कौड़ियों के दाम खरीदी बताकर पूंजीपति ने कराया अपने नाम। उक्त भूमि को साहकार ने वर्ष 2019 में डायवर्सन कराने के बाद शहर के 8 पूंजीपतियों के नाम करोड़ों में बेचा। जमीन मालिक अब अपनी ही भूमि पर कब्जा पाने दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।
कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 1932-33 के रिकार्ड में अपनपुर धरमपुरा स्थित सांई मंदिर के समीप खसरा नं. 09 रकबा 4.23 एकड़ जो बेनवा भतरा पिता बोटी भतरा के नाम दर्ज है। इनके परिजनों ने बताया कि बेनवा के दो पुत्र थे धरमदास एवं चंदर। जानकारी के अनुसार होनवा का पुत्र धमरदास अपने परिवार का पालन पोषण के लिए शहर के साहूकार दाऊ मिल के संचालक त्रिलोकीनाथ अग्रवाल के घर 1964-65 में नौकर के रूप में काम करता था। बताया जा रहा है कि धरमदास ने अपने रसीद बही (पट्टा)को मालिक के पास रखवा दिया था। इनके परिजनों का आरोप है कि धरमदास के साथ दगाबाजी कर इनके स्थान पर दूसरे व्यक्ति को उपस्थित कराकर खसरा नं. 09 के रकबा 4.23 एकड़ में से लगभग एक एकड़ भूमि साहूकार द्वारा खरीदी कर उक्त भूमि लगभग एक एकड़ 1 जून 1984 को उमाबाई पति त्रिलोकीनाथ के नाम दर्ज करा दिया गया है।
भूमि स्वामी का आरोप:
उक्त भूमि के मालिक नीलम पिता मनबोध रामप्रसाद पिता मनबोध एवं गजमनि पिता मनबोध जो नवा पिता बोटी के वंजश है। जमीन मालिको ने आरोप लगाया है हमारे पूर्वजो के साथ छल पूर्वक जमीन की बिक्री की गई है। जमीन मालिक अपने ही जमीन पर कब्जा पाने के लिए काफी समय से दफ्तर का चक्कर लगाते फिर रहे है। क्या उक्त आदिवासी को जमीन का मालिकाना हक मिल पायेगा या फिर साहूकार का कब्जा बरकरार रहेगा यह तो वक्त ही बतायेगा।
कौड़ियों की जमीन करोड़ों में बिकी:
कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खसरा नं.09 के रकबा 4.23 एकड़ में से खसरा नंबर 9/2 जो रकबा लगभग एक एकड़ भूमि जो कार्यालय दफ्तावेज में उमा बाई पति त्रिलोकीनाथ के नाम दर्ज है। उक्त भूमि को डायवर्सन कर शहर के 8 पूंजीपतियों के नाम 8 करोड़ से अधिक के दामों पर बिक्री किया जा चुका है जिसमें पहली रजिस्ट्री एक अक्टूबर 2019 को हुई थी जिसका बिक्री मूल्य 2 करोड़ 50 लाख दर्ज किया गया है तो वहीं दूसरी रजिस्ट्री 14 अक्टूबर 2019 को चार व्यक्तियों के नाम दर्ज कराई गई थी जिसका मूल्य 2 करोड़ 10 लाख दर्शाया गया है।
दफ्तरों के चक्कर के बाद निर्माण कार्य तेजः
धरमपुरा मार्ग पर साई मंदिर के समीप शहर के मुख्य मार्ग के वास्तविक जमीन मालिक जिनका 1932-33 के रिकार्ड में भूमि स्वामी का नाम दर्ज है उनके परिजनों ने जब अपनी जमीन पर कब्जा जमाना चाहा तो शहर के पूजिपतियों के आगे आदिवासी परिवार विवश साबित हुआ और आज आलम यह है कि दफ्तरों में कब्जा दिलाने की गुहार लगाना शुरू होते ही साहूकारों ने निर्माण कार्य तेज कर आवास निर्माण शुरू कर दिया है लेकिन प्रशासन के नुमाइंदो ने उक्त निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का साहस तक नहीं जुटा पा रहे है।
साई मंदिर के समीप जमीन खरीदने वाले कुछ क्रेताओं से उनकी प्रतिक्रिया जानने दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया जिसके चलते उनकी प्रतिक्रिया नहीं ली जा सकी।
करोड़ों में किसने खरीदी जमीनः
कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उमा बाई पति त्रिलोकीनाथ ने साई मंदिर स्थित भूमि 2 करोड़ 50 लाख में 28 हजार 610 वर्गफीट भूमि को शहर के नीरज बाफना पिता रेखाचंट बाफना, प्रीति बाफना पति नीरज बाफना, नीतू जैन पति अविनाश जैन एवं विकास चांडक पिता स्व.किशनलाल चांडक का अक्टूबर 2019 को 14950 वर्गफीट जमीन शहर के अविनाश जैन पिता विनोद जैन, सुमन चांडक पिता किसन लाल चांडक,हर्ष बाफना पिता रेखाचंट बाफना एवं नीरज बाफना पिता रेखचंट बाफना के द्वारा क्रय किया गया है। सभी क्रेतागण गैर आदिवासी सामान्य वर्ग से आते है उक्त भूमि पर वर्तमान में निर्माण कार्य जारी है।
विवादित होने पर निरस्त माना जायेगाः
नौकर से दगाबाजी कर जमीन जमीन पर कब्जा जमाया गया था उस जमीन के मालिक के द्वारा बस्तर कलेक्टर से खारीटी बिक्री की अनुमति मांगी गई थी। परिवर्तित जमीन को कलेक्टर के आदेशानुसार खरीदी बिक्री का प्रावधान है। तत्कालिन कलेक्टर तंबोली के द्वारा 7 सितंबर 2019 को खरीदी बिक्री की अनुमति तो दी गई थी लेकिन एक शर्त उल्लेखित किया गया था कि विवाद की स्थिति में खरीदी बिक्री का आदेश स्वतः निरस्त माना जायेगा।
अवैध मुरूम उत्खन की सूचना देने वाले को खनिज विभाग ने दोषी ठहराया
अवैध उत्खनन करने वालों पर विभाग मेहरबान
जगदलपुर। चार दिन पूर्व खनिज विभाग को सेमरा पंचायत में मुरूम उत्खनन की सूचना दी गई थी जिसकी पड़ताल करने पर यह ज्ञात हुआ कि उक्त उत्खनन का कार्य कुरंदी पंचायत 2 में होना बताया गया सूचना देने वाले को ही खनिज अधिकारी दोषी ठहराते हुए कहा कि गलत सूचना देकर विभाग को गुमराह न करें। खनिज अधिकारी चेरपा ने बताया कि जिस स्थान पर उत्खनन किया जा रहा है वह कुरंदी पंचायत 2 में आता है जिसकी अनुमति खनिज विभाग द्वारा दी गई है जबकि पंचायत सचिव बालेश्वरी ठाकुर ने कहा मुरूम उत्खनन के लिए पंचायत से कोई अनुमति या अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है।
ज्ञातव्य हो कि जिला मुख्यालय से लगभग 7 किमी की दूरी पर मुरूम का अवैध उत्खनन कर नगरनार मार्ग पर हाईवे के किनारे सेमरा के समीप फिलिंग का कार्य किया जा रहा है जहां सैकड़ों टिप्पर मुरूम का उपयोग किया जा चुका है। इसकी जानकारी खनिज विभाग को दी गई थी लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी सूचना देने वाले को ही खरी खोटी सुना दी और कहा कि पूरी जानकारी के साथ सूचना दे।
खनिज विभाग की यह जिम्मेदारी बनती है कि संबंधित शिकायत वाले एरिया में पहुंच तहकीकात कर अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की कार्रवाई करे। विभाग के संरक्षण में चल रहा मुरूम का अवैध उत्खनन करने वाले पर विभाग ही मेरहबान है।
उत्खनन की अनुमति दी गई
प्रभारी खनिज अधिकारी हेमंत चेरपा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुरूम का उत्खनन सेमरा पंचायत में नहीं करंजी पंचायत 2 में किया जा रहा है जिसकी अनुमति विभाग द्वारा दी गई गई है। जब उनसे पूछा गया कि उत्खनन किस खसरा नंबर एवं कितने रकबा करने की अनुमति है तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि यह जानकारी फान पर नहीं बता सकता कार्यालय आकर ले सकते |
पंचायत से अनुमति नहीं:
नियमों के अनुसार मुरूम उत्खनन या रेत उत्खनन या अन्य किसी कार्य के लिए संबंधित पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान है। मुरूम उत्खनन के संबंध में पंचायत सचिव बालेश्वरी ठाकुर ने बताया कि मुरूम उत्खनन की अनुमति नहीं दी गई है। अब इन दोनों के बयानों में कितनी सत्यतता है वह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।