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भादूगुड़ा में क्रिकेट टूर्नामेंट, खिताब पर इच्छापुर का कब्जा

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जगदलपुर ग्राम पंचायत भादूगुड़ा में टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। इच्छापुर की बी टीम ने रोमांचक मुकाबले में खिताब पर कब्जा कर लिया। ग्राम पंचायत भादूगुड़ा में आयोजित टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बड़े ही उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में क्षेत्र की कुल 16 टीमों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के समापन अवसर पर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पहुंचते ही विधायक श्री बघेल ने फाइनल मैच में आमने-सामने उतरी दोनों टीमों के खिलाड़ियों से वन टू वन परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया और खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।

फाइनल मुकाबला कुमड़ाकोट एवं इच्छापुर बी टीमों के बीच खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इच्छापुर- बी टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 95 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कुमड़ाकोट टीम ने शुरुआत में धीमी गति से रन बनाए, लेकिन जैसे-जैसे ओवर कम होते गए, मुकाबला रोमांचक होता चला गया एक ओर कुमड़ाकोट टीम रन बनाने की होड़ में लगी थी, वहीं दूसरी ओर इच्छापुर- बी की टीम विकेट गिराने के लिए लगातार प्रयासरत रही। मैच का रोमांच अंतिम ओवर तक बना रहा। निर्णायक क्षणों में इच्छापुर- बी टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरी ओवर में 2 महत्वपूर्ण विकेट झटक लिए और मुकाबला 4 रनों से जीतकर फाइनल पर कब्जा जमा लिया। मैच के पश्चात बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने विजेता एवं उप विजेता टीमों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे खेल आयोजन ग्रामीण युवाओं में प्रतिभा निखारने, आपसी भाईचारे और अनुशासन की भावना को मजबूत करते हैं। बघेल ने आयोजकों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करने की बात कही। इस दौरान मानसिंह कवासी, रूपसाय कोर्राम, टिंगाली कश्यप, धरम गोयल, राजेश कुमार, तुलसी राम ठाकुर, पंचराम कश्यप, जानकी, फूलसिंह, रतिराम, कुलेश्वर, बुदरू ,चतुर, मुन्ना, नेहरू संपत, लछु, मोहन, सामो, भागरती, जगोराम, भागरती, गंगाराम, एवं समस्त ग्रामवासी तथा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

पेंशनरों ने उठाई एरियर और डीआर जारी कर मोदी की गारंटी पूरी करने की मांग

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कसीमुद्दीन बने पेंशनर्स महासंघ के जिला अध्यक्ष

सुकमा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के तत्वावधान में सुकमा जिले के पेंशनरों की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सुकमा जिले की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। कसीमुद्दीन को जिला अध्यक्ष, अल्फ्रेड सूना को सचिव, रामकुमारी नेताम को उपाध्यक्ष तथा प्रभाकर दास को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों से वादा किया था कि केंद्र सरकार द्वारा जब भी कर्मचारियों व पेंशनरों को महंगाई भत्ता, महंगाई राहत दिया जाएगा, उसी तिथि एवं दर से राज्य में भी इसका लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बावजूद यह वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे प्रदेश के सवा लाख से अधिक पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों में असंतोष हैं। उन्होंने राज्य सरकार से एरियर सहित 3 प्रतिशत डीआर का तत्काल आदेश जारी करने की मांग की। प्रांताध्यक्ष ने कहा कि पेंशनरों के वाजिब अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ अखिल भारतीय स्तर का एकमात्र राष्ट्रवादी संगठन है, जो पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनरों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) को विलोपित कराने के लिए महासंघ लगातार प्रयासरत है। इस संबंध में प्रदेश के सभी विधायकों एवं मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित करने की मांग की जा चुकी है, किंतु राज्य गठन के बाद से यह समस्या यथावत बनी हुई है, जिससे पेंशनरों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

उन्होंने संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि महासंघ के प्रयासों से राज्य में सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल की स्थापना, पृथक पेंशन संचालनालय का गठन तथा 80 वर्ष पूर्ण करने पर उसी माह अतिरिक्त पेंशन वृद्धि का आदेश जारी हुआ, जो पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। बैठक को संबोधित करते हुए बस्तर संभाग अध्यक्ष आरएन ताटी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों तक डीए, डीआर के मामले में कर्मचारियों और पेंशनरों को निराश किया और एरियर का समुचित भुगतान नहीं किया। सरकार बदलने के बाद भी डीए, डीआर की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। केंद्र के समान डीए डीआर देने की मोदी की गारंटी के बावजूद पेंशनरों को अब भी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है, जो न्यायसंगत नहीं है।प्रदेश संगठन मंत्री टीपी सिंह ने कहा कि प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के नेतृत्व में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में संगठन का विस्तार करने वाला एकमात्र संगठन है, जो तहसील एवं विकासखंड स्तर तक अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत संगठन गीत “जय हो हिंदुस्तान की” का सामूहिक गायन कराकर पेंशनरों में उत्साह और जोश का संचार किया। इस अवसर पर उपस्थित पेंशनर ई. नरसिंह स्वामी, कुंभकर्ण सिंह ध्रुव, गोकुल राम साहू, तुलसीराम वर्मा, जेठूराम साहू, अल्फ्रेड सूना, ई. रामचंद्र राव, रेजिना दर्रो, राधा नेताम, दीपिका सिंह, राजकुमारी नेताम, जेमा कनौजिया, हेमंती कालोनी, प्रभाकर दास, कमल साय भद्रे, कसीमुद्दीन, भवेश चंद्र मंडल सहित अन्य ने पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं पर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक के अंत में सुकमा जिले के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष जगदीश कनौजिया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

धान खरीदी में बड़ी लापरवाही: गुंडरदेही से निकला ट्रक जंगल में मिला, GPS सिस्टम रहा निष्क्रिय

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बालोद जिले में धान खरीदी व्यवस्था की कथित पारदर्शिता की परतें एक बार फिर उधड़ती नजर आ रही हैं। गुंडरदेही विकासखंड के कोड़वा धान खरीदी केंद्र से 13 जनवरी को लगभग 900 बोरी धान लादकर निकला एक ट्रक न तो तय समय में संग्रहण केंद्र पहुंचा और न ही इसकी अनुपस्थिति को लेकर संबंधित विभागों ने कोई तत्परता दिखाई।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शासन द्वारा अनिवार्य किए गए GPS ट्रैकिंग सिस्टम के बावजूद ट्रक चार दिनों तक लापता रहा। न तो परिवहन ठेकेदार ने किसी प्रकार की सूचना दी और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई अलर्ट जारी किया गया। यदि पूरी व्यवस्था सचमुच डिजिटल निगरानी में थी, तो फिर धान से भरा ट्रक आंखों से ओझल कैसे हो गया—यह सवाल अब आमजन पूछ रहे हैं।चार दिन बाद वही ट्रक बालोद–कांकेर जिले की सीमा से सटे गांव बड़हूम दमकसा के पास घने जंगल में सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ा मिला। बताया जा रहा है कि इस दौरान GPS सिस्टम निष्क्रिय था, जिससे निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आई। महज 40 किलोमीटर की दूरी तय करने वाला ट्रक चार दिन तक गायब रहना प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता के कारण मामला उजागर हो सका। सूचना मिलने के बाद जब प्रशासनिक टीम देर रात मौके पर पहुंची, तो क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि यदि वे जंगल में खड़े ट्रक को न देखते, तो शायद यह पूरा मामला दबा ही रह जाता। लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब धान जैसी महत्वपूर्ण उपज सुरक्षित नहीं है, तो धान खरीदी व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए।मामले को लेकर जिला विपणन अधिकारी टिकेंद्र राठौर ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही, लेकिन ट्रक के चार दिन तक लापता रहने और GPS सिस्टम के निष्क्रिय होने जैसे अहम सवालों पर अब तक कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है।यह घटना केवल एक ट्रक के इधर-उधर होने की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की विफलता को उजागर करती है, जिसे पारदर्शी और सुरक्षित बताया जाता रहा है। GPS निगरानी के दावों के बावजूद धान से भरा ट्रक जंगल में खड़ा रहना, प्रशासनिक निगरानी और परिवहन व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और परिवहन ठेकेदार पर कार्रवाई होगी या फिर यह प्रकरण भी जांच की आड़ में फाइलों में दबा दिया जाएगा।

वार्ड पंच आदर्श ठाकुर का शिक्षा के प्रति समर्पण, एक प्रेरक पहल

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बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बोरपदर के पंचायत प्रतिनिधि खासकर वार्ड पंच आदर्श ठाकुर ग्राम विकास और बच्चों की शिक्षा के प्रति बेहद सजग हैं। वे निरंतर गांव और शालाओं का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहते हैं तथा ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते रहते हैं। इसी क्रम में पंच आदर्श ठाकुर ने पंचायत बोरपदर की पूर्व माध्यमिक शाला का औचक निरीक्षण किया, जो उनकी शिक्षा के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस निरीक्षण के दौरान आदर्श ठाकुर ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी पढ़ाई-लिखाई की स्थिति जानी और शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।

उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आदर्श ठाकुर ने मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की और बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर की जांच की और सुनिश्चित किया कि बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिल रहा है। आदर्श ठाकुर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी हम सभी की है। यदि आज हम विद्यालयों पर ध्यान देंगे, तो कल समाज और राष्ट्र मजबूत होगा। विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने आदर्श ठाकुर की इस पहल की सराहना की और कहा कि यह निरीक्षण निस्संदेह जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनसेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।

दोरला समाज के 47 धर्मांतरित परिवारों की हुई घर वापसी

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कोंटा के गोल्लापल्ली जोन में पटेल- पुजारी चर्चा परिचर्चा सम्मेलन

समाज की परंपराओं और पूजा पद्धति की रक्षा का लिया गया संकल्प

सुकमा सुकमा जिले के अंतिम छोर पर स्थित कोंटा विकासखंड अंतर्गत जोन गोलापल्ली में दोरला समाज का पटेल- पुजारी चर्चा परिचर्चा सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में 9 पंचायतों के 40 गांवों से लगभग 3000 परिवारों ने भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का परिचय दिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाज के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि दोरला समाज धीरे-धीरे अन्य समाजों की संस्कृति पर निर्भर होता जा रहा है, जिससे समाज की मूल परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान विलुप्त होने के कगार पर पहुंच रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, रहन-सहन और सामाजिक व्यवस्था सशक्त है, तो फिर अन्य धर्मों और संस्कृतियों की ओर आकर्षण क्यों बढ़ रहा है। इस पर आत्ममंथन की जरूरत है। सम्मेलन के दौरान समाज से अलग होकर ईसाई धर्म अपनाने वाले 47 परिवारों की समाज में पुनः वापसी कराई गई। इन परिवारों को मंच पर सम्मानित कर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया। समाज के पदाधिकारियों ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

शादी में डीजे अंग्रेजी शराब बैन

दोरला समाज द्वारा सामाजिक मर्यादा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 16 प्रमुख सामाजिक नियमों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार भागकर विवाह की स्थिति में 15 दिनों के भीतर लड़की के माता-पिता को सूचना देना अनिवार्य होगा, विलंब होने पर अर्थदंड लगाया जाएगा। साथ ही एक माह के भीतर समाज को सूचना देकर गांव में सामाजिक बैठक आयोजित करना तथा छह माह से एक वर्ष के भीतर सामाजिक विवाह संपन्न करना आवश्यक होगा। समाज ने विवाह समारोहों में डीजे और अंग्रेजी शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जिनके उल्लंघन पर कड़ा आर्थिक दंड निर्धारित किया गया है। नियमों के तहत गैर-आदिवासी से विवाह, विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर विवाह, मंदिर में विवाह तथा पत्नी के जीवित रहते दूसरी महिला अपनाने जैसे मामलों में भारी सामाजिक अर्थदंड और सामाजिक बैठक के माध्यम से निर्णय लेने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए समाज स्तर पर चर्चा कर विवाह तय करने, मृत्यु संस्कार में सीमित दान व्यवस्था तथा सामाजिक सहयोग की व्यवस्था को भी नियमों में शामिल किया गया है।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी

कार्यक्रम में दोरला समाज के संभागीय अध्यक्ष अनिल बुर्का, विशेष अतिथि अर्जुन कारम, प्रवक्ता वीरैया ध्रुवा, संभागीय सचिव सोढ़ी भीमा, संभागीय संरक्षक तेल्लम बोरैक्षय्या, नरेंद्र बुर्का, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष वेको हुंगा, उइका रवि, तुर्रम वीरभद्रा, सोढ़ी मुरली, उड़ीसा आदिवासी समाज के युवा दोरला समाज अध्यक्ष उइका भीमा, दोरला समाज संभागीय उपाध्यक्ष सुन्नम नागेश, ब्लॉक अध्यक्ष कोंटा आस मुकेश, ब्लॉक उपाध्यक्ष मड़कम मुदराज, मीडियम कामा, कुंजाम हुर्रा, मुर्रम गोपाल, सुन्नम धर्मा, मीडियम भाई, कोरसा सपना, जोन के पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

साहित्य उत्सव में शामिल होंगे बस्तर के साहित्यकार

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जगदलपुर रायपुर में आयोजित होने जा रहे साहित्य उत्सव में बस्तर के साहित्यकार भी सम्मिलित होंगे। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को नई ऊर्जा देने तथा देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों, कलाकारों और पाठकों को एक मंच देने के उद्देश्य से 23, 24,और 25 जनवरी को रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में बस्तर जिले के लगभग 27 साहित्यकारों ने भाग लेने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। नगर के वरिष्ठ साहित्यकार रुद्र नारायण पाणिग्रही ने जानकारी दी है कि रायपुर साहित्य उत्सव का केंद्रीय विचार आदि से अनादि तक है जो भारत की साहित्यिक परंपरा की निरंतरता और विकास को रेखांकित करता है। यह आयोजन अटल नगर नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में होगा जहां छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रायपुर सहित उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को भव्य समारोह के साथ होगा।

बस्तर पंडुम संस्कृति, परंपरा और विरासत को सहेजने का महाकुंभ: किरण देव

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विकासखंड जगदलपुर में बिखरी लोक-संस्कृति की छटा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव हुए शामिल

जगदलपुर बस्तर अंचल की आदिम संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और रीति-रिवाजों को वैश्विक पटल पर लाने के उद्देश्य से जिले के अलग-अलग विकासखंडों में ‘बस्तर पंडुम’ का भव्य आयोजन किया गया। जगदलपुर विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम आसना के बादल अकादमी में हुआ। इस उत्सव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने बस्तर की विरासत को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने भावुक अपील की। उन्होंने कहा- बस्तर की संस्कृति और परंपराओं को बनाने में हमारे पूर्वजों की कई पीढ़ियां लगी हैं। उन्होंने न केवल रीतियों को, बल्कि यहां के प्राकृतिक संसाधनों को भी संरक्षित किया।

देव ने कहा हमारी संस्कृति हमारी पहचान है हमें हमारी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। किरण देव ने कहा कि आज बस्तर पंडुम के माध्यम से हमारे खान-पान और रीति-रिवाज दुनिया के सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने हमें एक ऐसा मंच दिया है, जिससे हमारी पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपनी नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और विरासत से अवगत कराएं। हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी को बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए बधाई एवं साधुवाद। विधायक देव ने बस्तर की विविधता को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां हर 10 किलोमीटर पर बोली, भाषा, रहन-सहन, सभ्यता, पहनावा और संस्कृति बदल जाती है। उन्होंने कहा- पूरे विश्व की नजर आज बस्तर पर है देव ने नक्सलवाद के खात्मे और विकास कार्यों में तेजी की बात करते हुए कहा, अब बस्तर का आदिवासी जंगल में जाने से नहीं डरता। हम तेजी से देवगुड़ियों का निर्माण कर रहे हैं। हमें हिंदी और अंग्रेजी जरूर सीखनी चाहिए, लेकिन अपनी स्थानीय बोली और भाषा को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। बस्तर की हर वनस्पति औषधीय गुणों से भरपूर है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए।अतिथियों का स्वागत परंपरागत रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ देवी-देवताओं के आह्वान के साथ किया गया। पारंपरिक बाजा मोहरी की धुन पर देवी देवताओं का आह्वान किया गया।

आदिवासी संस्कृति और परंपरा का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने छत्तीसगढ़ के बस्तर की सोंधी मिट्टी की महक से रूबरू करा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत आस्था और विश्वास के प्रतीक माई दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना से हुई। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। *बॉक्स**था स्वाद का खजाना भी*आयोजन का आकर्षण केवल नृत्य और संगीत तक सीमित नहीं था, बल्कि बस्तर के जंगलों का दुर्लभ स्वाद भी यहां प्रमुखता से छाया रहा। खान-पान के शौकीनों के लिए यह आयोजन किसी दावत से कम नहीं था। यहां बस्तर के वनों में पाए जाने वाले दुर्लभ कंद-मूलों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई, जिसमें कोचई, तरगारिया, डेंस, कलमल, पीता, सोरेंदा, जिमी और नागर कांदा शामिल थे। इन कंदों ने जहां लोगों को प्रकृति के उपहारों से परिचित कराया, वहीं पारंपरिक व्यंजनों ने भी खूब वाहवाही बटोरी। जोंधरी लाई के लड्डू की मिठास और जोंधरा, मंडिया व पान बोबो जैसे पारंपरिक पकवानों का स्वाद चखकर लोग अभिभूत हो गए। गुड़ बोबो की मिठास के साथ तीखुर बर्फी और भेंडा चटनी ने भोजन प्रेमियों को एक अविस्मरणीय जायका प्रदान किया। इस दौरान राजाराम तोडे़म एवं अरविंद नेताम ने बस्तर पंडुम के संबंध में अपनी बात रखी। इस दौरान बेवरेज अध्यक्ष श्रीनिवास राव, जिला भाजपा अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व विधायक राजाराम तोडे़म, दशरथ कश्यप, पुरुषोत्तम कश्यप, जनपद पंचायत सदस्य, संरपंच एवं समाज प्रमुखों के अलावा एसडीएम ऋषिकेश तिवारी, जनपद पंचायत सीईओ अमित भाटिया व काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

आखिर मारा गया 20 लोगों को घायल करने वाला सुकमा का दहशतगर्द

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पागल कुत्ते के मारे जाने के बाद भी खौफ कायम

अब कटखनी के शिकार हुए मवेशियों और आवारा कुत्तों से डर का माहौल

अर्जुन झा-

जगदलपुर दो दिन तक पूरे शहर को दहशत में डाले रखने वाला दहशतगर्द आखिरकार मारा गया, मगर वह अपने पीछे डर का माहौल छोड़ गया है। शहरवासियों में डर इस बात को लेकर है कि इस दहशतगर्द ने जिन मवेशियों और आवारा कुत्तों को निशाना बनाया होगा, वे यहां के लोगों के लिए और भी बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। यह दहशतगर्द कोई स्थानीय बदमाश, गुंडा तत्व या पाकिस्तान से आया कोई आतंकवादी नहीं, बल्कि एक पागल हो चुका कुत्ता था। इस पागल कुत्ते ने दो दिनों तक बस्तर संभाग के जिला मुख्यालय सुकमा नगर में आतंक का राज कायम कर रखा था। पागल कुत्ते ने करीब 20 लोगो को काट खाया, कुछ लोगों को गंभीर चोट पहुंचाई।

सभी का जिला अस्पताल में उपचार किया गया। वहीं दुसरे दिन नगर पालिका की टीम ने इस दहशतगर्द कुत्ते को राजवाड़ा में पकड़ लिया और पशुधन विभाग की टीम के साथ उचित कार्रवाई की गई। सुकमा नगर के माहेश्वरी पारा में सबसे पहले पागल कुत्ते ने शुक्रवार को टयूशन पढ़ने जा रही एक बच्ची को पीछे से काट लिया, हालांकि जींस पहने रहने के कारण और आसपास लोगों के आ जाने से बच्ची को यह कुत्ता ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाया। उसके बाद उस कुत्ते ने नगर के अलग-अलग इलाकों में करीब 17 लोगों को काट लिया। उधर सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम कुत्ते की खोजबीन में जुट गई, लेकिन रात तक कुत्ते का कोई सुराग नहीं मिल पाया। वही दूसरे दिन फिर से कुत्ते ने 3 लोगों को काट लिया। इनमें से एक बच्ची को कुत्ते ने गंभीर रूप से घायल कर दिया है। उसके बाद नगर पालिका की टीम ने राजवाड़ा में उस कुत्ते को पकड़ लिया। पशुधन विभाग की टीम के साथ् मिलकर उस कुत्ते को मार दिया गया। वहीं सभी घायलों का जिला अस्पताल में ईलाज चल रहा है। डाक्टरों ने बताया कि सभी को एंटी रेबीज के टीके लगाए गए है और सभी ठीक हैं।

अभी दूर नहीं हुआ है खौफ

दो दिनों से पागल कुत्ते ने घूम घूम कर 20 लोगों पर हमला किया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि और भी नगर में ऐसे मवेशी और अवारा कुत्ते होंगे, जिन्हे इस पागल कुत्ते ने काटा होगा। जिसके बाद यह चिंता सता रही है कि कही वो कुत्ते भी पागल ना हो जाएं। ऐसे में नगर पालिका की टीम लगातार इलाके की सर्चिग कर रही है।

13 लाख की नशीली कैप्सूल्स के साथ युवक गिरफ्तार

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नशे के सौदागर पर बस्तर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

एनडीपीएस एक्ट में पहले भी जा चुका है जेल

जगदलपुर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन मेें बस्तर पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों तथा अपराधी तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल ट्रामोडोल स्पास्मो प्रॉक्सीवोन के साथ एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में बोधघाट थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी से करीब 13 लाख रुपए मूल्य की नशीली कैप्सूल्स बरामद की गई है। 17 जनवरी को सुबह थाना बोधघाट को खबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति अवैध नशीली कैप्सूल बिक्री करने के लिए मिशन ग्राउंड स्कूल के पीछे जगदलपुर में मौजूद है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के दिशानिर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक गीतिका साहू के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी बोधघाट लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम बनाकर कार्रवाई के लिए मिशन ग्राउंड स्कूल के पीछे भेजा गया।

आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद सिराज पिता अब्दुल रज्जाक उम्र 29 साल निवासी महादेव घाट शिव मंदिर वार्ड जगदलपुर बताया। उसके कब्जे से 30 पत्तों में कुल 240 नग प्रतिबंधित ट्रामोडोल स्पास्मो प्रॉक्सीवोन नशीली कैप्सूल्स बरामद की गई। इस कैप्सूल का खुदरा मूल्य 12 लाख 86 हजार 400 रूपए है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय एनडीपीएस जगदलपुर में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। आरोपी को पकड़ने में निरीक्षक लीलाधर राठौरउप निरीक्षक लोकेश्वर नाग व प्रमोद ठाकुर, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग व सुनील मनहर, महिला प्रधान आरक्षक वर्षा साहूआरक्षक भैरव सिन्हा, युवराज ठाकुर, रामचंद्र साहू, थानेंद्र सिन्हा, अजीत सरकार का योगदान रहा।

दलपत सागर में चला स्वच्छता अभियान, वन मंत्री केदार कश्यप ने महापौर संजय पाण्डेय और नागरिकों के साथ किया श्रमदान

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बसंत पंचमी 23 जनवरी को होगा दलपत दीपोत्सव

कार्यक्रम की थीम एक दीया- स्वच्छता और एक दीया- वंदे मातरम के नाम

जगदलपुर शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय धरोहर दलपत सागर में नगर निगम द्वारा शनिवार सुबह व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत मंत्री केदार कश्यप ने भी सहभागिता देते हुए नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर संजय पाण्डे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डे, एमआईसी सदस्य, निगम आयुक्त, पूर्व महापौर सफीरा साहू , मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, पार्षद, जनप्रतिनिधि, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर, शहर के गणमान्य नागरिक, पीटीएस के जवान, महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल की एनएसएस छात्राएं समेत मेरा भारत-बस्तर के सदस्य, गेलवे की टीम आदि उपस्थित रहे। सुबह 8 बजे प्रारंभ हुआ यह स्वच्छता अभियान लगातार लगभग 4 घंटे तक चला और दोपहर 12 बजे संपन्न हुआ।

अभियान के दौरान आसपास की सफाई, कचरे का संग्रहण, झाड़ियों एवं जलकुंभी हटाने तथा घाटों के आसपास फैली गंदगी को साफ किया गया। स्वच्छता अभियान की विशेष बात यह रही कि छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अपने हाथों में रापा व तगाड़ी लेकर सफाई में भाग लिया। मंत्री केदार कश्यप ने न केवल श्रमदान किया, बल्कि उपस्थित नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता के लिए प्रेरित भी किया। उनके साथ सभी ने एकजुट होकर दलपत सागर के चारों ओर सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि दलपत सागर जगदलपुर शहर की पहचान है और इसे स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नगर निगम द्वारा लगातार चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान प्रशंसनीय है। जब जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक साथ श्रमदान करते हैं तो समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि हमारी आदत बननी चाहिए। दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को मजबूती मिलती है।

उल्लेखनीय है कि नगर निगम द्वारा पिछले लंबे समय से दलपत सागर के चारों ओर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य दलपत सागर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के साथ-साथ आगामी आयोजनों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है। केदार कश्यप ने कहा कि एक दिया- स्वच्छता के नाम, एक दिया वंदे मातरम के नाम (150वीं जयंती) थीम होगा। गौरतलब है कि आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जिला प्रशासन एवं नगर निगम जगदलपुर द्वारा दलपत सागर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाना है। पिछले चार वर्षों से लगातार दलपत सागर में दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें नागरिकों की सहभागिता बढ़ती जा रही है। इस वर्ष भी 23 जनवरी को दीपोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिसंबर माह से दलपत सागर में विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि दलपत सागर के चारों ओर का एक बड़ा क्षेत्र साफ और सुव्यवस्थित हो गया है।*बॉक्स**मेयर संजय पाण्डेय की अपील*महापौर संजय पांडे ने बताया कि दीपोत्सव के प्रचार-प्रसार एवं जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिदिन दलपत सागर में 101 दीपक प्रज्वलित किए जा रहे हैं। इसमें रोज जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाज प्रमुख, सामाजिक संगठन, संस्थाएं एवं शहरवासी सहभागिता निभा रहे हैं। महापौर ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि 23 जनवरी को आयोजित दलपत दीपोत्सव कार्यक्रम में हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित हों और लाखों दीप प्रज्वलित कर इसे ऐतिहासिक बनाएं। उन्होंने बताया कि “एक दिया स्वच्छता के नाम” तथा “एक दिया वंदे मातरम की 150वीं जयंती के नाम” की थीम पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साथ ही शनिवार एवं रविवार को विशेष रूप से स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान किया जाता है। इस स्वच्छता अभियान के माध्यम से न केवल दलपत सागर का सौंदर्य निखर रहा है, बल्कि जगदलपुर शहर में स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता भी लगातार बढ़ रही है। आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता यह दर्शाती है कि जगदलपुर शहर स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

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