जगदलपुर। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कर्मठ युवा सांसद दीपक बैज को उनके जन्मदिन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव/प्रदेश सह प्रभारी सप्तगिरी शंकर सहित विधायकों, सांसदों, मंत्रियों एवम् राजनेताओं तथा साथी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों ने शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए उनके सुदीर्घ स्वस्थ यशस्वी जीवन की कामना की है।
जगदलपुर। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कर्मठ युवा सांसद दीपक बैज को उनके जन्मदिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए उनके सुदीर्घ स्वस्थ यशस्वी जीवन की कामना की है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में उथल पुथल मचाने वाला एक सवाल अक्सर उभर जाता है। मुख्यमंत्री पद के ढाई ढाई साल के फार्मूले की कहीं कोई जमीनी हलचल न होने के बावजूद इस मुद्दे पर तब तब सवाल खड़ा होता रहता है, जब दिल्ली से कोई कांग्रेसी दिग्गज छत्तीसगढ़ आता है अथवा यहाँ से दिल्ली जाकर कोई वापस आता है। हर बार जवाब मिल जाता है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। मगर यह सवाल पूछने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। अभी सीएम बघेल दिल्ली का दिल जीत कर लौटे तो फिर सवाल दाग दिया गया। उन्होंने भी जवाब दोहरा दिया कि आला कमान ने मुख्यमंत्री बनाया। उसके कहने पर हट जायेंगे। वैसे भूपेश बघेल आधा कार्यकाल गुजार चुके हैं। अगर आधे आधे कार्यकाल का कोई फार्मूला होता तो परिवर्तन के संकेत पहले से ही मिलने लगते। लेकिन ऐसा कुछ है, यह मानने वालों का मन मानने को तैयार ही नहीं होता! कुछ रोज पहले कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया इस सवाल का पूरा जवाब दे गए थे लेकिन अब दिल्ली से लौटने पर सीएम बघेल से फिर वही सवाल! ऐसा लगा कि छत्तीसगढ़ में कार्यकाल के बंटवारे का सवाल फिल्म बाहुबली को लेकर चर्चित सवाल जैसा हो गया है कि बाहुबली को कट्टप्पा ने क्यों मारा! इसका जवाब भी बहुचर्चित है तो कहने की कोई आवश्यकता नहीं। यहां न कोई कट्टप्पा है, न कोई और किरदार। सियासत में बाहुबली को तब तक कोई दिक्कत नहीं होती, जब तक कि वह बलशाली है और उस पर ऊपर वाले की छत्रछाया है। वैसे राजनीति घोर तपस्या की तरह है। तनिक भी ध्यान भंग हुआ तो गड़बड़ हो सकती है। लिहाजा हर पल सतर्क रहना होता है और अपनी स्थिति मजबूत करते रहना पड़ता है।
छत्तीसगढ़ में सत्ता की राजनीति में पंजाब, राजस्थान और मध्यप्रदेश की तरह खुलकर न सही, किंतु चुपके चुपके कुछ कुछ होता रहता है। यहां कांग्रेस एकतरफा बहुमत की सरकार चला रही है तो विपक्ष के पास कुछ करने के लिए नहीं है। वह तो अगले चुनाव की तैयारी ही कर सकता है। यदि विपक्ष मौजूदा समय में टक्कर देने की स्थिति में होता तो कांग्रेस के आला नेतृत्व को यहां से भी आंतरिक खींचतान से उत्पान्न सिरदर्द दूर करने कोई नुस्खा इस्तेमाल करना पड़ सकता था। मगर छत्तीसगढ़ की समझदार जनता ने परिवर्तन करते समय पक्का इंतजाम कर दिया कि सत्ता के किसी भी आंतरिक संघर्ष की स्थिति में जनता की पसंद पर कोई आंच न आने पाए। राजनीति संभावना का खेल है। इसमें कुछ भी असम्भव नहीं। बस अपने लक्ष्य पर एकाग्र चित्त होना पड़ता है। राजनीति महत्वाकांक्षाओं की मंडी है तो बाजार और व्यवसाय जैसे उतार चढ़ाव आते रहते हैं। इनसे बचते हुए मंदी में भी चांदी काट लेने का हुनर जो राजनीतिज्ञ जानता है, वह अपना राजपाट ठाठबाट सलामत रखने में कामयाब रहता है। राजनीति में ऐसे कई उदाहरण हैं। सबसे ताजातरीन बानगी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने पेश की है। कई सारे अपनों के साथ छोड़ देने के बाबजूद चुनाव में शानदार जीत हासिल करना इसी सियासी चतुराई का अद्भुत नमूना है। वहां कांग्रेस का कागज कोरा क्यों रह गया, यह एक अलग मुद्दा है।
छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस की सियासी फसल ऐसी लहलहा रही है कि कीट पतंग का कोई खतरा ही नहीं। तब भी राजनीति में व्यक्तिगत अस्थिरता और स्थिरता पर केन्द्रित रहना जरूरी है। वरना बाप का उत्तराधिकार बेटा छीन लेता है तो कहीं चाचा अपने भतीजे के अरमां आंसुओं में बहा देता है और कहीं गुरु गुड़ और चेला कलाकंद बन जाता है। राजनीति की लीला निराली है। कोई किसी का मीत नहीं। तो, सेफ्टी फर्स्ट! शुक्र है कि यहां ऐसी कोई दिक्कत नहीं है लेकिन वक्त को अपने हाथ में पकड़ कर रखना जरूरी होता है तो छत्तीसगढ़ के मुख्य्मंत्री भूपेश बघेल इस बाबत बेहद संवेदनशील हैं। बिहार, झारखंड, असम में चुनावी ज़िम्मेदारी निभाने के बाद अब उन्होंने देश के सबसे बड़े राज्य में अगले साल होने वाले चुनाव की जिम्मेदारी मांगी है। उनके अनुरोध को अहमियत मिलना तय है। यानी अब तो ढाई ढाई साल का सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर के जिलों में विश्वास, विकास और सुरक्षा के त्रिसूत्रीय फार्मूले को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बस्तर के अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में अपनी सीधी दखल रखने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस मिशन में शुरुआती सफलता मिलने से फोर्स के हौंसले बुलंद हैं। दरअसल इस मुहिम से फोर्स नक्सलियों के कोर इलाके में खास तौर पर अब उनकी टॉप लीडरशिप तक पहुंचने की जुगत में है। इसका सीधा मकसद यह है कि कदम दर कदम बढ़ाते हुए पूरे इलाके में नक्सलियों के आधार को खत्म किया जा सके। इसके लिए दक्षिण, पश्चिम बस्तर के कट्टेकल्याण,भंड़रीमहु,तिरिया के अलावा बासागुड़ा,जगरगुंडा,तररेम, पामेड़,उसूर, धर्मा,चिंतलनार,किश्टाराम के बाद सिलगेर में कैम्प खोल कर नक्सलियों को बैकफुट पर ढकेला है। ये तमाम इलाके कभी नक्सलियों के लिए सुरक्षित शरणस्थली माने जाते थे। निर्धारित रणनीति के तहत एंटी नक्सल ऑपरेशन में जुटी अफसरों की टीमें प्रशासन के दीगर विभागों के साथ मिलकर इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने कैम्पों के साथ पुल, सड़क, आंगनबाड़ी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर फोकस कर रही है। संवेदनशील इलाकों में जितनी तेजी से कैम्प खोले जाएंगे उतनी ही तेजी से पुलिस का सूचना तंत्र भी मजबूत होता है। ऐसा होने से पुलिस को अंदरूनी क्षेत्रों से इनपुट भी आसानी से मिलता हैं। इसके अलावा कैम्पों का एक बड़ा फायदा यह भी है कि फोर्स नक्सलियों के क्रास रूट पर आसानी से नजर रख सकती है। क्रास रूट का इस्तेमाल आमतौर शपर बड़े नक्सलियों द्वारा एक जगह से दूसरी जगह तक आसानी से पहुंचने के लिए किया जाता है। इन रास्तों का इस्तेमाल किसी भी बड़ी वारदात के बाद होता है। इतना ही नहीं क्रास रूट से नक्सलियों की मूवमेंट बेहद आसान हो जाती है। दूरदराज के क्षेत्रों में होने वाली बैठकों में वे काफी कम समय में पहुंच जाते हैं। जिन इलाकों में फोर्स के कैंप खुलते हैं वहां सड़क निर्माण काफी तेज गति से होता है। इसका सीधा असर यह रहता है कि नक्सलियों की मूवमेंट पुलिस की निगरानी में आ जाती है। साथ ही धीरे धीरे नक्सलियों का प्रभाव इन क्षेत्रों में खत्म हो जाता है। बस्तर संभाग में पिछले 20 साल से 140 कैम्प खोले गए हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर कैम्प गुजरे 5-6 साल में ही खुलें हैं।
बालोद – कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के खुलने एवं बंद होने का समय (प्रातः 06 बजे से संध्या 08 बजे) निर्धारित किया गया था किन्तु आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए सामान्य कारोबार के समय में खोलने की अनुमति दी गई |
बीजापुर – थाना उसूर व कैम्प गलगम से सर्चिंग तथा सड़क सुरक्षा अभियान हेतु ष्टक्रक्कस्न 222वीं वाहिनी एवं 196वीं वाहिनी का बल रवाना किया गया था। सायं लगभग 03:30 बजे माओवादी एवं सुरक्षा बल के बीच मुठभेड़ हुई जो लगभग 45 मिनट तक चली। घटनास्थल हेतु अतिरिक्त स्ञ्जस्न एवं ष्टक्रक्कस्न का बल रवाना किया गया है तथा ईलाका में सर्चिंग जारी है। घटनास्थल का निरीक्षण में पाया गया कि उक्त मुठभेड़ में कम से कम 03 से 04 माओवादियों को भी गोली लगने व खून का निशान पाया गया। इस मुठभेड़ में ष्टक्रक्कस्न 196वीं वाहिनी का 01 जवान आरक्षक मिथलेश कुमार के कमर में गोली लगने से घायल हो गया। कोट्टम सोमा, निवासी नड़पल्ली नामक व्यक्ति भी घायल अवस्था में घटनास्थल में मिला। घायल आरक्षक मिथलेश कुमार एवं घायल व्यक्ति कोट्टम सोमा कोघायल जवान को बेहतर ईलाज हेतु जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, वहां से रायपुर ले गये जिसकी स्थिति खतरे से बाहर है। आसपास के ईलाका में लगातार सर्चिंग जारी है।
जगदलपुर। बस्तर संभाग के युवा नेता योगेश पानीग्राही पर भरोसा जताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम व आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष जयवर्धन बिस्सा ने प्रदेश महासचिव व सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। विधानसभा चुनाव पूर्व लोकसभा अध्यक्ष का दायित्व निर्वहन करने पर उन्हें प्रदेश महासचिव का दायित्व दिया गया था जिसके बाद प्रदेश महासचिव के पद के साथ मीडिया सहप्रभारी की जवाबदारी दी गई है।
मोटरसाइकिल क्र .सीजी 17 केपी 5643 से तस्करी करते पकड़े गए, दोनों आरोपी तुसेल परपा क्षेत्र के
आबकारी अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही
नाम आरोपी :-
रुपधर बघेल पिता सोनाधर बघेल निवासी तुसेल
लखेश्वर बघेल पिता तुलसी राम बघेल निवासी तुसेल दोनों थाना परपा जिला बस्तर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में बस्तर पुलिस द्वारा लगातार आपराधिक तत्वों पर कार्यवाही की जा रही है इसी तारतम्य में आज दिनांक 13 जुलाई 2021 को थाना कोतवाली को सूचना प्राप्त हुई की कुछ व्यक्तियों के द्वारा अवैध देसी महुआ शराब का परिवहन ग्रामीण क्षेत्र से जगदलपुर की ओर किया जा रहा है सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में रेड कार्रवाई हेतु टीम गठित कर रवाना किया गया था उक्त टीम के द्वारा कुम्हारपारा क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल सीजी 17 केपी 5643 में दो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर अपना नाम रुपधर बघेल एवं लखेश्वर बघेल निवासी तुसेल परपा क्षेत्र का होना बताएं जिन की तलाशी लेने पर जिनके पास कुल 10 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद किया गया मामले में महुआ शराब रखने के संबंध में दोनों के द्वारा युक्तियुक्त जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया दोनों आरोपियों का कृत्य आबकारी अधिनियम की परिधि में आने से दोनों के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है मामले में दोनों आरोपियों के कब्जे से 10 लीटर देसी महुआ शराब , और मोटरसाइकिल सीजी 17 केडी 5643 को जप्त जब तक कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है !
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी कर्मचारी निरीक्षक – एमन साहू उपनिरीक्षक- बी.पी.जोशी आरक्षक – बबलू ठाकुर, रवि ठाकुर, रवि सरदार
आज छत्तीसगढ़ विधान सभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में सभापति सत्यनारायण शर्मा जी के अध्यक्षता में सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति की बैठक आयोजित की गयी है । विधायक चित्रकोट राजमन बेंजाम, छत्तीसगढ़ विधान सभा की वर्ष 2021-21 के लिए गठित सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति के सदस्य हैं ।
मुख्यतः सार्वजनिक उपक्रमों के कार्य-कलापों पर निगरानी रखना सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का प्रमुख कार्य है ।
सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति विधान सभा की महत्वपूर्ण वित्तीय समिति है । सरकारी उपक्रमों सबंधी समिति के माध्यम से विधायिका राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यकलापों पर निगरानी रखती है । यह समिति प्रमुखतः सरकारी उपक्रमों के लेखे एवं प्रतिवेदनों, भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक तथा सरकारी उपक्रमों की स्वायत्ता और कुशलता की जाँच करती है। सरकारी उपक्रमों पर विधायिका का नियंत्रण रखने तथा मितव्ययिता के साथ जनहित में कार्य संचालित करने के लिए ही सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का गठन किया जाता है ।
छत्तीसगढ़ विधान सभा की वर्तमान सरकारीउपक्रमों संबंधी समिति में सत्यनारायण शर्मा जी समिति के सभापति हैं और विधानसभा के सदस्य धनेन्द्र साहू, मोहन मरकाम, लखेश्वर बघेल, कुलदीप जुनेजा, राजमन बेंजाम, अनिता योगेन्द्र शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, नारायण चंदेल समिति के सदस्य हैं।
बालोद शहर के लोगों ने लिया बढ़-चढ़कर दी अपनी सहभागिता
कोरोना के रोकथाम के उपाय एवं टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए कराई गई रंगोली प्रतियोगिता
आज हमारा बालोद हो यह हमारा छत्तीसगढ़ यह हमारा देश जो नुकसान कोरोना कालखंड में हम लोगों ने देखी है सुनी है आने वाली तीसरी लहर से पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इस उद्देश्य से इस रंगोली प्रतियोगिता को कराया कि हम अपना टीकाकरण कराएं और कोरोना के प्रति सजग रहें और उन सब का प्रयोग करें जिससे हमें कोरोना ना हो और हम सुरक्षित रहेंगे तो हमारा शहर सुरक्षित रहेगा और शहर सुरक्षित रहेगा तो हमारा देश सुरक्षित रहेगा इसी उद्देश्य को लेकर आज भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर मंडल के अध्यक्ष कमलेश वाधवानी के नेतृत्व में शहर में रंगोली प्रतियोगिता कराई गई जिसमें 40 प्रतिभागियों को प्रवेश दिया गया जिसमें प्रवेश निशुल्क था जिसमें प्रथम पुरस्कार 3000 द्वितीय पुरस्कार 1501 एवं तृतीय पुरस्कार 701 रुपया रखा गया था | निर्णायक की भूमिका में संजीव सोनी एवं धीरज शर्मा को रखा गया था निर्णय को कुछ दिन पश्चात एक समारोह में घोषित किया जाएगा |
शहर युवा मोर्चा के अध्यक्ष कमलेश वाधवानी ने बताया कि हम लोगों ने 40 लोगों को प्रतिभागी बनाया था और सुबह 11:00 बजे से ही हम निर्णायक गण के साथ शहर के लगभग वार्डो से आई सूची के हिसाब से उनके घर जाकर उनकी रंगोलियां को निर्णायक गणों ने देखा और यह देखने को मिला कि इस शहर में कोरोना के प्रति जागरूकता को जगाने की आवश्यकता है सभी ने पूरे शहर में इस कार्यक्रम को सराहा गया हम लोगों ने इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम को कराया था कि आने वाली तीसरी लहर से पहले हम अपने शहर बालोद को सुरक्षित कर सके लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक कर सकें इस एक छोटे से प्रयास में मिले शहर के सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं |
आज के इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश मंत्री राकेश यादव,शहर मंडल के अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर,शहर मंडल के कमल पंपलिया,नरेंद्र सोनवानी,अमित चोपड़ा,अजय बाफना सहित भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष संदीप साहू भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर मंडल महामंत्री सुप्रीत शर्मा व राहुल सोनी,युवा मोर्चा के शहर उपाध्यक्ष कमल बजाज युवा मोर्चा के शहर मंत्री जागेश्वर ढीमर, राम नेताम युवा मोर्चा के कोषाध्यक्ष प्रशांत जैन, युवा मोर्चा के मुदित जैन, देवेंद्र यादव ईश्वर ठाकुर, विराट राजपूत, हर्ष योगी समर राजपूत,रूपेश सोनकर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे |