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यह कैसी युक्ति? नई पदास्थापना वाले स्कूल का नाम सुनते ही गश खाकर गिरे शिक्षक

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  •  शहरी स्कूल में नियुक्ति मिली है शिक्षक को, फिर भी गुरेज क्यों?

अर्जुन झा-

जगदलपुर एक ओर जहां शिक्षक शिक्षिकाएं और तमाम सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी शहरों में अपनी तैनाती के लिए तरसते हैं और इसके वास्ते तरह तरह के जतन भी करते हैं, वहीं दूसरी ओर एक मास्साब ऐसे भी हैं, जिन्हें शायद शहरी स्कूल से गुरेज है। ये युक्ति थी या कि खौफ, कि नई पदास्थापना वाले स्कूल का नाम सुनते ही मास्साब गश खाकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत महारानी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत अब ठीक है। मास्साब के गश खाकर गिरने की वजह चाहे कुछ भी हो, मगर युक्तियुक्तकरण का विरोध कर रहे शिक्षक संगठनों और कांग्रेस को विरोध की धार तेज करने का एक और बहाना जरूर मिल गया है।

कहा जा रहा है कि शिक्षा विभाग में जारी युक्तियुक्तकरण के नाम से हो रही पदस्थापना से पूरे राज्य के शिक्षक मानसिक रूप से परेशान हैं। इसका पुरजोर विरोध भी कई शिक्षक संगठन साझा मंच बनाकर कर रहे हैं। उनकी और कांग्रेस की दलील है कि युक्तियुक्तकरण से छत्तीसगढ़ में हजारों स्कूल बंद हो जाएंगे, शिक्षकों के हजारों पद खत्म हो जाएंगे, सरकार शिक्षकों की नई भर्तियां नहीं करना चाहती इसलिए उसने युक्तियुक्तकरण की युक्ति अपनाई है। वहीं पर्दे के पीछेसे जो बातें सामने आ रही हैं उनके मुताबिक इस नई नीति का वही शिक्षक नेता कर रहे हैं, जो वर्षों से अपनी मनचाही शाला में जमे हुए हैं। उन्हें डर है कि युक्तियुक्तकरण के बहाने कहीं उन्हें भी दूर दराज की शालाओं में न भेज दिया जाए। ज्यादातर शिक्षक अपने गृहग्राम के आसपास की शालाओं में ही जमे रहनाचाहते हैं, मगर नई नीति में उनकी युक्ति काम नहीं आ रही है। ऐसा ही एक मामला बस्तर संभाग स्तरीय काउंसलिंग में देखने को मिला। बस्तर हायर सेकंडरी स्कूल कैंपस मेंचल रही काउंसलिंग के दौरान आज 19 जून को एक शिक्षक अपनी नई पदास्थापना वाले स्कूल का नाम सुनते ही बेहोश होकर गिर गए। उन्हें अन्य शिक्षकों द्वारा उठाकर महारानी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां अब इन मास्साब की सेहत ठीक हो चली है। कैरगुड़ा माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ रहे शिक्षक मुकुंद ठाकुर के साथ यह घटना हुई है। उच्च श्रेणी शिक्षक मुकुंद ठाकुर को जगदलपुर के प्रतिष्ठित जगतू माहरा हायर सेकंडरी स्कूल में नई तैनाती दी गई है। जगदलपुर जैसे बस्तर संभाग के सबसे और सुविधा संपन्न शहर से इन मास्साब को गुरेज आखिर क्यों है, इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कोई इसे “युक्ति” बता रहा है, तो कोई कुछ और। वहीं शिक्षकों के बीच चर्चा है कि मुकुंद ठाकुर को अपनी पुरानी शाला से बेदखल किया जाना रास नहीं आ रहा है। वहीं दूसरी ओर यह भी आरोप लग रहे हैं कि काउंसलिंग में किसी भी शिक्षक से न दावा आपत्ति मांगी जा रही है, न ही अधिकारी अपने कर्मचारियों की बात सुन रहे हैं। कर्मचारी विवश हैं नए स्कूलों में जाने के लिए। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के बस्तर विकासखंड के कैरगुड़ा में पदस्थ शिक्षक मुकुंद ठाकुर के कथनानुसार वे अतिशेष ही नहीं हैं, फिर भी उन्हें जबरदस्ती अतिशेष कर दिया गया है। वे पूरे दस्तावेज लेकर भी आए थे। पर संयुक्त संचालक ने उनकी व्यथा नहीं सुनी। वे कर्मचारी संगठनों को भी अपनी परेशानी को बता रहे थे। और काफी परेशान थे। अधिकारी का ऐसे व्यवहार की शिकायत सभी शिक्षक कलेक्टर बस्तर के पास करने वाले हैं। शिक्षकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।इससे शिक्षक बहुत नाराज हैं। युक्तियुक्तकरण का कोई विरोध नहीं कर रहा है। नाराजगी तो युक्तियुक्तकरण में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की तानाशाही से है।

लाल आतंक और लाल पानी दोनों बस्तर के लिए परेशानी का सबब

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  • नक्सली आदिवासियों की जान के दुश्मन और लाल पानी उनकी फसलों एवं मवेशियों के
  • विधायक विक्रम मंडावी इस मसले पर गंभीर, 20 को जाएंगे प्रभावित क्षेत्रों में

अर्जुन झा-

जगदलपुर लाल आतंक और लाल पानी दोनों ही बस्तर के आदिवासियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गए हैं। नक्सली जहां आदिवासियों की जान के दुश्मन बन गए हैं, वहीं लाल पानी उनकी फसलों और मवेशियों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। बैलाडीला स्थित एनएमडीसी की लौह अयस्क खदानों से निकलने वाला लाल पानी नदी नालों को तो प्रदूषित कर ही रहा है, फसलों को भी नुकसान कर रहा है और मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

बैलाडीला स्थित एनएमडीसी की आयरन ओर खदानों से निकलने वाला लाल पानी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के कई गांवों में कहर ढा रहा है। इस जिले के ग्राम पुसनार, हिरोली, करका, दुगाली और डुमीरपालनार इस लाल पानी से कुछ ज्यादा ही प्रभावित हैं। इन सभी गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर एनएमडीसी के बैलाडीला स्थित आयरन ओर खदानों से निकलने वाली लाल मि‌ट्टी से ग्रामीणों को होने वाले नुक़सान की जानकारी देते हुए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना कि गांवों से होकर बहने वाली बेरूदी नदी का पानी एनएमडीसी की आयरन ओर खदान के कारण दूषित हो गया है। इस नदी के पानी के उपयोग से मवेशियों की आकस्मिक मृत्यु हो रही है‌। खेतों की फसलें नष्ट हो रही हैं। इस पानी का उपयोग करने वाले ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि ग्रामवासियों को रहे नुकसान की भरपाई करते हुए मुआवजा राशि प्रदान कराई जाए। साथ ही ग्रामीणों ने विधायक विक्रम मंडावी को ज्ञापन सौंपते हुए यह मांग उठाई कि एकबार लाल पानी प्रभावित क्षेत्र का सर्वे किया जाए। जो नुकसान हो रहा है मुआवजा मिलना चाहिए। एनएमडीसी बचेली में लाल पानी प्रभवित क्षेत्रो के बेरोजगार युवकों को रोजगार दिया जाए। लाल पानी प्रभावित क्षेत्र में एक सर्वसुविधा युक्त अस्पताल खोला जाए और गाय बैल की मृत्यु होने पर उसका भी मुआवजा दिलाया जाए। ग्रामीणों ने कदमपाल डेम जैसा एक डेम डुमरीपालनार में भी बानाने की मांग उठाई। विधायक विक्रम मंडावी ने लाल पानी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के मांगों को सही ठहराते हुए कहा कि सरकार को जल्द से जल्द ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इसके साथ ही विधायक ने कहा कि 20 जून को वे एनएमडीसी की खदानों से निकलने वाले लाल पानी से प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने स्वयं जाएंगे। विक्रम मंडावी ने कहा है कि एनएमडीसी बस्तर की खनिज संपदा का दोहन तो कर रहा है, मगर उसे बस्तर के लोगों के जनमाल की जरा भी परवाह नहीं है। यह बर्दाश्त करने लायक नहीं है। क्षेत्र की जनता के हित में वे हर संभव कदम उठाएंगे।

शहीद महेंद्र कर्मा विवि में अवैधानिक भर्ती का सिलसिला जारी; सरकार आखिर मौन क्यों?

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  •  कुलपति की मनमानी और भर्राशाही दौर जारी

-अर्जुन झा

जगदलपुर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। यहां भर्ती घोटाला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। यूनवर्सिटी में नियुक्तियों में भारी भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद भी लगातार कुलपति की मनमानी जारी है।

अवैधानिक भर्ती में रूरल टेक्नोलॉजी में दुर्गेश डिकसेना का अवैधानिक चयन और मैनेजमेंट में अवैध भर्ती, केंद्रीय विश्वविद्यालय से पीएचडी डिग्रीधारी उच्च शिक्षित आदिवासी महिला अभयरथी को नाट फाउंड सुटेबल करना, जेआरएफ उत्तीर्ण विकलांग महिला को नाट फाउंड सुटेबल करने, ओबीसी सीट में जनरल का चयन करने, आरक्षण रोस्टर में गड़बड़झाला तथा अन्य मुद्दों पर बड़ी अनियमितता उजागर हुई थी। इसी बीच बड़ी जानकारी लगी है कि 15 जून को रविवार के अवकाश के दिन जनप्रतिनिधियों और कुलसचिव की अनुपस्थिति में मात्र अपने मातहत 6 प्रोफेसर सदस्यों को बुलाकर कार्य परिषद की बैठककर ली गई। इस बैठक में 7 असिस्टेंट प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर और 1 प्रोफेसर पद पर गुपचुप नियुक्ति कर दी गई।

 

जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ शिक्षाविद, विधायक, कुलसचिव समेत 16 कार्य परिषद सदस्य अनुपस्थित थे फिर भी लिफाफा खोल दिया गया। विदित हो कि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में कुलसचिव, विधायक सदस्यों, शिक्षाविद सदस्यों सहित कुल 22 सदस्य नामांकित हैं परंतु 15 जून को आयोजित कार्यपरिषद की बैठक में 22 में से 16 सदस्यों में विधायक, शिक्षाविद और कुलसचिव अनुपस्थित थे। इसके बावजूद कुलपति द्वारा मनमानी करते हुए अपने सहित अपने मातहत 5 सदस्यों डॉ. शरद नेमा, डॉ. सपन कोले (इन्हें पूर्व में कार्य परिषद द्वारा परीक्षा कार्य में गोपनीयता भंग करने के आरोप में दंडित किया गया था) डॉ. रानू मेश्राम (इनके पति विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं), डॉ. आरके हिरकने, डॉ. के इंदिरा, और ईश्वर तिवारी ( प्राइवेट कालेज प्रिंसपल) की उपस्थिति में ही लिफाफा खोल दिया गया, जो ये पांच सदस्य उपस्थित थे। उनमें से दो विश्वविद्यालय के ही प्रोफेसर हैं, और तीन सदस्य कालेज के प्रिंसिपल हैं। इस तरह मनमानी पूर्वक जनप्रतिनिधि सदस्यों की अनुपस्थिति में लिफाफा खोलने से कुलपति के मातहतों डॉ. शरद नेमा, डॉ. सपन कोले जिन्हें पूर्व में कार्य परिषद द्वारा परीक्षा कार्य में गोपनीयता भंग करने के आरोप में दंडित किया गया था, ईश्वर तिवारी, डॉ. रानू मेश्राम जिनके पति विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं मात्र की उपस्थिति पर भी संदेहास्पद भूमिका प्रतीत हो रहा है।

कुलसचिव रहे अनुपस्थित

आनन फानन में रविवार अवकाश के दिन बुलाई गई कार्य परिषद की बैठक में नियमित पीएससी चयनित कुलसचिव श्री लालवानी शामिल नहीं हुए। कुलपति द्वारा मनमानी पूर्वक इस बैठक में एक सहायक कुलसचिव देवचरण गावड़े को कुलसचिव का कार्यभार सौंप इस बैठक को अवैधानिक रूप से संपन्न किया गया। इस पर भी संदेहास्पद भूमिका कुलपति की रही है।

34 अभ्यर्थियों को किया अपात्र!

उल्लेखनीय है कि अंग्रेजी विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के 33 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 26 एवं 27 मई लगातार दो दिन लिया गया था, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को मनमानी पूर्वक कुलपति द्वारा नाट फांउड सुटेबल करार दे दिया गया। इसी तरह ऐंथ्रोपोलाजी विषय में 34 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 30 एवं 31 मई को लगातार दो दिन हुआ था। इस इंटरव्यू में उच्च शिक्षित उपाधि प्राप्त अनेक आवेदक शामिल हुए परंतु सभी 34 उच्च शिक्षित आवेदकों को कुलपति मनोज श्रीवास्तव द्वारा भर्राशाही करते हुए सभी को नाट फांउड सुटेबल कर दिया गया। जो कि स्पष्ट रूप से पैसे देने वाले कैंडिडेट नहीं मिलने के कारण सभी 34 उच्च शिक्षित लोगों को नाट फांउड सुटेबल किया जाना प्रमाणित होता है। जिन पदों के लिए पैसा मिला उसमें मेरिट में बहुत पीछे के कैंडिडेट को ले लिया गया, और जिन पदों में पैसे नहीं मिले उसमें 34-34 उच्च शिक्षित उम्मीदवारों के होने के बाऊजूद नाट फांउड सुटेबल कर पोस्ट खाली रखना भारी भरष्टाचार और अनियमितता का सबूत है।

सूची में दो नाम वायरल

चयन सूची में राजनीति विज्ञान विषय में भुवनेश्वर साहू और बायोटेक्नोलॉजी विषय में नीरज वर्मा का नाम चयनित होने की खबर बहुत पहले ही फेसबुक सहित विभिन्न समाचारों और शिकायतों में साक्षात्कार पूर्व ही पैसों का लेनदेन कर चयन फिक्स वायरल हो चुकी थी। और इस चयन सूची में भुवनेश्वर साहू और नीरज वर्मा का नाम होने से भारी भ्रष्टाचार की पुष्टि भी हो रही है।

दावा निकला थोथा

कुलपति ने प्रेसवार्ता में दावा किया था कि 38 वर्ष से ऊपर वाले किसी अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ है,जबकि भुवनेश्वर साहू की आयु 49 वर्ष है। कुलपति मनोज श्रीवास्तव द्वारा बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर दावा किया गया था कि 38 वर्ष के ऊपर आयु के किसी भी उम्मीदवार का चयन नहीं हुआ है। जबकि सच्चाई यह है कि पॉलीटिकल साइंस विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित भुवनेश्वर साहू का जन्म 1977 का है और वर्तमान में इनकी आयु 49 साल की है। भुवनेश्वर साहू के चयन से बिना शुद्धि पत्र और बिना संशोधित विज्ञापन के आयु सीमा शिथिल कर अवैधानिक भर्ती के आरोप भी प्रमाणित हो गया है।

शिक्षाविद सदस्य की अनदेखी

विदित हो कि कार्य परिषद के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी शिक्षाविद सदस्य प्रोफेसर एसके पाण्डेय, पूर्व कुलपति, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को पहले के बैठकों में कुलपति द्वारा आनलाइन जोड़ा जाता था, परंतु पिछली दो बैठकों में प्रोफेसर एसके पाण्डेय की आनलाइन बैठक में जुड़ने की ईच्छा के बावजूद उन्हें बैठक में नहीं जोड़ा गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रोफेसर एसके पाण्डेय दवारा शैक्षणिक भर्ती में हो रही अनियमितता पर सवाल उठाया गया था और वे कार्यपरिषद बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा करना चाह रहे थे, परंतु कुलपति मनोज श्रीवास्तव द्वारा मनमानी पूर्वक कार्यपरिषद के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी सदस्य की अनदेखी की गई।

अनसुनी रह गई शिकायतें

भर्ती घोटाले के खिलाफ भाजपा कांग्रेस के नेताओं ने भी आवाज उठाई, जिसे अनसुना कर दिया गया।

इस सबंध में पूर्व भाजपा विधायक संतोष बाफना, पूर्व भाजपा विधायक राजाराम तोड़ेम, एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजनेश सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला सहित अनेक आवेदकों और विभिन्न लोगों ने भी अप्रैल माह में राज्यपाल, उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन को शिकायत करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित कर दिया था परंतु कुलपति द्वारा तमाम शिकायतों को दरकिनार कर मनमानी पूर्वक अवैधानिक भर्ती को जारी रखते हुए साक्षात्कार कर अवैध तरीके से कार्य परिषद की बैठक कर गुपचुप नियुक्ति कर रहे हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब चूंकि अधिकांश विषयों में कुलपति मनमानी पूर्वक गलत आरक्षण रोस्टर पर भर्ती कर चुके हैं जिसके बचाव हेतु शिक्षा विभाग के पूर्व स्वीकृत व्याख्याता पदनाम के पदों को असिस्टेंट प्रोफेसर पदनाम और वेतनमान पर स्वीकृत कराने एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं ताकि इस स्वीकृति की प्रत्याशा में भर्ती के आरक्षण रोस्टर को सही दिखाया जा सके, परंतु कभी भी किसी भर्ती विज्ञापन में भविष्य में स्वीकृत या संशोधन की प्रत्याशा में ना तो भर्ती विज्ञापन निकाला जाता है और न ही साक्षात्कार कर अवैधानिक भर्ती की जाती है। चूंकि बहुत सारे महिला, विकलांग, आदिवासी उम्मीदवारों और गोल्ड मेडलिस्ट उम्मीदवारों ने विभिन्न फोरममों अनूसूचित जनजाति आयोग, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, कुलाधिपति और समाजिक अधिकारिता मंत्रालय में लिखित नामजद शिकायत की है और लगातार इस भर्ती के भरष्टाचार पर खबरें छप रही हैं। ऐसे में तत्काल प्रशासन और शासन को स्वत: संज्ञान लेकर इसकी उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर जांच करवानी चाहिए। जो संदेही चयनित हुए हैं उन सभी के बैंक खातों सहित कुलपति और इस भर्ती में शामिल सभी चयन समिति के सदस्यों के मोबाइल नंबर के काल डिटेल निकाले जाने चाहिए। 15 जून को हुई कार्य परिषद बैठक में कुलपति के मातहत सदस्य डॉ. शरद नेमा, डॉ. सपन कोले भी मौजूद रहे, जबकि इन्हें पूर्व में कार्य परिषद द्वारा परीक्षा कार्य की गोपनीयता भंग करने के आरोप में दंडित किया गया था एवं अन्य की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

इलेट्रिक सामानों का अभाव, मोमबत्ती जलाकर किया नगर निगम पर प्रदर्शन

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  •  अब निराकरण नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी करेगी निगम घेराव: राजेश चौधरी
  • जनता को सुविधाएं मुहैया कराने में निगम प्रशासन फेल: सुशील मौर्य

जगदलपुर उपकरणों की कमी के चलते स्ट्रीट लाइटें बंद रहने के विरोध में कांग्रेस पार्षदों और पार्टीजनों ने मोमबत्ती जलाकर नगर निगम पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की उपस्थिति में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस पार्षद दल के साथ ही पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि विद्युत सामग्री की कमी के कारण पिछले कई दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और जनता परेशान हो रही है। नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भगत सिंह, वीर सावरकर वार्ड व शिव मंदिर वार्ड के नागरिकों के साथ लालटेन व मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने बताया नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न विद्युत सामग्री की कमी के कारण पिछले कई दिनों से वार्डों की स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इसे लेकर पूर्व में नगर निगम आयुक्त एवं महापौर को ज्ञापन सौंपा गया था, किंतु आज तक जनता से जुड़ी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। नगर निगम प्रशासन यदि शीघ्र कदम नहीं उठाता है, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, नगर निगम सरकार अगर इसका निराकरण जल्द से जल्द नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी पूरे पार्षददल सहित कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ नगर निगम जगदलपुर का घेराव करेंगे।शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा जबसे नगर निगम में भाजपा की सरकार बनी है तबसे शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो गई है। नगर निगम की इस उदासीनता एवं जनहित की उपेक्षा के विरोध स्वरूप प्रवीर वार्ड, विजय वार्ड व शिव मंदिर वार्ड क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर दीप एवं मोमबत्ती जलाकर महापौर एवं निगम प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया गया। इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष नगर निगम कोमल सेना, वरिष्ठ कांग्रेसी गौरनाथ नाग, अतिरिक्त शुक्ला, प्रकाश अग्रवाल, नन्हा दुबे, पार्षद ज़ाहिद हुसैन, गौतम पाणिग्रही, शुभम यदु, आभास महंती, जस्टिन भवानी, लोकेश चौधरी, सुषमा सुता, निकेत झा, असीम सुता, अजय बिसाई, अनुराग महतो, विजेंद्र ठाकुर, ईश्वर बघेल, ज्योति राव, एस नीला, मनीता राऊत, दुर्योधन कश्यप आदि मौजूद रहे।

विश्वकर्मा समाज द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का किया गया सम्मान

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दिनांक 17/6/25/ दिन मंगलवार को डौडी ब्लाक के दल्ली राजहरा परिक्षेत्र में विश्वकर्मा भवन में संध्या कालिन बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन रखा गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में दल्ली राजहरा नगर पालिका अध्यक्ष तोरन लाल साहू जी रहे, साथ में नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष पिंटू दुबे जी एवं साथ में नगर पालिका परिषद से एवं भाजपा मंडल से भुपेंद्र श्रीवास जी,  सुरेन्द्र बेहरा जी, महेन्द्र सिंग जी उपस्थित रहे। सम्मान समारोह के साथ साथ ज्ञापन सौंपा गया जिसमें विश्वकर्मा मंदिर का जिर्णोधार के लिए एवं  विश्वकर्मा भवन का विस्तारीकरण,नल कनेक्शन, शौचालय, बाउंड्री वॉल के लिए ज्ञापन सौंपा गया।

इस कार्यक्रम में डौडी ब्लाक के अध्यक्ष एवं दल्ली परिक्षेत्र सचिव राजकुमार विश्वकर्मा, दल्ली परिक्षेत्रिय अध्यक्ष बिसौहा राम विश्वकर्मा जी, उपाध्यक्ष  विश्वकर्मा जी, कोषाध्यक्ष उमेश विश्वकर्मा जी,सह सचिव हेम लाल जी, महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती जानकी बाई, श्रीमती शारदा बाई , एवं सभी महिला सदस्य शामिल रहे, एवं समाज सेवक हरिश कुमार विश्वकर्मा, कार्यकारिणी सदस्य से श्री लतखोर विश्वकर्मा,श्री राधे श्याम विश्वकर्मा, श्री जिधन विश्वकर्मा,धनेश , रंजीत,महेश,निरंजन,कुमान, रमेश,रुपसिग, एवं समाज के सभी सदस्य शामिल रहे।

मुख्यमंत्री के विभाग में ही अवैध वसूली; बालोद जिले के फील्ड ऑफिसर भूपेंद्र देशमुख पर लगा उगाही का आरोप

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  • शराब दुकानों के सेल्समैन से उगाही का आरोप
  • गुरुर के सेल्समैन ने जिला आबकारी अधिकारी से की शिकायत 

बालोद जो आबकारी विभाग मुख्यमंत्री के पास है, उसी विभाग में शराब दुकानों के सेल्समैन से हर माह अवैध उगाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।ऐसे में सेल्समैन शराब में मिलावट का काम तो करेंगे ही। ऎसी ही एक शिकायत गुरुर की शराब दुकान से सामने आई है, जहां के सेल्समैन ने मामले को जिला प्रबंधक तक पहुंचा दिया है। उगाही के आरोप कंपनी के प्रदीप सिंह और फील्ड ऑफिसर पर लगे हैं।

बालोद जिले का अबकारी विभाग हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। बहुत पहले से ही शराब दुकानों के सेल्समैन से हर माह अवैध वसूली करने का आरोप लग रहा है, लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है। आबकारी विभाग मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास है। कंपनी के कुछ कर्मचारी मुख्यमंत्री की छवि खराब करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। ऊपर से विभाग के अधिकारी भी मौन साधे बैठे हैं। पिछले कुछ दिनों से कंपनी के प्रदीप सिंह और बालोद जिले के फील्ड आफिसर द्वारा कर्मचारियों से अवैध वसूली करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लेकिन कोई कार्रवाई क्यो नही की जा रही है यह संदेश का विषय है। बालोद जिले के गुरुर देशी कम्पोजिट शराब दुकान के सेल्समैन रोहित सिन्हा ने लिखत में बालोद जिला आबकारी अधिकारी के पास शिकायत की है। शिकायत में रोहित ने कहा है कि शराब दुकान में भूपेंद्र देशमुख आया और कहने लगा कि तुम्हें अपनी नौकरी बचानी है और आगे नौकरी करनी है तो मुझे एक लाख रुपए दे नही तो तुम्हें नौकरी से निकल दिया जाएगा। ऐसी करतूत बालोद जिले में चल रही है और विष्णुदेव सरकार का नाम खराब हो रहा है। अब देखना यह है कि रोहित सिन्हा की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है?

सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्था छुपाने सरकार मीडिया को कर रही है बैन: दीपक बैज

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  • अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का विरोध 

जगदलपुर सरकारी अस्पतालों में मीडिया को प्रतिबंधित करने की खबरों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार के आने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो चुकी है। साय सरकार ने अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के बजाय सभी बड़े अस्पतालों में मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा दिया है। मीडिया कर्मी अस्पताल में भर्ती मरीजों की फोटो नहीं खीच पाएंगे। अव्यवस्था का जायजा नहीं ले पाएंगे, यह तानाशाही है। भाजपा सरकार मरीजों को इलाज दे पाने में असफल साबित हो रही है। अंबेडकर अस्पताल रायपुर अव्यवस्थाओं का केंद्र बन चुका है। अस्पताल में मरीजों को इलाज के नाम पर परेशान किया जाता है। करोड़ों की मशीनें बंद पड़ी हैं, मरीजों को छोटे-छोटे टेस्ट के लिए भटकना पड़ता है। कमोबेश पूरे प्रदेश में यही हालात हैं।

दीपक बैज ने कहा है कि प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में दवाएं, डॉक्टरों और जांच के लिए दुर्व्यवस्था सुधारने के बजाय अस्पताल की अव्यवस्था की खबरों को दबाना चाहती है भाजपा सरकार। इस सरकार को लोगों के स्वास्थ्य की चिंता जरा भी नहीं है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ अवैध शराब का केंद्र बन चुका है। पान ठेलों, किराना दुकानों में शराब बिक रही है। साय सरकार गली, मोहल्लों में शराब बिकवा रही, अवैध होलोग्राम लगाकर प्रदेश भर के शराब दुकानों में शराब बेची जा रही। विपक्ष में रहकर पूर्ण शराबबंदी की बात करने वाले भाजपा नेता शराब की काली कमाई में लगे हैं। दीपक बैज ने कहा कि शराबबंदी को लेकर पांच सालों तक हल्ला मचाने वाले भाजपाई बताएं कि शराबबंदी कब होगी? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार द्वारा लगातार शराबखोरी को संरक्षण देने वाले निर्णयों से प्रमाणित है कि भाजपा का शराबबंदी के लिए प्रदर्शन केवल राजनैतिक पाखंड था। साय सरकार का शराब प्रेम मनपसंद ऐप और 67 नई शराब दुकानें खोलने के निर्णय से स्पष्ट है। भाजपा नेताओं का फोकस केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर है और इसके लिए प्रदेश की नशे में डुबोने का षडयंत्र रचा जा रहा है।

बस्तर में आदिवासी असुरक्षित

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार दावा करती है कि उसने बस्तर में नक्सलवाद पर नियंत्रण कर लिया है लेकिन बस्तर में आदिवासी आज भी असुरक्षित है। बीजापुर में नक्सलियों ने 3 आदिवासियों की हत्या कर दी। कुछ लोगों को अगवा भी किए जाने की खबर है। सरकार बस्तर के आदिवासियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रही है। बस्तर में एकबार फिर से आम आदिवासी नक्सली और सुरक्षाबलों के पाटों के बीच पीसा जा रहा है। दीपक बैज ने कहा कि रायगढ़ में बंदूक दिखाकर जमीन कब्जा, राजनांदगांव सहित प्रदेश में रेत माफिया का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।सत्तारूढ़ दल के नेता खनन माफिया को संरक्षण दे रहे हैं।

युक्तिकरन के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस ने किया बीईओ कार्यालय का घेराव

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  •  बकावंड व करपावंड ब्लॉक कांग्रेस का प्रदर्शन 
  • बंद हो जाएंगे बकावंड ब्लॉक के 55 स्कूल

बकावंड युक्तियुक्तकरण को शिक्षा विरोधीएवं रोजगार विरोधी कदम बताते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बकावंड करपावंड द्वारा यहां आज बीईओ कार्यालय का घेराव किया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार जिले में 373 स्कूल बंद कर रही है। यह शिक्षा व्यवस्था पर कुठारघात है। प्रदेश में 10463 स्कूल एवं बस्तर संभाग में 1163 और बकावंड ब्लॉक में 55 स्कूल बंद करने की तैयारी है। बकावंड और करपावंड ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों ने कहा कि भाजपा चुनाव के दौरान, 57 हजार शिक्षकों के पद भरने का वादा कर सत्ता में आई थी। युक्तियुक्तकरण की रोजगार विरोधी नीति से शिक्षकों के 45 हजार पद समाप्त हो जाएंगे।

भाजपा सरकार डबल इंजन सरकार का सपना दिखा कर और बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा कर और स्थानीय भर्ती को चुनावी शिगूफा बनाकर सरकार मे आई और अब युक्तियुक्तकरण के नाम से रोजगार समाप्त करने का घिनौनी खेल खेलने लगी है। इससे स्कूलों में भृत्य, हजारों रसोइया, स्वीपर, मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाओं के सामने जीवन यापन का संकट पैदा हो जाएगा। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा की गुणवत्ता कमी आएगी। शिक्षकों को इधर उधर करके परेशान करने का काम भाजपा सरकार कर रही है। जहां अच्छे शिक्षक हैं वहां के बच्चे भी अपने अच्छे शिक्षक से दूर होंगे और पढ़ाई से वंचित हो जाएंगे। इस दौरान ब्लॉक के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बस्तर जिले के 377 गांव होंगे लाभान्वित: बस्तर सांसद महेश कश्यप

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  •  आदिवासी अंचल के गांवों को अभियान से मिलेगा विकास का नया आयाम 

जगदलपुर श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउनहॉल, जगदलपुर में आज आयोजित भगवान बिरसा मुंडा आदि आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जनजागरूकता शिविर में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर जिले के 377 जनजातीय बहुल गांवों को इस अभियान से समग्र विकास की दिशा में लाभान्वित किया जाएगा।

सांसद कश्यप ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय समुदायों के आर्थिक उत्थान, आधारभूत ढांचे के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण, महिला और युवा सशक्तिकरण, सतत कृषि और जल प्रबंधन को सुदृढ़ करना है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिविरों में सक्रिय उपस्थिति देकर योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं और वंचितों को योजनाओं का लाभ दिलाएं। श्री कश्यप ने कहा- हम सबको मिलकर आदिवासी अंचलों के सतत विकास हेतु समर्पित भाव से कार्य करना है ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों में कलस्टर स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन कर 25 विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं से जनजातीय परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। यह पहल आदिवासी अंचलों को समावेशी और सतत विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी ,कलेक्टर हरीश एस, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडेय, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम तोड़ेम, जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप, विद्याशरण तिवारी, नरसिंग राव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं समस्त विभागों के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने रेत माफिया के खिलाफ खोला मोर्चा

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  •  चाकूबाजी में घायल युवक से मिलने पहुंचे दीपक बैज

धमतरी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश में सक्रिय रेत माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।उन्होंने आज धमतरी जिले का दौरा किया। दीपक बैज धमतरी के लीलर रेतघाट में हुई चाकूबाजी की घटना में घायल युवक ललित ध्रुव से अस्पताल में जाकर मुलाकात की।

मुखबिरी के शक में रेत माफिया और उसके लोगों द्वारा अपने ही क्रेन ऑपरेटर ललित ध्रुव पर हमला किया गया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज लगातार प्रदेश में दौरा कर रेत माफिया के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और उनके बहाने सरकार पर वे जमकर हमले भी कर रहे हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने घायल आदिवासी युवक ललित ध्रुव के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उसे भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उसके और उसके परिवार के साथ खड़ी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर गरीब को पक्की छत उपलब्ध कराने का दम भरते नहीं थक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में गरीबों को बेघरबार किया जा रहा है, गरीबों पर रेत माफिया जुल्म कर रहे हैं।दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज चल रहा है। रेत माफिया कहीं गोली चला रहे हैं, कहीं पत्रकारों को पीट रहे हैं, कहीं विरोध करने वाले को खंभे से बांधकर मारपीट कर रहे हैं, तो कहीं पुलिस जवान की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या कर देते हैं। धमतरी में रेत माफियाने चाकूबाजी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी किया, लेकिन आरोपी बड़े ही रहस्यमय ढंग से आरोपी थाना से फरार हो गया। रेत माफिया बेलगाम हो चुका है, सरकार का कोई अंकुश नहीं है। ज्ञात हो कि दो दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज राजनांदगांव भी गए थे, जहां भाजपा से जुड़े रेत माफिया के लोगों ने राजनांदगांव नगर निगम के ग्रामीण वार्ड मोहड़ के ग्रामीणों पर शिवनाथ नदी के मोहरा घाट पर फायरिंग और मारपीट की थी। मोहड़ में श्री बैज ने वार्ड वासियों और घायलों से मुलाकात की थी। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री धनेश पटिला और राजनांदगांव शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा भी थे। चर्चा है कि दीपक बैज जल्द ही बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बनियागांव और तारापुर भी पहुंचेंगे, जहां ओड़िशा के रेत माफिया आतंक मचाए हुए हैं।

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