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पंडरदल्ली के माँ काली मंदिर में महाविशेष शान्ति यज्ञ का आयोजन

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दल्ली राजहरा के पंडर दल्ली के स्थानीय माँ काली मंदिर में दिनांक 22 जनवरी को कलकत्ता से आये हुए प्रकाण्ड पण्डितों के द्वारा दल्लीराजहरा नगर की शांति एवम स्थानीय श्रद्धालुओं के लिये एक दिवसीय महाविशेष शान्ति यज्ञ आयोजित की गई जिसमें नवग्रह पूजा के साथ-साथ विष्णु पूजा, शिव पूजा, दुर्गा पूजा व जाप, चंडी पूजा, राधाकृष्ण पूजा,राम पूजा,हनुमान पूजा और मधुसूदन पूजा सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक की गई ।इस महाविशेष पूजा के कार्यक्रम को सफल बनाने में सपन चक्रवती, मदन माइती, सतीश गुप्ता, बादल तिवारी, घनश्याम परेरा ,मेवा पटेल एस के मस्की , वी पी अनिल बी एम एस के सदस्य और काली मंदिर के पुजारी का विशेष योगदान रहा।

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एनएसपी के निजीकरण विरोध में पंच – सरपंचों के तेवर आक्रामक

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  • नगरनार इस्पात संयंत्र के गेट -1 के सामने 27 को होगा आंदोलन
  • संयुक्त पंचायत जन संघर्ष समिति के बैनर तले निजीकरण के खिलाफ खोला मोर्चा

नगरनार एनएमडीसी द्वारा स्थापित नगरनार स्टील प्लांट ( एनएसपी ) के निजीकरण के खिलाफ जगदलपुर विकासखंड के पंच – सरपंचों और ग्रामीण अब आक्रामक तेवर अपनाते नजर आ रहे हैं। एनएसपी को निजी हाथों में जाने से बचाने के लिए संयुक्त पंचायत जन संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति के बैनर तले 27 जनवरी को प्लांट के गेट पर धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्लांट बंद रखवाने की भी तैयारी कर ली है।राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) द्वारा नगरनार में करीब 147 हेक्टेयर जमीन पर स्टील प्लांट की स्थापना की गई है।

जिस जमीन पर प्लांट स्थापित किया गया है, वह जमीन नगरनार, उपनपाल, कस्तूरी, धनपूंजी, बम्हनी, माड़पाल, तिरिया आदि ग्राम पंचायतों के आदिवासी किसानों की तथा शासकीय है। जमीन का अधिग्रहण छग शासन द्वारा किया जाकर उसे जिला उद्योग केंद्र जगदलपुर के हवाले किया गया था। बाद में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार पर दबाव डालकर पूरी जमीन एनएमडीसी को 99 साल की लीज पर दिलवा दी। नगरनार के सरपंच लेखन बघेल, उपनपाल की सरपंच कामनी नागेश, बम्हनी की सरपंच यशोदा साहनी तथा धनपूंजी, माड़पाल, तिरिया, कस्तूरी आदि ग्राम पंचायतों के पंच, सरपंचों और ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन का स्वामित्व परिवर्तन एनएमडीसी के नाम पर करा दिया है। इससे बस्तर का बड़ा अहित होगा, स्थानीय युवाओं के रोजगार पाने की उम्मीद पर पानी फिर जाएगा तथा आदिवासियों का हक छिन जाएगा। नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के प्रयासों का पुरजोर विरोध करने तथा इसके लिए किसी भी स्तर तक जाने का संकल्प पंच, सरपंचों और ग्रामीणों ने ले लिया है। उक्त सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 27 जनवरी को सुबह 6 बजे से नगरनार स्टील प्लांट के गेट नंबर -1 के सामने धरना देने, प्रदर्शन करने एवं प्लांट का कामकाज बंद करवाने की सूचना दी है। सरपंचों ने कहा है कि केंद्र सरकार ट्रांजेक्शन एडवाइजर एसबीआई कैपिटल मार्केट लिमि. के माध्यम से रूचि की अभिव्यक्ति के लिए अनुरोध के तहत नगरनार इस्पात संयंत्र में सामरिक विनिवेश की प्रक्रिया अपनाकर संयंत्र का निजीकरण करना चाहती है। सरपंचों ने विनिवेश की प्रक्रिया को रद्द करने तथा नगरनार स्टील प्लांट को निजीकरण वाली कंपनियों की सूची से अलग रखने की मांग की है। सरपंचों ने निजीकरण न रोकने पर आंदोलन का विस्तार करने की चेतावनी भी दे दी है।

विश्व बालिका दिवस के दिन विधायक चंदन कश्यप ने बनियागांव व सोनारपाल के बालिकाओं को साइकिल वितरण किया

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भानपुुरी – छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने ग्राम पंचायत बेनूर में सरस्वती साईकल योजना कार्यक्रम में शामिल होकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनियागांव व सोनारपाल के स्कूल के 65 बालिकाओं को साईकिल वितरण कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की विधायक ने इस अवसर पर कहा कि पहले ग्रामीण अंचल की बहुत सी लड़कियां स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाती थी, परंतु शासन की योजना से अब बालिकाओं को दूरी की समस्या नहीं रह गई है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समुचित शिक्षा के साथ साथ अन्य जरूरी कदम उठाने एवं कोई भी समस्या होने पर सीधे संपर्क करने को कहा,साथ ही उन्होंने शिक्षकों को भी प्रोत्साहित किया।इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि सालिक बघेल, सांसद प्रतिनिधि श्याम दीवान सरपंच बनियागांव लुदरु राम,सरपंच सोनारपाल श्याम कुमारी ध्रुव , गोलचंद नायक ,रामसुख गुप्ता, विजय कुमार जोशी,उमेश जोशी,संजय देवागंन प्राचार्य  एवं शिक्षक शिक्षिका व स्कूल के छात्र-छात्राओं एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शासकीय महाविद्यालय भानपुरी के विद्यार्थियों ने वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का किया आयोजन

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भानपुरी – शासकीय महाविद्यालय भानपुरी परिसर में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसके मुख्य अतिथि नारायणपुर विधायक व छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष चंदन कश्यप और जनपद सदस्य निलय कश्यप की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ। सर्व प्रथम मां सरस्वती के छायाचित्र पर पूजा अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यकम का शुभारभ किया।इस मौके पर कलाकारों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली, पंजाबी और राजस्थानी छत्तीसगढ़ी,हल्बी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं।और मुख्य अतिथि के हाथो से खेल के विभिन्न विधाओं में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चो को मेडल और प्रमाण पत्र दे कर समान किया।इस दौरान विधायक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ढाणी से मजदूर किसान परिवारों के छात्रा पढ़ने आती हैं और वह सिर्फ पढ़ाई करें और आगे बढ़ने के लिए उच्च पदों पर जाने के लिए शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है। जिससे मंजिल हासिल की जा सकती है, साथ ही कालेज प्रशासन को भी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इस पर काम करना चाहिए।जनपद सदस्य निलय कश्यप ने छात्राओं को संबोधित कहा छात्रों को समय की कीमत को समझना चाहिए, जिसने भी समय की कीमत को समझा उसने जीवन हमेशा सफलता प्राप्त की। और गुरु की उपलब्धि तब होती है जब गुरु का शिष्य जीवन में बहुत बड़ी उपलब्धि के साथ सफल होता है। गुरु के दिखाए गए सदमार्ग और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद है।इस दौरान सांसद प्रतिनिधि श्याम दीवान,विधायक प्रतिनिधि सालिक बघेल,अचल बाजपाई,जया ध्रुव,अनिल बघेल,उमेश जोशी,एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष धर्मा पाढ़ी,प्रदेश उपाध्यक्ष भुनेश्वर बघेल,उपाध्यक्ष ओमकार यादव,साहिल पांडे, हिमांशु पांडे,मयूर नायक, प्रवीन नाग विक्की कश्यप,फगनु कश्यप, महाविद्यालय के प्राचार्य एस के वासनीकर,आशीष गुप्ता,आशीष मिश्रा,सुनील नाग, संतोष साहू , लक्ष्मेंद्र सोनवानी, फार्मेंद्र साहू, आकांक्षा तिवारी, वर्षा साहू, प्रियंका मिश्रा, एमआर कड़ियांम, नरेश यादव अन्य उपस्थित थे ।

डौंडी तहसील साहू समाज का शपथ ग्रहण साहू भवन डौंडी में संपन्न हुआ

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डौंडी :- डौंडी तहसील साहू समाज  का शपथ ग्रहण आज डोंडी साहू भवन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  प्रदेश साहू संघ अध्यक्ष टहल सिंह साहू ने की। विशिष्ट अतिथियों में राजेंद्र साहू हलधर साहू ,पवन साहू प्रदेश सलाहकार, सोमनी साहू, रेखु राम, गजेंद्र साहू ,द्रोपति साहू, अंजनी साहू ,पंच बाई साह थे। स्वागत पश्चात जिला के नवनिर्वाचित पदाधिकारी तहसील अध्यक्ष सोमेश साहू, उपाध्यक्ष दीनदयाल साहू,  ने अपने  टीम के साथ शपथ ली। उदबोधन में मंत्री टहल  साहू ने सोमेश साहू और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने समाज को संगठित कर समाजहित में कार्य किया। नये पदाधिकारियों को जो अवसर मिला है उसे निभाना होगा।

व्यक्ति के जीवन में एक अवसर जरूर मिलता है। जिसका सदुपयोग करना चाहिए। नये टीम से आग्रह है कि समाज हित में कार्य करे। सहज और सरल रहे। जो पदाधिकारी जितना झुकेगा, उतना आगे बढ़ेगा। 
राजेंद्र  साहू ने कहा कि न्याय प्रणाली को लेकर कहीं भी विध्वंस न हो इस बात का ख्याल रखें। दंड को क्षमता के अनुरूप ही ले। न्याय प्रणाली में सुधार होगा तो, लोग स्वमेव आर्थिक सहयोग के लिए आगे आयेंगे। समाज का हर व्यक्ति दिन में एक बार साथ में भोजन जरूर करे। जिससे समाज संस्कारिक होगा। अध्यक्ष सोमेश साहू ने कहा कि नये टीम द्वारा दानवीर भामाशाह कोश की स्थापना की जा रही है। उसके लिए बधाई हो। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मदद मिलेगी। यह प्रतिष्ठित तहसील है। समाज का नजर इस तहसील में रहता है। विपरीत दिशा में जाने वाला का ध्यान रखें। टहल साहू ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि विश्वास है कि आप जो शपथ लिये हैं उसके अनुरूप कार्य करेंगे। समाज के संस्कृति को आगे बढ़ाना है। साहू समाज एक विचारधारा है। 

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द्रोपति साहू,अंजना साहू, ने कहा कि यह संकल्प ही नहीं, संकल्प में कैसे खरा उतरना है देखना है। पूर्व में तहसील में जो कार्यकाल रहा वह सराहनीय रहा। संगठन बनाना आसान है लेकिन उसे संगठित रखना मुश्किल है पंच बाई साहू ने कहा कि मां कर्मा से प्रार्थना है कि समाज के सभी घरों में समृद्धि आए। पद के गरिमा को बनाए रखे। जिसे लोग याद रखे। नवनिर्वाचित तहसील उपाध्यक्ष दीनदयाल साहू ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। जिससे हम समाज को अलग मुकाम पर ले जायेंगे। वरिष्ठजनों का सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन मदन साहू ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साहू समाज के भुखऊ राम साहू सहदेव साहू शिवा दास तखत राम सहदेव राम चेतराम डोमन प्यारेलाल रामभरोसा इंदल दीपचंद प्रदीप गोपाल साहू महेंद्र साहू भगत महिलाओं में प्रमुख रूप से मिथलेश्वरी कैलाशा बाई लीलावती अंजली बाई दुखियारी साहू आदि शामिल थे।

मुख्यमंत्री जी के जगदलपुर प्रवास के मद्देनजर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने लिया विभिन्न स्थानों का जायजा

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बस्तर सांसद दीपक बैज जी के साथ छात्रावासी छात्र सम्मेलन स्थल धरमपुरा का अवलोकन किय कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों के साथ ग्रामीण औधोगिक पार्क तुरेनार का निरीक्षण कर कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त कलामनी पार्क में नव निर्मित पक्षी विहार का वन विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर आधिकारियों को सभी तैयारियां पूर्ण रखने के आवश्यक निर्देश दि अमर वाटिका एवं आमागुडा चौक के सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र को इतनी सौगात देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी का आभार व्यक्त करते हैं संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र को पहले भी विभिन्न सौगात प्रदान की है और इस दौरे में भी ग्रामीण औद्योगिक पार्क तुरेनार ,पक्षी विहार,अमर वाटिका,आमागुडा चौक का सौंदर्यीकरण एवं कौशल उन्नयन केंद्र की सौगात मिली है उन्होंने कहा की महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार कर रही है हमारी भूपेश बघेल जी की सरकार ,तुरेनार में बनने वाले छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े औद्योगिक पार्क हजारों ग्रामीण युवक युवतियों को आजिविका के साधन उपलब्ध कराने के साथ ही साथ उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में सहायक सिद्ध होगा

इस अवसर पर सांसद दीपक बैज, विधायक जगदलपुर के साथ कलेक्टर चंदन कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे , अनुविभागीय अधिकारी नंद कुमार चौबे , सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग आस्था राजपूत मनोनीत पार्षद सुरेन्द्र झा, राजीव गांधी युवा मितान क्लब के जिला संयोजक सुशील मौर्य,शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग हेमू उपाध्याय विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, इंटक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विजय सिंह जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह भदौरिया , सांसद सोशल मीडिया प्रतिनिधि अनुराग महतो,एन एस यू आइ अध्यक्ष नीलम कश्यप उपस्थित रहे

अनियंत्रित होकर खंभे में जा टकराई स्कूली बच्चों का वाहन 6 बच्चों को मामूली चोट आई

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बालोद :- डौडीलोहारा थाना क्षेत्र के अंडी चौक पर बच्चो से भरी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा हैं की एक हाइवा राजनांदगांव की तरफ जा रही थी, वहीं दूसरी ओर से बोलेरो मैक्स वाहन आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाले 12 बच्चों को लेकर आ रही थी। तभी अचानक अंडी चौक मोड़ के बाद दोनों ही गाड़ी अनियंत्रित हो गई। इसके बाद एक खंभे से जा टकराई। गनीमत है कि बड़ा हादसा टल गया। इस हादसे में छह बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के पश्चात पुलिस मौके पर पहुंच कर। फिलहाल पुलिस इस घटना की जांच एवम कार्यवाही में जुट गई है।

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प्रभावितों के नाम पर अपना उल्लू सीधा करने में लगे बीएसपी प्रबंधन के कुछ अधिकारी, भारतीय मजदूर संघ

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भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद और खदान मजदूर संघ भिलाई के सचिव लखनलाल चौधरी ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज भारतीय मजदूर संघ ने मुख्य महाप्रबंधक (खदान एवं रावघाट)आई.ओ.सी. राजहरा भिलाई इस्पात संयंत्र को ज्ञापन सौंपकर Provision of Assistant at Boirdih Pump House, DMM के नाम से निकाले गए ठेका में “पिक एण्ड चूज” पद्धति अपनाते हुए चिन्हीत श्रमिकों को निविदा कार्य में समाहित करने हेतु क्लॉज 3.14 को डालने का विरोध एवं उक्त क्लॉज को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करने को कहा है। दोनों नेताओ ने बताया कि उल्लेखित कार्य को राजहरा खदान समूह प्रबंधन ने पम्प हाऊस बोईरडीह में कार्य हेतु मैनपावर का एक ठेका निकाला हुआ है। उक्त ठेके में प्रबंधन ने कार्य हेतु 07 श्रमिकों को रखने की शर्त रखी है। किन्तु उक्त निविदा के क्लॉज 3.14 के माध्यम से ठेकेदार को उक्त कार्य हेतु श्रमिकों को रखने की छूट नहीं दी गई है। जिस पर संघ के नेताओं ने अपना विरोध दर्ज किया है और कहा है कि उक्त निविदा के नियम और शर्त पढ़ने के बाद कई सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब राजहरा खदान समूह प्रबंधन से मिलना अनिवार्य है। जैसे कि निविदा के शर्तों में इस बात का उल्लेख करना कि उक्त ठेका कार्य में चिन्हित व्यक्ति ही कार्य करेंगे। ठेका पद्धति के नियमों का ही विरोधाभास है। साथ ही संघ इस बात का विरोध नहीं करता है कि प्रभावितों को कार्य पर रखा जावे किन्तु प्रभावितों में राजहरा के युवा बेरोजगार भी आते हैं। इनके पास न तो अपनी जमीन है और न ही अपना मकान है तो सिर्फ राजहरा खदान के खनन से होने वाले प्रदूषणका दुष्प्रभाव है। उसके बाद भी राजहरा के लोगों बीएसपी प्रबंधन प्रभावितों की श्रेणी में रखने से इंकार करतीं हैं जो समझ से परे है। संघ का मानना है कि लालपानी से प्रभावितों को भी रेल्वे प्रभावितों की तरह बी.एस.पी. में नियमित कार्य पर रखा जावे।

जिससे उनके साथ बीएसपी प्रबंधन द्वारा जो दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है उस विराम लग सकें। संघ के नेताओं ने कहा कि अगर चिन्हित श्रमिकों को ही कार्य पर रखा जाना है तो बी.एस. पी. को ठेका निकालने की आवश्यकता ही क्यों है? वह चिन्हित श्रमिकों को ही कार्य पर सीधे रख सकती है। क्योंकि जब उल्लेखित कार्य में ठेकेदार को किसी भी श्रमिकों की भर्ती काअधिकार ही नहीं है तो फिर इस ठेका का कोई औचित्य हीं नहीं है। और ठेके की शर्तों में यह दर्शाना की इस ठेके में चिन्हित व्यक्ति ही कार्य करेंगे, केन्द्रसरकार के बनाये नियमों का खुला उल्लंघन है। और बीएसपी प्रबंधन के कुछ अधिकारी तो केन्द्र सरकार बनाये नियमों का उल्लघंन करने में माहिर हैं। आगे दोनों नेताओं ने बताया कि संघ का मानना है कि ठेके की शर्तो में यह लिखना कि यही श्रमिक इस ठेके में कार्य करेंगे, इसका अर्थ संघ यह निकालता है कि बी.एस.पी. प्रबंधन इन चिन्हित श्रमिकों को नियमित कर्मचारी मानता है। और इन्हें नियमित कर्मचारी के रूप मेंभर्ती कर रहा है। एक बात यहां महत्वपूर्ण है कि, TheContract Labour (Regulation and Abolition Act.1970) केसेक्शन 10 के तहत किसी भी पेरेनियल स्वभाग के कार्य में ठेका श्रमिकों से कार्य करना वर्जित है। बोईरडीह पम्प हाउस कार्य एक पेरेनियल स्वभाव का कार्य है औरजब तक खदान चलता रहेगा, तब तक उक्त कार्य भी चलेगा। ऐसे में उक्त पेरेनियल स्वभाव के कार्य में ठेका श्रमिकों को किस प्रावधान के तहत कार्य कराये जाने वालाहै, इसका खुलासा होना भी आवश्यक है। संघ का यह सुझाव है कि इसमें लगाने वाले श्रमिकों की नियमित कर्मचारी के रूप में भर्ती की जावे जिससे केन्द्र सरकार के बनाये नियमों का भी पालन हो जायेगा और लालपानी प्रभावितों को भी रेलवे प्रभावितों की तरह नियमित कर्मचारियों की तरह नौकरी मिल जायेगी।संघ का मानना है कि जिस तरह लालपानी से प्रभावितों के लिए बी.एस.पी. प्रबंधन नौकरी में एक कोटा निर्धारित कर रही है, उसी तर्ज पर खदान के प्रदूषण से सीधेप्रभावित राजहरा के बेरोजगार युवाओं के लिए भी बी.एस.पी. प्रबंधन से निकलने वाली नौकरियों में एक कोटा निर्धारित हो ।

अंत में दोनों नेताओं ने प्रबंधन से इस ज्ञापन में उल्लेखित तथ्यों का लिखित जवाब मांगा है और निविदा के क्लॉज 3.14 को तत्काल हटाने की मांग की है जिससे समानता के अधिकारका उल्लंघन न हो । अन्यथा संघ इस ठेके में कार्य पर लिये जाने वाले श्रमिकों के नियमितिकरण के लिए अन्य संवैधानिक संस्थाओं में जाने के लिए बाध्य होगा, जिसके लिए बी.एस.पी. प्रबंधन पूर्ण रूप से जवाबदार होगी।धन्यवाद,मुश्ताक अहमद जिला मंत्री भारतीय मजदूर संघ बालोदलखन लाल चौधरी सचिव खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ ।

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गणतंत्र दिवस को लेकर बस्तर पुलिस एक्शन मोड में

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  • शहर के प्रमुख जगह पर डॉग स्कॉट की टीम के द्वारा बस्तर पुलिस की चेकिंग जारी
  • शहर के आला अधिकारी शहर में घूम घूम कर ले रहे हैं कानून व्यवस्था का जायजा
  • दंतेश्वरी मंदिर ,बस स्टैंड ,रेलवे स्टेशन, लाल बाग़ मैदानऔर प्रमुख बाजार पर विशेष निगरानी

जगदलपूर बस्तर पुलिस द्वारा गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा जिले के प्रमुख स्थलों पर डॉग स्कॉट टीम के द्वारा चेकिंग कर निगाह रखी जा रही है जिस तारतम्य में आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेविदता पाल, नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के हमराह थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू, थाना प्रभारी बोधघाट दिलबाग सिंह अपने अपने बल को लेकर शहर के प्रमुख स्थल, दंतेश्वरी मंदिर ,लालबाग मैदान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में डॉग स्काट की टीम व पुलिस जवानों के साथ बाइक पेट्रोलिंग किया गया है साथ ही शहर के होटल और लॉज की भी बारीकी से निगाह रखकर चेकिंग किया जा रहा है इसके अलावा शहर के अलग-अलग चौक चौराहा पर चेकिंग पॉइंट लगाकर चेकिंग किया जा रहा है ।

‘द बस्तर फाइल्स’ जैसे हालात बन गए हैं आदिवासियों के साथ

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  • कश्मीर जैसी त्रासदी से गुजरना पड़ रहा है बस्तर के आदिवासियों को
  • जनजातीय ग्रामीणों को उनकी ही जमीन से बेदखल कर रहे माफिया
  • मसगांव में गोठान के लिए आरक्षित भूमि की हो गई खरीदी – बिक्री

बकावंड हिंदुओं को कश्मीर से बेदखल करने के लिए जिस तरह के अत्याचार किए गए थे, उस पर बनी फीचर फिल्म द कश्मीर फाइल्स ने पूरे देश में धूम मचा रखी है। कश्मीर की तरह ही बस्तर से भी आदिवासियों को बेदखल करने के लिए भू माफिया तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। ये भू माफिया प्रतिबंध के बावजूद आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों के हाथों बेच रहे हैं और गांवों के सार्वजनिक उपयोग की जमीन को भी बेचने लगे हैं। पीड़ित आदिवासी जिला प्रशासन और अपने समाज के मुखियाओं से फरियाद करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई अब तक नहीं हो पाई है।

इन निरीह आदिवासियों की आवाज बनकर बॉलीवुड या छलीवुड आगे आने और उनकी हालत पर द बस्तर फाइल्स फिल्म बनाने से तो रहे, लिहाजा लगता है कि बस्तरिहा आदिवासियों की चीख पुकार बस्तर की वादियों में ही दबकर रह जाएगी। बस्तर जिले अनेक गांवों में लंबे समय से भू माफिया सक्रिय हैं, जो आदिवासियों को बेदखल कर उनकी जमीन बाहरी लोगों और गैर आदिवासियों के पास बेचते जा रहे हैं। यही नहीं ये भू माफिया कई गांवों में तो गोठान, चारागाह, खेल मैदान, सामूहिक कार्यक्रम आयोजन स्थल जैसी सार्वजनिक प्रयोजन की जमीन को भी बेचने से बाज नहीं आ रहे हैं। बस्तर जिले की बकावंड तहसील के कई गांवों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इस तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा, मसगांव में गोठान के लिए आरक्षित भूमि एवं आधा दर्जन आदिवासियों की जमीन का विक्रय दलालों ने कर दिया है। भूमि पर अब साहूकारों ने कब्जा जमा लिया है। अपनी ही जमीन से बेदखल कर दिए गए आदिवासी ग्रामीण न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और आदिवासी समाज से गुहार लगाते हुए अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। बकावंड तहसील के मसगांव में 20 एकड़ से अधिक रकबे वाली शासकीय भूमि को गोठान के लिए आरक्षित किया गया था। इस भूमि के समीप खसरा नंबर 141, 142 पर कई आदिवासियों का वर्षो से कब्जा रहा है। इस जमीन पर ये आदिवासी कास्तकारी करते आ रहे हैं। बताया गया है कि भू- माफिया ने राजस्व विभाग के कर्मियों से सांठगांठ कर ड्रीप लगाने के नाम पर इन आदिवासियों की जमीन की बिक्री कर कब्जा जमा लिया है। अब भूमि स्वामी अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए जिला प्रशासन के चक्कर लगाते फिर रहे हैं। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 142 की 0.60 हेक्टयेर भूमि के आधार पर सरगीपाल लेम्पस सोसाइटी से लोन भी लिया गया था।इसी तरह खसरा नंबर 141की 0.50 हेक्टयर भूमि के आधार पर केसीसी लोन लिया गया था। दोनों भूखंडों के पट्टे में लोन का उल्लेखय है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त भूमि की बिक्री ही नहीं गई है। इसके बावजूद जमीन का मालिकाना हक दीगर व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने जमीन का सीमांकन कराने, मालिकाना हक वापस दिलाने एवं नियम विरूद्ध रजिस्ट्री कराए जाने की जांच कराने तथा इस साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आवंटित भूमि की हुई रजिस्ट्री

भूमिहीन किसानों को जीवन यापन करने के लिए शासन द्वारा भूमि आवंटित की जाती है ताकि ऐसे लोग अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। मसगांव में भी कई आदिवासी परिवारों को जीवन यापन के लिए शासन द्वारा भूमि आवंटित की गई थी। आवंटित भूमि की खरीदी – बिक्री प्रतिबंधित है। शादी ब्याह, ईलाज, जैसी विशेष परिस्थिति में कलेक्टर की अनुमति से खरीदी – बिक्री का प्रावधान किया गया है। जबकि उक्त भूखंडों खरीदी – बिक्री के लिए कलेक्टर से अनुमति नहीं ली गई। और तो और जिन आदिवासियों की जमीन का विक्रय कर दिया गया है, उन आदिवासियों को जमीन के सौदे के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। इसके बावजूद उनकी जमीन की रजिस्ट्री दूसरे व्यक्तियों के नाम कर दी गई। इससे प्रतीत होता है कि इस गोरखधंधे में प्रशासन के मैदानी कर्मियों, अधिकारियों और जमीन दलालों के बीच सांठगांठ रही है। इस साजिश में राजस्व विभाग और रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारियों की सहभगिता नजर आ रही है। पीड़ित परिवार न्याय नहीं मिलने पर धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में थे। पीड़ित लोगों ने मसगांव में सड़क किनारे धरने पर बैठने के लिए एसडीएम से अनुमति मांगी थी, लेकिन धरने पर बैठने की अनुमति नहीं मिलने से पीड़ितों में आक्रोश व्याप्त है।पूरे मामले की हो निष्पक्ष जांच

पीड़ित परिवारों ने अपनी भूमि का हक पाने को लेकर सर्व आदिवासी समाज के संभागीय प्रभारी राजाराम तोड़ेम एवं जिलाध्यक्ष दशरथ कश्यप से मुलाकात कर गुहार लगाई। श्री तोड़ेम ने कहा कि आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ समाज ऐसे पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिला प्रशासन के आग्रह किया जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बस्तर कलेक्टर से जल्द मुलाकात की जाएगी।

कराएंगे मामले की जांच

मामले की जांच की जाएगी और पंचायत का भी अभिमत लिया जाएगा। आदिवासियों को इंसाफ दिलाएंगे। पंचायत के अनुमोदन के बाद शासकीय भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

ओपी वर्मा एसडीएम, बकावंड

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