कहा सरपंच ने-ज्यादा सवाल करते हो इसलिए बिरादरी से बाहर
बकावंड विकासखंड बकावंड में एक सरपंच और सचिव की तानाशाही का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पंचायती राज व्यवस्था और साय सरकार के सुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरपंच और सचिव ने एक निर्वाचित पंच को ग्राम पंचायत की बिरादरी से महज इसलिए बाहर कर दिया है क्योंकि उक्त पंच ग्राम पंचायत की बैठकों में ज्यादा मुखर रहते हैं और हर कार्य का हिसाब मांगते हैं।
मामला बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत टलनार का है। इस पंचायत में पंचायत पदाधिकारियों की नाम तालिका बनवाई गई है। तालिका में 17 पंचायत पदाधिकारियों के नाम हैं, मगर एक पंच का नाम नहीं लिखवाया गया है। सुशासन तिहार के बीच सरपंच और सचिव की तानाशाही से पंच के आत्म सम्मान पर ठेस पहुंची है। उक्त पंच ने जब तालिका में नाम न लिखवाने का कारण पूछा तो सरपंच का जवाब बड़ा ही चौंकाने वाला आया। सरपंच ने पंच से कहा- तुम सवाल बहुत करते हो, सभी लेन देन पर जवाब मांगते हो अतः ऐसे लोग का नाम नहीं रहेगा, जो मेरी मर्जी से चलेगा,उसका ही नाम यहां लिखा जाएगा। अब देखने वाली बात यह है कि ऐसे तानाशाह सरपंच और सचिव पर जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ क्या एक्शन लेते हैं?
दल्लीराजहरा देश और छत्तीसगढ़ की ख्यातिलब्ध कवियित्री, वरिष्ठ साहित्य साधिका एवं समाजसेविका दल्ली राजहरा निवासी डॉ. शिरोमणि माथुर की नई कविता आई है। “ठूंठ सा जीवन” शीर्षक वाली इस कविता की पंक्तियों में डॉ. माथुर ने हर आदमी के जीवन के सार को पिरोया है। जन मानस को झकझोर देने वाली यह कविता बेहद लोकप्रिय हो रही है। हम अपने पाठकों के लिए डॉ. शिरोमणि माथुर की नई कविता यहां प्रस्तुत कर रहे हैं –
ठूंठ सा जीवन
ठूंठ सा जीवन हुआ है,अब बहारे रूठती है,देख अपनी शक्ल को, अब दरारें दिखती है ।थी कभी बिल्डिंग सुघड़, वो अभी खंडहर हुयी हैपर अभी भी जान बाकी, हिम्मत नहीं कमतर हुयी हैं।काम अब होता नहीं हैं, अनुभव अभी कुछ बड़ गये हैकोई अब सुनता नहीं, सब बड़े अब हो गये है।अब जमाना है बदलता, लोग और परिवेश बदले,बात का लहजा बदलता, अब सभी के वेश बदले।है भलाई चुप रहो अब, भाव के अनुवाद बदले,सब मोबाइल में मगन है, दर्द के संवाद बदले।नाते ऐसे तोड़ते है, जैसे धागा तोड़ते है।फिर अकेले तड़फते है, मन को अपने तोड़ते है।चार पैसे आ गए तो, घर से नाता तोड़ते हैं आ गया संकट कोई तो, जान अपनी छोड़ते हैं।ठूंठ सा जीवन हुआ है, पर न हिम्मत टूटती हैअनुभव हमारे साथ रहता, पर न कश्ती डूबती है।हर उमर आनंद देती, मुस्कुराना आ गया है,हंस कर जीये हैं जिंदगी, मरना हमें अब आ गया है ।
जगदलपुर बस्तर संभाग में आदिवासी समुदाय और दीगर पिछड़ी जातियों के लोगों के बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के साथ ही लैंड जिहाद की तर्ज पर वन विभाग और शासन की जमीन पर अवैध कब्जा कर चर्चों एवं कब्रिस्तानों का व्यापक स्तर पर निर्माण कराया जाने लगा है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के कुछ नेता राज्य के वन मंत्री एवं बस्तर के आदिवासी नेता केदार कश्यप को बदनाम करने के लिए अप्रत्यक्ष तौर पर इस अवैध कृत्य को प्रोत्साहन दे रहे हैं। बस्तर संभाग भले ही माओवाद के कुचक्र से बाहर निकल आया है, मगर संभाग को आदिवासी संस्कृति पर लंबे समय से हावी मतांतरण के मायाजाल से मुक्ति नहीं मिल पाई है। पूरे संभाग में लाखों आदिवासियों को उनकी अपनी मूल संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था से विलग कर दूसरी राह पर धकेल दिया गया है।
मातांतरण के इस खेल ने बस्तर के गांव गांव में आदिवासी समुदाय को खेमों में बांट दिया है। खासकर मातांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान गांवों में संघर्ष के हालात बनते रहते हैं। ताजा मामला नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के भानपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले करंदोला गांव से सामने आया है, जहां मतांतरित हो चुकी सेवनिवृत शिक्षिका रुक्मणि कुर्रे के शव को दफनाने को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि इस गांव में वन भूमि पर कब्जा कर कब्रिस्तान बनाते हुए शव दफनाने की प्रक्रिया को एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत अंजाम दिया जा रहा था। बताते हैं कि वन विभाग की तार फेंसिंग और बाड़ को उखाड़ कर करीब पांच डिसमिल वन भूमि पर कब्रिस्तान बनाने की योजना थी। ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों के विरोध के चलते यह साजिश विफल हो गई।
वन भूमि पर पचासों चर्च और कब्रिस्तान
बता दें कि खासकर बस्तर जिले की भानपुरी तहसील, बकावंड विकासखंड और बस्तर ब्लॉक का बड़ा भाग छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं नारायणपुर के विधायक केदार कश्यप के निर्वाचन क्षेत्र में आता है। युवा आदिवासी नेता केदार कश्यप की लोकप्रियता पूरे बस्तर संभाग में काफी बढ़ चुकी है और भारतीय जनता पार्टी का जनाधार भी लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस के कुछ ऐसे नेता जो किसी न किसी कारण वन मंत्री केदार कश्यप की लोकप्रियता से परेशान हैं, वे मतांतरित लोगों को वन भूमि पर कब्रिस्तान और चर्च बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच से जुड़े कार्यकर्ता और अपनी जड़ों से जुड़े आदिवासी जन समय समय पर ऐसे षडयंत्र को विफल करते रहते हैं।मिली जानकारी के अनुसार इन क्षेत्र में वन भूमि पर सैकड़ों चर्च खड़े कर दिए गए हैं और बड़ी तादाद में कब्रिस्तान बना लिए गए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि वन विभाग का आमला ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई करने से बच रहा है, जबकि यही अमला वन भूमि पर खेती करने वाले आदिवासियों को बेदखल करने तुरंत दौड़ पड़ता है।
दल्लीराजहरा,,बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर के युवा सौरभ मित्तल ने डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर परिवार, समाज और नगर का नाम गौरवान्वित किया है। सौरभ की इस उपलब्धि के बाद पूरे मित्तल परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। शुभचिंतकों, मित्रों और समाज के लोगों द्वारा लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है।सौरभ मित्तल ऐसे परिवार से आते हैं, जहां शिक्षा, संस्कार और मेहनत को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
मित्तल परिवार में अब तक चार सदस्य डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं, जबकि परिवार की एक बेटी बैंक में कैशियर के पद पर सेवाएं दे रही है और पांचवीं बेटी मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत होकर डॉक्टर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। परिवार की इस उपलब्धि को नगर में प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले सौरभ मित्तल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार को देते हुए कहा कि“यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और पूरे परिवार के विश्वास का परिणाम है। कठिन परिस्थितियों में भी परिवार ने हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाया। माता-पिता ने हमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और लोगों की सेवा करना भी सिखाया। आज जो भी मुकाम हासिल हुआ है, उसमें गुरुजनों की सीख और परिवार का आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत रही है। मेरा प्रयास रहेगा कि मैं अपने ज्ञान और सेवा भाव से समाज के लिए उपयोगी साबित हो सकूं।”माता सीमा मित्तल ने भावुक होते हुए कहा कि“हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ें। बच्चों ने जिस समर्पण और संघर्ष के साथ यह सफलता हासिल की है, वह हमारे लिए सबसे बड़ा गर्व का पल है। आज की खुशी शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।
”पिता दीपक मित्तल ने कहा कि“सफलता कभी एक दिन में नहीं मिलती। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और धैर्य छिपा होता है। बच्चों ने लगातार मेहनत की और हर चुनौती का सामना सकारात्मक सोच के साथ किया। हमें खुशी है कि हमारे बच्चे शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी महत्व दे रहे हैं।”बड़े भाई सार्थक मित्तल ने कहा कि“सौरभ की सफलता पूरे परिवार की मेहनत और विश्वास की जीत है। उसने हमेशा लक्ष्य के प्रति गंभीरता और समर्पण दिखाया। उसकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।”बताया जाता है कि मित्तल परिवार में वर्षों से शिक्षा और संस्कारों का विशेष वातावरण रहा है। संघर्ष, अनुशासन और समर्पण के बल पर परिवार ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है। सौरभ मित्तल की सफलता ने न केवल माता-पिता के सपनों को साकार किया, बल्कि पूरे समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल भी प्रस्तुत की है।परिवार के सदस्य शैलेश, ईशा, प्रज्ञा, मौली और डिंपी ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सौरभ को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। परिजनों ने कहा कि यह केवल डिग्री प्राप्त करने की बात नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।नगरवासियों ने मित्तल परिवार की इस उपलब्धि को शिक्षा, संस्कार और मेहनत की बड़ी जीत बताते हुए पूरे परिवार को शुभकामनाएं दी हैं।
ख्यातिलब्ध विभूतियों को सांसद कश्यप ने किया सम्मानित
जगदलपुर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ‘विजनरी डॉक्टरेट अवार्ड्स’ कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस प्रतिष्ठित समारोह में देशभर से पहुंचे उन प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, विज्ञान, कला और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले महानुभावों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सांसद महेश कश्यप ने अपने हाथों से पुरस्कार वितरित करते हुए सभी सम्मानित व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। जब हम प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं, तो इससे आने वाली पीढ़ी को भी राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।सांसद श्री कश्यप ने सभी सम्मानित महानुभावों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा आप सभी सम्मानित विभूतियों से आशा है कि भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ समाज के उत्थान और देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
जगदलपुर बस्तर जिला केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिशन द्वारा 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद के समर्थन में प्रशासन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने ऑनलाइन बिकी, अवैध ई-फार्मेसी संचालन और बड़े केमिस्ट संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही प्रिडेटरी नीति के विरोध में यह कदम उठाया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर देशभर में लगभग 12.40 लाख केमिस्ट एवं औषधि विक्रेता इस आंदोलन में शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि लम्बे समय से केंद्र एवं राज्य स्तर पर सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष मांगे रखी जा रही है लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया हैं ज्ञापन में कहा गया है कि ऑनलाईन दवा आपूर्ति और अवैध ई-फार्मेसी के अनियंत्रित संचालन से लाखों कैमिस्टों की आजीविका प्रभावित हो रही है। साथ जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। संगठन के अनुसार बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिकी, नकली या अप्रमाणित प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग, एंटीबायोटिक दवाओं की अनियंत्रित उपलब्धता और फार्मासिस्ट एवं मरीज के बीच प्रत्यक्ष संवाद की कमी जैसे समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
संघ ने ज्ञापन में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा 20 अगस्त 2018 की अधिसूचना एसओ 817 (ई) और 2020 की अधिसूचना एसओ 22 (ई) को वापस लिया जाए। इसके अलावा संस्थानों द्वारा दवाओं पर अपनाई जा रही छूट और मूल्य निर्धारण नीति पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। बस्तर जिला ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने प्रशासन और समुदाय से 20 मई को प्रस्तावित दवाओं को समर्थन देने की अपील की है। यह आंदोलन के व्यापारिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। इस दौरान दवा विक्रेता संघ की ओर से अध्यक्ष प्रशांत पाण्डे, सचिव सतीश शुक्ला, कोषाध्यक्ष रोहित महापात्र, उपाध्यक्ष अशद खान, महताब रिजवी, दीपक पांडे, पीआरओ योगेश तिवारी, सह सचिव दिनेश पांडे सहित सभी पदाधिकारियों ने केमिस्ट हित में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
जगदलपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद दल ने संजय बाजार में व्यापारियों से मुलाकात की। नगर निगम प्रशासन द्वारा फुटपाथ एवं बाजार के फुटकर व्यापारियों से यूजर चार्ज के नाम पर की जा रही बेजा वसूली का जमकर विरोध किया गया।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा भाजपा की नगर निगम सरकार व्यापारियों से यूजर चार्ज के नाम पर अवैध वसूली कर रही है।नगर निगम द्वारा व्यापारियों से मनमाने तरीके से किसी से 550 रुपये तो किसी से 600 रुपये तक की रसीद काटी जा रही है, जिससे छोटे व्यापारियों में भारी नाराजगी है। राजेश चौधरी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में व्यापारियों से सालाना मात्र 350 रुपये यूजर चार्ज लिया जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ने बिना किसी स्पष्ट नियम और पारदर्शिता के शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नगर निगम सरकार लगातार टैक्स और यूजर चार्ज बढ़ाकर आम जनता एवं व्यापारियों की जेब पर डाका डाल रही है। महंगाई के इस दौर में छोटे और मध्यम व्यापारियों का व्यवसाय पहले ही प्रभावित है, ऐसे में इस प्रकार की अतिरिक्त वसूली पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। राजेश चौधरी ने बताया कि संजय मार्केट के फुटकर और अन्य व्यापारियों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि यूजर चार्ज के नाम पर उनसे रकम वसूली जा रही है।
पहले प्रतिदिन 10 रुपए का अस्थाई दखल शुल्क लिया जाता था। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ कम करने अस्थाई दखल शुल्क वसूली बंद करवा दी थी। परंतु भारतीय जनता पार्टी की ट्रिपल इंजन की सरकार आते ही महापौर की सहमति से फुटपाथ पर बैठकर अस्थायी व्यवसाय करने वाले छोटे व्यापारियों से मासिक 550 रुपए वसूलने का काम नगर निगम सरकार द्वारा किया जा रहा है जो कि कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। यदि ऐसा कोई दर राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित की गई है या गजट नोटिफिकेशन में आया हो तो भी उसे आयुक्त नगर निगम के द्वारा लागू नहीं किया जा सकता है उसे विधिवत्त मी एवं सामान्य सभा से पारित करने के बाद ही लागू किया जा सकता है। परंतु एमआईसी और सामान्य सभा को ठेंगा दिखाते हुए यह वसूली का कार्य चालू कर दिया गया है। छोटे गरीब व्यापारियों को रकम नहीं देने पर धमकी दी जाती है कि तुम्हारी दुकान को उठाकर फेंक दिया जाएगा सामान जप्त कर लिया जाएगा। यह सरासर दादागिरी है नगर निगम आयुक्त को चाहिए कि पहले राज्य सरकार के निर्देशों को सामान्य सभा से पारित करवाएं, उसके बाद आम सहमति अनुसार उसे लागू किया जाए। किसी व्यापारी से 250 रुपए तो किसी व्यापारी से 550 रुपए और उसी तरह के काम वाले व्यापारी से 600 रुपए सालाना दर से रसीद काटी गई है। व्यापारी सैकड़ों की संख्या में आते हैं तो क्या रसीद सैकड़ों की संख्या में कट कर रकम नगर निगम के कोष में जमा हो रही है? जिस प्रकार से वहां के व्यापारी बता रहे हैं यदि हम अलग से खर्चा पानी देते हैं तो रसीद कम का काटा जाता है और यदि खर्चा पानी नहीं देते हैं तो प्रतिमाह 550 देना पड़ता है। राजेश चौधरी ने कहा है कि दादागिरी के साथ संजय बाजार में वसूली करना न्याय संगत नहीं है।कांग्रेस पार्षद दल महापौर से एवं आयुक्त से आग्रह किया है कि इस प्रकार की बिना सिर पैर की वसूली तत्काल प्रभाव से बंद करें और नियमतः जो चार्ज लिया जाना है उसे पर अमल करें।अन्यथा कांग्रेस पार्सल दल द्वारा जल्द ही इस मुद्दे को लेकर मुहिम छेड़ी जाएगी और आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस व्यापारी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष राजेंद्र पटवा ने भाजपा की नगर निगम सरकार पर बाजार व्यापारियों से यूजर चार्ज के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। भाजपा की नगर निगम सरकार आम जनता और व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल वसूली करने में लगी हुई है। बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के दौर में व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालना पूरी तरह जनविरोधी निर्णय है। कांग्रेस नेता राजेंद्र पटवा ने कहा कि भाजपा सरकार की यह नीति उसकी कुंठित मानसिकता को दर्शाती है, जहां जनहित की बजाय केवल राजस्व वसूली पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यूजर चार्ज में की गई बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस लिया जाए और व्यापारियों को राहत दी जाए। इस दौरान पार्षद शेख जाहिद हुसैन, शुभम यदु, राकेश मौर्य, शादाब अहमद लोकेश नंदा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
स्वच्छता महाअभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत स्वच्छता महा अभियान 2026 के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन महाराणा प्रताप वार्ड के डोंगरी सेंटर में किया गया। कार्यक्रम महापौर संजय पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान आमजन को स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता शपथ दिलाकर शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर लोगों को 4 प्रकार से कचरे का पृथक्करण करने हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया गया। गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा एवं सैनिटरी वेस्ट को अलग-अलग रखने की जानकारी दी गई। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कचरे का सही पृथक्करण स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण एवं बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। महापौर संजय पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर का निर्माण केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने नागरिकों से घर-घर में कचरा पृथक्करण अपनाने एवं स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
नगर निगम जगदलपुर द्वारा पूर्व से ही स्वच्छता के प्रति लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्वच्छता रैलियां, जनसंपर्क अभियान एवं नागरिकों को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने जैसी गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। स्वच्छता महाअभियान 2026 इसी दिशा में शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, राणा घोष, योगेंद्र पाण्डे, संग्राम सिंह राणा, संजय विश्वकर्मा, आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पार्षद नेहा ध्रुव, पारुल बोथरा, श्यामसुंदर बघेल, बसंती समरथ, गायत्री बघेल, कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज, हेमंत श्रीवास, अजय बनिक, पशु चिकित्सा विभाग से डॉ. केके देव, डॉ. गीतिका ध्रुव, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ एनके मांझी, स्ट्रे सेफ फाउंडेशन से लुप्तेश जगत, राजीव निगम, राजपाल कसेर, नवीन बोथरा आदि उपस्थित रहे।
सेंटर में होगा आवारा कुत्तों का बधियाकरण और टीकाकरण
जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर द्वारा शहर को श्वान जनित समस्याओं से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराणा प्रताप वार्ड के एसएलआरएम डोंगरी सेंटर के पास एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) का उद्घाटन महापौर संजय पांडेय, एमआईसी टीम, पार्षदों एवं निगम अमले द्वारा श्वान का विधिवत पूजन कर उन्हे दूध पिलाकर एवं आहार खिलाकर विधिवत शुभारंभ किया गया।
श्वानों के संबंध में लगातार आ रही शिकायतों को महापौर संजय पांडेय ने संज्ञान में लेकर पशु प्रेमी संगठन से सहयोग लिया तथा पशु विभाग, नगर निगम की अलग-अलग कमेटियां बनाकर सभी की जिम्मेदारियां तय की। कमेटियां बधियाकरण कार्य संचालन हेतु नियुक्त स्नेह एनीमल वेलफेयर सोसायटी के कार्यों में सहयोग तथा निगरानी करेंगी। शहर के पशु प्रेमी संस्था स्ट्रे सेफ फाउन्डेशन के लुप्तेश जगत, मानसी गुप्ता, पूजा सिंह, अभिषेक मिश्रा, रुपाली परोई एवं उनकी टीम का लगातार सहयोग मिल रहा है। लुप्तेश जगत को निगरानी समिति के सदस्य बनाया गया है जिससे कि श्वानों को पकड़ने के कार्य में उन्हे नुकसान न पहुचे तथा उनकी देखभाल में कमी न हो। धरमपुरा के अलग-अलग क्षेत्र से पकड़े गए 22 आवारा श्वानों को एबीसी सेंटर में स्नेह एनीमल वेलफेयर सोसायटी के डॉ. विवेक सांगवान, डॉ. विनीत यादव एवं टीम द्वारा प्री-केयर केनल में रखा गया है। इन श्वानों का बधियाकरण, डी-वार्मिंग तथा रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। इसके पश्चात तीन दिन तक पोस्ट केयर में रखकर उनकी सेवा की जाएगी। पूर्ण स्वास्थ्य लाभ दिलाने के बाद उन्हें पुनः उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
आने वाले समय में शहर के विभिन्न वार्डों में चरणबद्ध तरीके से यह अभियान चलाया जाएगा, जिससे आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित होने के साथ साथ शहर में आवारा श्वान के भय से मुक्त वातावरण तैयार किया जा सके। प्रतिमाह 500 श्वानों का बधियाकरण कार्य का लक्ष्य रखा गया है। बधियाकरण में निकाले गए आर्गन को सुरक्षित रखा जाए गा तथा लक्ष्यपूर्ति के बाद पशु विभाग के विशेषज्ञों के निगरानी में वैज्ञानिक विधि से उनका निष्पादन किया जाएगा। निगरानी समिति में नोडल अधिकारी गोपाल भारद्वाज कार्यपालन अभियंता, सहायक नोडल अधिकारी हेमंत श्रीवास स्वास्थ्य अधिकारी, सदस्य डाॅ. गीतिका ध्रुव पशु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ, अजय बनिक स्वच्छता निरीक्षक, लुप्तेश जगत स्ट्रे सेफ फाउन्डेशन शामिल हैं। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने वार्डों में आवारा श्वानों की जानकारी निदान के टोल फ्री नंबर 1100, स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत श्रीवास को मोबाईल नंबर 9425266016 पर एवं लुप्तेश जगत को मोबाईल नंबर 9770102327 पर दे सकते हैं। ताकि श्वानों का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से बधियाकरण कर शहर में सुरक्षित वातावरण बनाया जा सके। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, राणा घोष, योगेंद्र पाण्डे, संग्राम सिंह राणा, संजय विश्वकर्मा, आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पार्षद नेहा ध्रुव, पारुल बोथरा, श्यामसुंदर बघेल, बसंती समरथ, गायत्री बघेल, नगर निगम के कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज, हेमंत श्रीवास, अजय बनिक, पशु चिकित्सा विभाग से डॉ. केके देव, डॉ. गीतिका ध्रुव, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ एनके मांझी, स्ट्रे सेफ फाउंडेशन से लुप्तेश जगत, राजीव निगम, राजपाल कसेर, नवीन बोथरा उपस्थित रहे।
मेयर पाण्डेय की अपील
महापौर संजय पाण्डेय ने कहा है कि नगर निगम द्वारा शुरू किया गया यह एबीसी अभियान शहर में आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध होगा। शहर को श्वान जनित समस्याओं से मुक्त करने के इस महा अभियान में सभी पशु प्रेमियों एवं आमजन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। मेयर श्री पाण्डेय ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अपने क्षेत्रों में आवारा श्वानों की जानकारी निगम द्वारा जारी हेल्पलाईन नंबर बर पर दें जिससे सभी श्वानों का व्यवस्थित उपचार एवं बधियाकरण किया जा सके।
जगदलपुर शनिवार को एक दिवसीय ग्रीष्मकालीन शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह भ्रमण बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई के मार्गदर्शन एवं कैटलिस्ट फॉर सोशल एक्शन के सहयोग से बाल गृह बालक एवं बालिका में निवासरत देखरेख, संरक्षण एवं आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आयोजित किया गया।
भ्रमण के दौरान बच्चों को कलेक्टर कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी मुलाकात अपर कलेक्टर बस्तर सीपी बघेल से हुई। अपर कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीयता के साथ चर्चा करते हुए उन्हें जीवन में शिक्षा, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के महत्व के बारे में प्रेरणादायी बातें बताईं। श्री बघेल ने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर कार्यालय में मुलाकात के बाद बच्चे काफी उत्साहित एवं प्रेरित नजर आए। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों को बस्तर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक धरोहरों से परिचित कराया गया। बच्चों को पुराना तहसील कार्यालय स्थित दशहरा पसरा ले जाया गया, जहां उन्होंने बस्तर दशहरा की आकर्षक झांकियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर अर्जुन श्रीवास्तव ने बच्चों को विश्व प्रसिद्ध 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की परंपरा, इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात बच्चों ने पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति और पुरातात्विक धरोहरों से जुड़ी वस्तुओं को देखा। उपस्थित कर्मचारियों ने संग्रहालय में रखी गई ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक सामग्रियों की जानकारी बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया।
इसके बाद बच्चों ने आमागुड़ा स्थित जनजातीय गौरव वाटिका का भ्रमण किया, जहां उन्हें पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस दौरान बच्चों को वृक्षारोपण के महत्व एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका के बारे में भी समझाया गया।इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही, सदस्य वर्षा श्रीवास्तव, धनेश्वरी वर्मा, रामकृष्ण ठाकुर, संतोष जोशी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. विजय शंकर शर्मा, संस्थागत अधिकारी मनोजकांत जोशी, सीएसए के प्रोग्राम अधिकारी योगेश ठाकुर, सुनीता देवांगन, महेश्वरी सरवन, सरिता दुबे, मंगली कुंजाम, इंद्रा पद्माकर, सोमनाथ बघेल, शुभम माली, रुचि माली, सत्यजीत शर्मा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।