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शराब भट्टी जाने वाले मार्ग हत्या के आरोपी को पुलिस ने , 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार

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  • अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने मे बालोद पुलिस को मिली सफलता
  • पत्थर से सिर में मारकर हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने चंद घंटो मे किया गिरफ्तार ।
  • शराब मांगने की बात पर से वाद विवाद के चलते की गई हत्या

कुसुमकसा आत्माराम धाकड़े पिता स्व0 रामलाल धाकड़े उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम बोरिद थाना व जिला बालोद का लड़का पवन कुमार धाकड़े का दिनांक 11.10.2023 के रात्रि करीबन 09-10 बजे से दिनांक 12.10.2023 के प्रातः 08.00 बजे के मध्य शासकीय शराब भट्ठी कुसुमकसा जाने वाली कच्ची मार्ग के किनारे परसा पेंड़ के झाड़ियों के बीच मृत हालत में जिसके सिर में पत्थर मारकर हत्या करने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 357/2023 धारा 302, 201 भादवि के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त गोलाकार पत्थर शराब की शीशी जिसमें खून लगा हुआ व मृतक पवन को रोड किनारे पत्थर पटककर हत्या करने के बाद छुपाने की नियत से परसा पेंड़ के झाड़िया के पास ले जाकर पुनः ईंट के टूकड़ा से मारकर चोंट पहुंचाया है।

मृतक के सिर में पत्थर पटकने से गंभीर चोंट आने के कारण हत्या करना पाये जाने से प्रकरण की गंभीरता को देखते हए  पुलिस अधीक्षक अधीक्षक डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन पर  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सुशील कुमार नायक एवं  पुलिस नगर पुलिस अधीक्षक  राजेश बागड़े के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी राजहरा मुकेश सिंह, उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक कांता राम घिलेन्द्र एवं थाना स्टाफ व सायबर सेल बालोद प्रभारी जोगेन्द्र साहू एवं टीम व एफएसएल टीम रायपुर व डाग स्क्वाड के विशेष टीम के द्वारा अज्ञात आरोपी की पता तलाश हेतु मौके पर तत्काल थाना के कर्मचारी एवं सायबर सेल टीम एवं एफएसएल टीम एवं डॉग स्क्वाड के विशेष टीम के द्वारा पता तलाश करने पर कुसुमकसा के हर्ष शर्मा उर्फ बिट्टू पिता सुखदेव शर्मा उम्र 28 वर्ष के संबंध में सुराग मिलने पर हिकमातमली से पुछताछ पर अपराध घटित करना कबूूूल कर बताया कि कुसुमकसा से मेन रोड जाने वाले रास्ते मे बैठ कर शराब पी रहे थे इस दौरान दोनो के बीच वाद विवाद होने से पास में रखे नूकिले पत्थर से मृतक के सिर में मारकर उसकी हत्या कर मृतक की मोटर सायकल हीरो होण्डा पैसन प्रो क्रमंाक सीजी-19 बीए-5106 को आरोपी अपने घर ले गया जिसे ग्राम कुसुमकसा से बरामद किया गया है। आरोपी को दिनांक 12.10.2023 को गिरफ्तार किया गया है जिसे माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपी- हर्ष शर्मा उर्फ बिट्टू शर्मा पिता सुखदेव शर्मा उम्र 26 वर्ष साकिन वार्ड क्रमंाक 04 गैरेज पारा कुसुमकसा थाना राजहरा जिला बालोद (छ.ग.)

नपा कर्मचारियों को चार माह से नहीं मिली तनख्वाह

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  •  बीएसपी से बतौर टैक्स मिली रकम का दुरूपयोग
  • कांग्रेस सरकार का रवैया बेहद अमानवीय : द्विवेदी

दल्लीराजहरा नगर पालिका दल्ली राजहरा के कर्मचारियों को चार माह से वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मचारी और उनके परिजन आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उनके घरों में भोजन के लाले पड़ गए हैं। मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने छ्ग की कांग्रेस सरकार पर कर्मचारियों के साथ अमानवीय बर्ताव करने तथा पालिका प्रशासन पर बीएसपी से टैक्स के रूप में मिली रकम का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है।

दल्ली राजहरा मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार द्वारा नगर पालिका कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। 4 माह से भी अधिक समय बीत जाने पर भी उन्हें वेतन भुगतान नहीं किया गया है। राकेश द्विवेदी ने नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के कर्मचारियों के वेतन का यथाशीघ भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने बताया है कि नगर पालिका दल्ली राजहरा में पदस्थ 39 नियमित एवं 56 प्लेसमेंट कर्मचारियों को जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर समेत कुल चार माह के वेतन का भुगतान नहीं होने से कर्मियों और उनके परिजनों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड रहा है। प्लेसमेंट कर्मियों को एक माह के वेतन का भुगतान किया गया है। वेतन भुगतान नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। पिछले नगर पालिका कार्यकाल में बीएसपी द्वारा टैक्स के रूप में निकाय मद में 4 करोड़ 31 लाख रुपए जमा कराए गए थे। वहीं शहर से घरेलू टैक्स के रूप में 60 से 70 लाख की राशि प्रति वर्ष प्राप्त होती है। पिछले कार्यकाल में तब के नगर पालिका अध्यक्ष काशी निषाद एवं अधिकारियों ने तय किया था कि बीएसपी से टैक्स के रूप में मिली रकम में से लगभग 1 करोड़ से शहर के सभी वार्डों में विकास कार्य कराए जाएंगे तथा बाकी 3 करोड़ रूपए को कर्मचारियों के वेतन के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। उस फैसले की अनदेखी कर वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका आधिकारी द्वारा मिली भगत कर भाव पत्र बुलाकर एवं टेंडर आमंत्रित कर उक्त राशि की बंदरबांट की जा रही है, अपने चहेते ठेकेदार को काम देकर गुणवत्ता विहीन कार्य कराया जा रहा है। बीएसपी प्रबंधन से टैक्स के रूप में मिले पैसे का दुरुपयोग किया गया है। केंद्र सरकार से 14वें एवं 15वें वित्त के तहत मिले लगभग 10 करोड़ रु., अधोसंरचना मद के लगभग 10 करोड़ रु. एवं डीएमएफटी तथा अन्य मदों से प्राप्त करोड़ों की राशि को नगर पालिका द्वारा शहर के विकास में न लगाकर नागरिकों को ठगा एवं छला जा रहा है। श्री द्विवेदी ने कहा है कि शहर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है, वार्डो की गलियों की सीसी रोड एवं नालियों की स्थिति बहुत ही खराब है। नगर पालिका को भ्रष्टाचार का अड्डा बना लिया गया है। नगर पालिका के कर्मचारी एवं उनके परिवार 4 माह से वेतन न मिलने के कारण भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं, वे न राशन का इंतजाम कर पा रहे हैं और न ही बच्चों की स्कूल फीस भर पा रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ निरंकुश हो तानाशाही के रास्ते पर चल रहे हैं और कर्मचारी सत्ता एवं शासन के डर से विरोध नहीं कर पा रहे हैं। मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने मांग की है कि नगर पालिका कर्मचारियों के वेतन का भुगतान एक सप्ताह के भीतर किया जाए किया जाए।

चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए मातृशक्ति ने कसी कमर

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  • शहर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने ली महिला कांग्रेस की बैठक
  • चुनाव में रहेगी महिला कांग्रेस की बड़ी भूमिका

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी बस्तर के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजीव भवन में बस्तर जिला महिला कांग्रेस शहर की पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए महिला कांग्रेस की भूमिका पर रणनीति तय की गई। इसके अलावा संगठन की मजबूती को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। महिलाओं ने कहा कि वे कांग्रेस की जीत के लिए पूरी ताकत लगाकर काम करेंगी।

शहर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने महिलाओं से मुखातिब होते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में महिला कांग्रेस की भागीदारी बहुत ही महत्वपूर्ण होगी। इसलिए प्रत्येक महिला कार्यकर्ता अपने मोहल्ले से लेकर बूथ स्तर तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करें। साथ ही केंद्र सरकार की नाकामियों को महिलाओं के समक्ष उजागर करें और कांग्रेस सरकार की नीतियों को जन -जन खासकर महिलाओं तक पहुंचाएं।

बैठक में मुख्य रूप से महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरला तिवारी, उपाध्यक्ष एस नीला, माही श्रीवास्तव, अपर्णा वाजपेयी, शहनाज खान, सपना कश्यप, ज्ञानेश्वरी जाधव, अंजुम हुसैन, अंजना नाग सहित महिला कांग्रेस की अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थीं।

जनता के नाम माफीनामा जारी करे भाजपा : दीपक बैज

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  • झूठे वादे कर सत्ता हथियाने और अवाम को धोखा देने पर प्रायश्चित करे बीजेपी

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा है कि इस चुनाव में भाजपा जनता के नाम माफीनामा जारी कर माफी मांगे और इस बात के लिए प्रायश्चित करे कि जनता ने उसके वादों पर भरोसा कर उसे तीन बार घोषणा पत्र बनाने का मौका दिया और तीनों बार सरकार चलाने का अवसर दिया, लेकिन भाजपा वादों से मुकर गई।

श्री बैज ने कहा कि 2003 के अपने घोषणा पत्र में भाजपा ने वादा किया था हर आदिवासी परिवार को गाय देने का, हर आदिवासी परिवार से एक को सरकारी नौकरी देने का, युवाओं को 500 रू. बेरोजगारी भत्ता देने का, 2008 में वादा किया किसानों को धान का 300 रू. बोनस देने का, 2013 में वादा किया था धान की कीमत 2100 रू. देंगे और 300 रू. बोनस कुल 2400 रू. प्रति क्विंटल धान खरीदी करने का। कोई भी वादा पूरा नहीं किया। एक बार फिर से जनता को ठगने के लिये घोषणा पत्र बनाने जनता के बीच जाने की बात कर रहे हैं। अब जनता उसके घोषणा पत्र में भला कैसे भरोसा करेगी? हमने अपने घोषणा पत्र के वादों को पूरा किया। हमारे 36 में से 34 वादे पूरे हुए। सरकार बनने के पहले घंटे से लेकर आज तक मुख्यमंत्री अपने वादे को पूरा कर रहे है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार में रहते 15 साल वादाखिलाफी करने वाले भाजपाई किस आधार pr नए वादे की बात कर रहे हैं?मन की बात करना और मनमानी थोपना यह भाजपा का राजनैतिक चरित्र है। सत्ता की छटपटाहट में जनता से सुझाव की बात करना भाजपा का नया जुमला है। वादों और झूठे दावों से ठगने वाले भाजपाईयों को बताना चाहिए कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के समय किए गए वादों का क्या हुआ। 100 दिन में मंहगाई कम करने का वादा था किया उल्टा, दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर भारी भरकम टैक्स लगाकर मंहगाई 4 गुना कर दी। 2 करोड़ रोजगार हर साल देने का वादा था, नई भर्ती तो दूर 30 करोड़ युवाओं की लगी लगाई नौकरी खा गए। केंद्रीय विभागो में 11 लाख से अधिक पद रिक्त हैं, सरकारी उपक्रमों में 4 लाख से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन मोदी सरकार सरकारी उपक्रमों को बेचकर युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अवसर को बेच रही है। नए वादों से पहले भाजपाई बतायें कि छत्तीसगढ़ में 2003, 2008 और 2013 के साथ ही केन्द्र में 2014 और 2019 के चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा के द्वारा किये गये वादो का क्या हुआ?

नगर पालिका कर्मचारियों का हो रहा शोषण 4 माह से नही मिला वेतन

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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार द्वारा नगर पालिका कर्मचारियों का किया जा रहा है शोषण 4 माह से भी अधिक हो जाने पर भी वेतन भुगतान नही किया गया । राकेश द्विवेदी अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी मंडल द्वारा नगर पालिका परिषद् दल्लीराजहरा कर्मचारीयों के वेतन का यथाशीघ भुगतान मांग की | नगर पालिका परिषद् दल्लीराजहरा कार्यालय में पदस्थ 39 नियमित कर्मचारी एवं 56 प्लेसमेंट कर्मियों को जून जुलाई अगस्त और सितम्बर चार माह का वेतन का भुगतान नहीं होने से नियमित एवं प्लेसमेंट कर्मचारी को आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड रहा हैं वही प्लेसमेंट कर्मियों को एक महीने का वेतन भुगतान किया गया | कर्मचारी का वेतन भुगतान नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ रही हैं पिछले नगर पालिका कार्यकाल में बीएसपी द्वारा टैक्स के रूप में निकाय मद में 4 करोड़ 31 लाख रुपये प्राप्त हुआ था | वही दल्लीराजहरा शहर से घरेलु टैक्स के रूप में 60 से 70 लाख की राशि प्रति वर्ष प्राप्त होती हैं | पिछले कार्यकाल में नगर पालिका अध्यक्ष काशी निषाद एवं अधिकारी कर्मचारी द्वारा तय किया गया था | लगभग 1 करोड़ की राशि का विकास कार्य शहर के समस्त वार्डो में कार्य किया जायेगा | बाकी राशि 3 करोड़ रूपए को फिक्स करा कर्मचारी के वेतन के लिये रखा जायेगा | इसके पश्चात् उक्त विषय की अनदेखी कर वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा एवं मुख्य नगर पालिका आधिकारी द्वारा मिली भगत कर भाव प्रत्र एवं टेंडर लगा उक्त राशि को बन्दरबाँट कर इस कार्यकाल में अपने मन पसंद ठेकेदार को भाव प्रत्र में सिर्फ दिखावे का व बिना गुणवत्ताहिन कार्य कराया जा रहा हैं बीएसपी प्रबंधन के द्वारा टैक्स के रूप में मिले पैसे का दुरुपयोग किया गया | वही केंद्र सरकार द्वारा 14 वें एवं 15 वें वित्त में लगभग 10 करोड़ की राशि के साथ अधोसंरचना मद में भी लगभग 10 करोड़ की राशि एवं डी.एम.ऍफ़.फंड के अलावा और भी अन्य मदों से करोडो रूपये की राशि नगर पालिका को प्राप्त होने के बाद भी शहर के विकास के नाम पर नागरिको को ठगा एवं छला जा रहा हैं | चारो ओर गन्दगी फैली हुई हैं | वार्डो में बस्तियों के अन्दर जाने वाले सीसी रोड एवं नालियों की स्थिति बहुत ही ख़राब हैं | नगर पालिका भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ हैं |

नगर पालिका दल्लीराजहरा के कर्मचारी एवं उनके परिवार 4 माह से अधिक हो जाने के बाद भी वेतन का भुगतान न कर अपने ही कर्मचारीयों एवं परिजनों का शोषण कर रही हैं | राशन, स्कूलों फ़ीस व घर अवश्यकता की भरपाई न हो पाने के कारण कर्मचारी स्थिति दयनीय हो गई हैं | निरंकुश एवं तानाशाही सत्ता एवं शासन के डर से कर्मचारी विरोध नहीं कर पा रहे हैं | मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी भारतीय जनता पार्टी दल्लीराजहरा द्वारा यह मांग की जाती हैं की नगर पालिका कर्मचारियों के वेतन का भुगतान 1 सप्ताह के भीतर किया जाए किया जाए |

शराब भट्टी के पास मिला युवक का शव , हत्या की आशंका से पुलिस जांच में जुटी

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दल्ली राजहरा– बालोद दल्ली राजहरा मुख्य मार्ग से 100 मीटर दूरी पर खेत में कुसुमकसा दारू दुकान जाने वाला मार्ग मे शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतक को देखने से हत्या की संभावना लग रही है युवक की उम्र 28 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है मामले की सूचना मिलती नगर पुलिस अधीक्षक दल्ली राजहरा व थाना की टीम मौके पर पहुँच जाँच कार्यवाही में जुटी हुई है। सब जानकारी के अनुसार मौके पर एडिशनल एसपी के साथ फॉरेंसिक जांच के साथ साइबर क्राइम की टीम भी मौके पर पहुंच रही है।

घटना बीती रात की बताई जा रही है, शराब भट्टी जाने वाले मार्ग में अंधेरा रहता है एवं कच्चा रास्ता होने के कारण मदिरा प्रेमियों को को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है प्रशासन लाभ कमाने लगा रहता है अंधेरा एवं सुनसान मार्ग होने के कारण कई मदिरा प्रेमी आसपास के जंगलों एवं खेतों में बैठकर शराब पीते नजर आते हैं जहां पर कई बार उन्हें कीड़े मकोड़े एवं जानवरों का खतरा भी रहता है इसके बाद कई बार कई बार शराब पीकर आपस में विवाद करते नजर आते हैं आज की घटना के पश्चात जाँच के लिए पुलिस द्वारा फॉरेंसिग टीम की मदद ली जा रही है मृतक की पहचान पवन धाकड़े, पिता आत्माराम धाकड़े बोरिद निवासी के रूप में हुई है।

रेखचंद को कांग्रेस ने दे दी टिकट तो वणिक वर्ग फेर देगा भाजपा के मंसूबों पर पानी

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की निगाह बस्तर पर टिकी हुई है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आमतौर पर यह माना जाता है कि जिसने बस्तर जीत लिया, उसने छत्तीसगढ़ जीत लिया। बस्तर में जगदलपुर विधानसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए एकमात्र सीट है। इस सीट पर अभी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। हालांकि कांग्रेस ने अभी छत्तीसगढ़ में एक भी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। लेकिन अब तक 85 उम्मीदवार घोषित करने वाली भाजपा ने जगदलपुर से अपना उम्मीदवार किरण देव के रूप में पेश कर दिया है। अब यहां मुकाबला इस बात पर टिका है कि भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले कांग्रेस अपने मौजूदा विजेता रेखचंद को उतारती है अथवा उनका विकल्प प्रस्तुत करेगी। यदि कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी दोहरा दिया तो भाजपा को बहुत बड़ा नुकसान झेलने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वजह यह है कि पिछले चुनाव के विजेता कांग्रेस के रेखचंद जैन और भाजपा के पराजित प्रत्याशी संतोष बाफना दोनों ही एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।भाजपा ने संतोष बाफना की टिकट काटकर किरण देव को दी है क्योंकि बाफना पिछले चुनाव में साढ़े सत्ताइस हजार मतों के भारी भरकम अंतर से हार गए थे।उनकी टिकट कटना तो तय थी लेकिन यदि सामाजिक समीकरणों की बात की जाए तो अब यदि कांग्रेस ने रेखचंद जैन को प्रत्याशी बना दिया तो वणिक वर्ग एकतरफा कांग्रेस प्रत्याशी के पाली में आ सकता है। टिकट कटने के बाद संतोष बाफना राजस्थान की तीर्थ यात्रा पर निकल रहे थे तभी उनके समर्थकों ने उनके निवास पर पहुंचकर जिस तरह रोष जाहिर किया है, वह स्वस्फूर्त तो नहीं माना जा सकता। यद्यपि संतोष बाफना ने स्पष्ट किया है कि वह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के फैसले के खिलाफ कतई नहीं जाएंगे। लेकिन समाज की गारंटी बाफना कैसे ले सकते हैं? यदि सामाजिक समीकरणों की बात की जाए तो अब वणिक वर्ग के लिए कांग्रेस को समर्थन देने के अलावा उस स्थिति में कोई विकल्प नहीं बचेगा, जब कि यदि कांग्रेस अपने मौजूदा विधायक रेखचंद जैन को प्रत्याशी घोषित कर दे। कांग्रेस क्या करेगी, यह तो वही जाने। लेकिन, जिस तरह से जगदलपुर की राजनीति ने करवट बदली है, उससे साफ नजर आ रहा है कि अब कांग्रेस के लिए उस सूरत में मैदान खुला हुआ है, जब वह अपना प्रत्याशी रिपीट कर सकती है। कांग्रेस को अब उन लेकिन, परंतु, चूंकि, क्योंकि से छुटकारा मिल गया है, जो रेखचंद के बारे में कांग्रेस के ही एक वर्ग द्वारा खड़े किए गए थे। ऐसे ही सवाल संतोष बाफना के सामने भी थे। जिनका जिक्र उन्होंने खुलकर कर दिया। बाफना की टिकट कट गई। वह साफ कर चुके हैं कि जगदलपुर में पार्टी का काम नहीं करेंगे। इसके अलावा पार्टी जहां कहेगी, वहां काम करेंगे। इसका सीधा-सीधा मतलब यही है कि यदि कांग्रेस ने रेखचंद को दोबारा टिकट दे दी तो एक समाज विशेष का एक तरफा लगाव और रुझान कांग्रेस के पाले में आ सकता है।

पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए हैं शहर जिलाध्यक्ष मौर्य

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  •  सुशील जुट गए मिशन 75 प्लस को कामयाब बनाने में
  •  नगरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ली बैठक =

जगदलपुर आसन्न चुनाव को देखते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य पूरी तरह इलेक्शन मोड में आ गए हैं। वे लगातार क्षेत्र का दौरा कर पदाधिकारी – कार्यकर्त्ताओं की बैठकें लेकर उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के मिशन 75 प्लस को कामयाब बनाने के लिए टिप्स दे रहे हैं।
अपने इलेक्शन मोड को गति देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज के विश्वास पात्र शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने बुधवार को नगरनार ब्लाक कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में सेक्टर व बूथ प्रभारियों को विधानसभा चुनाव में बेहतर कार्य करने के लिए श्री मौर्य ने दिशा निर्देश दिए। सुशील मौर्य ने सेक्टर प्रभारियों व बूथ प्रभारियों को प्रत्येक बूथ को मजबूती प्रदान करने के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के 75 पार के संकल्प के अनुरूप कार्य करने व प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन जन तक पंहुचाने हेतु कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया और अति महत्वपूर्ण टिप्स दिए। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य, नगरनार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लैखन बघेल, महामंत्री अभिषेक नायडू, कोषाध्यक्ष असीम सुता, सचिव रमेश पात्रो, सचिव सियाराम नाग, सरपंच दयाराम नाग, पंच संजय नाग, अभिषेक गुप्ता राजेश कश्यप, विजय बिसाई, पुरुषोत्तम कश्यप, बूथ प्रभारी व कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

बस्तर में कांग्रेस के पास भाजपा के खिलाफ कई ब्रम्हास्त्र

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  • नगरनार प्लांट, नंदराज पहाड़, आरक्षण समेत अन्य मुद्दों को भुनाएगी कांग्रेस
  •  कांग्रेस की तरकश में नहीं है रामबाण की कोई कमी
    -अर्जुन झा-

जगदलपुर वैसे तो पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस धारदार अंदाज में और ठोस मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, लेकिन बस्तर संभाग के मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस के पास मुद्दों की भरमार है। नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के अलावा नंदराज पहाड़, आरक्षण, स्थानीय बेरोजगारों को नौकरियों में प्राथमिकता कांग्रेस के लिए भाजपा के खिलाफ चुनावी युद्ध में रामबाण और ब्रम्हास्त्र सिद्ध हो सकते हैं।
भूपेश बघेल सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर तो कांग्रेस राज्य की सभी 90 विधानसभा सीटों में जाएगी, इस बात में कोई शक नहीं है। अपनी पहली पारी में ही कांग्रेस सरकार ने उच्च दर पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोबर एवं गोमूत्र खरीदी, गोठान योजना, बेरोजगारी भत्ता, रीपा योजना आदि के माध्यम से समाज के हर वर्ग का दिल जीत लिया है। छत्तीसगढ़ के किसान कुछ ज्यादा ही प्रसन्न हैं और कांग्रेस के प्रति मेहरबान नजर आ रहे हैं। पुनः सरकार बनने पर कांग्रेस ने धान की खरीदी 2650 रु. प्रति क्विंटल की दर से करने की घोषणा कर और खरीदी लिमिट को 20 क्विंटल प्रति एकड़ करके किसानों को अपने पाले में कर लिया है। छत्तीसगढ़ में कृषक परिवारों की अधिकता है और मजदूर वर्ग भी कृषि आधारित रोजगार पर ही ज्यादा निर्भर हैं। सालाना 7 हजार रु. का मान धन देकर भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ भी भूपेश बघेल सरकार ने न्याय किया है। इस तरह अभी से साफ हो गया है कि एक बहुत बड़ा तबका कांग्रेस के साथ खड़ा हो गया है। ये सारे कारक तो बस्तर में कांग्रेस के पक्ष में प्रभावी हैं ही, इनके अलावा कांग्रेस की तरकश में भाजपा के खिलाफ कई और रामबाण भी हैं। इस ब्रम्हास्त्र और रामबाण के माध्यम से भाजपा को कांग्रेस ‘बारहों खाने’ चित्त कर सकती है। आशय यह कि बस्तर संभाग की सभी बारह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस शानदार जीत दर्ज करा सकती है।

क्या है नंदराज पहाड़ का मसला?
नंदराज पहाड़ वो मसला है, जिसे लेकर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज लंबे अरसे से संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ते आ रहे हैं।लौह अयस्क के अकूत भंडार से समृद्ध बैलाडीला पर्वत श्रृंखला के नंदराज पहाड़ का गर्भ भी कच्चे लोहे से भरा हुआ है। इस पहाड़ के बड़े भाग को लौह अयस्क खनन और इस अयस्क के उपयोग के लिए अडानी समूह को लीज पर दे दिया गया है। नंदराज पहाड़ की तलहटी में बसे गांवों के ग्रामीणों के पुरजोर विरोध और ग्रामसभाओं द्वारा पारित विरोध प्रस्ताव के बावजूद डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल यह कदम उठाया गया था। सांसद दीपक बैज इस फैसले का विरोध कई बार लोकसभा में कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद दीपक बैज इस मुद्दे को संसद के बाद सड़क पर भी ले आए। बताते हैं कि दर्जनों गांवों के ग्रामीण नंदराज पहाड़ को लीज पर दिए जाने से नाखुश हैं और विधानसभा चुनाव में लोगों की यह नाराजगी भाजपा को भारी पड़ने वाली है। कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा जरूर बनाएगी।

नगरनार पर करार : लोग बेकरार
एनएमडीसी द्वारा जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र को कथित तौर पर बेचने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा निजी क्षेत्र से किए जा रहे करार के खिलाफ भी बस्तर संभाग के ग्रामीण बेकरार नजर आ रहे हैं। जन चर्चा है कि मोदी सरकार इस स्टील प्लांट को एक बड़े औद्योगिक घराने के हवाले करने का फैसला कर चुकी है। केंद्र सरकार का यह कदम भी भाजपा पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। नगरनार समेत एक दर्जन से भी अधिक गांवों के ग्रामीणों की कृषि और पड़त भूमि अधिग्रहित की गई है। अधिग्रहण के दौरान कहा गया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र में हर प्रभावित परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जाएगी। सामुदायिक विकास योजना के तहत संयंत्र के परिधीय गांवों के विकास के कार्य कराए जाएंगे, अच्छी सड़कें बनाई जाएंगी, नगरनार में उत्कृष्ट स्कूल और सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की स्थापना की जाएगी। मगर दुख की बात है कि अधिकांश दावे थोथे ही साबित हुए हैं। कई प्रभावित परिवारों को संयंत्र में नौकरी मिली और कई अभी भी नौकरी मिलने की आस लगाए बैठे हैं, आयु सीमा को पार करते जा रहे हैं। कुछ दिन पहले तक एक प्रभावित परिवार की दो बेटियां नौकरी की मांग करते हुए संयंत्र के बाहर धरने पर बैठ गईं थीं। संयंत्र में ट्रांसपोर्टिंग का काम भी बाहरी लोगों को दे दिया गया है। स्थानीय ग्रामीण ट्रांसपोर्टर और बस्तर परिवहन संघ के सदस्य ट्रांसपोर्टिंग का काम स्थानीय प्रांसपोर्टरों को देने की मांग को लेकर लंबे समय तक धरना दे चुके हैं। वहीं सर्व आदिवासी समाज और पिछड़ा वर्ग समाज भी नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में तथा संयंत्र में स्थानीय बेरोजगारों और मजदूरों को नौकरी देने की मांग को लेकर मोर्चा खोल चुका है।

जायज है सांसद बैज की चिंता
सांसद दीपक बैज और जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शुरू से मुखर रहे हैं। सांसद दीपक बैज जहां संसद में निजीकरण के विरोध में लगातार आवाज उठाते आए हैं, वहीं विधायक एवं संसदीय सचिव इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर चुके हैं। बस्तर के ये दोनों ही जागरूक जनप्रतिनिधि अपने अपने स्तर पर केंद्र सरकार के फैसले के विरुद्ध मोर्चा सम्हाले हुए हैं। सांसद दीपक बैज की चिंता यह रही है कि निजीकरण के बाद नगरनार इस्पात संयंत्र में आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और गरीब तबके के योग्य युवाओं को आरक्षण के आधार पर नौकरियों में भागीदारी नहीं मिल पाएगी। श्री बैज अपनी यह चिंता लोकसभा में भी व्यक्त कर चुके हैं। एक दफे उन्होंने संसद में कहा था कि निजी क्षेत्र में आरक्षण की बाध्यता नहीं है, ऐसे में अगर नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण हो जाने पर आरक्षित वर्गों को पर्याप्त नौकरियां नहीं मिल पाएंगी। श्री बैज की यह चिंता बिल्कुल जायज है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद दीपक बैज और बस्तर जिले के प्रभारी एवं छ्ग शासन के उद्योग मंत्री कवासी लखमा की पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र को खुद चलाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेज चुकी है। भूपेश बघेल की मंशा है की संयंत्र को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के अधीन कर दिया जाए या फिर छ्ग सरकार के हवाले कर दिया जाए।

आरक्षण का लंबित प्रकरण
भूपेश बघेल सरकार अनुसूचित जाति जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीबों को सरकारी नौकरियों में पर्याप्त आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध रही है। भूपेश बघेल केबिनेट ने इन सभी वर्गों के लिए आरक्षण का प्रतिशत निर्धारित करते हुए प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राजयपाल के पास भेज दिया है। कई माह बीत जाने के बाद भी इस प्रस्ताव को राजभवन से मंजूरी नहीं मिल पाई है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार के दबाव में इस मसले को लटकाकर रखा गया है। कांग्रेस इसे पहले ही बड़ा मुद्दा बना चुकी है। यह मुद्दा बस्तर जैसे अनुसूचित जनजाति बहुल संभाग में भाजपा का गणित बिगाड़ सकता है। इस तरह देखा जाए तो बस्तर संभाग के लिए कांग्रेस के पास एक सेबढ़कर एक ब्रम्हास्त्र, रामबाण और मिसाइलें हैं, जो भाजपा की चुलें हिलाने में सक्षम हैं।

लोग एकबार फिर लगा रहे हैं रेखचंद के लिए पुकार

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  • जगदलपुर विधानसभा सीट के कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर छंट चुकी है धुंध
  • विकास के दम पर विजय पताका फहराएंगे जैन
  • धुर नक्सल प्रभावित गांवों में भी तरक्की की इबारत लिख रहे हैं विधायक रेखचंद

जगदलपुर बस्तर संभाग की इकलौती सामान्य विधानसभा सीट जगदलपुर के कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर छाई धुंध लगभग छंट चुकी है और सिर्फ नाम की घोषणा बाकी है। क्षेत्र के लोग कह रहे हैं रेखचंद जैन फिर एकबार।विकास की बयार के सहारे जगदलपुर सीट पर कांग्रेस की विजय पताका फहराने का माद्दा रखने वाले को विधायक रेखचंद जैन की लोकप्रियता का कोई मुकाबला नहीं है। भूपेश बघेल सरकार की विकासपरक योजनाओं के जरिए अति संवेदनशील धुर नक्सल प्रभावित गांवों में भी तरक्की की इबारत लिखकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। यही विकास जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में फिर से कांग्रेस की जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान ने जगदलपुर सीट के लिए प्रत्याशी का नाम तय कर लिया है। क्षेत्र के लोगों को पूरा भरोसा है कि पार्टी पुनः रेखचंद को मैदान पर उतारेगी और वे भारी अंतर से जीत भी दर्ज कराएंगे। आचार संहिता लगने से पहले तक धुर नक्सल इलाके में घूम घूमकर रेखचंद जैन लोगों से संपर्क करते रहे हैं। लोगों का दुख दर्द सुनने और कांग्रेस की जीत के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने वे रोज की तरह आज सुबह भी पैदल निकल पड़े शहर में। रेखचंद जैन कांग्रेस का प्रचार करते रहे। ‘हर कोने से केवल एक ही पुकार, रेखचंद फिर एकबार’ का नारा शहर व गांवों में प्रचलित हो चला है। रेखचंद जैन वह शख्सियत हैं, जिन्होंने परोपकार और जनसेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। यही उनका परम संकल्प भी है। अपने इस संकल्प की सिद्धि के लिए रेखचंद जैन ने राजनीति को आधार बनाया है। पिछले चुनाव में जनता ने उन पर आशीष के फूल बरसाए और प्रतिद्वन्दी प्रत्याशी को उन्होंने भारी अंतर से शिकस्त दी थी। तबसे जनता जनार्दन का कर्ज उतारने के लिए विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन प्रण प्राण से जुटे हुए हैं। दैवयोग से उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बस्तर के सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया तथा अन्य मंत्रियों का भी भरपूर सहयोग मिलता आया है। इन सभी के सहयोग से रेखचंद जैन सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का ध्येय लेकर आगे बढ़ते गए। जगदलपुर शहर के साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अति संवेदनशील गांवों तक भी उन्होंने विकास की रौशनी बिखेरी है। गांव गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, स्कूल, बिजली, सड़क, नाली, सीसी रोड, बिजली, चिकित्सा आदि की सुविधा मुहैया कराने में उन्होंने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। आदिवासियों के पूजा स्थल देवगुड़ी और मातागुड़ी के जीर्णोद्धार एवं नई गुड़ी निर्माण का कार्य भी उन्होंने बड़ी तादाद में कराया है। पहली बार भूपेश बघेल सरकार के राज में आदिवासियों के आस्था स्थलों, रीति रिवाजों और परंपराओं को पोषित करने का काम हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस मिशन को अपने निर्वाचन क्षेत्र में कामयाब बनाने में रेखचंद जैन ने अहम भूमिका निभाई है। विकास और आस्था की बुनियाद पर रेखचंद जैन की लोकप्रियता की ईमारत मजबूत एवं अभेद्य हो गई है। वे आज भी लोगों के सुख दुख में शामिल होने, उनकी पीड़ा दूर करने सुबह से निकल पड़ते हैं। उन्होंने व्यापक जनसंपर्क और प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है। लोग उन्हें दिल से दुआएं दे रहे हैं और विजयी होने की शुभकामनाएं भी। क्षेत्र में लोगों ने इन दिनों नारा बुलंद कर रखा है – ‘हर कोने से यही पुकार, रेखचंद फिर एकबार’। शहर में भी  जैन की लोकप्रियता चरम पर है। इसे देखते हुए लगता है कि वे इस बार के चुनाव में अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़कर रख देंगे। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व ने जगदलपुर के प्रत्याशी का नाम फाइनल कर लिया है। क्षेत्र के लोगों को पक्का यकीन है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के लाडले ‘रेखू’ को ही पार्टी चुनावी समर में उतारेगी।

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