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नया गुल खिलाएगी कका, बबा, भैया, दीदी की चौकड़ी

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  • भूपेश, सिंहदेव, दीपक बैज और ज्योत्सना महंत एकसाथ रवाना हुए कोरबा के लिए

अर्जुन झा

रायपुर /जगदलपुर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का कारवां शनिवार को एक ही उड़न खटोले से कोरबा के लिए रवाना हुआ। चुनावी माहौल में इस कारवां के कोरबा जाने को कांग्रेस की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव बाबा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व बस्तर के सांसद दीपक बैज और सांसद ज्योत्सना महंत 29 जुलाई को राज्य सरकार के हेलीकाप्टर से कोरबा रवाना हुए। राज्य में कांग्रेस की राजनीति की धुरी माने जाने वाले इन चारों नेताओं के एकसाथ कोरबा प्रस्थित होने को पार्टी की बड़ी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। भले ही सरकारी या राजनैतिक कार्यक्रम के सिलसिले में ये चारों नेता कोरबा गए हों, लेकिन इसके कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। भूपेश बघेल कका की समूचे राज्य में अपनी अलग लोकप्रियता है। टीएस सिंहदेव बबा की कोरबा समेत राज्य के पूर्वी भाग में बड़ी प्रतिष्ठा है। ज्योत्सना महंत की उस अंचल में गहरी पैठ है। लोग उन्हें श्रद्धा पूर्वक दीदी बोलते हैं। वहीं बस्तर के सांसद एवं पिसीसी चीफ दीपक बैज की छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग के कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर व दंतेवाड़ा जिलों में खासी मजबूत पकड़ है। इसके अलावा बैज की राज्य के आदिवासी बहुल सरगुजा, कोरिया, जशपुर, रायगढ़, बलरामपुर, चिरमिरी, राजनांदगांव, कवर्धा, अंबागढ़ चौकी, मोहला, मानपुर आदि आदिवासी बहुल इलाकों में सहज स्वीकार्यता है। बैज आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। उन्हें आदिवासी समाज और बस्तर का शेर कहा जाता है। बस्तर संभाग में दीपक बैज को लोग आदर से भैया कहकर पुकारते हैं। इस तरह कका, बबा, भैया और दीदी की चौकड़ी ऊर्जा नगरी एवं कोयलांचल कोरबा में सियासत की नई इबारत लिखने निकले हैं, ऐसा राजनीति के जानकारों का मानना है। ये चारों कोयलांचल में कांग्रेस को नई ऊर्जा से आप्लावित कर विधानसभा चुनाव में बड़ा अच्छा नतीजा सामने ला सकते हैं।

कल होगा विशाल निशुल्क आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, नेत्र रोग, रक्त जाँच एवं पंचकर्म चिकित्सा एवं दवाई वितरण शिविर

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दल्लीराजहरा स्मृतिशेष कमल चंद जैन की पुण्य स्मृति में क्रांति मेडिकल के सौजन्य से संचालक आयुष छत्तीसगढ़ शासन रायपुर एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी बालोद के मार्गदर्शन में दिनांक 30 जुलाई 2023 दिन रविवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में स्थानीय चिकित्सकों के साथ बाहर से पधारे हुए वरिष्ठ अनुभवी आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जावेगी । शिविर में जैसे पेट की समस्त बीमारी, दमा श्वास ,गठिया वात की बीमारी, जोड़ों का दर्द, साइटिका, ब्लड प्रेशर ,चर्म रोग, बवासीर कब्ज, महिलाओं की समस्त बीमारियां, नेत्र जाँच, पंचकर्म जैसे शिरोधारा, कटिबस्ती, जानुबस्ती, अग्निकर्म के द्वारा पुराने से पुराने रोगों का निवारण और सभी प्रकार के रोगों का इलाज निशुल्क कर दवाई वितरण किया जाएगा।अतः आप सभी शहरवासियों से सादर अनुरोध है कि इस स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित होकर अपने रोगों का निदान कर स्वस्थ्य बने।

दिनांक – 30/07/2023 दिन रविवार स्थान – समरथ भवन पंजाब नेशनल बैंक के सामने जैन भवन चौक दल्ली राजहरा समय- सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक आप सभी बंधुओ से निवेदन इस् एसएमएस को जरूरतमंद तक जरूर पहुँचा कर सेवा का लाभ ले।

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भाजपा कार्यकारिणी में छग को खास तवज्जो

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  • डॉ. रमनसिंह, सरोज पाण्डेय और लता उसेंडी उपाध्यक्ष नियुक्त

रायपुर / जगदलपुर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ने 29 जुलाई को पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी की। इसमें छत्तीसगढ़ समेत चुनाव वाले राज्यों को विशेष अहमियत दी गई है। छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राजयसभा सदस्य डॉ. सरोज पांडे और पूर्व मंत्री लता उसेंडी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। नई सूची के मुताबिक उपाध्यक्ष पद पर कुल तेरह नेताओं की नियुक्ति की गई है, जिनमें सर्वाधिक तीन नेता छत्तीसगढ़ के हैं। मध्यप्रदेश से सौदान सिंह और राजस्थान से वसुंधरा राजे को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं महामंत्री पद पर छत्तीसगढ़ से किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। मध्यप्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय और राजस्थान से सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया है। इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाले हैं। चुनावों के मद्देनजर ही ये नियुक्तियां की गई हैं। डॉ. रमन सिंह, डॉ. सरोज पाण्डेय और लता उसेंडी की नियुक्ति को विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। डॉ. रमन सिंह वैसे तो समूचे छत्तीसगढ़ में अच्छी पैठ रखते हैं लेकिन कबीरधाम ( कवर्धा ), खैरागढ़, राजनांदगांव और अंबागढ़ चौकी मोहला जिलों में उनके चाहने वालों की भरमार है। राजयसभा सदस्य डॉ. सरोज पाण्डेय की दुर्ग जिले में अच्छी पकड़ है। वहीं कोंडागांव बस्तर में लता उसेंडी की पैठ है।

मुख्यमंत्री से मिले बस्तर धाकड़ समाज के प्रतिनिधि

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जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में धाकड़ ठाकुर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की।जगदलपुर से रायपुर गए धाकड़ ठाकुर समाज के प्रतिनिधियों ने पहले बस्तर के सांसद एवं पिसीसी चीफ दीपक बैज से भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने बैज के समक्ष मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जताई। इस पर बैज ने तुरंत हामी भर दी। इसके बाद बैज के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल सीधे मुख्यमंत्री निवास पहुंचा। वहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को समाज की कुछ मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया।

जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम के जन्मदिन की धूम

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  • युकां उपाध्यक्ष संदीप दास का भी मनाया गया जन्मदिन

जगदलपुर कांग्रेस नेता सुशील मौर्य के नेतृत्व में जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम और युवा कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष संदीप दास का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। जन्मदिन समारोह का आयोजन सांसद प्रतिनिधि सुशील मौर्य के नयापारा स्थित कार्यालय में किया गया था।

इस दौरान सुशील मौर्य तथा युवा कांग्रेस व महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने केक खिलाकर अनिता पोयाम व संदीप दास को जन्मदिन की बधाई दी। सभी ने बारी-बारी से जगदलपुर की जनपद अध्यक्ष अनिता पोयाम व शहर जिला उपाध्यक्ष संदीप दास को बुके भेंटकर उनका मुंह मीठा करवाया। कार्यक्रम में पार्षद कोमल सेना, प्रदेश सचिव सायमा अशरफ, महिला कोंग्रेस अध्यक्ष सरला तिवारी, युवा मितान अध्यक्ष एस नीला, जाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, रोजविन दास, अफरोज खान, सांसद प्रतिनिधि सोशल मीडिया शादाब अहमद, एनएसयूआई ग्रामीण जिलाध्यक्ष नीलम कश्यप, आसिम सुता, शिरीष मिश्रा, मनीष कश्यप, सोनू कश्यप, शेखर, अभिषेक गुप्ता, संजू गुप्ता, सुलो कश्यप एवं अन्य लोग मौजूद थे।

कारगिल के शहीदों की स्मृति में रोपे गए पौधे

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  • बकावंड हायर सेकंडरी स्कूल में मनाया गया कारगिल विजय दिवस


बकावंड कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल बकावंड के परिसर में पुलिस विभाग के अधिकारियों और स्कूल स्टॉफ ने शहीदों की स्मृति में पौधे रोपे। मुख्य अतिथि उप महानिरीक्षक एवं बस्तर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा थे। वयोवृद्ध समाजसेवी जानकी राम सेठिया अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीणा ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने कारगिल के पहाड़ों से भारत पर हमला कर कई चौकियों पर कब्जा कर लिया था। तब हमारे भारतीय फौजियों ने कठिनतम पहाड़ों पर चढ़ कर दुश्मन सैनिकों को मार भगाया और चौकियां वापस ले लीं। इस युद्ध में दोनों देशों की सेना को काफी नुकसान हुआ। हमारे अनेक फौजी जवान इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए इन शहीद जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि की रक्षा की।

शहादत देने वालों में भिलाई के शहीद कौशल यादव समेत छत्तीसगढ़ के भी अनेक सैनिक शामिल हैं। इन शहीदों की याद में हर साल कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। उन्ही की स्मृति में आज हम सभी यहां पौधे लगा रहे हैं। ये पौधे आगे पेड़ बनकर हमें न सिर्फ अपने वीर सपूतों के बलिदान की सदैव याद दिलाते रहेंगे, बल्कि धरती माता का श्रृंगार हरियाली बिखेरते हुए करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे वीर जवानों ने भारत माता की रक्षा की है, उसी तरह ये पेड़ पर्यावरण की रक्षा कर हमारे स्वास्थ्य को समृद्ध करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को मातृभूमि और पर्यावरण की रक्षा के सदैव समर्पित रहने की प्रेरणा दी। जानकी राम सेठिया ने कहा कि देश के वीर सैनिक मातृभूमि की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे समर्पित रहते हैं। अपने माता – पिता, पत्नी व बच्चों से दूर रहकर हमारे जवान बाहरी दुश्मनों से हमारी सुरक्षा करते हैं। उसी तरह पुलिस के जवान आंतरिक दुश्मनों, अपराधी एवं अराजक तत्वों से हमें सुरक्षित रखते हैं। पुलिस से डरना नहीं चाहिए, बल्कि अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की मदद करनी चाहिए। प्राचार्य ने भी संबोधन दिया। इस दौरान बच्चों ने उत्साह के साथ पौधरोपण में सहभागिता दी। अनेक बच्चों ने देशभक्ति तथा पर्यावरण पर आधारित कविताओं और संभाषण की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में स्कूल के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं, थाना प्रभारी चंद्रशेखर श्रीवास और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

बीएसपी के महामाया माइंस कि ट्रकों में क्षमता से अधिक लौह अयस्क परिवहन पर प्रशासन की कार्यवाही

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दल्लीराजहरा महामाया क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट की वर्षो से संचालित लौह अयस्क खदान हैं, जहाँ से लौह अयस्क खनन कर ट्रकों द्वारा सड़क मार्ग से परिवहन कर दल्ली राजहरा लाया जाता रहा है। बीएसपी प्रबंधन के कुछ अधिकारियों द्वारा ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर ट्रकों मैं क्षमता से अधिक लौह अयस्क का परिवहन कर लाखों रुपए की रॉयल्टी चोरी सहित ओवरलोड परिवहन करवाने का मामला प्रकाश में आया है। कल सुबह नायब तहसीलदार बी.रूद्रपति के द्वारा गोटूलमुंडा चौंक में बीएसपी की महामाया और दुलकी माइंस से कच्चे माल को सड़क मार्ग से दल्ली राजहरा में स्थित बीएसपी के क्रेशर में ले जाने वाली वाहनों को रोककर जब कांटा पर्चियों का जांच किया गया और ग्राम खैरवाही में स्थित डामर प्लांट के निजी धर्मकांटा में गाड़ियों का वजन करवाया गया तो महामाया माइंस की गाड़ियों में एक से डेढ़ टन लौह अयस्क क्षमता से अधिक पाया गया।

इस पर वहां के परिवहन से जुड़े स्थानीय नेताओं के द्वारा विवाद करने का प्रयास किया गया इस पर गाड़ियों के तौल का कार्य फिर से कराया गया, नायब तहसीलदार बी, रूद्पति के द्वारा बताया गया, सात वाहनों को रोककर वजन किया गया था। जिसमें से 5 वाहनों पर क्षमता से अधिक वजन मिलने की वजह से जांच की प्रक्रिया की जा रही है। वर्षों से संचालित इस माइंस से परिवहन का कार्य किया जाता है जिसकी शिकायत संतोष देवांगन नगर पालिका उपाध्यक्ष द्वारा कई बार की जा चुकी है। ओवरलोड गाड़ियों की वजह से लगातार सड़क दुर्घटनाएं एवं सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं जिसकी वजह से महामाया और डौंडी की ओर जाने वाले नागरिकों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सभी गाड़ी को डौंडी के फुटबाल ग्राउंड में खड़ा किया गया है। जिसका फुटबाल क्लब डौंडी के सदस्यों ने विरोध किया गया सदस्यों का कहना है कि ग्राउंड में छोटे बच्चे फुटबॉल खेलते है। जहा एक साथ सात वाहनों को खड़ा कर दिया गया है जिससे ग्राउंड में गड्ढा हो गया इसका जिम्मेदारी कौन होगा। इस संबंध में जब एसडीएम से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया की अभी जांच चल रहा है कार्यवाही पूर्ण होने पर जानकारी दी जाएगी।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के बालोद जिलाध्यक्ष बने ज़ुबैर अहमद

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दल्लीराजहरा बालोद जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज़ुबैर अहमद को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का बालोद जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ज़ुबैर अहमद कांग्रेस पार्टी के लिए लगातार कई सालों से समर्पित होकर कार्य करते आ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के 25 जिलाध्यक्षो की नियुक्ति की है। जुबैर अहमद ने अपनी नियुक्ति के लिए कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमीन मेमन व छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश प्रभारी निजामुद्दीन राईन का आभार व्यक्त किया है। जुबैर अहमद ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के हित में चलाई जा रही योजनाओं और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को वे बालोद जिला की जनता तक पहुंचाने का कार्य पूरी शिद्दत से करेंगे।जनता की समस्याओं को हल करने की पूरी कोशिश उनकी ओर से की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के छत्तीस कांग्रेस विधायकों का टिकट खतरे में

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  • कांग्रेस के आंतरिक सर्वे में विधायकों की हार का अंदेशा
  • क्या थके हुए घोड़ों पर फिर से बाजी लगाएगी कांग्रेस

अर्जुन झा

जगदलपुर/रायपुर कांग्रेस के कथित आंतरिक सर्वे को सच मानें, तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के छत्तीस विधायकों को आने वाले चुनावों में हार का सामना करना पड़ सकता है। इस लिहाज से कांग्रेस इन मौजूदा विधायकों का टिकट कट सकता है। क्योंकि कांग्रेस रिस्क लेकर थके हारे घोड़ों पर दांव शायद ही लगाएगी। मगर यह भी सौ फीसदी सच है कि इस सर्वे रिपोर्ट और जमीनी तस्वीर में जरा भी मेल नहीं है। जिन विधायकों का ट्रेक रिकॉर्ड और लोकप्रियता जबरदस्त है, उन्हें भी सर्वे में हारता हुआ बताया गया है। हाल ही में कांग्रेस ने अपने विधायकों की परफॉर्मेन्स और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता को लेकर पूरे राज्य में सर्वे कराया था। इस सर्वे में जो निष्कर्ष निकलकर सामने आए हैं, वे बड़े चौंकाने वाले हैं और अविश्वसनीय भी प्रतीत होते हैं। क्योंकि इस सर्वे में जिन मंत्रियों और विधायकों की हार का अंदेशा जताया गया है, उनमें से कुछ के बारे में जमीनी सच्चाई सर्वे के बिल्कुल उलट है, यानि वे इस बार भी जीतेंगे और पहले से भी ज्यादा मार्जिन से जीतेंगे। इसलिए इस तथाकथित सर्वे की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जिन्हें सर्वे की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने फिल्ड में न जाकर सिर्फ टेबल वर्क किया है। सर्वे में केबिनेट मंत्री एवं साजा धमधा क्षेत्र के विधायक रविंद्र चौबे, मंत्री एवं अहिवारा के विधायक गुरु रूद्र कुमार, भूपेश बघेल सरकार में इकलौती महिला मंत्री अनिला भेंडिया समेत दो और मंत्रियों की हार की संभावना जताई गई है। रविंद्र चौबे के हारने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है, क्योंकि वे क्षेत्र में अभी भी बेहद लोकप्रिय हैं। ये अलग बात है कि श्री चौबे अपने निर्वाचन क्षेत्र को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं, पर क्षेत्र के विकास में वे कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। इसी तरह डोँडी लोहारा की विधायक और भूपेश बघेल सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया के भी हारने की संभावना दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रही है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. झुमुक लाल भेंडिया के परिवार की सदस्य अनिला की लोकप्रियता अभी भी चरम पर है। वहीं भिलाई नगर के युवा विधायक देवेंद्र यादव, खुज्जी की विधायक छन्नी चंदूलाल साहू, अनिता योगेंद्र शर्मा समेत कुल 36 विधायकों के इस बार हार जाने का अंदेशा जताया गया है। देवेंद्र यादव को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है और उनका ट्रेक रिकॉर्ड काफी अच्छा है। युवाओं के बीच श्री यादव की लोकप्रियता भी है। ऐसे में उनके हार जाने की बात समझ से परे है। वहीं पार्टी के बड़े नेताओं का मानना है कि राज्य सरकार से जनता की नाराजगी नहीं है, उसकी नाराजगी विधायकों से है। यह सच भी है या सिर्फ परसेप्शन मैनेजमेंट है। इसे लेकर अब सवाल भी उठ रहे हैं। इनमें से अनेक विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने अपने विधायक के कामकाज पर पूरी तरह संतुष्टि जताई है। उनका कहना है कि हमारे विधायक फिर से जीतेंगे।

जो जमीन से जुड़े हैं, उनकी जड़ें छिछली कैसे?

कांग्रेस के आंतरिक सर्वे रिपोर्ट में बस्तर संभाग के भी पांच विधायकों के हार जाने की भविष्यवाणी की गई है। इनमें बीजापुर से विक्रम मंडावी, जगदलपुर से रेखचंद जैन, दंतेवाड़ा से देवती कर्मा, कांकेर से शिशुपाल सोरी और अंतागढ़ से अनूप नाग शामिल हैं। बस्तर संभाग में दो विधायक ऐसे हैं, अगले चुनाव में जिनकी जीत का दावा विरोधी भी करते हैं। इन दोनों में पहला नाम है रेखचंद जैन का, जिन्होंने अपने क्षेत्र की जनता की सेवा में दिन रात एक कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं को अपने निर्वाचन क्षेत्र के गांव गांव तक पहुंचाकर जन मानस को लाभ दिलाने वाले रेखचंद जैन को क्षेत्र के लोग विधायक नहीं, बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। जैन भी उन्हें महज वोटर नहीं बल्कि अपना परिजन मानकर उनकी खिदमत में लगे रहते हैं। रेखचंद जैन ने साढ़े चार साल में जितने कार्य क्षेत्र में कराए हैं, उनका दस फीसद भी काम भाजपा के पंद्रह साल के शासनकाल में नहीं हो पाया था। मिलनसार और व्यवहार कुशल जैन क्षेत्र में हर जाति समुदाय और हर आयु वर्ग के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। विरोधी भी उनकी लोकप्रियता के कायल हैं और उनकी रिकार्ड तोड़ जीत का दावा कर रहे हैं। इसी तरह विक्रम मंडावी भी बीजापुर क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। डेसिंग पर्सनालिटी के विधायक विक्रम मंडावी शुरू से नक्सलियों के निशाने पर रहे हैं। उन पर एक दफे नक्सली हमला भी कर चुके हैं। बावजूद वे बिना डरे मुख्यमंत्री की भावनाओं के अनुरूप क्षेत्र के विकास में योगदान देते आ रहे हैं। युवाओं और हर वर्ग के मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता है।

सर्वे को टिकट का पैमाना मानना आत्मघाती

तथाकथित आंतरिक सर्वे को टिकट वितरण का पैमाना मानना कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। रविंद्र चौबे, अनिला भेड़िया, रेखचंद जैन विक्रम मंडावी, देवेंद्र यादव सरीखे विधायकों को जीतने योग्य न बताना कथित सर्वे की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाता प्रतीत हो रहा है। यह जरूर है कि कई मंत्री और विधायक जन विश्वास पर खरे नहीं उतरे हैं और मतदाताओं ने इस बार उन्हें मौका नहीं देने का मन भी बना लिया है। मगर जो विधायक जमीनी रूप से लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं, उनका टिकट सर्वे के आधार पर काट देना कांग्रेस के लिए आने वाले चुनाव में भारी नुकसानदेह हो सकता है। सियासी पंडित भी इस कथित सर्वे को सिरे से खारिज करते हुए उसे प्रायोजित तक कहने लगे हैं

पचास साल बाद भी बस्ती को नहीं मिल पाई सड़क

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  • लिंगोगुड़ा के टोटापारा की मुख्य गली कीचड़ से अटी
  • मुख्य गली का मुरमीकरण भी नहीं हो पाया है अब तक

बकावंड विकासखंड बकावंड में एक ऐसी बस्ती भी है, जहां पचास साल का लंबा अरसा गुजर जाने के बाद भी एक अदद सड़क तक नहीं बनाई जा सकी है। ग्रामीणों को अन्यत्र गांव या फिर अपने ही पंचायत मुख्यालय में जाना हो, तो कीचड़ से अटी पड़ी गली को पार करना पड़ता है। बकावंड ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमी के आश्रित ग्राम लिंगोगुड़ा की टोटापारा बस्ती 50 वर्ष पहले आबाद हुई थी। यहां लगभग 40 परिवार निवासरत हैं। यहां रहने वाले ग्रामीण हर चुनाव में वोट देते हैं। मगर उनकी बदनसीबी यह है कि जिन्हें ये वोट देते हैं, वे जनप्रतिनिधि उनका दर्द दूर करने के बारे में सोचते तक नहीं।

बारिश के मौसम में मुख्य गली घुटने भर कीचड़ से सराबोर रहती है और जून के अंतिम सप्ताह से लेकर सितंबर के मध्य तक ऐसे ही हालात बने रहते हैं। ग्रामीण इस गली में पैदल भी चल नहीं पाते। गली से निकलने के फेर में लोगों को अपने कपड़े गंदे कराने पड़ जाते हैं। बस्ती के विद्यार्थियों को स्कूल जाने तथा ग्रामीणों को मुख्य बस्ती और पंचायत मुख्यालय कोसमी जाने में बड़ी दिक्कत होती है। बस्ती का कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ जाए या फिर किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए, तो उन्हें अस्पताल पहुंचा पाना बहुत ही ज्यादा दुरूह हो जाता है। एंबुलेंस तो इस बस्ती तक पहुंच ही नहीं पाती। बस्ती के ग्रामीणों का कहना है कि सीसी सड़क निर्माण और गली मुरमीकरण की मांग करते करते वे थक चुके हैं। न ग्राम पंचायत कोई सुनवाई कर रही है और न ही क्षेत्रीय विधायक उनकी सुध ले रहे हैं। सड़क को विकास का पैमाना माना जाता है। जिस बस्ती में सड़क ही न हो वहां विकास की किरण भला कैसे पहुंच सकती है। सड़क के बिना बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बस्ती में नहीं हैं। सरपंच और पंचायत सचिव से मुरमीकरण के लिए बस्ती के ग्रामीण कई बार गुहार लगा चुके हैं। पंचायत सचिव खगेश्वर कश्यप का कहना है कि मुरमीकरण के लिए कार्य और राशि की स्वीकृति नहीं मिल रही है। इसलिए मुरमीकरण नहीं करा पा रहे हैं।

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