City Media - Page 431 of 1852 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 431

विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष में बस्तर हाई स्कूल जगदलपुर में निबंध प्रतियोगिता आयोजित

0

आज दिनांक 8 अगस्त 2024 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर के सौजन्य से विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में जगतु माहरा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर में विधिक सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ,इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री अंकिता कश्यप व्यवहार न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज के विकास में आने वाली समस्याओं के विषय में विद्यार्थियों को जानकारी दी साथ ही उनके कला संस्कृति संगीत जीवन शैली पर्यावरण संरक्षण के विषय में विद्यार्थियों को बताते हुए यह कहा कि हमें आदिवासी संस्कृति का सम्मान करना चाहिए इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली समस्याओं के हल के रूप में शिक्षा का महत्व समझाया और कहा कि, शिक्षा के माध्यम से ही हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में ही विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसका शीर्षक प्रकृति संरक्षण था।इस प्रतियोगिता में विद्यालय की कुमारी प्रमिला सेठिया ने तृतीय स्थान कुमारी निधि इंजापुरी ने द्वितीय स्थान, और दीपक सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया

जिसे मुख्य अतिथि महोदय के कर कमलों से कप एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य जी सूर्या राव, श्रीमती नवनीत कमल , अनिल जैन, विद्या निमजे शाला के विद्यार्थी एवं विद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सभी विद्यार्थी एवं कार्यक्रम अधिकारी निरंजन दास उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन हरेंद्र सिंह राजपूत ने किया

पालकों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को बनाया जा सकता है और भी मजबूत : कश्यप

0
  • स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षक पालक मेगा बैठक

करपावंड शासन के निर्देशानुसार संकुल स्तरीय मेगा पालक शिक्षक बैठक स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संकुल प्राचार्य डीके कश्यप के नेतृत्व में आयोजित की गई।

इस अवसर पर प्राचार्य डीके कश्यप ने कहा कि पालकों के सहयोग के बिना स्कूल का संचालन बेहतर नहीं हो सकता। इसके लिए प्रतिदिन छात्रों को स्कूल भेजना होगा। अनुपस्थित एवं ड्राप आउट शाला त्यागी बच्चों की संस्था में दिनों दिन कम होती जा रही है। जो चिंता का विषय है। ग्रामीण क्षेत्र के पालकों को शिक्षा का महत्व समझना होगा।

अपने बच्चों के भविष्य निर्माण में स्कूल को सहयोग करना पड़ेगा। यदि बच्चा एक दिन स्कूल नहीं आता है, तो उस दिन पढ़ाए गए पाठ से अनभिज्ञ रह जाता है, पीछे हो जाता है। कुछ पालक घर के कार्य में बच्चों को संलग्न कर देते हैं। हफ्ते भर स्कूल नहीं आते। तीज त्यौहार मेला मड़ई में भी यही स्थिति देखने को मिलती है। छात्र से स्कूल नहीं जाने का कारण पालकों को पूछना चाहिए। बच्चों का दिमाग उतना विकसित नहीं रहता है इसलिए सब कुछ आपको करना चाहिए। शाला त्यागी बच्चों की समस्या भी गंभीर विषय है। कुछ लोग अन्य प्रदेशों में काम के लिए छात्रों को भेजते हैं ।बाल श्रम को अपराध माना गया है। यह सब ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिलता है। जबकि शहरी क्षेत्रों मे पालक जागरूक होने के कारण पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हैं।  कश्यप ने कहा कि आप सबको भी शहरी शिक्षा व्यवस्था को देखकर अनुकरण करना चाहिए। शिक्षकों के कर्तव्य का जिक्र करते हुए श्री कश्पप ने कहा कि हमारे शिक्षक पढ़ने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। अनुपस्थित छात्रों को फोन करके भी बुलाया जाता है। मैंने अपने स्तर पर निर्देश भी दे रखा है। सुझाव आया है कि स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में गणित भौतिकी, रसायन शास्त्र के व्याख्याता की पदस्थापना होनी चाहिए।अंग्रेजी माध्यम में रिक्त पदों पर शीघ्र ही पदस्थापन हो जाएगी। अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग से शाला भवन का निर्माण, स्कूल के लिए भवन व्यवस्था कर एक शिफ्ट में संचालन करना, पुराने भवन की मरम्मत, आधुनिक प्रयोगशाला का निर्माण, आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण भी जरूरी है।पालकों को श्री कश्यप ने कहा कि शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। कक्षा 10वीं तक निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना, कक्षा तीसरी से 5वी तक आदिवासी, अनुसूचित वर्ग की कन्याओं को छात्रवृत्ति, कक्षा 6वीं से आदिवासी, अनुसूचित वर्ग, ओबीसी छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना, मध्यान्ह भोजन की सुविधा दी जा रही है। छात्रों को प्राइवेट स्कूलों की तरह टिफिन लाना नहीं पड़ता है। कश्यप ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम में संपन्न लोग ही प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस देकर अपने बच्चों को पढ़ाते थे। अब सरकार की यह योजना गरीबों के लिए अंग्रेजी माध्यम स्कूल शिक्षा बेहतर साबित हो रही है। आने वाले समय में सरकार की योजना है कि 12वीं तक के छात्रों को भी निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण किया जाएगा। पालक बालक सम्मेलन को संस्था की उप प्राचार्य अर्चना कश्यप, कविता साहू माध्यमिक विद्यालय, जोशी प्राथमिक विद्यालय हेड मास्टर पंकज सिंह, माध्यमिक विद्यालय हेडमास्टर रश्मि त्रिपाठी, सामोराम कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या शिक्षक शिक्षिकाएं और पालक उपस्थित थे।

फाइनल होने के पहले ही पंचायत सचिवों की तबदला सूची आम करने के मायने आखिर क्या

0
  •  जिला पंचायत के बाबू के कृत्य को लेकर चर्चा तेज
  • तबादला प्रभावित सचिवों से सौदेबाजी के आरोप

अर्जुन झा

बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की 11 ग्राम पंचायतों के सचिवों की जो सूची जनपद पंचायत द्वारा बस्तर जिला पंचायत को भेजी गई है, उस सूची पर अभी जिला पंचायत सीईओ की मुहर लगने से पहले ही एक चतुर सयाने बाबू ने सूची को सार्वजनिक कर दिया है। बाबू के इस कृत्य के मायने आखिर क्या हो सकते हैं? चर्चा छिड़ गई है कि बाबू ने ऐसा सिर्फ सौदेबाजी के लिए किया है। सौदेबाजी का खेल शुरू भी हो गया है। तबादला प्रभावित सचिवों से उन्हें मनचाही ग्राम पंचायत में पदस्थ करने अथवा उनका तबादला रद्द करवाने के नाम पर वसूली भी शुरू कर दी गई है। हालांकि इसमें जिला पंचायत सीईओ का कोई रोल नहीं है, मगर लोग उन पर भी उंगली उठाने लगे हैं।

दरअसल बकावंड जनपद पंचायत के सीईओ ने विकासखंड की 11 ग्राम पंचायतों के सचिवों का तबादला कर उस सूची को जनपद पंचायत की सामान्य सभा में अनुशंसा के लिए प्रस्तुत किया था। सामान्य सभा ने सूची की अनुशंसा भी कर दी। इसके बाद जनपद सीईओ ने सूची को अनुमोदन के लिए अपने उच्च कार्यालय जिला पंचायत को प्रेषित की थी। जिला पंचायत सीईओ की टेबल तक इस सूची को पहुंचाने के बजाय जिला पंचायत के एक चतुर सयाने बाबू ने इस सूची को सार्वजनिक कर दिया। जबकि जिला पंचायत सीईओ द्वारा सूची को अनुमोदित या संसोधित किए जाने से पहले उसे सार्वजनिक करना विभागीय कर्तव्य आचरण के विपरीत है। मगर सयाने बाबू ने इस तरह का दुस्साहस कर दिखाया है। इसके मायने आखिर क्या हो सकते हैं? जाहिर सी बात है कि सूची की आड़ में रोटी सेंकना ही है। अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए इस बाबू ने जिला पंचायत सीईओ की साख पर भी बट्टा लगाने में कमी नहीं की है। पंचायत सचिवों की तबादला सूची को इस सयाने बाबू ने अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। सूची में शामिल सचिवों को उनकी मनोवांछित ग्राम पंचायतों में पदस्थ करने अथवा उनका तबादला निरस्त करवाने के लिए बेजा उगाही का खेल बाबू द्वारा खेला जा रहा है। चुनाव के पूर्व बकावंड जनपद के दर्जनों पंचायत सचिवों का स्थानांतरण हुआ था। जिन्हें चुनावी आचार संहिता का हवाला देते हुए रिलीव नहीं किया गया था। लेकिन अब विधानसभा और लोकसभा चुनाव निपटे अरसा गुजर चुकने के बाद भी संबंधित पंचायत सचिवों को रिलीव नहीं किया गया है। बताते हैं कि इन सचिवों के तबादले में जनपद पंचायत के सीईओ की मर्जी नहीं चली थी, इस कारण जिला पंचायत सीईओ द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद भी यह तबादला अब तक रुका है। लेकिन पिछले माह 11 सचिवों की तबादला सूची को जनपद पंचायत की सामान्य सभा से अनुशंसित कर जिला पंचायत में अंतिम अनुमोदन हेतु भेजा गया है। आज तक उस सूची का भी अनुमोदन जिला पंचायत द्वारा नहीं किया गया है। इसके पीछे कारण बताए जा रहे हैं कि जिला पंचायत में पदस्थ एक बाबू सूची में जो टीप लिख देंगे, उसी अनुरूप अधिकारी साइन कर देंगे। खबर है कि स्थानांतरित ग्राम पंचायत सचिवों से उनकी मनचाही ग्राम पंचायत में पदस्थापना हेतु सौदेबाजी की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि सूची में नामजद अधिकांश सचिव मोटी रकम भेंट कर चुके हैं।

सूची में इन सचिवों के नाम

जनपद पंचायत बकावंड द्वारा जो तबादला सूची सामान्य सभा की अनुशंसा के बाद जिला पंचायत को प्रेषित की गई है, उसमें कुल 11 सचिवों के नाम हैं। जिला पंचायत के बाबू द्वारा सार्वजनिक की गई सूची की प्रति इस संवाददाता को भी मिली है। उसी सूची में दिए गए सचिवों के नाम हम दे रहे हैं। सचिव हरिनाथ पटेल राजनगर से करपावंड, सुखराम कश्यप किंजोली को राजनगर का अतिरिक्त प्रभार, श्याम लाल कश्यप छिंदगांव -1 से सांवरा पंचायत, सकरू राम कश्यप छोटे जीराखाल को छिंदगांव -1, धरम नाग को धनपुर से मोखागांव, नीलम कश्यप को सोनपुर से धनपुर, सुंदरनाथ चंद्राकर चिऊंरगांव को सोनपुर का अतिरिक्त प्रभार, प्रभुनाथ बघेल भिरिंडा को मैलबेड़ा, जयदेव सिंह ठाकुर कोलावल को भिरिंडा का अतिरिक्त प्रभार, पीलाराम बघेल बोरपदर को जनपद पंचायत तोकापाल और हाड़ीराम नायक चोलनार को बोरपदर का अतिरिक्त प्रभार।

महेन्द्रा ट्रेक्टर में ट्रॉली में 103 किलोग्राम मादक पदार्थ गाजा जप्त

0
  • नशे के खिलाफ बालोद पुलिस की कार्यवाही जारी। थाना पुरूर पुलिस की एक और बढी कार्यवाही
  •  103 किलोग्राम मादक पदार्थ गाजा कीमती 10,30,000/ रूपये एवं घटना में प्रयुक्त एक लाल रंग की बिना रंग की महेन्द्रा ट्रेक्टर में ट्राली को किया गया जप्त

अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के रोकथाम हेतु श्रीमान् पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेज दुर्ग  रामगोपाल गर्ग के निर्देश प्राप्त होने पर श पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद एस०आर० भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अशोक कुमार जोशी के मार्गदर्षन में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पुरूर  बोनीफास एक्का व थाना प्रभारी पुरूर निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में थाना पुरूर पुलिस की टीम को ट्रैक्टर ट्राली में 103 किलोग्गाम अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त कर आरोपी के विरूध्द अपराध पंजीबद किया गया है।

विवरण – संक्षिप्त इस प्रकार है कि दिनांक 06.08.2024 को मुखबिर से सूचना मिला कि एक लाल रंग की बिना नम्बर की महिन्द्रा ट्रैक्टर जिसकी ट्राली मटमैले रंग की है ट्राली के नीचे गुप्त चेम्बर बना हुआ है जिसमें अवैध मादक पदार्थ गांजा छुपा कर रखा हुआ है। उक्त ट्रैक्टर मय ट्राली के ग्राम सोहतरा हनुमान मंदिर के पास खड़ी है, ट्रेक्टर बालक ट्रेक्टर छोडकर फरार है। सूचना तस्दीक हेतु पुलिस थाना पुसर की टीम ग्राम सोहतरा घटना स्थल पहुंचकर देखे तो एक लाल रंग की बिना नम्बर की महिन्द्रा ट्रेक्टर  ट्राली के संदिध्व हालत में खड़ी है ट्रेक्टर का चालक मौके से फरार है। ट्रेक्टर की ट्राली के नीचे गुप्त चेम्बर बनायी गई है। गवाहो के समक्ष ग्रामिणो के सहयोग से उक्त चेम्बर को खोलकर देखने पर चेम्बर में खाखी रंग के टेप से लिपटा हुआ अवैध मादक पदार्थ गांजा 104 पैकेट कुल वजनी 103 किलोग्राम बरामद किया गया। कीमती 10,30,000 / रूपये एवं घटना में प्रयुक्त वाहन महिन्द्रा ट्रेक्टर मय ट्राली के कीमती 5,00,000/ रूपये जुमला कीमती 15,30,000/ रूपये को जप्त कर आरोपी के विरूध्द धारा 20 (ख) एनडीपीएस कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।

उक्त प्रकरण में पुलिस थाना पुरूर प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, आरक्षक लिखन साहू, किशोर साहू, संदीप यादव, गुणेश यादव, धनेन्द्र देवांगन, सुरेश पटेल, उमाशंकर जारके, की सराहनीय भूमिका रही।

 

भाजपा निकालेगी 12 अगस्त को लोहण्डीगुड़ा मण्डल में तिरंगा यात्रा, भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटे सदस्य

0
  • भारतीय जनता युवा मोर्चा ने की तिरंगा यात्रा कार्ययोजना बैठक
  • तिरंगा यात्रा के लोहण्डीगुड़ा मण्डल प्रभारी रोहित खत्री,आनंद झा ने लिया मण्डल की बैठक

जगदलपुर :- देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर स्वतंत्रता दिवस से पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। तिरंगा यात्रा को सफल बनाने भाजपा की रीढ़ माने जाने वाले युवा मोर्चा की टीम ने जिम्मेदारी संभाल ली है। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व 11,12 व 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा का आयोजन होगा।

इसी कड़ी में बुधवार को उसडीबेड़ा भाजपा कार्यालय में तिरंगा कार्यक्रम मण्डल प्रभारी की उपस्थिति में भाजयुमो की कार्ययोजना बैठक संपन्न हुई। जिसमें मण्डल के पदाधिकारियों के बीच तिरंगा यात्रा को लेकर कार्यक्रम प्रभारियों के द्वारा सभी मौजूद लोगों को जानकारी दिया गया। बैठक में 12 अगस्त को लोहंडीगुड़ा मंडल में तिंरगा यात्रा किया जाना तय किया गया।

जानकारी देते हुए भाजयुमो और तिरंगा यात्रा के मण्डल प्रभारी आनंद झा ने बताया कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप भारतीय जनता पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को सफल बनाने युद्ध स्तर पर कार्य करना होगा। आमजन में देश प्रेम की भावना जाग्रत करने भारतीय जनता युवा मोर्चा के माध्यम से तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। बस्तर जिले के 11 मंडलों में तिरंगा यात्रा की शक्ल में बाइक रैली की जायेगी, जिसे भव्यता के साथ सफल बनाने की कवायद में मोर्चा की टीम जुट चुकी है। 12 अगस्त को लोहण्डीगुड़ा मण्डल में तिरंगा यात्रा संपन्न किया जायेगा। जिसको ले कर आज जिला नेतृत्व के आव्हान पर मिली जिम्मेदारी का पालन करते हुए लोहंडीगुड़ा युवा मोर्चा मण्डल की बैठक ले कर इस कार्यक्रम के विषयों पर रूपरेखा तैयार कर दिशा निर्देश दिए गए है। साथ ही सभी सदस्यों को इस कार्यक्रम हेतु जिम्मेदारी भी तय किया गया है।

 

बैठक के दौरान पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप,मण्डल अध्यक्ष नरसिंह ठाकुर,जयराम दास,बसंत कश्यप, रोहित खत्री,आनंद झा,गणेश नागवंशी, मंगतू कश्यप, सावेंद्र सेठिया सहित अन्य सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सरकार बदली लेकिन सीईओ नहीं आ रहे बाज

0
  • तबादले के प्रस्ताव में फेरबदल,अपने चेहतों को बचाने का प्रयास

बकावंड छत्तीसगढ़ में सरकार बदल गया लेकिन अधिकारियों के काम करने की फितरत नहीं बदली है। ऐसा काम सबसे शिक्षित माने जाने वाले बकावंड में हो रहा है जो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव में फेरबदल किया जा रहा है जबकि त्रि स्तरीय पंचायत में जनप्रतिनिधियों को सशक्त अधिकार दिए गए हैं और किसी भी सामान्य सभा में पारित आदेश को सिर्फ दूसरी सामान्य सभा ही स्थगित कर सकता है किंतु बकावंड में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने चहेतों को बचाने की कवायद में है और जिला पंचायत सीईओ को पृथक से पत्राचार कर रहें हैं जोकि नियम विपरीत है।

कार्यालय जनपद पंचायत बकावंड जिला बस्तर छत्तीसगढ़ के ज्ञापन क्रमांक2063 / जं०पं० / सचिव स्था०/प्रभार / 2024 बकावंड दिनांक 01.07.2024 को ज्ञापन बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के हस्ताक्षर से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेजा गया है।* *मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने उल्लेखित किया है कि जनपद पंचायत बकावंड में पदस्थ पंचायत सचिवों को जनपद पंचायत के सामान्य सभा के बैठक में पारित प्रस्ताव क्रमांक 08 तथा ग्राम पंचायत में प्रशासनिक दृष्टि से ग्राम पंचायत के कार्य सुचारू रूप से संचालन हेतु सचिवों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाना है । ग्राम पंचायत सचिवों की पदस्थापन्ना किये जाने हेतु प्रस्ताव को भेजा गया है,अब ऐसे सचिवों के नाम सामने आ गए हैं जो कथित रूप से अधिकारी के चेहते हैं जिसके कारण उनके आदेश को निरस्तीकरण किए जाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।

पिता की जान बचाने शेरनी की तरह बंदूकधारियों पर टूट पड़ी 17 साल की आदिवासी कन्या सुशीला कोर्राम

0
  •  झारगांव की आदिवासी शेरनी बेटी की जांबाजी

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर के नौजवान ही शेर की तरह योद्धा और चीते की तरह फुर्तीले नहीं होते, बल्कि यहां की बेटियां भी शेरनियां होती हैं। ऎसी ही एक शेरनी बेटी का ताजा तरीन किस्सा सामने आया है। यह आदिवासी शेरनी बेटी अपने पिता की जान बचाने अकेली ही आठ हथियारबंद लोगों से भिड़ गई। इस बहादुर बेटी की वजह से पिता की जान बच गई और हमलावर भागने के लिए मजबूर हो गए।

मामला बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के झारागांव का है। झारगांव में सोमवार को 17 वर्षीय एक आदिवासी लड़की ने अपने पिता की जान बचाने के लिए आठ बंदूकधारियों से लड़ने अकेले दम मैदान पर उतर गई। सोमवार की रात किसान सोमदेर कोर्राम के घर में कुल्हाड़ी और बंदूकों से लैस आठ लोग घुस गए। उन्होंने सोमदेर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। पास खड़ी सोमदेर की 17 वर्षीय बेटी सुशीला बिना समय गंवाए शोर मचाते हुए कुल्हाड़ी चलाने वाले पर शेरनी की तरह झपट पड़ी। सुशीला ने हमलावर से हथियार छीन कर ही दम लिया। सुशीला शेरनी की तरह अपने पिता के आगे कवच बनकर उसकी रक्षा करती खड़ी रही। सुशीला के आक्रामक तेवर ने हमलावरों के हौसले पस्त कर दिए। इस दौरान सुशीला शोर भी मचाती रही। शोर सुनकर पड़ोसी वहां पहुंच गए। लोगों को देख हमलावर वहां से भाग खड़े हुए। डाक्टरों का कहना है कि सोमधर के सीने में गहरा घाव हुआ है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है।

नक्सली थे आठों हमलावर

पुलिस के अनुसार यह जमीन विवाद से जुड़ा प्रकरण है, जबकि ग्रामीण इसे नक्सली हमला बता रहे हैं। सुशीला ने बताया कि शाम को कुछ लोग घर आए थे और पिता के बारे में पूछताछ के बाद लौट गए। रात में जब वह खाना परोसने की तैयारी कर रही थी, तब उसने देखा की वे सभी दोबारा लौट आए। वे नकाब पहने हुए थे। उनके पास कुल्हाड़ी और दो के पास बंदूकें थीं। उन्होंने मेरे पिता को घेर लिया था। तभी उनमें से एक आदमी बे कुल्हाड़ी से मेरे पिता की छाती पर वार कर दिया। मैं उन पर झपट पड़ी और कुल्हाड़ी छीनकर उसे दूर फेंक दी। इतने में शोर सुनकर पड़ोसी आ गए और उसके बाद सभी हमलावर भाग गए।

दर्जनों शिक्षक, शिक्षिकाओं और ग्रामीणों के लिए मेगा बैठक बन गई मेगा मुसीबत, घंटों फंसे रहे बाढ़ में

0
  • नाले की बाढ़ में फंसे शिक्षक शिक्षिकाओं को नगर सैनिकों ने कराया पार
  • टॉर्च की रौशनी और रस्सी के सहारे पार कराया नाला

अर्जुन झा

जगदलपुर संकुल स्तरीय पालक शिक्षक मेगा बैठक दो दर्जन शिक्षक शिक्षिकाओं और पचासों ग्रामीणों के लिए मेगा मुसीबत बन गई। ये सभी नाले की बाढ़ में घंटों फंसे रहे। बाढ़ राहत बचाव दल के जवानों ने टॉर्च की रौशनी में रस्सी के सहारे उन्हें बाढ़ग्रस्त नाले से पार कराया।

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक के चिहका संकुल में पालक शिक्षक बैठक मंगलवार को आयोजित की गई थी। इस बैठक में चार संकुलों के पालक शिक्षक पहुंचे थे। जिसमें दो दर्जन से अधिक शिक्षक शिक्षिकाएं भैरमगढ़ से भटवाड़ा नाला पार कर बैठक में शामिल होने गए थे। जब वे गए तब नाले में बाढ़ नाम की कोई चीज नहीं थी।ग्राम चिंहका में पालक शिक्षक सम्मेलन के दौरान भारी बारिश शुरू हो गई। बारिश का दौर काफी देर तक चला। सम्मेलन बाद शिक्षक, पालक व ग्रामीण वापस भैरमगढ़ के लिए निकले तो देखा भटवाड़ा नाला बाढ़ से परिपूरित हो चुकी थी। बाढ़ में फंसे शिक्षक शिक्षिकाओं ने मोबइल फोन से अपने फंसे होने की जानकारी एसडीएम विकास सर्वे और तहसीलदार मोहन साहू को दी। भैरमगढ़ प्रशासन ने तत्काल नगर सेना के कमांडेंट निर्मल साहू से संपर्क किया। कमांडेंट के साथ नगर सैनिकों की टीम बाढ प्रभावित भटवाड़ा नला पहुंची। बाढ में फंसे शिक्षक, शिक्षिकाओं, बच्चों व ग्रामीणों को अंधेरे में टॉर्च की रौशनी में रस्सी के सहारे नाला पार कराया गया। मिली जानकारी अनुसार सुबह से दोपहर तक भटवाड़ा नाला में बाढ़ नही थी। शिक्षक अपनी- अपनी बाईक से सम्मेलन में शामिल होने चिहका गए थे। बीजापुर जिले में मंगलवार को सुबह से लगातार भारी बारिश हो रही थी। इसके चलते नदी नाले फिर से उफान पर आ गए।

बेरुदी नदी में डूबा युवक

रविवार को बेरुदी नदी में डूबने से ग्राम पेद्दाजोजेर निवासी 25 वर्षीय युवक मुन्ना ओयाम की मौत हो गई। मुन्ना ओयाम नदी पार कर खरीदारी करने रेड्डी साप्ताहिक बाजार गया था। वापस गांव लौटने के दौरान वह नदी के तेज बहाव में बह गया। ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में मुन्ना ओयाम तेजी से बहते हुए काफी आगे निकल गया। दूसरे दिन सोमवार को नगर सैनिकों की टीम ने खोजबीन शुरू कर मुन्ना ओयाम का शव बरामद कर लिया। मंगलवार को गंगालूर अस्पताल में शव का गंगालूर पुलिस के समक्ष पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा गया। शव को नगर सैनिकों ने मानवीय सेवा का परिचय देते हुए नदी पार कराया। रेस्क्यू टीम में होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट निर्मल साहू के साथ नगर सैनिक अनमुल संजय, मनीराम, रामचंद्र पवार, गोरला नारायण, मुन्ना राम, कृष्णा चालकी, रमेश कोंडेट, कृष्णा राव, रुपलाल व इंदर मांझी ने भरपूर सहयोग किया।

टीचर- पैरेंट्स मेगा बैठक में पालकों को दिए गए टिप्स

0
  • गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल में हुई संकुल स्तरीय बैठक

बकावंड शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल बकावंड मे संकुल स्तरीय पालक शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया गया।

जिसमे 6 प्राथमिक व 4 माध्यमिक शालाओं और दो हायर सेकंडरी स्कूलों की छात्राओ के लगभग 320 पालक उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुवात बकावंड तहसीलदार नितेश वर्मा एवं थाना प्रभारी छत्रपाल सिंग कंवर ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की। इस मेगा बैठक का उद्देश्य। शिक्षकों एवं पालकों में समन्वय स्थापित करना, पालकों को उनके बच्चो की पढ़ाई में मदद हेतु समाधान कारक उपाय सुझाना तथा शासन द्वारा बच्चों के लिए संचालित विभिन्न हितग्राही योजनाओं से एवं शिक्षा गुणवता उन्नयन हेतु जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से अवगत कराना था। बैठक में 12 बिन्दुओं पर चर्चा हुई, मेरा कोना, छात्र दिनचर्या, बच्चे ने आज क्या सीखा, बच्चा बोलेगा बेझिझक, बस्ता रहित शनिवार, बच्चों की अकादमिक प्रगति और परीक्षा पर चर्चा, स्वास्थ परीक्षण और पोषक जानकारी, जाति, आय निवास प्रमाण पत्र, न्यौता भोज, पालकों को जादुई पिटारा जैसे एप डाउनलोड करने, पुस्तक की उपलब्धता, छात्रवृत्ति और विभागीय योजना आदि मुद्दे शामिल थे।बैठक में सिवनागुड़ा संकुल के सभी शिक्षक उपस्थित थे।

बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पालकों का सकारात्मक सुझाव जरूरी- कलेक्टर विजय दयाराम के

0
  • जिले के सभी 266 संकुलों में पालक-शिक्षक बैठक
  • जिला प्रशासन की पहल का दिखा व्यापक असर

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि बच्चों की बेहतर भविष्य के लिए पालकों का सकारात्मक सुझाव जरूरी है। यह सुझाव बच्चों की गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने, बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री के मंशानुसार पालक- शिक्षक मेगा बैठक के आयोजन से शिक्षकों द्वारा पढ़ाई के स्तर, बच्चों की प्रगति का भी आंकलन किया जाना है।

मंगलवार को कलेक्टर पालक-शिक्षक मेगा बैठक का निरीक्षण करने निकले थे। उन्होंने दरभा, तोकापाल, बास्तानार, लोहंडीगुड़ा और जगदलपुर विकासखंड के स्कूलों का जायजा लिया। जिसमें डेंगा आमापारा, कोड़ेनार, किलेपाल, मिचनार, छापर भानपुरी और धरमपुरा की प्राथमिक और माध्यमिक शाला, आश्रम छात्रावास तथा आत्मानंद स्कूल में आयोजित पालक-शिक्षक मेगा बैठक का जायजा कलेक्टर ने लिया। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में पालकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें बच्चों की प्रगति से अवगत कराने तथा बच्चों में भविष्य की संभावनाओं का आंकलन कर पालकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से परिणामोन्मुखी प्रयास करने हेतु कलेक्टर विजय के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिले के सभी 266 संकुलों में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पालक-शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया गया। निरीक्षण के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे भी उपस्थित थे।संकुल स्तर पर आयोजित कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपादित करने हेतु जिला स्तरीय सभी अधिकारियों को संककुलवार मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अंतर्गत अपर कलेक्टर, जिला कार्यालय में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों सहित अन्य विभागों के सभी अधिकारी कुल 266 संकुलों में मेगा पालक-शिक्षक बैठक में शामिल हुए। जिले के सभी अधिकारियों को संबंधित संकुल केंद्रों का निरीक्षण कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।जिसके अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में यह समन्वित पहल की गई। इस पालक-शिक्षक मेगा बैठक में पालकों के साथ नई शिक्षा नीति 2020 के साथ ही नवाचारी प्रयासों पर गहन चर्चा की गई। जिसके तहत बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित वातावरण हेतु घर में ही पढ़ाई हेतु एक निश्चित स्थान तय करने, पालकों को अपने बच्चों की दिनचर्या सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित करने, बच्चों के सीखने की जानकारी लेने, बच्चों में सार्वजनिक रूप से अपने विचारों को व्यक्त करने और उनके संकोच को दूर करने पहल, बच्चों की अकादिमक प्रगति एवं परीक्षा, पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बस्ता रहित शनिवार की गतिविधियों के संबंध में अवगत करवाने, वि‌द्यार्थियों की आयु एवं कक्षा अनुरूप परीक्षण एवं पोषण की जानकारी देने और जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र आदि बनाने हेतु शिविर के बारे में अभिभावकों को अवगत कराने, न्योता भोज की अवधारणा की जानकारी देने, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं सहित छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी और विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म दीक्षा एप तथा ई-जादुई पिटारा एप के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवं छात्रों को अवगत कराने संबंधी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

सार्थक रही कलेक्टर की पहल

जीवन में बच्चों के प्रारंभिक शिक्षा के समय सभी पालकगण अहम भूमिका अदा करते हैं, इसे स्कूलों में भी निरंतर बच्चों को पढ़ाई की प्रति रूझान बनाए रखने के उद्देश्य से माता-पिता और अभिभावकों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे बच्चों के साथ-साथ पालकों को शिक्षा के प्रति झुकाव ज्यादा हो सके। कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा इस दिशा में जिले के सभी 266 संकुलों में 06 अगस्त को बच्चों के माता -पिता व अभिभावकों को मेगा बैठक में शामिल होने की अपील की गई थी। जिसका व्यापक असर मेगा बैठक में देखने को मिला। बैठक में दूरस्थ एवं संवेदनशील ईलाकों के संकुलों में भी आयोजित मेगा बैठक में बड़ी संख्या में पालक शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे के मार्गदर्शन में जिलेवासियों विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति निरंतर जागरूक करने का सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है।

MOST POPULAR

HOT NEWS