- उम्दा मैदान, खिलाड़ियों को सुविधाएं और सामग्री मुहैया कराना लक्ष्य: सौरभ
- सचिव पद की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बालमुकुंद सिंह को
दल्लीराजहरा जिला एथलेटिक स्पोर्ट्स एसोसिएशन बालोद की साधारण सभा की बैठक स्थानीय बीएससी गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। जिला एथलेटिक्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन का तीन वर्षीय कार्यकाल पूर्ण हो जाने पर चुनाव कराया गया।
चुनाव प्रक्रिया के लिए छग एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव अमरनाथ सिंह द्वारा रविराजा संयुक्त सचिव छग एथलेटिक संघ को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया।चुनाव प्रक्रिया के लिए सुदर्शन सिंह ने चुनाव आवर्जवर रविराजा को आमंत्रित किया। रविराजा ने चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ किया। अध्यक्ष पद पर सौरभ लूनिया सर्वसम्मति से नियुक्त हुए।उपाध्यक्ष सपन जेना, रंजना साहू, सचिव बाल मुकुंद सिंह, कोषाध्यक्ष मनोज दुबे पिंटू, संयुक्त सचिव पायल दिल्लीवार एवं कार्यकारणी सदस्य सुदर्शन कुमार सिंह को मनोनीत किया गया है। जिला एथलेटिक संघ के अध्यक्ष सौरभ लूनिया ने कहा कि वे अपने दायित्व का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वाह करेंगे तथा दल्ली राजहरा लौह नगरी के साथ-साथ खेल नगरी भी है l दल्ली राजहरा के कई खिलाड़ियों ने देश और राज्य का नाम ऊंचा किया है l यहां बेहतरीन खेल मैदान है। इन खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधा खेल सामग्री मुहैया कराने के लिए मैं शासन के समक्ष मांग रखूंगा तथा मुझे पूरी उम्मीद है कि शासन, प्रशासन मेरी बात पर दल्ली राजहरा में सुविधा बढ़ाने में अपनी सहमति देंगे।खिलाड़ियों के लिए सुविधा बढ़ाने हेतु सुदर्शन कुमार सिंह को डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक्स स्पोर्ट्स एसोसिएसन बालोद के टेक्नीकल चेयरमैन एवं बालोद जिले के खिलाड़ियो को ट्रेनिंग देने के लिए मुख्य कोच नियुक्त किया गया। इस दौरान जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष शेखर गुप्ता एवं एथेलेटिक्स तारासिंह भी उपस्थित थे।
सौरभ लूनिया बने बालोद जिला एथलेटिक्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष
बिजली कटौती और दाम बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
- प्रदेश के सभी 307 संगठन ब्लॉकों में दिया गया धरना
- दीपक बैज, भूपेश बघेल भी धरना में हुए शामिल
रायपुर बिजली कटौती और बिजली के दामों की बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। राज्य में जबसे भाजपा की सरकार बनी है बिजली की कटौती से जनता परेशान है। बिजली कटौती और महंगी बिजली के कारण परेशान जनता की आवाज को उठाने कांग्रेस ने जन आंदोलन छेड़ा है।

कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्रों के ब्लॉकों में आयोजित धरना में शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के धरने में शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजधानी के राजीव गांधी चौक पर धरने में तथा पूर्व मुख्यमंत्री कुशालपुर रिंग रोड, सिद्धार्थ चौक, राजीव गांधी चौक के धरने में शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत जांजगीर- चांपा सक्ती के धरने में शामिल हुए। रायपुर के धरने को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले 6 माह में विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं जाता जब बिजली दो-चार घंटे के लिए बंद न होती हो। रात में तो बिजली की स्थिति तो और भी भयावह हो जाती है। घंटों बिजली गुल रहती है। भाजपा से न सरकार संभल पा रही है और न ही व्यवस्थाएं। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही, ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है। प्रदेश के अनेक जिलों में तो पूरी रात बिजली कटौती हो रही है। भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रही है। कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी जाती थी और आम जनता को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती थी। रबी फसल लगाने वाले किसानों को भी सिंचाई पंप चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलती थी। कांग्रेस की सरकार ने 5 वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना शुरू की थी, जिसका लाभ प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था, जिससे 5 साल में प्रत्येक उपभोक्ता को 40 से 50 हजार रु. तक की बचत हुई है। 1000 रू. महिना महिलाओं को देकर भाजपा सरकार बिजली बिल के रूप में दुगुना वसूल रही है। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय पूरे 5 साल सरप्लस बिजली छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को मिलता रहा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद तेलंगाना, गोवा, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यो को पवार एक्सचेंज एग्रीमेंट के तहत छत्तीसगढ़ से बिजली सप्लाई की जाती थी। अब भाजपा की डबल इंजन की सरकार में अघोषित तौर पर बिजली की कटौती जारी है। छत्तीसगढ़ में मांग से अधिक मेगावाट बिजली का उत्पादन करने की क्षमता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार आने के बाद से विद्युत का उत्पादन और आपूर्ति दुर्भावना पूर्वक बाधित की जा रही है। सर्वे के आधार पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हर साल लगभग साढ़े 7 प्रतिशत की दर से बिजली की डिमांड बढ़ने का अनुमान लगाते हुए कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावाट संयंत्र की स्थापन के लिए आधारशिला रखी थी, जिसे भाजपा की सरकार आने के बाद से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ की जनता बिजली, पानी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार निजी कंपनियों पर निर्भरता बढ़ाकर जनता को लूटने का षड्यंत्र कर रही है। केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा लाये गए विद्युत संशोधन 2020 विधेयक को रोकना होगा अन्यथा बिजली की दरें आसमान छूने लगेगी। 2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार हर साल बिजली की दरों में वृद्धि की एवं 15 वर्षो में लगभग 300 प्रतिशत अर्थात् बिजली की दर में तीन गुना वृद्धि की गई थी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को विभाजित कर पांच कंपनी बनाकर उसका आर्थिक बोझ जनता के ऊपर डाला था, अब वही दौर फिर से शुरु हो गया है। छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पिछली सरकार के घाटों को पाटते हुए बिजली बिल हॉफ योजना के अंतर्गत 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड़ रू. सब्सिडी देकर बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत दी है। वहीं किसानों को 5 एचपी निःशुल्क बिजली, बीपीएल के उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली, अस्पतालों, उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाई है। भाजपा की सरकार आने के बाद बिजली कटौती शुरू हो गई और बिल दुगुना आने लगे।
24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल स्पर्धा का समापन
- उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बस्तर जोन बना ओवरऑल चैंपियन
- अनुशासन और खेल भावना खिलाड़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि: किरणदेव
जगदलपुर खेलकूद जीवन का अभिन्न हिस्सा है। खेलकूद से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिलता है। हार-जीत प्रत्येक स्पर्धा के दो पहलू हैं, लेकिन स्पर्धा में खेल भावना और अनुशासन के साथ अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा प्रदर्शन करना खिलाड़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

उक्त विचार विधायक जगदलपुर किरण देव ने रविवार को स्थानीय श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में 24 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के अंतर्गत सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल स्पर्धा के समापन अवसर पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और गणमान्य नागरिकों को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने स्पर्धा में ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल करने वाली बस्तर जोन की टीम को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल स्पर्धा में श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी। वहीं राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल स्पर्धा में शामिल सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना कर आगामी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। जगदलपुर में 4 जुलाई से 7 जुलाई तक आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बस्तर जोन ने ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल किया।इस अवसर पर विधायक किरणदेव ने कहा कि बस्तर अंचल सहित पूरे प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें निखारने सहित बेहतर अवसर प्रदान करने की जरूरत है। राज्य सरकार शिक्षा प्रदान करने सहित खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव पहल कर रही है। इस दिशा में खेल सुविधाओं के विस्तार सहित खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आरंभ में जिला शिक्षा अधिकारी बलीराम बघेल ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि सुब्रतो कप फुटबॉल स्पर्धा में प्रदेश के 5 जोन दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर के 250 से अधिक खिलाड़ी छात्र-छात्राएं और खेल अधिकारी और प्रशिक्षक सम्मिलित हुए। जिसमें बालक वर्ग में 15 एवं 17 वर्ष तथा बालिका वर्ग में 17 वर्ष आयु के खिलाड़ी शामिल हैं। 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल स्पर्धा में 17 वर्ष आयु समूह के बालक एवं बालिका दोनों वर्ग में बस्तर जोन ने प्रथम तथा दुर्ग जोन ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं 15 वर्ष आयु समूह के बालक वर्ग में बस्तर जोन ने प्रथम तथा सरगुजा जोन ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इस दौरान विजेता एवं उप विजेता टीमों के खिलाड़ियों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरूस्कृत कर उनका उत्साहवर्द्धन किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी -कर्मचारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी व नागरिक मौजूद रहे।
सबसे हटके है जगदलपुर में प्रचलित बस्तर गोंचा रथयात्रा पर्व, तुपकी से दिया जाता है भगवान को गार्ड ऑफ ऑनर
- आज भी जारी है रियासत काल की अनूठी परंपरा
- जगदलपुर में धूमधाम से निकाली गई रथयात्रा
-अर्जुन झा-
जगदलपुर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा वैसे तो पूरे भारत में जगह जगह निकाली जाती है, मगर बस्तर में निकलने वाली रथयात्रा थोड़ी अलग है। यहां भगवान जगन्नाथ को तुपकी (छोटी तोप) चलाकर गार्ड ऑफ ऑनर देने की अनूठी परंपरा है। रियासतकालीन इस परंपरा का निर्वहन इस साल भी किया गया। जगदलपुर में रियासत काल से निकलती आ रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को बस्तर गोंचा महापर्व के नाम से जाना जाता है।
इस साल भी बस्तर गोंचा महापर्व सदियों पुरानी मान्यताओं एवं रियासतकालीन परंपराओं का निवर्हन करते हुए श्री बस्तर गोंचा रथयात्रा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। तूपकी चलाकर भगवान जगन्नाथ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणों द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना कर भगवान के विग्रहों को रथारूढ़ किया गया। इसके उपरांत राजसी वेशभूषा धारण किए हुए बस्तर राजा कमलचंद भंजदेव द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा का छेरा पहारा पूजा विधान पूरा किया गया। श्री बस्तर गोंचा रथयात्रा का मुख्य आयोजन गोल बाजार सिरहासार चौक स्थित जगगन्नाथ मंदिर में हुआ। मंदिर में हजारों की संख्या मे श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे थे। रथ परिक्रमा के पश्चात भगवान श्री मंदिर से गुंडि़चा मंदिर सिरहासार भवन में सभी श्रृद्धालुओं के दर्शनार्थ विराजित हो गए। इस दौरान लगातार नौ दिनों तक विभिन्न आयोजन किए जाते रहे। भगवान जगन्नाथ के 22 विग्रहों का एकसाथ एक ही मंदिर में स्थापित होना, पूजित होना तथा इन विग्रहों की एकसाथ तीन रथों में रथारूढ़ कर रथयात्रा की शताब्दियों पुरानी परंपरा बस्तर गोंचा महापर्व को विश्व में सबसे अलग पहचान दिलाती है। इस दौरान भगवान श्री जगन्नाथ के सम्मान में तुपकी चलाकर सलामी देने की जो परंपरा है, वह विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलती है। ओड़िशा के पुरी धाम और मध्यप्रदेश के पन्ना समेत कुछ अन्य स्थानों पर पुलिस जरूर भगवान जगन्नाथ को गार्ड ऑफ ऑनर देती है। मगर तुपकी चलाकर सलामी देने की परंपरा सिर्फ और सिर्फ जगदलपुर में ही देखने को मिलती है।
जगन्नाथ रथ यात्रा में सम्मिलित होने दल्ली राजहरा पहुंचे कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रावल वापसी के दौरान दल्ली राजहरा के जैन भवन चौक पर जन चर्चा दौरान शहर की विभिन्न विषयों पर जानकारी ली एवं समस्याओं के निराकरण की बात कही
दल्ली राजहरा उत्कल समिति के तत्वाधान में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल अपर सचिव चंद्रकांत कौशिक दल्ली राजहरा विशेष तौर पर पहुंचे थे l रथ यात्रा से गंतव्य वापसी जाने के लिए जैन भवन चौक के पास अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहे थे वहां मुख्य महाप्रबंधक आर बी गहरवार अनुभागीय अधिकारी सोनकर भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी महामंत्री मदन मायती महामंत्री महेंद्र सिंह (गुड्डू) यूनियन सदस्य गौतम बेहरा पत्रकार निलेश श्रीवास्तव जीवन साहू ,चन्द्रकात (बंटी) चोपड़े सागर गजीर सहितअन्य विश्व हिंदू परिषद नगर अध्यक्ष शंकर साहु नागरिक उपस्थित थे l चर्चा के दौरान राकेश द्विवेदी ने दल्ली राजहरा में स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं के आभाव की जानकारी दी लिए उन्होंने 50 बिस्तर अस्पताल में स्टाफ और सुविधा की कमी के संबंध में बताया l कलेक्टर चंद्रावल जी ने कहा कि दल्ली राजहरा में संचालित अस्पताल मैं स्टाफ की संख्या बढ़ाने के लिए प्रकिया की जा रही हैं जल्द ही वहां जरूरी सामानों की पूर्ति के लिए भी प्रयास किया जाएगा । कलेक्टर ने मुख्य महाप्रबंधक गहरवार ने बी एस पी द्वारा संचालित अस्पताल के संबंध में बताया कि बीएसपी राजहरा अस्पताल को स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य कर रहे बड़े संस्थानों से संचालन के संबंध में चर्चा चल रही है शीघ्र ही वह प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली जाएगी वर्तमान में भिलाई से सप्ताह में कुछ दिनों के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर को बुलाया जा रहा है दल्ली राजहरा में बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है l

केंद्रीय विद्यालय के संबंध में उन्होंने बताया कि नए सिरे से सर्वे करा कर दल्ली राजहरा में ही केंद्रीय विद्यालय बनाने के लिए सरकार से अनुशंसा की जाएगी l
बाईपास रोड के लिए नए सिरे से सर्वे कराया जा चुका है l इसके लिए भी बहुत जल्द ही काम चालू होने की उम्मीद है l
बीएसपी कर्मचारियों ने बात रखी की राजहरा में रोड के किनारे विभिन्न प्रकार के भारी वाहन खड़े रहते हैं l जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है इस संबंध में उन्होंने कहा कि परिवहन संघ,व्यापारी संघ नगरपालिका और प्रशासन का संयुक्त बैठक, किया गया है एवं व्यापारियों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है l रोड पर खड़ी गाड़ी मालिकों को समझाइश दी जा रही है एवं टायर लॉक करने की भी भी की जा रही है l
कुछ लोगों के द्वारा जब दल्ली राजहरा की बीएसपी क्षेत्र में अतिक्रमण की बात कहने पर कहा की मुख्य महाप्रबंधक की ओर से अनुभागीय अधिकारी को पत्र प्रेषित किया जाएगा जिससे प्रशासन की ओर से सड़क के आसपास होने वाले अवैध निर्माण को अति शीघ्र ही तोड़कर रोड को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा l
राज्य स्तरीय सम्मेलन में खूब गरजीं आंगनबाड़ियों की शेरनियां, मांगों को लेकर मुखर होकर उठाई आवाज
- प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सहायिका संघ का सम्मेलन
- संभाग अध्यक्ष भगवती कश्यप और किरण नाग की नियुक्ति को बताया अवैध
जगदलपुर प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ का प्रांतीय सम्मेलन जगदलपुर में 7 जुलाई को हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि बस्तर के सांसद महेश कश्यप थे।अध्यक्षता संघ की प्रांतीय अध्यक्ष रुक्मणि सज्जन ने की। कार्यक्रम का संचालन लता तिवारी ने किया। सांसद श्री कश्यप का भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात सांसद महेश कश्यप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण है। वे शासन के कार्यो को जिम्मेदारी के साथ निर्वाह करती आ रही हैं।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जो भी समस्या होगी उस पर हमारी सरकार जरूर ध्यान देगी।

उसके बाद संघ की अध्यक्ष रुक्मणी सज्जन ने कहा कि हमरे संघ से जुड़े कुछ लोग संगठन विरोधी काम में लगे हुए हैं। उसके कारण हमने बस्तर जिले के नए जिला अध्यक्ष को संभाग स्तरीय पदाधिकारियों के समक्ष मनोनीत किया गया। ताकि उन्हें समझ में आना चाहिए कि हम बड़ी मुश्किल से संगठन को अब तक आगे बढ़ाते आए हैं। बस्तर जगदलपुर जिले में प्रेमवती नाग की जगह निर्मला चौधरी को, दंतेवाड़ा में किरण नाग की जगह रानी राव को, कोंडागांव में पुष्पा राय की जगह लक्ष्मी बघेल को, नारायणपुर में देशांतरी बद्री की जगह लक्ष्मी यादव को नया जिला अध्यक्ष बनाया गया है। प्रांतीय महामंत्री लता तिवारी ने बस्तर संभाग स्तरीय सभी पदाधिकारियों की सहमति लेकर बताया कि 1 जुलाई को हमारे संभाग एवं हमारे पंजीयन का फर्जीवाड़ा करते हुए इस्तेमाल करके संभाग अध्यक्ष का चुनाव किया गया है और भगवती कश्यप को चुना गया तथा किरण नाग जो कि जुझारू संघ की जिला अध्यक्ष खुद को बताती है उसे संभाग का संरक्षक बनाया गया है। यह बहुत ही गलत एवं फर्जी है जिसका खंडन सभी जिला पदाधिकारी, प्रांत पदाधिकारी करते हैं और उनको आगाह करते हैं कि आइंदा हमारे पंजीयन क्रमांक का दुरुपयोग न करें वरना हम संगठनात्मक कार्यवाही के लिए बाध्य होंगे। रुकमणी सज्जन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका बहनें केन्द्र और राज्य सरकार की हर योजना को घर घर और जन जन तक पहुंचाकर शासन का कार्य कर रही हैं। आईसीडीएस की योजना सन 1975 से लागू है और लगभग 50 वर्ष होने को है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं -सहायिकाओं को अभी तक ना तो मजदूर का और न ही शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिल पाया है। काम के समय शासकीय कर्मचारी से भी ज्यादा जिम्मेदारी दी जाती है और जब जीने लायक वेतन सुविधाओं की बात की जाती है तो समाज सेविका कहकर मूलभूत सुविधाओं से हमें वंचित रखा जा रहा है। लेकिन समाज सेविका का भी परिवार होता है, आज के इस भीषण मंहगाई के दौर में केंसरकार से हमें महज 4500 रू. ही मानदेय मिल रहा है। क्या इसे हम जीने लायक वेतन मान सकते है? हमें न पेंशन की सुविधा है और न ही सेवानिवृत्ति पश्चात संतोषजनक लाभ है। सरकारों द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में की गई उन्नति के बड़े- बड़े पोस्टर लगाए जाते हैं तथा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े-बड़े पुरस्कार जीते जाते हैं लेकिन जिनके दम पर यह उपलब्धि हासिल होती है, उन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिका बहनों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। आज केंद्र एवं राज्य में बीजेपी की सरकार है, इसलिए आज कार्यकर्ता सहायिका केंद्र एवं राज्य सरकार से अपेक्षा करती हैं कि वे हमारी मांगें पूरा करेंगीं। सभा को जयश्री राजपूत, लता तिवारी, पार्वती नाग, रंभा गागड़ा, दयावती यालम, रानी राव, लक्ष्मी बघेल, लक्ष्मी यादव, निर्मला चौधरी एवं अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। आज के सम्मेलन में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सैलाब उमड़ पड़ा था।

संघ ने उठाई ये मांगें
सम्मेलन में संघ ने सभी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हित में छह प्रमुख मांगें उठाईं। मांगों का ज्ञापन सांसद महेश कश्यप को भी सौंपा गया। मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने, नर्सरी शिक्षक पद पर उन्नयन करने,
शासकीय कर्मचारी घोषित किये जाने तक श्रम कानून के तहत न्यूनतम पारश्रमिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता को कम से कम प्रति माह 21 हजार रू. और सहायिकाओं को 17850 रू. वेतन देने, मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र बनाने,तब तक समान काम का समान वेतन देने सामाजिक सुरक्षा के रूप मे आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5 लाख ग्रेच्युटी और 10 हजार रू. मासिक पेंशन और सहायिकाओं को 4 लाख 25 हजार की ग्रेच्युटी और 8,500 रू. मासिक पेंशन एवं सहायिकाओं को समूह बीमा का लाभ देने, सुपरवाईजर के रिक्त शत प्रतिशत पदों पर कार्यकर्ताओं को बिना उम्र बंधन और परीक्षा के सीधे पदोन्नति देने कार्यकर्ता के रिक्त सभी पदों पर सहायिकाओं को पदोन्नत करने और इस हेतु विभागीय सेवा भर्ती नियम मे आवश्यक संशोधन करने तथा क्रेश कार्यकर्ताओं को कार्यकर्ता के पद पर समायोजित करने की मांगें शामिल हैं।
जनता पर खुला अत्याचार है बेतहाशा बिजली कटौती और बिजली दरों में बढ़ोत्तरी : दीपक बैज
- सरकार चलाने में नाकाम साबित हुई भाजपा : बैज
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज यहां प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि साय सरकार राज्य के लोगों को पूरे समय बिजली नही दे पा रही है। ऊपर से सरकार ने बिजली के दामों में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है। यह जनता पर सरासर अत्याचार है।
जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिजली दर में 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी राज्य सरकार को वापस लेनी चाहिए। प्रदेश की जनता महंगाई से पीड़ित है। ऎसी स्थिति में बिजली दर में बढ़ोतरी करना महंगाई से जख्मी जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। सरकार भले ही कहती है कि बिजली के दाम में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, मगर हकीकत में पिछले दो माह से बिजली के बिल दोगुने ने आ रहे हैं। आम आदमी बिजली के दाम बढ़ने से परेशान है।
स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ता को लूटने कि तैयारी भाजपा सरकार कर रही है। कांग्रेस इसका विरोध करती है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 5 वर्षो तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना शुरू की थी, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था। इससे 5 साल में प्रत्येक उपभोक्ता का 40 से 50 हजार रु. तक की बचत हुई है। पिछले 6 माह में विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं जाता जब बिजली दो-चार घंटे के लिए बंद न होती हो। रात में तो बिजली की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। घंटों बिजली गुल हो जाती है।पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा से न सरकार संभल पा रही और न ही व्यवस्थाएं। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही है, ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है। प्रदेश के अनेक जिलों में तो पूरी रात बिजली कटौती हो रही है। भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रही है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से बिजली की खरीदी कर आम जनता को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाती थी। रबी फसल लेने वाले किसानों को भी बोरवेल चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलती थी। कांग्रेस की सरकार के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से हो इसके लिए ट्रांसफार्मर के पावर बढ़ाए गए थे, नए ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। ट्रांसमिशनों को अपग्रेड किया गया। भाजपा की सरकार में 6 माह में ही बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है। आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की समस्या को लेकर आंदोलन कर रही है।
कानून व्यवस्था बदहाल
कांग्रेस नेता दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में भी राजधानी के अंदर आदिवासी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। राज्य में एसपी कलेक्टर कार्यालय जलाए जा रहे हैं, मॉब लीचिंग हो रही है, थाने में चाकूबाजी हो रही है। वहीं साय सरकार सुशासन का राग अलाप रही है। आखिर ये कैसा सुशासन है? श्री बैज ने कहा यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासी सुरक्षित नहीं है। बस्तर का आदिवासी अब रायपुर में भी सुरक्षित नहीं है। आदिवासी बच्चे को पीट-पीट कर मार डाला जा रहा है। दीपक बैज ने पूछा कि बस्तर के लोहंडीगुड़ा क्षेत्र के निवासी 21 साल के छात्र मासूम बच्चा मंगल मुराया का कसूर क्या था? उसने पढ़ाई करने नया रायपुर के एक निजी कॉलेज में एडमिशन लिया था। उसका सिर्फ इतना ही कसूर था कि वह मासूम आदिवासी था। उसने बड़ी मासूमियत से रास्ता पूछा था, लिफ्ट मांगा था। उसको अपराधी तत्व सरेआम गाड़ी में बिठाकर ले गए और पीट- पीटकर मार डाला गया। हत्यारों ने उसका एटीएम कार्ड छीन लिया पिन मांग रहे थे। उस गरीब के बच्चे ने पिन नहीं बताया तो मार डाला गया। क्या यही है कानून का राज? जहां पर रास्ता पूछने पर एक कॉलेज के छात्र को मार डाला जाता है। निरीह आदिवासी मां-बाप ने अपने बच्चे को पढ़ाने का सपना देखा था। उन्हें क्या पता था छत्तीसगढ़ में कानून का नहीं जंगल राज चल रहा है। उसका बच्चा पढ़ लिखकर अपना करियर नहीं बना पाएगा, भाजपा के राज में उसकी लाश घर वापस आएगी। पुलिस निष्क्रिय और निकम्मी बन गई है। मुख्यमंत्री को समझ ही नहीं आ रहा कि करना क्या है? अनुभवहीन गृहमंत्री दिग्भ्रमित हैं। कानून का राज कौन स्थापित करेगा? 6 माह में ही प्रदेश की जनता को यह लगने लगा है कि राज्य में कोई सरकार है ही नहीं है? दीपक बैज ने कहा कि जबसे राज्य में भाजपा की सरकार बनी है, नागरिकों को भय के माहौल में जीवन जीना पड़ रहा है। अपराधी बेलगाम हो गए हैं। साय सरकार के राज में महिलाओं के प्रति अपराधों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो गई है। 6 माह में राज्य में 300 से अधिक बलात्कार, 80 सामूहिक बलात्कार, 200 से अधिक हत्याएं, चाकूबाजी, लूट, डकैती, चेन स्नेचिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। राजधानी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अपराधी बिना किसी वाहन के पैदल चलते हुए चेन खींचकर भाग जाते हैं। राजधानी के थाने में चाकू मार दिया जाता है। पुलिस असहाय हो गई है। नक्सलवादी घटनाएं 6 माह में बढ़ गई हैं। रोज प्रदेशभर से 3-4 मासूम अबोध बच्चियों के साथ कुकर्म तथा सामूहिक दुराचार की घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।
मानव तस्करी भी बढ़ी
दीपक बैज ने कहा कि राजधानी से लगे आरंग में मॉब लीचिंग में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है। सरकार अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही करने के बजाय उनको संरक्षण देने में लगी है। हत्यारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय सरकार ने सदोष मानव वध का मुकदमा दर्ज करवाया है ताकि अपराधियों को बचाया जा सके। बैगा जनजाति के पूरे परिवार को जलाकर मार डाला गया।महिलाओं बच्चियों को बहला फुसला कर प्रदेश के बाहर ले जाया जाता है। राजनांदगांव के स्टेशन पर 21 महिलाओं बच्चियों को तस्कर ले जा रहे थे जिन्हें रोका गया। लेकिन अपराधियों के सत्तारूढ़ दल के लोगों से संबंध थे, वे थाने से छोड़ दिए गए। गृहमंत्री का गृह जिला तो हत्या, लूट, मानव तस्करी का केंद्र बन गया है। 6 माह में एक दर्जन से अधिक निर्मम हत्याएं कवर्धा में हुई हैं। हर दिन बलात्कार की घटना हो रही है। गृहमंत्री अपना गृह जिला नहीं संभाल पा रहे हैं। हाई कोर्ट ने भी राज्य की कानून व्यवस्था पर दो बार सवाल खड़ा किए हैं। 6 माह में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है। गुंडे, अपराधी, लुटेरे, चोर बेलगाम हो गए हैं।इन घटनाओं को रोकने की दिशा में सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सत्तारूढ़ दल के लोग अपराधियों के पैरोकार बन गए हैं। पुलिस की पीसीआर वैन तो वसूली वैन बन चुकी है जो नशाखोरों, अपराधियों को चंद रुपयों के बदले संरक्षण देती है।
ठगा गया आदिवासी
महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो गयी, पोटाकेबिन में बच्ची की जलकर मौत, अबोध बच्ची मां बनी, नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेड़खानी। बलात्कार, सामूहिक बलात्कार की घटनाएं बढ़ गई हैं। लूट, अपराध, डकैती, चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ गई हैं। अपराध और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। भाजपा के राज में आम आदमी और आदिवासी अपने कोbअसहाय महसूस कर रहे हैं। कहने को तो प्रदेश का मुखिया आदिवासी है, लेकिन वह आदिवासियों को ही सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। आदिवासी समाज अपने को ठगा महसूस कर रहा है।
नगर निगम ने बनवाई गोंचा गुड़ी, हुआ लोकार्पण
- मंत्री केदार कश्यप और किरण देव ने किया लोकार्पण
जगदलपुर गौंचा महापर्व के शुभ अवसर पर नगर पालिका निगम द्वारा तैयार नगर गोंचा गुड़ी का विधिवत फीता काटकर प्रदेश के वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण देव, संगठन महामंत्री पवन साय, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, महापौर सफीरा साहू , वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा शुभारंभ किया गया। इस दौरान भाजपा बस्तर जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, कोंडागांव जिला भाजपा अध्यक्ष दीपेश अरोरा, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, 360 घर आरण्यक समाज के अध्यक्ष ईश्वर खंबारी, गोंचा पर्व समिति के अध्यक्ष विवेक पांडे, एमआईसी सदस्य, पार्षद एवं 360 धर आरण्यक समाज के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

जगदलपुर में भूमकाल चौक का लोकार्पण
जगदलपुर भूमकाल आंदोलन की स्मृति में जगदलपुर शहर के मध्य भाग में भूमकाल चौक का लोकार्पण किया गया। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व जनजाति वीर शहीद गुंडाधुर ने किया था। यह आंदोलन 1910 में बस्तर में ब्रिटिश राज के खिलाफ एक आदिवासी विद्रोह था। जनजाति वीरों के इतिहास गाथा को संरक्षित करने हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, बस्तर सांसद महेश कश्यप, जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


जगदलपुर में “एक पेड़ मां के नाम” बन गया है बड़ा जन आंदोलन
- विधायक किरण देव ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा
जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां मां के नाम’ अभियान जगदलपुर शहर में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। नगर के हर वार्ड में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के तहत नगर के अटल बिहारी वाजपेयी वार्ड के शीतला माता मंदिर परिसर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव द्वारा पौधारोपण किया गया। महापौर साफीरा साहू, वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, कलेक्टर विजय दयाराम के एवं जनप्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण किया। शीतला माता मंदिर परिसर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव ने रुद्राक्ष पौधे का रोपण किया। पौधारोपण के दौरान किरण देव ने कहा कि एक पौधे मां का नाम के तहत सभी एक पौधा अवश्य लगाएं साथ पौधे लगाने के साथ उस पौधे का संरक्षण भी करें।

वन ही जीवन है, इसका महत्व समझना आवश्यक है। पेड़ों के कारण हमारा जलवायु सुरक्षित व संरक्षित रहता है। पेड़ों का संरक्षण व संवर्धन करना हम सब का दायित्व है। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने भी अलग- अलग प्रजातियों के पौधरोपण किया। आंवला, सिंदूरी, बेल, अमरूद, नीम व अन्य प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में पार्षद शंभू नाग, डीएफओ उत्तम गुप्ता, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, आरेंद्र आर्य, अविनाश श्रीवास्तव , पुजारीगण एवं काफी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।


