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विसचुनाव में सर्व आदि दल ने दर्ज कराई शानदार मौजूदगी

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  • दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल की पत्रवार्ता

जगदलपुर सर्व आदि दल ने विधानसभा चुनाव में ग्यारह प्रत्याशी उतारे थे। निर्वाचन आयोग में दल का पंजीयन 16 अक्टूबर को हुआ, पर चुनाव चिन्ह नहीं मिला। मात्र तीन सप्ताह और शून्य अर्थव्यवस्था के बावजूद पार्टी का प्रदर्शन बहुत ही उत्साहजनक रहा।

उक्त बातें सर्व आदि दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल ने यहां पत्रवार्ता में कहीं। उनके साथ दल के अंकुश बारिएकर, रामू यादव, ढंकेश्वर साहू, सुभाष महानंद व अमित रॉबर्ट भी मौजूद थे। पन्नालाल ने कहा कि प्रत्याशियों ने बस्तर क्षेत्र की 9 सीटों पर 80, 669 वोट प्रभावित किए तथा ग्यारह सीटों पर 1लाख 14 हजार 286 मतदाताओं को परंपरागत वोटिंग से हटाया।

सरगुजा में इसाई लामबंद

सरगुजा क्षेत्र में इसाई समाज लामबंद हुआ है। अब तक इसाई समाज में आम सहमति से परंपरागत वोटिंग होती थी। 2023 के चुनाव में समाजिक चर्चाओं के बाद चर्च राजनीति से दूर रहा। सक्षम अगुओं की बातें स्वीकार्य रहीं। कांग्रेस पार्टी से ईसाई समाज की नाराज़गी की वजह लाशों को उखाड़े जाने, हत्याएं, हमले, धान लूट पर एफआईआर नहीं होन रही। कुनकुरी में समयाभाव के कारण लोक – स्वीकार्य प्रत्याशी चयन नहीं हो पाया। बाकी सीटों के पर्चे निरस्त हो गए।

कोंटा में डर का माहौल

पन्नालाल ने कहा कि चुनाव में ईसाई वोटरों पर जानलेवा हमले, कोंटा में नामांकन भर रहे दो प्रत्याशियों को हमलों के कारण भूमिगत होना पड़ा। बड़ी हिम्मत से तीसरा प्रत्याशी चन्नाराम ने पर्चा भरा। हथियार से लैस भीड़ ने वोट ना डालने की चेतावनी दी। दो जगहों पर करीब 25 एकड़ धान की खड़ी फसल लूटी गई। पुलिस से संरक्षण नहीं मिला। डर के माहौल के कारण नोटा में करीब 8 हजार वोट पड़ना अभूतपूर्व है। व्याप्त भय के कारण कई चर्च ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ले ली है। कांकेर में भाजपा 16 प्रतिशत अधिक वोटों से जीती, जबकि सर्व आदि दल को 1,506 मिले और कुल 4,235 वोटों को प्रभावित किया। केशकाल में भाजपा 5,560 से जीती सर्व आदि दल का प्रभाव 5,727 वोटों पर रहा। वहीं चित्रकोट में भाजपा 8,370 से जीती तथा ईसाई समाज के 10,398 परंपरागत वोट नहीं पड़े।

परंपरागत वोटिंग से दूर हुए ईसाई

राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्नालाल ने कहा कि सरगुजा क्षेत्र में सर्व आदि दल के प्रचार ने ईसाई समाज को परंपरागत वोटिंग से अलग रखा। बस्तर के कोंटा में कांग्रेस 1,981 वोटों से जीती।भाजपा को 30,795 वोट मिले। सर्व आदि दल को 2,881 वोट मिले। अत्याचार के दौर में कांग्रेस की निष्क्रियता रही। भाजपा का नैतिक एवं संवैधानिक समर्थन मिलने से कोंटा का रुख बदल जाता। बस्तर सीट पर कांग्रेस की जीत 6,431 वोटों से हुई और सर्व आदि दल ने 6,539 वोटों को प्रभावित किया।

साय की बातों से समाज खुश

सर्व आदि दल के नेताओं ने कहा कि नारायणपुर दंगों के दौर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बयान ‘सिर्फ 2 प्रतिशत के लिए बाकियों को नाराज नहीं कर सकते’ और अल्पसंख्यक आयोग में समाज के सदस्य को स्थान नहीं देना नाराजगी का कारण था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस संवैधानिक और सेक्युलर मूल्यों को पुनः स्थापित करे। तभी वह कुछ हासिल कर पाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मातरण के मुख्य कारण गरीबी, मूलभूत सुविधाओं और आत्म सम्मान के अभाव को खत्म करने की बात कही है और स्वैच्छिक धर्म मानने की आजादी को बरकरार रखने की घोषणा की है। इससे समाज में हर्ष व्याप्त है।

जहां नहीं पहुंचती सूरज की किरण, वहां फैल रहा विकास का उजाला

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  • चांदामेटा व अन्य गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सुविधा का हुआ विस्तार
  • कलेक्टर विजय के समक्ष ग्रामीणों ने रखी थी मांग
  • कलेक्टर ने अंदरूनी इलाकों में विकास का लिया जायजा

जगदलपुर बस्तर जिले में आज भी ऐसे कई गांव हैं, जहां सूरज की किरण नहीं पहुंच पाती। ऐसे दुर्गम गांवों में भी अब विकास का उजियारा फैलने लगा है। बस्तर के अति संवेदनशील माने जाने वाले चांदामेटा क्षेत्र के पटेलपारा, मुड़ियापारा, गदमेपारा में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी जन-सुविधाओं का विस्तार हुआ है। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सोमवार को अंदरूनी इलाकों में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया।

ज्ञात हो कि कलेक्टर विजय दयाराम के. लगभग आठ माह पहले बस्तर जिले में अपनी नियुक्ति के तीसरे दिन ही कोलेंग, चांदामेटा क्षेत्र के भ्रमण पर निकल गए थे। वहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की थी। ग्रामीणों की मांग के आधार पर सड़क, विद्युत, पेयजल, स्कूल और आंगनबाड़ी की व्यवस्था इन गांवों में की गई है। चांदामेटा से सड़क निर्माण कार्य को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास निगम ने पटेलपारा तक बारिश से पूर्व पूर्ण कर लिया था। पटेलपारा, मुड़ियापारा, गदमेपारा और टोंडरापारा में विद्युत विस्तार का कार्य भी दो माह पूर्व किया गया है। इन इलाकों में इतने बरसों बाद विद्युत की रोशनी मिलने से ग्रामीण में खुशी छा गई है। साथ ही पेयजल की व्यवस्था के तहत सोलर नल जल योजना भी स्थापित की गई है। कलेक्टर ने सड़क, विद्युत और नल जल व्यवस्था के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की। पटेलपारा निवासी ऊरा कुंजाम ने बताया कि विद्युत लाइन विस्तार नहीं होने पर मिट्टीतेल से लालटेन व खाद्य तेल से दीया जलाकर घर में रौशनी करते थे या आग की रोशनी का ही सहारा था। अब बिजली आ गई है तो बल्ब जलाकर उजाला करते हैं। उसने अपना मोबाइल भी चार्च करने की जानकारी दी। कलेक्टर ने ऊरा को गर्भवती पत्नी की बेहतर देखभाल कर उसका प्रसव कोलेंग अस्पताल में करवाने के लिए प्रेरित किया। पटेलपारा की पीसो बाई ने बताया कि सोलर नल जल योजना से शुद्ध पेयजल मिल रहा है। अब नाले का पानी पीने की मजबूरी नहीं रह गई है। पहले नाले या झिरिया का पानी उपयोग करते थे, जिससे कभी कभी तबियत भी खराब हो जाती थी। पीसो बाई ने कहा अब मेरे घर में भी बिजली लाइन से रोशनी होती है। गांव के सरपंच आयता ने बताया कि पहले सड़क नहीं होने से पटेलपारा वासियों को बहुत दिक्कत होती थी। सड़क का निर्माण से सभी नागरिकों को सहूलियत हो गई है।कलेक्टर विजय ने कहा कि विकास कार्य को गति देते हुए क्षेत्र के नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। कोलेंग में स्कूल की स्थापना कर बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। गांव के दो युवाओं से अतिथि शिक्षक के रूप में काम लिया जा रहा है। सोमवार को आंगनबाड़ी का भी शुभारंभ किया गया। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया है। आगामी दिनों में आंगनबाड़ी के बच्चों का भी जाति प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा। कोलेंग के ग्रामीणों से चर्चाकर बच्चों को नियमित स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की अपील की।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कोलेंग कन्या आश्रम के लिए लगभग 100 मीटर पहुंच मार्ग मनरेगा के समन्वय से बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम की अन्य जरूरतों की पूर्ति करवाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कोलेंग बाजार शेड के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि कलेक्टर ने अपने पहले कोलेंग क्षेत्र के दौरे में कोलेंग बाजार को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तोकापाल सुब्रत प्रधान, दरभा जनपद सीईओ, सहायक आयुक्त श्री चंदेल, विद्युत विभाग के श्री पोयाम, पीएमजीएमवाय के राहुल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बच्चों से कराया आंगनबाड़ी का उद्घाटन

कलेक्टर ने कोलेंग आंगनबाड़ी केंद्र का बच्चों से उद्घाटन करवाया। उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर केंद्र का फीता कटवाकर और बच्चों को बिस्किट वितरण कर केंद्र का शुभारंभ किया। जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम ने भी बच्चों को गोद में लेकर प्रवेश करवाया। बच्चों का पुष्पमाला के साथ स्वागत भी किया गया। कलेक्टर ने कोलेंग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने यहां विगत माह जन्म लेने वाले बच्चों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और सामान्य प्रसव की स्थिति में जन्म के 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की निगरानी अनिवार्य तौर पर करने की हिदायत डॉक्टरों और कर्मियों को दी। अस्पताल को व्यवस्थित और साफ सुथरा रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कर्तव्य स्थल पर अनुपस्थित रहने वाले आरएमए को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर के आसपास साफ सफाई करवाने और परिसर में रखी एंबुलेंस का उपयोग करने के निर्देश दिए। निर्माण विभाग को अस्पताल के शेष बचे कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

पारखी धान की गुणवत्ता

कलेक्टर ने कोलेंग धान खरीदी केंद्र में किसानों द्वारा विक्रय हेतु लाए गए धान की नमी मापक यंत्र से नमी की जांच करवाई। किसानों से धान की गुणवत्ता पर चर्चा की। उन्होंने संग्रहण केंद्र में रखे धान का उठाव जल्द करवाने के निर्देश दिए। किसानों का रकबा समर्पण पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक संतोष वर्मा से उसके द्वारा दी जा रही सेवाओं और वित्तीय ट्रांजेक्शन के संबंध में चर्चा की। संतोष ने बताया कि उसकी ट्रांजेक्शन क्षमता दो लाख रुपए तक है। पहले घर में सीएससी संचालित करता था, जिससे प्रतिमाह दो हजार की आमदनी होती थी। गत जून माह में कलेक्टर विजय दयाराम के. के कोलेंग प्रवास के दौरान उसे शासकीय दूकान आबंटित की गई है। दुकान में बैंक सखा के रूप में और शासकीय योजनाओं के अन्य वित्तीय कार्यों के रूप में हितग्राहियों को राशि का वितरण करने का काम कर रहा है। इसके अलावा कोलेंग क्षेत्र में एकमात्र सीएससी सेंटर होने के कारण शासन से संबंधित अन्य ऑन लाइन कार्य संतोष द्वारा किया जाता है। संतोष के कार्यों की कलेक्टर ने सराहना कर उसे प्रोत्साहित किया।

हसदेव के मसले पर एकजुट होकर उठाएं आवाज : दीपक बैज

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हसदेव के जंगल में खड़े होकर दहाड़े पीसीसी चीफ बैज

  • आदिवासियों और छग की अस्मिता का है सवाल यह अर्जुन झा

जगदलपुर हसदेव अरण्य क्षेत्र के जंगलों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने जंग का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने हसदेव के जंगलों को उजाड़े जाने और वहां कोल ब्लॉक आवंटन को छत्तीसगढ़ एवं यहां के आदिवासियों के अस्तित्व व अस्मिता का सवाल बताते हुए केंद्र सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के खिलाफ एकजुट होकर आवाज मुखर किए जाने की जरूरत बताई।

 

पीसीसी चीफ दीपक बैज रविवार को सरगुजा जिले में स्थित हसदेव के जंगलों में जाकर खूब गरजे। हसदेव अरण्य के पेड़ों की कटाई और कोयला खनन हेतु खदानों के आवंटन से प्रभावित आदिवासियों व दूसरे समुदायों के हजारों ग्रामीणों को दीपक बैज ने जंगल के बीच खड़े होकर संबोधित किया। पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं को हसदेव तक जाने से रोकने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। बावजूद प्रदेश कांग्रेस के कप्तान हसदेव पहुंचने में सफल रहे। वहां हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए बस्तर के आदिवासी पुत्र दीपक बैज ने कहा कि हसदेव के जंगलों की कटाई और कोल ब्लॉक आवंटन का मामला केवल सरगुजा जिले का ही मसला नहीं है, यह समूचे छत्तीसगढ़ और यहां निवासरत लाखों आदिवासियों के अस्तित्व एवं अस्मिता का सवाल बन गया है। श्री बैज ने कहा कि मैं भी बस्तर का आदिवासी हूं हूं। इसलिए आदिवासियों के दुख दर्द को भलिभांति समझता हूं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में नया प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए वहां के निवासियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए, ग्रामसभा की सहमति लेनी चाहिए। हसदेव के मामले में ग्रामसभा की फर्जी सहमति का दस्तावेज पेश किया गया है। श्री बैज ने माना कि कांग्रेस शासनकाल में चूक हुई कि हमने ग्रामसभा के प्रस्ताव का परीक्षण नहीं कराया। दीपक बैज ने कहा कि जल, जंगल, जमीन तथा खनिजों की खदानों पर उस क्षेत्र के निवासियों और आदिवासियों का पहला हक होता है। उनका हक छीनकर किसी भी प्रोजेक्ट की स्थापना नहीं कराई जा सकती। श्री बैज ने बस्तर संभाग के बोधघाट परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना से बस्तर के 42 गांव उजड़ रहे थे। प्रभावित हो रहे गांवों के ग्रामीणों और आदिवासियों ने एकजुट होकर बोधघाट परियोजना का विरोध शुरू किया। मैंने स्वयं उनकी आवाज बनकर उनका नेतृत्व किया। तब हमने कहा था कि बस्तर को सिंचाई सुविधा तो चाहिए, लेकिन 42 गांवों को उजाड़ने की कीमत पर नहीं। मैंने अपने मुख्यमंत्री से बात की, उन्हें आदिवासियों की मंशा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री मुझ पर थोड़ा नाराज भी हुए, मगर उन्होंने बस्तर के आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बोधघाट परियोजना को रुकवा दिया। श्री बैज ने कहा कि भाजपा की सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के जल, जंगल, जमीन, कोयला, लौह अयस्क को बेचने पर आमादा है। उन्होंने सवाल किया कि जंगल ही नहीं रहेंगे, तो आदिवासियों का वजूद भला कैसे बच पाएगा ? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हसदेव को बेचा जा रहा है, आगे चलकर पूरे छत्तीसगढ़ को बेच दिया जाएगा। इसलिए हम सभी को सजग और सचेत रहने की जरूरत है। यह लड़ाई सिर्फ हसदेव, सरगुजा, सूरजपुर, अंबिकापुर की ही नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के अस्तित्व की लड़ाई है। हम सभी को एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है।

एक ओर हसदेव, दूसरी ओर विष्णुदेव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हसदेव की लड़ाई सिर्फ एक जंगल और यहां की जमीन की लड़ाई नहीं है, यह छत्तीसगढ़ को बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में एक तरफ हसदेव है, तो दूसरी तरफ विष्णुदेव हैं। अब फैसला आप सबको करना है कि आपको हसदेव के साथ रहना है या फिर विष्णुदेव के साथ? वैसे मेरा मानना है कि हसदेव के साथ रहने में ही हम सबकी भलाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आदिवासी को बिठाकर भाजपा छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का हक छीन रही है। श्री बैज ने कहा कि बस्तर में भी नगरनार इस्पात संयंत्र, नंदराज पहाड़ व अन्य खदानों को बड़े उद्योगपतियों के हाथों में बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई है। धीरे – धीरे पूरे छत्तीसगढ़ के जंगल, जल, जमीन और खनिज संपदा को बेच दिया जाएगा। इसे बचाने के लिए सभी आगे आएं।

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  • हसदेव के मसले पर एकजुट होकर उठाएं आवाज : दीपक बैज
  • हसदेव के जंगल में खड़े होकर दहाड़े पीसीसी चीफ बैज
  • आदिवासियों और छग की अस्मिता का है सवाल यह

अर्जुन झा

जगदलपुर हसदेव अरण्य क्षेत्र के जंगलों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने जंग का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने हसदेव के जंगलों को उजाड़े जाने और वहां कोल ब्लॉक आवंटन को छत्तीसगढ़ एवं यहां के आदिवासियों के अस्तित्व व अस्मिता का सवाल बताते हुए केंद्र सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के खिलाफ एकजुट होकर आवाज मुखर किए जाने की जरूरत बताई।

पीसीसी चीफ दीपक बैज रविवार को सरगुजा जिले में स्थित हसदेव के जंगलों में जाकर खूब गरजे। हसदेव अरण्य के पेड़ों की कटाई और कोयला खनन हेतु खदानों के आवंटन से प्रभावित आदिवासियों व दूसरे समुदायों के हजारों ग्रामीणों को दीपक बैज ने जंगल के बीच खड़े होकर संबोधित किया। पुलिस और प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं को हसदेव तक जाने से रोकने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। बावजूद प्रदेश कांग्रेस के कप्तान हसदेव पहुंचने में सफल रहे। वहां हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए बस्तर के आदिवासी पुत्र दीपक बैज ने कहा कि हसदेव के जंगलों की कटाई और कोल ब्लॉक आवंटन का मामला केवल सरगुजा जिले का ही मसला नहीं है, यह समूचे छत्तीसगढ़ और यहां निवासरत लाखों आदिवासियों के अस्तित्व एवं अस्मिता का सवाल बन गया है। बैज ने कहा कि मैं भी बस्तर का आदिवासी हूं हूं। इसलिए आदिवासियों के दुख दर्द को भलिभांति समझता हूं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में नया प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए वहां के निवासियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए, ग्रामसभा की सहमति लेनी चाहिए। हसदेव के मामले में ग्रामसभा की फर्जी सहमति का दस्तावेज पेश किया गया है। बैज ने माना कि कांग्रेस शासनकाल में चूक हुई कि हमने ग्रामसभा के प्रस्ताव का परीक्षण नहीं कराया। दीपक बैज ने कहा कि जल, जंगल, जमीन तथा खनिजों की खदानों पर उस क्षेत्र के निवासियों और आदिवासियों का पहला हक होता है। उनका हक छीनकर किसी भी प्रोजेक्ट की स्थापना नहीं कराई जा सकती। श्री बैज ने बस्तर संभाग के बोधघाट परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना से बस्तर के 42 गांव उजड़ रहे थे। प्रभावित हो रहे गांवों के ग्रामीणों और आदिवासियों ने एकजुट होकर बोधघाट परियोजना का विरोध शुरू किया। मैंने स्वयं उनकी आवाज बनकर उनका नेतृत्व किया। तब हमने कहा था कि बस्तर को सिंचाई सुविधा तो चाहिए, लेकिन 42 गांवों को उजाड़ने की कीमत पर नहीं। मैंने अपने मुख्यमंत्री से बात की, उन्हें आदिवासियों की मंशा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री मुझ पर थोड़ा नाराज भी हुए, मगर उन्होंने बस्तर के आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बोधघाट परियोजना को रुकवा दिया।  बैज ने कहा कि भाजपा की सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के जल, जंगल, जमीन, कोयला, लौह अयस्क को बेचने पर आमादा है। उन्होंने सवाल किया कि जंगल ही नहीं रहेंगे, तो आदिवासियों का वजूद भला कैसे बच पाएगा ? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हसदेव को बेचा जा रहा है, आगे चलकर पूरे छत्तीसगढ़ को बेच दिया जाएगा। इसलिए हम सभी को सजग और सचेत रहने की जरूरत है। यह लड़ाई सिर्फ हसदेव, सरगुजा, सूरजपुर, अंबिकापुर की ही नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के अस्तित्व की लड़ाई है। हम सभी को एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है।

एक ओर हसदेव, दूसरी ओर विष्णुदेव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हसदेव की लड़ाई सिर्फ एक जंगल और यहां की जमीन की लड़ाई नहीं है, यह छत्तीसगढ़ को बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में एक तरफ हसदेव है, तो दूसरी तरफ विष्णुदेव हैं। अब फैसला आप सबको करना है कि आपको हसदेव के साथ रहना है या फिर विष्णुदेव के साथ? वैसे मेरा मानना है कि हसदेव के साथ रहने में ही हम सबकी भलाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आदिवासी को बिठाकर भाजपा छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का हक छीन रही है।  बैज ने कहा कि बस्तर में भी नगरनार इस्पात संयंत्र, नंदराज पहाड़ व अन्य खदानों को बड़े उद्योगपतियों के हाथों में बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई है। धीरे – धीरे पूरे छत्तीसगढ़ के जंगल, जल, जमीन और खनिज संपदा को बेच दिया जाएगा। इसे बचाने के लिए सभी आगे आएं।

नगरनार और लालबाग की टीमों ने जीते अपने अपने मैच

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  •  20- 20 क्रिकेट, दूसरे दिन के मैचों में रोमांचक मुकाबले =

जगदलपुर बस्तर में चल रही नेताजी सुभाषचंद्र बोस 20- 20 कप क्रिकेट प्रतियोगिता में रविवार को खेले गए दो मैचों में नगरनार और लालबाग की टीमों ने जीत दर्ज की। नगरनार ने फ्रेजरपुर को और लालबाग ने भोपाल पटनम को शिकस्त दी।

आज का पहला मैच नगरनार और फ्रेजरपुर के बीच खेला नगरनार ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का निर्णय लिया। अखिलेश और प्रसाद बल्लेबाजी करने उतरे। दोनों के बीच केवल 6 रन की ही पार्टनरशिप हो पाई। अखिलेश सिर्फ एक रन बनाकर चंदन का शिकार बन गए। प्रसाद को कुणाल ने 8 रनों पर लेग आउट कर दिया। 2 विकेट गिरने के बाद अनुभवी बल्लेबाज मनोज बघेल 50 रनों की शानदार पारी खेली। मनोज ने टीम का स्कोर 68 रनों तक पहुंचाया। मनोज बघेल को कीपर पृथ्वी ने रन आउट किया। निचले क्रम में बल्लेबाज जगरनाथ और मेंगो ने 16 रन और 13 रन बनाकर 18 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 136 रन बटोरे।फ्रेजरपुर के चंदन नेताम ने तीन ओवर में 17 रन देकर दो विकेट और अजय शुक्ला ने चार ओवर में 21 रन देकर एक विकेट लिए। 136 रनों के जवाब में फ्रेजरपुर की टीम 104 रन बनाकर 17 ओवर में आल आउट हो गई। फ्रेजरपुर के लिए पृथ्वी ने सर्वाधिक 21 रन बनाए। अजय ने 17 रन व सुरेंद्र ठाकुर ने 13 रन बनाए। नगरनार के दिवेश ने चार ओवर में 19 रन देकर दो विकेट झटके। मैन ऑफ द मैच का खिताब मैंगो को दिया गया।

आज का दूसरा मुकाबला लालबाग और भोपाल पटनम

के बीच खेला गया। भोपाल पटनम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। विल्सन और इरफान मैदान पर उतरे। विल्सन 5 रन बनाकर अनस की गेंद में बोल्ड आउट हुए। इरफान भी 4 रन बनाकर जयदीप का शिकार बन गए।लालबाग के लिए अनस ने 5 विकेट व सागर शर्मा ने 3 विकेट लिए। भोपाल पटनम के चार बल्लेबाज बिना रन बनाए ही आउट हो गए। 16 ओवर में सिर्फ 76 रन बनाकर भोपाल पटनम टीम आल आउट हो गई। लालबाग ने 10 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली। लालबाग के अनस ने 19 रन, पलाश मंडल ने 25 रन और सूर्यवीर ने नाबाद 23 रन बनाए।

मलेरिया ग्रस्त बच्चे की जान नहीं बचा सके सरकारी डॉक्टर

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  •  जिला अस्पताल नारायणपुर में नहीं मिल सका इलाज
  • परिजनों का आरोप -एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई अर्जुन झा

जगदलपुर मच्छर रहेगा, मलेरिया नहीं’ स्लोगन कई दशक पुराना है। देश में अनेक दशकों से मच्छर और मलेरिया उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस पर अब तक शासन अरबों रुपए खर्च कर चुका है। करोड़ों रू. खर्च कर सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इतना सब कुछ जतन करने के बावजूद मलेरिया भी है और मच्छरों की आबादी घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। मलेरिया से मौतों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। मलेरिया के मामले में बेहद संवेदनशील बस्तर संभाग के सरकारी जिला चिकित्सालयों में भी मलेरिया का ढंग से ईलाज नहीं हो पाता। मलेरिया के मरीजों के लिए जिला अस्पताल महज रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। इसका एक ताजा उदाहरण बस्तर संभाग के नारायणपुर के जिला चिकित्सालय में देखने को मिला, जहां एक शिशु की मौत मलेरिया के चलते हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर बच्चे को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रेफर करने पर आमादा थे। इसी फेर में बच्चे की जान चली गई।

नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर ग्राम बाहकेर निवासी आज्ञाराम सलाम व उसकी पत्नी अपने 9 माह के बीमार बच्चे को उप स्वास्थ्य केंद्र छोटेडोंगर लेकर गए थे। बच्चे के पिता ने बताया उप स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने बच्चे को जिला अस्पताल नारायणपुर रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर शाम करीब 4.30 बजे जिला अस्पताल नारायणपुर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर बताई। उसके बाद लगभग रात 8 बजे अचानक डॉक्टर ने बच्चे को जगदलपुर रेफर करने की बात कही। इससे बच्चे का पिता घबरा गया और उसने निजी अस्पताल ले जाने हेतु एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग डॉक्टरों से की। अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस देने से साफ इंकार कर दिया और कुछ दस्तावेजों पर बच्चे के पिता से हस्ताक्षर कराने के बाद अस्पताल से जाने को कह दिया। परिजन अपने बच्चे की जान बचाने उसे मोटर साइकिल से दूसरे अस्पताल जाने वाले ही थे, तभी बच्चे ने अस्पताल के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया। बच्चे के शरीर मे हलचल थम जाने के बाद माता समझ गई अब उसका लाल नही रहा। महिला अपने 9 माह के लाल के शव को गोद में लेकर अस्पताल में रोती बिलखती रही, लेकिन अस्पताल प्रबंधन का दिल नहीं पसीजा। आसपास मौजूद लोगों से सूचना मिलने पर मीडिया कर्मी वहां पहुंच गए। मीडिया के लोगों ने प्रभारी कलेक्टर को मामले की जानकारी दी। प्रभारी कलेक्टर जितेंद्र कुर्रे ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने महिला को अस्पताल के अंदर चलने का निवेदन करते हुए मरीज के सामानों को स्वयं लेकर अस्पताल के अंदर लेकर गए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन नींद से जाग व स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी व डाक्टर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एंबुलेंस की व्यवस्था कर बच्चे के शव और परिजनों को उनके गृह ग्राम भेजा।

नाजुक थी बच्चे की हालत डॉ. केकती

पूरे मामले पर जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. आदित्य केकती ने कहा कि मरीज को मलेरिया था और परिजनों को बताया गया कि स्स्थिति नाजुक है, रेफर करना पड़ेगा। लेकिन परिजनों ने इंकार करते हुए दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही। दूसरे अस्पताल ले जाते वक्त मरीज की मृत्यु हो गई। पश्चात एम्बुलेंस उपलब्ध कराकर उन्हे गृहग्राम रवाना कर दिया गया। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल में दो शिशुरोग विशेषज्ञ सहित बीस से अधिक चिकित्सक पदस्थ हैं, फिर भी मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।

सीएमएचओ डॉ. कुंवर का कथन

घटना के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नारायणपुर डॉ. टीआर कुंवर ने जानकारी दी कि 9 माह के शिशु उत्तम सलाम पिता आज्ञाराम सलाम को कंपकंपी, बुखार, उल्टी, पेट फूलने, झटके आने की शिकायत थी। उसे मल एवं पेशाब भी नहीं हो रहा था। बच्चे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोटेडोंगर में दोपहर 12. 30 बजे भर्ती कराया गया, जहां जांच में मलेरिया से ग्रसित होना पाया गया। उसका उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोटेडोंगर में किया जा रहा था दोपहर 2:30 बजे तक मरीज को पेशाब न होने पर जिला अस्पताल नारायणपुर के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल में बच्चे को लेकर परिजन शाम 6. 30 बजे पहुंचें। डॉ. एकता निर्मलकर रंगारी ने परीक्षण के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया।भर्ती के वक्त उसे पेशाब नहीं हो रही थी और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।मरीज उसे ऑक्सीजन में रखा गया था। बच्चे के माता- पिता को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बताकर इलाज हेतु सरकारी एंबुलेंस से जगदलपुर ले जाने की सलाह दी गई थी। मरीज के परिजन द्वारा जगदलपुर नहीं जाने की बात लिखित में कही। नतीजतन उसका इलाज जिला अस्पताल नारायणपुर में चल रहा था। रात 9 बजे परिजन बच्चे को किसी प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए जिला अस्पताल से बाहर जा रहे थे तभी रात्रि 9.10 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। इसके बाद तत्काल सरकारी एंबुलेंस से उन्हें उनके घर तक छोड़ा गया। जिला अस्पताल नारायणपुर में हमेशा शासकीय एंबुलेंस तथा 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहती है।

नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने वाले आरोपी को 2 घंटे में राजहरा पुलिस ने पकड़ा

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  • आपरेशन मुस्कान के तहत् • कार्यवाही कर गुमशुदा की पतातलाश कर परिवार को किया
  • सुपूर्द 02. पुलिस द्वारा अपनकर्ता को 02घण्टे मे लिया हिरासत मे। 03. नाबालिक लड़की को बहलाफुसालकर भगाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।

 

विवरण :- मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि वार्ड नं. 15 भंगोली पारा का रहने वाला प्रार्थी द्वारा अपने पत्नी के साथ थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनकी नाबालिक लड़की डॉस क्लास जाने के नाम से घटना दिनांक 06.01.2024 के शाम 03:00 बजे घर से निकली थी, जो वापस नहीं आने पर प्रार्थी द्वारा आसपास एवं रिश्तेदारो मे पतातलाश किया जिसका कोई पता नही चलने पर प्रार्थी द्वारा अपने नाबालिक लड़की को अज्ञात आरोपी द्वारा बहलाफुसालकर वैध संरक्षण से भगाकर ले जाने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 05/2024 धारा 363 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीमान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक जिला बालोद एवं श्रीमान राजेश बागड़े नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजहरा निरीक्षक सुनील तिर्की एवं उनके टीम द्वारा अपहूत एवं अज्ञात अपनकर्ता की पतातलाश हेतु थाना राजहरा की टीम गठित कर रवाना किया गया था, टीम के द्वारा काफी लगन एवं मेहनत से अपहूत एवं अपहूनकर्ता की पतासाजी के दौरान राजहरा के वार्ड नं. 15 भगोली पारा मे ही अपहूनकर्ता के निवास स्थान पर ही मिले। अपहूत को मौके पर ही दस्तयाबी कर बरामद किया गया तथा अपहूत नाबालिक लड़की से पूछताछ करने पर बताया कि अपनकर्ता द्वारा बहलाफुसलाकर भगाकर अपने घर ले जाकर नाबालिक है, जानते हुए जोर जबदरस्ती कर शारीरिक संबंध स्थापित करना बताने पर आरोपी विद्यासागर पिता केवल राम साहू उम्र 20 साल साकिन वार्ड नं. 15 भंगोली पारा राजहरा को हिरासत में लेकर अपराध घटित करना कबूल करने पर आरोपी विद्यासागर के खिलाफ धारा 363, 366ए, 376 भादवि पाक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत् कार्यवाही कर दिनांक 07.01.2024 को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया ।

उक्त अभियान कार्यवाही में थाना राजहरा से निरीक्षक सुनील तिर्की, उप निरीक्षक उमा ठाकुर, सउनि कांता राम घिलेन्द्र, आरक्षक 894 सुरेन्द्र देशमुख, आर. 128 रवि यादव, की सराहनीय भूमिका रही।

नाम आरोपी :

विद्यासागर साहू पिता केवल राम साहू उम्र 20 साल साकिन वार्ड नं. 15 भंगोली पारा राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद

राममय होने लगा है जगदलपुर शहर का वतावरण

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  • अयोध्या में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्साह

जगदलपुर अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही जगदलपुर नगर का वातावरण राममय हो गया है। लोगों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। नगर के वार्डों में प्रभु श्रीराम के जयकारे, हनुमान चालीसा पाठ, शंखनाद, भजन गूंज रहे हैं। 22 जनवरी को शहर में दिवाली मनाने की तैयारी चल रही है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के रामभक्त दो दिनों से बाजे गाजे और जयकारों के बीच अक्षत, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या की तस्वीर के साथ घर घर जाकर पौष शुक्ल द्वादशी विक्रम संवत् 2080 सोमवार 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की प्रतिमा को मंदिर के गर्भगृह में विराजित करने और उनके प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। वार्ड पार्षद संजय पांडे भक्तों के साथ वार्ड के प्रत्येक घर में 22 तारीख़ के अभूतपूर्व दिवस को धूमधाम और उत्साह से मनाने का निवेदन कर रहे हैं। प्रत्येक घर में श्रीराम का जयकारा पाठ, हनुमान चालीसा सुंदरकांड, राम रक्षा स्रोत का पाठ करने की अपील कर रहे हैं। प्रत्येक घर में रात के समय दीप जलाने, घरों को तोरण, पुष्प और लाइटों से सजाने का भी आग्रह किया जा रहा है। संजय पांडे ने कहा है कि भगवान राम की प्रतिमा की 5 सौ वर्षों बाद मूल स्थान पर फिर से प्राण प्रतिष्ठा होने को लेकर हर घर में अभूतपूर्व उत्साह है ।सभी लोग इस प्राण प्रतिष्ठा में अपना योगदान देना चाहते हैं। 22 जनवरी को सभी लोग घंटी, शंख बजाकर अपने घरों को सजाकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रत्येक परिवार को 22 जनवरी के बाद श्री रामलला के दर्शन करने हेतु अयोध्या पहुंचने का निमंत्रण भी अक्षत, रामलला और मंदिर की भव्य फोटो भेंटकर दिया जा रहा है। नगर के सभी वार्डों में रामभक्त घर घर जाकर न्योता दे रहे हैं। इस कार्य में वार्ड के दृशान चक्रवर्ती, नरेश मुन्ना कोरी, मृणाल मलिक, गोविंद सिंह वर्मा पप्पू, अनिल जैन, जय विश्वास, अश्वनी पटेल, संपत रावत, अजय राय, जितेंद्र खत्री, ओमप्रकाश मौर्य , नम्रता जैन, मंजू शुक्ला, अनीता नाग, हीना सिंह, विभा सिंह, दर्पण राय, नंदनी सिंह, निशा गुप्ता, लक्ष्मी पांडे, रेनू राय आदि भक्त योगदान दे रहे हैं।

राजनांदगांव हाफ मैराथन में अशोक गुप्ता को मिला दूसरा स्थान

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  • राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर बढ़ाते है राजहरा का नाम

दल्लीराजहरा:–छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में 7 जनवरी को विशाल हाफ मैराथन का आयोजन किया गया जिसमे प्रदेश भर से हजारों धावको ने हिस्सा लिया।51 से 60 वर्ग आयु में चिखलाकसा वार्ड क्रमांक 60 इंदिरा कॉलोनी निवासी अशोक गुप्ता ने दूसरा स्थान प्राप्त कर पूरे प्रदेश में दल्लीराजहरा का नाम रोशन किया।

अशोक गुप्ता इससे पूर्व में भी अनेकों राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर लौह नगरी दल्लीराजहरा का मान बढ़ाया है।सामान्य परिवार से जुड़े ,बिना किसी बाहरी सहायता मिले अशोक गुप्ता रोजाना समय निकालकर अभ्यास करते है।वर्तमान में अशोक गुप्ता राजहरा माइंस में ठेका श्रमिक है लेकिन फिर वो निरंतर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और लोगों को खेल के प्रति जागरूक और इसके फायदे बताते हैं।

अशोक गुप्ता इससे पूर्व में भी हाफ मैराथन और मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पदक जीत चुके है और उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए खेल कर पदक जीतना है।

केन्द्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी को शिक्षकों की समस्याओं के समाधान हेतु सौंपा ज्ञापन, मुश्ताक अहमद

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अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी बताया कि केन्द्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी के कार्यलय दिल्ली पहुंच कर सांसद मोहन मंडावी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले और बालोद जिले में स्थित निजी स्कूलों के प्रबंधन द्वारा किये जा रहे शिक्षकों के शोषण को रोकने एवं उनके स्थिति को सुधारने बाबत ज्ञापन सौंपा।
मुश्ताक अहमद ने बताया कि उन्होंने अपने ज्ञापन में छत्तीसगढ़ प्रांत के दुर्ग और बालोद जिले में स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन नई दिल्ली (सीबीएसई) से सम्बद्धता प्राप्त, कई निजी स्कूलों में स्कूल
प्रबंधन द्वारा शिक्षकों / शिक्षिकाओं का शोषण किया जा रहा है और विरोध करने पर सीधे सीधे नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी देते हुए उनका मुँह बंद कराया जा रहा है। और बहुत ही कम वेतन शिक्षकों को दिया जा रहा है।इस विषय में दुर्ग और बालोद जिले के बहुत से शिक्षकों से ये शिकायत मिली थी कि स्कूल प्रबंधन द्वारा न केवल शिक्षकों / शिक्षिकाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है बल्कि विरोध करने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी भी दी जाती है। इस सन्दर्भ में जानकारी लेने पर पता चला कि –
(1) 07-08 वर्षों से एडहॉक के रूप में नियुक्त शिक्षक/ शिक्षिकाओं को नियमित नहीं किया जा रहा है और पूछने पर प्रबंधन द्वारा यही कहा जाता है कि नौकरी करनी है तो एडहॉक में करो वार्ना कहीं और देख लो।
(2) कोरोना काल के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को महँगाई भत्ता में होने वाले बढ़ोत्तरी
का लाभ देना बंद कर दिया गया है।
(3) कोरोना काल के बाद बहुत से स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को मिल रहे अर्जित अवकाश, मेडिकल लीव एवं मेडिकल भत्ता को बंद कर दिया।
(4) स्कूल प्रबंधन दवरा समय पर शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाता है और पूछने या विरोध करने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है।
उक्त मामले को दुर्ग जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष दिनांक 17.08.2023 को
रखते हुए शिक्षकों को न्याय दिलाने की अपील की गयी थी जिसपर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन क्रमांक / 11567, दिनांक 23.08.2023 को जांच हेतु कमिटी गठन करने का आदेश पारित किया गया और इसकी सूचना भी मुझे दी गयी। किन्तु अचानक दिनांक 15.09.2023 को जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग के द्वारा एक और आदेश निकाला गया जिसमें दिनांक 23.08.2023 को निकाले गए आदेश को निरस्त करते हुए शाला संचालन समिति के अध्यक्ष / सचिव को शिकायत का निवारण करते हुए कार्यालय को सूचित करने का दिशा-निर्देश दिया गया था। किन्तु आज तक स्कूल संचालन समिति का कोई जवाब नहीं आया है। इस बीच सीबीएसई से सम्बद्ध जिले के अन्य निजी स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति की जानकारी लेने पर जो बातें सामने आयीं हैं वह स्कूल प्रबंधन द्वारा न केवल सीबीएसई / माननीय उच्चतम न्यायलय द्वारा समय समय पर दिए गए दिशा-निर्देश / आदेशों की अवहेलना करना दर्शाता है बल्कि स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों का खुलेआम शोषण करना भी स्थापित करता है।
हमारे पास इन तथ्यों के समर्थन में निम्न जानकारियां हैं।
1, बालोद जिले के दल्ली राजहरा में बीएसपी के प्रोजेक्ट के स्कूल डीएवी में बीएसपी प्रबंधन द्वारा निजी पालकों से सीबीएसई के मापदंडों से अधिक फीस लिया जा रहा है और बीएसपी द्वारा जो नान बीएसपी बच्चों के लिए अनुबंध के अलावा सालाना करोड़ों रुपए दिए जा रहे हैं उसे कहा खर्च किया जा रहा है इसका हिसाब बीएसपी प्रबंधन नहीं दे रहीं हैं जिससे लगता है कि इन करोड़ों रुपए का बंदरबांट कर लिया गया है।
(2) जिले के लगभग सभी निजी स्कूल द्वारा बच्चों को लाने जाने हेतु बस उपलब्ध कराया
जाता है। किन्तु सीबीएसई के गाईड लाइन एवं माननीय उच्चतम न्यायलय के निर्देशानुसार
किसी भी बस में बच्चों के सुरक्षित आवागमन हेतु बस में प्रशिक्षित महिला अटेंडेंट का होना
आवश्यक है किन्तु स्कूल प्रबंधन द्वारा ऐसा न करते हुए शिक्षकों शिक्षकाओं से ही अटेंडेंट का
भी कार्य कराया जा रहा जो कि न केवल सीबीएसई के गाईड लाइन की स्पष्ट अवहेलना है। बल्कि शिक्षकों का शोषण भी है।
(3) इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि जिले के लगभग सभी निजी स्कूलों में शिक्षकों को
क्लास में बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं दी जाती है और उन्हें पूरे समय खड़े खड़े ही पढ़ना और
अपना टिफिन खाना पड़ता है। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जाती है।
(4) किसी भी संस्थान में कार्यरत व्यक्ति के लिए अर्जित अवकाश, मेडिकल लीव और मेडिकल भत्ता एक संवैधानिक हक है और उसे दबाने का किसी भी स्कूल प्रबंधन को अधिकार नहीं है।
उक्त शिकायतें लगभग दुर्ग और बालोद जिले के सभी निजी स्कूल संस्थानों में व्याप्त है जिससे इन
स्कूलों के शिक्षकों के अंदर कुंठा, भय एवं आक्रोश व्याप्त है और अगर इन ज्वलंत समस्याओं
का निराकरण जल्द से जल्द नहीं किया जाता है तो निश्चित तौर पर शिक्षकों को मानसिक / आर्थिक / शारीरिक वेदना से गुजरना पड़ेगा जिसके कारण उनके कार्य क्षमता पर भी
विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
मुश्ताक अहमद ने आगे बताया कि केन्द्रीय राज्य शिक्षा मंत्री के सामने उपरोक्त तथ्यों के प्रकाश में लाकर आग्रह किया गया है कि उपरोक्त शिकायतों के जांच हेतु
सीबीएसई को निर्देशित करें और उक्त जांच के दौरान शिकायतकर्ता को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अनुमति देवें ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षकों को मानसिक / आर्थिक / शारीरिक यातना से मुक्ति मिले।
ज्ञापन सके। प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप सांसद मोहन मंडावी, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुश्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष एम पी सिंग उपस्थित थे।

धन्यवाद ।
भवदीयु
मुस्ताक अहमद अंसारी
मोबाइल – 9406087222

mustak.ahmad003@gmail.com

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