नगरनार मंडल भाजपा महिला मोर्चा नगरनार की मंडल अध्यक्ष गीता मिश्रा ने जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह को भाजपा की छत्तीसगढ़ राज्य इकाई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर खुशी जताते हुए किरण देव सिंह को बधाई दी है। गीता मिश्रा ने कहा है कि यह हम सब के लिए आनंद, गौरव और हर्ष का विषय हैं कि भाजपा ने अपनी महान परंपरा का निर्वहन करते हुए एक सामान्य, कुशल संगठन कार्यकर्ता एवं ओजस्वी वक्ता विधायक किरण देव को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने देव की नियुक्ति के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को साधुवाद दिया है। गीता मिश्रा ने कहा है कि किरण देव त्याग, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति हैं। हमे पूर्ण विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में भाजपा निरंतर सशक्त होगी।
केदार कश्यप के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा बस्तर : गीता मिश्रा
नगरनार नारायणपुर के विधायक केदार कश्यप को विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में केबिनेट मंत्री बनाए जाने पर नगरनार मंडल भाजपा महिला मोर्चा ने खुशी जताई है। मोर्चा की मंडल अध्यक्ष गीता मिश्रा ने कहा है कि केदार कश्यप को मंत्री बनाया जाना हम बस्तर के लोगों के लिए बड़े सौभाग्य एवं गौरव का विषय है। गीता मिश्रा ने केदार कश्यप को विधायक चुने जाने के बाद एकबार फिर से कैबिनेट मंत्री बनाए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। सुश्री मिश्रा ने भरोसा जताया है कि केदार कश्यप बस्तर संभाग के हित में पहले की तरह ही बेहतर कार्य करेंगे। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में बस्तर संभाग में व्यापक बदलाव आएगा तथा भाजपा निरंतर सशक्त होगी।
बस से गांजा तस्करी करते पकड़े गए झारखंड के दो आरोपी
- सवा लाख मूल्य का बारह किलोग्राम गांजा बरामद
नगरनार बस के जरिए गांजा की तस्करी करते झारखंड के दो आरोपियों को पकड़ने में नगरनार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आरोपियों के कब्जे से 12.755 किलोग्राम गांजा मिला है। गांजे की कीमती 1 लाख 27 हजार रुपए बताई गई है।
पकड़े गए आरोपियों के नाम मोहम्मद निसार अहमद पिता अब्दुल गफूर उम्र 37 साल और शहीद शेख पिता शेख फरीद उम्र 28 वर्ष बताए गए हैं। ये दोनों मुर्गीटोला नारायणपुर थाना राजमहल जिला साहेबगंज झारखंड के निवासी हैं। बस्तर जिलें में अपराध नियंत्रण के लिए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के निर्देशन में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 2 दिसंबर की रात सूचना मिली कि दो व्यक्ति ओडिशा से गांजा लेकर बस के जरिए जगदलपुर की ओर आ रहे हैं। सूचना पर ग्राम धनपूंजी फॉरेस्ट नाका में पुलिस बल ने घेराबंदी कर आरोपी मोहम्मद निसार अहमद व शहीद शेख को पकड़ा। उनके दो बैग की तलाशी लेने पर 12 किलो 755 ग्राम गांजा मिला। इस गांजे की कीमत 1 लाख 27 हजार 550 रुपए आंकी गई है। आरोपियों से एक मोबाइल फोन को भी जप्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय रवाना किया गया है। तस्करों को पकड़ने में निरीक्षक शिवानंद सिंह, उप निरीक्षक रनेश सेठिया, सहायक उप निरीक्षक रैनूराम मौर्य, डीएसएफ आरक्षक जोगेश्वर कश्यप व भास्कर भारद्वाज का विशेष योगदान रहा।
बाल शिक्षा अधिकार के तहत प्रवेश 30 जून तक
जगदलपुर निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी, गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों में सत्र 2024- 25 के लिए निर्धन एवं कमजोर तबके के बच्चों के प्रवेश के लिए समय सारिणी घोषित की गई है। जिसके तहत स्कूल प्रोफाइल अपडेट के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन 1 से 24 फरवरी तक, छात्र पंजीयन आवेदन 1 मार्च से 15 अप्रैल तक, नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेज की जांच 18 अप्रैल से 17 मई तक, लाॅटरी एवं आबंटन 20 से 30 मई तक और स्कूल दाखिला प्रक्रिया 1 से 30 जून तक चलेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी जगदलपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार द्वितीय चरण में नवीन स्कूल पंजीयन आवेदन की कार्यवाही के तहत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन 15 से 30 जून तक, छात्र पंजीयन आवेदन 1 से 8 जुलाई तक, नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेज की जांच 9 से 15 जुलाई तक, लाॅटरी एवं आबंटन 17 से 20 जुलाई तक, स्कूल दाखिला प्रक्रिया 22 से 31 जुलाई तक और वर्ष 2023- 24 हेतु ऑनलाईन दावा प्रक्रिया 1 से 30 अगस्त 2024 तक की जाएगी।
पद का दुरुपयोग करने वाला तहसीलदार मेरावी निलंबित
- लाभार्जन के लिए पद का दुरूपयोग का लगा है आरोप
जगदलपुर दोरनापाल के प्रभारी तहसीलदार अजय कुमार मेरावी को पद के दुरूपयोग एवं कदाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मेरावी के खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी।
तहसीलदार मेरावी के निलंबन की यह कार्रवाई कमिश्नर बस्तर संभाग श्याम धावड़े ने की है। संभाग आयुक्त धावड़े ने सुकमा के कलेक्टर की अनुशंसा एवं कोंटा के एसडीएम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोरनापाल के प्रभारी तहसीलदार एवं सहायक अधीक्षक भू अभिलेख सुकमा अजय कुमार मेरावी को पद का दुरूपयोग कर लाभार्जन के उद्देश्य से कदाचार करने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया है। उक्त कृत्य के लिए निलंबित प्रभारी तहसीलदार मेरावी के विरूद्ध विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है। निलंबन अवधि में निलंबित प्रभारी तहसीलदार अजय कुमार मेरावी का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर जिला सुकमा में निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से पूजित अक्षत कलश यात्रा कल
दल्लीराजहरा श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से पूजित अक्षत कलश यात्रा का आगमन 23 दिसंबर को दोपहर 2 बजे सैकड़ों वर्ष की रक्तिम संघर्ष और लाखों बलिदानो के बाद आज अयोध्या में भगवान श्रीरामजी के भव्य मंदिर व बाल स्वरुप विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा और दिव्य उत्सव का आयोजन पौष माह, शुक्ल पक्ष,
द्वादशी तिथि, सोमवार दिनांक 22/01/24 को निश्चित हुआ है…। ये हमारा परम सौभाग्य है की हम सब इस दिव्य उत्सव की साक्षी बनेंगे।.
इस पुनीत काज हेतु व्यक्ति- व्यक्ति,घर- घर,परिवार – परिवार सहित समग्र सनातन समाज को इस उत्सव में सम्मिलित करने श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से पूजित अक्षत कलश, आमंत्रण पत्र और श्रीराम मंदिर का छाया चित्र माँ गंगा मैया मंदिर झलमला में श्रद्धा और विश्वास के साथ लाकर स्थापित किया गया है,, जिसे दिनांक 23/12/23 समय 12 बजे तक बालोद जिले से आये हुए संतो, पुरोहितो और विद्वजनों के सानिध्य व मार्गदर्शन में मंगल आरती व पूजा करके विकासखंडो से आये हुए स्वयं सेवको को अपने अपने क्षेत्र के लिए समर्पित किया जायेगा।
दल्ली राजहरा के स्वयं सेवक पूजित अक्षत कलश व अन्य सामग्री लेकर दोपहर 2 बजे तक सरस्वती शिशु मंदिर दल्ली राजहरा पहुंच जायेगा। वहां पूजित अक्षत कलश की सामूहिक पूजा अर्चना करने के पश्चात् अक्षत कलश के साथ नगर भ्रमण किया जायेगा। विज्ञप्ति
श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से
पूजित अक्षत कलश यात्रा का
दल्ली राजहरा आगमन
23 दिसंबर को दोपहर 2 बजे
सैकड़ों वर्ष की रक्तिम संघर्ष और लाखों बलिदानो के बाद आज अयोध्या में भगवान श्रीरामजी के भव्य मंदिर व बाल स्वरुप विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा और दिव्य उत्सव का आयोजन पौष माह, शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि, सोमवार दिनांक 22/01/24 को निश्चित हुआ है…। ये हमारा परम सौभाग्य है की हम सब इस दिव्य उत्सव की साक्षी बनेंगे।.
इस पुनीत काज हेतु व्यक्ति- व्यक्ति,घर- घर,परिवार – परिवार सहित समग्र सनातन समाज को इस उत्सव में सम्मिलित करने श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से पूजित अक्षत कलश, आमंत्रण पत्र और श्रीराम मंदिर का छाया चित्र माँ गंगा मैया मंदिर झलमला में श्रद्धा और विश्वास के साथ लाकर स्थापित किया गया है,, जिसे दिनांक 23/12/23 समय 12 बजे तक बालोद जिले से आये हुए संतो, पुरोहितो और विद्वजनों के सानिध्य व मार्गदर्शन में मंगल आरती व पूजा करके विकासखंडो से आये हुए स्वयं सेवको को अपने अपने क्षेत्र के लिए समर्पित किया जायेगा।
दल्ली राजहरा के स्वयं सेवक पूजित अक्षत कलश व अन्य सामग्री लेकर दोपहर 2 बजे तक सरस्वती शिशु मंदिर दल्ली राजहरा पहुंच जायेगे। वहां पूजित अक्षत कलश की सामूहिक पूजा अर्चना करने के पश्चात् अक्षत कलश के साथ नगर भ्रमण किया जायेगा। एकत्रिकारण व मार्ग- सरस्वती शिशु मंदिर मंदिर दल्ली राजहरा से बस स्टैंड चौक, गुप्ता चौक, पुराना बाजार, वीरनारायण सिंग चौक,पेट्रोल पंप चौक, माइंस ऑफिस चौक, जैन भवन चौक होते हुए श्रीराम मंदिर में जाकर पूजित अक्षत कलश का पुनः पूजा अर्चना कर आम भक्तो के दर्शनार्थ स्थापित किया जायेगा जिसे 28/12/23 दिन गुरुवार को सुबह 10 बजे पुनः मुख्य कलश से अक्षत लेकर 39 अक्षत कलश बनाकर चिखलाकसा और दल्ली राजहरा नगर से आये हुए स्वयं सेवक एवं भक्तो को समर्पित कर 39 वार्डों में अक्षत कलश यात्रा निकाला जायेगा।
इस पुनीत काज हेतु आप सबको सादर आमंत्रित है| उक्त अवसर को दिव्य और भव्य बनाने तथा धूमधाम के साथ पूजित अक्षत कलश के स्वागत सत्कार व पूजा अर्चना हेतु नगर के सभी सनातन धर्मी भाई बहन, समाज, संगठन, समुह, एवं समितियों दल्ली राजहरा के सभी संगठनों पदाधिकारी एवं सदस्यों आप सभी परिवार सहित सादर आमंत्रित है। श्रीराममंदिर प्राण प्रतिष्ठा गृह संपर्क अभियान समिति
वरिष्ठ समाजसेवी बीएसपी के पूर्व अधिकारी कंचन कुमार नंदी का निधन
दल्लीराजहरा वरिष्ठ समाजसेवी बीएसपी के पूर्व अधिकारी कंचन कुमार नदी (के.के. नंदी ) नंदी दादा का अस्वस्थ होने के कारण गुरुवार 21 दिसंबर 23 को निधन हो गया l उनकी अंतिम संस्कार 22 दिसंबर शनिवार सुबह 10:00 बजे चिखलाकसा (दल्ली राजहरा ) के मुक्ति धाम में होगा l बहुमुखी प्रतिभा के धनी के. के. नंदी जी बीएसपी कर्मचारी से अधिकारी तक का सफर तय किया l वह दल्ली राजहरा के एच एम इ गैरेज पदस्थ होते हुए अस्वस्थ होने के कारण आज से 15 साल पहले 1999 में व्ही आर लिए थे l वे दल्ली राजहरा के श्रमिक संगठन संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक ) के बहुत लंबे समय तक सचिव रहे तथा स्थानीय रविंद्र ग्रंथालय (बंगाली समाज ) के सक्रिय सदस्य रहे l साथ ही राजहरा क्रिकेट एसोसिएशन (आर सी सी ) में प्रमुख प्रतिष्ठित पद पर बहुत लंबे समय तक कार्यरत थे l समाज सेवा काम में भी वे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे l श्रमिक नेता एवं बंगाली समाज के सक्रिय सदस्य गौतम बेरा ने कहा कि नंदी दादा का लौह नगरी दल्ली राजहरा हमेशा ऋणी रहेगा l उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा हमें उनकी याद दिलाते रहेंगे l नंदी जी का पैतृक निवास पश्चिम बंगाल है l लेकिन दल्ली राजहरा से उन्हें इतना प्रेम और लगाव रहा कि वे सेवानिवृत्त लेने के बाद भी दल्ली राजहरा में बीएसपी के क्वार्टर को किराए में लेकर यही बस गए l वह अपने पीछे पत्नि एक बेटा और बेटी का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं l
जगदलपुर के लोगों को दीवाना बना दिया है इस ‘जुगनी’ ने
- बच्चे, बूढ़े, जवान सभी आशिक बन गए हैं बस्तर की जुगनी के
अर्जुन झा
जगदलपुर ‘हो…मेरी माही दा रंग सुनहरा लगे, ये चांद तेरा चेहरा लगे…. आंखों के रस्ते दिल में उतरके ले गई मेरी जान… जुगनी, जुगनी, जुगनी…। ‘ बॉबी देओल और रानी मुखर्जी अभिनीत हिंदी फीचर फिल्म बादल का यह गाना जितना मनभावन है, उतनी ही मनभावन बस्तर की जुगनी भी है। बस्तर की यह जुगनी हर जगह जलवा बिखेर रही है। हर शख्स दूसरे शख्स से पूछता नजर आता है कि तुमने जुगनी देखी क्या? कोई कहता है नहीं भाई, अभी तक तो नहीं। वहीं कोई शख्स तपाक से जवाब देता है कि देखी ही नहीं भाई, मैंने तो जुगनी को चख भी डाला है। क्या गजब का जायका है भाई जुगनी में। मैं तो दीवाना हो गया हूं, मुरीद और आशिक बन गया हूं अपनी इस जुगनी का।
जगदलपुर शहर और आसपास के गांवों में हर तरफ सिर्फ जुगनी की ही चर्चा है। क्या युवा, क्या बच्चे, क्या बूढ़े सभी पर जुगनी की आशिकी का भूत सा सवार हो गया है। जगदलपुर में नई – नई आई इस जुगनी ने ऐसा हंगामा मचा रखा है कि पूछो मत। उसके चाहने वालों की फेहरिश्त दिन ब दिन लंबी होती जा रही है। अमूमन हर किचन में जुगनी की धमक सुनाई देने लगी है। महिलाएं भी जुगनी को अपनाने में जरा भी गुरेज नहीं कर रही हैं। पति जब जुगनी को साथ लेकर घर पहुंचता है, तब पत्नी ताने मारते हुए कहती है – ले आए मेरी सौतन को! चलो कोई बात नहीं आज आपके लिए जुगनी को समर्पित कर देती हूं। चौंकिए मत जनाब ये जुगनी कोई हुस्न की मलिका नहीं है, मगर किसी हुस्न परी से कम भी नहीं है। यह जगदलपुर के बाजार में आई नई नवेली एक सब्जी है। कद्दू प्रजाति की यह हाईब्रिड सब्जी है। उसका रंग बिल्कुल माही दा रंग जैसा सुनहरा है और चांद सा खूबसूरत भी है वह। कद्दू परिवार की जुगनी गोल मटोल नहीं, बल्कि छरहरी है। इसकी खेती परचमपाल स्थित एक फार्म हाउस में की जा रही है।इन दिनों पीला और लंबा यह कुम्हड़ा बाजार में बिकने आ रहा है। आम कुम्हड़े की अपेक्षा जुगनी जरूर थोड़ी महंगी है, मगर इसका स्वाद लाजवाब होता है। इसमें पौष्टिक तत्वों की भरमार रहती है। कुम्हड़े की तरह यह बादी तासीर वाली नहीं होती। बाजार में अभी जुगनी 40 रू. किलो के भाव से बिक रही है। जुगनी की अच्छी डिमांड भी हो रही है। पहली ही नजर में लोग इसे पसंद कर लेते हैं और खरीदकर घर ले जाते हैं।
बस्ती अभी बसी नहीं, लुटेरे आ धमके
- नियुक्ति के लिए आवेदकों से वसूली में जुट गए जलसाज
जगदलपुर आदिवासी विकास विभाग द्वारा डाटा एंट्री ऑपरेटर पद के पात्र अपात्र आवेदकों की सूची चस्पा होते ही दलाल और जलसाज किस्म के लोग सक्रिय हो गए हैं। ये तत्व आवेदकों को फोन करके नौकरी लगवाने का झांसा देते हुए रकम की मांग कर रहे हैं। इस आशय की शिकायत मिलने के बाद आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है।

आदिवासी विकास विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए गए थे। आवेदनों की छानबीन के बाद विभाग द्वारा पात्र व अपात्र आवेदकों की सूची जारी कर दी गई है। यह सूची जालसाजों और कुछ दलालों के हाथ भी लग गई है। अब यही लोग पात्र आवेदकों को मोबाईल फोन से कॉल करके झांसा दे रहे हैं कि वे पक्के तौर पर नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए थोड़ी मोटी रकम की जरूरत पड़ेगी। आवेदकों को इस तरह के कॉल लगातार अलग अलग नंबरों से किए जा रहे हैं। डाटा एंट्री ऑपरेटर पद के अभ्यर्थी चितेश्वर सेठिया, अरविंद यादव, गोपाल कश्यप, राजकुमार, चंद्रहास यादव, शरदचंद्र शर्मा आदि को भी आए थे। इन अभ्यर्थियों ने मामले की शिकायत सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से की। विभाग तुरंत हरकत में आ गया। सहायक आयुक्त ने बस्तर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सीएसपी जगदलपुर और कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र प्रेषित कर उक्त तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया है। सहायक आयुक्त ने पुलिस को अभ्यर्थियों के शिकायती पत्र व जालसाजों के वे फोन नंबर भी साझा किए हैं, जिनसे अभ्यर्थियों को कॉल किए जाते रहे हैं।
रिजर्व फारेस्ट में संचालित हैं खदानें और क्रशर प्लांट
- खदानों में उड़ रहीं एनजीटी के आदेशों की धज्जियां
- सरेआम पहुंचाया जा रहा पर्यावरण को भारी नुकसान
- ध्वनि और वायु प्रदूषण से ग्रामीणों का जीना दुश्वार
-अर्जुन झा-
जगदलपुर रिजर्व फारेस्ट में अवैध रूप से पत्थर खदान और क्रशर प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास की बस्तियों में ध्वनि एवं वायु प्रदूषण भी फैल रहा है। यहां तक कि प्रदूषण की चपेट में स्कूल भी आ चुका है। डर के मारे पालकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। मामला ग्राम कड़माका है।
बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के ग्राम कड़मा के ग्रामीणों का प्रदूषण के कारण गांव में रहना दूभर हो गया है। कड़मा गांव के पास रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर खदान संचालित हैं। संरक्षित भूमि पर माइनिंग की अनुमति दे दी गई है। खदान मालिकों द्वारा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है और वहां पर लगे नीलगिरी के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है। वेस्ट मैनेजमेंट सही से न होने के कारण सारे सॉलिड वेस्टेज को संरक्षित वन में डंप कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा रही है। वहां के ग्रामीणों का कहना है कि खदानों और क्रशर प्लांटों के प्रदूषण के कारण घरों की दीवारों, छत, पर, आंगन में और कमरों के भीतर धूल की मोटी परत जम जाती है। कुंए और दीगर जलस्त्रोत भी प्रदूषण से अछूते नहीं रह गए हैं। ग्रामीणों को पीने और भोजन बनाने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। रोड पर दिन रात भारी ट्रकों की आवाजाही लगी रहती है। प्रदूषण और ट्रकों की वजह से ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं और और न ही खुद रोजी मजदूरी के लिए कहीं जा पाते हैं। बच्चों का भविष्य तो खतरे में है ही, बच्चों की जान पर भी खतरा बना रहता है। खदानों तक जाने वाले ट्रकों के लिए एक ही रास्ता है, जो गांव के बीच से गुजरा हुआ है। ग्रामीणों की बस्ती होने के बावजूद पटवारी और तहसीलदार ने गलत सर्वे रिपोर्ट देकर रिहायशी क्षेत्र और संरक्षित वन क्षेत्र में खदानों की लीज दिलाने में मदद कीगई है। खदान संचालकों द्वारा संरक्षित वन क्षेत्र की फेंसिंग को तोड़ दिया गया है। संरक्षित वन क्षेत्र की फेंसिंग के सारे तारों को तोड़कर ट्रकों को वहां ले जाया जा रहा है। ट्रकों की आवाजाही से पेड़ पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। और ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण के कारण गांव के लोगों को आंख, कान, नाक से संबंधित तथा सांस, दमा व फेफड़े से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यहां की सभी खदानों में पर्यावरण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण उनका आए दिन तरह तरह की समस्या पैदा हो रही है।

काम कर रहे हैं बाल मजदूर
जब हमने खदान निरीक्षण के लिए जाने की अनुमति चाही, तो खदान मालिकों ने मना कर दिया। उनका कहना था कि कलेक्टर के आदेश के बिना आप खदान विजीट नहीं कर सकते। कुछ खदान संचालकों ने हमें अनुमति दी। अंदर जांच में पाया गया कि बाल मजदूरों से 100 रू. की दिहाड़ी पर दिनभर पत्थर की लोडिंग अनलोडिंग कराई जाती है। जिसका फुटेज हमारे पास है। खदान मालिक से संपर्क कर इस बारे में जानकारी चाही गई, तो उन्होंने कहा कि उनकी खदान में कोई बाल श्रमिक नहीं है। जो मजदूरी शासन के नियम के हिसाब से दी जाती है। वहीं वहां काम करने वाले बाल श्रमिकों से ने बताया कि 110 रुपए प्रतिदिन की रोजी के हिसाब से उन्हें मजदूरी दी जाती है और काम दिनभर कराया जाता है। नाबालिग की उम्र 17 साल है जो कि पिछले 2 साल से वहां पर कार्यरत हैं।एक और व्यक्ति जिसका पैर टूटा हुआ था वह भी वहां पर काम करते पाया गया। वहां पर जितने भी मजदूर काम करते हैं, उनको सेफ्टी नॉर्म्स के हिसाब से जूते हेलमेट, दस्ताने मास्क आदि भी नहीं दिए जाते हैं। इन खदानों में मजदूर खतरे के बीच काम करते हैं। इस वजह से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। पूर्व में कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं इन खदानों में। उसके बावजूद माइनिंग ऑफिसर निरीक्षण कर चले जाते हैं और फाइलों में ओके, आल इस वेल दिखा देते हैं। जबकि ग्राउंड जमीनी तौर पर सारी कहानी उलट है। इन सब का जिम्मेदार कौन है?इसकी पड़ताल जारी रहेगी। देखते हैं सरकार इस पर क्या एक्शन लेती है और एनजीटी की गाइड लाईन का कितना पालन होता है और जिला एनवायरमेंट इंपैक्ट अथॉरिटी एसेसमेंट अथॉरिटी के नियमों का पालन हो रहा है कि नहीं यह जांच का विषय है। साथ ही स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी के नियमों का पालन कितना किया जा रहा है ध्वनि प्रदूषण, वायु, प्रदूषण और पर्यावरण प्रदूषण के नियमों के पालन की जांच करने वाले अधिकारी से पूरी डिटेल लेकर अगले अंक में बताएंगे कि क्या चल रहा है?

एनजीटी में जाएगा मामला
ग्रामीण कहते हैं कि कलेक्टर के संज्ञान में इस ज्वलंत मुद्दे को लाकर कार्रवाई करने हेतु निवेदन और माइनिंग विभाग के अधिकारियों को तत्काल जांच एवं जो भी खामियां पाई जाती हैं उसके आधार पर उचित कार्रवाई करते हुए माईनिंग लीज तत्काल रद्द कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिकारी खदान मालिकों से नियमों का पालन नहीं करा पाएंगे, तो ग्रामीण और स्वयंसेवी संगठन के लोग नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में अपील करने की सोच रहे हैं। अगर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में मामला चला गया, तो खनिज विभाग, वन विभाग, प्रशासन व पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल के कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।


