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“आयुष कायाकल्प” एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया

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नारायणपुर -आज दिनांक 5/4/ 2022 को संचानालय आयुष छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार, जिला आयुष अधिकारी नारायणपुर डॉक्टर सत्येंद्र नाग के मार्गदर्शन व दिशानिर्देश में “आयुष कायाकल्प” की जानकारी देने के बारे में एक दिवसीय प्रशिक्षण होटल अंजली में आयोजित किया गया, जिसमे प्रशिक्षक डॉ पुष्पेंद्र भदौरिया एवं डॉ लालचंद साहू जी के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान औषधालय के रख रखाव, साफ सफाई, औषधि संधारण, व रोगियों के सही तरीके से उपचार व संयमित खानपान/दिनचर्या के बारे में सही तरीके जानकारी देने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया, साथ ही साथ शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण आयुष स्वास्थ्य व्यवस्था को कैसे और बेहतर किया जाए इस संबंध में भी चर्चा कर जानकारी प्रदान किया गया।इस अवसर पर जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉक्टर सत्येंद्र नाग ने प्रशिक्षण के आए चिकित्सकों से कहा की आयुष कायाकल्प दिशानिर्देशों को स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान ढूंढने तथा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अपने अपने संस्थानों में जाकर क्रियान्वयन करें जिससे जन जन तक आयुष की सेवाएं पहुंच सके।

प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से डॉक्टर धीरेंद्र मिश्रा ,डॉक्टर बीना खोबरागडे, डॉक्टर सुधीर साहू ,डॉक्टर सुखीराम शिवारे, डॉक्टर लकेश्वर साहू, डॉक्टर सतीश तिवारी ,डॉक्टर रवि नारायण भुइयां, डॉक्टर राधा रानी डे, डॉक्टर सीता मंडावी, डॉक्टर धनेश्वर साहू, फार्मासिस्ट अरुण वैष्णव ,टिकेश्वर साहू, कुलेश्वरी आदि उपस्थित थे।

विधायक निधि से बर्तन पाकर खिले उठे ग्रामीणों के चेहरे

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भानपुरी । नारायणपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम रतेंगा गोंडियापाल कुरुषपाल मुंडागांव हिरलाभाटा फाफनी तारागाव खंडसरा नागरवाही पखनाकोंगेरा खड़का गुमगा के ग्रामीणों को सामाजिक,धार्मिक एवं अन्य संस्कार / कार्यक्रमों हेतु छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष व नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप बर्तन वितरण किया। कार्यक्रम में विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि ग्रामीणों में छोटे से बड़े कार्यक्रम को लेकर बर्तनों को एकत्र करने में कठिनाइयां उत्पन्ना होती थी। जिससे ग्रामीणों ने अपनी समस्या को बताया तो तत्काल बर्तन देने का वादा किया था इसलिए आज मेरे निवास कार्यालय में बुलाकर ग्रामीणों को अपने विधायक निधि से बर्तन वितरित किया। साथ ही कांग्रेस कमेटी ब्लॉक उपाध्यक्ष धनुर्जय नेताम ने बताया कि विधायक से क्षेत्र लोगो ने बर्तन की मांग किए थे जिसे विधायक जी ने तत्काल देने का वादा किए और आज अपने निधि से क्षेत्र के लोगो को बर्तन वितरण किया।जिससे समाज के लोगों के लिए वरदान साबित होगा।

इस दौरान दुकारू बघेल,डमरू कश्यप,तुला कश्यप,विकास स्वामी,जईत पटेल,जगत कश्यप,फकीरचंद,अर्चित, कमलू,समलू,शंकर,चिंगडू, लेदा, रामसिंह,पतिराम,समलू,लेखन,तुलसीराम, सुरजू,शेखर, लेखु,असेख, सोनधार पटेल,मुन्ना पटेल, सेरो पटेल,चैन कश्यप,अन्य ग्रामीणों उपस्थित थे |

कर्मचारियों का अंशदान बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने वित्त विभाग करेगा मंथन

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जयपुर से लौटे अध्ययन दल के रिपोर्ट पर वित्त सचिव आज चर्चा कर तय करेंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार भी राजस्थान जैसी पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू कर सकती है। सरकार ने राजस्थान की योजना का अध्ययन करने के लिए कुछ अफसरों को जयपुर भेजा था। उनकी रिपोर्ट आ गई है। बुधवार को वित्त विभाग के अफसरों की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा के बाद यह तय किया जाएगा कि कर्मचारी अंशदान कटौती कब से बंद करनी है और पुरानी पेंशन व्यवस्था कब से लागू करनी है। वित्त विभाग अपने निर्णय से सरकार को अवगत कराएगी उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश के तीन लाख कर्मचारी-अधिकारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सबसे पहले राजस्थान सरकार ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने का फैसला किया था। छत्तीसगढ़ शासन ने एक अध्ययन टीम भेजकर वहां की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली है। टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू करने के साथ-साथ एनपीएस के अंतर्गत पहले कर्मचारी अंशदान कटौती की राशि के प्रबंधन पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा वर्तमान में जो कर्मचारी एनपीएस के अंतर्गत आते हैं, उनके लिए जीपीएफ व डीपीएफ खाता खोलने की प्रक्रिया तय की जाएगी। नवीन जीपीएफ का लेखा-जोखा महालेखाकार द्वारा जारी रखें या राजस्थान की तरह वित्त विभाग के अधीन लाया जाएं। वित्त विभाग में एक अलग पेंशन सेल गठित करने की आवश्यकता और संभावना। नवम्बर 2004 यानी नई पेंशन योजना लागू होने के दिन से पुरानी पेंशन योजना बहाल होने के बीच रिटायर हुए अथवा मर चुके कर्मचारियों के मामलों का निपटारा कैसे होगा।

संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने 23 फरवरी को ही पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की। वहां एक अप्रैल 2022 से राज्य कर्मचारियों के वेतन से पेंशन अंशदान की कटौती नहीं हो रही। राजस्थान ने पिछले कई महीनों से इस योजना की तैयारी की थी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 9 मार्च को बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की थी। तब सरकार के पास योजना को लेकर कोई खास ढांचा उपलब्ध नहीं था। एक प्रारंभिक अध्ययन ही कराया गया था, जिसका मकसद केवल यह जानना था कि इससे राज्य के संसाधनों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

रिपोर्ट के आधार पर होगा निर्णय

वित्त विभाग ने उप सचिव विजय शुक्ला, संचालक केएल रवि और संयुक्त संचालक किरण नागेश को जयपुर भेजा गया था। इन अधिकारियों ने राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के अफसरों से योजना पर चर्चा के बाद एक प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है। वित्त विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. विभाग के दूसरे अधिकारियों और जयपुर से लौटे अफसरों से पूरी योजना पर चर्चा करने वाली हैं। इसमें लिए गए फैसलों से ही पुरानी पेंशन योजना की राह आसान होगी।

कर्मचारियों के इलाज के लिए नई योजना का भी प्रस्ताव

वित्त विभाग की इस बैठक में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना लागू करने आवश्यकता और संभावना पर भी चर्चा होनी है। राजस्थान सरकार ने 2021 के बजट में इस योजना को पेश किया था। इसके तहत कर्मचारियों के वेतन स्लैब के अनुसार अंशदान की कटौती होती है। बीमार होने पर आउटडोर अथवा इनडोर चिकित्सा सुविधा कैसलेश उपलब्ध कराई जाती है।

करपावंड से कोलावल ओड़ीसा पहुंच मार्ग सड़क पर आज बीजे पी कार्यकर्ता एवम् ग्रामीणों ने किया एक दिवसीय चक्काजाम

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बकावंड ..।बस्तर के करपावंड से कोलावल ओड़ीसा पहुंच मार्ग पर आज बीजेपी नेताओं के साथ ग्रामीणों ने किया भारी संख्या में एक दिवसीय चक्का जाम एवं धरना प्रदर्शन। डेढ़ साल से अधूरा सड़क पर नाराज ग्रामीणों ने दिया धरना इस मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग अनुविभागीय अधिकारी ने 30 जून तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया

अमलेश्वर को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना

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नगरीय निकाय विभाग ने राजपत्र में किया प्रकाशित

रायपुर। राज्य शासन ने दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत अमलेश्वर को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजधानी रायपुर से लगे इस क्षेत्र को छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नगर पंचायत गठित किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन के ग्राम पंचायत अमलेश्वर की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 13166 बताई गई है। नगर पंचायत क्षेत्र में ग्राम के सीमाओं को शामिल करते हुए गठन करने के संबंध में नगरीय निकाय एवं विकास विभाग ने राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया है। राजधानी रायपुर की सीमा से लगे खारून नदी से लगे इस ग्राम में कई विकास कार्य के अलावा कई आवासीय प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र की बसाहट बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नगर पंचायत बनने के बाद इस क्षेत्र के विकास को और गति मिलने की संभवना है।

भूपेश बोले- केंद्रीय मंत्रियों को प्रचार करने बुलाना मतलब भाजपा चुनाव हार चुकी

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भाजपा के आरोप पत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने खड़े किए सवाल

रायपुर। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खैरागढ़ में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल 6 और 7 अप्रैल को चुनावी सभा काे संबोधित करेंगे। उनके आगमन को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, उन्हें आना चाहिए और जमकर प्रचार करना चाहिए। छत्तीसगढ़ भाजपा दूसरे राज्यों के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों को खैरागढ़ में आमंत्रित कर रही है। इसका मतलब यह है कि वे चुनाव हार चुके हैं।

रायपुर से डोंगरगढ़ रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से चर्चा में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार की उपलब्धियों और राज्य सरकार के खिलाफ आरोप पत्र को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता ने डॉ. रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी को नकार दिया था। उसके बाद जितने भी उपचुनाव हुए हैं उसमें भी बुरी तरह से पराजित हुए हैं। डॉ. रमन सिंह को यह बताना चाहिए कि उन्होंने किसानों और गरीबों के साथ धोखा क्यों किया। गांव में टावर नहीं है, लेकिन मोबाइल कैसे बांट दिए? उन्हें ये भी बताना चाहिए कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के भाव क्यों बढ़ रहे हैं? रसोई गैस के दाम बढ़े हैं, तो उनकी सब्सिडी क्यों नहीं आ रही है।

केरोसिन का कोटा भी काट दिया

पहले कई परिवार मिट्टी तेल का उपयोग करते थे। केंद्र सरकार ने उसका कोटा भी काट दिया है। रेट भी 75 रुपए लीटर कर दिया गया है। डीजल के दाम 100 के पार हो गए हैं। पेट्रोल के दाम कब से 100 रुपए के पार हो गए हैं। केरोसिन भी 75 रुपए लीटर हो गया है। आम नागरिक भी खरीदने जाए तो उसे और महंगा पड़ेगा। एक तरफ केरोसिन नहीं मिल रहा है। दूसरी तरफ रसोई गैस के दाम पहुंच से बाहर हो गए हैं। गरीब जनता महंगाई की मार से परेशान है। उसे लेकर भारतीय जनता पार्टी को बताना चाहिए कि क्यों यह सारे दाम बढ़ा रहे हैं। गरीबों के पास केरोसिन क्यों नहीं पहुंच रहा है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की बैठक जिलाध्यक्ष एवं आयुर्वेदिक जिला इकाई अध्यक्ष की उपस्थिति में संपन्न

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आज दिनांक 5 अप्रैल को जिला आयुर्वेदिक अस्पताल कुमारपारा में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की बैठक रखी गई थी जिसमें जिलाध्यक्ष अजय सिंह परिहार एवं आयुर्वेदिक जिला इकाई अध्यक्ष बसंत राजपूत की उपस्थिति में संपन्न हुआ | बैठक में जिला अध्यक्ष अजय परिहार के द्वारा 28 सूत्री मांगों के संबंध में चर्चा की गई एवं कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के कर्मचारी हित में 28 सूत्री मांगों के संबंध में 11 अप्रैल से 13 अप्रैल तक 3 दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर आंदोलन को सफल बनाने हेतु आवेदन भरने हेतु प्रेरित किया गया जिसमें सभी कर्मचारियों ने एक सुर में समर्थन किया जिसमें जिला आयुर्वेदिक के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और छत्तीसगढ़ राज्य अजजा आयोग व उद्योग मंत्री के सराहनीय प्रयास से लगभग 16 वर्ष पूर्व पलायन कर गये छग के आदिवासी मजदूर पुन: प्रदेश में बसेंगे

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मुख्यमंत्री ने तेलगांना व आंध्रप्रदेश से आये छग के आदिवासी मजदूरों को पुन: राज्य में बसाने के निर्देश दिए

रायपुर, 05 अप्रैल । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रदेश के मजदूरों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और छत्तीसगढ़ राज्य अनसूचित जनजाति आयोग व उद्योग मंत्री कवासी लखमा के सराहनीय कदम से विगत कई वर्षों से दूसरे राज्यों में जाकर बसें छत्तीसगढ़ के आदिवासी मजदूर परिवारों को पुन: छत्तीसगढ़ में बसाने के लिए राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सुब्रत साहू और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा को कार्ययोजना बनाकर उनके पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण बनाये जाने के निर्देश दिए।

अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 मार्च 2022 को वलसा आदिवासुलु समाख्या (विस्थापित आदिवासियों का संगठन) नामक एनजीओ संस्था का आवेदन उनके पास आया। इस आवेदन में करीब 500 ऐसे मजदूरों ने हस्ताक्षर किये जो सन् 2005 में सरकार द्वारा समर्थित सलवा जुडूम आंदोलन के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में बढ़ी हिंसा के कारण अपने घरों और गांव को छोड़कर पलायन कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में जाकर बस गये थे। इस आवेदन पत्र में निवेदन किया है कि 98 विस्थापित आदिवासी लोगों ने 18 जून 2019 को वनाधिकार की धारा 3.1एम के तहत आवेदन पत्र अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोंटा, जिला सुकमा को दिया था, परंतु दो वर्ष बीत जाने के बाद भी आवेदन पर कोई कार्यवाहीं नहीं हुई। इस आवेदन के जरिए आवेदन द्वारा अनुरोध किया गया कि वनाधिकार की धारा 3.1एम के तहत विस्थापितों को अदला बदली में 2005 के पहले उनके कब्जे की वन भूमि के बदले शांत जगह में वन भूमि का पट्टा दिये जाए।

आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि इस आवेदन के मिलने के बाद इस प्रकरण में उन्होंने आवेदनकर्ता व आदिवासी मजदूरो को मिलने के लिए बुलाया। आवेदनकर्ता के साथ 6 आदिवासी जिनके नाम क्रमश: कट्टम कोसा पिता दुला जाति मुरिया 45 वर्ष निवासी ग्राम नयानार छिंदगढ़ ब्लाक जिला सुकमा, गंगा दुदी हड़मा जाति मुरिया 35 वर्ष निवासी वर्तमान पता ग्राम कोंटातासीर मेड़वाय जिला सुकमा ग्राम गुलेटिवाड़ा, आंध्रप्रदेश, तारम अनिल पिता बदरिया जाति मुरिया 34 वर्ष वर्तमान निवासी अेराकोंटा,तेलंगाना जिला कुतकुड़म तेलंगाना, भीमा पिता वेट्टी वोटा कृष्णासागर दुर्गमपाट मंडलम जिला कुतकुड़ा तेलंगाना पुराना गांव कुर्रा तहसील कोंटा जिला सुकमा, माडि़ हरेश पिता माडि़वअंदा जाति मुरिया 34 वर्ष निवासी एर्राबोर फालवेंसा ब्लाक जिला बद्रतीकोत्तागुड़ा तेलंगाना पुराना गांव रामपुरम गोलापरि पंचायत कोंटा ब्लाक जिला सुकमा एवं जोगापुडिय़ाम पिता बंडी जाति मुरिया निवासी रामचन्द्रपुरम आंध्रप्रदेश वर्तमान जिला सुकमा ग्राम गरिपार ब्लाक छिंदगढ़ जिला सुकमा भी यहां पहुंचे। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि सभी लोग सुबह करीब 9 बजे आयोग पहुंचे और यहां पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्या बतायी कि सलवा जुडूम आंदोलन के कारण हिंसा में हो रही आदिवासी मजदूरों की मौत से वे भयभीय होकर सभी चीज यहां छोड़कर दूसरे राज्यों में चले गये थे, लेकिन वहां की सरकार द्वारा उन्हें आदिवासी नहीं माना और व्यवस्थापन करनेे से इंकार कर दिया, जिसके बाद से वे सभी लोग मजबूरी में किराये के मकान में रहकर कम मजदूरी में काम करके अपना व अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे थे। सभी मजदूरों ने अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की भी इच्छा आयोग से की, जिसके बाद आयोग के अध्यक्ष श्री सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनकी मुलाकात कराई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सलवा जुडूम के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा से विस्थापित कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश गए छत्तीसगढ़ के लोग यदि वापस आना चाहते हैं, तो राज्य सरकार उनका दिल से स्वागत करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने तत्काल मुख्य सचिव सुब्रत साहू और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा कार्ययोजना बनाकर उनके पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण बनाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने उनसे किसी उपयुक्त स्थान में बसने और कृषि के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर कहा कि छत्तीसगढ़ वापस आने के इच्छुक लोगों को जमीन देने के साथ उन्हें राशन दुकान, स्कूल, रोजगार सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।

अजजा आयोग अध्यक्ष सिंह ने बताया कि तेलंगाना व आंध्रप्रदेश में करीब 15 वर्षों से प्रताडि़त होकर भी वहां रह रहे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को महज कुछ घंटो में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो राहत दी है उससे उनका प्रदेश के मजदूरों के प्रति गहरी संवेदनशीलता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि पलायन कर चुके ये सभी मजदूर किराये के मकान में, कम मजदूरी पाकर भी वहां अपना जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की पहल के बाद अब इन मजदूरों को न केवल प्रदेश में फिर से आदिवासी होने का दर्जा मिलेगा, बल्कि खुद के घरों में सुख व शांति रूप से अपना जीवन यापन कर सकेंगे।

नल जल योजना बंद ग्रामीण पानी के लिए परेशान डेढ़ किलोमीटर दूर खेत से ट्यूबवेल का पानी लाकर बुझा रहे प्यास

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भानपुरी । बस्तर ब्लॉक के नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पाथरी में नल जल योजना डेढ़ महीनों से बंद होने से इस भीषण गर्मी में पानी के बूंद बूंद के लिए जहोजहाद कर रहे ग्रामीण।

ग्राम पाथरी के ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि नल जल योजना डेढ़ महीने से बंद होने से घरों में पानी नहीं आ रहा है वहीं गांव के अधिकांश हैंडपंप खराब अवस्था हुआ जलस्तर नीचे जाने से हैंडपंप जवाब दे दिया है। इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम पाथरी के सरपंच व सचिव को कई बार समस्या से अवगत करवाने के बाद भी जस की तस समस्या बनी हुई है। लाखों रुपए खर्च कर नल जल योजना के तहत गांव में बनी पानी टंकी पीएचई विभाग के द्वारा निर्मित करवाई गई है। लेकिन आज डेढ़ महीना से अधिक समय हो गया ग्रामीण पीने के पानी के लिए बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीण धरमसिंह ठाकुर,अरुण पांडे,युधिष्ठिर पांडे,जुगल किशोर,दुष्यंत, गणपत,दिनेश,घनश्याम सहित 60 से अधिक ग्रामीणों ने लिखित में शिकायत की है और नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप व बस्तर कलेक्टर से गुहार लगाकर जल्द समस्या का निवारण करने की मांग की गई है।

केबिनेट मंत्री अनिला भेंडिया खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में प्रचार करने विभिन्न क्षेत्रों का सघन दौरा किया

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केबिनेट मंत्री अनिला भेंडिया आज खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा के पक्ष में प्रचार करने के लिए खैरागढ़ विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार कर सघन दौरा किया।

केबिनेट मंत्री अनिला भेंडिया जी ने आज ग्राम अकर्जन, सूर्यागोंदी, मुसका, खमतराई, दिलीपपुर और दपका में सघन दौरा कर ग्रामवासियों से जनसंपर्क किया व महिलाओं पुरुषों के साथ बैठक कर कांग्रेस को जिताने की अपील की।छत्तीसगढ़ सरकार के जनकल्याण कारी नीतियों को बताया विकास कार्यों के नाम से कांग्रेस के लिए वोट मांगा और कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि गण एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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