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कोंटा के तथाकथित शेर को एक कोंटे में बिठा दिया बस्तर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं और कांग्रेस नेताओं ने

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  • चादर से बाहर पैर फैलाना भारी पड़ गया पूर्व मंत्री को
  •  बस्तर का सम्राट बनने की चाहत ले डूबी नेताजी को 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर गीदड़ कभी शेर की जगह नहीं ले सकता और जितनी चादर उतना पैर फैलाओ। ये दोनों कहावतें आम इंसानी जिंदगी में अमूमन रोज ही इस्तेमाल होती हैं और हकीकत से भरी भी हैं। ये कहावतें इन दिनों समूचे बस्तर संभाग में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसलिए, क्योंकि हमारे बस्तर के एक कांग्रेस नेता ने पूरे बस्तर का सम्राट और शेर बनने की चाहत पाल जो रखी थी। चादर छोटी थी, लेकिन वे पैर ज्यादा पसारने लगे थे। हदें भूलकर ये नेताजी कुछ ज्यादा ही बावले हो चले थे, मगर मतदाताओं ने तो उनकी औकात ही नापकर रख दी। वहीं संभाग के बहुसंख्यक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साफ जता दिया है कि आप सिर्फ कोंटा के लायक हो इसलिए एक कोंटे तक ही सीमित रहो, पूरे बस्तर का सम्राट बनने के लिए मुंगेरी लाल मत बनो, तो ही बेहतर है।

हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ सरकार में आबकारी मंत्री रहे बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा से विधायक कवासी लखमा की। कवासी लखमा अपने बड़बोलेपन और उल जलूल हरकतों के लिए विख्यात हैं। मंत्री बनने से पहले तक कवासी लखमा अपने भोलेपन के लिए भी जाने जाते थे। मगर कहते हैं न कि जब आदमी को पद और पैसा मिल जाता है, तो वह वह औकात से बाहर जाकर छलागें मारने लग जाता है। ऐसा ही कुछ हमारे लखमा जी के साथ भी हुआ। भूपेश बघेल ने उन्हें आबकारी जैसा कमाऊ विभाग क्या दे दिया, वे आसमान छूने की कोशिश करने लगे। अहंकार से पूरित होकर बस्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हेय दृष्टि से देखने तथा अपमानित करने लगे। ‘सैंया भये कोतवाल, तो डर काहे का’ कहावत भी उन पर चरितार्थ होने लगी। यानि मुख्यमंत्री मेहरबान तो लखमा पहलवान। सो कवासी लखमा पर सियासी पहलवानी का जूनून ऐसा चढ़ा कि बस्तर के गामा पहलवानों के सामने भी खुलकर ताल ठोंकने लगे। भूल गए कि सियासी चांदनी चार दिन ही चमकती है। कवासी लखमा कोंटा से लगातार छह बार जीत दर्ज करा चुके हैं। निसंदेह यह एक बड़ी उपलब्धि है, मगर वे भूल गए कि मतदाताओं का मूड बदलते देर नहीं लगती। जिन कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीत मिलती है, उन्हें उपेक्षित करना भी भारी पड़ सकता है। यही भूल और गरुर कवासी लखमा को भारी पड़ गया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भीतर चली जोड़तोड़ और टांग खिंचाई की राजनीति के चलते कवासी लखमा को हाल के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हाई कमान ने बस्तर सीट से टिकट दे दिया। भाजपा ने भी इस सीट पर बिल्कुल नए चेहरे महेश कश्यप को उतारा। तब लखमा को शायद लगा था कि महेश को तो आसानी से निपटा देंगे। मगर वे भूल गए कि सामने महेश यानि शंकर, भोलेनाथ महादेव खड़े हैं। जिनकी तीसरी आंख खुली तो कांग्रेस के लिए प्रलय भी आ सकता है। प्रखर हिंदूवादी महेश कश्यप ने सियासत से दूर रहते हुए भी आदिवासियों के धर्मान्तरण के खिलाफ और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण व हिदुत्व के जागरण के लिए बस्तर संभाग में बड़ी मुहिम चलाई थी। बस्तर में उनका नाम प्रचलित हो गया था। बावजूद सियासी तौर पर कवासी लखमा के सामने उनका कद थोड़ा छोटा था। छोटे सियासी कद वाले महेश कश्यप ने कद्दावर कवासी लखमा को ऎसी पटखनी दी है कि उसका दर्द सालों साल कवासी लखमा को महसूस होता रहेगा। कवासी लखमा की हार के पीछे उनका गरूर, बड़बोलापन और नेताओं व कार्यकर्ताओं के प्रति उपेक्षा भाव मुख्य कारक रहे। मतदाताओं के साथ ही क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने भी ऊंची उड़ान भर रहे कवासी लखमा के पर एक झटके में ही कतर कर रख दिए। उनकी औकात नाप कर रख दी, उन्हें बता दिया कि पूरे बस्तर का सम्राट और शेर बनने की कोशिश मत करो, कोंटा के हो, एक कोंटे तक ही सीमित रहो, उसी में आपकी भलाई है।

डौकी’ देकर नापी औकात
कांग्रेस हाई कमान भी छत्तीसगढ़ के चालबाज खिलाड़ी नेताओं के दबाव में आकर कवासी लखमा को बस्तर लोकसभा सीट से टिकट देने पर मजबूर हो गया। कांग्रेस नेतृत्व ने शायद कवासी लखमा का वजन जानने का लिए उन्हें उम्मीदवार बना दिया था। कांग्रेस नेतृत्व ने कवासी लखमा सुकमा के नेता हैं या बस्तर के नेता, इसका टेस्ट करने के लिए लोकसभा का टिकिट उन्हें थमा दिया। टिकट मिलने के बाद जब अपने को होशियार और बस्तर का बड़ा नेता समझने वाले लखमा को उनकी हैसियत मालूम पड़ी तो वे चुनावी मंच से बोलने लग गए कि बेटे के लिए बहू मांगने गया था, पार्टी ने मुझे डौकी दे दी, मुझे ही शादी करना पड़ी।अर्थात लखमा ने किसी और के लिए जाल बिछाया था, लेकिन वह खुद के ही जाल में बुरी तरह फंस गए। बस्तर के मतदाता ‘बहू’ और ‘डौकी’ जैसे अल्फाजों में नहीं फंसे। लखमा की महत्वाकांक्षा बड़बोलेपन छत्तीसगढ़ के एक बड़े नेता की भी महत्वाकांक्षा ने कवासी लखमा को जाल में बुरी तरह फंसा दिया। अब शायद कांग्रेस आलाकमान को भी मालूम चल गया हो गया होगा कि कवासी लखमा तो केवल कोंटा सुकमा के ही नेता हैं, पूरे बस्तर के लायक नहीं। बेचारे कवासी लखमा! न माया रूपी ‘डौकी’ यानि सांसदी मिली, न राम यानि मजबूत सियासी कद मिला। बड़े नेता की साजिश में फंसकर कहीं के नहीं रहे।

बड़े नेता की चाल नाकाम
कवासी लखमा को मोहरा बनाकर रायपुर के एक बड़े नेता ने जो चाल चली थी, वह भी नाकाम हो गई। दरअसल रायपुर के तथाकथित बड़े नेता ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का सर्व शक्तिमान नेता बनने के लिए बस्तर के दो बड़े आदिवासी नेताओं को आपस में लड़ाकर अपनी रोटी सेंकने के लिए बड़ी साजिश रची थी। पहले इस बड़े नेता ने विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग के ज्यादातर विधानसभा सीटों पर अपनी ही पार्टी के आदिवासी नेताओं को हरवाया, ताकि छत्तीसगढ़ की कांग्रेसी राजनीति में आदिवासियों का वर्चस्व न बढ़ने पाए और पिछड़े वर्ग से आने वाला वह नेता ही कांग्रेस की राजनीति का केंद्र बिंदु बना रहे। कांग्रेस के इस बड़े नेता को भी लोकसभा का उम्मीदवार बनाया था, मगर चुनाव में उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर बस्तर लोकसभा सीट के चुनाव में कवासी लखमा के कम अनुभव का लाभ उठाया कुछ चापलूस नेताओं ने। इन नेताओं ने चुनाव के दौरान कवासी लखमा का भरपूर दोहन किया। इन्हीं चापलूस नेताओं ने कवासी लखमा के साथ मिलकर रायपुर के बड़े नेता के इशारे पर विधानसभा चुनावों में चित्रकोट सीट से बड़े कद वाले आदिवासी नेता पीसीसी चीफ दीपक बैज, दंतेवाड़ा सीट से शहीद नेता महेंद्र कर्मा के बेटे छविन्द्र कर्मा और नारायणपुर सीट से उभरते युवा आदिवासी नेता चंदन कश्यप को हराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बहरहाल लोकसभा चुनाव ने साबित कर दिया है कि कवासी लखमा केवल सुकमा के ही नेता हैं। बस्तर के बड़ा नेता बनने की चाह ने उन्हें खुद के बुने जाल में फंसा दिया है।

मुखर हो उठे हैं कांग्रेसी
विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पूरे छत्तीसगढ़ के वे आम कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता जो केवल पार्टी के प्रति निष्ठावान रहकर काम करते रहते हैं, अब मुखर हो उठे हैं। ये नेता कार्यकर्ता दिल्ली से आई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सामने बड़े नेता और कवासी लखमा की करतूतों का भंडाफोड़ करने से जरा भी नहीं हिचक रहे हैं। कांकेर और रायपुर में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी द्वारा ली गई बैठकों में राज्य के विभिन्न इलाकों से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं ने बड़े नेता और उनके झंडाबरदारों के खिलाफ जमकर शिकायतें की। कवासी लखमा के खिलाफ भी बहुत शिकायत हुई। अब फंसे लखमा कहीं के नहीं रहे।

शहीद महेंद्र कर्मा विश्व विद्यालय को केंद्र सरकार से मिला सौ करोड़ रुपए का अनुदान

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  • प्रारंभ होंगे नए स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम
  •  रंग लाई प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव की मेहनत 
    जगदलपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने जानकारी देते हुए बताया कि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत मल्टी डिसिप्लिनरी विश्वविद्यालय हेतु 100 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ है। इस हेतु विश्वविद्यालय में नए विषयों के अध्यापन तथा शोध की आवश्यकता होगी। जिससे यहां शोध की गुणवत्ता उत्तम हो सके। किरण देव ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में विश्वविद्यालय को 20 नए विभाग तथा 33 नए पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु बजट का प्रावधान किया गया था। वर्तमान में यहां 10 विभागों में 14 कोर्सेस का संचालन किया जा रहा है। नए सत्र से विश्वविद्यालय में कामर्स, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, गणित, फिजिक्स, स्टेटिस्टिक्स, जूलॉजी, इकोनॉमिक्स, जियोग्राफी, हिन्दी, हिस्ट्री, साइकोलॉजी तथा सोशियोलॉजी आदि विषयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होगी। इसके साथ ही इस क्षेत्र में रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की श्रृंखला में लाइब्रेरी साइंस में बी. लिब तथा एम. लिब की भी पढ़ाई प्रारंभ होगी। अब तक इस कोर्स को करने के लिए अंचल के छात्रों को रायपुर या बिलासपुर जाना पड़ता था। अब जगदलपुर में यह कोर्स आरंभ होने से छात्रों को सुविधा होगी। विधायक देव ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर अंचल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, उच्च शिक्षा की सुगमता तथा गुणवत्ता को लेकर गंभीर है। पूर्व में भी हमारी सरकार ने ही अंचल में विश्वविद्यालय की स्थापना की थी तथा वर्तमान में भी हमारी सरकार इस विश्वविद्यालय के उन्नयन को लेकर गंभीर है। इसी कड़ी में सरकार के प्रयास से विश्वविद्यालय शिक्षा के नए नए आयाम गढ़ रहा है। विश्वविद्यालय के विकास को लेकर हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विधायक किरण देव ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए केंदीय शिक्षा मंत्री से मिलकर उनसे विशेष आग्रह किया था। जिसके फलस्वरूप यह बड़ी अनुदान राशि स्वीकृत हो सकी है। इस हेतु किरण देव ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।  देव ने उच्च स्तरीय शिक्षा सुविधा मिलने के लिए बस्तर संभाग के विद्यार्थियों को बढ़ाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

बकावंड के बीएमओ की अनदेखी ने ले ली आदिवासी शिशु की जान

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  • टीके लगाने के बाद हुई नवजात शिशु की मौत 
    -अर्जुन झा-
    बकावंड विकासखंड बकावंड में खंड चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए घातक साबित हो रही है। टीकाकरण और ग्रामीणों के इलाज की मॉनिटरिंग बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। नवजात बच्चों को टीके असावधानी पूर्वक लगाए जा रहे हैं। ऐसे ही लापरवाही से लगाए गए टीके ने डेढ़ माह के आदिवासी बच्चे की जान ले ली है। इस मामले में बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम पूरी तरह जिम्मेदार हैं, मगर ठीकरा उस एएनएम पर फोड़ दिया जाएगा, जिसकी निगरानी में बच्चे को टीके लगाए गए थे। मामला विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत वन कोमार का है। आदिवासी महिला मीनावती के डेढ़ माह के शिशु को उप स्वास्थ्य केंद्र गारेगा में 8 मई 2024 को पहला टीका बीसीजी लगा था। इसके बाद 26 जून 2024 को आईंपीवी का दूसरा टीका लगाया गया। इसके बाद पीसीवीओ, पीवी के तीन टीके लगाए गए। टीके लगने के बाद मां मीनवती अपने बच्चे को लेकर घर वनकोमार चली गई।

लेकिन रात में अचानक बच्चे को तेज़ बुखार हो गया एवं उसे सांस लेने में बड़ी तकलीफ होने लगी। मासूम बच्चे को बुखार से कांपते देखकर मीनावती घबरा गई। सिरप पिलाने के बाद बच्चे की तबीयत में थोड़ा सा सुधार होने पर मां ने चैन की सांस ली और बचा भी कुछ देर के लिए सो गया। रात्रि 2-3 बजे के बीच बच्चे को अचानक फिर से तेज़ बुखार चढ़ गया और बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। दूसरे दिन सुबह 10 बजे मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस विषय को लेकर नर्स वी. रेखा नागेश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि बच्चे को पहले से बुखार रहा हो एवं बच्चा कमजोर रहा होगा। या फिर वह बरसात में भीग गया होगा। उसी के चलते बच्चे की तबीयत बिगड़ी होगी। बच्चे की मां मीनाबती का कहना है कि उसका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। हंसते खेलते हुए बच्चे को मैं उप स्वास्थ्य केंद्र गारेगा ले गई थी। मैं नहीं जानती कि कौन सा टीका लगने के कारण मेरे बच्चे की मौत हुई है। मैं अशिक्षित हूं मुझे किसी प्रकार का ज्ञान नहीं है।

नहीं हो रही मॉनिटरिंग
इस मामले में बकावंड के बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम सूचना देने के बाद भी चुप्पी साधे बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मीना के बच्चे की मौत के लिए डॉ. हरीश मरकाम सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। बीएमओ का फर्ज डॉ. हरीश मरकाम सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। वे टीकाकरण व शासन की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की मॉनिटरिंग नहीं करते। बच्चों को लगाए जाने वाले टीके एक्सपायरी तो नहीं हो गए हैं इसकी भी जांच दूरस्थ गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों या गांवों में तैनात एएनएम के पास जाकर करने की जरूरत नहीं समझते। जबसे वे बकावंड बीएमओ का प्रभार सम्हाल रहे हैं तबसे विकासखंड में स्वास्थ्य सेवा का बुरा हाल हो गया है। बकावंड सीएचसी में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर इस संवाददाता ने पहले भी खबर प्रकाशित की थी। तब हाल जानने बस्तर सीएमएचओ को बकावंड जाना पड़ा था। सुदूर वन ग्राम पंचायत बनकोमार के आदिवासी दंपत्ति के बच्चे की मामले में भी बीएमओ डॉ. हरीश मरकाम की अकर्मण्यता सामने आई है बकावंड स्वास्थ्य केंद से जुड़ी नर्स रेखा नागेश की देखरेख में उक्त बच्चे को टीके लगाए गए थे। इसके बाद बच्चे की अचानक मौत हो गई। इससे आदिवासी समाज के लोग काफी उद्वेलित हो उठे हैं।उन्होंने कलेक्टर और विभागीय मंत्री तक इसकी शिकायत करने की बात कही है।

 

विवादित बयान के विरोध में संजीव सिंह के नेतृत्व में भाजयुमो राजहरा का विरोध प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला फूंका

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दल्लीराजहरा भारतीय  जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष संजीव सिंह के नेतृत्व में दल्ली राजहरा जैन भवन चौक में राहुल गांधी का पुतला फूंका गया। भाजयुमो का आरोप था कि राहुल गांधी ने संसद में हिंदुओं को हिंसक कह कर हिंदुओ की मान सम्मान को ठेस पहुंचाई है। भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि हिंदु समुदाय कभी हिंसा नहीं करता, संसद में राहुल गांधी ने जिस तरह पूरे हिंदु समुदाय को हिंसा करने वाला बताया है वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है इससे देश के करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। जबकि हिंदू समाज हमेशा प्यार, प्रेम, दया, सहिष्णुता के संदेश से प्रेरित होकर आचार व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी नेता को हिंसा को किसी धर्म से जोड़ना शोभा नहीं देता। इस दौरान पूर्व जिला कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी राजहरा,मंडल उपाध्यक्ष रमेश गुर्जर,मंत्री जनार्दन सिंगरौल, कोषाध्यक्ष रमेश जैन,पूर्व एल्डरमैन नागेंद्र चौधरी, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला महामंत्री दमनदीप सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष बंटी चोपडे,भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भूपेंद्र श्रीवास  विहिप नगर अध्यक्ष शंकर साहू,पार्षद राजेश काम्बले, अनुसूचित जाति जिला सदस्य सागर गनीर, भाजयुमो महामंत्री एम एस श्रीजीत, उपाध्यक्ष दादू गुप्ता, प्रणव साहू, मनीष पाठक, दुर्गेश गुप्ता, सुमित जैन, सुदीश नायर, आदित्य चौधरी, एम अमन, नदीम बड़गुजर, संतोष यादव, धनराज दर्रो,शुभम गुप्ता एवं युवा मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

देश में 1 जुलाई से नए तीन कानून लागू हो गए है जाने क्या नए तीन कानून

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देश में कल यानी 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं. इसके साथ ही तीन पुराने कानून खत्म कर दिए गए हैं. इससे पहले, भारत में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और 1872 का भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू था। अब इसकी जगह भारतीय न्यायिक संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) ने ले ली है। चूंकि पुराने कानून दशकों से लागू हैं, इसलिए नए आपराधिक कानून को लागू करने में कई चुनौतियां सामने आएंगी। परंतु, भारत सरकार नए आपराधिक कानून से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सुनवाई पूरी होने के 45 दिन के भीतर अपना फैसला दें
नए आपराधिक कानून के लागू होने के बाद किसी भी आपराधिक मामले में मुकदमा खत्म होने के 45 दिन के भीतर फैसला सुनाया जाएगा. सभी राज्य सरकारों को गवाहों की सुरक्षा और समर्थन के लिए गवाह संरक्षण योजना लागू करनी होगी।

रेप पीड़िता का बयान महिला पुलिस अधिकारी दर्ज करेगी
बलात्कार पीड़िता का बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उसके अभिभावक या रिश्तेदार की उपस्थिति में दर्ज किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट 7 दिन के अंदर पूरी हो जाएगी.

नाबालिग से सामूहिक बलात्कार के मामले में मृत्युदंड या आजीवन कारावास
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के खिलाफ सख्त नियम बनाए गए हैं। बाल तस्करी एक जघन्य अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म पर मौत की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है।

शादी का झूठा वादा कर लड़कियों को छोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी
शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। नए आपराधिक कानून में उन लोगों के लिए सजा का प्रावधान किया गया है जो शादी का झूठा वादा करके महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाते हैं और बाद में उन्हें छोड़ देते हैं।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में मुफ्त प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा उपचार
महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में पीड़िता को मुफ्त प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा उपचार दिया जाएगा। इसके साथ ही उसे 90 दिनों के भीतर नियमित अपडेट पाने का अधिकार होगा.

एफआईआर की कॉपी पाने और 14 दिन के अंदर रिपोर्ट देने का अधिकार
आरोपी और पीड़ित दोनों को 14 दिनों के भीतर एफआईआर, पुलिस रिपोर्ट, आरोप पत्र, बयान, कबूलनामे और अन्य दस्तावेजों की एक प्रति प्राप्त करने का अधिकार होगा।

जीरो एफआईआर के तहत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
अब आपको किसी भी घटना से संबंधित एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आने की जरूरत नहीं है। घटना की रिपोर्ट ऑनलाइन भी दर्ज कराई जा सकती है। जीरो एफआईआर के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करा सकता है, चाहे उसका क्षेत्राधिकार कुछ भी हो।

बच्चा खरीदने पर सख्त सजा का प्रावधान
वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से बच्चा खरीदने पर कम से कम सात साल की कैद और 14 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना होगा।

गिरफ्तार व्यक्ति अपनी पसंद के व्यक्ति को सूचित कर सकता है
किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार है ताकि उसे तत्काल सहायता मिल सके। गिरफ्तारी विवरण पुलिस स्टेशनों और जिला मुख्यालयों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा ताकि परिवार और दोस्त इसे आसानी से देख सकें।

फॉरेंसिक टीम का अपराध स्थल पर जाना अनिवार्य है
गंभीर अपराधों के मामलों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम का अपराध स्थल पर जाना और सबूत इकट्ठा करना अनिवार्य है।

ट्रांसजेंडर समुदाय को लिंग में शामिल किया गया
लिंग समानता को बढ़ावा देने के लिए अब ट्रांसजेंडर समुदाय को भी इसमें शामिल किया गया है। महिलाओं के खिलाफ कुछ अपराधों के लिए, जहां तक संभव हो पीड़िता का बयान महिला मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाएगा।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुछ मामलों में महिला मजिस्ट्रेट बयान दर्ज करेंगी
अगर महिला मजिस्ट्रेट नहीं है तो पुरुष मजिस्ट्रेट को महिला की मौजूदगी में बयान दर्ज करना होगा. बलात्कार से संबंधित बयान ऑडियो-वीडियो माध्यम से दर्ज किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और पीड़िता को सुरक्षा मिलेगी।

गाड़ी रोककर लूट करने वाले तीन आरोपी को पुलिस ने पकड़ा

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  • पुलिस अधीक्षक बालोद के निर्देशन ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण एवं एसडीओपी बालोद के नेतृत्व में बालोद पुलिस को मिली सफलता लूट के 03 आरोपी गिरफ्तार।
  • थाना बालोद क्षेत्र के दैहान जंगल के पास ट्रक को रोक कर प्रार्थी से मोबाईल और पैसे लूट कर आरोपी द्वारा चाकू से किया गया था हमला।
  • अज्ञात आरोपियों के पतासाजी हेतु सायबर सेल एवं थाना बालोद से बनाये थे विशेष टीम।
  • त्रिनयन एप से मिली विशेष सफ़लता
  • सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों का शिनाख्त।

 

दिनांक 29.06.2024 को दोपहर 12ः30 को प्रार्थी राजभान साकेत पिता स्व. श्री मयकू प्रसाद साकेत उम्र 47 साल निवासी कतरा थाना गढ. जिला रिवा म.प्र. हाल ट्रक ड्रावयर गिधाली दल्लीराजरा जिला बालोद ट्रक लेकर धमतरी से दल्लीराजरा जा रहा था कि बालोद दैहान जंगल के पास तीन व्यक्ति उसके ट्रक के सामने अपने मोटरसायकल को लगाकर उसे रोके और उसके ट्रक में चढकर उसके साथ मारपीट करने लगे और उसके जेब में रखे 1550 रूपये एवं टेक्नो कंपनी का मोबाईल लूट लिए उसी दौरान उसमें से एक व्यक्ति चाकू निकाल कर उसके गले के पास हमला कर दिया। प्रार्थी घबराकर ट्रक लेकर वंहा से कुसुमकसा गया जंहा कुछ लोग खून से लथपथ उसे जिला अस्पताल बालोद भर्ती कराया गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक 346/2024 धारा 394 34,भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक,  एस आर भगत के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अशोक कुमार जोशी के पर्यवेक्षण में एसडीओपी बालोद  देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में सायबर सेल बालोद व थाना बालोद से विशेष टीम बना कर अज्ञात आरोपी के पतासाजी हेतु टीम बनाकर विवेचना में लगाया गया। टीम द्वारा घटना स्थल से बालोद टाउन के देशी शराब दुकान, पेट्रोल पंप अन्य स्थानो का त्रिनयन एप की मदद से 25 से 30 सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर संदेहियो के हुलिया के आधार पर प्रार्थी को दिखाया गया जिसमे आरोपियो की पहचान हई जिससे टीम द्वारा 03 आरोपियो को गिरफ्तार कर आज दिनांक को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। आरोपियो के कब्जे से 01 नग मोटरसायकल , एक नग लोहे का बटन चाकू,, नगदी लूट का रकम 750 रूपये बरामद किया।

आरोपियों के नाम पताः- 

1. निरज धु्रवे पिता चतुरसिंह धु्रवे उम्र 26 वर्ष पता-रोशन नगर वार्ड 20 बालोद पाररास थाना बालोद जिला बालोद (छ.ग)

2. मनीष कुमार यादव पिता राजेन्द्र यादव उम्र 19 वर्ष पता-वार्ड क्र 12 गंजपारा दषौदी तालाब बालोद थाना बालोद जिला बालोद (छ.ग)

3. प्रशांत सोनी उर्फ चीकू मोनू पिता रमेंश सोनी उम्र 30 वर्ष पता- मरार पारा बालोद थाना बालोद जिला बालोद (छ.ग)

उक्त प्रकरण में आरोपियों के पतासाजी व गिरफ्तारी में विशेष भूमिकाः-

थाना बालोद – थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक श्री रवि पाण्डेय,, उ0नि0 श्रीमति कमला यादव, स0उ0नि धरम भूआर्य ,प्रधान आरक्षक हरिषचंद सिन्हा,,आरक्षक भोप सिंह साहू, मोहन कोकिला, वेदप्रकाश भुआर्य ,ठनेष टेमार्य, लोकेश, की सराहनीय भूमिका रही है।

सायबर सेल टीम:- सायबर सेल प्रभारी उ0नि0 जोगेन्द्र साहू, आरक्षक पूरन देंवागन ,आरक्षक विपिन गुप्ता आरक्षक आकाश दुबे की सराहनीय भूमिका रही है ।

भगवान महादेव का चित्र दिखाकर भूपेश को ‘महादेव’ के जाल में फंसा दिया राहुल गांधी ने, गजब धोया संतोष पाण्डेय ने

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  • महादेव एप सट्टा मामले में भूपेश बघेल की लिप्तता याद दिलाई सांसद पांडेय ने
  • कहा – सट्टे की आड़ में गटक गए 6 हजार करोड़
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप मामले की गूंज लोकसभा में भी सुनाई दी। इस मामले को लेकर राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय ने जहां राहुल गांधी की गजब धुलाई कर दिया वहीं बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तथाकथित काला चिट्ठा खोलकर रख दिया। दरअसल विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक दिन पहले सदन में देवों के देव भगवान महादेव का चित्र दिखाते हुए हिंदुओं और भाजपा के लोगों को हिंसक बताते हुए कहा था कि देश में ये लोग हिंसा भड़काते हैं। राहुल गांधी के इस बयान से संसद में तो बवाल मचा ही, देशभर में आक्रोश के हालात देखे जा रहे हैं। लोकसभा में राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय तो राहुल गांधी को तो नसीहत दी ही, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। संतोष पाण्डेय ने कहा – राहुल जी आप जिन महादेव की तस्वीर दिखा रहे हैं,

वो हम सबके आराध्य हैं।पूरी सृष्टि में उनकी सत्ता चलती है, मगर आपके मुख्यमंत्री ने तो महादेव सट्टा वालों का संरक्षक बनकर छह हजार करोड़ रुपए कमा लिए। आप क्या हमें महादेव जी की तस्वीर दिखा रहे हैं। अपने मुख्यमंत्री की करतूत देखिए, जिनकी वजह से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का बंठाधार हो गया है। हिंदू समाज और भाजपा को हिंसावादी कहे जाने पर भी सांसद संतोष पाण्डेय ने राहुल गांधी को खूब सुनाई। उन्होंने कहा कि हिंदू तो उदार और विनम्र होते हैं सबको साथ लेकर चलते हैं। हिंदू सनातन धर्मग्रंथ भी हमें सदभाव और अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं। आप हिंदुओं को बदनाम मत कीजिए। हिंसक तो उस तथाकथित शांतिदूत समाज के लोग हैं जो माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जा रहे श्रद्धांलुओं की जान ले लेते हैं, राजस्थान के टेलर कन्हैया का सिर कलम कर देते हैं। हम सौ करोड़ हिंदुओं को भगवान अमरनाथ के दर्शन के लिए सेना और पुलिस की मदद लेनी पड़ती है। जरा उनके बारे में भी तो बोलकर देखिए राहुल जी, आप नहीं बोल पाएंगे, आपके मुंह में दहीजम जाएगा। सांसद संतोष पाण्डेय ने सदन में राहुल गांधी और भूपेश बघेल की बखिया उधेड़ कर रख दी।

हार के जिम्मेदार भूपेश
लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली करारी हार के लिए सिर्फ कांग्रेसी ही नहीं भाजपाई भी भूपेश बघेल को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय ने लोकसभा ने भूपेश बघेल का नाम लिए बगैर पुरजोर अंदाज में कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को पूर्व मुख्यमंत्री ने ही डुबोया है। महादेव सट्टा, कोयला घोटाला, शराब घोटाला जैसे बड़े कांड पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए, जो कांग्रेस की हार के कारण बने हैं। वहीं दूसरी ओर पूरे छत्तीसगढ़ के बड़े कांग्रेस नेता भी हार के लिए भूपेश बघेल को दोषी करार दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ आई कांग्रेस की फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सामने भूपेश बघेल, कवासी लखमा समेत कुछ अन्य नेताओं की करतूतों की शिकायतों की झड़ी लग गई है।

जगरगुंडा थाना क्षेत्र से 9 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सुकमा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

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  • पुलिस वाहन पर आईईडी विस्फोट में शामिल रहे हैं चार नक्सली
  • फोर्स पर फायरिंग करने वाले 5 नक्सली भी अरेस्ट
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में नौ नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। सभी नक्सली सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इनमें से चार लोग सुरक्षा बलों के वाहन पर आईईडी ब्लास्ट में शामिल रहे हैं। इस घटना में दो जवान शहीद हो गए थे। वहीं पांच नक्सली सर्चिंग में निकली पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने में शामिल रहे हैं। सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
    सुंदरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, कमलोचन कश्यप पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आंनद सिंह राजपुरोहित उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं सुकमा के एसपी किरण चव्हाण, राकेश चंद्र शुक्ल कमांडेंट 150वीं वाहिनी सीआरपीएफ, अमित चौधरी कमांडेंट 201 कोबरा वाहिनी के निर्देशन तथा विकास कुमार राय द्वितीय कमान अधिकारी 150वीं वाहिनी सीआरपीएफ, संयज कुमार, बामुला द्वितीय कमान अधिकारी, 201 वाहिनी कोबरा, निखिल राखेचा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा, आकाश राव गिरेपुंजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के पर्यवेक्षण में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में 23 जून को थाना जगरगुंडा क्षेत्र को पुलिस वाहन पर हुए आईईडी विस्फोट की घटना में संलिप्त आरोपियों की उपस्थिति की सूचना पर 30 जून को थाना जगरगुंडा एवं कैम्प टेकलगुडेम से जिला बल, 150 वाहिनी सीआरपीएफ एवं 201 वाहिनी कोबरा की संयुक्त पार्टी नक्सल गश्त सर्चिंग हेतु ग्राम टेकलगुडे़म व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी।अभियान के दौरान तीमापुरम एवं टेकलगुड़ेम के मध्य जंगल पहाड़ी में सादी वेशभूषा वाले कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर भागने एवं छिपने लगे। घेराबंदी कर 4 संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गए संदिग्ध व्यक्तियों में कुंजाम रामा पिता कुंजाम बोड्डा डीएकेएमएस सदस्य 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी तीमापुरम सरपंच पारा, बारसे बिच्चेम पिता बारसे इंगा डीएकेएमएस सदस्य 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी तीमापुरम सरपंच पारा, कुंजाम जोगा पिता कुंजाम हुंगा मिलिशिया सदस्य 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी तीमापुरम पटेलपारा एवं कुंजाम भीमा पिता कुंजाम हुंगा मिलिशिया सदस्य 21 वर्ष निवासी जोनागुड़ा शामिल हैं। इन लोगों ने बीते 23 जून को को जगरगुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम तीमापुरम के पास सुरक्षा बलों के ट्रक को आईईडी से विस्फोट करने की घटना में शामिल रहे हैं। इस घटना में 201 वाहिनी कोबरा के 2 जवन शहीद हुए थे। घटना के संबंध में थाना जगरगुंडा में धारा 302, 307, 147, 148, 149, भादवि. 25, 27 आर्म्स एक्ट, 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। इस प्रकरण इनके विरूद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई करते हुए 30 जून को विधिवत् गिरफ्तारी की गई और 1 जुलाई को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। उक्त घटना में शामिल 6 नक्सलियों को पूर्व में किया जा चुका है गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी क्रम में 30 जून को थाना जगरगुंडा से निरीक्षक सुरेंद्र यादव के हमराह जिला बल एवं डीआरजी की संयुक्त पार्टी नक्सली आरोपियों की धरपकड़ हेतु ग्राम उरसांगल, मंडीमकरा, गोंदपल्ली की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान ग्राम गोंदपल्ली के जंगल में कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को अपने ओर आती देखकर भागने व छिपने लगे जिनमे से घेराबंदी कर 5 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में पुनेम सुक्का पिता मोटू डीएकेएमएस सदस्य उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोंदपल्ली, मिड़ियम देवा उर्फ एंगा पांडू पिता स्व. मिड़ियम आयतू डीएकेएमएस सदस्य 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी उरसांगल, भोगाम मल्ला पिता जोगा डीएकेएमएस सदस्य 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी उरसांगल, मुचाकी भीमा पिता धुरवा मिलिशिया सदस्य 26 वर्ष निवासी उरसागंल एवं तामू नंदा पिता बुधरू मिलिशिया सदस्य 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोंदपल्ली शामिल हैं। ये लोग इसी साल 6 अप्रैल को जगरगुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मंडीमरका एवं गोंदपल्ली के मध्य सुरक्षा बलों को जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने की घटना में शामिल थे। घटना के संबंध में थाना जगरगुंडा में धारा 147, 148, 149, 307 भादवि. 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। इनके विरूद्ध वैधानिक प्रक्रिया 30 जून को पूरी की गई। उन्हें 1 जुलाई को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

बकावंड थाना में हुआ आपराधिक कानून विषय पर कार्यशाला का आयोजन

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  •  दंड से न्याय संहिता पर कदम रखने का ऐतिहासिक दिन बन गया 1 जुलाई 
    बकावंड स्थानीय पुलिस थाना परिसर में 1 जुलाई को नवीन आपराधिक कानून विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुराने अनेक गैर जरुरी कानूनों से मुक्ति का यह ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ है।
    प्रथम उद्बोधन में थाना प्रभारी इंदर कंवर ने कहा कि ब्रिटिश काल की दंड संहिता के साथ शब्दावली में नवीन बदलाव के हम साक्षी बन रहे हैं। आज से दंड संहिता के स्थान पर न्याय संहिता अस्तित्व में आ गई है। सन 1807, 1873 और सन 1872 में बने कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा के रुप में प्रतिस्थापित होकर नए कानून के तौर पर शुरू किए जा रहे हैं। 200 साल से चली आ रही दंड संहिता को न्याय संहिता में बदलने का यह यादगार अवसर है। अब न्याय प्रणाली पारदर्शी होने के साथ आसान होगी। जन सामान्य को त्वरित न्याय मिल सकेगा। डिजिटल एफआईआर मील का पत्थर साबित होगी। इस विषय को जन जन पहुंचाने सभी प्रबुद्धजन योगदान दें। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष धनुर्जय, नारायण बिसाई, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष नीलांबर बद्री, सोनवाड़ी काग, पट्टी कश्यप, सुखराम कश्यप, अभिराम कश्यप, नकुल कश्यप, भोलाराम कश्यप सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

जन्मदिन पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश चंद्राकर को सीएम साय ने दी शुभकामनाएं

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  • पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मिले चंद्राकर
    रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश चंद्राकर को उनके जन्मदिन पर मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश चंद्राकर ने मोर्चा के विभिन्न मांगों से अवगत कराते हुए मुख्यमंत्री को उक्त मांगों पर अमल करने के लिए निवेदन किया इसके पूर्व प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राकेश चंद्राकर के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी जिला अध्यक्ष व सदस्यों ने जन्मदिन मनाया। 30 जून को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित जन्मदिन उत्सव कार्यक्रम में सभी पदाधिकारी ने केक काटकर और मिठाई बांटकर अपने प्रदेश अध्यक्ष का जन्मदिन मनाया। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राकेश चंद्राकर ने प्रदेश पदाधिकारी जिला अध्यक्षों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के प्रेम व स्नेह से मैं अभिभूत हूं।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के सभी प्रदेश पदाधिकारियों व जिला अध्यक्षों व पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में अथक मेहनत से प्रदेश में भाजपा की सरकार और लोकसभा चुनाव में 10 सांसद देकर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की मजबूती से प्रदेश भाजपा संगठन को अवगत कराया है। आने वाले दिनों में पिछड़ा वर्ग मोर्चा की ऎसी ही सक्रियता से प्रदेश संगठन को और मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय सहित वरिष्ठ प्रदेश पदाधिकारी से भी मुलाकात कर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन लिया गया। इस दौरान खिलावन साहू, शांतनु साहू, देवदत्त साहू, होरी लाल सिन्हा, अशोक सिन्हा, ऋतु चौरसिया, छगन साहू, भगवान यादव, भूपेन्दर शंकर सेन, श्रवण यदु, आशीष साहू, तामेश्वर साहू, सुनील चौधरी, पंचराम साहू, राम कुमार साहू, सुंदर लाल साहू, तिलक साहू, गौरव राजेश साहू, सूरज अखिलेश कश्यप, निरंजन यादव, सुरेन्दर वर्मा एंव अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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