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आस्था की ज्योति को कभी बूझने नहीं देंगे मुख्यमंत्री बघेल : रेखचंद

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  • ग्राम मारकेल के वार्षिक मेले में शामिल हुए संसदीय सचिव जैन
  • परदेशिन माता, जलनी माता और मावली माता की पूजा अर्चना कर मांगा प्रदेश की समृद्धि का आशीष

जगदलपुर ग्रामीणों के विशेष आमंत्रण पर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ग्राम पंचायत मुख्यालय मारकेल के वार्षिक मेले में शामिल हुए। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। आरंभ में संसदीय सचिव जैन ने ग्राम देवी माता जलनी, माता मावली और परदेशिन माता की पूजा अर्चना कर बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर आज गांव – गांव में माता गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य किया गया है। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों के मेला एवं वार्षिक जात्रा में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी नई पीढ़ी को बस्तर की कला संस्कृति से जोड़ने के लिए कार्य करना चाहिए। आज हमारी नव पीढ़ी आधुनिकता की चकाचौंध में अपनी संस्कृति से दूर होती जा रही है। उन्हें अपनी पुरातन संस्कृति से पुनः जोड़ना होगा। जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संकल्प ले रखा है कि वे प्रदेश के आदिवासियों की आस्था की ज्योति को कभी बुझने नहीं देंगे। इस दिशा में वे बिना रुके, बिना थके काम भी कर रहे हैं। इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ वरिष्ठ नेता राजकुमार दंडवानी, राजेश अहीर, सीताराम सेठिया, सिरोनाग के सरपंच बलराम कोकडू,नंदो बघेल, देवी सिंह, जगत राम पटेल, मणीराम सेठिया, कमल राम सेठिया, उदयनाथ, विजय सेठिया, संतोष सेठिया,भैयर सिंह पुजारी, सोनाधर पुजारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दीवाने हुए बुजुर्ग कांग्रेसी जानकी राम

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  • कहा – इस बार छत्तीसगढ़ में फिर प्रचंड जीत हासिल करेगी कांग्रेस

बकावंड अंचल के वरिष्ठ कांग्रेसी जानकी राम सेठिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कामकाज के इस कदर दीवाने हो गए हैं कि वे बघेल की तारीफ करते नहीं थकते। उन्होंने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ में अगले बीस सालों तक कांग्रेस की ही सरकार बनती रहेगी और भूपेश बघेल ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। जानकी राम सेठिया सन 1971 में कांग्रेस पार्टी में प्राथमिक सदस्य बने। तबसे लेकर आज तक कांग्रेस का झंडाबरदार बने हुए हैं। इस बीच राजनीति के अनेक थपेड़े आते जाते रहे, कई नेता इधर से उधर हुए, मगर सेठिया कांग्रेस में ही अडिग बने रहे। उन्होंने कहा वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्यशैली से कांग्रेस के जनाधार में काफी बढ़ोतरी हो गई है। विपक्षी दलों द्वारा धर्मान्तरण एवं आरक्षण एवं धान के समर्थन मूल्य के संबंध में जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे आरोप छत्तीसगढ़ में हवा हवाई साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के राज में लोगों का काम समय पर पूरा हो रहा है हमारे बस्तर के सभी बारह विधायकों की कार्यशैली से बस्तरवासी खुश हैं। हमारे विधायक लखेश्वर बघेल बस्तर विधानसभा क्षेत्र के बेदाग बादशाह हैं। उसी प्रकार आबकारी एवं उद्योग मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के कार्य से पूरे बस्तर संभाग एवं सम्पूर्ण राज्य खुश है। भूपेश बघेल सरकार ने नरवा, गरूवा घुरवा बाड़ी योजना के तहत स्वसहायता समूहों के माध्यम से कम्पोस्ट खाद निर्माण, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, गोबर खरीदी, काजू प्रोसेसिंग और महुआ खरीदी जैसे उल्लेखनीय कर रही है। इससे स्वहसहायता समूहों से जुड़ी बहनों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक से बस्तर संभाग के सभी लोगों को लाभ मिल रहा है। राज्य में अंग्रेजी माध्यम निःशुल्क शिक्षा के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूल बड़े पैमाने पर शहरों और कस्बों में संचालित किए जा रहे हैं। धान, कोदो- कुटकी, लघु वनोपज, तेंदूपत्ता आदि की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उड़द की खरीदी भी राज्य में शुरू हो रही है। इसका सीधा लाभा कृषकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों के चलते भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ की बारह जातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की स्वीकृत दे दी है। इससे सभी समुदाय क लोग बेहद प्रसन्न है और इसके लिए मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद करते हैं। मुख्यमंत्री ने देवगुड़ियों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृती देकर धार्मिक स्थलों का संरक्षण किया है। इसके साथ ही बजनिया, मोहरिया, पुजारी, गायता, हाट-पहरिया को सात हजार रूपए का मानदेय देना शुरू किया है। जानकी राम सेठिया ने दावा किया है कि आगामी विधान सभा चुनाव में बस्तर की सभी बारह सीटों पर कांग्रेस प्रचंड जीत हासिल करेगी तथा प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।

थाना अर्जुन्दा पुलिस द्वारा सटटा पटटी लिखने वाले एवं अवैध शराब परिहन करने वालों पर लगातार कार्यवाही जारी

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ग्राम अर्जुन्दा निवासी रवि प्रकाश निर्मलकर पिता स्व0 नत्थुलाल निर्मलकर उम्र 44 साल साकिन वार्ड नंबर 10 अम्बेडकर पारा अर्जुन्दा थाना अर्जुन्दा जिला बालोद छ0ग0 को अवैध रूप से सटटा पटटी लिखते पकडे जाने पर धारा 6 छत्तीसगढ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत कार्यवाही कर भेजी गई जेल। पुलिस अधीक्षक महोदय जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के निर्देशन एंव अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुण्डरदेही श्रीमति गीता वाधवानी के पर्यवेक्षण में थाना अर्जुन्दा प्रभारी द्वारा टीम गठित कर थाना अर्जुन्दा क्षेत्र में लगातार कार्यवाही जारी है। मुखबीर की सूचना पर दिनांक 10.06.2023 को ग्राम अर्जुन्दा निवासी रवि प्रकाश निर्मलकर पिता स्व0 नत्थुलाल निर्मलकर उम्र 44 साल साकिन वार्ड नंबर 10 अम्बेडकर पारा अर्जुन्दा थाना अर्जुन्दा जिला बालोद छ0ग0 के द्वारा ग्राम अर्जुन्दा बस स्टैण्ड शुलभ शौचालय के पीछे रूपया पैसों का हार जीत का दांव लगाकर सटटा पटटी नामक जुआ खिला रहा है कि सूचना तस्दीक पर रेड कार्यवाही कर आरोपी रवि प्रकाश निर्मलकर के कब्जे से 01. एक सफेद कागज जिसमें रूपया पैसों का अंक लिखा हुआ है सटटा पर्ची 02. एक डाट पेन 03. सटटा पटटी जुआ का नगदी रकम 2250 रू0 जप्त किया गया। आरोपी रवि प्रकाश निर्मलकर द्वारा धारा 6 छत्तीसगढ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 का अपराध घटित करना पाये जाने से दिनांक 10/06/23 के 15.25 बजे विधिवत गिरफ्तार कर हिरासत में लेकर थाना लाया गया। इस कार्यवाही में सउनि नारद राम ठाकुर, आरक्षक क्र0 244 पिताम्बर ठाकुर, आर0क्र0 209 बलदेव महावीर का महत्तवपूर्ण योगदान रहा।

इसी प्रकार अवैध शराब परिहन पर नकेल कसते हुए मुखबीर की सूचना पर दिनांक 10.06.2023 को राजनांदगांव निवासी 01. जुग्गा ढीमर पिता शंकर ढीमर उम्र 22 वर्ष साकिन लखोली स्कुल के पास लखोली थाना सिटी कोतवाली जिला राजनांदगांव 02. दुष्यंत साहू पिता हरिशंकर साहू उम्र 22 वर्ष साकिन सुरगी थाना सुरगी जिला राजनांदगांव छ0ग0 के द्वारा अवैध रूप से अर्जुन्दा के भैंस खटाल के पीछे, पुराना तहसील कार्यालय के पास अधिक मात्र में देशी प्लेन शराब परिवहन कर रहा था जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिसे पुछताछ किया गया, जिसके कब्जे से कुल 63 नग पौव्वा देशी प्लेन शराब जिसकी कीमती कुल 5040 रूपये व एक नग पुरानी इस्तेमाली स्कुटी होण्डा एक्टीवा सफेद कलर क्र0 CG 08 AB0351 कीमती करीबन 25000 रू0 को तलाशी उपरांत बरामद किये जिसे मौके पर जप्ती कार्यवाही की गई है। आरोपी 01. जुग्गा ढीमर 02. दुष्यंत साहू के द्वारा धारा-34(2) आब.एक्ट का घटित करना पाये जाने से दिनांक 10.06.2023 के 13/10, 13/15 बजे गिरफ्तार कर हिरासत में लेकर थाना लाया गया। जिसे आज दिनांक 10.06.2023 के माननीय न्यायालय के समक्ष रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्यवाही में सउनि रमेश सिन्हा, आर0 1943, त्रवेश सिन्हा व आर0क्र0 244 पिताम्बर ठाकुर का महत्तवपूर्ण योगदान रहा

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लो फिर शुरू हो गई बस्तर के हरे सोने की ओड़िशा तक तस्करी

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  • शबरी नदी पार कर ओड़िशा भेजा जा रहा है बस्तर का तेंदूपत्ता
  • जानकर भी अनजान बने हुए हैं वन विभाग के अधिकारी – कर्मचारी


जगदलपुर कोंटा बस्तर संभाग के सीमावर्ती जंगलों से बस्तर के हरे सोने की तस्करी धड़ल्ले से ओड़िशा में की जा रही है। सुकमा वन मंडल के कोंटा, दोरनापाल वन परिक्षेत्र के मेटागुड़ा, फंदीगुड़ा, पेटाकुरती सहित आस-पास के आधा दर्जन से अधिक गांवों से तेंदूपत्ता की अवैध खरीदी बाहरी लोग कर रहे हैं। ये लोग स्थानीय ग्रामीणों से खरीदे गए तेंदूपत्ता को शबरी नदी के रास्ते ओड़िशा ले जा रहे हैं। अब तक बस्तर संभाग से 5 हजार मानक बोरा से भी अधिक तेंदूपत्ता की तस्करी की जा चुकी है।
इस अवैध कारोबार को वनोपज समितियों के प्रबंधकों , पोषक अधिकारियों एवं ठेकेदार की सांठगांठ से अंजाम दिया जा रहा है। वर्ष 2022 में भी 15 हजार से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता ओड़िशा भेजा गया था। मामले की शिकायत होने पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने ओड़िशा के मलकानगिरी से सुकमा के कोंटा इलाके के तेंदूपत्ताा की जप्ती की कार्रवाई की थी। तब तस्करों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी। इसी सरकारी उदासिनता के कारण तेंदूपत्ता तस्कर इस साल फिर सक्रिय हो गए और हजारों मानक बोरा तेंदूपत्ता ओड़िशा ले जाने में कामयाब रहे। बस्तर संभाग का सुकमा वन मंडल हरा सोना की अफरा तफरी को लेकर हर वर्ष सुर्खियों में रहता है। उसकी यह परंपरा इस वर्ष भी जारी रही। वर्ष 2022 की तुलना में इस साल तेंदूपत्ता दीगर प्रांतो में कम भेजा गया है।

तस्करों ने लिया नाव और छोटे वाहनों का सहारा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार इस बार तेंदूपत्ता को शबरी नदी पार कराने का नया पैंतरा अपनाकर अपने मंसूबे पर कामयाब रहे हैं। ठेकेदार ग्रामीणों को ढाल बना पोषक अधिकारी व प्रबंधकों से सांठगांठ कर पांच हजार से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता शबरी नदी पार कराकर ओड़िशा पहुंचा चुके हैं। वन विभाग सुकमा के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। इस बार हरा सोना की तस्करी में बाहरी दलालों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। इस दफे उन्होंने बस्तर संभाग से तेंदूपत्ता को ओड़िशा तक पहुंचाने के लिए छोटे वाहनों और नावों का सहारा लिया है।

संग्राहकों को लाभांश राशि का घाटा
विभागीय खरीदी होने पर बिक्री के एवज में प्राप्त लाभ में से कुछ हिस्सा तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी दिया जाता है। इसे लाभांश राशि कहा जाता है।तेंदूपत्ता की अवैध ढंग से खरीदी कर दीगर प्रांतों में भेजे जाने से संग्राहकों को तो लाभांश राशि का घाटा होता ही है, साथ ही राज्य सरकार को भी राजस्व की हानि उठानी पड़ती है। खबर है कि इसे सरकारी खरीदी में न दिखाकर सीधे ठेकेदार तक पहुंचाने में बिचौलियों को भी मोटी रकम प्राप्त होती है। इस रकम का हिस्सा वन विभाग के अफसरों तक भी पहुंचाए जाने की खबर है।

अटका है पिछले वर्ष तक भुगतान
वर्ष 2022 में कोंटा एवं दोरनापाल वन परिक्षेत्र में कई समितियों के सैकड़ों संग्राहकों का भुगतान आज भी बकाया है। ठेकेदारों द्वारा अतिरिक्त दर की राशि का भुगतान आज तक नहीं किया गया है। कोंटा की एर्राबोर समिति की 60 लाख से अधिक की राशि बकाया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री तक की जा चुकी है। वन विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानों पर अवैध ढंग से फड़ संचालित कर तेंदूपत्ता खरीदी की भी शिकायत मिली है। विभाग द्वारा ऐसी जगहों से तेंदूपत्ता जप्ती की कार्रवाई की जा रही है।

जांच के बाद मामला फाईलों में बंद
वर्ष 2022 में तेंदूपता खरीदी एवं परिवहन में दोनों बार परिक्षेत्र में जांच के आदेश दिए गये थे लेकिन जांच फाईलों में ही दफन हो गई। जांच के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई वह पहेली बनकर ही रह गई है। इस मामले में सुकमा डिवीजन के जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

नक्सली भी भारत के सपूत, फिर गोली मारने की क्या जरूरत- जीत गुहा नियोगी

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दल्लीराजहरा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बस्तर की धरती से एक बड़े विवाद को जन्म देकर भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा दिया कि गोडसे अगर गांधी का हत्यारा है तो भारत का सपूत भी है। कांग्रेस अपने स्तर पर जवाब दे रही है। लेकिन यहां जन मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने केंद्रीय मंत्री की इस विवादास्पद टिप्पणी को नक्सलियों से जोड़ कर एक नया मोड़ दे दिया है। विश्व विख्यात श्रमिक नेता शंकरगुहा नियोगी के पुत्र जनमुक्ति मोर्चा अध्यक्ष जीत ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया है कि नक्सली कथित लोकतंत्र के विरोधी हैं तो भारत का सपूत भी तो हैं। फिर बस्तर में सैनिक बलों को को भेज कर आदिवासियों को गोली मारने की क्या जरूरत है। गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बता रही है। भाजपा और कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है लेकिन जीत गुहा नियोगी ने जो सामाजिक सवाल उठाया है, उसका जवाब बहुत मुश्किल है। वैसे प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गोडसे को देश का सपूत बताया था। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने गोडसे का महिमामंडन कर के एक बार फिर से राष्ट्रपिता का अपमान किया है। यह भाजपा का गोडसे वादी चरित्र है। भाजपा के हर छोटे बड़े नेता ने कभी न कभी गोडसे की तारीफ की है। यह सिर्फ बापू का नहीं, भारत की जनता का अपमान है। प्रधानमंत्री जवाब दें कि वे अपने मंत्री के बयान से कितने सहमत हैं। कांग्रेस कह रही है कि भाजपा मुद्दाविहीन है। आरएसएस के नेता खुद पादरी बन कर धर्मान्तरण की नौटंकी करते हैं। फिर भाजपा के नेता उसी को मुद्दा बना कर बयान देते हैं। गिरिराज जैसे नेता बुला कर मामले को तूल दिया जाता है।लोगों में भ्र्म पैदा किया जाता है।छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण विरोधी क़ानून लागू है तो भाजपाई थाने मे रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराते। वे खुद इसमें शामिल हैं तो रिपोर्ट कैसे करेंगे। कांग्रेस को तो भाजपा एक सवाल के जवाब में तीन सवाल भेज देती है लेकिन जनमुक्ति मोर्चा का सवाल इतना संवेदनशील है कि सवाल के जवाब में सवाल नहीं चलने वाले।

माता का जयकारा लगाते रेखचंद जैन पहुंचे गांवों के मेलों में

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  • श्रद्धा से की गंगादेवी, मावली और रूपशिला माता की पूजा अर्चना
  • जैन का भक्तिभाव देख ग्रामीणों ने कहा -विधायक हो तो ऐसा

जगदलपुर संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन माता का जयकारा लगाते हुए नियानार और खम्हारगांव में आयोजित देवी मेलों में पहुंचे। उन्होंने श्रद्धापूर्वक गंगादेवी माता, मावली माता और रुपशिला माता की पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ तथा बस्तर में सुख शांति एवं समृद्धि स्थापना की कामना की। जैन की भक्ति भावना को देख दोनों गांवों के ग्रामीण अभिभूत हो उठे। अधिकांश ग्रामीणों के मुंह से बरबस ये बोल निकल पड़े कि विधायक हो तो ऐसा।इस अवसर पर विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक 180 से अधिक देवगुड़ियों एवं मातागुड़ी जीर्णोद्धार कार्य स्वीकृत किया जा चुका है। हमारी आस्था के केंद्रों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस हेतु लगातार कार्य कर रहे हैं। रेखचंद जैन ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते विगत दो वर्षों तक ग्रामीण मेला मड़ई में ऐसा उत्साह नजर नहीं आ रहा था। कोरोना संक्रमण कम होने एवं हमारी सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से सीधे पैसे देने की नीति के परिणाम स्वरूप इस वर्ष मेला मड़ई में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को मेला मड़ई की शुभकामनाएं दी तथा ग्राम प्रमुखों के साथ मेला भ्रमण भी किया। इस दौरान विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र साहनी, वरिष्ठ नेता निर्मल लोढ़ा, माटी पुजारी विजय बघेल, जनपद सदस्य घेनवा बघेल, सरपंच चम्पा कश्यप, पुजारी रामचरण बघेल, अशोक कश्यप, तुलाराम बघेल, राजेश कश्यप, सरपंच लैखन गोयल, उप सरपंच पुरषोत्तम कश्यप, युवा कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष संतोष सेठिया, रामदास, जयंती, मीनावती, सोनामनी, सोमारी, नरहरि समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

सम्मान निधि वापसी के लिए दबाव किसानों का अपमान : बघेल

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  • खरीफ की बोनी के पूर्व नोटिस भेज किसानों को परेशान कर रही केंद्र सरकार : लखेश्वर बघेल

बकावंड क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल किसान सम्मान निधि के नाम पर किसानों के खातों में रकम भेजकर अपनी पीठ खुद थपथपाने वाली केंद्र की भाजपा सरकार अब इस रकम की वसूली के लिए नोटिस भेजकर किसानों का अपमान कर रही है। बघेल ने कहा है कि खरीफ की बोनी के वक्त किसानों को पैसे की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों से सम्मान निधि वापस मांगकर मोदी सरकार उन्हें परेशान ही नहीं बल्कि उनका अपमान भी कर रही है। लखेश्वर बघेल ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पहले किसानों के खाते में पैसे डाल उसे किसान सम्मान निधि का नाम दिया और अब उन्हें अपात्र ठहराते हुए रकम की वसूली के लिए राजस्व न्यायालय के जरिए नोटिस भेजा जा रहा है। बघेल ने कहा है कि अधिकांश किसानों ने बैंक खाते से राशि का आहरण कर उसे खर्च भी कर दिया है। ऐसे में केंद्र को रकम लौटाने के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ेगा। बस्तर विधायक ने कहा कि शासन की योजना का लाभ पात्र लोगों को ही मिलता है। अपात्रों को यदि सरकारी योजना का लाभ मिलता है तो कहीं न कहीं इसके लिए सिस्टम दोषी है जो अपना काम सही ढंग से नहीं कर रही है या रिकार्ड अपडेट नहीं कर रही है। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों का कर्ज महज एक घंटे में माफ कर दिया। पूरे देश में सबसे ज्यादा 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी छत्तीसगढ़ में की जा रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हमारी कांग्रेस सरकार दीगर फसल लेने पर किसानों को 9हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से लाभान्वित कर रही है। वहीं कृषि मजदूरों को भी इस योजना के तहत लाभान्वित कर कृषि से जुड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम किया जा रहा है। इसके उलट केंद्र की भाजपा सरकार किसानों की कमाई दोगुनी करने के झूठे वायदे और संकल्प के साथ सत्ता में आई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में तीन काले कानून लाकर पर्दे के पीछे पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने किसानों की पीठ पर खंजर घोपने का काम किया गया। किसानों के लंबे संघर्ष के बाद एक नहीं दो नहीं बल्कि 650 से अधिक मौतों के बाद प्रधानमंत्री जागे और उन्हें तीनों काले कानून वापस लेने पड़े। इससे साबित होता है कि केंद्र मोदी सरकार किसान विरोधी है।

बस्तर तहसील में 1698 किसानों को नोटिस

बघेल ने कहा है कि किसान सम्मान निधि के नाम पर केंद्र सरकार किसानों के खाते में महज तीन-चार हजार की मामूली रकम ही डाल रही है। यह रकम भी न जाने क्यों कभी कम तो कभी ज्यादा मिलती है।साफ शब्दों में कहें तो इसमें ढेरों विसंगतियां और अनियमितता है किसानों के खाते में पहले तो रकम डाल कर उनका सम्मान करने की वाहवाही बटोरी गई और अब उन्हें अपात्र ठहरा कर रकम वापस मांगी जा रही है बस्तर तहसील के 1698 किसानों को नोटिस भेज किसान सम्मान निधि के नाम पर प्राप्त राशि को तहसील न्यायालय में पेश होकर जमा करने कहा गया है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय ही नहीं, उनका अपमान भी है और इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार केंद्र में बैठी भाजपा सरकार है।

युवा जोश और बुजुर्गों के अनुभव के दम पर फिर जीतेगी कांग्रेस

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  • विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने बस्तर में शुरू किया अभियान
  • कार्यकर्त्ताओं को सिखाए जा रहे हैं नेतृत्व क्षमता विकास के गुर

तोकापाल आगामी विधानसभा चुनावों में जीत कैसे हासिल करनी है, इसके लिए कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है। जगदलपुर में हुए कांग्रेस के संभाग स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मेलन से पार्टी कार्यकर्त्ताओं और नेताओं का जोश हाई है। नई ऊर्जा से ओतप्रोत कार्यकर्त्ताओं और नेताओं को अब नेतृत्व क्षमता के गुर सिखाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने अपने युवा कार्यकर्त्ताओं के जोश और वरिष्ठ नेताओं के अनुभवों के दम पर बंपर जीत हासिल करने की प्लानिंग कर ली है। इसी के तहत संभाग भर में पार्टी के लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन (एलडीएम) के तहत बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। ऐसी ही एक कार्यशाला तोकापाल में भी हुई।तोकापाल के सामुदायिक भवन में आयोजित बैठक सह कार्यशाला में आयोजित किया गया।

सांसद एवं बस्तर के छह विधानसभा क्षेत्रों के एलडीएम प्रभारी दीपक बैज, एलडीएम छत्तीसगढ़ प्रभारी राहुल बल, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बलराम मौर्य आरंग के एलडीएम प्रभारी, लोहंडीगुड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण कश्यप, तोकापाल सहदेव नाग, बस्तानार से चंद्रशेखर ठाकुर, दरभा से वीरसिंग, सौरभ तिवारी, महादेव नाग, रुक्मणि कर्मा, गणेश कावड़े समेत एलडीएम के सदस्य उपस्थित थे। सांसद दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार ने जनहित में जो कार्य किए हैं, उनके दम पर कांग्रेस की जीत पक्की हो गई है। वहीं हमारे नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी पूरे देश में सकारात्मक असर हुआ है। लोगों का झुकाव फिर से कांग्रेस की ओर बढ़ा है। छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही केंद्र में भी कांग्रेस की सरकारें बननी तय है। हमें अति आत्मविश्वास में न पड़ते हुए इस जीत को ऐतिहासिक बनाने के लिए काम करना है। बैज ने एलडीएम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में आप लोगों में से कोई पंच, सरपंच, जनपद व जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष, विधायक या फिर सांसद बन सकते हैं। पार्टी नेतृत्व की मंशा है कि अभी से आप लोगों में नेतृत्व क्षमता का विकास हो, ताकि देश, राज्य और कांग्रेस पार्टी को सही दिशा मिल सके। राहुल बल, विधायक बेंजाम और बलराम मौर्य ने भी मार्गदर्शन दिया।

कमल खिलाना है तो सरोवर से जलकुंभी उखाड़े भाजपा

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए अब सीमित समय बचा है। राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों के साथ साथ बसपा, जनता कांग्रेस, आप सहित अन्य दल अपनी तैयारी में तेजी से लगे हुए हैं। कांग्रेस के संभागीय सम्मेलन चल रहे हैं। बस्तर संभाग की 12, बिलासपुर संभाग की 24 और दुर्ग संभाग की 20 सीटें जीतने के लिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के जोश को बढ़ाते हुए 2018 से बेहतर प्रदर्शन करने कहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह रहे हैं कि इस बार 71 सीट से आगे जाएंगे। उनका यह अनुमान कांग्रेस के प्रत्याशियों पर निर्भर करेगा। आम तौर पर मौजूदा विधायक ही मैदान में होंगे। कुछ विधायकों की टिकट कटेगी। मुख्यमंत्री ऐसे विधायकों को तीन चार माह में प्रदर्शन सुधारने की सलाह देते हुए कह रहे हैं कि फिर टिकट नहीं कटेगा। वे यह भी बता रहे हैं कि फैसला आलाकमान करेगा। यानी दिल्ली के पैमाने पर जो विधायक खरे उतरेंगे। उनकी ही टिकट सलामत रहेगी। कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ चुनाव में उतरेगी। इस जंग में कमजोर सिपाही नहीं उतारे जाएंगे। फैसला तो जनता को करना है लेकिन कांग्रेस हर सीट पर जीत की सर्वाधिक संभावना वाले दावेदार के सिर पर हाथ रखेगी।कूड़ा करकट नहीं चलेगा। ऊपरी तौर पर कांग्रेस खुद की मजबूती और भाजपा की कमजोरी के कितने भी दावे करे, लेकिन वह भाजपा को कहीं भी हल्के में नहीं लेगी। कांग्रेस फुल कॉन्फिडेंट है किंतु ओवर कॉन्फिडेंस घातक साबित होता है, इसका उसे अहसास है। तभी तो वह अपने विधायकों के नट बोल्ट टाइट कर रही है। जिनमें जंग लग गई है, जो काम करने की स्थिति में नहीं हैं, वे पुर्जे बदल दिए जाएंगे। पिछले चुनाव के पहले कांग्रेस ने अपनी खरपतवार उखाड़ फेंकना जरूरी समझा और ऐसे हालात पैदा किए कि जो नुकसान पहुंचा रहे हैं, वे निकल जाएं। कांग्रेस का शुद्धिकरण हुआ तो जनता ने उसे हाथोंहाथ लिया। यदि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का विभाजन नहीं हुआ होता तो भाजपा को हटाना आसान नहीं था। कांग्रेस कलह में डूबी रहती और भाजपा का कमल खिलता रहता। भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सुनियोजित तरीके से सफाई अभियान चलाया। सियासी गाजरघास छंट गई तो कांग्रेस एकजुट हो गई। नतीजा यह रहा कि बस्तर की 12 में से 11 सहित राज्य की 90 में से 68 सीटें जीतीं। उपचुनावों में यह संख्या 71 हो गई। इसके विपरीत 2018 के चुनाव के डेढ़ साल पहले से तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने विधायक साथियों को टास्क देते रहे। कोई फर्क नहीं पड़ा। 15 साल की सरकार में कमल सरोवर में जलकुंभी पट गई। उसे उखाड़ने की दरकार थी लेकिन भाजपा अति आत्मविश्वास की गिरफ्त में थी। तब ये तो होना ही था। अब भी वही स्थिति है। बस्तर में भाजपा के दिग्गज खूब ताल ठोंक रहे हैं लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं को तक यह नहीं समझ आ रहा कि ये बड़े नेता मतदाता के मन को कैसे जीत सकते हैं जब भाजपा का स्थानीय तन जनता से दूर है। यदि भाजपा को कांग्रेस से मुकाबला करना है तो पहले अपने तालाब की जलकुंभी को उखाड़कर कमल खिलने की जगह बनाये। वरना सत्ता में आने का सपना भूल जाये।

विधायक रेखचंद के जन्मदिन पर कल होगी दीन – दुखियों की सेवा

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  • जैन पीड़ितों – दुखियारों की सेवा को समर्पित करेंगे यह विशेष दिन
  • क्षेत्र के बड़े बुजुर्ग और हर आम व खास पहुंचेंगे उन्हें आशीर्वाद देने

जगदलपुर मानव सेवा ही माधव सेवा के उद्देश्य के साथ काम करने वाले जिस व्यक्ति ने मानव योनि में अपने जन्म को मानव सेवा के लिए समर्पित मान रखा है, वह व्यक्ति अपने जन्मदिन पर केक काटकर और लंच – डिनर की पार्टी देकर आत्ममुग्ध होता रहेगा, यह मुमकिन ही नहीं है। जी हां, हम बात कर रहे हैं जनसेवा के लिए हर पल तत्पर रहने वाले जगदलपुर के विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन की। जैन का जन्मदिन 11 जून को है। इस बार भी वे अपने इस खास दिन को दरिद्र नारायण की सेवा के लिए समर्पित करने वाले हैं।जरूरतमंदों, पीड़ितों, गरीबों और दुखियों की यथा संभव सेवा करना विधायक रेखचंद जैन के परिवार की शुरू से परंपरा रही है। उनके पूर्वज हमेशा इस पुनीत कार्य में अग्रणी रहते थे। अब इस कुल परंपरा को रेखचंद जैन आगे बढ़ा रहे हैं। उनके विधायक चुने जाने के बाद यह परंपरा थमी नहीं, बल्कि उसका विस्तार हुआ और उसमें थोड़ी गति भी आई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष कृपा उन पर शुरू से रही है। लिहाजा मुख्यमंत्री के सहयोग से रेखचंद जैन लगातार अपने निर्वाचन क्षेत्र के हर तरह के पीड़ितों को भरपूर आर्थिक मदद शासन की ओर से उपलब्ध कराते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष से वे सैकड़ों लोगों को आर्थिक सहायता दिलवा चुके हैं। चंद रुपए देकर खामोश बैठ जाने वालों से इतर संसदीय सचिव रेखचंद जैन लोगों के आंसू पोंछने और उनका दुख दर्द साझा करने में भी पीछे नहीं रहते। उनकी सदायता और संवेदनशीलता के अनेकानेक प्रमाण सामने आ चुके हैं। किसी के घर में किसी का निधन हो जाए, जैन खबर मिलते ही शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि वे विधानसभा क्षेत्र में सबके दुलारे बन चुके हैं।

कल पूरे दिन विशेष कार्यक्रम

अपने जन्मदिन पर रेखचंद जैन अपनी धर्मपत्नी संगीता जैन और बच्चों के साथ सबसे पहले कुल देवी की पूजा करेंगे। इसके बाद वे बस्तर की आराध्या मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर माता का आशीर्वाद लेंगे। फिर वे सभी धर्मों के प्रार्थना स्थलों पर जाकर प्रार्थना करेंगे और दुआएं मांगेंगे। वृद्धाश्रम, अनाथ आश्रम में बड़े बुजुर्गों और बच्चों के संग अपने जन्मदिन की खुशियां शेयर करेंगे। गौशाला, गोठान में जाकर गौमाता को चारा, गुड़ आदि खिलाएंगे। उसके बाद कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं और शुभचिंतकों द्वारा 11 जून रविवार को जगदलपुर के शहीद पार्क के पीछे स्थित वीर सावरकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में जैन सपरिवार भाग लेंगे। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विविध आयोजन होंगे। इस दौरान जैन दंपत्ति के हाथों से जरूरतमंदों को जीवनोपयोगी वस्तुएं वितरित की जाएंगी।

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