झूठे वादे विकासवाद का थोथा नारा देकर प्रदेश सरकार अपने नाकमियों को रही छुपा
दल्लीराजहरा 10 फरवरी । सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान भाजपा की सोच किसानों के प्रति कभी नही रही पर प्रतिक्रिया देते सांसद प्रतिनिधि ने कहा की यह वही मुख्यमंत्री है जो छत्तीसगढ़ की जनता व युवाओं से 36 वादे किये थे जिसमें एक भी वादे को पुरा नही किया। 4 साल प्रदेश की सत्ता में रहने के बाद भी 2017 से किसानों का कर्ज अभी तक माफ नही किया किसानों को उनकी फसल का दो सालों का बकाया बोनस अभी तक नही मिला,साथ ही विक्रम ध्रुवे ने यह भी आरोप लगाया की कांग्रेस की भूपेश सरकार पीएम आवास रोक कर गरीबों के उपर कुठाराघात किया है। राज्य सरकार के अंशदान नही मिलने के कारण गांव के ग्रामिण आवास योजना के कारण कर्ज में डूब गये है आधे अधूरा आवास का निर्माण कर गांव के ग्रामीण आज भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने राशि की आस लगाये बैठे है। विक्रम ध्रुवे ने कांग्रेस सरकार पर यह भी आरोप लगाया की भूपेश सरकार इन चार सालों की सत्ता में रह कर झूठे वादे विकासवाद का थोथा नारा देकर अपने नाकमियों को छिपाने का बेखूबी कार्य करते हुए प्रदेश के किसान युवा व आम जनता को भ्रमित कर रही है।साथ ही यह भी कहा की छत्तीसगढ़ राज्य के भूपेश सरकार को विकास कार्यों के लिए मोदी सरकार ने नौ हजार चार सौ करोड़ रूपये से भी ज्यादा राशि दिये है उसके बाबजूद प्रदेश में विकास कार्य शुन्य है।
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सीएम भूपेश बघेल को अपने बीच पाकर खुशी से झूम उठे ग्रामीण
पाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्राम धौंराभांठा के ग्रामीणों को हैरत में डाल दिया। अचानक उड़नखटोला गांव में उतरा, जिसे देख ग्रामीण हड़बड़ा गए। उड़नखटोले से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बाहर आते देखकर तो ग्रामीणों की आंखें फटी रह गईं। बघेल हेलीपेड से सीधे धौंराभांठा स्थित कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति राकेश ठाकुर के निवास में जा पहुंचे। एक आम कार्यकर्त्ता के घर में मुख्यमंत्री के इस अंदाज में पहुंचने से ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं की खुशी का पारावार नहीं रहा।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कवर्धा जिले के दौरे पर थे। इसी बीच अचानक दोपहर 12.30 बजे ग्राम धौंराभांठा निवासी किसान नेता, अपेक्स बैंक के डायरेक्टर एवं जिला पंचायत दुर्ग के पूर्व सभापति राकेश ठाकुर को मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा का फोन आया कि मुख्यमंत्री आज आपके निज निवास धौंराभांठा पहुंचने वाले हैं। जिस वक्त सीएम के आने की खबर मिली, राकेश ठाकुर नया रायपुर स्थित अपेक्स बैंक में बोर्ड की मीटिंग में व्यस्त थे। श्री ठाकुर तत्काल परिजनों व कार्यकर्ताओं को सूचना देकर ग्राम धौंराभांठा के लिए रवाना हो गए। जब तक श्री ठाकुर निवास पहुंचते, तब तक सीएम के सुरक्षा अधिकारी व प्रशासनिक अमला उनके निवास पहुंच चुके थे। कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों की खासी भीड़ लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि विगत कुछ दिनों से श्री ठाकुर के निवास में मुख्यमंत्री का आगमन होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मुख्यमंत्री इस तरह अचानक पहुंच जाएंगे ऐसा किसी ने भी सोचा नहीं था। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही राकेश ठाकुर ने परिवारजनों और कार्यकर्त्ताओं के साथ मुख्य द्वार पर उनकी आरती उतारी थाल व गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर परिवार के लोगों व कार्यकर्तओं से मजाकिया लहजे में व पारिवारिक अंदाज में बातें करते रहे। उन्होंने कहा कि व्यस्तता के कारण काफी समय से धौंराभांठा नहीं पहुच पाया था, आज समय मिलते ही आप सभी के बीच आया हूं। इस तरह अचानक एक कांग्रेस कार्यकर्ता के घर मुख्यमंत्री का आना चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके मायने कई तरह के निकाले जा रहे हैं। लोग मुख्यमंत्री की सदाशयता व सरलता की तारीफ कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र साहू, कृषि उपज मंडी दुर्ग के अध्यक्ष अश्वनी साहू, साख सहकारी समिति के अध्यक्ष जवाहर वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाटन के अध्यक्ष महेंद्र वर्मा,लक्ष्मण चंद्राकर, विकास दुबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जामगांव आर के राजेश ठाकुर, जोन प्रभारी भेष आठे, हरीश ठाकुर, जनपद सदस्य अंशु रजक, पहंडोर सोसायटी अध्यक्ष पुरुषोत्तम तिवारी, शाकंभरी बोर्ड के सदस्य पवन पटेल, युवा नेता पालेश्वर ठाकुर, लोचन यादव, किसन भारती, सरपंच बिंदेश्वरी मेश्राम, उप सरपंच राजेश्वरी शेखर चंद्राकर, पंच ऐस कुमार यादव, छबि ठाकुर, कुणाल मिथलेश, भरत साहू व अन्य मौजूद थे।
जिला किसान मोर्चा के नए अध्यक्ष मोहन देवांगन व अजा मोर्चा जिला अध्यक्ष नेताम का हुआ स्वागत
पूर्व अध्यक्ष वाजपेयी का किया गया सम्मान, अहम मुद्दों पर चर्चा
भिलाई भाजपा किसान मोर्चा जिला भिलाई की परिचयात्मक बैठक इंडियन कॉफी हाउस में हुई। किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष मोहन देवांगन व अनुसूचित जाति मोर्चा के नए जिलाध्यक्ष राजूलाल नेताम का भव्य स्वागत किया गया। किसान मोर्चा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वाजपेयी का सम्मान कर पदाधिकारियों ने किया। बैठक में जिलाध्यक्ष देवांगन ने रायपुर के कुशभाऊ ठाकरे परिसर में हुई भाजपा के सातों मोर्चो की बैठक के निष्कर्ष की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर की बैठक में 2023 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। राज्य में खाद बीज की अनियमित आपूर्ति, गोवंश की दुर्दशा व तस्करी, गोठान व गोधन न्याय योजना की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार, बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र समेत अन्य भागों में आदिवासियों, दूसरी जाति के लोगों का प्रलोभन देकर कराए जा रहे धर्मान्तरण आदि मुद्दों को लेकर जन जागरण अभियान चलाने पर सार्थक चर्चा हुई। देवांगन ने कहा कि मिशनरियां आदिवासियों, गरीबों और हिंदू समुदाय के लोगों को लोभ लालच देकर और बीमारों को ठीक करने का ढोंग रचकर उनका धर्मान्तरण करा रही हैं। नारायणपुर में हुई घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है, जहां धर्मान्तरण का विरोध करने वाले आदिवासियों पर पुलिस ने डंडे बरसाए और उनके ही खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर लिए। मोहन देवांगन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने, कोदो, कुटकी, कुल्थी, मक्का जैसे मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ाने व इनकी फसलें लेने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं शुरू की हैं। किसानों को हर साल छह हजार रु. की सम्मान निधि केंद्र सरकार दे रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर हमें जनता के बीच जाना होगा। देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों को ठगने का काम कर रही है, केंद्र की योजनाओं को अपना बताकर झूठी वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रही है। इसका हमें पर्दाफाश करना है। मोहन देवांगन ने नई जिम्मेदारी के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि वे किसानों के हित में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। किसान मोर्चा के जिला महामंत्री श्याम सुंदर जायसवाल ने बताया कि इस दौरान किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष मोहन देवांगन, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजूलाल नेताम का स्वागत और किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष वाजपेयी का सम्मान किया गया। बैठक में मोहन देवांगन, निश्चय वाजपेयी, महामंत्री राजूलाल नेताम, अवध शाह, कमल नारायण चंद्राकर, अयोध्या देशलहरे, श्याम सुंदर जायसवाल, दीपक यादव, राजेंद्र यादव, प्रदीप साहू, चंद्रकिशोर साहू, अविनाश दिल्लीवार, रोहित यादव, आशीष पाण्डेय व अन्य उपस्थित थे।
जिला किसान मोर्चा के नए अध्यक्ष मोहन देवांगन व अजा मोर्चा जिला अध्यक्ष नेताम का हुआ स्वागत
पूर्व अध्यक्ष वाजपेयी का किया गया सम्मान, अहम मुद्दों पर चर्चा
भिलाई भाजपा किसान मोर्चा जिला भिलाई की परिचयात्मक बैठक इंडियन कॉफी हाउस में हुई। किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष मोहन देवांगन व अनुसूचित जाति मोर्चा के नए जिलाध्यक्ष राजूलाल नेताम का भव्य स्वागत किया गया। किसान मोर्चा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वाजपेयी का सम्मान कर पदाधिकारियों ने किया। बैठक में जिलाध्यक्ष देवांगन ने रायपुर के कुशभाऊ ठाकरे परिसर में हुई भाजपा के सातों मोर्चो की बैठक के निष्कर्ष की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर की बैठक में 2023 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। राज्य में खाद बीज की अनियमित आपूर्ति, गोवंश की दुर्दशा व तस्करी, गोठान व गोधन न्याय योजना की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार, बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र समेत अन्य भागों में आदिवासियों, दूसरी जाति के लोगों का प्रलोभन देकर कराए जा रहे धर्मान्तरण आदि मुद्दों को लेकर जन जागरण अभियान चलाने पर सार्थक चर्चा हुई। देवांगन ने कहा कि मिशनरियां आदिवासियों, गरीबों और हिंदू समुदाय के लोगों को लोभ लालच देकर और बीमारों को ठीक करने का ढोंग रचकर उनका धर्मान्तरण करा रही हैं। नारायणपुर में हुई घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है, जहां धर्मान्तरण का विरोध करने वाले आदिवासियों पर पुलिस ने डंडे बरसाए और उनके ही खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर लिए। मोहन देवांगन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने, कोदो, कुटकी, कुल्थी, मक्का जैसे मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ाने व इनकी फसलें लेने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं शुरू की हैं। किसानों को हर साल छह हजार रु. की सम्मान निधि केंद्र सरकार दे रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर हमें जनता के बीच जाना होगा। देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों को ठगने का काम कर रही है, केंद्र की योजनाओं को अपना बताकर झूठी वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रही है। इसका हमें पर्दाफाश करना है। मोहन देवांगन ने नई जिम्मेदारी के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि वे किसानों के हित में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। किसान मोर्चा के जिला महामंत्री श्याम सुंदर जायसवाल ने बताया कि इस दौरान किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष मोहन देवांगन, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजूलाल नेताम का स्वागत और किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष वाजपेयी का सम्मान किया गया। बैठक में मोहन देवांगन, निश्चय वाजपेयी, महामंत्री राजूलाल नेताम, अवध शाह, कमल नारायण चंद्राकर, अयोध्या देशलहरे, श्याम सुंदर जायसवाल, दीपक यादव, राजेंद्र यादव, प्रदीप साहू, चंद्रकिशोर साहू, अविनाश दिल्लीवार, रोहित यादव, आशीष पाण्डेय व अन्य उपस्थित थे।
रमन और मोदी को आइना दिखा चुके हैं बस्तर के जागरूक मतदाता
जगदलपुर संसदीय सचिव और जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि आदिवासी आरक्षण पर नड्डा की चुप्पी बस्तरियों को चुभ रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के बस्तर आगमन पर यहां के लाखों परिवारों में यह आस जगी थी कि वे आरक्षण पर भाजपा का पक्ष रखने के साथ उन लाखों परिवारों की चिंता कर कोई राहत दिलाने की घोषणा करेंगे लेकिन वे महज भाषण ठोंककर चले गए। उनकी सभा में मौजूद भाजपा के वे हजारों कार्यकर्ता भी दुखी व मायूस हुए जो नौकरी व रोजगार के माध्यम से अपने बच्चों का भविष्य संवरने का सपना लेकर पहुंचे थे। मीडिया को जारी बयान में जैन ने कहा है कि बस्तर की जागरूक जनता को अब भाजपा नहीं बरगला सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा ने नवंबर 2022 को सर्वसम्मति से राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग का आरक्षण तय किया था। राज्य के आदिवासी समुदाय का बड़ा हिस्सा बस्तर में निवासरत है. बस्तर संभाग में औसतन 75%जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है. बस्तर की पहचान देश के प्रमुख जनजातीय क्षेत्र के रूप में है. ऐसे में यहाँ के मूलनिवासी आदिवासी समुदाय के लोग यह आश्वस्त थे कि नड्डा अपने सम्बोधन में इस बात का उल्लेख करेंगे और राज्यपाल क़ो आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर करवाने के लिये कोई ठोस घोषणा मंच से करेंगे लेकिन नड्डा महज इधर उधर की बात कर चले गए. इससे सभा में आये हजारों अ ज जा समुदाय के लोग निराश हुए. जैन ने कहा है कि राज्यपाल के हस्ताक्षर न करने से छत्तीसगढ़सहित बस्तर में रोस्टर प्रणाली प्रभावित हो रही है. रोजगार के साथ दाखिले पर पडने वाले असर का प्रभाव आगामी दिनों में नजर आयेगा. भाजपा की चुप्पी आरक्षित वर्गो पर भारी पड़ रही है. जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि नड्डा अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का बखान करते रहे जबकि चार साल पहले बस्तर की जनता ने उन्हें, उनके कुशासन और उनके प्रतिनिधियों क़ो रिजेक्ट कर दिया था. नड्डा क़ो जनता क़ो यह भी बताना चाहिए कि क्या आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा डॉ रमन सिंह क़ो अपना मुख्यमंत्री का चेहरा मानती है. बस्तर लोकसभा सीट पर जनता ने कांग्रेस क़ो आशीर्वाद दिया था. यहां के जागरूक मतदाता लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में श्री मोदी व डॉ रमन क़ो आइना दिखा चुके है. महंगाई, बेरोजगारी आदि पर भाजपा के बोल की पोल खुल चुकी है. जनता श्री नड्डा के झांसा में नहीं आने वाली है ।
इस मुसीबत से बचाएं, वरना गांव छोड़कर कहीं और चली जाएंगी
इस्पात संयंत्र से उठने वाली तेज आवाज से थरथराने लगती हैं दीवारें, बदबू से जीना हुआ दूभर
स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ रहा है प्रतिकूल असर, बच्चे हैं परेशान
अर्जुन झा
बकावंड हमें इस मुसीबत से जल्द छुटकारा दिलाएं, हम ऐसे माहौल में न तो चैन से जी पा रही हैं और न ही पढ़ाई कर पा रही हैं। सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। प्लीज कुछ कीजिए, हमें बचा लीजिए वरना हम गांव छोड़कर कहीं और चली जाएंगी। ये पीड़ा है उन छात्राओं का, जो नगरनार इस्पात संयंत्र से उठने वाली तेज गड़गड़ाहट और जानलेवा बदबू से बुरी तरह परेशान हैं। नगरनार इस्पात संयंत्र बकावंड विकासखंड और पड़ोसी राज्य ओड़िशा के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों के लिए भी मुसीबत का सबब बन गया है।
यह संयंत्र लोगों की नींद लूट रहा है, चैन छीन रहा है और दम घोंट रहा है। संयंत्र के करीब स्थित मकानों के लोग तो घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। दस ग्राम पंचायतों के आदिवासियों की कृषि भूमि तथा शासकीय जमीन अधिग्रहित कर नगरनार में इस्पात संयंत्र की स्थापना की गई है। संयंत्र की विभिन्न यूनिटों में ट्रायल चल रहा है। इसी कारण ग्रामीणों के लिए तरह तरह की परेशानियों का दौर शुरू हो गया है। ग्रामीण बताते हैं कि संयंत्र से इतनी तेज गड़गड़ाहट वाली आवाज आती है कि मीलों दूर रहने वाले लोग भी दहल उठते हैं। कान के पर्दे फटने लगते हैं, धरती और मकानों की दीवारें थरथराने लगती हैं। गड़गड़ाहट इतनी तेज रहती है आमने सामने खड़े व्यक्ति भी एक दूसरे की आवाज सुन नहीं पाते। जब गड़गड़ाहट शुरू होती है, तो वाईब्रेशन की वजह से वस्तुएं खिसकने लग जाती हैं, सिलिंग फैन हिलने लगते हैं, ऊपर पटियों पर रखे बर्तन व सामान नीचे गिर जाते हैं। लोग चैन से सो नहीं पाते। यह तेज गड़गड़ाहट बकावंड विकासखंड तथा बस्तर संभाग की सीमा से लगे ओड़िशा के गांवों तक भी सुनाई देती है। इन गांवों के लोग भी परेशान हो चले हैं। वहीं संयंत्र से अक्सर इतनी तेज बदबू उठती है कि लोगों का दम घुटने लगता है, सांस लेना और खाना पीना भी मुश्किल हो जाता है। उबकाईयां आने लगती हैं। बदबू भरा वातावरण घंटों बना रहता है। संयंत्र में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों का कहना है कि तेज शोर और धमाकों जैसी गड़गड़ाहट पॉवर एंड ब्लोइंग स्टेशन से तब उठती है, जब कोयला जलाने के लिए इस स्टेशन में गैस सप्लाई शुरू की जाती है। वहीं बदबू गैस लीक होने के कारण उठती है।
बकावंड ब्लॉक के प्रभावित गांव
नगरनार इस्पात संयंत्र की कानफोड़ू आवाज और असहनीय बदबू से सिर्फ नगरनार व आसपास की पंचायतों के गांवों के लोग ही परेशान नहीं हैं, बल्कि बकावंड विकासखंड और ओड़िशा के अनेक गांवों के ग्रामीण भी हलकान हो चले हैं। बकावंड जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बनियागांव, मूली, किंजौली, तारापुर, करितगांव, मालगांव, पीठापुर, पाइकपाल, उलनार तथा बकावंड विकासखंड की सीमा से लगे ओड़िशा के कोसागुमड़ा व अन्य समीपी गांवों तक इस्पात संयंत्र से उठने वाली गड़गड़ाहट की तेज आवज का दुष्प्रभाव देखने में आया है। बनिया गांव के सरपंच भंवर भारती ने बताया कि गांव तक बदबू तो नहीं पहुंचती, लेकिन संयंत्र से आने वाली आवाज इतनी तेज रहती है कि लगता है जैसे बादलों के दर्जनों बड़े बड़े टुकड़े आपस में टकरा रहे हों। बादलों की गर्जना भी संयंत्र की तेज गड़गड़ाहट के सामने हल्की लगती है। भारती ने बताया की गड़गड़ाहट के दौरान जमीन कांपती सी और मकानों की दीवारें हिलती सी लगती हैं। घरों में रखे सामान गिर पड़ते हैं। तारापुर के सरपंच आयतु राम ने बताया की तेज गड़गड़ाहट की आवाज और भीषण बदबू से तारापुर व अन्य गांवों के लोग परेशान हो गए हैं। स्कूलों में पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। आयतुराम ने कहा कि अंचल के सभी सरपंच इस मसले को लेकर जल्द ही क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात करेंगे।
स्कूलों में पड़ रहा पढ़ाई पर व्यापक असर
इस्पात संयंत्र से आने वाली तेज गर्जना और दमघोंटू बदबू से नगरनार व आसपास के गांवों के साथ ही बकावंड क्षेत्र की शालाओं में भी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला की छात्र शिवकुमारी कश्यप व अन्य छात्राओं तथा बकावंड क्षेत्र की शालाओं के विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षाएं नजदीक हैं और हम ढंग से पढ़ नहीं पा रही हैं। टीचर जब पढ़ाते व लेक्चर देते हैं, तो हम उनकी आवाज सुन नहीं पाते। टीचर के भी कानों तक हमारी आवाज नहीं पहुंच पाती। बदबू इतनी असहनीय होती है कि उबकाई आने लगती है, दम घुटने लगता है और सांस लेना और भोजन करना दूभर हो गया है। शिवकुमारी व अन्य छात्राओं ने कहा कि ऐसे माहौल में एक पल भी रह पाना कठिन हो गया है। मन करता है अपना गांव – घर छोड़कर कहीं और चले जाएं। छात्राओं ने शासन प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि हमें इस मुसीबत से बचाने के लिए जल्द से जल्द कोई रास्ता निकालें।
ध्यान नहीं दे रहा है प्रबंधन : लेखनराम बघेल
नगरनार के सरपंच लेखन राम बघेल ने बताया कि हम लोग इस संबंध में संयंत्र प्रबंधन के समक्ष विरोध जता चुके हैं। संयंत्र प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। प्रबंधन का कहना है कि अभी ट्रायल चल रहा है, इसलिए ऐसी परेशानियां आ रही हैं। बाद में कोई परेशानी नहीं होगी। सरपंच बघेल ने बताया कि संयंत्र के लिए कुल दस ग्राम पंचायतों और बारह गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। प्रभावित भूमि स्वामियों में से करीब ढाई सौ लोग अभी भी इस्पात संयंत्र में नौकरी पाने से वंचित हैं। उन्हें जल्द नौकरी मिलनी चाहिए। बघेल ने कहा कि संयंत्र हमेशा शासकीय रहेगा कहकर हम लोगों से जमीन ली गई है। अब पता चल रहा है कि केंद्र सरकार संयंत्र का निजीकरण करने जा रही है। केंद्र सरकार के इस फैसले का हम सभी सरपंचों और ग्रामवासियों ने विरोध किया है।
हॉस्पिटल का कोई अता – पता नहीं : नागेश
संयंत्र प्रभावित ग्राम पंचायत करनपुर के सरपंच तिरुपति नागेश ने कहा कि तेज गड़गड़ाहट की आवाज उनके गांव तक भी सुनाई देती है। कंपन सा महसूस होने लगता है। लोग सो नहीं पाते। बदबू तो ऐसी रहती है मानों सैकड़ों सड़े अंडे पास में ही फेंक दिए गए हों। कई लोग बदबू की वजह से बेहोश भी हो चुके हैं। नागेश ने बताया कि प्रबंधन ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने के नाम पर कोपागुड़ा में जमीन भी सुरक्षित कर रखी है, लेकिन लगभग 22 साल बाद भी हॉस्पिटल के नाम एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी है। वहीं सीएसआर मद से भी काम नहीं हो रहा है।
बच्चों के भविष्य से न हो खिलवाड़
संयंत्र से आधा किमी की दूर स्थित हायर सेकंडरी स्कूल तथा गांव के अन्य स्कूलों में संयंत्र से उठने वाली तेज आवाज और बदबू के कारण पढ़ाई चौपट हो रही है। शिक्षक क्या समझा रहे हैं और क्या पढ़ा रहे हैं, यह बच्चों को जरा भी समझ में नहीं आता। शिक्षकों की आवाज बच्चों तक पहुंच ही नहीं पाती। हायर सेकंडरी स्कूल के लेक्चरार संजय कुमार झा और सुमित्रा देवांगन ने बताया कि वे जब अपनी क्लास में लेक्चर दे रहे होते हैं, तभी संयंत्र से तेज गड़गड़ाहट की आवाज उठने लग जाती है और इसकी वजह से हमारी बातें बच्चे सुन नहीं पाते। इसलिए हमें बड़ी ही तेज आवाज में पढ़ाई करवानी पड़ती है। बच्चे अपनी बात रखते हैं, वह हमें सुनाई नहीं देती। झा और श्रीमती देवांगन ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा बुरा असर पड़ रहा है। उनके भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
मकान छोड़कर जाने मजबूर हैं किराएदार
नगरनार के ग्रामीण सुरेश कुमार नाग ने कहा कि तेज आवाज और बदबू से बच्चे बूढ़े सभी परेशान हैं। गड़गड़ाहट इतनी तेज रहती है कि बच्चों और बुजुर्गों के दिल की धड़कन बढ़ जाती है। संयंत्र के डेढ़ दो किमी के दायरे में स्थित मकानों में किराए से रह रहे कर्मचारी और दूसरे लोग इस परेशानी की वजह से मकान छोड़ रहे हैं और दूसरी जगहों पर किराए का मकान लेकर रहने लगे हैं। इससे हमारी आय का जरिया छिन रहा है। सुरेश कुमार ने बताया कि शाम के समय आवाज और ज्यादा तेज हो जाती है।
हराम हो गई है नींद, जीना हो गया दूभर : मिश्रा
सामाजिक कार्यकर्त्ता रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। रात में लोग सो नहीं पाते। नींद आ भी गई, तो कुछ ही देर में फिर अचानक तेज गड़गड़ाहट शुरू हो जाती और दोबारा नींद नहीं आती। मिश्रा ने बताया कि किराएदार मकान छोड़कर दूसरी जगहों पर जाने लगे हैं। संयंत्र प्रबंधन को जल्द ही दोनों समस्याओं का हल निकालना चाहिए। ग्राम उपनपाल निवासी बुधराम गोयल ने कहा कि सुबह 8 बजे से और शाम को 4 बजे से लगातार दो दो घंटे तक बेहद तेज आवाज संयंत्र से उठती रहती है। बदबू डेढ़ दो घंटे तक उठती रहती है। इसकी शिकायत ग्रामसभा में और संयंत्र प्रबंधन से भी कर चुके हैं। संयंत्र प्रबंधन का कहना है कि अभी शुरूआती दौर है इसलिए ऐसा हो रहा है। बाद में ऐसी समस्या नहीं आएगी।
सिरदर्द, अनिद्रा और बहरेपन की शिकायत बढ़ी
नगरनार के मेडिकल स्टोर संचालक सोनी ने बताया कि तेज शोर, गड़गड़ाहट और बदबू के कारण नगरनार समेत आसपास के सभी गांवों के लोगों में सिरदर्द, माईग्रेन, अनिद्रा, बहरेपन, एलर्जी जैसी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसी शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। उनके पास दवा लेने आने वालों में ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। सोनी ने बताया कि शोर इतना ज्यादा होता है कि लोगों का बात करना मुश्किल हो जाता है।
मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा
जो भी बातें हैं, उन्हें लिखकर दीजिए, साथ ही अपना नाम और पद भी लिखकर दें, तभी जवाब दूंगा। अभी कुछ भी नहीं कहूंगा। रफीक अहमद संवाद एवं संचार प्रमुख एनएमडीसी, नगरनार संयंत्र
बड़े जीराखाल गांव के 170 लोगों ने ग्रहण की कांग्रेस की सदस्यता
पूरी बस्ती को कांग्रेसमय बना दिया
बस्तर :- एक दौर था, जब बस्तर विधानसभा क्षेत्र के आखिरी छोर पर बसे गांव जीराखाल में कांग्रेस का कोई नामलेवा नहीं था। यह पूरी तरह भाजपाई गांव था, लेकिन क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल ने इस गांव से भाजपा की जड़ें खोद डाली हैं। लगभग पूरा गांव अब कांग्रेसी हो चला है। विधायक बघेल के समक्ष यहां के 170 ग्रामीणों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है।बड़े जीराखाल (टेंपलपारा) की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता था।
विधायक लखेश्वर बघेल की राजनीतिक पकड़, जन समस्याओं के निराकरण के प्रति सजगता और लोगों से उनके सतत संपर्क ने जीराखाल वासियों का दिल जीत लिया। पहले इस बस्ती के लोग भाजपा समर्थक थे। कांग्रेस को पसंद करने वाले इक्का दुक्का लोग ही यहां थे। संभाग के लोगों के बीच टाइगर व दादा नाम से मशहूर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने इस अंदरूनी गांव के लोगों के प्रति उतना ही प्रेम, स्नेह, भाईचारा दिखाया, जितना कि अन्य गांवों के प्रति वे रखते हैं। बड़े जीराखाल की समस्याओं को दूर करने में उन्होंने हमेशा गंभीरता दिखाई। इसका नतीजा यह हुआ कि लोगों का भाजपा से मोहभंग होता चला गया और अब पूरा गांव कांग्रेसमय हो चला है। हर गांव में अलग अलग दलों के समर्थक होते हैं, लेकिन बड़े जीराखाल टेंपलपारा में सिर्फ भाजपा का बोलबाला था। श्री बघेल की व्यवहार कुशलता और सहज सुलभता ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया और उनका हृदय परिवर्तन कर दिया। ग्रामीणों ने विधायक लखेश्वर बघेल को बड़े जीराखाल टेंपलपारा में आमंत्रित किया। श्री बघेल टेम्पलपारा पहुंचकर लोगों से मिले। इस दौरान 170 लोगों ने कांग्रेस पार्टी की अपनी प्राथमिकता सदस्यता ग्रहण कर ली।
क्षेत्र में लिखी विकास की नई गाथा
बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने क्षेत्र में विकास की नई गाथा लिखी है। वे सभी वर्गों को शासन प्रदत्त सुविधाओं से लाभान्वित कर रहे हैं। सन 2000 में जब अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे, तब लखेश्वर बघेल क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य थे। उस दौर से वे बस्तर के नेतृत्व करते हुए महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे। वे बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उस समय भी बघेल मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी को बस्तर की समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों से अवगत कराते थे। उन्होंने जोगी के समक्ष ग्रामीण अंचल में देवगुड़ी निर्माण हेतु योजना रखी थी। जोगी ने प्रत्येक गुड़ी निर्माण के लिए 10 हजार देने की घोषणा की थी। 24 वर्ष पहले की योजना के तहत बनी गुड़ी आज भी मजबूती के साथ खड़ी हुई है। बड़े जीराखाल टेंपल पारा की गुड़ी का दर्शन कर बघेल ने खुशी जताई। बघेल ने कहा कि राज्य में 15 वर्षों तक भाजपा की सरकार रही, लेकिन इस तरह गुड़ी निर्माण कार्य हो या ग्रामीण अंचल की समस्याएं, भाजपा ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारी वर्तमान सरकार ने गुड़ी निर्माण की राशि को बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। उन्होंने टेंपलपारा माता गुड़ी के लिए 5 लाख रु. देने की घोषणा की और कहा कि आलेख महिमा के सदस्यों के लिए जल्द ही पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में दिनेश यदु, धनुर्जय कश्यप, उत्तम नाइक, अर्जुन पांडे, बालचंद, विमल बिसाई, रमेश, मोहन, गंगाधर, फूलसिंह, सोमारु, नरसिंह, रघु, महादेव, भगतू, घेनवा, सुखलाल, बधुराम, बड़रु, मंगलसाय, सुखराम, खतुखुड़ा, नंदा पटेल, दशमूराम, हरेंद्र, कुलधर, मुन्ना, मंकू, भारत, परेश्वर चैतन, रामा, शिवलाल, बिरन, दसरु, नीलम राशु, अंतराम, पतो, देवी, रुपसिंह, सकरू, फूलसाय, ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्त्ता व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
सांसद संतोष पाण्डेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा प्रश्न सांसद संतोष पांडेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रति प्रश्न करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने किए वादों को आज तक पूरा नहीं कर पायी है और केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश की जनता को दी जा रही केन्द्रीय योजनाओं का लाभ भी जनता तक पहुंचने नहीं दे रही है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रश्न करते हुए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 16 लाख मकान बनाना था परन्तु छत्तीसगढ की कांग्रेस सरकार ने राज्यांश नहीं दिया। जिसके कारण आज गरीब आशा में है कि प्रदेश सरकार उस राज्यांश को जल्द जमा करेगी। कब जमा करने वाले हैं कृपया उसकी भी तिथि बताएं। उन्होंने अपना दूसरा प्रश्न पूछते हुए कहा कि छत्तीसगढ़िया की बात कह कर के आप ने राज्यसभा में राजीव शुक्ला, केटीएस तुलसी, रंजीता रंजन को भेजा उन्हें हटा करके बस्तर और सरगुजा के लोगों के प्रतिनिधित्व कर देंगे क्या ? उन्होंने अपना तीसरा प्रश्न करते हुए कहा कि जो कोल का पैसा 540 करोड रुपए तक घोटाला छत्तीसगढ़ में हुआ। जिसमें आइएएस समीर विश्नोई, सुनील अग्रवाल, सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत आपके प्यारेलाल और यह रिश्ता क्या कहलाता है सौम्या चैरसिया जेल के अंदर हैं। 5000 पेज का चार्जशीट कोर्ट में पेश किया है आप वह धन छत्तीसगढ़ के खजाने में कब लाने वाले हैं और इधर-उधर की बात ना कर कोल का पैसा कहा गया यह भी बताएं।
पीसीसी के प्रदेश महामंत्री संगठन अमरजीत चावला को AICC की अनुशासन समिति ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री संगठन अमरजीत चावला को AICC की अनुशासन समिति के मेंबर सेक्रेट्री तारिक अनवर की तरफ से यह नोटिस जारी हुआ है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस सरकार के खिलाफ नेगेटिव कमेंट करने, आरक्षण के विषय पर राज्यपाल के स्टैंड को सपोर्ट करने और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ मुहिम चलाने के आरोप में अमरजीत चावला के खिलाफ अनुशासन समिति ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।आपको बता दें कि 1 हफ्ते के भीतर नोटिस का जवाब मांगा गया है, जिसमें यह पूछा गया है कि क्यों ना आप के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। आपको बता दें कि अमरजीत चावला के अलावा पूर्व मंत्री अरविंद नेताम को भी पार्टी विरोधी बयानबाजी के मामले में नोटिस जारी किया गया है। कांग्रेस सरकार के खिलाफ काम करने और भानुप्रताप उपचुनाव में आदिवासी समाज के कैंडिडेट को समर्थन करने के आरोप में नेताम के खिलाफ नोटिस जारी हुआ है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का छत्तीसगढ़ प्रवास
अर्जुन झा
जगदलपुर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 11 फरवरी को जगदलपुर प्रवास पर आ रहे हैं। उनके आगमन को छत्तीसगढ़ में चुनावी शंखनाद के तौर पर देखा जा रहा है, मगर उनका यह प्रवास ऐसी विकट घड़ी में हो रहा है, जब राज्य में भाजपा तिनके तिनके में बिखरी और भाजपा के कार्यकर्त्ता ही नहीं, बल्कि नेता भी हताशा और निराशा के भंवर में फंसे हुए हैं। सवाल यह है कि नड्डा का प्रवास बिखरे तिनकों को एक गट्ठर बनाने में और हताश निराश पार्टीजनों में उत्साह का संचार करने में किस हद तक सफल हो पाएगा? जेपी नड्डा जगदलपुर में पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पंद्रह साल तक राज करने वाली भाजपा की मौजूदा हालत किसी से छुपी नहीं है। बस्तर में तो भाजपा का सफाया ही हो गया है। बस्तर की 11 में से दस विधानसभा सीटों पर कभी भाजपा के विधायक और दोनों संसदीय सीटों पर सांसद हुआ करते थे। सांसद बलिराम कश्यप और सोहन पोटाई की तूती बोलती थी। बस्तर भाजपा का गढ़ बन गया था। आज स्थिति बिल्कुल उलट है। सभी 11 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है और बस्तर लोकसभा सीट भी कांग्रेस के खाते में चली गई है। सत्ता से बेदखल होने के बाद भाजपा के नेताओं और कार्यकर्त्ताओं के हौसले पास्त से पड़ गए हैं, पार्टी में बिखराव जैसे हालात बन गए हैं, नेताओं और कार्यकर्त्ताओं में हताशा व निराशा घर कर गई है। बस्तर में भाजपा नेतृत्वविहीन जैसी हालत में पहुंच चुकी है। ऐसे कठिन दौर में भाजपा के बस्तर संभाग प्रभारी एवं राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय जरूर गाहे – बगाहे बस्तर का दौरा कर कार्यकर्त्ताओं में ऊर्जा का संचार करने की कोशिश करते रहते हैं, लेकिन स्थानीय नेता पार्टी के प्रति वैसा समर्पण भाव नहीं दिखा पा रहे हैं, जैसा कि अपेक्षित है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि भाजपा के जमीनी कार्यकर्त्ता और समर्थक मतदाता कांग्रेस के पाले में जाने लगे हैं। आएदिन खबरें आती रहती हैं कि फलां गांव के दर्जनों भाजपाई कांग्रेस में शामिल हो गए। आज ही बस्तर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़े जीराखाल के 170 भाजपा समर्थक ग्रामीण कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बस्तर के अलावा राज्य के दूसरे इलाकों में भी भाजपा की स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। अब ऐसे हालातों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का प्रवास छत्तीसगढ़ में भाजपा में किस हद तक जान फूंक पाएगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।