- अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए किया गया सम्मेलन का आयोजन




दल्लीराजहरा भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे डौंडी ब्लॉक के ग्राम मगरदाह में एम स्टार द्वारा आयोजित दो दिवसीय महिला एवं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर खिलाड़ियों एवं ग्रामीणों ने भी बड़े ही आत्मियता के साथ उनका स्वागत किया । वही विक्रम धुर्वे ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया । विक्रम धुर्वे ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे । विक्रम धुर्वे ने आगे कहा की कबड्डी के क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों के भविष्य के लक्ष्य को साकार करे यह प्रतियोगिता इसी दिशा का प्रयास है।


ग्रामीण क्षेत्र में खेलों के प्रति जो जागरूकता है और उसे हम विभिन्ना खेल आयोजनों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष डौंडी मनीष झा ने भी सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने को कहा और आयोजन समिति को इतने अच्छे कबड्डी प्रतियोगिता के लिए धन्यवाद भी दिया। इस दौरान विशेष अतिथि के रूप में हिरदेय राम कोवाची (सरपंच ग्राम मरदेल), रमिता मरकाम (जनपद सदस्य जनपद पंचायत डौंडी), नेहरूराम तेता (सर्कल अध्यक्ष), रामकिशन कोरेटी (सरपंच नर्रलगुड़ा), पतिराम नरेटी, रुपेश नायक (उपाध्यक्ष नगर पंचायत डौंडी) संजीव मानकर (पार्षद व अध्यक्ष युवा मोर्चा डौंडी) आशीष गुप्ता (उपाध्यक्ष युवा मोर्चा डौंडी)समिति के अध्यक्ष अश्वन तेता व समिति के सभी सदस्य, ग्राम मगरदाह (मरदेल) के समस्त खेल प्रेमी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।


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अर्जुन झा
जगदलपुर किसी जमाने में बस्तर की राजनीति के चमकदार सितारे रहे और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शोभित होने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद नेताम बदलते वक्त में पार्टी में बेगाने हो कर सर्व आदिवासी समाज नाम के सामाजिक संगठन की राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्हें कांग्रेस ने अपनी तरफ से घर बैठा दिया। लेकिन अब उनके लिए कांग्रेस में बहार के दिन फिर से आने के संकेत मिल रहे हैं। रायपुर में होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें स्वागत समिति में शामिल किया गया है। जबकि बीते दिनों में उन्हें कांग्रेस में अहमियत नहीं दी जा रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक अवसर पर उन्हें संदेश दे चुके हैं कि उनकी पारी समाप्त हो चुकी है, अब दीपक बैज और राजमन बेंजाम को खेलने दें। मतलब यह कि अब बस्तर में नई पौध को कांग्रेस के बगीचे में खिलने दिया जाए। वैसे भी प्रकृति का नियम यही है। सूखे पत्ते या तो खुद ब खुद झर जाते हैं अथवा झरा दिए जाते हैं। राजनीति में ऐसा कुछ ज्यादा ही होता है। सूखे पत्तों को मार्गदर्शक बताकर मूकदर्शक बना दिया जाता है। कांग्रेस की बात है तो सिर्फ कांग्रेस की ही बात की जा रही है अन्यथा भाजपा में भी यही रीत है कि आशीर्वाद तो सब लेते हैं लेकिन सुनता कोई नहीं। अब बस्तर में कांग्रेस की तरुणाई को आशीर्वाद देने के लिए बुजुर्ग नेता अरविंद नेताम और उनकी पत्नी छबीली नेताम को मान देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सुध ली है। इस अवसर पर यह भी स्मरण किया जा सकता है कि कुछ अरसे पहले अरविंद नेताम ने मंत्री कवासी लखमा को उपदेश दिया था तो जवाब में कवासी लखमा ने नसीहत दे दी थी कि नाती पोते खिलाने की उम्र है तो नेताम घर बैठकर नाती पोते खिलाएं। आशय यही है कि नेताम राजनीति में दखल नहीं दें। नेताम भी राजनीति के पुराने योद्धा हैं। योद्धा कितना भी बुजुर्ग हो जाये, उसका जोश कम नहीं होता। महाभारत के युद्ध में कौरवों की तरफ से बुजुर्ग सेनापतियों ने ही नेतृत्व किया था। राजनीति भी एक युद्ध का मैदान ही है तो यहां भी बुजुर्गों की स्थिति भीष्म पितामह और गुरु द्रोण जैसी ही है। बुढ़ापे में मोतीलाल वोरा जैसे तपे तपाये नेता की राज्यसभा टिकट काटकर दूसरे आंगन की तुलसी छत्तीसगढ़ के आंगन में स्थापित करना इसका एक उदाहरण समझ में आता है लेकिन यह भी राजनीतिक जरूरत है कि नवीनता को स्थान प्राप्त हो अन्यथा बूढ़ी कांग्रेस देश भर में कृशकाय हो गई है। कांग्रेस में अनुभव और जोश का सामंजस्य बिठाने की परंपरा है, इसलिए अनुभव के धनी मल्लिकार्जुन खड़गे आज कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। इस हिसाब से देखें तो कांग्रेस अब भी बुजुर्ग पीढ़ी के अनुभव को मान्यता दे रही है। नई और पुरानी पीढ़ी के बीच विचारों में फर्क होता है। यहां समन्वय की दरकार है। अब अरविंद नेताम की याद छत्तीसगढ़ कांग्रेस को क्यों आई है तो सीधी सी बात है कि चुनाव सिर पर है। बस्तर में अरविंद नेताम एक बड़ी शख्सियत हैं। उनके संरक्षण में चल रहा सर्व आदिवासी समाज संगठन तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा है। इसकी बानगी भानुप्रतापपुर उपचुनाव में सामने आ चुकी है। अब अरविंद नेताम जिस मुकाम पर खड़े हैं, वहां सर्व आदिवासी समाज के संगठन को अधर में छोड़कर वे कांग्रेस के लिए पूर्ण समर्पित होने की स्थिति में नहीं हैं। कांग्रेस ने उन्हें मान दिया है, जिसे उन्होंने पुराने रिश्तों की वजह से स्वीकार किया है किंतु सवाल यह है कि उनकी प्रतिबद्धता कहां होगी? कांग्रेस के प्रति या आदिवासी समाज के साथ?
अर्जुन झा
बस्तर बस्तर के सांसद दीपक बैज के प्रयासों से महरा माहरा जाति को जल्द ही अनुसूचित जाति का दर्जा मिल जाएगा। इस मसले से जुड़े लगभग सभी चरणों की प्रक्रियाएं केंद्रीय स्तर पर पूरी हो चुकी हैं। सिर्फ अंतिम चरण की प्रक्रिया के तहत संसद में प्रस्ताव पारित कर इस जाति को अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा दिया जाना ही बाकी रह गया है। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग में महरा, माहरा जाति के लोग बहुतायत में सदियों से निवासरत हैं। इस जाति के लोग अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा अब तक नहीं मिल पाया है। इस समुदाय के लोग अनुसूचित जाति का दर्जा पाने के लिए वर्षों से संघर्षरत हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बस्तर के संसद इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने लगातार गंभीरता के साथ पहल कर रहे हैं। सांसद श्री बैज की पहल पर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में माहरा महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। कुछ दिनों पहले सांसद श्री बैज के नेतृत्व में माहरा महरा जाति के प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और भारत के महारजिस्ट्रार से मुलाकात की थी। श्री बैज ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, आयोग अध्यक्ष एवं महारजिस्ट्रार को इस जाति की पीड़ा और केंद्र व राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं तथा आरक्षण के लाभ से उनके वंचित रहने की जानकारी दी थी। केंद्रीय मंत्री, आयोग अध्यक्ष व महारजिस्ट्रार ने इस संबंध में जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर मंजूरी के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को जल्द केंद्र सरकार के पास भेजने का भरोसा दिलाया था। ज्ञात हो कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर इन तीनों विभागों की सहमति जरूरी है।*बॉक्स**गेंद अब केंद्र सरकार के पाले में*माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का सारा दारोमदार अब केंद्र सरकार पर टिका हुआ है। हाल ही में सांसद श्री बैज को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का एक आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के प्रस्ताव को नियमानुसार परीक्षण एवं विचार के बाद अनुसूचित जाति आयोग, महारजिस्ट्रार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सहमति मिल गई है। अब प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 341 (2) के तहत संसद के समक्ष विचारार्थ एवं एक विधेयक के रूप में स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि संसद में राज्य सरकार का यह प्रस्ताव जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।*वर्सन – फोटो के साथ लगाएं**समुदाय को अब मिलेगी राहत*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने और केंद्र सरकार ने महरा माहरा जाति के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुझे पूरा भरोसा है कि संसद में भी इस समुदाय को अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा जल्द मिल जाएगा।
जगदलपुर बस्तर के प्रसिद्ध मड़ई मेलों में अपराधी तत्व खुलेआम खड़खड़ी का खेल चला रहे हैं। यह खेल जुआ का ही एक रूप है। अंतर सिर्फ इतना है कि इस जुए में ताशपत्ती का उपयोग नहीं होता, लेकिन इस खेल के फेर में फंसकर आदिवासी अपनी कमाई दांव पर लगाकर बर्बाद हो रहे हैं।बस्तर में इन दिनों मड़ई मेलों का सीजन चल रहा है।
बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन और देवस्थलों में मांघी मेले का दौर लगातार जारी है। इन मेलों का आकर्षण ऐसा रहता है कि इनका लुत्फ़ उठाने बस्तर संभाग के साथ ही दूर दूर से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। प्राकृतिक छटाओं और विहंगम जलप्रपात के अनुपम सौंदर्य से भरपूर तीरथगढ़ में भी मांघ पूर्णिमा मेला लगा हुआ है। तीरथगढ़ में भी देश- विदेश के पर्यटक आकर इस क्षेत्र के सौंदर्य का दर्शन करते हैं। तीरथगढ़ में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आज से मेला का आयोजन प्रारंभ हुआ है। शांति व्यवस्था बनाने के लिए दरभा थाने का पुलिस बल तैनात है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी का कोई असर अपराधी तत्वों पर पड़ता नहीं दिख रहा है। इस मेले में मनोरंजन के नाम खड़खड़ी का खेल चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस के संरक्षण में प्रतिबंधित खड़खड़ी का खेल खेलाया जा रहा है। इस खेल के माध्यम से लोगों को एक रूपए के 16 रूपए देने का झांसा देकर खड़खड़ी संचालक लोगों की जेब काटने पर तुले हुए हैं। एक के सोलह के चक्कर में भोले भाले आदिवासी ग्रामीण सबकुछ लुटाकर तबाह होते जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों से इस क्षेत्र में चल रहे मेले में मुर्गा बाजार का भी आयोजन हुआ था। मुर्गा बाजार में भी धड़ल्ले से स्थानीय पुलिसकर्मी खड़खड़ी का खेल चलाने में अपना संरक्षण देते नजर आ रहे थे। पुलिस के संरक्षण में यह खेल आज भी जारी है। मेले में खड़खुड़ी खेलाए जाने के सवाल पर क्षेत्र के डीएसपी ऐश्वर्या चंद्राकर ने कहा कि मेले में तो, नहीं लेकिन मुर्गा बाजार के आसपास कुछ लोग खड़खड़ी जरूर चलाते हैं। चंद्राकर ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों की धरपकड़ कर रही है, फिर भी लोग चोरी छिपे खड़खड़ी चलाने में कामयाब हो जाते हैं।
जगदलपुर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बस्तर सांसद दीपक बैज को उनके पत्र के संदर्भ में पत्र लिखा है। जिसमें उनके द्वारा महरा माहरा जाति को छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जातियों की सूची में महार मेहरा मेहर की पर्यायवाची के रूप में शामिल करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में सांसद दीपक बैज को अवगत कराया है कि अनुसूचित जातियों की सूचियों में संशोधन करने के लिए भारत सरकार ने प्रक्रिया निर्धारित की है। जिनके अनुसार किसी जाति आदि को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव सर्वप्रथम संबंधित राज्य सरकार संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन से आवश्यक जातीय सामग्री सहित प्रस्तावित होना आवश्यक है। जिसे भारत के महा रजिस्ट्रार एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के परामर्श से प्रसंस्कृत किया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने सांसद दीपक बैज को लिखे पत्र में बताया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महरा माहरा समुदाय को छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जातियों की सूची में महार, मेहरा, मेहर की पर्यायवाची के रूप में शामिल करने की अनुशंसा अपने पत्र दिनांक 7.12. 2021 दिनांक 23:12 2021 दिनांक 10. 1. 2022 और दिनांक 28.1. 2022 के पत्रों द्वारा की। निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार उक्त प्रस्ताव का भारत के महा रजिस्ट्रार एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के परामर्श से परीक्षण किया गया। जिन्होंने प्रस्ताव पर सहमति जताई है। अब उक्त प्रस्ताव को भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 (2) के तहत संसद के समक्ष विचारार्थ और पारित करने के लिए एक विधेयक के रूप में प्रस्तुत करने हेतु यथा समय प्रसंस्कृत किया जाना है।
जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर की महिला अध्यक्ष श्रीमती कमलजीत झज्ज को हटाकर श्रीमती सरला तिवारी की नियुक्ति की गई और श्रीमती झज्ज को प्रदेश सचिव बनाया गया लेकिन कुछ घंटों में ही श्रीमती झज्ज ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम को भेजा है। श्रीमती झज्ज ने महिला कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि पार्टी की कुछ गतिविधियों से क्षुब्द हुं इसीलिए मैं इस पद को अस्वीकार कर रही हूं। ज्ञात हो कि की दिनों से महिला कांग्रेस में फेरबदल को लेकर अटकलें तेज थी और एक खेमा श्रीमती झज्ज को हटाने को लेकर लामबंद था। इन सबके बीच महिला नेत्री झज्ज का इस्तीफा कई चर्चाओं के बाजार को गर्म किया हुआ था। वर्तमान में सांसद गुट की नेत्री सरला तिवारी की नियुक्ति हो गई जिसके बाद और राजनीतिक खाई बढ़ना प्रारंभ हो गया है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बीजापुर जिलें में हुए भाजपा नेता की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बीजापुर की घटना साबित करती है कि प्रदेश में पुलिस की सूचनातंत्र पूरी तरह से नाकाम है, कांग्रेस के लचर नीतियों के कारण एक बार फिर से प्रदेश नक्सलवाद का पांव पसारने लगा है, कांग्रेस सरकार प्रदेश में शांति स्थापित करने में पूरी तरह विफल है। इन चार वर्षों के कार्यकाल में कांग्रेस नक्सलवादियों के खिलाफ कारगर लड़ाई में विफल साबित हुई है। यही कारण है कि नक्सलवादियों ने बीते दिनों में लगतार इस तरह घटना को अंजाम दे रहे हैं। उन्होनें कहा कि नक्सल उन्मूलन को लेकर सरकार जरा भी गंभीर नहीं है जिसके चलते नक्सली दिनदहाड़े भाजपा नेता पर हमला कर कायराना हत्या को अंजाम देते हैं। उन्होनें कहा कि प्रदेश सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अपनी नीति स्पष्ट करें, क्योंकि सरकार में बैठे जिम्मेदार कभी कहते है कि बातचीत से रास्ता निकलेगा, कांग्रेस सरकार ने चुनाव जीतने के बाद छत्तीसगढ़ को केवल अंधेरा और नक्सलवाद दिया है । पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौशिक ने कहा कि भाजपा की जब प्रदेश में सरकार थी तब नक्सलवाद के पर पुरी तरह से लगाम कस कर प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चुका था परन्तु कांग्रेस की सरकार ने पुनः उसे निचले स्तर पर धकेल दिया है।
नारायणपुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र जिला नारायणपुर में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों द्वारा नक्सल उन्मूलन अभियान के साथ-साथ अंचल के जरूरतमंद लोगों की मदद तथा हरसंभव सहायता भी करते रहे इसी क्रम में समर बहादुर सिंह सेनानी 29 वी वाहिनी के मार्गदर्शन में नीरज सिंह उप सेनानी, एवं आशीष श्योराण सहायक सेनानी, समावाय 29वी वाहिनी द्वारा नारायणपुर जिला के नक्सल प्रभावित क्षेत्र झारा घाटी थाना में दिनांक 05/02/2023 को सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया

इसी कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को रेडियो सेट, साड़ी, कंबल, टी-शर्ट, एवं स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन, वितरण किया गया। जिसमें छीनारी बैलापाड, आदपाल, एवं बागझर के लगभग 200 ग्रामीणों को एवं छात्राओं को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में नीरज सिंह उप सेनानी द्वारा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया गया किभा0ति0सी पुलिस इस क्षेत्र में आप सब की सेवा व सुरक्षा के लिए तैनात हैं किसी भी ग्रामीण व युवाओं को कोई समस्या होती है तो हमसे मिल सकते हैं बल हम हमेशा आप लोग की सेवा के लिए तत्पर है ग्रामीणों को वाहन द्वारा छात्राओं एवं युवाओं के लिए चलाए जा रहे हैं भर्ती परीक्षा में निशुल्क कोचिंग के बारे में बताते हुए अभिभावकों अपने बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान आशीष श्योराण सहायक सेनानी, सखाराम मंडावी थाना प्रभारी (झारा घाटी ), अनिल तोमर निरीक्षक, एवं सरपंचों, तथा ग्रामीणों ने भा0ति0सी पुलिस बल के द्वारा किए गए कार्यक्रम की सराहना की तथा आभार व्यक्त किया।
दिनांक 04/02/23 दिन शनिवार को किसान मजदूर कल्याण महासभा के द्वारा जगदलपुर शहर के कोहकापाल प्रवीर वार्ड में कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में कोहकापाल के निवासी पहुंचकर अपने क्षेत्र की समस्याओं से महासभा को अवगत कराया वार्डवासियों ने बताया कि हमारे वार्ड के लोग जो अधिकांस मजदूर वर्ग से आते हैं हमें सरकार के द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं की जानकारी नहीं मिलती तथा उसका लाभ भी नहीं मिल पाता
