जगदलपुर नक्सलमुक्त हो जाने के बाद भी बस्तर में इस तरह के सवारी वाहन चालक यात्रियों की जान से सरेआम खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जीपों में अंदर तो ठूंस ठूंस कर सवारियां भरी ही जाती हैं, हुड पर अगल बगल भी बेतहाशा यात्रियों को लटका कर ले जाया जाता है। मौत के इस सफर को रोकने न तो पुलिस विभाग कोई कदम उठा रहा है और न ही सड़क परिवहन विभाग।
राजहरा खदान का देव माइनिंग ठेका कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए। सीटू ने ज्ञापन सौंपा और प्रबंधन से विस्तृत चर्चा की
दल्लीराजहरा डीजल की कमी के कारण विगत एक सप्ताह से राजहरा लौह अयस्क समूह में विभिन्न ठेका कार्य बंद हो गए थे। जिसमें से राजहरा यंत्रीकृत खान की कोकान साइट जो देव माइनिंग कंपनी द्वारा संचालित है, उसका कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। जिसके कारण जहां एक और उत्पादन का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ो ठेका श्रमिक बेरोजगार हो चुके हैं । जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लेकिन इस मामले में अभी तक ठेकेदार और प्रबंधन के द्वारा किए जा रहे प्रयासों और परिणाम की कोई भी जानकारी यूनियन व श्रमिकों को नहीं दी जा रही है। कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आने से जहां एक ओर ठेका श्रमिकों में आक्रोश बढते जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तरह-तरह की शंकाओं को भी बल मिल रहा है। डीजल की कमी के कारण ही कलवर,डुलकी, महामाया, दल्ली,झरनदल्ली, इत्यादि में भी काम बंद था। लेकिन इन सभी कार्यक्षेत्र में विगत दिनों से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। परंतु केवल राजहरा यंत्रीकृत खान का ठेका कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हो सका है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सीटू यूनियन के पदाधिकारी एवं श्रमिकों ने राजहरा खदान के प्रभारी महाप्रबंधक जयप्रकाश सर को ज्ञापन सौंपा और मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। यूनियन ने स्पष्ट कहा कि जब अन्य सभी खदानों का कार्य प्रारंभ हो चुका है तो केवल राजहरा खदान का काम बंद रखना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। अगर डीजल की परेशानी है तो सब जगह है, केवल राजहरा के लिए नहीं है। इसी के साथ यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना किसी पूर्व सूचना के ठेकेदारों द्वारा अचानक काम बंद किया गया है, जो कि अवैधानिक कामबंदी के दायरे में आता है। इसलिए काम बंदी के दौरान श्रमिकों का वेतन भुगतान नियमानुसार किया जाना चाहिए । भविष्य में इस तरह काम बंद ना हो इसे भी प्रबंधन को सुनिश्चित करना चाहिए। जिस पर महाप्रबंधक प्रभारी श्री जयप्रकाश जी ने कहा कि डीजल की कमी के संबंध में आज ही एक विस्तारित बैठक ठेकेदारों के साथ रखी गई है, जिसमें जल्द से जल्द सकारात्मक निराकरण कर लिया जाएगा। कामबंदी के दौरान श्रमिकों के वेतन के संबंध में कार्मिक विभाग से चर्चा कर जो नियम में होगा वह भुगतान करने में प्रबंधन पीछे नहीं हटेगा । भविष्य में काम बंदी ना हो इस संबंध में भी प्रबंधन गंभीरता से विचार कर रणनीति तैयार कर रहा है। जिसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। इस बैठक में ठेका कार्य में मशीनों के रखरखाव में हो रही कमजोरी पर भी चर्चा की गई। प्रबंधन ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेने और सकारात्मक निराकरण करने का आश्वासन दिया है।सभी खदानों में अचानक की गई कामबंदी के दौरान सभी ठेका श्रमिकों का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मुख्य महाप्रबंधक खदान को भी एक ज्ञापन सौंपा गया है।ज्ञानेन्द्र सिंहअध्यक्षसीटू राजहरा।
राहुल गांधी के अमर्यादित बयान के विरोध में भाजयुमो ने फूंका पुतला, कहा “संवैधानिक मर्यादाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं”
जगदलपुर: कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा देश के शीर्ष नेतृत्व पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। इस अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने आसना चौक पर एकत्रित होकर राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। भाजयुमो जिला अध्यक्ष अभिलाष यादव ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला।भाजयुमो जिला अध्यक्ष अभिलाष यादव ने कहा कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रति की गई अमर्यादित एवं अशोभनीय टिप्पणी न केवल निंदनीय है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का भी घोर अपमान है।
अभिलाष यादव ने आगे कहा कि जिस पद की गरिमा और जिम्मेदारी का निर्वहन नेता प्रतिपक्ष को करना चाहिए, उसी पद की मर्यादा को राहुल गांधी ने अपनी असभ्य एवं अलोकतांत्रिक भाषा से तार तार करने का काम किया है। देश की जनता ऐसे अहंकारी, गैरजिम्मेदार और स्तरहीन राजनीतिक आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगीl कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए lइस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला पदाधिकारी,मण्डल अध्यक्ष,वरिष्ठ भाजपा नेता और भारी संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहेl
चित्रकोट में विवादित पोस्ट से तनाव गहराया, सरपंच समर्थकों ने बजरंग दल को कहे अपशब्द
कांग्रेसी सरपंच पर गांव का माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप
पूर्व सरपंच और माहरा समाज के लोगों ने सरपंच पर लगाया मतांतरितों को संरक्षण देने का आरोप
अर्जुन झा
जगदलपुर चित्रकोट क्षेत्र में गत दिनों एक ईसाई मतांतरित व्यक्ति की मृत्यु के बाद शव के कफन दफन को लेकर उपजा विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। दरअसल चित्रकोट के कांग्रेसी सरपंच भंवर मौर्य पर धर्मांतरण करने वालों की हिमायत करने और सरपंच समर्थकों द्वारा बजरंग दल पर सोशल मीडिया के माध्यम से अमर्यादित टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसे लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने चित्रकोट सरपंच व कांग्रेस नेता भंवर मौर्य और उनके समर्थकों के खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए थाना लोहंडीगुड़ा व चित्रकोट पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कराने हेतु आवेदन दिया है।

माहरा समाज के युवा सिकंदर कश्यप ने कहा है कि चित्रकोट क्षेत्र में एक ईसाई मतांतरित व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। मृतक के परिजनों द्वारा शव को ईसाई कब्रिस्तान ले जाने के बजाय हिंदू समाज के मुक्तिधाम में कफन दफन करने की योजना बनाई जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला व स्थानीय पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और समाज प्रमुखों की उपस्थिति में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अन्य धर्म के व्यक्ति का अंतिम संस्कार हिंदू समाज के मुक्तिधाम में नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान चित्रकोट के वर्तमान सरपंच भंवर मौर्य ने नियमों के विपरीत जाकर ईसाई मतांतरित परिवार का पक्ष लिया, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। अंततः प्रशासन के हस्तक्षेप और भारी विरोध के बाद शव को जगदलपुर स्थित ईसाई कब्रिस्तान ले जाया गया। बजरंग दल जिला सह संयोजक सनी रेली ने बताया कि मामला शांत होने के बाद सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के उद्देश्य से सरपंच भंवर मौर्य के समर्थकों द्वारा एक वीडियो बनाया गया है।

इस वीडियो को इंस्टाग्राम आईडी ग्राम पंचायत चित्रकोट से पोस्ट किया गया है। वीडियो में गलत कृत्यों का विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को “गांव का माहौल खराब करने आए बेरोजगार दल” और सरपंच को ‘शेर’ के रूप में दर्शाया गया। इस पोस्ट के नीचे सरपंच समर्थकों और युवा कांग्रेस के नेता सहित कुछ अन्य दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा हिंदू संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ अमर्यादित और अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जिसकी स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपी गई है। पूर्व सरपंच बुटकी बाई ने वर्तमान सरपंच भंवर मौर्य पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि भंवर मौर्य गांव की रीति नीति के खिलाफ जाकर ईसाई धर्म अपनाने वाले लोगों का खुलकर समर्थन कर रहे हैं, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है।माहरा समाज के पदाधिकारी घनश्याम नाग ने भी इस कृत्य की निंदा करते हुए समाज की परंपराओं के साथ खिलवाड़ न करने की चेतावनी दी है।इस दौरान अजय बघेल, नानीराम, किशोर सुर, झितरू कश्यप, कोसरु कश्यप, रुपनाथ कश्यप, लछिंद कश्यप, जनिल ठाकुर, मनीराम कावड़े, रतिराम चौहान, मानकू राम, जगत राम नाग, अनिल नाग, सिकंदर कश्यप, घनश्याम नाग, होमेश राठौर, योगेश रैली, मुन्ना बजरंगी, विवेक शुक्ला, गुड्डू, सहदेव, श्रीधर, लखन ठाकुर ,विनोद पटेल सहित बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता और चित्रकोट के ग्रामवासी उपस्थित थे।
उल्लास साक्षरता के लिए बीईओ दास ने दिए निर्देश
जगदलपुर नवभारत उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आज बीआरसी कार्यालय जगदलपुर में विकासखंड स्तरीय बैठक रखी गई। बैठक बीईओ अनिल दास की अध्यक्षता में आयोजित की गई।सहायक खंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता, खंड स्रोत समन्वयक राजेंद्र ठाकुर और विशेष रूप से डीपीओ राकेश खापर्डे उपस्थित रहे। इनके अलावा ब्लॉक के समस्त संकुल समन्वयक भी उपस्थित थे।बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी श्री दास ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश दिए और मैदानी स्तर पर कार्य करने हेतु कहा।

लोक वैद्यों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की मांग
शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय जगदलपुर में लोक वैद्यों का कार्यक्रम
जगदलपुर शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय कुम्हारवंड जगदलपुर में 20 मई को परंपरागत लोक वैद्यों का सफल एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर, छत्तीसगढ़ विज्ञान भारती संस्थान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए पारंपरिक वैद्य, ग्राम पदाधिकारी एवं समाज के गणमान्य सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वैद्य एवं ग्राम पदाधिकारी संघ छत्तीसगढ़ के संरक्षक जयनारायण सिंह बस्तरिया के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र सदियों से जड़ी-बूटी एवं वनौषधियों का समृद्ध केंद्र रहा है तथा यहां अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें संरक्षित और विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विजन है कि परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर कम लागत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पूरे विश्व तक पहुंचाई जा सकती हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारंपरिक वैद्य एवं ग्राम पदाधिकारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष प्रेमसागर एबोरिजनल ट्राइब्स ने कहा कि बस्तर के जंगलों में अति दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोक वैद्य सदियों से गंभीर बीमारियों का उपचार करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लोक वैद्य आधुनिक विज्ञान के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें। उन्होंने शासन एवं प्रशासन से मांग की कि लोक वैद्यों को आयुष्मान योजना से सीधे जोड़ा जाए तथा शासन द्वारा संचालित आयुर्वेद अस्पतालों से समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को उचित पहचान और सम्मान मिल सके। इस अवसर पर उन्होंने अनेक वनौषधियों एवं उनके औषधीय उपयोगों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग अपने पारंपरिक खान-पान में सदियों से मंडिया, कोदो, कुटकी, रागी, कुल्थी, बाजरा जैसी पौष्टिक फसलों का उपयोग करते आ रहे हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी हैं। साथ ही अनेक प्रकार की वनस्पतियों, फल-फूल एवं भाजियों का सेवन यहां की संस्कृति और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।अंत में उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन पारंपरिक ज्ञान, लोक चिकित्सा और जनजातीय विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
रावघाट से बिलासपुर तक एक्सप्रेस चलाने की उठने लगी मांग गुरुवार को
दल्लीराजहरा के दौरे पर पहुंचे डीआरएम सदानंद से पार्षद भूपेंद्र श्रीवास ने औपचारिक मुलाकात कर सबसे पहले ताडोकी से रायपुर तक12 डिब्बों की ट्रेन चलाने पर आभार व्यक्त किया है एवं अंतागढ़ से रायपुर तक भी 8 की जगह 12 डिब्बों की ट्रेन चलाने की मांग की है क्योंकि सबसे ज्यादा संख्या में यात्री इसी ट्रेन में सफर करते हैं। रावघाट से बिलासपुर तक एक्सप्रेस चलाने की मांग करते हुए श्रीवास का कहना है कि 200 किमी तक लोकल ट्रेन चलाई जा रही है जिससे सफर करने में काफी समय बीत जाता है ऐसे में रावघाट से बिलासपुर तक एक्सप्रेस चलाया जाए ताकि दुर्ग भिलाई रायपुर बिलासपुर जाने वाले सभी यात्रियों को सफर करने में सुविधा हो साथ ही समय की भी बचत होगी अभी सीधी ट्रेन से हम रायपुर तक ही सफर करने को मजबुर है रायपुर के आगे तिल्दा भाटापारा बिलासपुर जाने वाले यात्रियों को रायपुर से फिर दूसरी ट्रेन बदलनी पड़ती है और बिना रिजर्वेशन के ट्रेन में सफर करना आसान नहीं होता साथ ही दूसरी ट्रेन पहले से ही खचाखच भरी रहती है ऐसे में रेलवे सैकड़ों यात्रियों की सुविधा हेतु रावघाट से बिलासपुर तक एक फेरा एक्सप्रेस ट्रेन चलाए जिससे बस्तर संभाग भी तेज रफ्तार से विकास कर सकें। जिसका समय सुबह 06 बजे रावघाट से छुटकर दोपहर 12 बजे बिलासपुर वापसी शाम को 5 बजे बिलासपुर से छुटकर रात को 11 बजे रावघाट रखे। इसके साथ ही पार्षद द्वारा 3 दिन तक चलने वाली दल्लीराजहरा से दुर्ग ट्रेन को सातों दिन चलाने की भी मांग की है एवं साथ ही इसके समय में बदलाव की भी बात कही है पहली ट्रेन सुबह 05:50 को दल्लीराजहरा से छुटती है उसके बाद दूसरी ट्रेन 06:25 को छुटती है केवल 35 मिनट के अंतराल में 2 ट्रेन चलती है इसी वजह से दूसरी ट्रेन की सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है ग़लत टाइमिंग की वजह से दूसरी ट्रेन में भीड़ कम रहती है रेलवे को अपनी आय बढ़ाने के लिए दूसरी ट्रेन सुबह 07:30 बजे दल्लीराजहरा से छोड़नी चाहिए ताकि लोगो को सुविधा मिल सके। रिज़र्वेशन काउंटर का समय शाम को 6 बजे तक खुला रखने की भी मांग की गई है। और पुरानी मांग में से वार्ड क्रमांक 21 से कंटीले तारों को निकालने के लिए निवेदन किया है जिस पर डीआरएम ने कंटीली तार हटा दिया जाएगा कहा है एवं बाकी सभी मांगों पर उन्होंने सहमति जताई है आशा है कि आने वाले समय में सभी मांगों को रेलवे प्रशासन जनहित में पूरा जरुर करेंगे।
दल्लीराजहरा रेलवे स्टेशन को मिलेगी नई सुविधाएं, ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच : अमित कुकरेजा
दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज दल्ली राजहरा इकाई के अध्यक्ष अमित कुकरेजा ने मंडल रेल प्रबंधक (SECR) के शहर आगमन पर उनसे दल्ली राजहरा रेलवे स्टेशन में मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न रेल सुविधाओं को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पूर्व में रखी गई मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए ट्रेन की बोगियों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 किए जाने एवं दल्ली राजहरा रेलवे स्टेशन को सर्वसुविधायुक्त स्टेशन बनाने की दिशा में कदम उठाने पर रेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।अमित कुकरेजा ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक एवं सीनियर DCM से चर्चा के दौरान अंटागढ़-रायपुर ट्रेन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उसके कोच भी 12 किए जाने की मांग रखी गई। साथ ही इस ट्रेन में एक वातानुकूलित (AC) कोच जोड़े जाने की आवश्यकता भी बताई गई।इसके अलावा दल्ली राजहरा-दुर्ग डेमू ट्रेन, जो वर्तमान में सप्ताह में केवल तीन दिन संचालित होती है, उसे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सप्ताह के सभी दिनों में नियमित रूप से चलाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यह मांग आम यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं व्यापारिक गतिविधियों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।बैठक में दल्ली राजहरा मेन मार्केट के विस्थापित अलॉटमेंट एवं नॉन-अलॉटमेंट धारकों के लंबित नवीनीकरण कार्य को प्रक्रिया अनुसार शीघ्र पूरा करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।इस अवसर पर इकाई महामंत्री भूपेंद्र डहरवाल, प्रमुख सलाहकार संजय बैस, झूमर लालजी छाजेड़, राजू सोनी, व्यापारी संघ के अशोक लोहिया, प्रेम जैसवाल तथा अनाज किराना संघ के सुरेश जैसवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
दिलीप सिंह जूदेव की राह पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा
धर्मांतरण के खिलाफ बिगुल फूंका भावना ने
575 आदिवासियों की करा चुकी हैं घर वापसी
फिर 6 गांवों के 200 लोग लौटे मूल धर्म में
पंडरिया जशपुर के प्रखर हिंदूवादी नेता दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव ने जिस तरह धर्मांतरण के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल रखा था। अब उसी राह पर पंडरिया क्षेत्र की भाजपा विधायक भावना बोहरा भी चल पड़ी हैं। श्रीमती बोहरा अब तक अपने क्षेत्र के धर्मांतरित हो चुके 575 आदिवासियों की मूल धर्म में वापसी करा चुकी हैं। गत दिवस 200 आदिवासी फिर अपनी जड़ों से जुड़े। विधायक भावना बोहरा ने उनके पांव पखार कर उन्हें फिर से उनके मूल धर्म से जोड़ा। पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जैसा नाम वैसा कर्म। दिल में जनता, धर्म, संस्कृति और जनसेवा के प्रति समर्पण भावना, सौम्य एवं शालीन व्यवहार। यही श्रीमती बोहरा की खासियत है।

जिस तरह दिवंगत हिंदूवादी ने नेता दिलीप सिंह जूदेव ने धर्मांतरित हो चुके आदिवासी हिदुओं की मूल धर्म में वापसी के लिए मुहिम छेड़ रखी थी, उसी नक्शे कदम पर विधायक भावना बोहरा भी चल रही हैं। उनके प्रयास क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहे हैं, धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार करते हुए भावना बोहरा ने पास्टर सहित वनांचल क्षेत्र के 6 गांवों के 200 लोगों की मूल धर्म में वापसी कराई।पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम पिपरहा, छिरहा और कुल्हीडोंगरी में अब धर्म सभाएं नहीं होंगी। अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्मांतरण कराने वाले लोगों की मंशा पर कड़ा प्रहार किया गया है। ग्राम बूचीपारा में इन गांवों में धर्म सभा लगाने वाले पास्टर सहित 6 गांवों के 200 लोगों ने अपने मूल धर्म में घर वापसी की। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में वनांचल क्षेत्रों में विकास, सांस्कृतिक जागरण और जनजागरण के प्रयास लगातार नई दिशा दे रहे हैं। वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, छात्रावास, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और आस्था के संरक्षण हेतु भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र आज धर्मांतरण के खिलाफ सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की मजबूत मिसाल बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बूचीपारा में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित सांस्कृतिक गौरव सम्मलेन एवं अभिनंदन समारोह में वनांचल क्षेत्रों में धर्मसभा का आयोजन करने वाले पास्टर सहित ग्राम छिरहा, पीपरहा, कुल्हीडोंगरी, जामुनपानी, नागाडबरा और नवापारा के 200 आदिवासी परिवारों के सदस्य अपने मूल धर्म में घर वापसी करते हुए अपनी संस्कृति, सभ्यता और स्वाभिमान की जड़ों से जुड़ गए । पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विधायक भावना बोहरा ने जनजातीय समाज के लोगों का अभिनंदन एवं स्वागत करने के बाद उनके पांव पखार कर उनके मूल धर्म में वापसी कराई। विदित हो कि इससे पूर्व पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्र नेऊर के आसपास के गांवों से 115, कुई- कुकदुर क्षेत्र से 70, ग्राम दमगढ़ में 50 एवं ग्राम कुल्हीडोंगरी में 140 आदिवासी ग्रामीण घर वापसी कर चुके हैं। इस तरह अब तक पंडरिया क्षेत्र के आदिवासी समाज के 575 से लोग अपने मूल धर्म में वापस आ चुके हैं। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व और भाजपा सरकार की विकास नीतियों से प्रभावित होकर आदिवासी समाज अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से पुनः जुड़ने के लिए आगे आ रहा है। इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की पहचान केवल विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण से भी हो रही है। वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण का प्रयास किया गया, जिससे आदिवासी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का काम हुआ। लेकिन अब समाज जागरूक हो रहा है और अपनी संस्कृति एवं मूल आस्था की ओर लौट रहा है। भाजपा सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास और सांस्कृतिक चेतना दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। वनांचल क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, छात्रावास, पेयजल, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ने से आदिवासी समाज का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है।

यही कारण है कि अब लोग किसी प्रलोभन या भ्रम में नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपनी जड़ों और परंपराओं से पुनः जुड़ने का संकल्प ले रहे हैं। यह उन लोगों की नकारात्मक मंशा और अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्मांतरण कराने वाले लोगों पर कड़ा प्रहार है, जो हमारे छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों की सांस्कृतिक पहचान को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।विधायक भावना बोहरा ने कहा कि बूचीपारा में 200 आदिवासी भाई-बहनों की यह घर वापसी केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाभिमान, सामाजिक एकता और अपनी पहचान को बचाने का अभियान है। यह कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने वाला है। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ जनजागरण लगातार जारी रहेगा और समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा एवं आस्था से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। विगत वर्षों में डबल इंजन भाजपा सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इन वनांचल क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों, योजनाओं का सतत क्रियान्वयन और उसका लाभ मिलने से यहाँ निवासरत जनजाति परिवारों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन आया है। विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत जनजाति परिवारों से निरंतर संवाद, जनसंपर्क, विकास कार्यों की पारदर्शी क्रियान्वयन प्रक्रिया और विश्वास निर्माण के प्रयासों ने सकारात्मक वातावरण निर्मित किया और आज निरंतर वे पुनः अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रहें हैं और अपने मूल धर्म में वापसी कर रहें हैं।

कमजोर नहीं होने देंगे विरासत: भावना
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराएं, लोकसंस्कृति और धार्मिक मान्यताएं हमारी सबसे बड़ी विरासत हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। धर्मांतरण केवल व्यक्ति के धर्म बदलने का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान को प्रभावित करने का प्रयास भी है। पंडरिया विधानसभा में हम विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक जनजागरण का व्यापक अभियान चला रहे हैं। जब समाज शिक्षित, जागरूक और आत्मविश्वासी बनता है, तब वह अपनी जड़ों और अपनी पहचान को समझता है। आज वनांचल क्षेत्र का आदिवासी समाज पुनः अपनी संस्कृति और परंपरा की ओर लौट रहा है, यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सकारात्मक संदेश है। वर्तमान में वनांचल क्षेत्रों में विकास की रोशनी पहुंचने से यहाँ निवासरत जनजातीय परिवारों के लोगों में उम्मीद की नई किरण जागी है और अब वे किसी प्रलोभन या भ्रम में नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपनी संस्कृति और आस्था के संरक्षण के लिए स्वयं आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में भी पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धार्मिक जनजागरण और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
बोहरा की पहल सराहनीय: लूनिया
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी हरीश लूनिया ने भी संबोधित करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना की और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित करने में श्रीमती बोहरा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहi हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा लगातार पंडरिया विधानसभा क्षेत्र व विशेषकर वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनसेवा के कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं को प्रोत्साहन जैसे हर क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करते हुए एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। समाज प्रमुख पंचराम धुर्वे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि आदिवासी समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति व सभ्यता के संरक्षण के लिए जागरूक व संगठित है। कार्यक्रम में प्रेम सिंह टेकाम ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रोशन दुबे, जनपद अध्यक्ष नंदिनी साहू, उपाध्यक्ष छत्रकिशोर तिवारी, रुपेश जैन, कल्याण सिंह, नवल पांडेय, चंद्रू सोनी, शिव कुमार चंद्रवंशी, मंडल अध्यक्ष रविश ठाकुर, दिनेश चंद्रवंशी, हरीश जैन, महेंद्र धृतलहरे, प्रदीप पुरी गोस्वामी, रतिराम भट्ट, बालमुकुंद चंद्रवंशी, भगवन धुर्वे, दिनेश गुप्ता, मनोज ठाकुर, विष्णु चंद्रवंशी, स्वतंत्र तिवारी, अंजू शर्मा, हीरालाल चेलसे, विक्की तिवारी, थानेश्वर जायसवाल, रविशंकर चंद्रवंशी, रामू पांडेय, रामअवतार साहू, मनहरण साहू, तिलक सेन, राज कुमार नेताम सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
तपती गर्मी में विधायक विक्रम मंडावी ने अंदरूनी इलाके के 33 गांवों का किया दौरा
सुनी ग्रामीणों की समस्याएं किए निराकरण के ठोस प्रयास
सुदूर गांवों में पहुंचने वाले पहले विधायक हैं मंडावी
अर्जुन झा
जगदलपुर दिल में अगर जनता के प्रति समर्पण हो, जनसेवा का जज्बा हो तो क्या धूप और छांव, क्या गर्मी और बरसात। बस्तर संभाग के बीजापुर से विधायक विक्रम मंडावी भी ऐसे ही जीवट कर्मयोगी विधायक हैं। उन्होंने प्रचंड गर्मी में चार दिनों तक बीजापुर और उसूर विकासखंड के 33 अंदरूनी गांवों का तूफानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी।
इस दौरान ग्रामीणों ने विधायक मंडावी के समक्ष स्कूल, अस्पताल, सड़क, शुद्ध पेयजल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र और रोजगार की मांग रखी। विधायक विक्रम मंडावी ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।अपने चार दिवसीय दौरे के समापन पर विधायक मंडावी ने कहा उसूर और गंगालूर क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के गांवों में अभी भी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। ग्रामीण स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, सड़क, पेयजल, बिजली और रोजगार की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करेंगे।

विदित हो कि विधायक विक्रम मंडावी गंगालूर और उसूर क्षेत्र के ग्राम पेदाकोरमा, पालनार, सावनार, तोड़का, ईतवार, कोरचोली, पुसानार, कावड़गांव, हिरमगुंडा, मुदवेंडी, पीड़िया, डोडीतुमनार, गमपुर, पेदागेलूर, गोमगुड़ा पालागुड़ा, पालागुड़ा, कंचाल, गंडाराजगुड़ा, एर्रापल्ली कंचाल, मेटागुड़ा दोरली, मंगलतोंग, रासपल्ली उड़तामल्ला, यमपुर उड़तामल्ला, सापेड़ पुजारी कांकेर, बड़े तर्रेम, पोलमपल्ली, कोंजेर गगनपल्ली, नरसापुर गगनपल्ली, टेकुलगुड़ा, मुरकीपाड़ गगनपल्ली, गुण्डाम कोत्तागुड़ा पुसबाका, पुसबाका और चिपुरभट्टी आदि गांवों का दौरा किया। यह पहला मौका है जब कोई विधायक जिले के इतने दूर-दराज के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचा और ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। विधायक के दौरे के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, उसूर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य मनोज अवलम, सुनील उद्दे, ब्लॉक अध्यक्ष मंगल राना, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी, भीमा कट्टम, पुरुषोत्तम खत्री, जनपद सदस्य अनिता तेलम, राजेश वासम, अरुण वासम और महेश मोडियम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।


