तहसील साहू संघ राजहरा द्वारा स्थानीय साहू सदन में कार्यकारिणी का आवश्यक बैठक आयोजित किया गया।बैठक में तहसील साहू संघ राजहरा द्वारा सर्व सहमति से लिए गए निर्णय के अनुसार वर्तमान में कोविड -19 के संक्रमण का तेजी से प्रसार से बचाव एवम सुरक्षा व जिला प्रशासन के दिशा- निर्देशों का पालन करते हुए आगामी 11 अप्रैल को आयोजित भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव एवम निशुल्क सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम के आयोजन को स्थगित किया गया है।
आगामी 7 अप्रैल दिन बुधवार को पापमोचनी एकादशी को भक्त माता कर्मा की जयंती (जन्मोत्सव) के शुभ अवसर पर भक्त माता कर्मा मंदिर प्रांगण गांधी चौक में सुबह 10:30 बजे भक्त माता कर्मा की पूजा अर्चना किया जावेगा।तहसील साहू संघ के अध्यक्ष श्री तोरनलाल साहू द्वारा भक्त माता कर्मा के जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर सभी सामाजिक सदस्यों द्वारा शाम को अपने- अपने घर में माँ कर्मा की पूजा कर आंगन में 11 दीपक प्रज्वलित करने आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासनिक दिशा निर्देशों का अनिवार्यतः पालन करें और परिवार के साथ सुरक्षित रहें। कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने हेतु 45 वर्ष या अधिक उम्र के सामाजिक सदस्य अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर कोविड -19 का टीका जरूर लगवायें।
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा नेशनल पंचायत अवार्ड 2021 की घोषणा की गई है। इसके तहत बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम-माहुद (अ) को भी राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार के लिए चुना गया है । भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार डाक्टर बिजय कुमार बेहेरा ने इन पुरस्कारों के लिए चयनित होने की जानकारी दी है।
इन राष्ट्रीय पुरस्कारों के तहत गुण्डरदेही विधानसभा के ग्राम माहुद(अ) को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार 2021 सामान्य केटेगरी के लिए चयनित किया गया है।
ग्राम-माहुद को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की घोषणा होते ही माननीय श्री भूपेश बघेल जी, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, श्री कुंवर सिंह निषाद जी, संसदीय सचिव एवं विधायक गुण्डरदेही, श्रीमती सोनादेवी देशलहरा जी अध्यक्ष, जिला पंचायत बालोद, श्रीमती सुचित्रा साहू जी अध्यक्ष जनपद पंचायत गुण्डरदेही, श्रीमती चंद्रप्रभा सुधाकर जी, श्री रिशी बाण्डे जी विधायक प्रतिनिधि….. के साथ साथ जनप्रतिनिधियों ने बधाई प्रेषित किए हैं ।
रायपुर। सीएम भूपेश बघेल असम दौरे से वापस लौट आए हैं. रायपुर एयरपोर्ट पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की. इस वक्त सीएम भूपेश बघेल ने नक्सली हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बीजापुर में मुठभेड़ नहीं युद्ध हुआ है, यह नक्सलियों की अंतिम लड़ाई है.
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि हम नक्सलियों की मांद में जाकर हमला किए हैं. यह नक्सलियों की अंतिम लड़ाई है. नक्सली 40 बाय 40 वर्ग किलोमीटर में सिमट गए हैं. घटना से हमारा मनोबल और बढ़ा है. नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. नक्सलियों ने रॉकेट लांचर , हैंड ग्रेनेड , UBJL से हमला किया है. हमारी कोई चूक नहीं है. यह ऑपरेशन किसी भी हाल में नहीं रुकेगा.
हमारी कोई चूक नहीं
सीएम ने कहा कि नक्सलियों ने रॉकेट लांचर , हैंड ग्रेनेड , UBJL से हमला किया है. हमारी कोई चूक नहीं है. यह ऑपरेशन किसी भी हाल में नहीं रुकेगा. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि हम और अधिक कैंप खोलेंगे. सड़क बनाएंगे और विकास करते रहेंगे.
अस्पताल पहुंचे सीएम भूपेश
बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचे हैं. जहां जवानों से मुलाकात कर रहे हैं. घायल जवानों का हाल-चाल जान रहे हैं. उन्होंने घायल जवानों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के साथ ही उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की.
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार सुबह बीजापुर जाएंगे. रायपुर पुलिस लाइन से 8:30 को रवाना होंगे. 10 बजे पुलिस लाइन में शहीद जवानों को सलामी देंगे, जिसके बाद जगदलपुर के शौर्य भवन में बैठक लेंगे.
22 जवान की शहादत बता दें कि बीजापुर जिले के टेकुलगुडम में शनिवार को हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 22 जवानों के शहादत हुई है. सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच साढ़े चार घंटे तक मुठभेड़ चली. 30 घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें 13 का इलाज रायपुर और 18 का बीजापुर में चल रहा है. कोबरा बटालियन का एक जवान राकेश्वर मिसिंग है, जो कि जम्मू कश्मीर का है.
12 नक्सली ढेर, जवानों से लूटे गए हथियार बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के मुताबिक मुठेभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं. 16 नक्सली हताहत भी हुए हैं. नक्सलियों ने जवानों के पास से 10 हथियार लूटकर भागें है. जिसमें 7 एक-47, 2 एसएलआर और 1 एलएमजी शामिल है. इसके साथ ही 3 से 4 ट्रैक्टरों में नक्सलियों के शव ले जाते देखा गया है.
शहीद जवान की अंतिम यात्रा में बकावंड पहुंचे बस्तर सांसद दीपक बैज विधायक लखेश्वर बघेल विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप
बस्तर सांसद दीपक बैज,बस्तर विधायक लखेस्वर बघेल,नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप,बकावंड ब्लॉक के बनियागांव पहुंचकर बीजापुर मुठभेड़ में शहीद जवान श्रवण कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए
डौंडी लोहारा । जहाँ एक ओर तहसीलदार द्वारा चौक चौराहों पर खड़े होकर मास्क के नाम पर लोगों को प्रताड़ित कर रहे है वहीँ दूसरी ओर शहर के मुख्य स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही देखने को मिली जहाँ शासकीय नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही थी |
कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। वायरस की दूसरी लहर ने हर किसी को डरा दिया है। तेज हुई कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए प्रशासन ने ज़िलें में धारा 144 लगा दी। आदेश जारी कर जिला प्रशासन ने सख्ती के लिए कहा है। लेकिन लापरवाही लगातार जारी है। ऐसी ही बड़ी लापरवाही जिले के डौंडीलोहारा में सामने आई। जब टीकाकरण के तीसरे दौर में ग्राम पंचायत धनग़ांव से लोगो को सोशल डिस्टेंसिग के सारे नियमों को तोड़ते हुए माल वाहक वाहनों में ठूंसकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। दरअसल डौंडीलोहारा जनपद पंचायत के द्वारा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो को टीकाकरण के लिए जागरूक करने के काम मे लगाया गया है। जिसके बाद रविवार को पंचायत के द्वारा ग्रामीणों को बाकायदा दो माल वाहक वाहनों भरकर अस्पताल लाया गया। हालांकि आए लोगो मे महज कुछ लोगो को ही कोरोना का टीका लग पाया। बाकी लोगो को दूसरे दिन आने को कहा गया।
● सोशल डिस्टेंसिग की धज्जियां आखिर किसके आदेश पर ●
सवाल ये उठता है कि कोरोना से बचाने टीकाकरण के लिए ग्राम पंचायत धनग़ांव से लाए जा रहे ग्रामीणों से सोशल डिस्टेंसिग की धज्जियां आखिर किसके आदेश पर उड़वाई जा रही है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बाद भी इसकी भयावहता से ग्रामीणों को क्यो अनजान रखा जा रहा हैं।
● आदेश का पालन कराने वाले खुद अनजान ●
टीकाकरण के लिए माल वाहक वाहनों में ग्रामीणों को ठूंसने वालो को न तो उनके बीच संक्रमण का डर है और न किसी के जान की फिक्र। जिला प्रशासन की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने व सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए। मगर जब आदेश का पालन कराने वाले आदेशों के उल्लंघन से अनजान है तो आम जनता को कैसे जागरूक करेंगे।
● ग्रामीणों खासकर बुजुर्गो को ले जाने वाहन की व्यवस्था ●
जनपद पंचायत के द्वारा स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत सचिवों को डोर टू डोर लोगो को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है। ग्राम पंचायत धनगांव के सरपंच का कहना है कि जनपद के द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से कम से कम 60 व्यक्तियों को पंचायत से टीकाकरण के लिए भेजने का आदेशित किया गया है। ग्रामीणों खासकर बुजुर्गो को स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा तक ले जाने के लिए वैकल्पिक तौर पर वाहनों की व्यवस्था की गई है।
● संक्रमण फैला सकती है व्यवस्था ●
ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए ग्राम पंचायत से स्वास्थ्य केंद्र तक लाए जाने के लिए बनाई गई वाहन की व्यवस्था कोरोना संक्रमण की बड़ी संवाहक साबित हो सकती है। बगैर किसी जांच के ग्रामीणों को माल वाहक वाहनों में ठूंसकर वैक्सीनेशन सेंटर तक लाया जा रहा है। ऐसे में कोरोना वायरस का संक्रमण एक दूसरे में तेजी से फैल सकता है और कोरोना चैन टूटने के बजाए बढ़ सकती है। जिसके बाद हालात भयावह हो सकते है।
● कथन ●
√ जनपद पंचायत के सीईओ दीपक ठाकुर का कहना है कि हम प्रेरित कर सकते है। हमने बताया है कि पंचायत के जो 45 वर्ष ऊपर के लोग है उनका टीकाकरण किया जाएगा। दिन निर्धारित किया गया है। रोस्टर बनाया गया है कि कौन से दिन कौन से पंचायत के लोग टीका लगवाएंगे। टीका लगवाने वाले स्वयं आएंगे। किसी वाहनों से लाने का निर्देश नही दिया गया।
बालोद–जिले में खनिज विभाग के कुंभकर्णी नींद के वजह से अवैध खनिज उत्खनन और अवैध लाल इट भट्ठो की बाड़ सी आ गई है।और लगातार शिकायत और न्यूज समाचार में न्यूज आने के बाद भी। जिले के गुरुर तहसील के अन्तर्गत दर्जनों अवैध लाल इट भट्ठी संचालित की जा रही है जिनमे से ग्राम सोरर,भरदा, बोहारडीह ,छेड़िया भेजा ,टेगनाबरपारा,कपरमेटा,सनौद, दुपचेरा,डोटोपार,धानापुरी, अरकार ,डोकला, ठेकवाड़ीह मोखा ,कुलिया ,बोरिदकला व कई गांवों में अवैध रूप से संचालित होते है ईट भट्ठा। जहा लाल ईट भट्ठों का अवैध कारोबार शासन प्रशासन के नियमो को ताक में रखकर काफी लंबे समय से बिना लिज के अवैध इट भट्टियों का संचालन किया जा रहा है गुरुर ब्लॉक मुख्यालय से लगा हुआ गांव में यह सब हो रहा है लेकिन ब्लॉक मुख्यालय के अधिकारियों को इस से कोई मतलब नहीं है प्रत्येक दो हजार इटो की कीमत आठ हजार नौ हजार रूपए के बीच लगाई जा रही है।मगर सोचने वाली बात यह है कि ईट भट्टी संचालित करते हुए कई साल हो गए है मगर खनिज विभाग को इस अवैध ईट भट्टी की जानकारी नहीं होना समझ से परे है या फिर खनिज विभाग के अधिकारियों को उनके कमीशन का हिस्सा पहुंच जाता है आपको बता दे की गुरुर क्षेत्र के अनेकों गांव में न केवल ईट भट्टो का अवैध कारोबार होता है बल्कि यह पर अवैध रेत उत्खनन और मिट्टी का उत्खनन भी जोरों से होता आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक सम्बंधित अधिकारी वर्ग केवल फाइन लगाकर कार्यवाही नहीं करते ।
ईट पकाने के लिए चोरी के कोयलों का किया जाता है इस्तेमाल
आपको बता दे की इस लाल इट भठ्ठो के अवैध कारोबार में में खासतौर से चोरी की कोयले का उपयोग किया। जा रहा है कोयले की गाड़ी कहीं और जाने के लिए निकलती है मगर पहुंच कहीं और जाती है जिससे सरकार को लाखों रुपए राजस्व का नुक़सान भी हो रहा है और कोयले के धुएं से आस पास के लोगों का भी जीना मुश्किल सा हो गया है । कोयले के इस धुएं के वजह से आसपास ले लोगो का जीना भी मुश्किल सा हो गया है वहीं अब देखना होगा कि पत्रकारों के खबर प्रकाशन और खनिज विभाग को भट्टी की जानकारी अवगत करने के बाद कब तक जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्यवाही कर इस अवैध कारोबार को बंद करवाते है।
सम्बंधित अधिकारी नहीं उठाते मीडिया कर्मी का फ़ोन
ईट भट्ठों की शिकायत के लिए लगातार मीडिया कर्मी फ़ोन के माध्यम से अवगत कर कार्यवाही करवाने हेतु प्रयास करते है । लेकिन आश्वासन देने के बाद फ़ोन ही नहीं उठाते सम्बंधित अधिकारी ऐसे में सवाल उठता है की क्या अधिकारियो को उनका हिस्सा पहुंच जाता है जिसके लालच के कारण वो कार्यवाही करने में असफल हो जाते है ।
ग्रामीण स्तर पर भी नहीं होती कार्यवाही एवं गांव में ईट भट्ठा चल रहा और पर्यावरण प्रदूषण फैल रहा है जिससे ग्रामीणों को नहाने एवं सांस लेने मै बहुत दिक्कत हो रही है
ग्राम पंचायतो के सरपंचों द्वारा भी अवैध ईट भट्ठों पर कार्यवाही नहीं की जाती है और सरपंचों को पूछने पर बताते है की भट्ठा संचालको को एनओसी नहीं दीया गया है |
भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे अधिकारी, कार्यवाही करने में छूट रहा पसीना
खनिज विभाग के अधिकारी , तहसीलदार व अन्य अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे बैठे हुए है क्युकी कमीशन का हिस्सा उन तक पहुंच जाता है । जिसके कारन मामूली कार्यवाही कर छोड़ देते है जिससे ईट भट्ठा संचालको के हौसले और भी बुलंद होने लगते है । सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली है की अधिकारी वर्ग ईट भट्ठी वालो से अपना हिस्सा रख लेते है। याने साफ तौर पर कहा जा सकता है की खुले आम अधिकारियो द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पत्रकारों को याने लोकतंत्र के चौथे सतम्भ द्वारा दी गयी जानकारी को अनदेखा करते है अधिकारी । और समाचार प्रकाशित करने के बाद भी कार्यवाही नही करते।
कोरोना की दूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रेड एवं लोगों की लापरवाही से संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है बालोद जिले के कुछ क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन की श्रेणी में आ चुके है जहाँ जल्दी ही जागरूकता का परिचय नहीं दिया अथवा प्रशासनिक कड़ाई नहीं की गई तो जल्द ही दुर्ग व रायपुर के जैसे बालोद के कई क्षेत्र भी कंटेंटमेंट जोन को घोषित करना पड़ सकता है |
कोरोना की दूसरी लहर बालोद जिले के लिए भयावह साबित हो रहा है |
दल्लीराजहरा में इस प्रकार कोरोना संक्रमण को देखते हुए कोविड केयर सेंटर का पुनः संचालन किया गया है और साथ ही 45 वर्ष या उससे अधिक लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है |
कोरोना के दुसरे चरण में दल्लीराजहरा में कल 03 अप्रैल और आज संक्रमितों की संख्या इस प्रकार रही –
सिटी मीडिया के माध्यम से राजहरा माइंस अस्पताल एवं शासकीय अस्पताल चिखलाकसा में कोरोना टीकाकरण के सम्बन्ध में जानकारी प्रेषित किया जा चूका है |
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
जगदलपुर, 4 अप्रैल। इंद्रावती नदी पर जगदलपुर आसना मार्ग में स्थित बड़े पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता आरके गुरु ने बताया कि इस पुल का निर्माण 1987 में किया गया था। इस पुल का फुटपाथ स्लैब नवम्बर माह में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके कारण पुल को हुए नुकसान का आंकलन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के दल द्वारा दिसम्बर माह में पूरा किया गया था।
केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात अब पुल का मजबूतीकरण एवं मरम्मत का कार्य बरसात के पहले समाप्त करने के लिए तेजी से कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही इस पुल में वाहनों के आवागमन में आई तेजी को देखते हुए एक डबल लेन के नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया है।
जगदलपुर– भारतीय जनता पार्टी जगदलपुर शहर मंडल द्वारा शहीद स्मारक में रविवार को बीजापुर में शहीद वीर जवानों की शहादत को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।विगत दिनों बीजापुर के तररेम में 22 से अधिक जवानों की शहादत हुई है।वीर जवानों को भारतीय जनता पार्टी जिला बस्तर ने शहीद स्मारक में 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने कहा नक्सलियों द्वारा किए गए इस कायराना हरकत का हम विरोध करते है ।जवानों पर हुए नक्सली हमले की घटना बहुत ही हृदय विदारक और निंदनीय है । भाजपा जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह ने कहा हमले में 23 जवान शहीद हो गए। मातृभूमि की रक्षा के
लिए सभी जवानों की शहादत को मेरा सादर प्रणाम। ईश्वर शहीदों के परिजनों को संबल प्रदान करें। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लच्छुराम कश्यप,श्रीधर ओझा,राजेन्द्र बाजपाई,नरसिंग राव,मनोहर दत्त तिवारी,संग्राम सिंह राणा,गणेश काले,मनीष पारख,प्रकाश झा,शशि रथ,रोशन झा, अविनाश श्रीवास्तव,नरेंद्र पाणिग्रही,अभय दीक्षित,विनय राजू,संजय चंद्राकर,जयराम दास,रामकुमारी यादव, किरण सेन ,राधा बघेल,परेश ताती,अनिमेष चौहान,डीकेश नाग ,भुनेश्वर ध्रुव ,रोहन घोष, केवल नाथ ,रूपेश जैन, निर्मल पानीग्रही, शैलेश श्रीवास्तव,कमल पटवा,अमर झा सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जगदलपुर । बीजापुर – सुकमा बार्डर में शनिवार को नक्सलियों ने जवानों पर हमला किया था। हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं, वहीं 31 जवान घायल और एक लापता है। शहीद जवानों के शवों को खबर लिखे जाने तक जंगल से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन नक्सलियों की मौजूदगी के चलते जवानों के शवों को घटना स्थल से नहीं निकाला जा सका है |
बताया जा रहा है कि इस पूरे इलाके को नक्सलियों ने घेरा हुआ था और हमले के 8 घंटे बाद भी मौके से जवानों के शव निकाले नहीं जा सके थे और रविवार सुबह से ही सर्चिंग तेज की गई।
बताया जा रहा है कि जवान दो बार नक्सलियों के एंबुश में फंसे। पहली बार एंबुश में फसने के बाद जब जवान अपने साथी घायल जवानों को बाहर निकाल रहे थे तब दोबारा से नक्सलियों ने जवानों को घेरा और फिर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हालाँकि, इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा की गई पुष्टि के मुताबिक, 22 शहीद जवानों के शव घटना स्थल से निकाले जा चुके हैं वहीं कोबरा बटालियन का एक अन्य जवान लापता है। ऐसा माना जा रहा है कि शहीदों की संख्या और भी बढ़ सकती है. इस घटना में 31 जवान घायल हो गए हैं जिनमें से कुछ को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भी ले जाया गया है।
गौरतलब है कि 4 बटालियन के जवान जोनागुड़ा इलाके में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के लिए गए थे. इस दौरान नक्सलियों ने जवानों को एंबुश में फंसाया था।
इस घटना के बाद शनिवार के देर शाम पुलिस विभाग की ओर से शहीद जवानों के संबंध में अधिकारिक जानकारी आई थी कि 5 जवान शहीद हुए है एवं 12 जवान घायल हुए हैं, लेकिन आज सुबह के बाद यह आंकड़ा भयावह तरीके से बढ़ गया।
गौरतलब है कि दुर्दांत नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा के नेतृत्व में नक्सलियों की बटालियन नंबर वन बीजापुर और सुकमा के सरहदी इलाकों में ही सक्रीय है. हिड़मा बटालियन फोर्स की ताक में पहले से ही था, हिड़मा की तलाश में निकले जवान नक्सलियों के जाल में फंस गए और उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी. गनीमत रही कि जवानों के हौसले इन दिनों चरम पर हैं और नक्सली एम्बुश में फंसने के बावजूद भी उन्होंने बहादुरी दिखाई और अपनी जान की परवाह न करते हुए नक्सलियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया. अगर ऐसा ना होता तो शहादत का आंकड़ा काफी बढ़ सकता था।
रविवार को राजस्व मंत्री व बीजापुर प्रभारी जयसिंह अग्रवाल जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने घायलों का हाल जाना और कहा कि आपके साथियों की शहादत व्यर्थ नहीं जायेगी। श्री अग्रवाल के साथ बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी यहां पहुंचे थे। हिड़मा बेहद खतरनाक नक्सली कमांडर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के मिलिट्री विभाग का प्रमुख माड़वी हिड़मा बस्तर का सबसे दुर्दांत नक्सली माना जाता है. जोनल कमेटी के सचिव रमन्ना की मौत के बाद वह सचिव के पद की दावेदारी में शामिल रहा. 2013 में झीरम में कांग्रेस के काफिले पर हमला, 2017 में बुर्कापाल में सीआरपीएफ के 25 जवानों की हत्या समेत कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड उसे माना जाता है. बस्तर में नक्सलियों कि दो बटालियन है, जिनमें पहली बटालियन का कमांडर हिड़मा ही है. दूसरी बटालियन अबूझमाड़ में सक्रिय है. टीसीओसी में बड़ी वारदातों की रणनीति बनाने और उसे क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी हिड़मा को ही दी गई है।
डीआरजी : स.उ.नी. आनंद कुरसम, स.उ.नी. प्रकाश चेट्टी, स.उ.नी. मनीराम कुंजाम, प्र.आ. क्र.673 प्रफुल कुजूर, आ.क्रं 751 बदरू पुनेम, आ.क्र.42 लक्ष्मण हेमला, स.आ.क्र.560 सोमारू कर्मा, स.आ.क्र.635 बसंत झाड़ी, स.आ.क्र.484 दशरू हेमला, गो.सै.क्र.37 विजय मंडावी।
एसटीएफ : एपीसी भास्कर यादव, आ. सोनू मंडावी, आ. थामेश्वर साहू, आ. रामाराम ओयाम, आ. देवप्रकाश लकड़ा। कोबरा 210: थापास पाल, राजीव सेठिया, सीटी बलेन्दर सिंह, प्र.आ. मदनपाल सिंह, उनि आनंद पटेल, सीटी डिनेन्द्र दास, प्र.आ. सुर्यभान सिंह यादव, प्र.आ. अमित कुमार, प्र.आ. स्वाईन सुनील, सीटी समषेष, टूआईसी संदीप द्विवेदी, सीटी बलराज सिंह, उनि अभिषेक पांडे, सीटी देवेन्दर, डीसी मनीष कुमार, प्र.आ. लोकेश कुमार सिंह
एक महिला माओवादी का शव हथियार समेत बरामद – आईजी
12 माओवादी की मृत्यु व 16 अन्य के घायल होने की सूचना मिल रही है – आईजी
बस्तर आईजी सुंरदराज पी ने बताया कि इस मुठभेड़ के बाद घटना स्थल (जोनागुड़ा इलाका)से एक महिला माओवादी का शव, एक इंसास रायफल समेत शनिवार देर रात बरामद किया गया था। इस महिला नक्सली की शिनाख्त पामेड़ एलजीएस कमांडर माड़वी वनोजा के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि आज सुबह 22 जवानों का शव बरामद किया गया है। वहीं एक कोबरा बटालियन क्र. 210 का जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता है जिसकी तलाश निरंतर की जा रही है। सुंदरराज का कहना है कि माओवादियों मुठभेड़ में मारे गए उनके साथियों एवं घायल कैडर्स को दो-तीन टै्रक्टरों में ग्राम जब्बामरका एवं गोमगुड़ा क्षेत्र की ओर ले जाया गया है।
बीजापुर- प्रदेश के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री जिला बीजापुर जयसिंह अग्रवाल ने रविवार को जिला अस्पताल बीजापुर में उपचारार्थ भर्ती घायल जवानों से भेंटकर उनके स्वास्थ के बारे में कुशलक्षेम पूछा । इस दौरान उन्होने जिला पुलिस के डीआरजी बल के सहायक उप निरीक्षक आनंद कुरसम एवं प्रकाश चेटटी सहित अन्य घायल जवानों तथा सीआरपीएफ के घायल जवानों से चर्चा कर घटना के संबंध में जानकारी ली और नक्सलियों से अदम्य साहस के साथ मुकाबला करने के लिए उनका मनोबल बढ़ाया ।
प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने चिकित्सकों से भी घायल जवानों के उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा कर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय विधायक एवं उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण विक्रम शाह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम सहित अन्य जनप्रतिनिधी और डीआईजी नक्सल आपरेशन ओपी पाल, कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल , डीएफओ अशोक पटेल, सीईओ जिला पंचायत रवि कुमार साहू, एसडीएम बीजापुर देवेश ध्रुव , अपर पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।