राजीव गाँधी मितान् सम्मेलन ग्राम तुता नवा रायपुर के मैदान् मे राहुल गांघी के मुख्या अतिथि मे आयोजित की गई जिसमे प्रदेश भार से आये हुए मितान को भोजन वितरण किया गया जिसका परिणाम बेजुबान पशुओ को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा कार्यक्रम के दौरान बचे बाशी भोजन का पैकेट कार्यक्रम स्थल मे फेका गया एवं गंदगी फैलाई गई उसे बाशी भोजन खा कर लगभग 30 पशु फूड पाइजनिंग का शिकार होकर काल के ग्रास में समा गए गायों की लाश कार्यक्रम स्थल के आसपास बिखरी पड़ी मिली जो कि दुर्भाग्य जनक है
इस संबंध में आगे साहू ने कहा कि गौठान एवं रोका छेका का ढिंढोरा पीटने वाली कांग्रेस सरकार गायों को गौठानों में व्यवस्थित नहीं कर पा रही है वहीं दूसरी ओर गाय को खुली जगह छोड़कर एवं उसे बासी भोजन खिलाकर मारने जैसे कृत्य कर रही है निश्चित कांग्रेस की सरकार को गौ हत्या का महा पाप लगेगा।
ग्रामीण विकास की सारी योजना कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार के भेट चढ़ी
आदिवासियों के आरक्षण को लेकर कांग्रेस 5 साल के सत्ता में सिर्फ की राजनीति
दल्लीराजहरा– भारतीय जनता पार्टी डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक – 60 से अधिकृत प्रत्याशी देवलाल ठाकुर को विधानसभा अन्तर्गत आने वाले डौण्डीलोहारा दल्लीराजहरा, डौण्डी व खेरथा के आदिवासियों व दिगर समाज के साथ क्षेत्र के समस्त मंडल अध्यक्ष व मंडल के सभी पदाधिकारीयो का भरपुर सहयोग मिल रहा है। प्रत्याशी देवलाल ठाकुर रोजाना किसी न किसी मंडलो के अन्तर्गत आने वाले शक्तिकेंद्रो व बूथों मे जनसंपर्क कर डौण्डीलोहरा विधानसभा में कमल खिलाने में रणनीति बना रहे। साथ ही गांव के ग्रामिणों किसान युवाओं महिलाएं व शहर के नागरिकों से जनसंपर्क भी कर भाजपा के पक्ष में माहौल बना रहे है। साथ ही गांव के ग्रामिणों से रूबरू होकर ग्रामिणों को कांग्रेस की भूपेश सरकार की नाकामियों को भी बता रहे है। इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी देवलाल ठाकुर ने देशबन्धु से कहा की आदिवासियों की जल जंगल जमीन की रक्षा मोदी की सरकार कर रही है।आदीवासियों का समावेशी विकास मोदी जी का लक्ष्य है,सन 2000 में मध्य प्रदेश से अलग हो कर छ.ग बना उस समय आदिवासियों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलता था 2003 में रमन सिंह ने आरक्षण को 32 प्रतिशत किया जिससे आदिवासी वर्ग से डॉक्टर इंजिनियर कलेक्टर बनने का सपना पुरा हुआ। कांग्रेस की सरकार आदिवासियों के आरक्षण को लेकर 5 साल की सत्ता में सिर्फ राजनीति करने का कार्य किया है। डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र सहित पुरे प्रदेश के ग्रामीण विकास की सारी योजना भ्रष्टाचार के भेट चढ़ गई है। क्षेत्र की जनता विधान सभा चुनाव में कांग्रेस की प्रदेश की सत्ता से उखाड़ फेकने का मन बना चुकी है। इस अवसर पर डौंडीलौहारा मंडल अध्यक्ष रुपेश सिन्हा, दल्लीराजहरा मंडल अध्यक्ष, राकेश द्विवेदी, डौंडी मंडल अध्यक्ष मनीष झा खेरथा मंडल अध्यक्ष टिनेश्वर बघेल भाजयुमो अध्यक्ष सजीव सिंह पार्षद व भाजपा युवा मोर्चा संजीव मानकर, हिरेन्द्र गायकवाड ( डौंडीलौहारा) देवेन्द्र जोशी खेरथा व युवा मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ता गांव गाव में पहुच कर कांग्रेस के पांच साल के भ्रष्टाचार को ग्रामीणों के पास रख कर बदलबो बदलबो ये दारी कांग्रेस सरकार ला बदलबो नारे के साथ प्रचार प्रसार कर रहे हैं। जनसंपर्क अभियान में युवा वर्ग के साथ कई ग्रामीणों ने भाजपा के नीति रीति विचारधारा से प्रभावित हो कर भाजपा की सदस्यता ले रहे है।
भिलाई इस्पात संयंत्र के नए सीजीएम पर्सनल के आज दल्ली राजहरा आगमन पर यूनियनों के साथ संपन्न हुई बैठक में सीटू की ओर से सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय,अध्यक्ष पुरुषोत्तम सीमैया, कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह, एटक से अध्यक्ष राजेंद्र बेहरा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ से अध्यक्ष सोमनाथ उइके, शैलेश, और प्रबंधन की ओर से मुख्य महाप्रबंधक कार्मिक भिलाई इस्पात संयंत्र, संदीप माथुर, महाप्रबंधक कार्मिक नान वर्क्स एण्ड माइंस एस के सोनी, महाप्रबंधक कार्मिक आई आर जे एन ठाकुर, सहायक महाप्रबंधक कार्मिक आईओसी राजहरा एमडी रेड्डी, प्रबंधक कार्मिक डॉक्टर जे एस बघेल, प्रबंधक कार्मिक जोत कुमार, प्रबंधक कार्मिक सिकंदर इंदौरिया,अतिरिक्त श्रम कल्याण अधिकारीगण रतीश मिश्रा, संत राम साहू, एमडी चंद्राकर, श्रीमती संध्या रानी वर्मा, घनश्याम पारकर, इत्यादि उपस्थित थे। बैठक में खदान के नियमित एवं ठेका कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई । नियमित कर्मचारियों के मुद्दों को उठाते हुए सीटू सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि वेतन समझौते में जो भेदभाव कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच दिल्ली में किया गया अब उसी प्रकार का भेदभाव खदान कर्मचारियों के साथ दल्लीराजहरा में भी किया जा रहा है ।खदान के अधिकारियों को 12 अतिरिक्त सी एल का प्रावधान इनकैशमेंट के साथ लागू किया गया है,और इसी तरह अधिकारियों को अटेंडेंस के आधार पर नया रिवॉर्ड स्कीम भी चालू किया गया है। लेकिन इन दोनों मामले में कर्मचारियों की उपेक्षा करते हुए खदान कर्मचारियों पर लागू नहीं किया गया है । इसलिए जल्द से जल्द प्रबंधन माइंस कर्मचारियों को भी अतिरिक्त 12 सीएल इंकेसमेंट के साथ, पांच एफ एल का इनकेसमेंट एवं अटेंडेंस के आधार पर नई रिवॉर्ड स्कीम चालू की जाए। इसी तरह ठेका श्रमिकों को दी जाने वाली ग्रेच्युटी में तरह-तरह की बाधाएं आ रही हैं उन्हें दूर कर सभी ठेका श्रमिकों को ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
टाउनशिप की जर्जर हालत पर चर्चा करते हुए एटक अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र बेहरा ने कहा कि टाउनशिप में मेंटेनेंस तथा आवास आबंटन का पूरा सिस्टम ध्वस्त हो चुका है । मेंटेनेंस कार्य ठेकेदार नहीं कर रहे हैं ,और उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है ।कर्मचारी काफी परेशान इसलिए टाउनशिप में सिविल मेंटेनेंस कार्य एवं आवास आवंटन की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए । खदानों में कार्यरत आपरेटरों के वाशिंग एलाउंस का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
हॉस्पिटल की खराब हालत पर चर्चा करते हुए सीटू के कामरेड ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि अस्पताल की हालत बेहद खराब है राजहरा माइंस अस्पताल केवल एक रेफर सेंटर बनकर रह गया है । इसलिए अस्पताल की व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
सीटू अध्यक्ष कामरेड पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि टाउनशिप में खाली हो रहे आवासों को ठेका श्रमिकों को दिया जाए एवं सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए जल्द से जल्द सभी प्रकार के आवासों को लाइसेंस पद्धति से आवंटित करने की प्रक्रिया चालू की जाए।
ठेका कर्मियों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए सीएमएसएस से कामरेड शैलेश ने कहा कि खदानों में ठेका मजदूरों के लिए बनी बेहतर व्यवस्था को कुछ लोग तहस नहस करना चाहते हैं, वह भिलाई के प्रदूषण को राजहरा के ठेका में लाकर थोपने की कोशिश कर रहे हैं जिसे रोकना बहुत जरूरी है अन्यथा विस्फोटक स्थिति पैदा हो सकती है।कामरेड सोमनाथ उइके ने कहा कि महीनों पूर्व बनी सहमति के बावजूद ठेका मजदूरों को दी जाने वाली चिकित्सा सुविधा आज तक प्रारंभ नहीं हुई जिससे कर्मचारियों में बेहद आक्रोश है। अधिकांश ठेकेदार समय पर वेतन भुगतान नहीं कर रहे हैं ।आगे उन्होंने कहा कि विभागीय वेतन भुगतान में भत्तों को भी शामिल किया जाए एवं पीएफ राशि जमा करने की भी व्यवस्था करवाई जाए।
उक्त तमाम चर्चा में प्रबंधन द्वारा बताया गया कि राजहरा माइंस हास्पिटल को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अपोलो हॉस्पिटल से चर्चा जारी है इसे अंतिम रूप देने से पहले यूनियनों से चर्चा की जाएगी। इसी तरह ठेका मजदूरों के लिए 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा करने की योजना पर भी प्रबंधन विचार कर रही है, नवंबर माह तक इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। ठेका श्रमिकों के विभागीय वेतन में भत्तों को शामिल करने एवं काटी गई पीएफ राशि को श्रमिकों के अकाउंट में जमा करने हेतु भी प्रबंधन ने सहमति व्यक्ति की। साथ ही कहा अन्य उठाए गए तमाम मुद्दों को गंभीरता से लेकर प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र की जरूरत के अनुरूप आयरन ओर की आपूर्ति हेतु सभी से अपील की ।
विगत दिनों दल्ली राजहरा के पढ़े लिखे युवा बेरोजगारों की एक बैठक भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री और सांसद प्रतिनिधि मुश्ताक अहमद की उपस्थिति में संपन्न हुई। वर्षों से नगर के युवा बेरोजगार रोजगार के नाम पर नगर में अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहें हैं। इसलिए युवा बेरोजगारों ने तय किया कि एक ऐसा युवा बेरोजगारों का संगठन बनाया जाये जिसमें नगर के बेरोजगार युवाओं के रोजगार की बात हो ईसके लिए शुरुआत हो ईस मंच पर युवाओं की बात सुनी जाये उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक प्रयास किया जाये। ईस बैठक में नगर के 27 वार्ड के युवा और चिखलाकसा के युवक भी शामिल हुए। बैठक में सबसे पहले सबने एक दूसरे से परिचय प्राप्त किया और बैठक विधिवत् प्रारंभ हुई, बैठक में युवाओं को संबोधित करते हुए मुश्ताक अहमद ने कहा कि आज मुझे बहुत खुशी हो रही है कि दल्ली राजहरा के पढ़े लिखे युवा एकजुट हुए हैं और उनकी एकजुटता उनकी इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति से पता चल रहा है। किंतु इस बात का दुःख भी है कि राजहरा नगर में इतना बड़ा खदान होने के बाद भी वहां काम करने के मामले में राजहरा के युवाओं की उपस्थिति नगण्य है जोकि चिंतनीय विषय है मगर नगर के युवा बेरोजगारों के रोजगार की चिंता न तो स्थानीय प्रशासन को है?और न ही जिला प्रशासन को है? और न ही बीएसपी प्रबंधन को है और हमारे युवा साथी रोजगार के लिए भटक रहे हैं लेकिन कहीं भी रोजगार उपलब्ध नहीं है। जबकि ईसके ठीक विपरीत जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन राजहरा खदान के दुष्प्रभाव से प्रभावित,लालपानी से प्रभावितों को खदान में रोजगार दिलाने के लिए आपस में बैठक कर खदान में रोजगार दिलाने के लिए प्रभावितों की सूची तैयार करते है और उनको खदान में रोजगार उपलब्ध करा रहें हैं हमारा प्रश्न सिर्फ इतना है कि जब प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन प्रभावित लालपानी या अन्य ग्रामीणों के लिए पूरी ईमानदारी से उनके रोजगार की व्यवस्था करने में लगीं हुई है तो ऐसी व्यवस्था राजहरा के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए क्यों नहीं,ऐसा पक्षपात क्यों? हम किसी भी ग्रामीणों या लालपानी से प्रभावितों का विरोध नहीं कर रहे मगर हम अपना अधिकार तो मांग सकते हैं न । क्या राजहरा की जनता ईस खदान के दुष्प्रभाव से प्रभावित नहीं है क्या, अरे राजहरा नगर के लोग तो खदान के सबसे नजदीक है और ईसके दुष्प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित भी है मगर न तो कभी प्रशासन ने ईस ओर ध्यान दिया और न ही बीएसपी प्रबंधन ने, राजहरा के युवाओं का तो सिर्फ शोषण हुआ है। आज बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन रोजगार दिलाने के नाम पर लालपानी से प्रभावितों को भी बेवकूफ ही बना रहीं हैं अगर प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन ईनको प्रभावितों की श्रेणी में रखती हैं तो इन्हें बीएसपी में नियमित रूप नौकरी क्यों नहीं देती है इन्हें भी सिर्फ ठेका श्रमिक बनाकर शोषण करने में लगीं हुई है। और दूसरी तरफ राजहरा नगर के युवाओं को तो ठेका श्रमिक बनने का भी अवसर नहीं मिल रहा है जोकि बहुत ही शर्मनाक है। अपने उद्बोधन में आगे मुश्ताक अहमद ने कहा कि एक तरफ वो लोग हैं जिनको जिला प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन प्रभावितों की श्रेणी में रख उनके लिए रोजगार की व्यवस्था कर रहा है और दूसरी ओर हम राजहरा के युवा बेरोजगार जो कि खदान के दुष्प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होकर भी ईस श्रेणी में नहीं है ये जिला प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन का दोहरा मापदंड है। जबकि ईस खदान के दुष्प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं मगर राजहरा नगर के युवा बेरोजगारों की चिंता किसी को नहीं है।न तो जिला प्रशासन और न ही बीएसपी प्रबंधन को, बीएसपी प्रबंधन वर्षों से राजहरा खदान के दोहन के साथ साथ यहां निवासरत जनमानस का भी दोहन कर रही है।जिन शर्तों में बीएसपी ने ईस खदान को लिया था आज उन शर्तों को बीएसपी भूल चूकी है। ये राजहरा नगर के युवाओं के लिए वही बात हो गई है कि कुंआ पास है फिर भी वो प्यासे हैं और दूर से लोग आकर ईसी कुंआ से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। इसलिए हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा, जागरूक होना होगा। जबकि एक तरफ स्थानीय प्रशासन खदान के दुष्प्रभाव से प्रभावितों को रोजगार दिलाने के लिए बकायदा श्रमिकों की सूची तैयार कर बीएसपी प्रबंधन को दे रही है और बीएसपी प्रबंधन निकाले जाने वाले ठेकों के शर्तों पर ईसका उल्लेख भी कर रही है और तो और कुछ ठेकों की शर्तों पर यह भी लिखा जा रहा है कि ईस ठेके पर कौन से श्रमिकों को रखा जायेगा उसकी सूची स्थानीय प्रशासन द्वारा दिया जायेगा । हमारा प्रश्न यह है कि यही तत्परता और फुर्ती राजहरा नगर के पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन क्यों नहीं दिखा रहीं हैं आज युवाओं के पास रोजगार नहीं है जुआं, सट्टा और शराब के काम जो अवैध रूप से पूरे नगर में चल रहे हैं उसी में लग जायें क्या करें अब ईसका जवाब स्थानीय प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन को देना होगा और हमारे साथ दोहरा मापदंड बंद कर हमें भी समानता का अधिकार देना होगा जब राजहरा नगर के लोग खदान के दुष्प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित है तो कम से कम यहां के युवाओं को रोजगार तो ईस खदान में मिलना चाहिए। मुश्ताक अहमद ने अंत में कहा कि बहुत जल्द ही हम सभी मिलकर युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर निवेदन करेंगे कि अब खदान में निकलने वालें नये ठेके पर राजहरा के युवाओं के लिए भी एक कोटा निर्धारित किया जावे । ईस बैठक में मुख्य रूप से युवराज सोनवानी, हिरामन साहू, सुमीत साहू, युवराज साहू,मनोज विश्वकर्मा,साजन यादव, सुमीत,हरीश देवांगन,डिकेशवर चौहान,शुभम कौशिक, खूबचंद ठाकुर, बसंत लोहार, मुकेश साहू,ईश कुमार , संतोष निर्मलकर एवं सैकड़ों की संख्या में नगर के युवा बेरोजगार उपस्थित थे।
आज हम भाजपा की जनविरोधी सोच का काला चिट्ठा जारी कर रहे है। भाजपा ने 15 साल में छत्तीसगढ़ का शोषण किया। भाजपा के राज में प्रदेश में आम आदमी के संवैधानिक अधिकारों को बंधक बना कर रखा गया था। आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं सभी असुरक्षित थी। किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत नहीं मिलती थी। आदिवासी असुरक्षित थे। नक्सलवादी गतिविधियां जोरों पर थी। महिलायें, बच्चियां असुरक्षित, झलियामारी और आमाडोला जैसी घटनाएं प्रदेश की पहचान बन गयी थी। नान घोटाला, चिटफंड घोटाला, ओडीएफ घोटाला, पनामा पेपर, डीकेएस जैसे घोटालों से प्रदेश की छवि खराब हुई थी। भाजपा की मोदी सरकार वादाखिलाफी का पर्याय बन गयी है। किसानों, युवाओं, गृहणियों किसी से किया वादा मोदी ने पूरा नहीं किया।
भाजपा का चरित्र आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग गरीब विरोधी
कांग्रेस सरकार ने राज्य के हर वर्ग के लोगों को उनका अधिकार देने विधानसभा में सर्वसम्मति से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा है। भाजपा ने षड़यंत्रपूर्वक उस विधेयक को राजभवन में रोके रखा है। विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगो को भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 76 प्रतिशत का आरक्षण सभी वर्गो की आबादी के अनुसार निर्णय लिया है। यह विधेयक यदि कानून का रूप लेगा तो हर वर्ग के लोग संतुष्ट होंगे। सभी वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने सामाजिक न्याय को लागू करने यह विधेयक बनाया गया है।
भाजपा आदिवासी विरोधी
वन अधिकार पट्टों के लिये प्राप्त 4 लाख आवेदनों को बिना किसी परीक्षण के निरस्त कर दिया।
(कांग्रेस सरकार ने 4,55,586 वन अधिकार बांटे। )
भाजपा सरकार द्वारा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार नहीं दिए गये।
( कांग्रेस सरकार ने 50 लाख से अधिक सामुदायिक वन संसाधन )
ऽ सैकड़ो निर्दोष आदिवासी को जेल लंबी अवधि तक कैद रखा।
(विगत चार वर्षो में 1314 निर्दोष आदिवासी को कांग्रेस सरकार ने रिहा किया)
ऽ भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों की हजारों एकड़ भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किया गया।
( कांग्रेस की सरकार में बस्तर की लोहांडीगुड़ा क्षेत्र के 10 गांव में निजी इस्पात संयंत्र के लिये अधिग्रहित की गई 1707 किसानों की 4200 एकड़ से अधिक भूमि उन्हें वापस की)
ऽ भाजपा शासनकाल में केवल 7 प्रकार के वनोपज की खरीदी की जाती थी। लघु वनोपज की न्यूनतम मूल्य पर संग्रहण का कोई प्रयास नहीं किया गया। संग्राहको को बिचौलियों को वनोपज औने-पौने दामों पर बेचना पड़ता था।
( कांग्रेस राज में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 65 की।)
ऽ पेसा कानून को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
(कांग्रेस पेसा कानून के नियम बनाया)
ऽ आदिवासियों को रोजगार, स्व रोजगार और उनकी आय में वृद्धि को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया।
ऽ सुपोषण अभियान को लेकर प्रभावशील कार्य नहीं किया गया। वनांचल सुदूर क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगो तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया।
ऽ फर्जी चिटफंड कंपनियों को आश्रय दिया गया। इन कंपनियों ने आम जनता से उनके खून पसीने की कमाई के करोड़ो रूपए ठगे।
भाजपा किसान विरोधी
1. भाजपा ने 2013 के विधानसभा चुनाव में किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने, 2100 रू प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने तथा 300 रू प्रति क्विंटल बोनस भी देने का वादा किया था। वह वादा छलावा मात्र सिद्ध हुआ।
वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सर्वप्रथम यह निर्णय किया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा कोई भी अतिरिक्त राशि नहीं दी जायेगी। केंद्र सरकार के दबाव का ही परिणाम था कि किसानों से एक-एक दाना धान क्रय करने का वादा करने वाली रमन सरकार ने 2014 में ही यह घोषणा की कि किसानों से प्रति एकड़ मात्र 10 क्विंटल धान मात्र का संग्रहण न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाये। कांग्रेस के उग्र विरोध एवं किसानों के आंदोलित होने से दबाव में आकर प्रति एकड़ 10 क्विंटल धान खरीदी की सीमा बढ़ाकर 15 क्विंटल की गयी।
2. मोदी सरकार ने वर्ष 2016 में घोषणा की थी कि आगामी 6 वर्षों में अर्थात वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जायेगी। किसानों की आय में वृद्धि होने के बदले आय कम हो गयी। इस घोषणा पर भी भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है।
3. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसा अनुसार धान के एम.एस.पी. के निर्धारण करने के वादे से पलटना।
4. मोदी सरकार ने वर्ष 2020 में 3 कृषि कानूनों को लाया गया। जिसका उद्देश्य एम.एस.पी. एवं पी.डी.एस. की व्यवस्था को समाप्त कर खेती का कार्पोरेटीकरण करना था। पूरे देश के किसानों ने मोदी सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया था। भाजपा के केन्द्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता पूरे देश में घूम-घूम कर यह समझाने का प्रयास करते रहे कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में लागू किये जा रहे है तथा किसान नासमझी के कारण इनका विरोध कर रहे है। तीनों काले कानूनों का विरोध करते-करते 750 किसानों को अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़ी। उसके बाद भी हठधर्मिता के कारण भाजपा नेताओं का दिल नहीं पसीजा। कुछ राज्यों के चुनाव निकट आने पर राजनीतिक हानि से बचने के लिये तीनों कानूनों को मजबूरी में वापस लेना पड़ा। लेकिन इससे भाजपा के किसान हितैषी बनने के ढोंग का पर्दाफाश हो गया ।
कथित डबल इंजन की सरकार का विचार“, भाजपा का छत्तीसगढ़ के लोगो को फिर से ठगने का षडयंत्र मात्र
1. केन्द्र में मई 2014 में भाजपा की सरकार बनी। वर्ष 2013 में भाजपा ने किसानों से धान खरीदी पर 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का वादा किया था किन्तु जून 2014 में मोदी सरकार ने धान खरीदी पर बोनस दिए जाने पर प्रतिबंध लगाया। 2100 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का प्रस्ताव ठुकराया। राज्य की लाचार भाजपा सरकार न चाहते हुये भी कुछ न कर सकी। राज्य की जनता से विश्वासघात किया।
2. 2013 में किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदने का वादा करने के बाद खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा प्रति एकड़ 10 क्विंटल निर्धारित की गयी। कांग्रेस के उग्र विरोध के बाद उसे प्रति एकड़ 15 क्विंटल किया गया।
3. रमन सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में सबसे अधिक धान 2013-14 में खरीदा गया, 80 लाख टन। तब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद राज्य में 2018 तक प्रतिवर्ष मात्र 63 लाख टन, 59.29 लाख टन, 69.59 लाख टन तथा 56.89 लाख टन धान खरीदा गया। डबल इंजन सरकार में धान खरीदी इतनी कम क्यों? मोदी ने रमन सिंह को पैसे क्यों नही दिए?
4. सभी केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केन्द्रांश कम होता गया, राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ता रहा। राज्य के मुख्यमंत्री एवं अन्य भाजपा नेता कुछ न कर सके। (सूची संलग्न)
वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद अनेक महत्वपूर्ण केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रान्श कम कर के राज्यांश की राशि बढ़ा दी गयी, जिससे राज्यों के वित्तीय भार में वृद्धि हुई।
क्र. योजना का नाम वर्ष 2013-14 तक के केंद्रांश और राज्यांश का प्रतिशत वर्ष 2014-15 तक के केंद्रांश और राज्यांश का प्रतिशत
केन्द्रांश : राज्यांश केन्द्रांश : राज्यांश
1 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 75 : 25 60 : 40
2 सर्व शिक्षा अभियान 75 : 25 60 : 40
3 मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम 65 : 35 60 : 40
4 प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 100 : 00 60 : 40
5 नरेगा 90 : 10 75 : 25
6 राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम 75 : 25 50 : 50
7 राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान 65 : 35 60 : 40
8 एकीकृत बाल विकास योजना 85 : 15 57 : 43
5. वर्ष 2017 में राज्य के हितों के विपरीत जी.एस.टी. की व्यवस्था लागू की गयी। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य को वर्ष 2022 के बाद प्रतिवर्ष हजारों करोड़ का नुकसान होना तय था। राज्य के भाजपा नेता केंद्र सरकार के दबाव के सामने लाचार थे. तथा राज्य की जनता के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय का जरा भी विरोध न कर सके। राज्य की जनता कभी भी भाजपा द्वारा किये गये अन्याय को माफ नहीं करेगी। वर्ष 2023-24 से छत्तीसगढ़ को 7,000 करोड़ से अधिक क्षति होना निश्चित हैं।
6. चिटफंड कंपनियां राज्य के लाखों गरीब परिवारों की खून पसीने की कमाई लेकर चंपत हो गयी। केंद्र एवं राज्य सरकार के संरक्षण में उन कंपनियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी।
7. कोयला रॉयल्टी की बकाया 4,400 करोड़ की राशि रमन राज में केंद्र ने रोकी।
8. सितंबर 2018 की रिजर्व बैंक ऑफ इन्डिया की रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक गरीबों का प्रतिशत छत्तीसगढ़ में मोदी और रमन ने जमकर लूटा ।
9. देश के सर्वाधिक 100 पिछड़े जिलों में 10 जिले छत्तीसगढ़ में उनमें रमन सिंह का जिला राजनांदगांव भी शामिल।
10. किसानों की ऋण माफी की भाजपा एवं राज्य की केंद्र सरकार विरोधी। किसान कर्ज में भूबे।
11. रमन परिवार की संपत्ति 2008 से 2018 के बीच 15 गुना बढ़ी।
12. नक्सल समस्या चरम पर आदिवासियों की फर्जी एनकाउंटर के नाम पर हत्या। सैकड़ों निर्दोष आदिवासियों को नक्सली होने के नाम पर जेल में ठूसा गया।
13. अडानी को अनेक कोयला एवं आयरन और ब्लॉक बिना किसी लागत लगाये सौंपे गये।
14. आदिवासियों की 1 लाख एकड़ भूमि जबरन अधिग्रहित । आदिवासी दर-दर भटकने हेतु मजबूर।
15. 15 आदिवासी लघु वनोपज बिचौलियों को बेचने हेतु विवश एम.एस.पी. पर क्रय की कोई व्यवस्था नहीं।
16. राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की जन्मभूमि, रामायण मंडलियां, छत्तीसगढ़ी संस्कृति – घोर उपेक्षा। क्योंकि असली सत्ता राज्य के बाहर के लोगों के हाथ में थी। जिन्हें छत्तीसगढ़ की संस्कृति से कोई लगाव नहीं था।
17. बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करके उनसे विश्वासघात ।
18. मोदी सरकार ने नंदराज पर्वत को अडानी को सौंपने का षड्यंत्र कर रही है।
19. छत्तीसगढ़ को रमन सिंह सरकार के समय ओडीएफ राज्य घोषित कर दिया गया था। लेकिन राज्य की 24 प्रतिशत आबादी खुले में शौच को जाती है। इस तरह छत्तीसगढ़ में पूर्ण ओडीएफ घोषित कर 1500 करोड़ का घोटाला किया गया।
उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि 15 वर्षों के कार्यकाल में रमन सरकार ने राज्य के गरीबों, आदिवासियों, किसानों, बेरोजगारों तथा अन्य नागरिकों को सिर्फ लूटने का काम किया गया। केंद्र में 2014 में मोदी सरकार के गठन के बाद गरीबों के लूट की प्रक्रिया और तेज हो गयी थी। रमन परिवार, उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों तथा भाजपा पदाधिकारियों की संपत्तियां कई गुना बढ़ गयी। दो-पहिया वाहनों में चलने वाले तथा सामान्य रहन-सहन वाले भाजपा महंगे चार पहिया वाहनों एवं आलीशान मकानों के मालिक बन गये। साढ़े चार साल तक शर्म के मारे भाजपाई घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मोदी एवं अमित शाह की फटकार के बाद फिर से झूठ एवं फरेब के माध्यम से सत्ता हथियाना चाहते हैं। राज्य की जनता केंद्र की भाजपा सरकार एवं राज्य भाजपा के नेताओं के विश्वासघात से बुरी तरह आहत है। वह भाजपा के किसी भी हथकंडे से प्रभावित नहीं होगी।
रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने 2 सितंबर को यहां आयोजित राजीव युवा मितान सम्मेलन के कार्यक्रम स्थल जाकर तैयारियों का जायजा लिया। सभा स्थल, पंडाल, ग्रीन रूम, सीटिंग अरेंजमेंट आदि के विषय मे जानकारी ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 2 सितंबर को रायपुर आएंगे। वे मेला ग्राउंड नवा रायपुर में आयोजित राजीव युवा मितान सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
दल्ली राजहरा – दल्ली राजहरा से बालोद मुख्य मार्ग में अरमुरकसा पुलिया के पास नशे में धुत कार क्रमांक CG-24,S 2444 द्वारा विपरीत दिशा में जाकर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल क्रमांक CG -19 BL 9773 एवं स्वराज माजदा क्रमांक को ठोकर मार दी ठोकर इतनी तेज थी कि कार में सुरक्षा के लिए लगे एयरबैग भी खुल गए जिसके कार ड्राइवर को चोट नहीं लगी किंतु मोटरसाइकिल एवं कार का सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया वही सामने खड़ी स्वराज माजदा टक्कर से 3 फीट पीछे चली गई सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कर लोहारा निवासी नारायण सिंह कोठारी की बताई जा रही है जिसे ड्राइवर दल्ली राजहरा अस्पताल में मरीज छोड़कर वापस लोहारा जा रहा था और अत्यधिक नशे में था उसके द्वारा की अन्य गाड़ियों को भी चोट पहुंचाई गई है।
बकावंड खुले में शौच करने से माताओं और बहनों को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। कई बार उनकी आबरू भी लूट ली जाती है। इसीलिए घर – घर निजी और गांवों में सार्वजनिक शौचालय सरकारी खर्चे पर बनवाए जा रहे हैं। शौचालय को इज्जत घर नाम दिया गया है। ताकि माता – बहनों की आबरू कायम रहे। मगर पंचायत प्रतिनिधि इज्जत घर में डाका डालने और मातृशक्ति की अस्मिता को तार तार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
विकासखंड बकावंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत मैलबेड़ा में सालभर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण अधूरा पड़ा है। यह कार्य ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा कराया जा रहा है। इन दोनों ने मिलकर शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत पूरी राशि आहरित कर ली है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच सचिव ने रकम हजम कर ली है और निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ दिया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत मैलबेड़ा में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत लाखों रुपए की स्वीकृति बीते साल मिली थी। निर्माण की जिम्मेदारी सरपंच और सचिव को दी गई थी। स्वीकृत राशि से एक ही कांपलेक्स में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग – अलग शौचालय और स्नानागार का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए मिले सरकारी धन पर मैलबेड़ा के सरपंच व सचिव की मैली नजर पड़ गई। उन्होंने भ्रष्टाचार करते हुए शौचालय को भी नहीं बख्शा। निर्माण के नाम पर एक ढांचा भर खड़ा कर दिया गया है। टॉयलेट में न सीटें लगाई गई हैं और न ही कांप्लेक्स की छत ढलाई का काम कराया गया है। वहां पानी की व्यवस्था के लिए बोर भी नहीं कराया गया है। जबकि बोर कराने, मोटर पंप व अंदर नल लगाने के लिए भी राशि मंजूर हुई है। पूरी रकम की बंदरबांट अधिकारियों के साथ मिलकर कर ली गई है। शौचालय के अभाव में ग्रामीण खुले में शौच करने मजबूर हैं। महिलाओं, युवतियों व किशोरियों को खुले में शौच करने के दौरान शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। प्रधानमंत्री ने शौचालय को इज्जत घर नाम दे रखा है, ताकि नारी की मर्यादा पर आंच न आने पाए और कोई भी अधर्मी व्यक्ति माता बहनों की आबरू पर मैली नजर न डाल सके, मगर यहां तो सरपंच सचिव की ही मैली नजर आड़े आ गई है। उन्होंने इज्जत घर में डाका डालकर लाखों रुपए हड़प लिए हैं।
अधिकारी ने नहीं दिया जवाब
इस संबंध में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी कौस्तुभ वर्मा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब न देकर टालमटोल वाली नीति अपना ली। उनके मोबाईल फोन नंबर 7587077788 पर भी बार बार कॉल किया गया, मगर उन्होंने फोन रिसीव ही नहीं किया। जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मांडवी ने भी इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया।
दल्लीराजहरा – दल्ली राजहरा से बालोद मुख्य मार्ग में अरमुरकसा पुलिया के पास नशे में धुत कार क्रमांक CG-24,S 2444 द्वारा विपरीत दिशा में जाकर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल क्रमांक CG -19 BL 9773 एवं स्वराज माजदा क्रमांक को ठोकर मार दी ठोकर इतनी तेज थी कि कार में सुरक्षा के लिए लगे एयरबैग भी खुल गए जिसके कार ड्राइवर को चोट नहीं लगी किंतु मोटरसाइकिल एवं कार का सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया वही सामने खड़ी स्वराज माजदा टक्कर से 3 फीट पीछे चली गई सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कर लोहारा निवासी नारायण सिंह कोठारी की बताई जा रही है जिसे ड्राइवर दल्ली राजहरा अस्पताल में मरीज छोड़कर वापस लोहारा जा रहा था और अत्यधिक नशे में था उसके द्वारा की अन्य गाड़ियों को भी चोट पहुंचाई गई है,।
जगदलपुर बस्तर जिला यादव समाज द्वारा प्रतिवर्ष कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाता है और यह आयोजन नगर के विजय वार्ड स्थित कृष्ण मंदिर में होता हैं।इस दौरान भगवान कृष्ण की पूजा_अर्चना की जाती है और नगर मे भव्य शोभा यात्रा भी निकाली जाती है। भगवान कृष्ण जन्मोत्सव पूजा अर्चना एवं भव्य शोभा यात्रा में शामिल होने का न्योता देने आज बस्तर जिला यादव समाज के अध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व मे अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार से यादव समाज का प्रतिनिधिमंडल मिला। समाज द्वारा स्वर्णकार को पीला साफा बांधकर सम्मान किया गया और नेवता पत्र भी दिया गया। इस दौरान चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम एवं यादव समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।