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नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार एवं भाजपा पार्षदों के साथ विकास कार्यो में भेदभाव के खिलाफ भाजपा का विरोध प्रदर्शन

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दल्ली राजहरा मंडल द्वारा आज नगर पालिका परिषद में हो रहे भ्रष्टाचार एवं भाजपा पार्षदों के वार्डो में विकास कार्यो में किये जा रहे भेदभाव के खिलाफ भाजपा जिला कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह एवं वार्ड क्रम 16 पार्षद सोहद्रा ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका का घेराव कर जमकर नारेबाजी की, भाजपाइयों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष नगर विकास में राजनीतिक भेदभाव किया जा रहा है।

कांग्रेस पार्षद एवं कुछ गिने चुने वार्डो में ही कार्य करवाया जा रहा है और भाजपा पार्षदों के वार्डो के काम को रोक दिया जाता है। वार्ड क्रम 16 पार्षद सोहद्रा ठाकुर ने कहा कि इस कार्यकाल में मेरे द्वारा लगातार वार्डो के कार्य के लिए पालिका में आवेदन दिया जा रहा है परंतु भाजपा पार्टी से पार्षद होने के कारण लगातार काम को रोक दिया जा रहा है। लगतार आवेदन एवं निवेदन के बाद भी कार्य नही होने के कारण आज ये विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जिला कोषाध्यक्ष सुदेश सिंह ने कहा नगर में इस प्रकार का भेदभाव करना नगर के जनता के साथ भेदभाव है और जिस पार्टी का मुख्यमंत्री आदिवासियों के उत्थान की बात करने वाले के पार्टी के लोग एक आदिवासी पार्षद के साथ अभद्र व्यवहार एवं शोषण किया जा रहा है ।

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इस दौरान सुदेश सिंह जिला कोषाध्यक्ष भाजपा, वार्ड पार्षद सोहद्रा ठाकुर, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भूपेंद्र श्रीवास भाजपा अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष कासिम कुरैशी जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा किरण सिन्हा, अजजा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महेंद्र पिपरे, युवा मोर्चा जिला मंत्री सोनू ठगेल मंडल महामंत्री राकेश द्विवेदी, महेंद्र सिंह, भाजयुमो नगर अध्यक्ष संजीव सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष गीता मरकाम, मंडल उपाध्यक्ष सुजीत झा मंत्री जनार्दन सिंगरौल, सुरेश जयसवाल, लीलावती साहू रानू ठाकुर राकेश कोसरे, नीलेश श्रीवास्तव, शंकर साहू, सुमित जैन, मनन गुप्ता, सुचित्रा दास, विम्मी शर्मा, बसंती बाई ,कुसुम देवांगन, एवं वार्ड क्रम 16 की जनता उपस्थित थे।

एक विभागीय अधिकारी ने राजनैतिक प्रश्रय मे पार की सारी हदें

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर, 05 सितम्बर। बस्तर के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग उत्कृष्ट शिक्षा देने में भले ही नाकाम साबित हो रहा है, लेकिन विभाग का एक अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में महा गुरु जरूर बन गया है। इस अधिकारी पर शासकीय राशि मै भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगे हैँ। अपने कई वरिष्ठ अधिकारियो को निपटा चुका यह अधिकारी आज भी एक ही जगह अपने पद डटा हुआ है।सरकार बदलने के साथ ही बस्तर संभाग में विकास एवं निर्माण कार्यों का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। ऐसे कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त राशि आबंटित की जा रही है। बस्तर संभाग के भी प्रायः सभी विभागों को निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए शासन भरपूर राशि दे रहा है। इसी के साथ यह देखना भी जरुरी हो गया है कि शासकीय राशि का समुचित उपयोग हो रहा है या नहीं ? बस्तर के शिक्षा विभाग के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में सरकारी राशि की लूट मची हुई है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक बस्तर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने कार्य क्षेत्र में शिक्षा विभाग को आबंटित कई करोड़ की राशि को मनमाने ढंग से खर्च किये जाने का मामला सामने आया है। यह अधिकारी बस्तर जिले में अपनी पदस्थापना से पहले दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ थे। सन् 2017 में कई करोड़ रुपए की अफरातफरी करने के कारण उन्हें दंतेवाड़ा कलेक्टर द्वारा निलंबित भी किया गया था, किन्तु तत्कालीन भाजपा सरकार के शिक्षामंत्री के काफी करीबी होने के कारण उन्हें संरक्षण दे कर बस्तर जिले के मुख्यालय विकासखंड में पदस्थ कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि ये अधिकारी गीदम विकासखंड के अलावा बस्तर जिले में अपनी पदस्थापना के दौरान उन्होंने निर्माण कायों में करोड़ों रुपए की राशि अपनों के बीच तथा अपने संरक्षण दाताओं में कथित रूप से बांटकर अपने आप को सुरक्षित बचाये रखा। लेकिन सरकार बदलने के बाद इस अधिकारी ने भी पाला बदल लिया और कांग्रेसी नेताओं के वे करीबी बन गए।*टिक नहीं पाते ईमानदार अफसर* इस अधिकारी के हौसले इस हद तक बुलंदी पर हैं कि उन्हों ने जिला शिक्षा अधिकारी को भी जेब में रखने का दावा करते हुए तत्कालीन शिक्षा अधिकारियों को अपने सहयोगियों के माध्यम से उलझा कर रखा। पिछले वर्ष के दौरान दो जिला शिक्षा अधिकारी या तो बदले गए या निलंबित हुए। इस अधिकारी ने स्थानीय अपने स्थानीय करीबी कांग्रेसी नेताओं के साथ मिलकर शिक्षा विभाग को दी जाने वाली राशि का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। इस अधिकारी ने अपने कई साथी विकासखंड शिक्षा अधिकारियो की मदद से जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार एक ऐसी महिला को दिलवाने में कामयाब हो गए, जो उनके लिए केवल कठपुतली साबित हो रही है। शिक्षा विभाग द्वारा आबंटित राशि से बस्तर जिले के कई विकासखंडों में जारी निर्माण कार्यों में राशि की गड़बड़ी की जानकारी अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। जगदलपुर विकासखंड के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षा मद से जारी राशि के माध्यम से निर्माण कार्यों के लिए निविदा निकाली गई थी एवं अपने चहेते ठेकेदारों को कार्य करने का अवसर भी प्रदान कर दिया गया। बताते हैं कि सत्ताधारी दल से जुड़े जिले के अनेक नेताओं से सीधा संपर्क होने के कारण उक्त मद से आधा-अधूरा निर्माण कार्य करवा कर स्वीकृत पूरी राशि का आहरण कर लिया गया। सत्ताधारी नेताओं का दामन पकड़ कर पिछली सरकार के दौरान इस अधिकारी ने मलाई खाई थी, उसी तर्ज पर ही वे अब विगत तीन वर्षों से वैसा ही खेल खेल रहे हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पर दबाव डालकर आहरित राशि कि बंदरबांट की जाती है।*अफसर की संदिग्ध मौत* जिला शिक्षा विभाग में महिला अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर के रूप में एक अधिकारी की नियुक्ति भी हुई थी। इस बड़े अधिकारी ने ऐसे गड़बड़ घोटालों पर लगाम लगाने की कोशिश की और ऐसे दागदार विकास खंड अधिकारियों की एक विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी को भेजी गई थी। इससे नाखुश इन विकासखंड अधिकारियों ने इस उच्च अधिकारी पर जिले के बड़े नेताओं एवं प्रदेश स्तर के नेताओं के माध्यम से काफी दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया। लगातार राजनैतिक दबाव से परेशान हो कर यह वरिष्ठ अधिकारी बार बार छुट्टी पर चले जाते थे इसका भरपूर लाभ भ्रष्ट अधिकारीयों ने उठाया। कुछ दिनों पूर्व इस वरिष्ठ अधिकारी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अनेक नागरिक इस वरिष्ठ अधिकारी की मौत के पीछे किसी साजिश का अंदेशा जाता रहे हैं। लोगों को अब यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या उक्त वरिष्ठ अधिकारी ऐसे विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी और ग़फ़लतबाजी के कारण परेशान थे। अनुचित तरीके से कमाये गए धन के दम पर स्थानीय नेताओं के जरिये बनाये जा रहे दबाव के चलते उक्त वरिष्ठ अधिकारी मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। ये वरिष्ठ अधिकारी इस कदर मानसिक रूप से त्रस्त हो चले थे कि इन्ही परिस्थितियों के बीच एक दिन अचानक उनकी संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मृत्यु के लिए अनआवश्यक राजनैतिक दबाव और मातहत अधिकारियो की मनमानी और ग़फ़लतबाजी को जिम्मेदार माना जा था है। मौजूदा जिला शिक्षा अधिकारी इस ग़फ़लतबाजी पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही हैं, या यों कहे कि मातहत अफसरों को उनका संरक्षण भी मिल रहा है। शासन से शिक्षा विभाग को स्कूलों मे शिक्षा का स्तर सुधारने तथा विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राशि मिलती है लेकिन इस राशि से अधिकारियों का जीवन स्तर सुधर रहा है तथा वे सुविधा संपन्न हो रहे हैं।

बस्तर के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का महागुरु

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(अर्जुन झा)

एक विभागीय अधिकारी ने राजनैतिक प्रश्रय मे पार की सारी हदें

जगदलपुर, 05 सितम्बर। बस्तर के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग उत्कृष्ट शिक्षा देने में भले ही नाकाम साबित हो रहा है, लेकिन विभाग का एक अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में महा गुरु जरूर बन गया है। इस अधिकारी पर शासकीय राशि मै भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगे हैँ। अपने कई वरिष्ठ अधिकारियो को निपटा चुका यह अधिकारी आज भी एक ही जगह अपने पद डटा हुआ है।

सरकार बदलने के साथ ही बस्तर संभाग में विकास एवं निर्माण कार्यों का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। ऐसे कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त राशि आबंटित की जा रही है। बस्तर संभाग के भी प्रायः सभी विभागों को निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए शासन भरपूर राशि दे रहा है। इसी के साथ यह देखना भी जरुरी हो गया है कि शासकीय राशि का समुचित उपयोग हो रहा है या नहीं ? बस्तर के शिक्षा विभाग के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में सरकारी राशि की लूट मची हुई है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक बस्तर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने कार्य क्षेत्र में शिक्षा विभाग को आबंटित कई करोड़ की राशि को मनमाने ढंग से खर्च किये जाने का मामला सामने आया है। यह अधिकारी बस्तर जिले में अपनी पदस्थापना से पहले दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ थे। सन् 2017 में कई करोड़ रुपए की अफरातफरी करने के कारण उन्हें दंतेवाड़ा कलेक्टर द्वारा निलंबित भी किया गया था, किन्तु तत्कालीन भाजपा सरकार के शिक्षामंत्री के काफी करीबी होने के कारण उन्हें संरक्षण दे कर बस्तर जिले के मुख्यालय विकासखंड में पदस्थ कर दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि ये अधिकारी गीदम विकासखंड के अलावा बस्तर जिले में अपनी पदस्थापना के दौरान उन्होंने निर्माण कायों में करोड़ों रुपए की राशि अपनों के बीच तथा अपने संरक्षण दाताओं में कथित रूप से बांटकर अपने आप को सुरक्षित बचाये रखा। लेकिन सरकार बदलने के बाद इस अधिकारी ने भी पाला बदल लिया और कांग्रेसी नेताओं के वे करीबी बन गए।

टिक नहीं पाते ईमानदार अफसर

इस अधिकारी के हौसले इस हद तक बुलंदी पर हैं कि उन्हों ने जिला शिक्षा अधिकारी को भी जेब में रखने का दावा करते हुए तत्कालीन शिक्षा अधिकारियों को अपने सहयोगियों के माध्यम से उलझा कर रखा। पिछले वर्ष के दौरान दो जिला शिक्षा अधिकारी या तो बदले गए या निलंबित हुए। इस अधिकारी ने स्थानीय अपने स्थानीय करीबी कांग्रेसी नेताओं के साथ मिलकर शिक्षा विभाग को दी जाने वाली राशि का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। इस अधिकारी ने अपने कई साथी विकासखंड शिक्षा अधिकारियो की मदद से जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार एक ऐसी महिला को दिलवाने में कामयाब हो गए, जो उनके लिए केवल कठपुतली साबित हो रही है। शिक्षा विभाग द्वारा आबंटित राशि से बस्तर जिले के कई विकासखंडों में जारी निर्माण कार्यों में राशि की गड़बड़ी की जानकारी अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। जगदलपुर विकासखंड के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षा मद से जारी राशि के माध्यम से निर्माण कार्यों के लिए निविदा निकाली गई थी एवं अपने चहेते ठेकेदारों को कार्य करने का अवसर भी प्रदान कर दिया गया। बताते हैं कि सत्ताधारी दल से जुड़े जिले के अनेक नेताओं से सीधा संपर्क होने के कारण उक्त मद से आधा-अधूरा निर्माण कार्य करवा कर स्वीकृत पूरी राशि का आहरण कर लिया गया। सत्ताधारी नेताओं का दामन पकड़ कर पिछली सरकार के दौरान इस अधिकारी ने मलाई खाई थी, उसी तर्ज पर ही वे अब विगत तीन वर्षों से वैसा ही खेल खेल रहे हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पर दबाव डालकर आहरित राशि कि बंदरबांट की जाती है।

अफसर की संदिग्ध मौत

जिला शिक्षा विभाग में महिला अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर के रूप में एक अधिकारी की नियुक्ति भी हुई थी। इस बड़े अधिकारी ने ऐसे गड़बड़ घोटालों पर लगाम लगाने की कोशिश की और ऐसे दागदार विकास खंड अधिकारियों की एक विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी को भेजी गई थी। इससे नाखुश इन विकासखंड अधिकारियों ने इस उच्च अधिकारी पर जिले के बड़े नेताओं एवं प्रदेश स्तर के नेताओं के माध्यम से काफी दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया। लगातार राजनैतिक दबाव से परेशान हो कर यह वरिष्ठ अधिकारी बार बार छुट्टी पर चले जाते थे इसका भरपूर लाभ भ्रष्ट अधिकारीयों ने उठाया। कुछ दिनों पूर्व इस वरिष्ठ अधिकारी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अनेक नागरिक इस वरिष्ठ अधिकारी की मौत के पीछे किसी साजिश का अंदेशा जाता रहे हैं। लोगों को अब यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या उक्त वरिष्ठ अधिकारी ऐसे विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी और ग़फ़लतबाजी के कारण परेशान थे। अनुचित तरीके से कमाये गए धन के दम पर स्थानीय नेताओं के जरिये बनाये जा रहे दबाव के चलते उक्त वरिष्ठ अधिकारी मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। ये वरिष्ठ अधिकारी इस कदर मानसिक रूप से त्रस्त हो चले थे कि इन्ही परिस्थितियों के बीच एक दिन अचानक उनकी संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मृत्यु के लिए अनआवश्यक राजनैतिक दबाव और मातहत अधिकारियो की मनमानी और ग़फ़लतबाजी को जिम्मेदार माना जा था है। मौजूदा जिला शिक्षा अधिकारी इस ग़फ़लतबाजी पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही हैं, या यों कहे कि मातहत अफसरों को उनका संरक्षण भी मिल रहा है। शासन से शिक्षा विभाग को स्कूलों मे शिक्षा का स्तर सुधारने तथा विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राशि मिलती है लेकिन इस राशि से अधिकारियों का जीवन स्तर सुधर रहा है तथा वे सुविधा संपन्न हो रहे हैं।

भानपुरी के युवासमिति एवं गणेश मंडली की ओर से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम

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भानपुरी पंचायत भानपुरी फरसागुड़ा विगत ऐतिहासिक परम् परागत गणेशपूजा सन 1936 से निरंतर श्री गणेश पूजा चलते आ रहा है जिसमे ग्राम रखा गया था जिसमे प्रथम स्थान पर – बस्तरिया लोककला मंच बम्हनी दूसरे स्थान – बस्तरिया स्वरांजलि ग्रुप झारा तीसरे स्थान – भानपुरी फरसागुड़ा की बेटी – भूमिका एवं प्रियांशी ने स्थान अर्जित किया जिसके मुख्यातिथि पूर्व मंत्री केदार कश्यप जिला पंचायत बस्तर अध्यक्षता – वेदवती कश्यप भाजपा जिला अध्यक्ष – रूपसिंह मंडावी ,निर्णायक के रूप में महेश राठौर देवेंद्र नाग कन्हैया लाल मंडावी लक्ष्मीकांत पन्त तुलतु बघेल ,तुलसी कश्यप ,हीरा देवांगन ,एंव गौरीशंकर ध्रुव एंव समस्त ग्राम के गणमान वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

बोहडीडैम में मिली अज्ञात शव की हुई शिनाख्त

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बोहडीडेम में मिले शव की हुई शिनाख्त मौके पर पुलिस ने पहुंचकर शव को डेम से बाहर निकाला युवक की पहचान दल्ली राजहरा के युवा व्यवसायी कबीर तुली के रूप में की गई जोकि चिखलाकसा का निवासी है दल्ली राजहरा में सम्मानित व्यवसायी एवं ट्रांसपोर्ट परिवार से संबंध रखता है सहज सरल एवम व्यवहारिक युवा व्यवसायी का इस तरह असमय निर्धन होने से शहर के लोग अचंभित हैं पुलिस द्वारा अब जांच का विषय है कि युवा व्यवसायी द्वारा अपने वाहन से जाकर आत्महत्या की या उस कि हत्या की गई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवम पुलिस द्वारा जांच के पश्चात की जाएगी

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बोडीडैम में तैरती हुई लाश देखी गई

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दल्ली राजहरा-बोडीडेम में घुमने गए लोगो द्वारा अज्ञात लाश को देखकर जिसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी गई जिसके बाद यह सूचना थाने को दी गई समाचार लिखे जाने तक मौके पर पुलिस नहीं पहुंची थी तैरती हुई लाश देखकर लोगों के मन में दहशत का वातावरण है बॉडी उल्टी होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही है ।

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बस्तर सांसद दीपक बैज सहित अन्य सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आफिस से रामलीला मैदान सभा स्थल की ओर जाते हुए

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बस्तर सांसद दीपक बैज,राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम,सांसद ज्योत्सना महंत व अन्य नेतागण मंगाई के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम में पहुंच चुके l

डेंगू और मलेरिया नियंत्रण : डॉ चतुर्वेदी

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जगदलपुर वैसे तो बस्तर में डेंगू का प्रकोप पिछले तीन महीनों से जारी रहा है। लगातार आ रही खबरों और आंकड़ों से हम लगातार बस्तर में अलग अलग ?लॉक में स्थितियों की जानकारी लेते रहें है। लेकिन आज की स्थिति में डेंगू पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी श्री आर के चतुर्वेदी ने बताया कि बस्तर जिले का वातावरण और जलवायु मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होता है जिसकी वजह से यहाँ हर बार लोगों को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। डेंगू एक वायरल डीजिस हैं और यह एडिस मच्छर के द्वारा एक संक्रमित मच्छर से दूसरे स्वास्थ्य व्यक्ति में फैलता है। इसका लक्षण संक्रमण के 5 दिन बाद दिखाई देता है। जिसमें तेज बुखार, आँखों के पिछले हिस्से में दर्द, जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी स्थिति का सामना मरीज को करना पड़ता है। यह दर्द 3-4 दिन रहता है। 5 से 7 दिनों के भीतर वह ठीक हो जाता है। डेंगू से ग्रसित व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा द्रव्य आहार का सेवन करना चाहिए। आराम करना चाहिए और यदि बुखार है तो चिकित्सक की सलाह से दवाओं का सेवन करें। कई बार मरीज बिना किसी चिकित्सकीय सलाह लिए, कैसे भी दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करके केस बिगाड़ लेते हैं, ऐसी स्थिति से बचना चाहिए। अपने आस पास के स्वास्थ्य केंद्र से आप अधिक जानकारी ले सकतें हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमारे जिले में इसके उपचार कि समुचित व्यवस्था है। अगर किसी मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल कॉलेज में उसकी भी उड्डाम व्यवस्था है। रोग के नियंत्रण और रोकथाम के उपाय के लिए जब से हमें पहली बार डेंगू के मरीज मिलने शुरू हुए तब से ही सजगता से विभागीय कर्मी और अमला लगा हुआ है। जून के अंतिम सप्ताह से डेंगू के केसेस आने शुरू हुए थे तब से ही हमारे द्वारा रैपिड रीस्पान्ड टीम बनाया गया है, हमारा कंट्रोल रूम बनाया गया है और प्रतिदिन घर घर सर्वे करनें के लिए एक टीम गठित की गई है जो संक्रमण फैलाव रोकने का कार्य करती है, मरीजों का फॉलो अप का कार्य इनके द्वारा किया जाता है। प्रचार प्रसार और मरीजों की काउन्सीलिंग का कार्य भी निरंतर चल रहा है। कलेक्टर महोदय की दिशानिर्देश के द्वारा, हमने इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय की बैठक में राजस्व विभाग, नगर निगम, आई सी डी एस और और शिक्षा विभाग जैसा अमला भी हमारे साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके बदौलत हम बहुत अच्छी योजना बनाकर कार्य कर रहें हैं, जिसमें डेंगू आज की स्थिति में काफी नियंत्रित हुआ है। पिछले एक हफ्ते में डेंगू के मामलों में गिरावट देखी गई है। जांच भी लगातार उतना ही किया जा रहा है। हम उ्मीद कर सकतें हैं कि डेंगू का संक्रमण जो हमारे शहर और आस पास के इलाकों में हो रहा है, उससे बहुत जल्दी पूरी तरह से निजात पा ली जाएगी। उन्होंने आगे आंकड़ों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले एक हफ्ते में कुल 20 के औसत के आसपास डेंगू के प्रकरण पूरे जिले में हैं। वहीं मलेरिया के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि मलेरिया हमारे लिए एक एंडेमीक डीसिस के रूप में है। मलेरिया के उन्मूलन के लिए शासन के दिशानिर्देशानुसार हम कटिबद्ध हैं। इसके लिए 2020 में विशेष अभियान मलेरिया मुक्त बस्तर के नाम से प्रारंभ हुआ। जिसके तहत बस्तर जिले में इसका प्रभाव बहुत व्यापक रहा। इसकी वजह से एपीआई में लगातार गिरावट दर्ज किया गया है। पूरे छत्तीसगढ़ में समस्त आदिवासी इलाकों में यह अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत हमारे विभाग ने प्रत्येक घर प्रत्येक व्यक्ति की जांच करके हमें पता चला कि बहुत से ऐसे लोग थे जिन्हे मलेरिया का कोई लक्षण नहीं था, परंतु उन लोगों में भी पैरासाइट पाया गया। इससे हमें पता चल कि 50 से 60 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिनके शरीर लक्षण रहित मलेरिया के पैरासाइट के कैरियर के रूप में कार्य कर रहें हैं। वही संक्रमण का बहुत बड़ा स्त्रोत था। तो इस अभियान के दौरान ऐसे लोगों की पहचान हुई, और अब तक 6 चरणों में इस अभियान को संचालित किया गया है। और इसमें 20 के आसपास हमारा वार्षिक परजीवी सूचकांक था, वह पिछले वर्षकरीब 8 तक आ चुका था। वर्तमान 2021-22 में यह सूचकांक 2 तक आ चुका है। यह कहा जा सकता है की यह हमारे जिले के लिए एक बहुत बड़ी सफलता है। भविष्य में हमें एनिमिया और कुपोषण पर भी अच्छा असर इस नियंत्रण की वजह से दिखाई देगा।

30 उपवास प्राची पारख के, राष्ट्र संत ने दिया आशीर्वाद

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रायपुर : संयम, तपस्या त्याग , का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मधुबन हनुमान नगर ,कालीबाड़ी निवासी सुश्री प्राची पारख ने चातुर्मास में 30 उपवास कर राष्ट्र संत श्री ललितप्रभ जी महाराज सा का आशीर्वाद प्राप्त किया , राष्ट्र संत ने स्वयं सुश्री प्राची पारख के निवास में दर्शन देकर अनुमोदना की और पारणा करवाया। गौरतलब है की राष्ट्र संत श्री ललितप्रभ जी महाराज सा और मुनि डॉ शांतिप्रिय जी महाराज सा के सानिध्य में आयोजित लोक कलयाणकारी चातुर्मास में तपस्वी सुश्री प्राची पारख के मास क्षमण की तपस्या पर श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट , जैन दादाबाड़ी , रायपुर व दिव्य चातुर्मास समिति , रायपुर ने अभिनन्दन किया है। इस अवसर पर सुश्री प्राची पारख के परिजन मदनलाल जी पारख , मनोज पारख , नवीन पारख , संभव पारख श्रीमति नगीना पारख , श्रीमती रेखा पारख उपस्थित थे।

संयुक्त खदान मजदूर संघ राजहरा का प्रतिनिधि मंडल माइंस हॉस्पिटल राजहरा की समस्याओं को लेकर चर्चा

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संयुक्त खदान मजदूर संघ राजहरा का प्रतिनिधि मंडल माइंस हॉस्पिटल राजहरा की समस्याओं को लेकर डॉ मनोज डहरवाल, प्रभारी माइंस हॉस्पिटल राजहरा एवं मुख्य महाप्रबंधक (खदान एवं रावघाट) श्री समीर स्वरूप से चर्चा की। सचिव कमलजीत सिंह मान ने कहा कि माइंस हॉस्पिटल के मेल एवं फीमेल वार्ड में सुविधाओं का अभाव है, वहां पंखे कूलर आदि ठीक ढंग से नहीं चलते हैं। कूलर खराब पड़े हुए हैं। माइंस में आने वाले मरीजों को उचित सुविधा मिले, इसके लिए वार्डो को आधुनिक बनाया जाए। वार्डो में एयर कंडीशनर लगवाया जाय ताकि मरीजों को सुविधा हो तथा वार्ड में उन्हें आराम मिल सके।

अस्पताल में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीन काफी लंबे समय से खराब है, जिसकी मरम्मत के लिए बीच-बीच में उच्च प्रबंधन से यूनियन द्वारा इसके संबंध में चर्चा की जाती रही है, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन अभी दो ढाई साल के बाद भी ठीक नहीं हो पाई है।

अभी पिछले महीने एक्स रे मशीन खराब हो गई है, जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड मशीन एवं एक्सरे मशीन को राजहरा माइंस हॉस्पिटल में मरम्मत कर उपलब्ध करवाया जावे।

प्रतिनिधियों ने आगे कहा कि माइंस हॉस्पिटल में अनेक सामान्य उपयोग की दवाइयां भी कई बार उपलब्ध नहीं रहती हैं, जैसे एमोक्सिसिलिन टेबलेट, खांसी का सिरप आदि उपलब्ध नहीं रहता है। माइंस हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जानी चाहिए जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, ई एन टी एवं चाइल्ड स्पेशलिस्ट तुरंत आना चाहिए। इसी प्रकार नर्सिंग स्टाफ की बहुत कमी है तथा आने वाले 2 सालों में कुछ नर्स रिटायर हो जावेगी, जिससे उनकी और भी कमी हो जाएगी। इसलिए नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की जावे। हॉस्पिटल में ड्रेसर व अटेंडेंट की भी कमी है ड्रेसर और अटेंडेंस की नियुक्ति की जावे। कैजुअल्टी में महिलाओं के वॉशरूम में अंदर से सिटकनी तक नहीं है, जो कि कभी कभी अप्रिय स्थिति पैदा कर देता है। दरवाजे की भी हालत एकदम जर्जर है, इस संबंध में सिविल विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई है लेकिन आज तक ठीक नहीं हुआ।

प्रतिनिधियों ने यह मांग की कि वार्ड में ईसीजी मशीन की व्यवस्था की जावे। हॉस्पिटल में अभी पैथोलॉजी में कल्चर टेस्ट, विडाल टेस्ट आदि टेस्ट नहीं हो रहे हैं। पैथोलॉजी लैब में आवश्यक अधिक से अधिक टेस्ट हो सके इस प्रकार की व्यवस्था की जावे।

चर्चा में कमलजीत सिंह मान, दान सिंह चंद्राकर, आर पी बारेठ, तोरण लाल साहू, राजेश कुमार साहू, कुलदीप सिंह, पवन कुमार गंगबोईर, मोतीलाल जार्ज, श्रीनिवासलू, अखिलेश मसीह, सोमित कुमार साहू, समसुद्दीन अंसारी, धनराज साहू, आरबी सिंह, ओ पी शर्मा, श्याम सुंदर, प्रीतम पटेल, अरविंद पाठक आदि उपस्थित थे।

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