जगदलपुर, 16 मार्च 2022 – राजस्व संबंधी विषयों के क्रियान्वयन और राजस्व न्यायालय में दर्ज प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण के लिए बस्तर संभागायुक्त श्याम धावड़े की अध्यक्षता में 24 मार्च को बस्तर संभाग के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और प्रभारी-नोडल अधिकारी एफआरए वन विभाग से परिचर्चा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है। परिचर्चा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के कलेक्टोरेट के प्रेरणा हाल में आयोजित किया गया है। इस परिचर्चा और प्रशिक्षण कार्यक्रम में वनाधिकार मान्यता अधिनियम 2006 का क्रियान्वयन, सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र निराकृत-लंबित प्रकरणों पर चर्चा, गांव में स्थापित देवगुड़ियों के संधारण-संवर्धन तथा राजस्व अभिलेखों में दर्ज प्रकरण, राजस्व प्रकरणों की नामांतरण, बटवारा, सीमांकन व न्यायालयीन प्रकरणों पर संभागायुक्त द्वारा चर्चा की जाएगी।
नगरवासियों द्वारा किये गए चक्का जाम का जायजा लेने, एस.डी.एम पहुंचे घटनास्थल सुनी पीड़ितों की गुहार
नगरवासियों की इस समस्या का जल्द होगा निराकरण : एस.डी.एम
किरंदुल – किरंदुल में नगर वासियों द्वारा धूल से परेशान होकर अचानक किए गए आंदोलन की सूचना पाकर एसडीएम अरुण कुमार सोम आज दोपहर 2:00 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनास्थल का जायजा लिया। घटना स्थलपर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनिल राजीव मोल, महिला फेडरेशन के अध्यक्ष कांता, भावना एवं पार्षद कीर्ति राणा उपस्थिति रह कर नगरवासियों की समस्या व घटनाक्रम का विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
एसडीएम साहब तत्काल एनएमडीसी परियोजना के अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाकर इस समस्या के संबंध में जानकारी ली। तत्पश्चात उन्होंने प्रबंधन को जल्द से जल्द इस समस्या से नगर वासियों को निजात दिलाने को कहा। जिसके लिए नगर वासियों एवं परियोजना प्रबंधक के बीच एक बैठक जल्द से जल्द करा कर समस्या का समाधान निकालने कि बात कही। विदित हो कि पिछले वर्ष भी फरवरी में इसी जगह पर ऐसा ही एक आंदोलन हुआ था। जिसमें परिजनों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि समस्या का निराकरण किया जाएगा। परंतु कुछ दिनों बाद समस्या जस की तस रही। इस पर एसडीएम अरुण कुमार सोम जी ने कहा की पूर्व की घटना की मुझे जानकारी नहीं है परंतु यह वाकई जन समस्या है। नागरिकों की तकलीफ को देखते हुए हमने जल्द से जल्द परियोजना प्रबंधन को पीड़ितों के साथ एक बैठक बुलाने को कहा है जिसमें इस समस्या का समाधान जरूर निकाला जाएगा। और हमारे नगर वासियों को जल्द ही इस धूल से निजात मिल पाएगी।
होली पूर्व बस्तर पुलिस एक्शन मोड में, अवैध शराब, जुआ एवं सट्टा पर ताबड़तोड़ कार्यवाही
जगदलपुर – होली पर्व के पूर्व बस्तर पुलिस एक्शन मोड पर है. वहीँ, बेसिक पुलिसिंग अन्तर्गत शहर की शांति व्यवस्था हेतु लगातार ऐतिहातन कार्यवाही किया जा रहा है. इसी क्रम में आगामी 18 मार्च को होली त्यौहार के मद्देनजर निर्विघ्न, शांतिपूर्ण एवं सौहार्द्र पूर्ण होली के उद्देश्य से जिले के सभी थाना/चैकी प्रभारियों को बुनियादी पुलिस हेतु निर्देश दिया गया है.
अवैध शराब पर कार्यवाही:-
चौकी पखनार अन्तर्गत 02 आरोपियों सायतो गावडे पिता आयतु गावडे उम्र 30 निवासी ग्राम किलेपाल व सुनील गुप्ता पिता मदन प्रसाद गुप्ता निवासी कोडेनार के कब्जे से कुल 86 नग पौवा गोवा व्हिस्किी मात्रा 15.5 लीटर जिनकी कीमत 10,400/-रूपये है एवं नगद राशि 2230/-रूपये नगद जप्त किया गया है. इसके अतिरिक्त थाना परपा अन्तर्गत 01 सटोरिए भागेश कुमार जैन पिता शांतिलाल उम्र 37 वर्ष निवासी तेतरकुटी, जगदलपुर पर सट्टा की कार्यवाही किया गया है. जिसके कब्जे से नगद 850/-रूपये 01 मोबाईल, 01 मोटर सायकल और सट्टा पर्ची बरामद कर जप्त किया गया है. इसके अतिरिक्त थाना नगरनार अन्तर्गत 01 शराब तस्कर के कब्जे से 17 नग गोवा व्हिस्की मात्रा 3.5 लीटर बरामद कर आरोपी पिताम्बर नाग पिता पदमनाथ नाग निवासी चोकावाडा पर 34(1) आबकारी एक्ट की कार्यवाही की गई है. इसके अलावा कोतवाली थाना अन्तर्गत आम जगह पर शराब सेवन करते पाये जाने से 08 आरोपियों पर 36(च) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है.
ओवर स्पीड, प्रेशर हार्न एवं फटाकेदार साईलेंसर बाईक पर कार्यवाही:-
जगदलपुर शहर अन्तर्गत मोटर सायकल जिनमें प्रेशर हार्न, फटाके वाले साईलेंसर, ओवर स्पीड पर, ब्लैक फिल्म वाले वाहनों पर मोटरयान अधिनियम अन्तर्गत कार्यवाही की गई है. जिसमें 109 वाहन चालको के विरूद्ध मोटर यान अधिनियम के अन्तर्गत 34,000/-रूपये की चालानी कार्यवाही किया गया है.
शराब पीकर वाहन चलाने वालो के विरूद्ध कार्यवाही:-
आकस्मिक दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के दृष्टिकोण से आज ऐसे व्यक्ति जो शराब पीकर वाहन चला रहे है इन पर भी कार्यवाही की गई है जिसके अन्तर्गत जिले के सभी थाना/चैकियों के द्वारा कुल 18 वाहन चालको पर धारा 185 मोटरयान अधिनियम अन्तर्गत कार्यवाही की गई है.
प्रतिबंधात्मक कार्यवाही:-
इसके अतिरिक्त ऐसे लोग जो होली पर्व के दौरान शांति व्यवस्था प्रभावित कर सकते है ऐसे लोगो को समझाईस दिया गया है एवं ऐसे व्यक्ति जो शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की प्रबल संभावना होने पर 30 अनावेदको के विरूद्ध धारा 151 द.प्र.स. के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है.
स्थायी वारंटियो पर कार्यवाही:-
ऐसे अपराधी जो अपराध कारित कर लम्बे समय से फरार चल रहे वारंटी एवं स्थायी वारंटियो पर भी अभियान चलाकर कार्यवाही किया जा रहा है इसके अन्तर्गत थाना कोतवाली में 01 स्थायी वारंटियो की धरपकड कर संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है.
युवा आयोग सदस्य के छोटे भाई सहित दर्जनों ने पहना भगवान गमछा, विधायक के साथ कई मामले में चल रही तनातन बीजापुर में नहीं है कांग्रेस में ऑल इज वेल
जगदलपुर। बीजापुर जिला जोकि कांग्रेस का सुरक्षित सीट माना जा रहा था किंतु अब बीजापुर में भी कांग्रेसियों में सिरफुटव्वल की स्थिति निर्मित हो गई है। विधायक विक्रम शाह मंडावी व योग आयोग के सदस्य अजय सिंह के बीच शीत युद्ध सोशल मीडिया में लगातार वायरल होते रहता है किंतु इस संदर्भ में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल नहीं बन पाने के कारण कांग्रेस को भारी नुकसान हो सकता है। छत्तीसगढ़ की भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने बीजापुर जिला में कांग्रेसियों की लड़ाई का फायदा उठाकर योग आयोग के सदस्य अजय सिंह के छोटे भाई संजय सिंह एवं उनके भांजे लव रायडू को भाजपा का सदस्यता दिला दिया। इस बात की जानकारी मिलते ही कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर खलबली मची हुई है क्योंकि इन दिनों कांग्रेस पार्टी सदस्यता अभियान चला रही है और इस अभियान के बीच में कांग्रेस पार्टी के सक्रिय सदस्य यदि भाजपा में शामिल होते हैं तो आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा नुकसान हो सकता है। इन लोगों ने पार्टी छोड़ी है उनकी भैरमगढ़ विकासखंड में काफी दखल है और वह जीत हार का समीकरण बदलने का माद्दा रखते हैं जिसमें योगायोग सदस्य अजय सिंह का भाई संजय सिंह की जमीनी स्तर पर अच्छी पकड़ है। कुल मिलाकर कांग्रेस पार्टी में ठीक नहीं है वही भैरमगढ़ जैसे हालात पूरे विकासखंड में विधायक मंडावी की हठधर्मिता के कारण बनते जा रहा है। विधायक से नाराज चलने वालों में अन्य बड़े नेता भी हैं जो कि अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं और चुनाव पहुंचते-पहुंचते बड़ा ही फेरबदल भी हो सकता है।
जगदलपुर शहर आईटी सेल की हुई राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक, आईटी सेल व कांग्रेस संगठन की बारीकियों से करवाया गया अवगत
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी आईटी सेल प्रदेश अध्यक्ष जयवर्धन बिस्सा के निर्देश पर आईटी सेल जगदलपुर शहर की महत्त्वपूर्ण बैठक राजीव भवन जगदलपुर में आयोजित किया गया। इस बैठक में प्रदेश महासचिव व बस्तर प्रभारी योगेश पानीग्राही उपस्थित हुए।
प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की आईटी सेल पार्टी की महत्वपूर्ण इकाई है,जिसका मूल उद्देश्य कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना है। कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर केंद्र सरकार से लड़ती है तो आईटी सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लड़ता है। इस पार्टी में जुड़ने का सौभाग्य मिल रहा है। सभी साथियों से अनुरोध है कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाते। पानीग्राही ने कहा कि आईटी सेल सत्ता व संगठन के बीच सेतु का काम करता है जिसके माध्यम से व्यक्तिगत तौर पर पदाधिकारियों को अपनी पहचान दिलाता है जोकि यह जवाबदार संगठन है। जगदलपुर शहर अध्यक्ष आदर्श नायक ने कार्यकारिणी बनाने हेतु कुछ युवकों का नाम प्रस्तावित किया जिसे प्रदेश महासचिव योगेश पानीग्राही की सहमति से लोकसभा अध्यक्ष आशिष मिश्रा को भेजा गया। शहर अध्यक्ष आदर्श नायक ने कहा कि यह समय तकनीकी का युवक है जिसके माध्यम से स्वयं कांग्रेस पार्टी की विचारधारा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जनकल्याणकारी योजनाओं, कांग्रेस पार्टी के क्रियाकलापों को फेसबुक ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में रख सकते हैं। इस दौरान आयुष मोहंती, जितेंद्र नाग, रचित नायक ,फैजान अली, एडविन मार्क, अनफाज खान, दीपांशु ठाकुर, जेकब दास, रोशन गुलाब, अमित नाग, सागर राव मौजूद रहे।
द कश्मीर फाईल्स फिल्म को टैक्स फ्री करने भाजपा सदस्यों ने की मांग
रायपुर,16 मार्च । विधानसभा में आज भाजपा सदस्यों ने द कश्मीर फाईल्स फिल्म को छत्तीसगढ़ में भी टैक्स फ्री करने की मांग की।
शून्यकाल में आज नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने द कश्मीर फाईल्स फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को छत्तीसगढ़ की जनता भी देख सके इसके लिए राज्य सरकार को भी टैक्स में छूट देना चाहिए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर नेताप्रतिपक्ष से कहा कि हम टैक्स में छूट देने के लिए तैयार है और हम सभी एक साथ फिल्म को देखने भी जाएंगे लेकिन उससे उन्हें भारत सरकार से आग्रह करना चाहिए कि पूरे देश में छूट प्रदान करें ताकि पूरे देश की जनता इस फिल्म को देख सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि जीएसटी लागू है, टैक्स फ्री में आधा पैसा राज्य का और आधा भारत सरकार का होता है इसलिए पहले भारत सरकार को पूरे देश में इस फिल्म पर टैक्स में छूट देना चाहिए।
बस्तर स्टेडियम एवं खेल मैदान संचालन व संवर्धन समिति की हुई बैठक, स्टेडियम परिसर में नहीं संचालित की जाएंगी गैर खेल गतिविधियां
उचित देखरेख के लिए किया गया छः उप समितियों का गठन
जगदलपुर , 16 मार्च 2022/कलेक्टर एवं बस्तर स्टेडियम समिति के अध्यक्ष रजत बंसल की अध्यक्षता में आज बस्तर स्टेडियम एवं खेल मैदान संचालन और संवर्धन समिति की बैठक इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में आयोजित की गई। बैठक में स्टेडियम समिति के सलाहकार सदस्य पद्मश्री धर्मपाल सैनी, महापौर सफीरा साहू एवं नगर निगम की सभापति श्रीमती कविता साहू सहित अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, नगर निगम आयुक्त प्रेम पटेल, जगदलपुर एसडीएम एवं स्टेडियम समिति के पदेन सचिव दिनेश नाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक राजेन्द्र डेकाटें सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।
इस दौरान सभी खेल परिसरों के उचित रखरखाव पर जोर देते हुए इसके लिए आवश्यक शुल्क के निर्धारण पर सहमति व्यक्त की गई। इसके साथ ही खेल परिसरों में किसी भी प्रकार के गैर खेल गतिविधियों के संचालन नहीं करने का निर्णय लिया गया। खेल मैदानों के बेहतर रखरखाव के लिए इस समिति के अधीन उप समितियों के गठन का निर्णय भी लिया गया। इनमें हाता ग्राउण्ड उप समिति, बैडमिंटन हाॅल उपसमिति, सिटी ग्राउण्ड उप समिति, हैण्डबाल ग्राउण्ड उप समिति, टेनिस हाॅल उप समति, बाॅस्केटबाल ग्राउण्ड उप समिति का गठन किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि यहां विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं, ताकि अंचल के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने इन अधोसंरचनाओं के निर्माण को निर्धारित समय सीमा मंे पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से भी पूरी निष्ठा के साथ परिणाममूलक कार्य करने की अपील की।
महापौर सफीरा साहू ने बस्तर अंचल में तेजी से खेल सुविधाओं के विकास पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि शीघ्र ही खेल प्रेमियों को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम के रुप में एक विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से युक्त परिसर की सौगात मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस परिसर के रखरखाव की जिम्मेदारी सभी की है।
कचरा मुक्त शहर बनाने की ली गई शपथ
इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों और खेल पदाधिकारियों व बस्तर स्टेडियम एवं खेल मैदान संचालन व संवर्धन समिति के सदस्यों को नगर निगम आयुक्त प्रेम पटेल ने जगदलपुर शहर को कचरामुक्त शहर बनाने की शपथ दिलाई।
करोड़ों की शासकीय जमीन को कोडिय़ों के दाम पर बेचे जाने का मुद्दा सदन में गूंजा
भाजपा सदस्यों ने इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण सूचना देकर आसंदी से ग्राह्य करने की मांग की
रायपुर,16 मार्च । विधानसभा में आज करोड़ों कीमत की शासकीय जमीनों को कोडिय़ों के दाम बेचे जाने के मुद्दे पर भाजपा सदस्यों ने ध्यानाकर्षण सूचना दी। भाजपा सदस्यों ने आसंदी से ध्यानाकर्षण सूचना को ग्राह्य करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भिलाई सहित पूरे प्रदेश में शासकीय जमीनों का बंदरबांट चल रहा है।
शून्यकाल में सबसे पहले नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने यह मामला उठाते हुए कहा कि सरकार को आखिर क्या हो गया है शासकीय जमीनों की बिक्री होते जा रही है। उन्होंने कहा कि भिलाई में 7-8 करोड़ की जमीन को हाउसिंग बोर्ड ने सिर्फ ढाई करोड़ में बेच दिया। इस मामले में उन्होंने आसंदी से मांग की इस पर ध्यानाकर्षण सूचना दी गई है जिसे ग्राह्य किया जाए।
भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भिलाई में 15 करोड़ की जमीन को ढाई करोड़ में बचे दी गई। इसमें सिंगल ऑफर में जमीन अलॉट कर दिया गया। यह बहुत दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा कि भिलाई औद्योगिक नगर है। नियम प्रक्रिया में सिंगल ऑफर टेण्डर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस पर ध्यानाकर्षण सूचना दी गई है जिसे स्वीकार कर चर्चा कराई जाए। भाजपा सदस्य नारायण चंदेल ने भी कहा कि पूरे प्रदेश में खेल मैदान, मुक्तिधाम आदि की भूमि नहीं है। सरकारी जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। कीमती जमीनों को कोडिय़ों के दाम बेचा गया। इस मुद्दे पर भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, सौरभ सिंह सहित अन्य सदस्यों ने भी ध्यानाकर्षण की सूचना देते हुए आसंदी से इसे ग्राह्य करने की मांग की।
मदनवाड़ा कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश, आईपीएस मुकेश गुप्ता की भूमिका पर उठाए सवाल
कांग्रेस सरकार ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने का लिया था फैसला
12 जुलाई 2009 की घटना, कई गवाहों के बयान के बाद खुलासा
रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित मदनवाड़ा कांड में न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट सरकार ने बुधवार को विधानसभा में पेश की गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रिपोर्ट पर सरकार की तरफ से की गई कार्रवाई से सदन को अवगत कराया। आयोग की जांच रिपोर्ट में निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आयोग रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएस मुकेश गुप्ता ने घटना के दौरान अगर बुद्धिमता दिखाई होती तो शायद ही नतीजा कुछ और ही होता। इतना ही नहीं, आयोग ने जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि आईपीएस मुकेश गुप्ता ने नक्सलियों से मुकाबले के लिए एसपी विनोद चौबे को आगे भेज दिया और खुद अपनी बुलेटप्रूफ कार में बैठे रहे। जांच आयोग की रिपोर्ट में तत्कालीन आईजी मुकेश गुप्ता को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नक्सली हमले के दौरान तत्कालीन दुर्ग आईजी मुकेश गुप्ता की लापरवाही एवं असावधानी दिखती है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद करीब दो वर्ष पहले इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव को सौंपी गई थी। राजनांदगांव जिले के मदनवाड़ा में यह घटना 12 जुलाई 2009 को हुई। तत्कालीन एसपी वीके चौबे सहित 29 जवान नक्सली मुठभेड़ में बलिदान हो गए थे। जांच आयोग ने पिछले महीने ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। राजनांदगांव के नक्सल प्रभावित मदनवाड़ा स्थित पुलिस के कैंप के दो जवानों की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद तत्कालीन एसपी वीके चौबे फोर्स के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए तो नक्सलियों ने घात लगाकर पूरी टीम पर हमला कर दिया। इस घटना को लेकर काफी विवाद हुआ। पुलिस के ही आला अफसरों पर आरोप लगे, लेकिन मामला शांत हो गया। 2018 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया।
तत्कालीन आईजी को घटना के लिए ठहराया जिम्मेदार
मदनवाड़ा नक्सल मुठभेड़ पर विशेष जांच आयोग की रिपोर्ट में तत्कालीन आईजी मुकेश गुप्ता को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यह माना गया कि गुप्ता ने लड़ाई के मैदान में अपनाई जाने वाली गाइडलाइन तथा नियमों के विरुद्ध काम किया। यही नहीं, शहीद एसपी वीके चौबे को बगैर किसी सुरक्षा कवच के उन्हें आगे बढ़ने का आदेश दिया। खुद एंटी लैंडमाइन व्हीकल में बंद रहे या अपनी खुद की कार में बैठे रहे।
सीआरपीएफ और एसटीएफ की लेनी चाहिए थी मदद
जांच रिपोर्ट में घटनास्थल पर मौजूद रहे पुलिसकर्मियों के बयानों का सूक्ष्मता से आकलन करते हुए उन्होंने पाया कि आईजी मुकेश गुप्ता को यह स्पष्ट रूप से पता था कि भारी संख्या में नक्सली अपनी पोजीशन ले चुके हैं। वे जंगल में छिपे हुए हैं। रोड के दोनों साइड से नक्सली फायर कर रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में फोर्स को पीछे से ताकत देने के बजाय उन्हें सीआरपीएफ और एसटीएफ की मदद लेनी चाहिए थी। ड्यूटी पर रहने वाले कमांडर तथा उच्चाधिकारी को यह सुनिश्चित करना आवश्यक होता है कि वे इस तरह की कार्रवाई न करें जो कि उनके मातहतों को खतरनाक परिस्थितियों में डाल दे।
बिना उचित प्रक्रिया के स्थापित किया गया था कैंप
रिपोर्ट में कहा गया है कि मदनवाड़ा में बिना उचित प्रक्रियाओं के, बगैर राज्य सरकार के अनुमोदन तथा एसआईबी की खुफिया रिपोर्टों के बावजूद पुलिस कैंप स्थापित किया गया। उस कैंप में कोई भी वॉच टावर नहीं था। वहां पर पुलिसवालों के रहने का प्रबंध और कोई व्यवस्था नहीं थी। सीएएफ कर्मचारियों के लिए कोई टॉयलेट भी नहीं था। गवाह के साक्ष्य में यह बात सामने आई कि इस कैंप का उद्घाटन भी बेतरतीब तरीके से आईजी जोन ने सिर्फ एक नारियल फोड़कर किया था।
घटनास्थल से दूर नाका बैरियर के पास मौजूद थे तत्कालीन आईजी
आयोग ने आईजी जोन मुकेश गुप्ता के घटनास्थल पर मौजूद रहने को संदेहास्पद माना। वहीं एसआई किरीतराम सिन्हा तथा एंटी लैंडमाइन व्हीकल के ड्राइवर केदारनाथ के हवाले से माना कि वे मुठभेड़ के दिन घटनास्थल से कुछ दूरी पर नाका बैरियर के पास मौजूद थे। अगर वे घटनास्थल पर आए भी होंगे तो काफी देर से आए होंगे, जब सीआरपीएफ वहां पहुंच चुकी थी। घटनास्थल पर बने रहने की कहानी तथा नक्सलियों पर फायरिंग करने की कहानी यह उन्होंने खुद के द्वारा रची। यहां यह भी नोट करना आवश्यक है कि पूरी कहानी बनाई गई थी। इसी कारण यह मामला कोर्ट में सभी को बरी करने के बाद खत्म हो गया था।
तत्कालीन एडीजी का जांच रिपोर्ट पर अहम बयान
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन एडीजी नक्सल ऑपरेशन गिरधारी नायक के बयान का भी जिक्र है। इस बयान में गिरधारी नायक ने कहा है कि तत्कालीन आईजी मुकेश गुप्ता ने युद्ध क्षेत्र के नियमों का पालन नहीं किया। इसकी वजह से 25 पुलिसकर्मियों की घटनास्थल पर शहादत हो गई। श्री नायक ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में आईजी मुकेश गुप्ता को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की अनुशंसा नहीं की थी। जबकि उन्होंने सलाह दी थी कि जब एक भी नक्सली नहीं मारा गया, एक भी शस्त्र ढूंढा नहीं गया तो ऐसे में पुलिसकर्मियों को पुरस्कार नहीं दिया जाना चाहिए।
भानपुरी में कर्मचारियों द्वारा विधायक का जोरदार स्वागत किया गया
भानपुरी। पुराना पेंशन ऐतिहासिक फैसला से खुश होकर कर्मचारियों ने रायपुर से नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप के आगमन पर बाजे गाजे एवं पटाखा फोड़ कर मिठाई बांटकर जोशीला स्वागत किया।
पुरानी पेंशन ऐतिहासिक फैसला के बाद नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप रायपुर से अपने निवास गृह ग्राम भानपुरी आने पर की सैकड़ों की तादात पर कर्मचारियों इकट्ठा होकर स्वागत की तैयारी में लगे रहे। हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कर्मचारियों को होली का तोहफा देते हुए विधानसभा में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है जिससे खुश होकर कर्मचारियों ने ऐतिहासिक फैसला बताकर नारायणपुर विधायक हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप का जोरदार स्वागत किया एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व नारायणपुर विधायक छ.ग. हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप का आभार व्यक्त किया।
नारायणपुर के विधायक एवं हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पीड़ित तकरीबन 3 लाख कर्मचारी एवं उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित हुआ शासकीय सेवक एवं उनके परिवार के हित में छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय सराहनीय और स्वागतयोग्य है। भाजपा सरकार में वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाकर बजट का आकार बढ़ता गया, पूर्ववर्ती सरकार का पूरा ध्यान इमारतें बनाने पर था अब जबसे कांग्रेस की नई सरकार आई है, तबसे दिशा बदली है।राज्य के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करते हुए एनपीएस के स्थान पर फिर से पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की घोषणा की है. घोषणा से राज्य सरकार के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नागरिक अभिनंदन की घोषणा की है ।
कश्यप ने कहा है कि कर्मचारियों की सबसे बड़ी व पुरानी मांग एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना की बहाली करके भूपेश बघेल सरकार ने प्रमाणित किया है कि सरकारी योजना के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य के कर्मचारियों के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है।


