City Media - Page 1232 of 1858 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1232

वन विभाग में 50 आईएफएस अधिकारियों के तबादले, आईएफएस भट्ट मंत्रालय से वन विभाग वापस भेजे गए रायपुर

0

भारतीय वन सेवा के 50 अधिकारियों का तबादला राज्य शासन ने किया है। इनमें अधिकांश अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नया प्रभार दिया गया है। वहीं डेढ़ दर्जन से अधिक डीएफओं के तबादले किए गए हैं। जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। उनमें मंत्रालय में पिछले कई वर्षाें से पदस्थ की प्रतिनियुक्ति वापस लेते हुए आशीष कुमार भट्ट अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी एवं स्कूल शिक्षा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) बनाया गया है। कौशलेन्द्र कुमार अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन अनुसंधान प्रशिक्षण को कार्यकारी संचालक राज्य वन विकास निगम, एके विश्वास अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी को राज्स वन अनुसंधान प्रशिक्षण संस्थान रायपुर, एसएसडी बड़गैय्यां अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक को संयुक्त वन प्रबंधक मुख्यालय रायपुर, राजेश कुमार पाण्डेय मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी एवं क्षेत्रीय संचालक उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व को मुख्य वन संरक्षक ईको टुरिज्म रायपुर, एसएस कंवर मुख्य वन संरक्षक राज्स वन विकास निगम को मुख्य वन संरक्षक कार्य आयोजना बिलासपुर, सुरेश प्रसाद पैकरा मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना कांकेर को क्षेत्रीय संचालक उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व रायपुर, बीपी सिंह मुख्य वन संरक्षक अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक को मुख्य वन संरक्षक प्रशासन अरण्य भवन, नवा रायपुर, राजेश कुमार चंदेले वन संरक्षक, अरण्य भवन, नवा रायपुर को मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर, अनुराग श्रीवास्तव प्रभारी मुख्य वन संरक्षक सरगुजा को मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त, नाविद शुजाउद्दीन प्रगारी मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर वृत्त को वन संरक्षक अरण्य भवन, नवा रायपुर, एस जगदीशन वन संरक्षक, अरण्य भवन, नवा रायपुर को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (व.प्रा.) एवं क्षेत्रीय संचालक, अचानकमार टायगर रिजर्व, बिलासपुर, डॉ. के मैथियो वन संरक्षक वन संरक्षक कार्या प्रमु.व.सं. अरण्य भवन को वन संरक्षक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा, प्रभात मिश्रा वन संरक्षक वन मुडल दुर्ग को क्षेत्रीय महाप्रबंधक, छ.ग.राज्य वन विकास निगम, रायपुर , एम मर्सिबेला डीएफओ संचालक जंगल सफारी को वन संरक्षक, संचालक जंगल सफारी, नवा रायपुर, मनोज कुमार पांडेय प्रभारी वन संरक्षक रायपुर को क्षेत्रीय महाप्रबंधक, छ.ग. राज्य वन विकास निगम, बिलासपुर, अमिताभ बाजपेयी उप वन संरक्षक, गुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा, नवा रायपुर को संयुक्त गुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा, नवा रायपुर, रामअवतार दुबे वनमंडलाधिकारी, मुंगेली वनमंडल, मुंगेली को वन संरक्षक, कार्य आयोजना, बिलासपुर, बीएस ठाकुर डीएफओ केसकाल को प्रभारी वन संरक्षक रायपुर, बी. विवेकानंद रेड्डी प्रभारी वन संरक्षक एवं अपर संचालक राज्य वन वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्स्थान रायपुर, को प्रतिनियुक्ति पर राज्य वन विकास निगम |

डेढ़ दर्जन डीएफओ इधर उधर

विवेकानंद झा डीएफओ मनेंद्रगढ़ को डीएफओ बलरामपुर, मनीवासगन एस. डीएफओ धरमजयगढ़ को उप महाप्रबंधक छत्तीसगए़ राज्य वनोपज संघ नया रायपुर, सतोविशा समाजदार डीएफओ धमतरी को उप वन संरक्षक वन प्रबंधन सूचना प्रणाली नवा रायपुर, सुश्री स्टायलो मंडावी डीएफओ बस्तर को रायगढ़, गुरूनाथन एन. डीएफओ राजनांदगांव को प्रभारी वन संरक्षक एवं प्रभारी वन संरक्षक एवं अपर संचालक, छ.ग. राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर, प्रणय मिश्रा मंडलाधिकारी, रायगढ़ को प्रतिनियुक्ति छग राज्य वन विकास निगम, गणवीर धम्मवीर डीएफओ दुर्ग को संचालक कांगेर घाटी जगदलपुर, दुलेश्वर प्रसाद उप वन संरक्षक, रायपुर को डीएफओ जगदलपुर, रमेश कुमार जांगड़े उप महाप्रबंधक राज्य लघु वनोपज रायपुर को डीएफओ केशकाल, जाधव श्रीकृष्णा एएनएस डीएफओ जशपुर को डीएफओ भानूप्रतापपुर, पीएम अरविंद डीएफओ कांकेर को छग वन विकास निगम, मनीष कश्यप वन मंउलाधिकारी भनुप्रतापपुर को डीएफओ सूरजपुर, जितेंद्र कुमार उपाध्याय डीएफओ अनुसंधान एवं विस्तार बिलासपुर को डीएफओ जशपुर, जाधव सागर रामचंद्रा राज्य वन विकास निगम रायपुर को डीएफओ सुकमा, वरूण जैन उप वन संरक्षक सूचना प्रणाली रायपुर को उप संचालक उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य गरियाबंद, आयुष जैन उप संचालक उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य गरियाबंद को डीएफओ बालाेद, शशिगानंदन के. छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास रायपुर को वनमंडलाधिकारी, पश्चिम भानुप्रतापपुर,अभिषेक जोगावत संभागीय प्रबंधक, राज्य वन विकास निगम को वनमंडलाधिकारी, धरमजयगढ़ आलोक कुमार बाजपेयी मंडल प्रबंधक, औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल, कोरबा को वनमंडलाधिकारी, कांकेर, थेजस एस. संभागीय प्रबंधक, छ.ग. राज्य वन विकास निगम, नवा रायपुर को वनमंडलाधिकारी, नारायणपुर ,शशि कुमार मंडल प्रबंधक बारनवापारा को वनमंडलाधिकारी, दुर्ग पदस्थ किया गया है।

शमा फारूखी हटाई गई

दिनेश कुमार पटेल मंडल प्रबंधक, सरगुजा परियोजना छग, राज्य वन विकास निगम को डीएफओ मरवाही वन मंडल, गणेश यू.आर. सहायक वन संरक्षक, मुंगेली को वनमंडलाधिकारी, मुंगेली, उप वन संरक्षक शमा फारूकी वनमंडलाधिकारी, कटघोरा को कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अरण्य भवन, नया रायपुर में संलग्न किया गया है। प्रेमलता यादव वनमंडलाधिकारी, जांजगीर-चांपा को कटघोरा, लक्ष्मण सिंह प्रभारी वनमंडलाधिकारी, बलरामपुर को छग राज्य वन विकास निगम, पुष्पलता टंडन उप वनमंडलाधिकारी, डोंगरगढ को वनमंडलाधिकारी, अनुसंधान एवं उप वन संरक्षक विस्तार वनमंडल, रायपुर, लोकनाथ पटेल कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक रायपुर को वनमंडलाधिकारी, मनेन्द्रगढ़ और सलमा फारूखी प्रभारी वनमंडलाधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल को वनमंडलाधिकारी, राजनादगांव पदस्थ किया गया है।

छत्तीसगढ़ मॉडल 5 राज्यों के चुनाव में चर्चा का विषय – कांग्रेस

0

प्रधानमंत्री मोदी भी गोधन न्याय योजना की नकल करने की योजना बना रहे-कांग्रेस

रायपुर 21 फरवरी । कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ मॉडल 5 राज्यों के चुनावों के साथ देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गोधन न्याय योजना की नकल करने की योजना बना रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की चुनावी सभा में कहा कि 10 मार्च के बाद उनकी सरकार अवारा पशुओं का प्रबंधन करने के साथ गोबर से धन कमाने की योजना बनायेंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भले ही राजनैतिक प्रतिद्वंदिता के कारण छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना का नाम भले ही नहीं लिया लेकिन उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गोधन न्याय योजना की तारीफ कर उसको उत्तर प्रदेश में लागू करने की बात किया है। गोधन ही नहीं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलायी जा रही राजीव गांधी किसान न्याय योजना और राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर योजना के बारे में भी देशभर में लोग चर्चा कर रहे है। राजनैतिक दल छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं को चुनाव में जीतने के बाद अपने यहां लागू करने का वायदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा बनाई गई जनहितकारी योजनाओं और उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के कारण राज्य में किसान मजदूर, युवाओं के साथ उद्योगों, व्यापारियों सभी क्षेत्र में आमूल चूल परिवर्तन आय है। देश में किसान समर्थन मूल्य के लिये आंदोलन कर रहे छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का भरपूर समर्थन मूल्य 2500 रू. मिल रहा। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में किसान अपना धान 1700 रू. में नहीं बेच पा रहे। छत्तीसगढ़ में पिछले 3 साल में 5 लाख युवाओं को रोजगार मिला। राज्य की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी आधी है। कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ का औद्योगिक विकास दर छत्तीसगढ़ की जीडीपी तथा जीएसटी कलेक्शन देश के अन्य राज्यों से बेहतर था। छत्तीसगढ़ आज सभी क्षेत्रों में बेहतर परफार्मेंस कर रहा है इसलिये देश में भूपेश बघेल और उनके छत्तीसगढ़ मॉडल की तारीफ हो रही है।

आरक्षक से मारपीट करने वाले 04 युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

0

बालोद – आरक्षक से मारपीट करने वाले 04 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है | घटना दिनांक 20/02/22 की है | आरक्षक की ड्यूटी सदर बाजार चौंक, जवाहर पारा, पाण्डे पारा में रात्रि गश्त 12.00 से प्रात: 05.00 बजे तक लगी थी उसी दौरान रात्रि करीब 12/00 बजे 3, 4 मोटर सायकल में पाण्डेपारा के कुछ लडके अपनी मोटर सायकल के सालेंसर में फटाका फुटने की तीव्र आवाज करते हुए एवं शोर शराबा करते टाऊन में घुम रहे थे जिसे 2-3 बार घुमने के पश्चात उन लोगों को मना किया  कि रात्रि हो गया है, अब अपने-अपने घर चले जाओ उसी समय अन्य आरक्षक सदर रोड में लगे ATM मशीन को चेक करने गया था आरक्षक को अकेला देखकर सोनू यादव आज मेरा बर्थ-डे है तूम कौन होते हो मुझे तथा मेरे साथीयों को घुमने से मना करने वाला कहकर मुझे सानू यादव एवं उनके साथी मनहरण यादव एवं अन्य 4-5 साथियों द्वारा मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच करते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहूंचाते हुए सभी एक राय होकर पकड लिये और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे तथा ड्यूटी ड्रेस को फाड दिये थे |

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

इसके बाद पुलिस ने बालोद थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस ने इन युवकों के खिलाफ 147,186,332,353 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध किया था । सुबह होते ही पुलिस ने इन युवकों को गिरफ्तार किया जिसे न्यायालय में पेश किया जहाँ से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

This image has an empty alt attribute; its file name is khiladi.jpg

खड्डों से लेकर आबकारी विभाग के गड्ढों की क्या है सच्चाई… अदना सा सिपाही बना विभाग का सुपरमैन…

0

सुपरमैन सिपाही ने किया है चाटूकारिता में पीएचडी, इसके हस्तक्षेप के बगैर नहीं हिलता विभाग का एक भी पत्ता

सबसे ज्यादा हिस्सा सुपरमैन सिपाही का, शासकीय दुकान का किराया भी इसी के हाथ

सुपरमैन सिपाही के तेवर, कभी नहीं दिखा वर्दी में… त्यौहारों में सबसे ज्यादा ब्लैक…

सुपरवाइजर की नौकरी चाहिए तो सालाना दो 50 हज़ार

इच्छानुरूप ब्रांड का नहीं मिलना, डीओ का खेल…भ्रष्टाचार इतना की खड्डे भी नहीं छोड़े…

जगदलपुर – शासकीय मदिरा दुकानों में चल रहे बंदरबांट के कारोबार में जैसे-जैसे प्याज के छिलकों की तरह परतें खुलने लगी हैं वैसे-वैसे इन दुकानों से लेकर विभाग के अधिकारी/कर्मचारी तक के आँखों से आंसू निकलने लगे हैं. इस बार कुछ ऐसी जानकारियां मिली हैं जिससे दुकानों और विभाग में हो रही ऊपरी कमाई से लेकर कई खुलासे हुए हैं. इन खुलासों में चाटूकारिता से लेकर डीओ और दरोगा की संदेहास्पद भूमिका भी शामिल है. ताज्जुब की बात तो यह है कि जिले के दुकानों सहित विभाग के अधिकारियों, शराब कंपनी और प्लेसमेंट एजेंसी तक को विभाग का एक अदना सा सिपाही अपनी उँगलियों में नचा रहा है और आला-अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है.

सुपरमैन सिपाही ने किया है चाटूकारिता में पीएचडी, इसके हस्तक्षेप के बगैर नहीं हिलता विभाग का एक भी पत्ता

शराब दुकानों और इनके पूर्व-कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विभाग के एक सिपाही की अन्य कर्मचारियों और दुकानों में इतनी पैठ है कि उससे उलझने की हिमाकत न तो ये करते हैं और न ही अधिकारी करते हैं. दरअसल, इस सिपाही ने चाटूकारिता में पीएचडी तो किया ही है साथ ही इसके गुट के अन्य दो लोग समूचे विभाग को चला रहे हैं. इस सिपाही द्वारा किसी भी आतंरिक सेटिंग फिर चाहे वो शराब कंपनी हो या फिर दुकानों से उपरी कमाई की उगाही या फिर अधिकारियों तक हिस्सा पहुंचाने की बात; को करना मामूली बात है. कई वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ होने का भरपूर फायदा उठाते हुए इसने राजनितिक पकड़ भी बना ली है, जिसके चलते सीधे तौर पर इसके विरुद्ध कार्यवाई का किया जाना लगभग असंभव सा हो गया है.

सबसे ज्यादा हिस्सा सुपरमैन सिपाही का, शासकीय दुकान का किराया भी इसी के हाथ

सूत्र बताते हैं कि नया बस स्टैंड स्थित शराब दूकान इसी सिपाही की संपत्ति है जिसका किराया भी इसी के हाथ है. अब विभागीय नियमों की अनदेखी क्यों हो रही है यह तो विभाग के ही लोग बता सकते हैं. पूर्व-कर्मचारियों ने बताया कि डीओ और दरोगा का दुकानों से महिना बंधा हुआ है, जिसकी पूरी सेटिंग इस सिपाही द्वारा ही की जाती है. सिपाही के साथ इसके गुट के अन्य दो लोग सुपरवाइजर के पास जाते हैं और हिस्से की चर्चा करते हैं फिर डीओ तक बात पहुंचाई जाती है. चूँकि दुकान में कार्यरत सभी कर्मचारी निचले स्तर और प्लेसमेंट एजेंसी के अधीन होते हैं, इनके द्वारा की जाने वाले बंदरबांट की जानकारी कई दफा डीओ को भी नहीं होती है और न ही ये सीधे डीओ से संपर्क साधते हैं. यही नहीं, सबसे ज्यादा ऊपरी कमाई का हिस्सा इसी सुपरमैन सिपाही को ही जाता है. पूर्व की दुकानों में आहता से इस सिपाही द्वारा प्रति माह एक-डेढ़ लाख रुपये की ऊपरी कमाई बंधी हुई थी. यूँ मान लें कि समूचे विभाग में नक़ल के लिए अकल की आवश्यकता होने की कहावत अपने शबाब पर है.

सुपरमैन सिपाही के तेवर, कभी नहीं दिखा वर्दी में… त्यौहारों में सबसे ज्यादा ब्लैक…

इस सिपाही के तेवर इतने हैं कि इसे कभी भी शासकीय वर्दी में नहीं देखा गया है. अपने दो वर्दीधारी चमचों के साथ हमेशा यह शहर की शराब दुकानों में पहुँच जाते हैं, सुपरवाइजरों से हिस्से की बात करते हैं, कमाई कम होने की बात कहने पर गंदे लहजे में बात करते हैं. कई दफा तो सुपरवाइजरों को इसके सामने गिडगिडाते हुए भी देखा गया है. बावजूद, सिपाही द्वारा कोई रहम नहीं किया जाता है. पूर्व-कर्मचारियों का कहना है कि त्यौहारी और स्थानीय दियारी इत्यादि पर्वों में सबसे ज्यादा ब्लैक में शराब की बिक्री की जाती है. मैनेजर ही स्थानीय और ग्रामीण अंचल के कोचियों को खुलेआम शय देते हुए निर्धारित मात्रा से अधिक की सप्लाई करते हैं. इसके लिए भी सिस्टम तय है. कोचियों को स्पष्ट निर्देश दिया जाता है कि एक बार आकर निर्धारित मात्रा में शराब क्रय कर लें, फिर दो मिनट बाद आकर और ले जाएँ. जितना जरुरत उतना शराब आसानी से इन कोचियों को मिल जाता है. इसका प्रमाण एक हफ्ते के सीसीटीवी की जांच किये जाने से मिल सकेगा. यही नहीं, नियमानुसार विभाग के दरोगा को प्रतिदिन दुकानों का भ्रमण करना और सीसीटीवी की जांच करनी होती है लेकिन कभी-कभी ही वे शिरकत करते हैं. इसी क्रम में डीओ को भी प्रत्येक हफ्ते इन दुकानों में जाना है, लेकिन वे कभी नहीं जाते. जब डीओ द्वारा दरोगा को फटकार लगाया जाता है तभी ये दुकानों में अपनी टीम के साथ पहुँचते हैं.

सुपरवाइजर की नौकरी चाहिए तो सालाना दो 50 हज़ार

पूर्व-कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग में इस कदर भ्रष्टाचार हावी है कि एक सुपरवाइजर को नौकरी में रखने के लिए प्लेसमेंट कंपनी द्वारा 50 हज़ार रुपये की घूस ली जाती है. यही नहीं सेल्समैन के लिए 30 हज़ार और खड्डा फेकने/जमाने वाले के लिए 20 हज़ार की दर तय है. और तो और यह रकम इन कर्मचारियों को सालाना देनी होती है और विभागीय लोगों द्वारा यह कथन दिया जाता है कि इस राशि से विभाग को हो रहे नुकसान की भरपाई की जाती है. ताज्जुब की बात तो यह है कि इस पूरे खेल में जब प्लेसमेंट कंपनी का जिम्मेदार शहर पहुँचता है तो इसकी पूरी सेटिंग सुपरमैन सिपाही द्वारा की जाती है और इसके लिए सिपाही द्वारा मोटी रकम भी डकार ली जाती है.

इच्छानुरूप ब्रांड का नहीं मिलना, डीओ का खेल…

पूर्व-कर्मचारियों ने बताया कि अकसर ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ ब्रांड की शराब अन्य जिलों या राज्यों में आसानी से मिल जाती है लेकिन वही ब्रांड शहर में उपलब्ध नहीं होती है. इसके पीछे भी बहुत बड़ा भ्रष्टाचार छुपा हुआ है. ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि जिले में कौन सी ब्रांड की बिक्री होगी इसका अंतिम फैसला या यूँ कहें की अंतिम सूची, विभाग के डीओ बनाते हैं. कंपनी से आये लोग सीधे डीओ से संपर्क करते हैं जिसके बाद एक मोटी रकम का आदान-प्रदान होता है या फिर प्रति नग दर तय होती है, जिसके बाद ही उस ब्रांड को दुकानों में रखने की अनुमति मिलती है. यही नहीं, अधिकारी ही इसके बाद प्रति बोतल ऊपरी दर तय करते हैं. सुपरवाइजर द्वारा रिस्क होने या मना करने पर सुपरमैन सिपाही अपनी विशेष भूमिका निभाते हुए इनसे मिलते हैं और उदहारण स्वरुप 20 रुपये की ऊपरी दर पर 15 रुपये उन्हें देने और 5 स्वयं रखने की बात कहते हैं. सबसे कम आरएसपी के ब्रांड से लेकर हाई ब्रांड तक में भी ऊपरी कमाई की राशि पहले से तय होती है.

भ्रष्टाचार इतना की खड्डे भी नहीं छोड़े…

पूर्व-कर्मचारियों के मुताबिक, विभाग द्वारा भ्रष्टाचार की सीमा तो तब लांघ ली जाती है कैर्रेट के साथ आने वाले खड्डे पर भी प्लेसमेंट कंपनी और अधिकारी अपना हिस्सा लेना नहीं छोड़ते. प्रति दुकान, औसतन प्रति माह 75-80 हज़ार रुपयों की बिक्री होती है, जिसमें से आधा प्लेसमेंट कंपनी रखती है और आधा डीओ/दरोगा के पास चला जाता है, इसका अमूमन कोई रिकॉर्ड या पुष्ट जानकारी नहीं रखता.

नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा द्वारा नगर के नागरिको से घर के टैक्स के नाम पर अतिरिक्त राशि की वसूली को ख़त्म करने कलेक्टर से की मांग – संतोष देवांगन

0

दल्ली राजहरा नगर पालिका मे नगर के नागरिको से घर टैक्स तय समय पर नही पटा पाने वाले से टैक्स की राशि व लेट फीस का 6.25 प्रतिशत अधिक अधिभार जोड़ने के बावजूद 1000/- रुपये की और अतिरिक्त वसूली किया जा रहा है यह वसूली पिछले 7 सालो से (वर्ष 2015) से जारी है जो आज तक चल रहा है जिसे पटा पाने मे नगर के नागरिक सक्षम नही है वैसे भी पिछले 2 सालो से कोविड 19 के चलते लाक डाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है फिर भी ऐसे समय मे भी यह वसूली करना बिल्कुल गलत है नगर के नागरिको के साथ अन्याय है और तो और इस तरह की वसूली बालोद नगर पालिका मे नही हो रही है जबकि बालोद जिले मे सिर्फ़ 2 ही नगर पालिका है जिसमें बालोद और दल्ली राजहरा नगर पालिका है फिर भी एक ही जिले में होने के बावजूद दो अलग अलग नियमों के तहत वसूली की जा रही है ।

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

कलेक्टर से मांग की है कि इस वसूली को बंद करने नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आदेश कर नगर के नागरिक साथ न्याय करे।

नगर पालिका अध्यक्ष, CMO, व परिषद के समान्य सभा के बैठक मे हमारे द्वारा इस वसूली को ख़त्म करने अनेक बार बात उठाये है लेकिन यह वसूली ख़त्म नही किया गया जिसे लेकर कलेक्टर से हस्तक्षेप करने की मांग कर अब तक जितनी भी अतिरिक्त राशि वसूली गई है उसे वापस करने कहा गया |

This image has an empty alt attribute; its file name is khiladi.jpg

साथ ही कहा कि यदि आगामी एक माह तक यह वसूली को बंद नही किया गया तो हमारे द्वारा नगर पालिका के सामने विरोध प्रदर्शन कर सडक की लडाई लडेंगे जिसमे प्रदेश सरकार व पालिका प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोला जायेगा।

जुआ एक्ट के खिलाफ पुलिस की कार्यवाही में 3 जुआरी पकडाए

0

3 जुआरियों से कुल नकदी रकम ₹17900 वह मौके पर 6 नग मोटर साइकिल वह मोबाइल जप्त, जुआरियों के विरूद्ध आगे भी जारी रहेगा कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव संतोष सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव संजय महादेवा एवं अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ दिनेश सिन्हा की मार्गदर्शन पर साइबर सेल तथा पुलिस चौकी जालबांधा स्टाफ के संयुक्त टीम के साथ जुआ सट्टा के खिलाफ रोकथाम हेतु चलाये जा रहे अभियान के दौरान दिनांक 20.02.2022 को पुलिस चौकी जालबांधा क्षेत्रन्तर्गत आरोपी रंजीत साहू पिता स्वर्गीय खोर बहारा साहू उम्र 55 वर्ष शौकीन कुकुरमरा थाना खेरागढ़ , वह दिनेश वर्मा पिता शिव चरण वर्मा उम्र 30 साल साकिन पवन तेरा जालबांधा तथा त्रिलोक जैन पिता प्रीतम चंद जैन उम्र 35 वर्ष साकिन पवन तेरा चौकी जालबांधा को जुआ खेलते जिसके पास से नगदी रकम 17900/-रूपये, एवं मौके से 06 नग मोटरसाइकिल वह दो मोबाइल जब तक किया गया है आरोपीगणों के विरूद्ध 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तीनों जुआरियों को धारा 151 जा.फौ के तहत कार्यवाही कर इस्तागाशा अनुविभागीय दण्डाधिकारी खैरागढ़ के समक्ष पेश किया गया।

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

उपरोक्त कार्यवाही में , उप निरीक्षक पवन पटवा सउनि मुन्नालाल भांडेकर, प्र.आर. बलराम सिंह वाह साइबर टीम अनिल शुक्ला मनीष मानिकपुरी मनीष वर्मा अवध किशोर साहू की सराहनीय भूमिका रही।

This image has an empty alt attribute; its file name is khiladi.jpg

निजी कंपनी में कार्यरत मैनेजर द्वारा करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाला शातिर आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

0

लालबाग पुलिस के गिरफ्त में आया 01 करोड़ 44 लाख 56 हजार रूपये का फर्जीवाड़ा करने वाला शातिर आरोपी

एबिस फैक्ट्री में ट्रेव्हल्स डेस्क विभाग में मैनेजर के पद पर कार्यरत है, शातिर आरोपी

एयर टिकट, बुकिंग, होटल बुकिंग आदि के नाम से किया 01 करोड़, 44 लाख, 56 हजार, 01 सौ नब्बे रूपये का घोटाला

राजनांदगांव। प्रार्थी अभिषेक त्रिपाठी द्वारा लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि एबीस एक्सपोर्टस इंडिया प्राईवेट लिमिटेड कार्पोरेट इंदामरा मे कार्यरत सचिन वानवे ने कंपनी द्वारा प्रदाय एचडीएफएसी बैंक के क्रेडिट कार्ड एवं ईमेल आई-डी के माध्यम से बेईमानी पूर्वक आश्य रखते हुये कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने एवं स्वयं को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने के उददेश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसका उपयोग कर एयर टिकट, बुकिंग, होटल बुकिंग आदि के नाम से रेजर पे गेटवे/ पेयुमनी गेटवे के माध्यम से दिनांक 08.01.21 से 17.02.22 तक अपने भारतीय स्टेट बैंक शाखा लाखनी जिला भण्डारा महाराष्ट्र के एकाउंट नंबर 37990059779 में 1,44,56,190 रूपये (एक करोड़ चौवालिस लाख छप्पन हजार एक सौ नब्बे रूपये) ऑनलाईन ट्रान्जेक्शन कर कपंनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। जिसकी रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

सूत्रों के आधार पर आरोपी सचिन वानवे पिता दीपक वानवे उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम लाखनी जिला भण्डारा (महाराष्ट्र) का पता तलाश कर दिनांक 21/02/2022 को देवरी-भण्डार के मध्य हिरासत में लेकर पुलिस थाना लालबाग लाकर आरोपी से गठित टीम द्वारा सूक्ष्मता से पूछताछ किया गया, जो अपना जुर्म स्वीकार करते हुये उक्त कृत्य में उपयोग किया गया दस्तावेज, कंप्युटर व अन्य उपकरण प्रस्तुत किया जिसे विधिवत गिरफ्तारी कर ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है।

This image has an empty alt attribute; its file name is khiladi.jpg

शहर में अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं को जेल भेजे – नवीन अग्रवाल

0

अवैध प्लाटिंग की शिकार जनता का पैसा वापस दिलवाए जाए

राजनांदगांव – नगर में बीते वर्षों में अवैध प्लाटिंग की बाढ़ आ गई है प्रशासन की कार्यवाही नाम मात्र की चल रही है इस अवैध प्लाटिंग को लेकर जनता कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व कोर कमेटी के सदस्य नवीन अग्रवाल ने कलेक्टर को ज्ञापनमय शिकायत सौप कर कहा है कि शहर के मोतीपुर, ढाबा, रेवाड़ीह, पेंड्री मेडिकल कॉलेज के आस पास, नंदई, मोहारा, रायपुर नाका जीई रोड,फरहद, पनेका, अनुपम नगर में भूमाफियाओं द्वारा बेतहाशा अवैध प्लाटिंग की गई है जिसमें नगर निगम, राजस्व एवं नगर एवं निवेश के अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से बड़े रकबे पर कार्यवाही नहीं हो रही है, छोटी मोटी नाममात्र कार्यवाही कर अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। बिना डेवलपिंग अवैध प्लाटिंग की अनुमति देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं भू-माफियाओं पर एफआईआर कर जेल भेजे जाने के बाद ही यह समस्या खत्म हो सकती है लेकिन आज अपने घर का सपना देखने वाले आम नागरिक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है अवैध प्लाट लेने के बाद आम नागरिक को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना पड़ता है।

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

दैनिक समाचार पत्रों में लगातार अवैध प्लाटिंग से संबंधित खबरों के प्रकासित होने के बाद भी प्रशासन द्वारा केवल नाम मात्र की कार्यवाही की जा रही है नवीन अग्रवाल ने कलेक्टर को ज्ञापन देने के साथ विभिन्न समाचार पत्रों की कटिंग भी सौंपी है और कहा है ठोस कार्यवाही नहीं होने पर जनता कांग्रेस को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा यापन सौपने वाले में शहर ज़िलाध्यक्ष शमशूल आलम युवा लोकसभा अध्यक्ष अमर गोस्वामी युवा शहर अध्यक्ष दीपक सोनी युवा लोकसभा उपाध्यक्ष टिंकु देवांगन कुलेश्वर साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

This image has an empty alt attribute; its file name is khiladi.jpg

“जल ही जीवन है, जल है तो कल है” स्लोगन दिखावा बनकर रह गया, हो रही पानी की बर्बादी किन्तु प्रशासन बेखबर

0

बोईरडीही डेम से दल्ली राजहरा इंडस्ट्रियल में पानी सप्लाई के लिए बना 4 फीट मोटा पाइप लाइन जो कि राजहरा बंकर से दल्ली माइंस से जाने वाली रोड के पास एक बड़ का पेड़ है ।वहाँ पर असामाजिक तत्वों ने 1 इंच बड़ा और एक छोटा छेद कर दिया है । जिसके कारण वहां पर पानी 10 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई पर फ़ौहारे की तरह निरंतर बहते जा रहा है । यह करीब दो माह से भी अधिक समय हो रहा है। एक तरफ बी एस पी मैनेजमेंट पानी बचाने के लिए ” जल ही जीवन है। ” “जल है तो कल है । ” ” जल है तो हम हैं ।” “एक एक बूंद पानी बचाइए।” जैसे नाना प्रकार के स्लोगन पानी बचाने के लिए अपने कर्मचारी को दे रहे हैं। लेकिन यह सब कागज में ही दिखावा बनकर रह गया है।

आप इस वीडियो को देखकर अनुमान लगा सकते हैं कि जिस हिसाब से पानी इतने प्रेशर में बह रहा है वहाँ पर 24 घंटा में कितना पानी बर्बाद हो सकता है। यह घटना 2 महीने से अधिक हो गया है। कितनो कर्मचारी और अधिकारी उस रास्ते से आना-जाना करते हैं लेकिन पानी की बर्बादी को कैसे रोके इसके बारे में कोई भी नहीं सोच रहा है। प्राकृतिक स्रोत बर्बाद हो रहे हैं जिम्मेदार व्यक्ति लापरवाह हो रहे हैं और ना ही असामाजिक तत्वों के ऊपर कोई कार्यवाही नही हो रही है ।

This image has an empty alt attribute; its file name is Bestonline_Logo-copy.png

घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें

https://36bestonlinesale.com/home

This image has an empty alt attribute; its file name is khiladi.jpg

कमिश्नर ने की शिक्षा विभाग में पदोन्नति में अनियमितता की शिकायत की जांच के लिए की समिति गठित
तीन सदस्यीय जांच समिति आठ बिंदुओं पर करेगी जांच

0

जगदलपुर, 21 फरवरी 2022 – कमिश्नर श्याम धावड़े ने बस्तर संभाग में शिक्षा विभाग में हुई पदोन्नति में हुए अनियमितता की शिकायत पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। यह जांच समिति आठ बिंदुओं पर जांच करेगी। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा द्वारा शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय से बस्तर संभाग में हुए पदोन्नति की शिकायतों पर जांच के आदेश दिए गए थे। इसके तहत संयुक्त संचालक कार्यालय से 28 जनवरी को जारी आदेश क्रमांक 262, 272, 268, 270 और 274 के तहत शिक्षक एलबी (टी. संवर्ग) से प्रधान अध्यापक (पूर्व माध्यमिक शाला) के पद पर किए गए पदोन्नति आदेश के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की सुक्ष्म एवं विस्तृत जांच के लिए संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है। इस जांच समिति में डिप्टी कमिश्नर माधुरी सोम, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक आरएस चौहान और वरिष्ठ लेखा अधिकारी श्रीनिवास रथ शामिल हैं।

जांच समिति द्वारा शासन से प्राप्त पदोन्नति तथा सीधी भर्ती के तहत पदास्थापना संबंधी निर्देश, पदोन्नति ओदश के संदर्भ में शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति, पदास्थापना के संबंध में शाला निर्देश के विपरीत पदास्थापना से संबंधित, पदोन्नति आदेश उपरांत पदास्थापना आदेश में संशोधन के प्रकरण, संशोधन करने के कारण, शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों और प्रधान पाठकों के रिक्त पदों की स्थिति, शालाओं में विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना की स्थिति, शालाओं में छात्र अनुपात के अनुरुप शिक्षकों की पदस्थापना और अन्य विषयों पर जांच की जाएगी।

MOST POPULAR

HOT NEWS