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मोबाईल दुकान के दुकानदारों से आनलाईन सक्सेसफुल ट्रांजेक्शन का झांसा देकर ठगी करने वाला युवक पुलिस की गिरफ्त में

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➡️ शहर के मोबाईल दुकानों से फर्जी ट्रांजेक्शन का झांसा देकर, ठगी करने वाले शातिर ठग पर बस्तर पुलिस की कार्यवाही

➡️ मोबाईल दुकान के दुकानदारों से आनलाईन सक्सेसफुल ट्रांजेक्शन का झांसा देकर करता था, ठगी

➡️ आरोपी के कब्जे से 06 नग मोबाईल,एक स्मार्ट वाॅच,हेडफोन, मिज्युजिक सिस्टम, पावर बैंक एवं अन्य ऐसेसरी सामान बरामद।

➡️ जप्तशुदा संपत्ति की अनुमानित कीमत 1,25,000/-रूपये।

➡️ आरोपी अजय तिवारी मुलतः रीवा म0प्र0 का निवासी।

जगदलपुर शहर में मोबाईल दुकानों में मोबाईल और अन्य सामान खरीदने की बात कहकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय ठग पर कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है। ज्ञात हो कि थाना कोतवाली को सूचना प्राप्त हुआ था कि शहर में कोई अज्ञात व्यक्ति, विभिन्न मोबाईल दुकानों से मोबाईल फोन और अन्य सामानों को खरीदने की बात पर फर्जी तरीके से, ऑनलाईन , भीम/फोनपे में युपीआई के माध्यम से सक्सेसफुल ट्रांजेक्शन का झांसा देकर, स्क्रीनसाॅट दिखाकर दुकानदारों को बिना पेमेंट कर सामान ले जाने का मामला प्रकाश में आया था। घटना पर मोबाईल वल्र्ड के संचालक मिकेश जैन के रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 420 भादवि0 का अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया। प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर, कार्यवाही हेतु रवाना किया गया था।

इस दौरान अनुसंधान के सीसीटीव्ही फुटेजो के माध्यम से संदेही का पहचान कर, धरमपुरा में घेराबंदी कर एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया जिससे पुछताछ करने पर अपना नाम अजय तिवारी निवासी रीवा मध्यप्रदेश होना बताया गया। पुछताछ पर अजय के द्वारा बताया गया कि यह मोबाईल दुकानों में मोबाईल खरीदने की बात कहकर ऑनलाईन पेमेंट करने की बात कहकर भीम/फोनपे एप्प से सामने वाले दुकानदार का युपीआई आई0डी0 को आधा अधुरा आई0डी0 डालता था जिससे ट्रांजेक्शन फेल हो जाता था। और संबंधित दुकानदारों को ट्रांजेक्शन सक्सेसफुल होने का झांसा देकर मोबाईल और अन्य ऐसेसरी सामान लेकर चला जाता था। पुछताछ पर इसके द्वारा शहर के मोबाईल वल्र्ड हाताग्राण्ड, सांई कृपा मोबाईल संजय बाजार, ग्लोबस मोबाईल अनुपमा चैक, हमीद वाॅच सिरहासार, निशा टेलीकाॅम नरेन्द्र टाॅकीज रोड, आदि अन्य दुकानों में ठगी करना स्वीकार किया गया है। आरोपी अजय तिवारी के कब्जे से कुल 06 नग मोबाईल, एक स्मार्ट वाॅच, 04 नग हेडफोन, पावर बैंक, साउण्ड सिस्टम, एवं अन्य सामान बरामद कर जप्त किया गया है। जिसकी अनुमानित कीमत 1,25,000/- रूपये से अधिक आंकी गई है। आरोपी को मामले में गिरफ्तार कर, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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नाम आरोपी-

अजय तिवारी पिता अंजनी कुमार तिवारी उम्र 25 साल नि0 ग्राम बेलबा बड़गैयन थाना बैकुंठपुर जिला रीवा म0प्र0।

महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले पुलिस अधिकारी:-

निरीक्षक – एमन साहू,
उपनिरीक्षक – अमित सिदार
प्रआर0 – जगदीश ध्रुव
आरक्षक – भुपेन्द्र नेताम,प्रकाश नायक, विरेन्द्र पांडे।

महिला हेल्प डेस्क हेतु (स्कूटी) वाहन, पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा हरी झंडी दिखा किया रवाना

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आज दिनांक 06.09.2021 को पुलिस अधीक्षक बालोद सदानंद कुमार द्वारा पुलिस मुख्यालय रायपुर से प्रदाय महिला हेल्प डेस्क हेतु 4 नयी स्कूटी वाहन का विधिवत पूजन कर हरी झंडी दिखा कर थाना बालोद, दल्ली राजहरा, अर्जुंदा व थाना गुण्डरदेही को रवाना किया गया। ये सभी स्कूटी वाहन महिलाओं के समस्या व शिकायत पर सहायता करने, त्वरित कार्यवाही हेतु आबंटन किया गया है।

महिला प्रधान आरक्षक नर्मदा कोठारी थाना बालोद, लता तिवारी, सीता गोस्वामी, आरक्षक लिलेश्वरी देवांगन थाना अर्जुन्दा को पुलिस अधीक्षक द्वारा स्कूटी आबंटित किया गया।

इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौलत पोर्ते, निरीक्षक मनीष शर्मा और रोहित मालेकर, सउनि0 नेतराम पाल और तलेश्वर देशमुख तथा अन्य पुलिस स्टाफ उपस्थित थे।

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पंचायत के कार्य में बाधा डालने एवं गांव में अशांति फैलाने के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला बस्तर एवं अनुविभागीय बस्तर व थाना प्रभारी करपावंड को ग्राम पंचायत सरपंच एवं ग्राम वासियों ने शिकायत दर्ज की ।

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विषयांतर्गत लेख है कि रयमती कश्यप ग्राम पंचायत डिमरापाल में सरपंच के पद में कार्यरत है। ग्राम वासियों व ग्राम पंच के साथ मिलकर यह असामाजिक लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज किया गया। बताई गई जानकारी के अनुसार गांव के ही मनबहाल पिता दशरथ पूरन सेठिया पिता गणपत बीरबल पिता कंछनि गुलशन पिता दीनाराम ने ग्राम पंचायत के कार्य में बाधा डालते रहते हैं जिसमें नवीन तालाब कार्य किया गया था जिसमें पानी भर गया था उस तालाब का मेड के बीच से काट दिए मिट्टी गिला रहने के कारण पूरा मेड बह गया स्कूल बाउंड्री का चौड़ाई किया गया था उसे भी इनके द्वारा गिरा दिया गया मन बहाल दूसरे गांव का है यहां घर जमाई के रूप में हमारे गांव में आकर उपद्रव मचाता है हमारे गांव के युवकों को जुआ ताश खेलना सिखाता है इसके विरूद्ध थाना में कई बार शिकायत दर्ज हो चुका है मुझे एवं रोजगार सहायक को दबाव बनाकर पैसा की मांग करते हैं पैसा नहीं दोगे तो उच्च अधिकारी से शिकायत करवाएंगे वह पंचायत का जांच करवाएंगे बोलकर धमकाते हैं ।पूर्व सरपंच को भी डरा धमका कर पैसा वसूल करते थे यह ग्राम पंचायत कुछ भी कार्य नहीं किए हैं ना ही इनका भुगतान शेष है सरपंच उपसरपंच को अनपढ़ गवार गांव का क्या विकास करेंगे बोलते हैं लॉकडाउन के समय भी गांव में सामाजिक कार्य जैसे शादी इत्यादि शासन के नियम के तहत एवं अनुमति से कार्यक्रम किया जाता था और इन चारों लोगों के द्वारा 112 एवं पुलिस थाना करपावंड में गांव के प्रति व्यवधान उत्पन्न करने के लिए फोन करते थे।

ग्राम पंचायत महिला सरपंच को अश्लील गाली गलौज करते हैं बोलते हैं कि मुझे गांव में काला सियाई पोतकर गांव में घुमाएंगे तू हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाएगी मूरीन अनपढ़ सरपंच बोलते हैं इनके कारण ग्राम पंचायत के प्रत्येक बैठक में मुझे अपमानित होना पड़ता है सार्वजनिक शौचालय हेतु पीलू राम पिता जयदेव ने अपने स्वेच्छा से ग्राम पंचायत को भूमि दान किया है जिसका निर्माण प्रगति पर है इसमें भी यह चारों के द्वारा बाधा उत्पन्न किया जा रहा है पीलू राम कश्यप को भी बोलते हैं कि जमीन को शौचालय निर्माण हेतु क्यों दिए हो इस संबंध में भी पंच गण के साथ यह लोग विवाद गाली गलौज किए हैं इनके कृत्य से मैं एवं ग्रामवासियों बहुत परेशान हैं इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जावे ।

उपस्थित ग्राम पंचायत डीमरापाल सरपंच रयमती कश्यप उपसरपंच सुबस ग्राम पटेल नंदलाल पटेल धनसिया आत्मा मोतीबाई लालमन शांति मनी लक्ष्मीनाथ श्री राम कश्यप दिलेश्वर बुधमन पटेल ओमकार पीलू राम लखपति शिवराम जलंधर एवं ग्राम वासियों ने पंचायत कार्यों पर बाधा डालने वाले के प्रति उचित कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर शिकायत दर्ज की ।

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छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृृति और लोक जीवन की गहराईयों से जुड़ा पोरा तिहार…आइये जाने क्यों मनाते हैं पोरा

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✍️जिला संपादक डॉ. एस.वली आज़ाद नारायणपुर✍️

किसी भी राज्य की सार्थक पहचान उनकी संस्कृति से होती है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य भारत देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जो पूर्णतः कृषि कार्य प्रधान राज्य है। यहां के निवासी पूरे वर्ष भर खेती कार्य में लगे रहते है। धान की खेती यहां की प्रमुख फसल है।

पर्व-त्योहार की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण त्योहार है पोला इसे छत्तीसगढी में पोरा भी कहते हैं यह छत्तीसगढ़ में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है किसान अपने नांदिया की पूजा करते हैं वही पोरा चुकी कुम्हारों द्वारा मिट्टी के नांदिया बैल छोटे छोटे मिट्टी के बर्तन बनाकर बाजारों में बेचते हैं ।

भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला यह पोला त्योहार, खरीफ फसल के द्वितीय चरण का कार्य (निंदाई गुड़ाई) पूरा हो जाने म नाते हैं। फसलों के बढ़ने की खुशी में किसानों द्वारा बैलों की पूजन कर कृतज्ञता दर्शाने के लिए भी यह पर्व मनाया जाता है।

पोला पर्व की पूर्व रात्रि को गर्भ पूजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन अन्न माता गर्भ धारण करती है। अर्थात धान के पौधों में दुध भरता है। इसी कारण पोला के दिन किसी को भी खेतों में जाने की अनुमति नहीं होती।

रात मे जब गांव के सब लोग सो जाते है तब गांव का पुजारी-बैगा, मुखिया तथा कुछ पुरुष सहयोगियों के साथ अर्धरात्रि को गांव तथा गांव के बाहर सीमा क्षेत्र के कोने कोने मे प्रतिष्ठित सभी देवी देवताओं के पास जा-जाकर विशेष पूजा आराधना करते हैं। यह पूजन प्रक्रिया रात भर चलती है।

सूबह होते ही गृहिणी घर में गुडहा चीला, अनरसा, सोहारी, चौसेला, ठेठरी, खूरमी, बरा, मुरकू, भजिया, मूठिया, गुजिया, फरा,तसमई आदि छत्तीसगढी पकवान बनाने में लग जाती है। किसान अपने गौमाता व बैलों को नहलाते धोते हैं। उनके सींग व खूर में पेंट या पॉलिश लगाकर कई प्रकार से सजाते हैं। गले में घुंघरू, घंटी या कौड़ी से बने आभूषण पहनाते हैं। तथा पूजा कर आरती उतारते हैं।

अपने बेटों के लिए कुम्हार द्वारा मिट्टी से बनाकर आग में पकाए गए बैल या लकड़ी के बैल के खिलौने बनाए जाते हैं। इन मिट्टी या लकड़ी के बने बैलों से खेलकर बेटे कृषि कार्य तथा बेटियां रसोईघर व गृहस्थी की संस्कृति व परंपरा को समझते हैं।

बैल के पैरों में चक्के लगाकर सुसज्जित कर उस के द्वारा खेती के कार्य समझाने का प्रयास किया जाता है।

बेटियों के लिए रसोई घर में उपयोग में आने वाले छोटे-छोटे मिट्टी के पके बर्तन पूजा कर के खेलने के लिए देते हैं। पूजा के बाद भोजन के समय अपने करीबियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करते हुए एक-दूसरे के घर जाकर भोजन करते हैं।

शाम के समय गांव की युवतियां अपनी सहेलियों के साथ गांव के बाहर मैदान या चौराहों पर (जहां नंदी बैल या साहडा देव की प्रतिमा स्थापित रहती है) पोरा पटकने जाते हैं। इस परंपरा मे सभी अपने-अपने घरों से एक-एक मिट्टी के खिलौने को एक निर्धारित स्थान पर पटककर-फोड़ते हैं। जो कि नंदी बैल के प्रति आस्था प्रकट करने की परंपरा है। युवा लोग कबड्डी, खोखो आदि खेलते मनोरंजन करते हैं।

इस पर्व को छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, हिमाचलप्रदेश, उत्तराखंड, असम, सिक्किम तथा पड़ोसी देश नेपाल में भी मनाया जाता है। वहां इसे कुशोत्पाटिनी या कुशग्रहणी अमावस्या, अघोरा चतुर्दशी व स्थानीय भाषा मे डगयाली के नाम से मनाया जाता है।

कुशग्रहणी या कुशोत्पाटिनी अमावस्या इसलिए कहा गया है क्योंकि इस दिन वर्ष भर किए जाने वाले धार्मिक कार्यों तथा श्राद्ध आदि कार्यों के लिए कुश (एक विशेष प्रकार की घास, जिसका उपयोग धार्मिक व श्राद्ध आदि कार्यों में किया जाता है) एकत्रित किया जाता है।

पोला त्योहार भादो माह की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बैलों का श्रृंगार कर उनकी पूजा की जाती है। पोला-पिठोरा मूलत: खेती-किसानी से जुड़ा त्योहार है। भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को यह पर्व विशेषकर महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है।

मंडी बोर्ड में उड़ रही हैं नियम कायदों की धज्जियां, प्रमोशन में अतिरिक्त संचालक की मनमानी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागों में पदोन्नति को लेकर निर्धारित दिशा निर्देश का पालन हो रहा है लेकिन मंडी बोर्ड में शासन के नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां वर्षों से जमे अतिरिक्त संचालक की अपनी सरकार और अपने नियम कायदे चल रहे हैं।

पदोन्नति में जातिगत आरक्षण समाप्त किए जाने के बाद शासन द्वारा सभी विभागों में पदोन्नति पर लगी रोक को समाप्त कर दिया गया है। अब नियमानुसार सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। मंडी बोर्ड में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारम्भ तो हुई लेकिन खबर है कि प्रक्रिया में पदोन्नति के मामले में भेदभाव बरता जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार तकनीकि शाखा के इंजीनियरों की पदोन्नति में कई प्रकार के रोड़े अटकाए जा रहे हैं। सीधी प्रक्रिया से होने वाली पदोन्नति में जानबूझकर अड़चन पैदा की जा रही है। बताया जा रहा है कि सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता पद पर पदोन्नति की जानी है जिसमें पदोन्नति के साथ उनके तबादले की शर्त जोड़ दी गई, जिससे विभागीय प्रक्रिया में जान बूझकर देरी की जा रही है। इससे उप यंत्रियों के होने वाले प्रमोशन में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है। इस मामले में कहा जा रहा है कि एक प्रमोशन सूची तैयार होगी तब दूसरी सूची तैयार की जायेगी। इससे यह स्पष्ट है कि जब तक सहायक अभियंता पदोन्नत नहीं हो जाते तब तक उप अभियंताओं की पदोन्नति लटकी रहेगी। जबकि पात्र उप अभियंताओं की पदोन्नति भी साथ साथ होनी चाहिए। वहीं कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण यंत्री बनने वालों की फाइल कई तरह की अनियमितताओं की वजह से अब तक रुकी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार इस सारे मामले में मंडी बोर्ड के अतिरिक्त संचालक ने विभागीय कृपा दृष्टि दिखाते हुए मंडी निरीक्षकों को मंडी सचिव के पद पर आनन फानन में पदोन्नत करवा दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब तकनीकि शाखा के अफसरों की पदोन्नति प्रक्रिया पहले शुरु हुई थी तो उसे अधर में लटका कर मंडी निरीक्षकों को मंडी सचिव कैसे बना दिया गया।

इस मामले में मंडी बोर्ड के प्रबंध निदेशक से बात की गई तो उनका कहना था कि क्रमवार तरीके से सभी पात्र लोगों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। किंतु मंडी बोर्ड के निरीक्षकों की पदोन्नति में क्रम की जगह कृपा की वजह क्या है, यह बताने कोई तैयार नहीं है।

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मंडी बोर्ड में उड़ रही हैं नियम कायदों की धज्जियां, प्रमोशन में अतिरिक्त संचालक की मनमानी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागों में पदोन्नति को लेकर निर्धारित दिशा निर्देश का पालन हो रहा है लेकिन मंडी बोर्ड में शासन के नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां वर्षों से जमे अतिरिक्त संचालक की अपनी सरकार और अपने नियम कायदे चल रहे हैं।

पदोन्नति में जातिगत आरक्षण समाप्त किए जाने के बाद शासन द्वारा सभी विभागों में पदोन्नति पर लगी रोक को समाप्त कर दिया गया है। अब नियमानुसार सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। मंडी बोर्ड में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारम्भ तो हुई लेकिन खबर है कि प्रक्रिया में पदोन्नति के मामले में भेदभाव बरता जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार तकनीकि शाखा के इंजीनियरों की पदोन्नति में कई प्रकार के रोड़े अटकाए जा रहे हैं। सीधी प्रक्रिया से होने वाली पदोन्नति में जानबूझकर अड़चन पैदा की जा रही है। बताया जा रहा है कि सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता पद पर पदोन्नति की जानी है जिसमें पदोन्नति के साथ उनके तबादले की शर्त जोड़ दी गई, जिससे विभागीय प्रक्रिया में जान बूझकर देरी की जा रही है। इससे उप यंत्रियों के होने वाले प्रमोशन में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है। इस मामले में कहा जा रहा है कि एक प्रमोशन सूची तैयार होगी तब दूसरी सूची तैयार की जायेगी। इससे यह स्पष्ट है कि जब तक सहायक अभियंता पदोन्नत नहीं हो जाते तब तक उप अभियंताओं की पदोन्नति लटकी रहेगी। जबकि पात्र उप अभियंताओं की पदोन्नति भी साथ साथ होनी चाहिए। वहीं कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण यंत्री बनने वालों की फाइल कई तरह की अनियमितताओं की वजह से अब तक रुकी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार इस सारे मामले में मंडी बोर्ड के अतिरिक्त संचालक ने विभागीय कृपा दृष्टि दिखाते हुए मंडी निरीक्षकों को मंडी सचिव के पद पर आनन फानन में पदोन्नत करवा दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब तकनीकि शाखा के अफसरों की पदोन्नति प्रक्रिया पहले शुरु हुई थी तो उसे अधर में लटका कर मंडी निरीक्षकों को मंडी सचिव कैसे बना दिया गया।

इस मामले में मंडी बोर्ड के प्रबंध निदेशक से बात की गई तो उनका कहना था कि क्रमवार तरीके से सभी पात्र लोगों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। किंतु मंडी बोर्ड के निरीक्षकों की पदोन्नति में क्रम की जगह कृपा की वजह क्या है, यह बताने कोई तैयार नहीं है।

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प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मान किया महामहिम राज्यपाल अनुसूइया उइके छत्तीसगढ़

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डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर

जिले से एक मात्र शिक्षक महेन्द्र पुजारी प्रधान अध्यापक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुर था नारायणपुर से राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान राज भवन में महा महिम राजपाल अनुसूइया उइके जी, प्रदेश के मुखिया माननीय भूपेश बघेल जी और शिक्षा मंत्री Dr प्रेमसाय टेकाम दिया गया! जिनकी नियुक्ति 07-01-89 को शासकीय सेवा में जॉइनिंग हुई उन्हें 2004 में समन्वयक दायित्व सौंपा गया जिसमें अपने संकुल केंद्र बेनूर के लिए जो भी जिम्मेदारी निर्देश दिए जाते थे उस कार्य को उन्होंने सफलतापूर्वक किया… शाला त्यागी बच्चों के लिए स्कूल में प्रवेश एवं जो बच्चे स्कूल में नहीं जा पाए उनको शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए 2007 में शासन के निर्देशानुसार उन्होंने 9 महीने का वैकल्पिक शाला का संचालन किया उस समय जगदलपुर जिला सीईओ आर प्रसन्ना साहब ने वैकल्पिक शाला संचालन की व्यवस्था को देखने के लिए उन्होंने औचक निरीक्षण किया जो बच्चे कक्षा दूसरी तीसरी चौथी पांचवी में छोड़ चुके उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाकर पढ़ाना एक जिम्मेदारी सौंपा गया था ! पुजारी ने अन्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई गुणवत्ता पर ध्यान दिया , जिसे देखकर जिला सी ई ओ जगदलपुर ने प्रशंसा की और अवार्ड दिया गया.. और संकुल केंद्र बेनूर के लिए एक टीवी सेट प्रदान किए ।।।

2008 में एक नवीन संयुक्त आश्रम शाला बेनूर में खोला गया जिसका दायित्व अधीक्षक रूप में जिम्मेदारी दी गई जिसे भी लगन से उस दायित्व को करता रहा और 2000 12-13 में कलेक्टर भुवनेश यादव के द्वारा उस आश्रम का औचक निरीक्षण किया गया …जिसमें आश्रम की साफ-सफाई भोजन की उत्तम व्यवस्था आश्रम भवन में महत्वपूर्ण लेखन साग सब्जी उत्पादन छात्र-छात्राओं कीअध्ययन व्यवस्था की सुचारू रूप से कार्य करने पर मुझे 2013 में गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया …तत्पश्चात उन्हें 2013 में पोटा केबिन आवासीय विद्यालय देवगांव में संलग्न किया गया वहां पर भी उन्होंने अपने कार्य अनुभव के अनुसार 500 सीटर आवासीय विद्यालय का संचालन को लगन से और सुचारू रूप से किया… कलेक्टर टामन सिंह सोनवानी साहब के द्वारा औचक निरीक्षण पर उन्होंने भी वहां पर कार्य की प्रशंसा की और श्री पुजारी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर 2016 में प्रशस्ति पत्र प्रदान किया अब प्रधान अध्यापक उच्च प्राथमिक शाला तूरूठा में अध्यापन कार्य के साथ-साथ गांव के विकास गांव में जागरूकता साफ सफाई अभियान की ओर भी ध्यान दिया इसी कड़ी में जिला प्रशासन ने योग्य समझ कर और 2021 में राज्य शिक्षक सम्मान प्ले नाम चयनित किया गया तथा उन्हें राज धा नी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मान दिया गया… इस उपलब्धि नारायणपुर के सभी अधिकारी कर्मचारियों के अलावा छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन कोडागाव जिला संयोजक लोकेश गायकवाड़ ने बधाई दी हैं…

पुरंदेश्वरी के बोल के बाद ढ़ाई ढ़ाई साल का मुद्दा गोल…छत्तीसगढ़ की सियासत में छा गया किसान

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर। बस्तर में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी द्वारा पार्टी के संभागीय सम्मेलन में कहे गए एक वाक्य ने सियासी दिशा मोड़ कर रख दी है। छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक खलबली मचा देने वाला ढ़ाई ढ़ाई साल का सियासी मुद्दा फिलहाल नेपथ्य में चला गया है। इस मुद्दे के केंद्र स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव भी कह चुके हैं कि अभी राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा तय नहीं हुआ है। कहने वाले तो यह भी कह रहे हैं कि हाल फिलहाल राहुल का छत्तीसगढ़ दौरा तय होगा अथवा नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। खबर थी कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आग्रह पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बस्तर आने वाले हैं। उनके संभावित छत्तीसगढ़ दौरे के मद्देनजर यह भी कहा जा रहा था कि वे छत्तीसगढ़ में हालात का जायजा लेंगे। लेकिन जैसे जैसे दिन बीतते जाएंगे, वैसे वैसे ढ़ाई ढ़ाई साल के मुद्दे की गरमाहट धीमी होती जाएगी। हालांकि सियासत गरमाए रखने की कोशिश सिंहदेव की ओर से जारी है। बीते रोज मरवाही विधायक ध्रुव के बेटे के निधन पर शोक व्यक्त करने मरवाही से लौटने के दौरान उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त चर्चा में कहा कि कांग्रेस विधायकों की संख्या 70 से बढ़कर 72 होने वाली है। ये नए विधायक कहां से आयेंगे, यह उन्होंने नहीं बताया लेकिन इतना जरूर कहा कि ढ़ाई ढ़ाई साल के मुद्दे पर सारी बातें हो गई हैं। वे पहले भी कह चुके हैं कि निर्णय आलाकमान के पास सुरक्षित है। तो, यह सुरक्षित फैसला कब सामने आएगा, इसका कोई अतापता नहीं है।

इस बीच भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के बोल ने ढ़ाई ढ़ाई साल का मुद्दा सियासी गलियारे से गोल कर दिया। उनके बोल का त्वरित जवाब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दे दिया था लेकिन इसके बाद मुख्यमंत्री ने तेरह सदस्यीय मंत्रिमंडल में से दस सदस्यों के साथ इस मामले में भाजपा पर हमला बोल दिया तो सियासी सरगर्मी की दिशा ही बदल गई। मुख्यमंत्री ने डी. पुरंदेश्वरी के बोल को किसान से जोड़ दिया। जवाब में भाजपा ने भी किसानों की स्थिति और मौसम की बेरुखी पर फोकस करते हुए कांग्रेस पर निशाना साध दिया। इस तरह अब छत्तीसगढ़ की सियासत में ढ़ाई ढ़ाई साल का मुद्दा गौण और किसान का मान सम्मान तथा सूखा जैसे हालात में उसकी लाचारी का मामला प्राथमिकता में आ गया है।

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नियमितीकरण के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

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छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ नियमितीकरण को लेकर एक बड़ी बैठक हो रही है | दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ नियमितीकरण को लेकर भाजपा शासन काल से अपनी मांगो को लेकर आ रहे है पूर्व में भी भाजपा शासन काल में नियमितीकरण के लिए एक कमेटी गठित की हुई थी लेकिन उस कमेटी द्वारा किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया गया जिसके कारन छत्तीसगढ़ के सम्पूर्ण दैनिक वेतन भोगी आक्रोशित रहे और अनेको प्रकार की रैली निकाले और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे | वर्तमान में एक आशा की किरण जगी और कांग्रेस सरकार को पूर्ण समर्थन करते हुए कांग्रेस की सरकार का गठन किया और आज कांग्रेस सरकार ने

अपने जन घोषणा पत्र में वादा किया हुआ है कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जायेगा एवं किसी की छटनी नहीं की जाएगी लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि कांग्रेस सरकार के आते ही छटनी का कार्य प्रारंभ हो चूका है वन विभाग में कई ऐसे कर्मचारी है जिनकी छटनी कर दी गई है और नियमितीकरण के सम्बन्ध में जो कमेटी गठित की गई है प्रमुख सचिव वाणिज्य कर विभाग की अध्यक्षता में लेकिन उक्त समिति द्वारा किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और अपने अंतिम अभिमत देने के लिए महाधिवक्ता बिलासपुर को पत्र प्रेषित किया हुआ है कि अनुच्छेद 14 एवं 16 के तहत नियमितीकरण के सम्बन्ध में अपना निर्णय दे किन्तु वर्तमान सरकार द्वारा जन घोषणा पत्र में यह स्पष्ट किया जा चूका है कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जायेगा | यह लड़ाई सन 1998 से चली आ रही है सरकार वादा तो करते है पर उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकलता |

छत्तीसगढ़ के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ने कहा है कि सरकार के पास तीन महीने का समय है इस बीच सरकार अपना निर्णय ले लेवे अन्यथा कर्मचारियों द्वारा सरकार के साथ आर या पार की लड़ाई की जाएगी |

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलकसा में एएनएम की सेवानिवृत्त होने पर उनके सम्मान में सम्मान समारोह मनाया गया

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलकसा में ए. एन. एम . जयंती मंडल की 28 वर्ष के लंबे समय से सेवा उपरांत सेवानिवृत्त होने पर उनके सम्मान में सम्मान समारोह मनाया गया। प्रभारी चिकित्सक डॉक्टर जे एन चुनाकर ने जयंती मंडल के द्वारा दी गई सेवाओं की प्रशंसा की एवं उनके द्वारा किया गया कार्य को अनुकरणीय बताया अपने कार्य के प्रति लग्न एवं शासन के द्वारा संबंधित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का अपने क्षेत्र में पूरी तरह से ईमानदारी के साथ की। उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की सम्मान की इस बेला में उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया गया ज्योति मंडल ने अपने किए गए कार्य भी साझा की उन्होंने कहा कि मैंने अपने कार्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं कि अपनी कार्य को अपनी जिम्मेदारी मानकर हमेशा समय पर किया, ऐसा कोई समय नहीं आया कि कार्यकाल में किसी को मैंने शिकायत का मौका दी हो हमेशा उच्चाधिकारियों ने मुझे शबासी दी ।

कई बार स्थिति ऐसा भी आया स्वास्थ्य संबंधित परेशानी हो या घर में आवश्यक काम हो फिर भी मैंने इसे दरकिनार कर अपनी जिम्मेदारी बखूबी से निभाई । कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य संयोजक रेखु राम साहू ने किया और आभार व्यक्त शालिनी टेमरे ने की। इस कार्यक्रम में एस एल मारिया, कृपाराम ठाकुर ,आर आर ठाकुर, एम के अली, इला देवान ,सीता साहू, ए स्वर्णकार ,सीमा तिवारी, हेमंत साहू, संजय यादव ,संजय ठाकुर, एस नंद , एल ठाकुर एचएल देवांगन आशा सोनी कृष्णा ,राधा साहू गणेश्वरी मंडावी जय अम्मा, एस मार्गी, एम नायक एवं सभी स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे ।

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