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वीर योद्धा शहीद गुंडाधुर के वंशजों ने छोड़ दी हैं आदिवासी संस्कृति और परपराएं

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कहां गए वो नेता, जो दावा करते थे बस्तर में एक भी धर्मांतरण न होने का

मतांतरित हो चुके हैं आदिवासी योद्धा गुंडाधुर के सारे वंशज

-अर्जुन झा-

जगदलपुर जिस वीर आदिवासी योद्धा शहीद गुंडाधुर की प्रतिमा को नमन करने देश के गृहमंत्री अमित शाह मई को बस्तर आ रहे हैं, उस वीर के सारे वंशज आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को त्याग चुके हैं।ये लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित बस्तर प्रवास को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस तैयारी का नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में नव संचालित शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा का वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव तथा सांसद महेश कश्यप ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने नेतानार स्थित शहीद गुंडाधुर प्रतिमा स्थल एवं बेस कैंप परिसर में संचालित सेवा सेतु केंद्र का अवलोकन किया। इस सेवा डेरा के माध्यम से ग्रामीणों और महिलाओं को विभिन्न सेवाएं एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी केंद्र, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, इमली प्रोसेसिंग यूनिट तथा राइस ढेंकी की प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखने तथा स्थानीय हितग्राहियों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीसीएफ स्टायलो मंडावी, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, डीएफओ उत्तम गुप्ता, जनपद पंचायत सीईओ श्री भाटिया सहित क्षेत्र के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।*बॉक्स**कन्वर्ट हो चुके हैं गुंडाधुर के वंशज*बस्तर के आदिवासियों के लिए यह निहायत ही दुखद बात है कि जिस आदिवासी वीर योद्धा गुंडाधुर ने आदिवासियों की अस्मिता और आदिम संस्कृति की रक्षा के लिए अंग्रेजों तथा विदेशी आक्रांताओं से लोहा लिया था, उनके ही वंशज आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को त्याग कर ईसाई धर्म अपना लिया है।

जो वीर योद्धा आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और पूजा पद्धति को जिंदा रखने के लिए आजीवन लड़ता रहा, उनके ही वंशज विदेशी धर्म के आगे आश्चर्यजनक रूप से झुक गए। शहीद गुंडाधुर के नाम पर राजनीति चमकाने वाले नेता उनके परिजनों को ईसाइयत के मोहजाल में फंसने से नहीं बचा पाए। बस्तर के उन आदिवासी नेताओं की आंखों में तुष्टिकरण की ऎसी कौन से पट्टी बंधी है कि, वे विधानसभा में बड़ी दमदारी से दावा करते रहे हैं कि बस्तर में एक भी धर्मांतरण नहीं हुआ है। यह समूचे बस्तर के लिए शर्मनाक है।

खबर छपने पर ही जागता है बस्तर का खनिज विभाग, रेत का अवैध परिवहन करते 4 वाहन जप्त

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कलेक्टर के निर्देश पर खनिज जांच दल की बड़ी कार्रवाई

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर का खनिज महकमा शायद क्षेत्र का दौरा नहीं करता या फिर जानबूझ कर खामोशी अख्तियार किए रहते है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि जब जब हमने खबर प्रसारित की तब तब ही खनिज विभाग की नींद टूटी और उसने रेत माफियाओं पर एक्शन लिया है। एक बार फिर हमारी खबर ने विभाग की नींद तोड़ी है। विभाग ने रेत का अवैध परिवहन कर रहे चार ट्रक पकड़े हैं।

बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार और खनि अधिकारी शिखर चेरपा के मार्गदर्शन में जिला खनिज जांच दल ने बेलगांव रेत घाट एवं बजावंड क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान गौण खनिज रेत का अवैध परिवहन कर रहे 4 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिन्हें तत्काल पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। जब्त किए गए वाहनों में दो ट्रैक्टर और दो हाईवा शामिल हैं, जो बिना वैध दस्तावेजों के रेत का परिवहन कर रहे थे। इन सभी वाहनों को खनिज सहित जप्त कर वाहन मालिकों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी। इस सफल औचक कार्रवाई में जिला खनिज जांच दल के प्रभारी व खनिज निरीक्षक अंकित पुरी, खनिज सिपाही डिकेश्वर खरे, नगर सैनिक देवीराम बघेल और सहदेव बघेल मुख्य रूप से मौजूद थे। खनिज विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से जिले के सभी खनिज ठेकेदारों और परिवहनकर्ताओं को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है कि बिना अभिवहन पास के खनिजों का परिवहन करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध परिवहनकर्ताओं एवं उत्खननकर्ताओं के विरुद्ध दोबारा ऐसा कृत्य करने पर और भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही कलेक्टर श्री छिकारा के निर्देशानुसार जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए खनिज अमले द्वारा आगे भी ऐसा विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच की जाती रहेगी।

जिले से होगी चेरपा की छुट्टी

इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला खनिज अधिकारी शिखर चेरपा की बस्तर जिले से जल्द छुट्टी हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि बस्तर जिले, खासकर बकावंड विकासखंड में धड़ल्ले से चल रहे रेत के अवैध कारोबार ने राज्य की भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा नेताओं की बड़ी किरकिरी करा दी है। मीडिया में बार बार मामला सामने आने के बावजूद जिला खनिज अधिकारी शिखर चेरपा ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।. इससे नाराज एक प्रभावशाली बड़े भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री और खनिज विभाग के सचिव के पास चेरपा के खिलाफ तल्ख लहजे में शिकायत की है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि शिखर चेरपा की बस्तर जिले से जल्द विदाई हो सकती है।

बस्तर में रेत का अवैध परिवहन करते 4 वाहन जब्त

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कलेक्टर के निर्देश पर खनिज जांच दल की बड़ी कार्रवाई

जगदलपुर, 17 मई 2026/ बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार और खनि अधिकारी श्री शिखर चेरपा के मार्गदर्शन में जिला खनिज जांच दल ने बेलगांव रेत घाट एवं बजावण्ड क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान गौण खनिज रेत का अवैध परिवहन कर रहे 4 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिन्हें तत्काल पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। जब्त किए गए वाहनों में दो ट्रैक्टर और दो हाईवा शामिल हैं, जो बिना वैध दस्तावेजों के रेत का परिवहन कर रहे थे। इन सभी वाहनों को खनिज सहित जप्त कर वाहन मालिकों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी। इस सफल औचक कार्रवाई में जिला खनिज जांच दल के प्रभारी व खनिज निरीक्षक अंकित पुरी, खनिज सिपाही डिकेश्वर खरे सहित नगर सैनिक देवीराम बघेल और सहदेव बघेल मुख्य रूप से मौजूद थे। खनिज विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से जिले के सभी खनिज ठेकेदारों और परिवहनकर्ताओं को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है कि बिना अभिवहन पास के खनिजों का परिवहन करना एक गंभीर और दण्डनीय अपराध है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध परिवहनकर्ताओं एवं उत्खननकर्ताओं के विरुद्ध दोबारा ऐसा कृत्य करने पर और भी कठोर दण्डात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही कलेक्टर श्री छिकारा के निर्देशानुसार जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए खनिज अमले द्वारा आगे भी ऐसा विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच की जाती रहेगी।

तारापुर पेट्रोल पंप के पास धू-धू कर जली बाइक, सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

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बकावंड विकासखंड बकावंड के पेट्रोल पंप संचालक न सिर्फ आग से खेल रहे हैं, बल्कि अपने उपभोक्ताओं की जान से भी खुलकर खिलवाड़ कर रहे हैं। यहां के पेट्रोल पंपों में अग्नि दुर्घटना रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं खाद्य विभाग और अन्य संबंधित विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं। ऎसी ही एक बड़ी घटना विकासखंड के तारापुर स्थित शुक्ला पेट्रोल पंप के पास हो गई, जहां एक बाईक अचानक धू धू जल उठी, लेकिन पेट्रोल पंप में कोई व्यवस्था न रहने के कारण आग बुझाई नहीं जा सकी।

मिली जानकारी के अनुसार पल्सर बाईक चालक कनिया सेठिया तारापुर के पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवा कर अपने घर बनियागांव लौट रहा था। वह पेट्रोल पंप से निकला ही था कि उसकी बाईक में अचानक आग लग गई। कनिया सेठिया ने बाईक से कूदकर अपनी जान बचा ली, उसका पैर मामूली रूप से झुलसा है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई, मगर आग से बाईक को काफी नुकसान पंहुचा है। अगर ग्रामीणों ने समय रहते ततपरता नहीं दिखाई होती, तो आग पेट्रोल पंप तक भी पहुंच सकती थी। आश्चर्य की बात तो यह है कि पेट्रोल पंप से बमुश्किल 20 मीटर की दूरी पर हुई इस अग्नि दुर्घटना को रोकने के लिए पेट्रोल पंप में कोई व्यवस्था नजर आई।. पंप में न तो फायर इंग्यूसर है और न ही रेत भरी बाल्टियां। अब सवाल यह उठता है कि बिना जरूरी इंतजामों के पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति कैसे मिल गई? खाद्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी पेट्रोल पंपों की जांच क्यों नहीं करते?तारापुर पेट्रोल पम्म शुक्ला हैं मालिक बता रहा जैसे ही पेट्रोल पम्प से भरा क़र अपने घर बनिया गांव आते समय 20 मीटर दूरी पेट्रोल पम्प के अचानक मोटर साईंकिल में आग लगी जैसे आग लगी गाडी चालक गाडी से उत्तर क़र भग गया अल्का सा पैर आग लगी हैं कनिया सेठिया कोके ग्राम पंचायत में कई पेट्रोल पंप संचालित है लेकिन उनकी सुरक्षा व्यवस्था का कोई गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता है कल की घटना ही बड़ा हादसा बन सकती थी, लेकिन आग लगने के बावजूद किसी तरह उसे ग्रामीणों ने बुझा दिया, दूसरी बात यह कि पेट्रोल पंप पर भीड़ नहीं थी वरना गंभीर घटना घट सकती थी

सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री का व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा अर्चना किया

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कल शनि जयंती होने पर पीपल वृक्ष की भी पूजा अर्चना की

दल्लीराजहरा । लौह अयस्क नगरी दल्लीराजहरा में आज 16 मई 2026 शनिवार, ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को सुहागिन श्रद्धालु महिलाओं ने वट सावित्री का व्रत रखकर वटवृक्ष (बरगद) की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना, कथा श्रवणकर, हवन, आरती पश्चात प्रसाद वितरित किये। इसी क्रम में बीएसपी सेंट्रल टाउनशिप दल्लीराजहरा के स्ट्रीट नंबर 10, वार्ड नंबर 22 के कला मंच के समीप स्थित “वट वृक्ष” की वट सावित्री का व्रत रखी हुई सुहागिन महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर मौसमी फल, फूल, मिष्ठान ,सुहाग व श्रृंगार सामग्री अर्पित कर सती सावित्री व सत्यवान की पौराणिक कथा श्रवण किये तथा “वट वृक्ष” में कच्चा धागा लपेटते हुए 12 फेरे लगाए तत्पश्चात पुनः “वट वृक्ष” के 108 फेरे लगाए।सावित्री व्रत के संबंध में वट वृक्ष की पूजा अर्चना करने पहुंची श्रीमती ममता शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को सभी सनातनी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु/ दीर्घायु के लिए तथा अखंड सौभाग्य के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं।आज शनिवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है और ज्येष्ठ मास अमावस्या को श्री शनिदेव की जयंती होने के कारण उपस्थित सुहागिन महिलाओं ने समीप में स्थित पीपल वृक्ष की भी पूर्ण विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर 7 फेरे लगाए तथा सभी लोगों के परिवार में सदैव उत्तम स्वास्थ्य, सुख ,समृद्धि ,शांति व प्रसन्नता बनी रहे इस बात की मंगल कामना की तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किए। इस अवसर पर ममता शर्मा, सीमा राजोरिया, शशि सिंह राजपूत,मीनी राजपूत, लता कुलदीप, गुड़िया गुप्ता, लीना देवांगन, प्रमिला नायक , शांति साहू ,प्रियंका नायक, सुनोतीन, निशा,मुस्कान, सहित अन्य महिलाएं ,बच्चे व परिवार जन उपस्थित रहे।

खदानों में बंद पड़े माइनिंग ठेका कार्यों को तुरंत शुरू करने और श्रमिकों के भुगतान की मांग को लेकर ‘छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ’ ने प्रबंधन को दिया ज्ञापन

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दल्लीराजहरा, 16 मई 2026छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ ने लौह अयस्क खदान समूह, राजहरा के मुख्य महाप्रबंधक आर बी गहरवार को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर बंद पड़े माइनिंग ठेका कार्यों को तुरंत बहाल करने की मांग की है।संघ के अध्यक्ष राजेंद्र बेहरा द्वारा जारी इस पत्र में बताया गया है कि 15 मई 2026 से लौह अयस्क खान समूह के सभी माइनिंग ठेका कार्यों को एक ‘नो वर्क नो पे’ (No Work No Pay) का नोटिस लगाकर अचानक बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह काम डीजल की अनुपलब्धता के कारण बंद किया गया है।महासचिव अनिल यादव ने कहा आजीविका का संकट: अचानक काम बंद होने से खदान समूह में कार्यरत सैकड़ों ठेका कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनके परिवारों के भुखमरी की कगार पर पहुँचने की नौबत आ गई है।

नीतियों पर सवाल: संगठन का आरोप है कि इस वर्तमान स्थिति के लिए सरकारी नीतियां काफी हद तक जिम्मेदार हैं, न कि गरीब ठेका श्रमिक और उनके परिवार।प्रमुख मांगें: श्रमिक संघ ने प्रबंधन से मांग की है कि लौह अयस्क खान समूह के बंद माइनिंग ठेका कार्यों को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। इसके साथ ही, काम बंद रहने के दिनों की श्रमिकों की हाजिरी (उपस्थिति) सुनिश्चित की जाए और उसका पूरा भुगतान कराया जाए।सीधी कार्रवाई की चेतावनी:लौह अयस्क खान समूह के माइनिंग ठेका कार्यों में इस समय कर्मचारियों के बीच भारी असंतोष व्याप्त है। संगठन ने प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ठेका कार्य तत्काल प्रारंभ नहीं किया गया, तो संगठन सीधी कार्रवाई (आंदोलन/प्रदर्शन) करने के लिए बाध्य होगायूनियन द्वारा प्रबंधन को मांग किया गया डीजल की जो आपूर्ति है बी एस पी पूरी करे और जल्द से जल्द बंद कार्य को चालू किया जाएं मुख्य महाप्रबंधक ने भी सभी मांगो को गंभीरता पूर्वक लेते हुए मांगो को पूरा करने का आश्वासन दियायह पत्र प्रतिलिपि के रूप में कार्यकारी निदेशक खदान और अनुविभागीय दंडाधिकारी, राजहरा को भी उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। साथ में संघ के पदाधिकारियों एवं श्रमिक साथियों के द्वारा माइंस ऑफ़िस गेट के सामने नारे बाजी कर धरना प्रदर्शन किया गया इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ अध्यक्ष राजेन्द्र बेहरा, महासचिव अनिल यादव, कार्यकारी अध्यक्ष अजय नारायण मिश्रा, कार्यकाल सचिव गौतम बेरा, इंद्र कुमार साहू,अमरीक सिंह,हरिशंकर राव,भीम सिंह, नसरुद्दीन,विनोद,बलवंत सिंह,सोहित राम,अशोक, संजीवन, रैन सिंग,संजय साहूसाथ सभी श्रमिक साथी उपस्थित रहे।

जल संरक्षण की मिसाल बने पार्षद डोमेंद्र साहू और व्याख्याता शशि किरण साहू

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जल बचाने का दे रहे हैं संदेश और दिला रहे हैं प्रतिज्ञा भी

अभनपुर विष्णु देव साय सरकार द्वारा मनाए जा रहे सुशासन तिहार के बीच अभनपुर नगर पालिका परिषद के पार्षद और सभापति डोमेंद्र साहू द्वारा जल संरक्षण के लिए अनूठा अभियान चलाया जा रहा है। जीवन अभियान चलाया जा रहा है। वहीं व्याख्याता शशि किरण साहू इस मिशन की मार्गदर्शिका के रूप में लोगों को जल प्रतिज्ञा दिला रही हैं। इसके लिए उन्होंने आकर्षक पंफलेट्स छपवाए हैं। पार्षद साहू और व्याख्याता सुश्री साहू की पहल की पूरे अंचल में जमकर तारीफ हो रही है और लोग जल संरक्षण के लिए प्रेरित भी हो रहे हैं। पार्षद डोमेंद्र साहू जल एवं पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागृति, स्वच्छता अभियान को लेकर अक्सर कुछ नया करते रहते हैं।

जीव जगत के हितों से जुड़े इन मुद्दों को लेकर वे हमेशा लोगों को जागरूक करते रहते हैं। इस बार पार्षद डोमेंद्र साहू ने जल संरक्षण के तहत जल बचाएं, जीवन बचाएं और भविष्य बचाएं अभियान शुरू किया है। वे गली गली, चौराहों, होटलों, दुकानों, पान ठेलों आदि में जाकर लोगों जल का महत्व बताते हुए उन्हें जल संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस बड़े अभियान में मार्गदर्शिका की भूमिका बजरंग दास हाई स्कूल की व्याख्याता श्रीमती शशि किरण साहू निभा रही हैं। श्रीमती साहू ने जल प्रतिज्ञा अभियान की शुरुआत की है। इसके लिए उन्होंने आकर्षक पंफलेट्स छपवाए हैं। वे लोगों के बीच जाकर उन्हें जीवन में जल का महत्व समझाती हैं और जल बचाने के लिए के प्रतिज्ञा भी दिलाती हैं। लोगों के बीच जाकर जल संरक्षण के लिए समर्पण भावना से कदम उठाने की अपील करती हैं। श्रीमती शशि किरण साहू लोगों को जरूरत के मुताबिक ही पानी का इस्तेमाल करने, दुरूपयोग न करने, व्यर्थ पानी न बहाने, नदी, तालाबों, कुंओं, हैंडपंपों व अन्य जलस्त्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की नसीहत भी लोगों को देती हैं। व्याख्याता शशि किरण साहू और पार्षद डोमेंद्र साहू की इस शानदार पहल की अभनपुर नगर में ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी खूब चर्चा हो रही है। लोग साहू समाज की इन दोनों जागरूक हस्तियों की सराहना कर रहे हैं और जल संरक्षण के लिए प्रेरित भी हो रहे हैं।

बस्तर की विकास का रास्ता बनेगा एनएच 130 डी: मंत्री केदार कश्यप

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गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण पर सरकार का फोकस

बस्तर की कनेक्टिविटी को नई गति देगा राजमार्ग

नारायणपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने आज गढ़बेंगाल चौक से कोंडागांव तक राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130-डी के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह मार्ग बस्तर क्षेत्र की जीवनरेखा है, जो कोंडागांव सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर यातायात सुविधा, व्यापारिक गतिविधियों और विकास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क निर्माण की वर्तमान प्रगति, पुल-पुलियों और अन्य अधोसंरचना कार्यों की जानकारी दी।

मंत्री केदार कश्यप ने निर्देश दिए कि बरसात के पूर्व अधिकतम कार्य पूर्ण किया जाए ताकि आम जनता को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के पूर्ण होने से बस्तर क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और अधिक आसान होगी।वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सुशासन की सरकार प्रदेश में मजबूत और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़कें आवागमन का माध्यम के साथ विकास और समृद्धि का आधार हैं।

बस्तर में परिवहन व्यवस्था की की कमर तोड़ देगा मोदी का फरमान: रेखचंद जैन

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बढ़ती मंहगाई को लेकर अभी से सशंकित हैं लोग

पूर्व विधायक जैन ने बताया तुगलकी फरमान

जगदलपुर पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रधानमंत्री मोदी के फरमान को तुगलकी फरमान की संज्ञा देते कहा है कि इसमें बस्तर जैसे क्षेत्र की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। जैन के अनुसार भाजपा 2017 – 18 में बस्तर की लाइफ लाइन माने जाने वाले परिवहन संघ के कार्यालय पर ताला जड़ चुका है। इसके पदाधिकारियों को घरों से उठाकर जिस प्रकार प्रताड़ित किया गया था, उसे न तो पदाधिकारी, न ही उनके परिजन और न ही संघ के सदस्य भूल पाए हैं।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा- बस्तर परिवहन संघ को बस्तर की लाइफ लाइन इसलिए कहा जाता है कि यहां का पूरा कारोबार इसी पर निर्भर है। अब प्रधानमंत्री मोदी के फरमान ने परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की नींद उड़ा दी है। ट्रकों के लिए डीजल की अधिकतम सीमा के निर्धारण ने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। लोगों में यह भय भी व्याप्त हो गया है कि प्रधानमंत्री की घोषणाओं से आगामी दिनों में मंहगाई बढ़ जाएगी क्योंकि बस्तर संभाग के सातों जिलों में माल की ढुलाई मुख्य रूप से ट्रकों के माध्यम से होती है। श्री जैन ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयास से 2018-19 में परिवहन संघ कार्यालय का ताला खोला गया था, तब जाकर इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिली थी।

फ्यूल दरों ने तोड़ी कमर

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि महंगाई की मार पहले से ही जनता पर पड़ रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरमान भी जनता को रुला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में पेट्रोल -डीजल के रेट में बढ़ोतरी का असर दिख रहा है। परिवहन यहां घाटे का व्यवसाय बन रहा है। आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से जनता कराह रही है, तो मोदी मंत्रिपरिषद के सदस्य ढोंग में जुटे हैं और प्रधानमंत्री पांच देशों की यात्रा पर जनता को ठेंगा दिखाते निकल पड़े हैं।

मोदी सरकार हर मोर्चे पर फेल

पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी हर मोर्चे पर फेल साबित हो रहे हैं। प्रत्येक फेल के लिए खाड़ी युद्ध को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। बात चाहे मोदी के हाल के फरमान हों, या नीट परीक्षा पेपर लीक का मामला हो। लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि आखिर रुपये डॉलर के मुकाबले ठहर क्यों नहीं रहा है? इसके संकेत खाड़ी युद्ध के पहले ही मिल गए थे। लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने मंहगाई रोकने कौन से उपाय किए हैं ? जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी वैसे भी फेल हो गई है। राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र को मोदी की गारंटी के नाम से प्रचारित किया था। इसके कई प्रावधान अब भी लागू होने की बाट जोह रहे हैं।

वट सावित्री व्रत पर उमड़ी आस्था, सुहागिन महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य

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धर्ममय रहा पूरे बस्तर जिले का वातावरण

जगदलपुर

बस्तर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वट सावित्री व्रत श्रद्धा, विश्वास और भारतीय संस्कृति के उत्सव के रूप में मनाया गया। पल्लीभाटा क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में सुहागिन महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।

सुबह से ही वट वृक्षों और मंदिर परिसरों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार में सजी महिलाओं ने पूजा की थालियों के साथ वट वृक्ष की परिक्रमा की तथा रक्षा और सौभाग्य के प्रतीक धागे बांधे। इस दौरान महिलाओं ने सावित्री और सत्यवान की कथा का श्रवण कर वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पूजा स्थलों पर भजन, कीर्तन, मंत्रोच्चार और सामूहिक आराधना से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

महिलाओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखकर परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन में सुख शांति की मंगल कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प, तप और प्रेम के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी विश्वास और परंपरा के तहत सुहागिन महिलाएं हर वर्ष वट सावित्री व्रत रखती हैं। इस पर्व ने बस्तर अंचल में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और पारिवारिक मूल्यों की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

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