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जगन्नाथपुर में हुआ किसान संगोष्ठी का आयोजन, उपसंचालक ने किसानों से की अपील: फसल चक्र अपनाए वरना भविष्य में होगी परेशानी 

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  • धान के बजाय दलहन तिलहन को दे बढ़ावा, रासायनिक दवाइयों का ना करें ज्यादा इस्तेमाल

बालोद  बालोद ब्लाक के ग्राम जगन्नाथपुर में मंगलवार को गुरु एग्रो केयर का शुभारंभ और किसान संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जगन्नाथपुर सांकरा सहित आसपास के ग्राम परसदा, डेंगरापार , घुमका कमरौद तक के किसान मौजूद रहे । आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे कृषि विभाग के उपसंचालक जीएस ध्रुवे ने किसानों को फसल चक्र अपनाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि भूगर्भ में पानी की कमी हो रही है। इसलिए गर्मी में धान की खेती से बजाय दलहन तिलहन को बढ़ावा दे। साथ ही इन्होंने जिले में स्थित शक्कर कारखाना को गन्ना उपलब्ध कराने में प्रत्येक किसान को एक एकड़ में कम से कम गन्ना लगाने की अपील की ताकि जिले का कारखाना अच्छे से चल सके। उन्होंने चिंता जताई कि जिले में कारखाना होने के बावजूद गन्ने की कमी हो रही है। इसी तरह उन्होंने एफपीओ यानी फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (किसान उत्पादक संगठन) बनाने की अपील भी कार्यक्रम के आयोजक योगेश्वर देशमुख से की और कहा कि वह किसानों का नेतृत्व करें और क्षेत्र के किसानों को ज्यादा से ज्यादा एफपीओ में जोड़े ताकि इस संगठन के जरिए किसानों को कम कीमत पर खाद बीज और रासायनिक दवाइयां मिल सके।

डीएपी की होगी इस बार किल्लत 

इसके अलावा उन्होंने किसानों को आगाह किया कि इस बार डीएपी की काफी किल्लत हो सकती है। इसलिए सिर्फ डीएपी के भरोसे ना रहे। अन्य वैकल्पिक खाद का इस्तेमाल जरूर करें। और समय रहते खाद और बीज का उठाव कर ले ताकि आने वाले समय में दिक्कत ना हो। साथ ही सभी 122 सोसाइटी में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने की जानकारी उन्होंने दी ।

बच्चों को ना करें खेती किसानी से से दूर : विरेंद्र महाराज 

आयोजन में अध्यक्षता कर रहे सुरेगांव भेड़ी से पहुंचे सुप्रसिद्ध नाड़ी वैद्य गुरुदेव वीरेंद्र महाराज ने किसानों से अपील किया कि वह अपने बच्चों यानि आने वाली पीढ़ी को भी खेती किसानी से जोड़े। उन्होंने कहा कि हम किसान अपने बच्चों को खेती किसानी से विमुख करने में जिम्मेदार है। जब वे छोटे होते हैं तो हम ही उन्हें कहते हैं की खेती किसानी में कुछ नहीं रखा है पढ़ लिखकर नौकरी करो। ऐसे में बच्चा जब बड़ा होता है तो वह खेती किसानी से दूर हो जाता है। अब हमें सोच बदलनी है। हमें सकारात्मक सोच रखनी है। हमें अपने बच्चों से कहना है की पढ़ाई लिखाई करो पर अपनी खेती किसानी पर भी ध्यान दें । अगर नौकरी नहीं भी लगती है तो खेती से भी घर चल सकता है । खेती किसी में अगर युवा आज की तकनीक का इस्तेमाल करें तो आसानी से अपना जीवन यापन कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को इस संसार का सबसे बड़ा साधक कहा। गुरुदेव वीरेंद्र महाराज ने कहा कि किसान सबके लिए कमाता है। कई जीव को पालता है। उसे हार नहीं माननी चाहिए। हमेशा हौसला बनाए रखना चाहिए। किसान सभी दुख तकलीफ सहते हुए फसल तैयार करते हैं। सब का पेट भरते हैं। किसानों से निवेदन करता हूं तो खुद को कभी कमजोर ना समझे,

खुद को हमेशा तैयार करें। जैसे बारिश सब जगह होती है लेकिन फसल वहीं पर होती है जो खेत हम तैयार करके रखते हैं। हमें नकारात्मक सोच नहीं रखनी है। नकारात्मक सोच अगर दिल में बैठा लेते हैं तो वह हमें अंदर से खोखला कर देती है और हमारी ऊर्जा को कम कर देती है। इसलिए सदैव सकारात्मक सोचे।

बैंक मैनेजर सहित कृषि विभाग के अफसरों ने दी योजनाओं की जानकारी 

आयोजन में पहुंची छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की मैनेजर श्वेता पांडा ने किसानों के लिए ऋण से संबंधित जानकारी दी। साथ ही कृषि विभाग के अफसर ने भी किसानों को सही बीज का चयन, बीज उपचार फसल परिवर्तन, दलहन तिलहन फसल को बढ़ावा देने से संबंधित विस्तृत जानकारी रखी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री पिस्दा, सुमन केसरिया आदि ने किसानों को खेती का मर्म समझाया और उनका शंका समाधान भी किया।

किसान अपनी खेती की डायरी बनाएं, जानकारी होना जरूरी है

इस बीच कृषि विशेषज्ञ योगेश्वर देशमुख ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज किसानों को जागरूक होने की जरूरत है। प्रत्येक किसान को कहना चाहूंगा कि वह अपनी खेती का एक डायरी बनाएं। कौन सी फसल में कब क्या दवाई डाल रहे हैं कितना डाल रहे हैं क्या कंपनी है उसमें क्या-क्या मिला है यह सब जानकारी उसमें लिखे। अक्सर जानकारी के अभाव में गलत दवाई या फिर जरूरत से ज्यादा दवाई का छिड़काव फसलों में करते हैं। जिससे अपेक्षित लाभ नहीं हो पाता और उल्टा आर्थिक नुकसान होता है।कई पोषक तत्व हमारे मिट्टी में ही होते हैं इसके बावजूद फिजूल की दवाई और कीटनाशक डालकर हम फसल को और नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और उनके प्रति जागरूक रहने की अपील की। प्लांटों कृषि तंत्र के बायो प्रोडक्ट और उसके गुणवत्ता के प्रमाणों के बारे में भी उन्होंने संक्षिप्त जानकारी दी। इस दौरान रायपुर से पहुंचे कृषि वैज्ञानिक नितेश दुबे, सरपंच अरुण साहू,एम.के. मरगिया

अनुविभागीय क़ृषि अधिकारी बालोद,सुमन केसरिया ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ढाल सिंह देशमुख, ताराचंद साहू, खोमन देशमुख, पत्रकार दीपक यादव आदि मौजूद रहे। अंत में सभी अतिथियों ने ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर के पास पौधारोपण किया और सुरक्षा का संकल्प लिया। संगोष्ठी के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी मनमोहक आयोजन हुआ। जिसमें कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीतों पर आकर्षक प्रस्तुति दी।

बिजली से जुड़े मसलों पर विधायक किरण देव ने ली अधिकारियों की बैठक

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  •  किरण देव ने समस्याएं दूर करने के दिए निर्देश

जगदलपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों की बैठक ली।

बिजली संबंधी समस्याएं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आएदिन उत्पन्न हो रही हैं। इन सभी समस्याओं के संबंध में बैठक लेकर समस्याओं का अविलंब निराकरण करने का निर्देश किरण देव ने दिया। ज्ञात हो कि बिजली की समस्या को लेकर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनता को काफी परेशानी हो रही थी।जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक किरण देव ने बिजली की समस्या को जल्द निजात दिलाने की अधिकारियों को निर्देशित किया है। श्री देव ने अधिकारियों को कहा कि बिजली अति आवश्यक सेवाओं से जुड़ी है उसे सुचारू रखने का प्रयास करें।यह विषय जनहित से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है। इसमें किसी भी प्रकार के लापरवाही ना करते जनहित में कार्य कर इन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द करें। जनता को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो। बिजली एक आवश्यक सेवा है उसे सुचारू रूप से कितना बेहतर कर सकते हैं उस पर कार्य करने की आवश्यकता है। बिजली की समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक कार्य करते बिजली संबंधी आये दिन हो रही समस्या पर जल्द कार्ययोजना के साथ कार्य करते उसमें निदान करें। इस बैठक में कार्यपालन अभियंता शहरी प्रदीप कुमार अग्रवाणी, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण सुदीप कुमार खेस एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थिति थे।

ग्रामीणों के बीच पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव, संवाद कर सुनी समस्याएं

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  • मेला मड़ई में हुए शामिल, देवी देवताओं की पूजा की

जगदलपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक जगदलपुर किरण देव ने मंगलवार की शाम नगरनार मंडल के ग्राम मारकेल एवं माड़़पाल का दौरा किया।ग्रामीणों से भेंट मुलाकात कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए। किरण देव मेला मड़ई में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ग्राम देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर क्षेत्र की सुख एवं समृद्धि की कामना की।

मारकेल एवं माड़पाल क्षेत्र के ग्रामीणों से सीधे संवाद में सामने आईं ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं के अविलंब निराकरण के निर्देश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मौके पर दिए। वहीं संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं जनता ने क्षेत्र के विकास के संबंध में विधायक के समक्ष अपनी मांगे रखी। जिस पर विधायक किरण देव ने उचित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का जगह-जगह ग्रामीणों ने भव्य स्वागत बस्तरिया पांरपरा के अनुरूप किया। इस मौके पर किरण देव ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में तीसरी बार हमारी सरकार बनी है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सुशासन है। बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में कोई कमी आने नहीं दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं एवं मांगों को प्राथमिकता के साथ दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान भाजपा जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह, नगरनार मंडल अध्यक्ष सुब्रतो विश्वास, वरिष्ठ राजेश श्रीवास्तव सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

दंतेवाड़ा जिले में नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के 18 सदस्यों को मिली अनुकंपा नियुक्ति

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  • शासन की संनवेदनशीलता का दिखने लगा है असर

जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की संवेदनशीलता और ईमानदार प्रयासों के चलते नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों के पात्र सदस्यों को सरकारी नौकरियां मिलने लगी हैं। बुधवार को लाइवलीहुड कॉलेज दंतेवाड़ा में क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी द्वारा नक्सलवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों के पात्र 18 सदस्यों एवं दिवंगत शासकीय सेवकों के 10 परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े एवं दंतेवाड़ा के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार अनुकंपा नियुक्ति के तहत नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि चैतराम अटामी ने 18 नक्सल पीडित परिवारों तथा 11 अनुकंपा नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील पहल की गई है और राज्य सरकार की योजनाओं में अनुकंपा नियुक्ति पहली प्राथमिकता में है। शासन प्रशासन पीडित परिवारों के साथ सदैव उनके सुख दुख में साथ रहेगा। चैतराम अटामी ने लाभान्वित परिजनों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, संयुक्त कलेक्टर हिमाचल साहू सहित जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनीष सुराना, संतोष गुप्ता एवं जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद थे।

भाजपा ने किया जनमुक्ति मोर्चा के मांगों का समर्थन वर्गीकरण के मुद्दे को लेकर कलेक्टर से की मुलाकात

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  •  भाजपा नेता जायसवाल ने मांग को बताया जायज

दल्लीराजहरा बीईएमएल के ठेका श्रमिकों के कार्य के वर्गीकरण का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता श्याम जायसवाल ने बीईएमएल में कार्यरत 99 श्रमिकों के वर्गीकरण के मुद्दे का समर्थन करते हुए जन मुक्ति मोर्चा की मांग को जायज बताया है।

भाजपा नेता श्याम जायसवाल ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व डौंडीलोहरा के छाया विधायक देवलाल ठाकुर से फोन पर चर्चा कर दल्ली राजहरा के 99 श्रमिकों को न्याय दिलाने हेतु पहल करने का निवेदन किया। जिसके बाद देवलाल ठाकुर ने आश्वस्त किया है कि बालोद भाजपा जिला अध्यक्ष पवन साहू के साथ चर्चा कर जनमुक्ति मोर्चा के साथियों की हम जल्द ही मुख्यमंत्री व श्रम मंत्री से मुलाकात करा कर इस समस्या का समाधान करेंगे। पिछले 5 सालों से सीएलसी द्वारा मजदूरों के वर्गीकरण का आदेश बीएसपी प्रबंधन व बीईएमएल को दिया गया है। उसके बाद भी अब तक मजदूरों को मैनेजमेंट द्वारा घुमाया जा रहा और मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। जनमुक्ति मोर्चा इसके लिए सालों से लगातार प्रयास कर रहा है। श्याम जायसवाल ने कहा कि पूर्व में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। इसलिए पिछले 5 सालों से मजदूरों को उनका हक नही मिल सका। युवा नेता श्याम जायसवाल ने भी श्रमिकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि तात्कालीन सांसद मोहन मंडावी ने भी इस मामले को जल्द निपटाने हेतु निर्देशित किया था, किंतु आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण मामला अटक गया था। वर्तमान में भोजराज नाग हमारे सांसद बन गए हैं। उन्हें भी इस मामले से अवगत कराकर जल्द इस मामले का समाधान किया जाएगा। श्री जायसवाल ने कहा कि भाजपा सरकार में किसी भी मजदूर भाई को परेशान नही होना पड़ेगा। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदैव मजदूरों के पक्ष में निर्णय करते हैं। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के युवा नेता श्याम जायसवाल , जनमुक्ति मोर्चा के सचिव बसंत रावटे, श्रमिक नेता संजय सिंह, विजय सिंह ने जिलाधीश से मुलाकात कर विगत 5 वर्षों से लंबित मामले का निराकरण करवाने का अनुरोध किया। श्याम जायसवाल से मुलाकात के बाद बालोद जिलाधीश इंद्रजीत सिंह चंद्रावल ने तत्काल मामले पर संज्ञान लेते हुए दल्ली राजहरा के एसडीएम सोनकर को इसी हफ्ते बीएसपी की बैठक बुलाकर इस मामले का समाधान करने निर्देशित किया है।

नक्सली हिंसा में पति की जान गई, नौकरी पाने के बाद पत्नी ने बच्चों को बेसहारा छोड़ अपने जानू संग बसा लिया घर

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  • पति की मौत पर पत्नी को मिली है अनुकंपा नियुक्ति
  • बेसहारा बच्चों का भविष्य हो गया है अंधकारमय
  • विधायक टेकाम और कलेक्टर ने साझा किया दोनों अनाथ मासूमों का दर्द

अर्जुन झा

जगदलपुर पति ने जीते जी तो उसकी दुनिया आबाद कर ही दी थी, अपनी मौत के एवज में भी उसे जीने का बड़ा सहारा दे गया। इसके अलावा पति अपने प्यार की दो अनमोल निशानियां भी छोड़ गया है। मगर हवस में अंधी विधवा पत्नी को न पति की कुर्बानी याद रही और न अपने दोनों मासूम बच्चों की कोई परवाह। बहुत ही कम उम्र वाले दोनों बच्चों पर इस बेदर्द महिला को रत्तीभर भी तरस नहीं आई और उन्हें बेसहारा छोड़ उसने अपने प्रेमी के संग अपनी नई दुनिया आबाद कर ली। सिर से बाप का साया उठ जाने और मां के पराये मर्द के साथ चले जाने से दोनों मासूम बच्चों का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो गया है। हालांकि केशकाल के विधायक नीलकंठ टेकाम और कोंडागांव के कलेक्टर श्री दुदावत ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, उससे बच्चों की जिंदगी में उम्मीद की किरण प्रस्फुटित होने की आस जाग उठी है।

पत्थर के भी आंसू निकाल देने वाली यह दास्तां है बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले की धनौरा तहसील के केशकाल ब्लाक में स्थित ग्राम पड्डे निवासी स्व. मन्नूराम नाग और उसके बेटे प्रज्ज्वल एवं आशु की। 27 जून 2010 को नक्सलियों ने मन्नूराम नाग की हत्या कर दी थी । मन्नूराम नाग की जब हत्या की गई थी उस समय उसके बड़े बेटे प्रज्जवल की उम्र मात्र दो ढाई वर्ष थी और दूसरा बेटा आशु अपनी मां अमिका नाग के गर्भ में पल रहा था। अब प्रज्जवल की उम्र लगभग 15 वर्ष हो चुकी है और वह इस वर्ष दसवीं कक्षा की पढ़ाई करने वाला है। दूसरा बेटा आशु अब लगभग 13 वर्ष का हो चुका है। आशु जिसने अपने पिता का चेहरा तक देख नहीं पाया था और जिसे पिता का लाड़ प्यार भी नसीब नहीं हो पाया था वह इस वर्ष आठवीं कक्षा में पढ़ाई करेगा। इन दोनों बच्चों के लिए इससे बड़ी बदनसीबी की बात और कोई दूसरी नहीं हो सकती कि पिता की असमय मौत के बाद मां और बाप दोनों का लाड़ प्यार तथा संरक्षण जिस मां से मिलना था वह मां ही कुमाता निकल गई। मां की ममता और फर्ज को दागदार कर देने वाली मां अमिका नाग ने अपने पति की मृत्यु के एवज मिली अनुकंपा नियुक्ति के बाद अपने जिगर के टुकड़ों को बेसहारा छोड़ अपने प्रेमी संग कोर्ट मैरिज कर चली गई। इस तरह पिता और मां के संरक्षण व लाड़ प्यार से वंचित बच्चों के समक्ष जीवन निर्वाह और शिक्षा दीक्षा की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ज्ञात हो कि छग शासन के गृह विभाग के आदेश और सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय रायपुर के निर्देशों के तहत नक्सली हिंसा में मृत व्यक्ति के परिवार के आश्रित सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधानों है। इसी आधार पर कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास शाखा बस्तर जगदलपुर ने 12 अक्टूबर 2011 ने आदेश जारी कर अमिका नाग पति स्व. मन्नूराम ग्राम पड्डे थाना ईरागांव विकासखंड केशकाल को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की थी।

क्या कहता है नियम?

नक्सली हिंसा में मौत पर अनुकंपा नियुक्ति के नियम शर्त की कंडिका क्रमांक 10 में प्रावधान है कि अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले उम्मीदवार को मृतक के समस्त आश्रित सदस्यों के भरण पोषण की सम्पूर्ण जिम्मेदारी का निर्वाह करना अनिवार्य होगा। इस लिहाज से अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त अमिका नाग का कर्तव्य बनता था कि वह अपने दिवंगत पति मन्नूराम नाग के माता पिता, अन्य आश्रित परिजनों का भरण पोषण करती। मगर नक्सली हिंसा में मृत मन्नूराम नाग के आश्रित सभी सदस्यों के भरण पोषण की बात तो दूर, अमिका नाग अपने ही कोख से जन्मे और पूरी तरह उस पर निर्भर अपने नाबालिग बच्चों को भी बेसहारा छोड़ नया पति बनाकर उसके साथ रंगरलियां मनाने चली गई।

अपने बच्चों को बेसहारा छोड़कर जाने वाली मां ने यह भी नहीं सोचा कि मेरे जाने के बाद बच्चों का क्या होगा?अब नाबालिग बच्चों के भरण पोषण और शिक्षा दीक्षा को लेकर चिंतित मृतक मन्नू राम के भाई व परिजन यहां वहां फरियाद करते, आवेदन देते भटक रहे हैं।

दो आईएएस ने जगाई आस

केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम जो कि पूर्व आईएएस हैं और कोंडागांव कलेक्टर दुदावत ने दोनों बच्चों के भविष्य से जुड़े मसले को गंभीरता से लिया और संवेदनशीलता दिखाते हुए पहल भी शुरू कर दी है। बच्चों को लेकर उनके पालक बीते दिनों केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के पास फरियाद करने पंहुचे थे। विधायक श्री टेकाम ने बड़ी संवेदनशीलता दिखाई और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाते हुए तुरंत पहल भी प्रारंभ कर दी।

इसके दूसरे दिन पालक बच्चों को लेकर कोंडागांव कलेक्टर श्री दुदावत से मिले और उन्हें आपबीती सुनाई। बच्चों के दर्द को कलेक्टर ने बड़ी गंभीरता से सुना और फौरन दंतेवाड़ा कलेक्टर से बच्चों को जवंगा के आवासीय स्कूल में भर्ती कराने की आवश्यकता बताते हुए उनसे इस बाबत सहयोग का आग्रह किया। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित परिवार को अपने क्षेत्र के विधायक और जिला कलेक्टर से मिलने के बाद यह उम्मीद जाग उठी है कि अब बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम हो जाएगा।

परिवारजनों की मांग

अपने बच्चों को बेसहारा छोडकर जाने पर बच्चों के पालक व नक्सली हिंसा में मृत मृतक के परिवार जन की यही मांग है कि नक्सली हिंसा में मृत मन्नूराम नाग की पत्नी अमिका ने अनुकंपा नियुक्ति आदेश के नियम शर्त कंडिका क्रमांक 10 का उल्लंघन करते दूसरी शादी कर जिम्मेदारी से मुख मोड़ लिया है। इस मामले को देखते हुए उसकी अनुकंपा नियुक्ति तत्काल निरस्त कर दी जाए और मन्नू राम नाग के दोनों बच्चों की पढ़ाई के लिए आवासीय व्यवस्था वाले स्कूल, आश्रम में उन्हें दाखिला दिलाया जाए। इसके साथ ही बस्तर संभाग के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों की राय है कि नक्सली हिंसा के मृतकों के अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त आश्रितों के लिए नियम शर्त की कंडिका क्रमांक 10 के प्रावधान का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराया जाए, ताकि फिर किसी प्रज्ज्वल और आशु को दर दर भटकना न पड़े।

जमीन विवाद के चलते दो सगे भाइयों की हत्या

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जगदलपुर शहर से लगे ग्राम इरिकपाल में जमीन विवाद के चलते दो सगे भाईयों की हत्या कर दी गई। जमीन विवाद का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।

खेत में काम कर रहे बड़े भाई योगेश कश्यप और छोटे भाई चंद्रशेखर कश्यप की हत्या कर दी गई। मौके पर कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों के परिजनों के अनुसार मारने वाले हल्बा जाति के हैं, जिनके साथ जमीन का विवाद कोर्ट में चल रहा है।

एक बस में दूधमुहे बच्चों सहित 240 सवारी! .. ऎसी बेदर्दी और बेरहमी तो जानवरों के साथ भी नहीं की जाती

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  • जगदलपुर के कुशवाहा ट्रेवल्स संचालक की सामने आई अमानवीयता
  • किरण देव ने कहा- मामले में कराएंगे कड़ी कार्रवाई

अर्जुन झा

जगदलपुर जगदलपुर शहर के बस स्टैंड में जिसने भी इस दिल दहला देने वाले मंजर को देखा, उसकी रूह कांप उठी। जगदलपुर के कुशवाहा ट्रेवल्स की एक यात्री बस में दूधमुहे बच्चों सहित ओड़िशा के 240 मजदूरों को आज हैदराबाद से जगदलपुर लाकर छोड़ दिया गया। यात्रियों को ठूंस ठूंस कर भरे जाने से कई बच्चे और किशोरियां बीमार पड़ गईं। एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। गनीमत है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक किरण देव और सहृदय बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने इन मजदूरों की तुरंत सुध ले ली। अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी। विधायक और कलेक्टर की पहल पर मजदूरों के ठहरने और भोजन पानी तथा इलाज का तुरंत प्रबंध कर दिया गया।

ओड़िशा से खाने कमाने हैदराबाद गए 240 मजदूरों को कुशवाहा ट्रेवल्स जगदलपुर की एक ही बस में जानवरों की तरह भरकर जगदलपुर के नया बस स्टैंड पर लाकर छोड़ दिया गया।उड़ीसा के इन मजदूरों के साथ दर्जनों छोटे-छोटे बच्चे और अनेक दूधमुहे बच्चे भी शामिल थे। इसके साथ ही उनके बर्तन, कपड़े लत्तों और दीगर सामानों के लगेज को भी ठूंस दिया गया था। ये मजदूर ओड़िशा तक के लिए कुशवाहा ट्रेवल्स की बस को बुक कराकर हैदराबाद से रवाना हुए थे। बस को जगदलपुर से होते हुए ओड़िशा के बलांगीर तक जाना था, मगर कुशवाहा ट्रेवल्स के बस संचालक ने बलांगीर तक के लिए बस की व्यवस्था न होने की बात कहते हुए मजदूरों को बस स्टैंड जगदलपुर में ही छोड़ दिया। भूखे प्यासे और गर्मी के चलते बस स्टैंड में बैठे-बैठे बच्चे बीमार हो गए। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर है साथ ही काफी संख्या में दूधमुहे बच्चे भी मजदूर परिवारों के साथ मौके पर नजर आए। सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि 52-55 सीटर बस में 240 मजदूरों को किस तरह ठूंस ठूंसकर भरा गया होगा और इन गरीबों ने हैदराबाद से जगदलपुर तक की लंबी दूरी कितनी मुसीबत के साथ तय की होगी। किरण देव सिंह और कलेक्टर विजय दयाराम के. ने मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था नगर के टाउनहाल में कराई है। साथ ही उनके लिए भोजन, पानी का भी इंतजाम किया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर मजदूरों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीम भी टाउन हाल में तैनात कर दी है। ज्यादा बीमार दो बच्चों को महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन द्वारा मजदूरों को ओड़िशा भेजने की व्यवस्था की जा रही है। किरण देव ने कहा है मामला बड़ा ही गंभीर है, दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।

बस संचालक का कृत्य अक्षम्य

ऎसी बेरहमी और बेदर्दी तो जानवरों के साथ भी नहीं की जाती, जैसी बेरहमी और बेदर्दी भरा सलूक कुशवाहा ट्रेवल्स के संचालक और उनके कर्मचारियों द्वारा ओड़िशा के मजदूरों के साथ किया गया है। यह अमनवीय कृत्य अक्षम्य है। इस पर जिला प्रशासन, महिला एवं बाल आयोग तथा आरटीओ को कड़ा एक्शन लेना होगा। कुशवाहा ट्रेवल्स की सारी बसों की परमिट रद्द कर संचालक और मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले कर्मियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाने की जरूरत है। ताकि दूसरे बस ऑपरेटर फिर कभी ऐसा दुस्साहस न कर सकें। बता दें कि कुशवाहा ट्रेवल्स की यात्री बसें जगदलपुर से हैदराबाद के बीच अंतर राज्यीय परमिट पर चलती हैं। परमिट अभी जीवित हैं या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है। हैदराबाद में बस्तर और ओड़िशा के मजदूर रोजी रोटी की तलाश में बड़े पैमाने पर गए हुए हैं। ये मजदूर अपने तीज त्यौहारों पर अपने गांव एकसाथ लौटते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए बस ऑपरेटर यात्रियों को ठूंस ठूंसकर बसों में भरते हैं।

सरकारी स्कूल मूली के प्राचार्य ने कबाड़ी के हाथों बेच दी स्कूल की अच्छी भली 400 टेबल कुर्सियां

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  • मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मूली का
  • संवाददाता के कैमरे को देख भाग निकला कबाड़ी

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड की शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मूली के प्राचार्य ने शाला की 400 पुरानी टेबल कुर्सियों को कबाड़ी के हाथों बेच दिया। जबकि इन टेबल कुर्सियों की मरम्मत कराकर उन्हें फिर से उपयोग में लाया जा सकता था। वहीं इस संवाददाता के कैमरे को देखते ही कबाड़ी मौके से भाग निकला।

जनपद पंचायत बकावंड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मूली संकुल केंद्र मूली के प्राचार्य दीपक देवांगन द्वारा स्कूल के छात्र छात्राओं के बैठने के उपयोग में लाई जाने वाली अच्छी कंडीशन वाली 400 टेबल कुर्सियों और बेंच को क्लास रुम्स से निकलवाया और कबाड़ी वाले को बुलाकर उन सभी फर्नीचर्स को बेच दिया गया। मूली संकुल केंद्र के कर्मचारियों ने स्कूल के पिछले भाग में ले जाकर 200 नग टेबल और 200 बेंच कुर्सियों समेत कुल 400 नग लोहे के फर्नीचर्स को कबाड़ी वालों हवाले कर दिया था। वहां इन टेबल, कुर्सियों और बेंचेज को हथौड़े से तोड़कर लोहे के स्ट्रक्चर से लकड़ी की सीट को तोड़कर अलग किया जा रहा था। जानकारी मिलने पर यह संवाददाता कैमरा लेकर वहां पहुंच गया। मामले की फोटो वीडियो बनाने पर कबाड़ी वाले सारा फर्नीचर छोड़कर भाग गए। लोहे के स्ट्रक्चर का ढेर एक जगह लगा दिया गया था।

बीईओ मिश्रा ने झाड़ा पल्ला

जब इस संवाददाता ने मूली स्कूल के फर्नीचर्स को कबाड़ी वाले हाथों बेचे जाने के संबंध में बकावंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा से चर्चा करनी चाही, तो वे पल्ला झाड़ते नजर आए। बीईओ श्रीनिवास मिश्रा ने साफ कह दिया कि यह मेरा जिम्मेदारी नहीं है, आप जिला शिक्षा अधिकारी भारती मैडम से जानकारी ले लीजिए। जबकि इस पूरे मामले में बीईओ श्री मिश्रा की ही पहली जिम्मेदारी बनती है। उनका प्रथम कर्तव्य बनता था कि वे तुरंत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मूली पहुंचते, फर्नीचर्स को कबाड़ियों के हाथों बिकने से रोकते और प्राचार्य दीपक देवांगन की करतूत से अपने वरिष्ठ अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर को पूरे मामले की जानकारी देते। मगर बीईओ श्रीनिवास मिश्रा ने अपना दायित्व नहीं निभाया। वहीं प्रकरण में प्राचार्य दीपक देवांगन से चर्चा करने पर उन्होंने चुप्पी साध ली

कराई जा सकती थी मरम्मत

जिन 400 नग कुर्सी, टेबल, बेंचेज को चंद रुपयों के लालच में कबाड़ी वालों के हवाले कर दिया गया, उनकी मामूली मरम्मत कराकर उन्हें नया स्वरूप दिया जा सकता था और फिर से काम लाया जा सकता था। कुर्सियों और बेंचेज की सीट की लकड़ी और टेबलों के ऊपर के लकड़ी से निर्मित पटरे भर को बदलवाने की जरूरत थी। कई कुर्सी, टेबलों और बेंचेज की स्क्रू, किलें ही निकली हुई थीं, जिन्हें आसानी से बदला जा सकता था। यह काम स्कूल स्टॉफ भी कर सकता था। वहीं कुर्सियों, बेंचों और टेबलों पर नई लकड़ी लगाने का काम गांव के ही किसी बढ़ई को बुलाकर कराया जा सकता था। बढ़ई ज्यादा से ज्यादा 700 रुपए प्रतिदिन की दर से मजदूरी लेता। वहीं साइज वाली लकड़ियां, स्क्रू और कीलें बाजार से खरीदकर लाई जा सकती थीं। इतनी रकम शाला विकास समिति मद से ली जा सकती थी, मगर इतनी सी भी जहमत प्रचार्य ने नहीं उठाई। एक सच्चाई तो यह भी है कि स्कूलों में जो फर्नीचर्स उपलब्ध कराए जाते हैं, वे निहायत ही घटिया स्तर के होते हैं। फर्नीचर आपूर्ति करने वालों से कमीशनखोरी के फेर में बड़े अधिकारी फर्नीचर्स की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते।

रतनजोत बीज खाकर आंगनबाड़ी के बच्चे हुए बीमार, जिला अस्पताल में ईलाज जारी

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  •  कोंडागांव के बनजुगानी गांव का है यह मामला

कोंडागांव कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत बनजुगानी के आंगनबाड़ी केंद्र के करीब दस बच्चे रतनजोत के बीज खाकर बीमार पड़ गए। हालत बिगड़ने पर सभी बच्चों को कोंडागांव लाकर यहां जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

मंगलवार की सुबह 7 बजे ग्राम बनजुगानी के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। वहां से लगभग 9 बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा छुट्टी दी जाने के बाद बच्चे अपने घर वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है इसी दौरान 8 से 10 बच्चों ने रतन जोत पेड़ के बीज तोड़कर खा लिए। घर पहुंचने के बाद ये बच्चे लगातार उल्टी करने लगे। जिसकी सूचना परिजनों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस संजीवनी 108 से जिला अस्पताल कोंडागांव लाया गया। जहां बच्चों का उपचार जारी है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुखयारिन पोयाम ने बताया कि आज आंगनबाड़ी में यूनिसेफ का एक कार्यक्रम आयोजित होना था इसलिए बच्चों को निधार्रित समय से पहले छुट्टी दे दी गई। वहीं सुपरवाइजर ऋतु देवांगन ने बताया कि बच्चे जब हॉस्पिटल आ गए तब उन्हें कार्यकर्ता ने सूचना दी। उन्होंने बताया कि सहायिका बच्चों को घर तक छोड़ने गई थी या नहीं यह उन्हें जानकारी नहीं है। फिलहाल 7 बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

वर्सन

खतरे से हैं बाहर

रतनजोत बीज खाने वाले आंगनबाड़ी के सात बच्चों को जिला अस्पताल में लाए हैं, जिनका उपचार जारी है। सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

  डॉ. सीआर ठाकुर,

सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय कोंडागांव

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