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खनिज अधिकारियों ने आंखों पर पट्टी बांध कर की अवैध रेत भंडारण की जांच

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जांच के नाम पर दिखावा करके लौट गई टीम

डंप थी 1 हजार ट्राली से ज्यादा रेत, विभाग को नजर आई महज 200 ट्राली

ठेकेदार से खनिज विभाग की सांठगांठ

अर्जुन झा

बकावंड करपावंड तहसील के छिंदगांव में खनिज विभाग द्वारा रेत भंडारण पर की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जहां एक हजार ट्रॉली से ज्यादा रेत डंप थी, वहां खनिज विभाग की टीम को महज 200 ट्रॉली रेत नजर आई। ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर अवैध रेत भंडारण की जांच की है। वहीं खनिज अधिकारियों और ठेकेदार के बीच सांठगांठ की बात भी सामने आई है।

हमने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन एक्शन मोड में आया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम करपावंड तहसील के छिंदगांव पहुंची जरूर थी, मगर जांच के नाम पर महज दिखावा ही किया गया। गांव में 1 हजार ट्राली से अधिक रेत डंप थी, मगर खनिज विभाग को महज 200 ट्राली ही रेत नजर आई। विभाग ने सरपंच पति शरद बघेल एवं एक ठेकेदार को नोटिस जारी करने की जानकारी तो दी है, लेकिन नोटिस की विस्तृत जानकारी छुपा दी गई।पुख्ता जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के एक ठेकेदार ने खनिज विभाग से सेटिंग कर रखी है। खनिज विभाग के इशारे पर सरपंच पति एवं पंच द्वारा पेटफुली नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर छिंदगांव पंचायत के गौठान में लगभग 1000 ट्राली रेत डंप की गई है। इसकी शिकायत किए जाने पर एसडीएम बकावंड मनीष वर्मा के आदेश पर खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी लेकिन सांठगांठ के चलते जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की वापस लौट आई है।

रॉयल्टी की क्षति का हिसाब नहीं

खनिज विभाग की टीम को मौके से वापस आए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन इस रेत कांड में शासन को रायल्टी के रूप में मिलने वाली कितने रुपयों की क्षति हुई है, विभाग उसका आंकलन अब तक नहीं कर पाया है। विभागीय अधिकारी रॉयल्टी को लेकर बोलने से बच रहे हैं। विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में रॉयल्टी की क्षति एवं कितनी जुर्माना वसूली की रकम का कहीं भी जिक्र नहीं है। खबर है कि जिले से बाहर के एक ठेकेदार के इशारे पर जेसीबी से अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा था। विभाग उक्त वाहन को भी जप्त नहीं किया गया है। यह भी एक बड़ा रहस्य है। अब देखने वाली बात यह है कलेक्टर आकाश छिकारा और एसडीएम मनीष वर्मा इस बड़े रेत घोटाले में क्या एक्शन लेते हैं,?

मसाला क्षेत्र विस्तार अंतर्गत किसानों को हल्दी एवं अदरक की खेती पर मिलेगी सब्सिडी

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बालोद 11 जून 2026 उद्यानिकी विभाग के राज्यपोषित मौसम खरीफ वर्ष 2026-27 अतर्गत बालोद जिले में मसाला क्षेत्र विस्तार में हल्दी एवं अदरक उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि ’पहले आओ, पहले पाओ के’ तहत जिले में रकबा 50 हेक्टेयर हल्दी एवं 33 हेक्टेयर अदरक हेतु कृषक अपने स्थानीय उद्यानिकी शासकीय उद्यान रोपणी में संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी उद्यानिकी तकनीकी सहायक श्री मनीष कुमार निषाद के मोबाईल नंबर 9770644287 से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्रमाणित, आधार बीज जिसमें हल्दी बीज प्रति हेक्टेयेर 25 क्विंटल एवं अदरक बीज प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल लगाकर फसल हल्दी में 47 हजार रूपये अनुदान एवं फसल अदरक में 49 हजार 800 रूपये का अनुदान प्राप्त कर सकेगें। उन्होंने बताया कि डौण्डी विकासखण्ड के किसान श्री विजय निकोसे के मोबाईल नंबर 6265269639, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के किसान श्री अनिल साहू के मोबाईल नंबर 7415793724, गुण्डरदेही विकासखण्ड के किसान श्री मुकेश कुमार वासनिक के मोबाईल नंबर 9926171139, बालोद विकासखण्ड के किसान श्री गणेश शंकर के मोबाईल नंबर 9098787674 एवं गुरूर विकासखण्ड के किसान श्री अखिलेन्द्र जगबेहड़ा के मोबाईल नंबर 7000540576 से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्रमांक/311/ठाकुर

खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर की जा रही है निरंतर कार्रवाई

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जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन में संलग्न वाहन को किया गया जप्त

बालोद, 11 जून 2026 कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग द्वारा 09 जून 2026 को गुरूर विकासखण्ड एवं 11 जून को बालोद एवं गुण्डरदेही का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध परिवहन करते पाये जाने के कारण कुल 10 वाहनों को जप्त किया गया। जिसमें रेत से भरी 05 हाईवा सीजी 08 बीएफ 9424, सीजी 08 एल 3527, सीजी 24 टी 7853, सीजी 04 पीएच 2606, सीजी 08 बीएच 1082 एवं 03 टैक्टर मय ट्राॅली सीजी 07 सीवाय 7277, सीजी 24 वी 2089 एवं सीजी 047463 तथा मिट्टी (ईंट) से भरी 02 वाहन सोल्ड महेन्द्रा एवं सीजी 24 वी 3114 सहित 10 वाहनों को जप्त कर थाना आरक्षी केन्द्र बालोद, गुण्डरदेही एवं सनौद के अभिरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही की जाएगी एवं भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। क्रमांक/310/ठाकुर

जिले में खनिज के अवैध भण्डारण पर की गई कार्रवाई

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बालोद, 10 जून 2026 कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा 10 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा, रेंगाकठेरा, चन्दनबिहरी, देवरी ख का औचक निरीक्षण किया गया।

जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध भण्डारण के 06 मामलों में खनिज रेत को जप्त कर ग्राम पंचायत एवं कोटवार को सुपुर्द किया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। क्रमांक/306/ठाकुर

मोदी सरकार के 12 वर्ष: ऐतिहासिक निर्णयों, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प का स्वर्णिम काल

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दल्लीराजहरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा नेताओं ने इसे सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण का स्वर्णिम काल बताया। नेताओं ने कहा कि इस दौरान देश ने अनेक ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णयों के माध्यम से विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना, तीन तलाक की प्रथा समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाना, आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी निर्णायक कार्रवाइयों के साथ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को नई मजबूती प्रदान की है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेकर देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है।भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, युवा एवं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना एवं किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है तथा आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है।नगर पालिका अध्यक्ष तोरणलाल साहू ने कहा कि मोदी सरकार ने विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया है।

देश में सड़क, रेल, हवाई अड्डों, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आधारभूत संरचनाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने तकनीक, शिक्षा, खेल, अंतरिक्ष, रक्षा और विदेश नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वैश्विक मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।विधानसभा मीडिया प्रभारी भूपेंद्र डहरवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश के लोकतांत्रिक इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धि जनविश्वास, कुशल नेतृत्व और सुशासन की राजनीति की जीत है। उनके नेतृत्व में भारत ने जी-20 की सफल अध्यक्षता कर विश्व समुदाय में अपनी प्रभावशाली भूमिका स्थापित की है।पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम एवं महाकाल लोक जैसे कार्यों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से साकार होगा और भारत विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनकर उभरेगा।

संजो कर रखें देव बालिफूल की परंपरा को: लखेश्वर बघेल

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बस्तर की संस्कृति को आगे बढ़ाने का जिम्मा युवाओं पर

बस्तर औऱ ओडिशा के दो गांवों के बीच देव बालिफूल का रिश्ता

जगदलपुर जनजातीय बहुल बस्तर में मेल मिलाप और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने मित्र बनाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। व्यक्ति व्यक्ति से मीत बदता है, बालिफूल बदता है। सबसे आकर्षक जुगलबंदी तब होती है जब पूरे के पूरे दो गांव आपस में मीत बन जाते हैं। यह बालिफूल कहलाता है। जब दो गांव आपस में मीत या बालिफूल बांध लेते हैं गांव के हर सुख-दुख, त्योहार, मेला मड़ई में सामूहिक सहभागिता करते हैं।

बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। आश्चर्य की बात तो यह है कि बस्तर के संधकरमरी गांव के देवी-देवताओं ने सीमा पार ओडिशा के मोतीगांव के देवी-देवताओं से बालिफूल बांध रखा है। इससे पता चलता है कि यह कितनी पौराणिक परंपरा है। यह प्रथा कब से चली आ रही है किसी को नहीं पता, पर हमें इस सांस्कृतिक विरासत को संजो कर रखना है। ये बातें मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल ने अपने गृह जनपद के ग्राम संधकरमरी में देव बालिफूल उत्सव को मुख्य अतिथि के आसंदी से संबोधित करते हुए कहीं। बस्तर के जनजातीय समाज में एक से बढ़कर एक अनूठी सांस्कृतिक परंपराएं हैं जिनका परिपालन सदियों से होता चला आ रहा है। इनमें से एक देव बालिफूल की छटा यहां देखने को मिली। हर साल यह उत्सव मनाया जाता है कभी संधकरमरी के ग्रामीण अपने देवी-देवताओं के साथ मोतीगांव जाते हैं तो दूसरे साल मोतीगांव के ग्रामीण अपने देवी-देवताओं के साथ सीमा पार कर संधकरमरी आ पहुंचते हैं। इन दोनों गांव के बीच दूरी करीब 7 किमी है। बीच मे सरहद भी है, पर यह सरहद कभी बाधा नहीं बनी मेलजोल में। सरहद पार रोटी-बेटी का संबंध है और दोनों ओर भतरा जनजातीय क्षेत्र होने से सांस्कृतिक समानताएं भी हैं । इस कार्यक्रम में देवी देवता सहित आने वाले पूरे लोगों का सम्मान पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के वादन और गाजे बाजे के साथ पैर धुला कर किया जाता है।

टीका लगाकर गमछा पहना कर या सिर पर पागा बांधकर किया जाता है। देव मिलन के बाद सामूहिक भोज होता है, दोनों गांव के लोग बैठकर सुख दुख, जंगल बचाने एक दूसरे के गांव के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प लेते हैं। मोतीगांव से प्रमुख रुप से चैतू सिरहा, बुधराम कलार, लैखन पुजारी, तुला सिरहा, भास्कर पुजारी, विद्या पुजारी, राजमन पुजारी, सरपंच नवीना, चित्रकला कलार, लखन भतरा,संध करमरी से पूर्व सरपंच तुलाराम बघेल, दामोदर कश्यप, मेघनाथ नाग, बेनीराम कश्यप, सुंदर सेठिया समेत दोनों गांव के सैकड़ों ग्रामीण इस उत्सव के सहभागी बने।

मुंडागांव में बुलडोजर एक्शन के विरोध में सामने आए पूर्व विधायक चंदन कश्यप

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प्रशासनिक अमले को लौटना पड़ गया बैरंग

जगदलपुर बस्तर जिले के भानपुरी थाना अंतर्गत ग्राम मुंडागांव में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर और मकान बनाकर रह रहे लोगों को बेदखल करने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान नारायणपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंदन कश्यप उग्र तेवर दिखाते हुए ग्रामीण के साथ खड़े नजर आए। दरअसल मुंडागांव के बाजार स्थल की सरकारी जमीन पर 16 परिवार मकान बनाकर वर्षों से निवासरत हैं। इन गरीब परिवारों के मकानों को तोड़ने और अवैध कब्जे हटाने के लिए तहसीलदार की टीम और पुलिस टीम जेसीबी बुलडोजर के साथ पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा भारी विरोध किया जाने लगा।मुंडागांव बाजार स्थल में अवैध कब्जा कर रखे 16 में से 13 लोगों को ही नोटिस दिया गया था।

मुंडागांव में प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार की टीम मौके पर जेसीबी लेकर पहुंची अवैध मकानों को तोड़ने के दौरान ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। स्थानीय ग्रामीणो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण टीम को बुलडोजर सहित वापस लौटाना पड़ा ।शासकीय जमीन पर वर्षों से काबिज लोगों को हटाने प्रशासन द्वारा आज तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम भेजी गई थी।जेसीबी के माध्यम से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होते ही सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक चंदन कश्यप के नेतृत्व में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए इस कार्रवाई की निंदा की। श्री कश्यप ने ऐन बरसात के दौर में गरीब परिवारों की बेदखली को अमानवीय कदम बताया और कहा कि इन सभी परिवारों को इसी जगह पर रहने दिया जाए और उन्हें पट्टे प्रदान किए जाएं। जानकारी के अनुसार भानपुरी से लगे ग्राम मुंडागांव के बाजार स्थल पर सोलह लोगों ने कब्जा किया हुआ है, जिनमें तेरह लोगों को बार बार नोटिस देकर जगह खाली करने कहा गया था। उनके नहीं मानने पर आज तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए अमला पहुंचा था।

बस्तर जनपद कार्यालय के जनरेटर की सांस थमी, सारा काम ठप; सीईओ बोले- नहीं मिल रहे हैं मेकेनिक

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संकट को और ज्यादा बढ़ा दिया है पॉवर कट ने

जगदलपुर तेज गर्मी और उमस के बीच जनपद पंचायत बस्तर पहुंचने वाले ग्रामीणों को घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास, वृद्धा पेंशन, मनरेगा जॉबकार्ड और जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे जरूरी कामों के लिए रोज सैकड़ों लोग दूर-दराज के गांवों से यहां आते हैं। लेकिन बिजली की आंख-मिचौली ने पूरे सिस्टम को ठप कर दिया है। जैसे ही लाइट जाती है, कंप्यूटर और प्रिंटर बंद हो जाते हैं।

कार्यालय में लगे सिर्फ दो इन्वर्टर से मुश्किल से एक-दो सिस्टम ही चल पाते हैं। नतीजा यह कि धूप में सफर करके आए बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पसीने से लथपथ होकर घंटों इंतजार करते रहते हैं।लोगों का कहना है कि वे एक ही प्रमाण पत्र के लिए तीन-चार बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। कार्यालय परिसर में लगा जनरेटर पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। बिजली कटौती के समय पूरा ऑफिस सिर्फ दो इन्वर्टर के भरोसे चल रहा है, जो 20-25 मिनट से ज्यादा बैकअप नहीं दे पाते। इससे शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बिना पंखे-कूलर के बैठे ग्रामीण बेहाल हो जाते हैं।

वर्सन

मेकेनिक तो मिल जाए?

जनरेटर खराब हो गया है और मरम्मत के लिए मेकेनिक नहीं मिल पा रहे हैं। मेकेनिक मिलते ही जनरेटर को जल्द सुधरवा कर चालू कर दिया जाएगा।

इंदिरा वार्ड के नए पार्षद का विजय वार्ड पार्षद ने किया जोशीले अंदाज में स्वागत

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वार्ड की समस्याओं मिलकर करेंगे समाधान

जगदलपुर विजय वार्ड पार्षद गौतम पाणिग्रही व इंदिरा वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद रामकृष्ण तिवारी की अनायास मुलाकात हो गई। इस दौरान पार्षद पाणिग्रही ने तिवारी का जोशीले अंदाज में गले मिलकर स्वागत किया। दोनों पार्षदों ने एक- दूसरे का कुशलक्षेम पूछते हुए वार्ड विकास में एकजुटता से संघर्ष करने का संकल्प लिया।

विजय वार्ड के पार्षद गौतम पाणिग्रही ने बताया कि रामकृष्ण मुन्नू तिवारी संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी हैं। पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद की असामायिक मृत्यु के बाद भी वह इंदिरा वार्ड के लोगों के लिए बिना पद के डेढ़ वर्षों से कार्य कर रहे थे। विगत दो वर्षों से राज्य सरकार द्वारा आयोजित समाधान शिविर हो या सुशासन शिविर में भी तिवारी संबंधित सेक्टरों में पार्षदों के साथ मिलकर जनहित के मुद्दे उठाते रहे।ज्ञात हो कि तिवारी उप चुनाव में इंदिरा वार्ड के पार्षद चुनाव लड़े और अपने प्रतिद्वंद्वी सत्तारूढ़ भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को 436 वोटों से हराया था।

ग्रामीणों से बकरे लिए, लाखों वसूले पटवारी ने, काम किसी का कराया नहीं

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दर्जनों ग्रामीणों से बेतहाशा रकम वसूल कर गायब हो गया पटवारी

अर्जुन झा

बकावंड छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव बढ़ाने और स्थानीय लोगों में नक्सलियों के प्रति झुकाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह वन विभाग के लोग और पटवारी रहे हैं। इनकी प्रताड़ना और बेजा वसूली से त्रस्त होकर बस्तरवासियों ने माओवादियों का साथ देना शुरू किया था। हालांकि नक्सलियों ने भी बाद में स्थानीय लोगों का शोषण और अपनी तिजोरी भरने का काम शुरू कर दिया। बस्तर से माओवाद भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन पटवारियों द्वारा स्थानीय लोगों की प्रताड़ना का दौर बदस्तूर जारी है। ताजा मामला बस्तर जिले की बकावंड तहसील से सामने आया है, जहां एक पटवारी पर ग्रामीणों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

बकावंड तहसील अंतर्गत कोलावल हल्का के पटवारी पर ग्रामीणों से जमीन संबंधी कार्यों के नाम पर लाखों रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि पट्टा, नामांतरण, सीमांकन, सरकारी दस्तावेज और अन्य राजस्व संबंधी कार्य कराने का भरोसा देकर पटवारी ने कई ग्रामीणों से मोटी रकम वसूल ली, लेकिन न तो काम किया और न ही पैसे लौटाए। अब ग्रामीण न्याय की उम्मीद में सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित भूमि संबंधी मामलों को जल्द निपटाने का आश्वासन देकर पटवारी ने लोगों से अलग-अलग रकम ली। किसी ने अपनी मेहनत की कमाई पटवारी को दे दी, किसी ने तो बैल तक बेच दिए ताकि जमीन का पट्टा और अन्य जरूरी दस्तावेज बन सकें, लेकिन पैसा लेने के बाद पटवारी कथित रूप से गायब हो गया और अब उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। पटवारी के खिलाफ एसडीएम से शिकायत की गई है। पीड़ित ग्रामीण लालाराम का कहना है कि बीते डेढ़ साल पूर्व उसे अपने नजूल भूमि का पट्टा बनवाना था। इसके एवज में पटवारी उपेंद्र बघेल ने 30 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें 10 हजार रुपए एडवांस दिए गए। एडवांस देने के बाद पटवारी गांव से गायब हो गया। न कॉल रिसीव करता है और नाही उसकी कोई जानकारी है, हम चाहते हैं कि हमारा पैसा वापस मिले। ग्रामीण मंगतू का कहना है कि उसे अपने जमीन का दस्तावेज बनवाना था, जिसके एवज में उसने पटवारी को एक बकरा दिया और 40 हजार रुपये नगद राशि भी दी, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ और पटवारी गायब है। एक अन्य पीड़ित ग्रामीण बनसिंग का कहना है कि उसे पटवारी से पट्टा बनवाना था, जिसके लिए उसने 15 हज़ार रुपए पटवारी को दिए, लेकिन न ही पट्टा बना और न ही पैसे वापस हुए। पीड़ित ग्रामीण संपत ने बताया कि उसे अपने जमीन का पट्टा बनवाना था, जिसके लिए पटवारी ने 30 हजार रुपए की मांग की थी। पट्टा बनाना जरूरी था। पटवारी को रुपए देने के लिए उसने अपने 1 जोड़ी बैल को बेच दिया। बेचे गए बैल से 45 हजार रुपये मिले थे, जिसमें से 30 हजार रुपए पटवारी को दिए लेकिन पट्टा नहीं बना। पीड़ित ग्रामीण रूपसाय ने बताया कि पट्टे के लिए पटवारी ने किश्तों में उससे कुल 55 हजार रुपये वसूल लिए। फिर भी पट्टा बना ही नहीं और पटवारी पैसे लेकर गायब हो गया है।

जमीन दलाली भी करता है पटवारी

पीड़ित ग्रामीण बुधराम नेताम का कहना है कि करीब 2 वर्ष पूर्व कोलावल हल्का के मैलबेड़ा, रताखंडी, भिरेंडा, कोलावल गांव के लोगों को पट्टे बनवाने, नाम कटवाने, नाम जुड़वाने, संशोधन करवाने , सीमांकन जैसे अन्य राजस्व से जुड़े कार्यों के एवज में पटवारी ने कई लोगों से लाखों रुपये की वसूली किश्तों में की है। यह भी आरोप है जमीन खरीदी बिक्री के मामलों में भी पटवारी खुद डील करता था। एक जमीन को 6 लाख रुपये में बिकवाया और खुद 2 लाख रुपये उसी के हाथो से लिया, लेकिन जमीन के सही दस्तावेज नहीं होने के कारण क्रेता ने जमीन लेने से मना कर दिया। ऐसे में विक्रेता को 6 लाख रुपये वापस करना पड़े। पटवारी द्वारा वसूल लिए गए 2 लाख रुपये किसान को अपनी जेब से भरने पड़े।जिसका गवाह वो खुद अपने आप को बता रहा है। रताखंडी निवासी मंगतू से भी बकरा और 40 हजार रुपये पटवारी ने ले लिए। पूरे गांव के ग्रामीण यह चाहते हैं कि जितने भी ग्रामीण पटवारी से प्रभावित हुए हैं उन्हें उनका पैसा वापस मिले और उच्च अधिकारी पटवारी पर कार्रवाई करें। मामले की एसडीएम बकावंड से शिकायत की गई है। यदि मांगे पूरी नहीं होगी तो आगामी दिनों में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

वर्सन

पटवारी कहीं भी रहे, छोड़ेंगे नहीं

पटवारी उपेंद्र बघेल के खिलाफ शिकायत मिली है। जांच की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने लाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। चाहे संबंधित पटवारी कहीं भी पदस्थ रहे, उसी गांव में जाकर लोगों से बयान भी लिया जाएगा।

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