रायपुर – पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर के सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को गिरफ्तारी की चुनौती दी। उनके साथ भारी संख्या में भाजपा नेता एवं पुलिस बल मौजूद थे | बता दें कि टूलकिट मामले में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ गैर जमानती धारा में अपराध दर्ज किया था |
आज सुबह 9.45 बजे के करीब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह थाने जाने के लिए अपने मौलश्री विहार स्थित घर से रवाना हुए। उनके घर से निकलने पर भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, सच्चिदानंद उपासने, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीचंद्र सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव जैसे नेताओं के साथ भाजपा डॉ. रमन सिंह सुबह 10.15 बजे के करीब रायपुर के सिविल लाइंस थाने पहुंचे।
थाने गेट के सामने मंच लगा राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। इस धरने के जरिए भाजपा अपने नेताओं के खिलाफ हुए FIR और सरकारी के महामारी कानून दोनों को चुनौती दे रही है।
जगदलपुर… यह सच है कि किसान अन्नदाता होता है और यह भी सच है कि किसान की सुनने वाला कभी-कभी कोई नहीं होता यह हाल सिर्फ बस्तर का नहीं संभवतः पूरे देश में देखने को मिलता है जब किसान शासन प्रशासन से हार जाता है तो कई बार लाचारी और बेबसी के कारण आत्महत्या जैसे बड़े कदम उठाने हटता… शासन किसानों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए कई सारी योजनाएं बनाती हैं शासन की मंशा स्पष्ट होती है कि उनके राज्य अथवा देश के किसान समृद्ध शाली बने आत्मनिर्भर बने लेकिन जब शासन के अधीन प्रशासन के अधिकारी लापरवाही की चरम सीमा पर पहुंच जाएं तो किसान बेबसी की जिंदगी जीने को मजबूर हो जाता है |
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार वैसे तो किसानों की हित के लिए लगातार प्रयासरत दिखती है लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते छत्तीसगढ़ के किसान भी कभी-कभी परेशानी झेलने को मजबूर हो जाते हैं |
ताजा मामला बस्तर जिले के करंजी लैंप्स से जुड़ा हुआ है जहां के सैकड़ों किसान मक्का का उपार्जन कर फंस गए हैं दरअसल बात यह है कि मक्का खरीदी के लिए लैंप्स ने पंजीयन ही नहीं करवाया और किसान लाखों रुपए की मक्का पैदावार कर फंस गए हैं अब किसानों की सुनने वाला कोई नहीं रहा |
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों की समस्या को लेकर निश्चित तौर पर ही गंभीर दिखती है यही वजह है कि इस वर्ष भी वैश्विक महामारी कोविड-19 के भीषण दौर में भी सरकार ने राजीव गांधी ने योजना के माध्यम से किसानों की सुध लेते हुए उनके खातों में करोड़ों रुपए डालकर किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया और आपदा दा काल में भी किसानों को आत्मबल प्रदान किया… बावजूद इसके बस्तर में बड़ी प्रशासनिक लापरवाही के चलते सैकड़ों किसान इस वर्ष मक्का खरीदी से महरूम रह गए हैं इस संबंध में जब जिला स्तर के अधिकारियों से बात की गई तो सभी अधिकारी टालमटोल करते नजर आए और सिर्फ एक दूसरे पर आरोप लगाने के अलावा कुछ नहीं कर पाए |
किसानों की मक्का खरीदी के संबंध में जब जिले के खाद्य नियंत्रक अजय यादव से बात की गई तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए किसी और से जुड़ा हुआ मामला बताया और कहा कि इसमें हमारी कोई गलती नहीं है अगर साहब चाहते तो उक्त मामले में स्वयं संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों तक मामले को पहुंचा सकते थे जिससे किसानों को बड़ी राहत मिल सकती थी लेकिन एसी कमरे के अफसरशाही की लत में मगन अधिकारी को किसानों की सूट लेने के लिए फुर्सत ही कहां अगर यह बात किसी राईस मिलर्स से जुड़ी होती तो साहब निश्चित तौर पर ही बात आगे बढ़ाते क्योंकि मामला किसानों से जुड़ा था इसीलिए साहब ने हाथ पीछे खींचना जरूरी समझा |
हमारी भी सुनो शासन और प्रशासन… हम छत्तीसगढ़ के अन्नदाता तो इतनी बेबसी क्यों…
किसानों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि अगर हम छत्तीसगढ़ के अन्नदाता हैं तो हमारी भी कोई सुनने वाला क्यों नहीं है छत्तीसगढ़ की सरकार तो किसानों के हितों के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही हैं फिर क्यों हमको इतनी यातनाएं झेलनी पड़ रही है उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन और बस्तर जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर रजत बंसल से मांग करते हुए कहा है कि किसानों की सुध लेते हुए कृपया 31 मई से पहले तक मक्का खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और उन्हें अपने मक्का की उपज को बेचने के लिए किसी अन्य जगह पर ना जाना पड़े और करंजी लैंप्स कंपाउंड में ही मक्का खरीदी की व्यवस्था की जाए जिससे कि उन्हें फिर से कर्जदार होने की नौबत ना पड़े |
31 मई मक्का खरीदी की आखिरी तारीख… किसानों को सता रहा कर्जदार होने का डर
इस वर्ष तक छत्तीसगढ़ शासन ने 31 मई मक्का खरीदी की आखरी तारीख तय की गई है और ऐसी परिस्थिति में किसान बेहद परेशान हैं मई का महीना अपने अंतिम पड़ाव की ओर है और कुछ दिनों बाद ही वर्षा काल प्रारंभ होने को है और मक्का की खरीदी नमी मापक यंत्र के जांच उपरांत ही हो पाती है ऐसे में किसानों के पास उचित भंडारण की व्यवस्था ना होने के कारण भी मक्का को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती है |
करंजी लैंप्स के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पोटानार के किसान रमेश ठाकुर, अजय जोशी, प्रकाश पानीग्राही ने जानकारी देते हुए बताया कि सिर्फ उनके गांव में ही 1000 क्विंटल से भी ज्यादा मक्का जाम हुआ पड़ा है जिसे बेचने की तैयारी कर बैठे हुए हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं अगर 31 मई के पहले तक उनका मक्का नहीं खरीदा गया तो वह फिर से कर्जदार हो जाएंगे पिछले वर्ष भी मजबूरी वश करंजी लैंप्स के किसानों को 1200 से 13 सौ रुपए में बिचौलियों को मक्का बेचना पड़ा था यही हाल इस वर्ष भी रहा तो बहुत ही तकलीफ में फंस जाने की बात किसानों ने कही |
इस पूरे मामले को लेकर करंजी लैंप्स के प्रबंधक का कहना है कि उन्हें इस वर्ष शासन की तरफ से मक्का खरीदी के लिए कोई भी आदेश नहीं मिला है इसीलिए मक्का खरीदी करना संभव नहीं है |
दल्लीराजहरा – बदला लेने की चाह में पैरोल में बाहर आये युवक आशीष दत्ता पर कुछ युवकों द्वारा प्राणघातक हमला किया गया जिससे युवक आशीष दत्ता वहीँ पर बेहोश हो गया और जब हमलावर वहां से चले गए तब आसपास के लोगों द्वारा उसे शहीद अस्पताल ले जाया गया | प्राप्त जानकारी के अनुसार आशीष दत्ता वार्ड क्र 02 राम नगर चौक पंडरदल्ली का निवासी है और वह 19 मई 2021 को बालोद जेल से पैरोल पर छुटा है | दिनांक 21 मई 2021 की रात 9.30 बजे अपने दोस्त सन्नी और युसूफ के साथ कुछ लेनदेन की बात करने वार्ड क्र 03 में रहने वाले मुबारक के यहाँ गए और गली में ही सन्नी और युसूफ के साथ रोटी सब्जी खा रहे थे कि तभी दीपक साहू और उसके दोस्त पुरानी रंजिश को लेकर हाथ में डंडा और रॉड लेकर सन्नी और युसूफ को ढूंढ रहे थे और जब सन्नी और युसूफ ने उन्हें देखा तो वे दोनों आशीष को वहीँ छोड़ वहां से रफूचक्कर हो गए तभी दीपक साहू और उसके दोस्त आपस में बात करने लगे वे दोनों तो भाग गए आशीष को निपटाते है ऐसा आपस में बात कर दीपक साहू और उसके दोस्त साथ में लेकर आए डंडे और रॉड से आशीष दत्ता पर ताबड़तोड़ वार करने लगे जिससे आशीष वहीँ पर बेहोश हो गया और उसके बाद दीपक साहू और उसके दोस्त वहां से भाग गए |
बताया जा रहा है कि दीपक साहू और उसके दोस्त शराब पिए हुए थे | उसके बाद वहां आसपास के लोगों द्वारा उसे शहीद अस्पताल ले जाया गया | होश आने पर यह बात उसने अपनी बहन आशा दत्ता और दामाद आतिफ रहमान को घटना की जानकारी दी | इलाज के बाद आशीष दत्ता राजहरा थाने जाकर आरोपी दीपक साहू एवं उसके दोस्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर पुलिस द्वारा आशीष दत्ता की रिपोर्ट पर आरोपियों दीपक साहू एवं उसके दोस्तों के खिलाफ धारा 307, 34 के तहत अपराध दर्ज की गई |
पकड़े गए आरोपियों के नाम इस प्रकार है –
दीपक साहू पिता राजकुमार साहू उम्र 21 वर्ष वार्ड क्र 07 कॉलेज रोड, दल्ली राजहरा
रोशन सेन पिता योगराज सेन उम्र 19 वर्ष वार्ड क्र 19 गाडर पूल, दल्ली राजहरा
दीपक साहू पिता चैतराम साहू उम्र 26 वर्ष वार्ड क्र 19 गाडर पूल, दल्ली राजहरा
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी का शहादत सप्ताह बालोद जिले में मनाया जा रहा है मनाया जा रहा है । इसी तारतम्य में आज तीसरे दिन डौंडी ब्लाक के सिंघोला ग्राम पंचायत के ग्राम परस बीहरी में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं बालोद जिला प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत के निर्देश पर , बालोद जिला आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रतीराम कोसमा एवं प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के सचिव भोलाराम नेताम ने अपने साथियों सहित परसबिहरी गांव में चल रहे गौठान निर्माण स्थल पर जाकर मजदूरों को सैनिटाइजर मास्क एवं साबुन का वितरण किया। साथ ही नेताद्वय द्वारा ग्रामीणों को समझाइश भी दी गई कि शादी विवाह में भोज , या मृत्यु भोज, या बच्चों के पैदा होने पर आयोजित होने वाले छठी बरही, कार्यक्रम में कम से कम लोग उपस्थित हो भीड़भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें, एवं एक दूसरे से मिलना अति आवश्यक हो तो दूरी बनाकर ही मिले , समय-समय पर हाथ होते रहें, तथा मास्क का उपयोग करते रहे।
स्वर्गीय राजीव गांधी जी के शहादत दिवस के इस कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रतिराम कोसमा एवं भोलाराम नेताम के साथ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष नीरज ठाकुर सरपंच जितेंद्र नेताम आदिवासी नेता गंगा राम ठाकुर दीपक सहारे भूपेंद्र ठाकुर भूषण मंडावी शिवदास आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।
जगदलपुर।बस्तर जिले के बकावंड जनपद के मोखागांव में बाली बाजार में अत्यधिक भीड़-भाड़ के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कारगुजारियां सामने आई। महामारी के दौर में जनप्रतिनिधियों को बड़ी जवाबदारी दी गई है किंतु मोखागांव के जनप्रतिनिधियों ने कानून का सरासर उल्लंघन किया। बस्तर एसडीएम गोकुल रावटे कहते हैं कि ग्रामीण अंचलों में कोविड़ गाइडलाइंस का पालन करने की जिम्मेदारी जब जनप्रतिनिधियों की प्रमुख भूमिका है और यदिजनप्रतिनिधि ही लापरवाह होंगे तो कैसे लड़ेंगे कोविड़ से जंग ? एसडीएम रावटे ने कहा कि मोखागांव जैसी घटनाओं को रोकने प्रशासन सख्त है और सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को दिया गया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल स्वयं जनता को अपील कर रहें हैं जिसके बावजूद लापरवाह जनप्रतिनिधि ऐसे कृत्यों में अपनी भूमिका निभा रहें हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कार्यवाही करने की सिफारिश किया जायेगा।
ज्ञात हो कि बाली बाजार में पूजा-अर्चना में भीड़ जुटाने के लिए चालानी कार्रवाई करने के बावजूद सरपंच पति बुधराम नेताम की शह पर उड़िया भाषा नाटक का मंचन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए जिसके बाद आनन-फानन में करपावंड़ पुलिस ने कार्यवाही किया यदि बाली बाजार आयोजन की अनुमति नहीं दी गई होती तो प्रशासन की किरकिरी नहीं होती।
ग्रामीण अंचलों में कोविड़ जांच का बढ़े दायरा बस्तर जिले के ग्रामीण अंचलों में कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है और इसके लिए गांव-गांव में जांच अभियान चलाया जाना चाहिए जिससे संक्रमण पर अंकुश लगे वरना यहां कोरोना का बड़ा विस्फोट हो सकता है ।
जगदलपुर।बस्तर जिले के बकावंड जनपद के मोखागांव में बाली बाजार में अत्यधिक भीड़-भाड़ के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कारगुजारियां सामने आई। महामारी के दौर में जनप्रतिनिधियों को बड़ी जवाबदारी दी गई है किंतु मोखागांव के जनप्रतिनिधियों ने कानून का सरासर उल्लंघन किया। बस्तर एसडीएम गोकुल रावटे कहते हैं कि ग्रामीण अंचलों में कोविड़ गाइडलाइंस का पालन करने की जिम्मेदारी जब जनप्रतिनिधियों की प्रमुख भूमिका है और यदिजनप्रतिनिधि ही लापरवाह होंगे तो कैसे लड़ेंगे कोविड़ से जंग ? एसडीएम रावटे ने कहा कि मोखागांव जैसी घटनाओं को रोकने प्रशासन सख्त है और सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को दिया गया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल स्वयं जनता को अपील कर रहें हैं जिसके बावजूद लापरवाह जनप्रतिनिधि ऐसे कृत्यों में अपनी भूमिका निभा रहें हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कार्यवाही करने की सिफारिश किया जायेगा।
ज्ञात हो कि बाली बाजार में पूजा-अर्चना में भीड़ जुटाने के लिए चालानी कार्रवाई करने के बावजूद सरपंच पति बुधराम नेताम की शह पर उड़िया भाषा नाटक का मंचन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए जिसके बाद आनन-फानन में करपावंड़ पुलिस ने कार्यवाही किया यदि बाली बाजार आयोजन की अनुमति नहीं दी गई होती तो प्रशासन की किरकिरी नहीं होती।
ग्रामीण अंचलों में कोविड़ जांच का बढ़े दायरा बस्तर जिले के ग्रामीण अंचलों में कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है और इसके लिए गांव-गांव में जांच अभियान चलाया जाना चाहिए जिससे संक्रमण पर अंकुश लगे वरना यहां कोरोना का बड़ा विस्फोट हो सकता है ।
जगदलपुर।बस्तर जिले के बकावंड के मोखागांव में कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप में करपावंड़ पुलिस ने सरपंच,पूजारी, उपसरपंच व सचिव सहित कई लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मोखागांव में दिन में चालानी कार्रवाई करने के बावजूद भतरी नाटक का आयोजन किया गया जिसके बाद दल-बल सहित पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए महामारी अधिनियम के तहत् कार्यवाही किया गया।
वैश्विक महामरी कोविंड – 19 बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जिला दण्डाधिकारी जिला बस्तर छ०ग० के आदेश क्रमांक 278 / रिडर जिला दण्डाधिकारी 2021 के दिनांक 15.05. 2021 से 31.05.2021 तक लाकडाउन घोषित किया गया है जिसके पालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा के दिशा निर्देश एवं पुलिस अनुविभागीय भानपुरी उद्यन बेहार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा के नेतृत्व में हमराह स्टाप सउनि जयराम मांझी, थाना करपावंड क्षेत्र में आने वाले समस्थ ग्रामों में लगातार भ्रमण कर ग्रामों के सरपंचो व ग्रामीणों को कोविड-19 महामारी के बारे में समझाईश दिया गया था व किसी प्रकार के कोई कार्यक्रम न करने के बारे में बताया गया साथ ही ग्रामीणों व ग्राम पंचायतों को उक्त उल्लंघन होने से जुर्माना व उनके खिलाफ विधि विरुद्ध कार्यवाही करने की समझाईश दी गई थी। दिनांक 21.05.2021 को ग्राम मोखागांव तहसील बकावण्ड में सरपंच पति बुधराम नेताम पिता आशाराम पुजारी मदन कश्यप पिता सुकमन, पंच रायसिंह पिता मोतीराम, घेनवा बघेल पिता सुकलसाय, सचिव धनसिंह नाग एवं अन्य के द्वारा दिन के समय बाली जगार मेला का आयोजन किया गया था। जिस पर थाना प्रभारी द्वारा समझाईश देकर जुर्माना किया गया था परंतु रात्रि में नाट का आयोजन किया गया जिसकी सूचना तुरंत मोखागांव पहुंचने पर घटना स्थल से आयोजनकर्ता देख कर भाग गये जिस पर पुछताछ करने पर ग्राम सरपंच पति व उपसरपंच, ग्राम पुजारी, पंच को कोरोना महामारी के संबंध में बताने के बावजूद रात्रि मेला व नाट का आयोजन जानबूझ कर किया गया जो जिला दण्डाधिकारी के आदेश का पूर्णतः उल्लंघन किया गया। उक्त बाली जात्रा व रात्रि भतरा नाट के आयोजन कर्ताओं के खिलाफ थाना करपावंड में अपo क्रमांक 31 / 2021 धारा 188, 269, 270, 34 भादवि व महामारी अधिनियम कि धारा 3 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दल्लीराजहरा – आपसी आपसी विवाद को लेकर पति ने पत्नी की हत्या कर दी है घटना टीचर कॉलोनी वार्ड क्रमांक 7 आज सुबह 7.30 से 8 बजे की है | प्राप्त जानकारी के अनुसार पति पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ जिससे आवेश में आकर पत्नी ने मोबाइल को पटककर तोड़ दिया जिससे दोनों के बीच हाथापाई हुआ पति ने गुस्से में पास में रखे सोफे के पीछे लगने वाले सागौन के पल्ले को उठाकर पत्नी पर वार किया जिससे पत्नी गिर गई इसके बाद मदन लाल ने उसके मूह में कपड़ा ठूंस दिया और पति घर से निकलकर बरसाटोला की ओर भाग गया | जिसे पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया | मृतिका का नाम नीरा देवी उम्र 45 से 48 है |
AAROPI
इनके तीन बच्चे है दो बेटी एवं 1 बेटा जिसकी उम्र 15 से 16 वर्ष है | तीनों बच्चे भिलाई में रहकर पढाई कर रहे है | मदन लाल टीचर कॉलोनी के ही ब्लाक न 2 में रहता था कुछ दिनों पूर्व सामने के बिल्डिंग ब्लाक न 6 में शिफ्ट हुआ था एवं शेड निर्माण का कार्य करवा रहा था | और घर पर तीन लेबर कार्य कर रहे थे | आरोपी मदनलाल सूर्यवंशी लोको आपरेटर डीएनडी डिपार्टमेंट राजहरा माइंस बीएसपी में कार्यरत था |
मौके पर पुलिस पहुँच शव का पंचनामा की कार्यवाही की जा रही है |
राजीव गांधी जी के पुण्यतिथि के दूसरे दिन प्रभारी मंत्री माननीय अमरजीत भगत जी के निर्देश पर आज जिले के लोहारा ब्लॉक में पहुँच कर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्र प्रभा सुधाकर जी के उपस्थिति में जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रशांत बोकड़े जी के नेतृत्व में मितानिनों, एम्बुलेंस ड्राइवर, स्टाफ नर्स के बीच पहुँच कर उनका सम्मान फल वितरण, भाप मशीन, मास्क, सेनेटाइजर, देकर युवा
कांग्रेस के द्वारा सम्मान किया गया इस अवसर पर जिला महामंत्री अनिल लोढ़ा जी, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल प्रजापति जी, नपा अध्यक्ष लोकेश्वरी गोपी साहू जी, नपा उपाध्यक्ष विद्या शर्मा जी, हस्तीमल सांखला जी, युवा कांग्रेस के साथी डोमेन्द्र साहसी जी, कान्हा सिंह टांक जी, संजय निषाद जी, अदितय रामटेके जी एवम कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व मौजूद रहा।
स्थानीय ठेकेदारों को काम नहीं मिला तो प्रदर्शन के चेतावनी
मामला शांत होने तक कार्य आबंटन पर रोक
जगदलपुर – वन विभाग में इन दिनों सारे नियम कायदों को दरकिनार कर मंत्री के चहेते ठेकेदार पर विभाग के अधिकारी भी मेहरबान है। हाल ही में बस्तर डिविजन में गुपचुप ढंग से टेण्डर बलाकार चेहते ठेकेदार को ठेका देने की तैयारी थी। मामला उजागर होने पर स्थानीय ठेकेदारों ने भी काम नहीं मिलने पर विभाग को आंदोलन की चेतावनी दी है। मामला उजागर होने पर विभाग की मुसीबत बढ़ती जा रही है वही जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे है। मामला शांत होने तक कार्य आवंटन आदेश जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई है। खबर है कि अब सहायक पीसीसीएफ के जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
ज्ञातव्य हो कि बीजापुर, दंतेवाड़ा,बस्तर सहित वन विभाग के कई डिविजनो में मंत्री के चहेते ठेकेदारों ने कब्जा जमा रखा है। दिखाने के लिए टेण्डर बुलाया जाता है लेकिन कार्यों का विभाजन उपर से ही कर दिया जाता है। बचा कुछ कार्य अधिकारी अपने चहेतो को देकर अपनी नैय्या पार करने में जुटे है।
स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाए
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमाशंकर शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में स्थानीय स्तर के ठेकेदारों को काम दिया जाये जिससे स्थानीय को रोजगार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि बाहरी ठेकेदार मंत्री एवं अधिकारी चहेतो को निनय विरूद्ध ठेका दिया जाना गलत है जो भी अधिकारी नियम विरूद्ध कार्य को अंजाम देकर शासन की छवि को धूमिल करने में जुटे है ऐसे अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए
बस्तर वन मंडल में कई निर्माण कार्य मंत्री एवं अधिकारी के चहेतो ने गुणवत्ताविहिन कार्यों को अंजाम देकर लाखों करोड़ों डकार गये जिसमें कमीशन का बंटवारा नीचे से लेकर उपर तक किया जाता है।
चार ठेकेदारों में कार्य विभाजन की तैयारी: हाल ही में बस्तर डिविजन में टेण्डर बुलाया गया था जिसमें 19 लोगों ने आवेदन जमा कराया था जिसमें से 15 आवेदनों को किसी कारणवश निरस्त किया गया था। बताया जा रहा है कि चहेते चार ठेकेदारों को पात्र मानते हुए कार्य देने की तैयारी थी किसी कार्य दिया गया है इसकी जानकारी देने में विभगा के जिम्मेदार अधिकारी आनाकानी कर रहे है।
स्थानीय ठेकेदारों के विरोध की चेतावनी: विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हर बार की तरह इसबार भी स्थानीय ठेकेदारों को अपात्र घोषित किया गया है। स्थानीय ठेकेदार ने बताया कि कार्य नहीं मिला तो इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। स्थानीय ठेकेदार आंदोलन की तैयारी के साथ मुख्यमंत्री से भी शिकायत करने की तैयारी में है।
विवादित बाबू हटाए गयेः इस टेण्डर प्रक्रिया में अहम भूमिका देखते हुए एक विवादित बाबू को हटा दिया गया है। उसके स्थान पर दूसरे बाबू देवांगन को जिम्मेदारी दी गई है। टेण्डर को लेकर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि सभी टेण्डर डीएफओ के देखरेख में किया जाता था ऐसी क्या वजह थी कि सेवानिवृत्त के दहलीज पर खड़े एक उपवन मंडल अधिकारी को टेण्डर की प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गद जो जांच का विषय है।