इन दिनों छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले में देश के दूसरे नंबर पर आ चुके हैं यहां संक्रमितों के साथ ही मरने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च कर बेवजह बाहर घूम रहे लोगों को जागरूक किया जा रहा है |
आज डौंडी ब्लॉक के अंतर्गत जिले के इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की स्थिति इस प्रकार रही –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
डॉ भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ० बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम से भी जाना जाता है, इनकी जयन्ती 14 अप्रैल को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस‘ के रूप में भी मनाया जाता है डॉ अम्बेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है इनके जीवन को समानता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय संविधान के निर्माता बोधिसत्व भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 130 वी जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा एवं मंडल के प्रमुख पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं के द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
भाजपा मण्डल महामंत्री राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में भाजपा अजा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महेंद्र पिपरे, जिला कार्यसमिति सदस्य राजेश काम्बले, जसवंता नायक, सुमीत जैन, राजू बादल, दशरथ विभार, सोनू ठगेल के द्वारा बौद्ध विहार में माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया |
इस अवसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल खोबरागड़े ने कहां की बाबा साहेब का व्यक्तित्व एवं कृतित्व अनुकरणीय है । शिक्षा संगठन संघर्ष का मूल मंत्र देने वाले , शोषितों दलितों पीड़ितों वंचितों एवं महिलाओं को बराबरी का दर्जा देकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने वाले भारतीय संविधान के निर्माता विश्वरत्न बोधिसत्व डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जी की जयंती को पूरा विश्व मना रहा है । भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।आज का दिन दलितों के लिए, समाज के कमजोर वर्गों के लिए खुशियों से भरा स्मर्णीय दिन है । अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष बंटी चोपड़ा ने कहा कि बाबासाहेब ने सदियों से चले आ रहे ऊंच-नीच के भेदभाव एवं सामाजिक असमानता को दूर कर दलितों को स्वाभिमान से जीना सिखाया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री राजेश कोसरे, जिला कार्यसमिति के सदस्य पार्षद राजेश काम्बले, सागर गनीर, जसवंता नायक आदि उपस्थित थे।
पूर्व विधायक बाफना ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं राज्य के मुख्यमंत्री से की सिफारिश
जगदलपुर।कोराना वायरस के जानलेवा स्ट्रेन से बढ़ रहे संक्रमण की दर को देखते हुए सीबीएसई एवं सीजी पाठ्यक्रम के कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत् समस्त छात्र -छात्राओं को जनरल प्रमोशन दिए जाने की सिफारिश करते हुए जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक एवं सूबे के मुखिया भूपेश बघेल को पत्र लिखा है।
पूर्व विधायक बाफना ने अपने पत्र में कहा है कि कोरोना वायरस की यह दूसरी लहर पहले के मुकाबले बच्चों को ज्यादा शिकार बना रही है और पिछला स्ट्रेन बच्चों के लिए इतना खतरनाक नहीं था, लेकिन वायरस का नया स्ट्रेन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को आसानी से भेदकर उन्हें नुकसान पहुॅचा रहा है। और अब तक ऐसी कोई वैक्सीन नहीं बनी है जिसकी खुराक बच्चों को देकर उन्हें सुरक्षित किया जा सके।
माह अप्रैल-मई विद्यार्थियों के परीक्षा के आयोजन का समय होता है। देश के लगभग सभी राज्यों ने अपने राज्य बोर्ड स्तर पर संचालित पाठ्यक्रमों के कक्षा 10वीं एवं 12वीं परीक्षा के लिए समय-सारिणी घोषित करने से लेकर प्रवेश-पत्र भी जारी किये थे। किन्तु कोरोना के बढ़ते कहर ने कई राज्यों को कुछ समय के लिए परीक्षा स्थगित करने को विवश तक कर दिया। जिस संबंध में आदेश भी जारी हुये है।
बाफना ने विद्यार्थियों के प्रति अपनी चिंता जाहिर करते हुए आगे कहा है कि जिस व्यापकता के साथ पुनः इस खतरनाक वायरस ने अपने पांव पसारें हैं उसे देखते हुए प्रतीत होता है कि, निकट भविष्य में एवं हाल-फिलहाल मे भी परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कर पाना संभव नहीं होगा। क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन बच्चों के लिए किसी भी प्रकार की कोई हमदर्दी नहीं रखता है। इसलिए मेरा मानना है कि, बच्चों तक संक्रमण की आंच न पहुॅचे व वायरस को नियंत्रित करने के लिए सीबीएसई बोर्ड एवं सीजी बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा को इस वर्ष के लिए पूर्णरूप से टाल दी जाए और छात्र-छात्राओं को तिमाही, छःमाही एवं आंतरिक मूल्यांकन या सरकार के पास यदि कोई अन्य विकल्प हो तो उसे आधार बनाकर सभी को जनरल प्रमोशन दे दिया जाये। क्योंकि हमारी पहली प्राथमिकता बच्चों का सुरक्षित जीवन होना चाहिए। परीक्षा तो अगले वर्ष भी ली जा सकती है किन्तु बढ़ते महामारी के दौर में बच्चों में संक्रमण व्यापक स्तर पर फैल गया तो बाद में इसे संभालना चुनौती से कम नहीं होगा।
आम्बेडकर जयंती या भीम जयंती डॉ भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ० बाबा साहेब अम्बेडकर के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म दिन 14 अप्रैल को पर्व के रूप में भारत समेत पूरे विश्व में मनाया जाता है।इस दिन को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस‘ के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले अम्बेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। अम्बेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। अम्बेडकर की पहली जयंती सदाशिव रणपिसे इन्होंने 14 अप्रेल 1928 में पुणे शहर में मनाई थी। रणपिसे अम्बेडकर के अनुयायी थे। उन्होंने अम्बेडकर जयंती की प्रथा शुरू की और भीम जयंती के अवसरों पर बाबा साहेब की प्रतिमा हाथी के अंबारी में रखकर रथसे, उंट के उपर कई मिरवणुक निकाली थी।
अम्बेडकर के जन्मदिन पर हर साल उनके करोड़ों अनुयायी उनके जन्मस्थल भीम जन्मभूमिमहू (मध्य प्रदेश), बौद्ध धम्म दीक्षास्थल दीक्षाभूमि, नागपुर, उनका समाधी स्थल चैत्य भूमि, मुंबई जैसे कई स्थानिय जगहों पर उन्हें अभिवादन करने लिए इकट्टा होते है। सरकारी दफ्तरों और भारत के बौद्ध-विहारों में भी आंबेडकर की जयंती मनाकर उन्हें नमन किया जाता है। विश्व के 100 से अधिक देशों में आंबेडकर जयंती मनाई जाती है।
गुगल ने डॉ॰ आंबेडकर की 125 वी जयंती 2015 पर अपने ‘गुगल डुडल’ पर उनकी तस्वीर लगाकर उन्हें अभिवादन किया।तीन महाद्विपों के देशों में यह डुडल था।
सन 2016 में भारत सरकार ने बड़े पैमाने पर देश तथा विश्व में आंबेडकर की 125 वी जयंती मनाई। इस दिन को सभी भारतीय राज्यों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया गया। आज 14 अप्रैल 2021 को 130 वीं जयंती मनाई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने आंबेडकर को “विश्व का प्रणेता” कहकर उनका गौरव किया। संयुक्त राष्ट्र के 70 वर्ष के इतिहास में वहां पहली बार किसी भारतीय व्यक्ति का जन्मदिवस मनाया गया था। उनके अलावा विश्व में केवल दों ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी जयंती संयुक्त राष्ट्र ने मनाई हैं – मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला।आंबेडकर, किंग और मंडेला ये तीनों लोग अपने अपने देश में मानवाधिकार संघर्ष के सबसे बडे नेता के रुप में जाने जाते हैं। डॉ भीमराव अम्बेडकर को बाबा साहेब नाम से भी जाना जाता है। अम्बेडकर जी उनमें से एक है जिन्होंने भारत के संविधान को बनाने में अपना अहम योगदान दिया था।
आंबेडकर के योगदान को याद करने के लिये 14 अप्रैल को एक उत्सव से कहीं ज्यादा उत्साह के साथ लोगों के द्वारा आंबेडकर जयंती को मनाया जाता है। इस दिन उनके स्मरणों को अभिवादन किया जाता हैं। जयंती के दिन भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया जाता हैं। नयी दिल्ली, संसद में उनकी मूर्ति पर हर वर्ष भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेताओं, तथा आम लोगो द्वारा एक अभिवादन किया गया। बौद्ध एवं हिंदू दलित लोग अपने घरों में उनकी प्रतिमा को अभिवादन करते हैं। सार्वजनिक लगी आंबेडकर मुर्तियों पर लोग उन्हे पुष्पमाला पहनाकर सन्मान देते हैं, उनकी मूर्ति को सामने रख लोग परेड करते हैं, ढोल बजाकर नृत्य का भी आनन्द लेते हैं।
पूरे भारत भर में गावं, नगर तथा छोटे-बड़े शहरों में जुनून के साथ आंबेडकर जयंती मनायी जाती है। महाराष्ट्र में आंबेडकर जयंती बडे पैमाने पर मनाई जाती है। आंबेडकर के जन्मदिवस उत्सव के लिये विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते है, जिसमें चित्रकारी, सामान्य ज्ञान प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, चर्चा, नृत्य, निबंध लेखन, परिचर्चा, खेल प्रतियोगिता और नाटक जिसके लिये पास के स्कूलों के विद्यार्थीयों सहित कई लोग भाग लेते हैं। इस उत्सव को मनाने के लिये सेमीनार आयोजित किये जाते है।आंबेडकर जयंती संपूर्ण विश्व में मनाई जाती हैं। अधिकांश रूप से आंबेडकर जयंती भारत में मनाई जाती है, भारत के हर राज्य में, राज्य के हर जिले में और जिले के लाखों गावों में मनाई जाती हैं। भारतीय समाज, लोकतंत्र, राजनिती एवं संस्कृती पर आंबेडकर का गहरा प्रभाव पड़ा हैं। सौ से अधिक देशों में हर वर्ष डॉ॰ आंबेडकर जी की जयंती मनाई जाती हैं।
कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के विज्ञप्ती कमांक/राज्य आपदा मोचन/संविदा भर्ती विज्ञापन/2021/2016 बालोद दिनांक 12/04/2021 के अनुसार राज्य आपदा मोचन निधी के तहत् विज्ञापित अस्थायी संविदा भर्ती के चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, बहुददेशीय पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन एवं वार्ड आया पदों के अस्थायी संविदा पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन ऑनलाईन गुगल डाक के माध्यम से दिनांक 13/04/2021 से 16/04/2021 को शाम 05.00 बजे तक किया जाना है।
भानपुरी। विकास से कोसो दूर नारायणपुर विधानसभा के कुंगारपाल पंचायत के भालूगुड़ापारा में निवासरत करीब 400 परिवार मूलभूत समस्या से जूझ रहे हैं। बढ़ता छत्तीसगढ़ विकासशील छत्तीसगढ़ के दावे को खोखला करते हुए इस पंचायत के निवासी झरिया का पानी पीने को मजबूर हैं।
कागजों पर लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस पंचायत में कई हैंडपंप खोदने एवं पेयजल की उपलब्धता निश्चित कराने हेतु कई योजनाएं बनाई किंतु इस क्षेत्र के विधानसभा प्रतिनिधि की अर्कमान्यता अथवा अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस पंचायत के निवासी अब भी गंदे कुंड का जल पीने को मजबूर हैं। हमारे संवाददाता ने स्थानीय इस कुंड का निरीक्षण किया तो पाया कि धीरे-धीरे इस जगह से रिसने वाले जल को पाने के लिए सुबह से ही ग्रामीण भीड़ लगाते हैं। बारहों मास इस गंदे कुंड के जल से अपनी
दिनचर्या निभाने वाले इस पंचायत के लोगों का कहना है कि हमारी इस समस्या से स्थानीय किसी भी जनप्रतिनिधि को लेना-देना नहीं है। हमने इस बाबत कई बार क्षेत्रीय मंत्री अथवा प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया किंतु आज तक इस समस्या का निदान नहीं हो पाया है। इस पंचायत के सरपंच का इस समस्या पर बेतुका सा जवाब है कि फ्लोराईड युक्त पानी के कारण इस क्षेत्र में हैंडपम्प सफल नहीं हो पा रहा है। ग्रामपंचायत कुंगारपाल के भालूगुड़ा पारा में निवासरत करीब सैकड़ों स्त्री-पुरूष वर्षों से फ्लोराईडयुक्त पानी का सेवन कर रहे हैं। और इसके परिणाम भी उनके शरीर पर दिखने शुरू हो गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि फ्लोराईडयुक्त पानी पीने से दांत के टूटने अथवा भैंगेपन की शिकायत भी हो जाती है इसके साथ-साथ कई प्रकार के चर्म रोग जैसे समस्या भी सामने आती है। ग्रामवासियों के अनुसार इस पंचायत के कुछ जगह पर शुद्ध पेयजल वाले कुंए भी हैं जहां से लोग इसका पानी उपयोग में लाते हैं वहीं कुछ ऐसी जगह भी है जहां कुंए खोदकर अथवा हैंडपम्प लगाकर लोगों को शुद्ध पेयजल दिया जा सकता है लेकिन ग्रामवासियों के अनुसार इस जगह पर कुछ लोगों ने अवैधरूप से कब्जा जमा लिया है। अत: इस जगह पर कुंए अथवा हैंडपम्प लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने ही बताया कि कई बार हमने इसकी शिकायत ग्रामपंचायत सरपंच से लेकर जिलापंचायत के अधिकारियों तक की किंतु अबतक इस अतिक्रमित क्षेत्र में कुंआ खोदना अथवा हैंडपम्प लगाना संभव नहीं हो पाया है इसी का परिणाम है कि ग्रामपंचायत कुंगारपाल के भालूगुड़ापारा निवासी अबतक झरिया के समान गंदे कुंड का पानी पीकर अपना प्यास बूझा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में गली गली में सचिन वाझे की तर्ज पर प्रदेश सरकार के वसूली एजेंट कर रहे हैं काम- जितेन्द्र वर्मा
दुर्ग जिले सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति के लिए कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण की तेज गति और गंभीर स्थिति में प्रदेश की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के बचाए सरकार के मुखिया भूपेश बघेल की रुचि गांधी परिवार की भक्ति करने में ज्यादा है। सीएम के गृह जिले में ही विगत 7 दिनों में 100 से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आकर काल कवलित हो चुके है लेकिन सीएम छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति उत्तरदायित्व से विमुख होकर अपने आलाकमान को खुश करने और राहुल गांधी का भविष्य बचाने की कवायद में असम में जाकर 100 से ज्यादा सीटें कांग्रेस को जिताने में जुटे है। प्रदेश की 2.5 करोड़ भोली भाली जनता का जीवन दांव में लगाकर सीएम महीनों चुनाव प्रचार में बाहर है। सीएम का यह आचरण बेहद धिक्कार योग्य है। हर बात पर केंद्र सरकार को कोसने के बजाय इस समय कोरोना महामारी से बचाव, रोकथाम, टेस्ट लेब बढ़ाने, हेल्थ वर्करों की आपात भर्ती, सघन टीकाकरण हेतु ग्राउंड लेवल की मजबूत तैयारी की जानी चाहिए थी लेकिन सीएम ने यहां की जनता को अधिकारियों के भरोसे बेसहारा मरने को छोड़कर असम में चुनाव प्रचार करना ज्यादा उचित समझा। सीएम द्वारा मोदी सरकार से मुफ्त में मिले वैक्सीन में अपना फोटो प्रचार में लगा कर सस्ती लोकप्रियता पाने का प्रयास किसी से छिपा नहीं है।
भाजपा विधायक दल के स्थायी सचिव जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी की घातक स्थिति होने के बावजूद रोड सेफ्टी इंटरनेशनल क्रिकेट मैच आयोजित करवाना ना केवल एक अदूरदर्शी निर्णय था बल्कि पूरे प्रदेश को एक बार फिर कोरोना महामारी की चपेट में लाने वाला कदम था। इसी टूर्नामेंट से सचिन तेंदुलकर, इरफान पठान सहित 4-4 दिग्गज खिलाड़ी भी कोरोना पॉजिटिव हुए। जिस प्रकार भारत इंग्लैंड के बीच इंटरनेशनल टी-20 मैच बिना दर्शकों कराया गया उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी रोड सेफ्टी इंटरनेशनल मैच सीरीज को बिना दर्शकों के करवाया जा सकता था परंतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की हठधर्मिता के कारण मैचों का दर्शकों सहित आयोजन कराया गया और अनावश्यक रूप से स्टेडियम की क्षमता से दुगने लोगों को दर्शक के रूप में इकट्ठा करके कोरोना वायरस का जबरदस्त प्रसार करवाया गया। यह बेहद दुखद है कि सरकारी संरक्षण में कोरोना वायरस का प्रसार हुआ। रायपुर, दुर्ग और पाटन से बड़ी संख्या में दर्शक रोड सेफ्टी इंटरनेशनल मैच में शामिल हुए जिसके कारण ही इन क्षेत्रों में वायरस का जबरदस्त फैलाव हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों की जीवन की क्षति हुई है। मुख्यमंत्री स्वयं पाटन के विधायक हैं और अब तक पाटन विधानसभा में ही कोरोना से 40 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और हजारों लोग गांव गांव में कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे है लेकिन मुख्यमंत्री ने अब तक अपने खुद के विधानसभा की भी कोई सुध नहीं ली है।
जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऑन लाइन शराब बिक्री और होम डिलीवरी से आय बढ़ाने हेतु परिवहन और भंडारण के लिए शराब की लिमिट 5 लीटर तक करके पूरे प्रदेश को नशे की जकड़ में डालने की मानसिकता से काम कर रही है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को शराब के नशे में डुबाकर छत्तीसगढ़ की शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद करने पर तुली है।
जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार आडंबर दिखाने के लिए किसान को अन्नदाता पुकारती है और उसके नाम पर न्याय योजना का ढिंढोरा भी पिटती हैं लेकिन वास्तविकता में उन्हीं किसानों से रकम वसूलने का टारगेट पटवारी स्तर तक के लोक सेवक को देकर रखी है, जैसे महाराष्ट्र में करोड़ों रुपयों की वसूली का टारगेट पुलिस विभाग को दे रखा है उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रत्येक विभाग के प्रत्येक अधिकारी को वसूली का टारगेट प्रदेश सरकार ने दे रखा है, यहाँ तक कि पटवारी जैसे छोटे स्तर के लोक सेवक को भी वसूली टारगेट दिया गया है, इस अवैध वसूली के कारण मानसिक रूप से त्रस्त होकर किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर है। महाराष्ट्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में गली-गली में सचिन वाझे बैठा है। स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस केवल लूट और वसूली के लिए ही सत्ता में बैठी है, जो अधिकारी वसूली टारगेट पूरा नहीं कर पाते उन्हें कुछ महीनों में ही बदलकर ट्रांसफर कर दिया जाता है और यही कारण है कि ट्रांसफर उद्योग पिछले ढाई सालों से अनवरत जारी है।
छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस सरकार से हर अन्याय, वादाखिलाफी और लापरवाही का पूरा हिसाब लेगी।
ब्राह्मण समाज को सम्पूर्ण राष्ट्र में एकरूपता प्रदान कर सशक्त रूप देने समाज के प्रतिभाओं को आगे आने के लिए मंच प्रदान करने युवाओं था महिलाओं के व्यक्तित्व के विकास हेतु वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से देश में “राष्ट्रिय सर्व ब्राह्मण समाज” निरंतर सक्रीय है |
राष्ट्रिय प्रचार प्रसार प्रभारी युवा मंच रवि तिवारी एवं राष्ट्रिय कार्यकारिणी कि अनुशंसा पर व् समाज में निहित सक्रियता कर्मठता तथा समाज हित के लिए समर्पित भावना को देखते हुए स्वप्निल तिवारी को विधिवत सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष (युवा मंच सर्व ब्राह्मण समाज) बनाया गया |
स्वप्निल तिवारी को जिलाध्यक्ष बनाये जाने पर ब्राह्मण समाज एवं समस्त लोगों द्वारा उन्हें शुभकामनाये दी गई |
दल्लीराजहरा – अवैध सम्बन्ध के शक में पत्नी पर लोहे के रॉड और गले पर धारदार हंसिया से वार करने वाला आरोपी पति झुम्मन सतनामी अब तक फरार है | सिटी मीडिया द्वारा 09 अप्रेल को इस घटना के सम्बन्ध में समाचार प्रकाशित किया गया था किन्तु उस दिन पीडिता निर्मला टंडन (आरोपी झुम्मन सतनामी की पत्नी) उस समय अपने पति के खिलाफ बयान देने की स्थिति में नहीं थी और उसका पति प्राणघातक वार करने के बाद फरार हो गया था जो अब तक पुलिस के पहुँच से बाहर है और पीडिता को उसी दिन 09 अप्रेल को गंभीर हालत में चिखलाकसा अस्पताल से बालोद रेफ़र किया गया था उसके होश में आने के बाद जो बयान लिया गया वह इस प्रकार है –
पीडिता ने अपने बयान में बताया कि वह मधु टाकिज के पास दल्ली राजहरा में रहती है और रोजी मजदूरी का काम करती है। वर्ष 2009 में ईश्वरी जोशी ग्राम माहूद (बी) से शादी हुई थी जिससे हमारा 1 सात वर्ष का बेटा है एवं 1 छ: साल की बेटी है पिछले 01 साल से पति के साथ वाद-विवाद के चलते उसे छोड़कर अपने मायके दल्ली राजहरा में रहती हूं तथा बीते 3 माह से झुम्मन सतनामी मुझे पत्नी बनाया है तब से हम लोगों का एक दूसरे के घर आना जाना लगा रहता है दिनांक 9.04.2021 के 1:30 बजे दोपहर में झुम्मन मुझे फोन करके बोला कि 10 मिनट के लिए मेरे घर आ जाओ तब मैं करीब 2:00 बजे उसके दादी कलिंन्द्री देशलहरे के घर जहां झुम्मन रहता है वहां पहुंची तो मुझे झुम्मन ने कहा कि मैं तुम्हें पत्नी बना लिया हूं लेकिन तुम मेरे साथ नहीं रहती जिस पर मैंने कहा कि तुम अपनी दादी के साथ छोटे से झोपड़ी में रहते हो यहां लाइट पंखा नहीं है बाथरूम के लिए जहां भी नहीं है तो मैं कैसे रहूंगी हमारे लिए अलग से किराए का घर ढूंढ लो तब मैं तुम्हारे साथ रहंगी |
इसी बात पर झुम्मन ने मेरे साथ विवाद करते रहा एवं करीब 03.30 बजे घर के अंदर कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया और कहने लगा कि तुम दूसरे-दूसरे से मोबाईल में बात करती हो तुम्हारा किसी और से संबंध है इसी कारण मेरे साथ नहीं रहने के लिए बहाना बना रही हो आज तुम्हे जिंदा नहीं छोइंगा कहकर लोहे की राड से मेरे सिर को मारा उसके बाद हंसिया से मेरे गले में वार किया जिससे मैं स्वयं को बचाने की कोशिश की उसके द्वारा हंसिया से वार करने से मेरे दाहिने हाथ की हथेली, बाएं हाथ की कलाई, छाती में दाहिनी तरफ चोट आया है मेरे गले में गहरा चोट आने के कारण मैं बेहोश हो गई थी कुछ देर बाद जब होश आया तो झुम्मन कमरे में नहीं था दरवाजा लगा हुआ था जिसे खोलकर मै कमरे से बाहर आई तो घर का मेन दरवाजा बाहर से बंद था उसी समय झुम्मन फिर से आया और मुझे खींचकर कमरे के अंदर ले जाने लगा तो मैं बोली कि मैं कहीं नहीं जाऊंगी यही बैठी कहकर बातों में उलझाने में लगी उसी समय कलिंद्री बाई पार्षद, जनक निषाद आकर दरवाजा खटखटाया तब झुम्मन दरवाजा खोलकर भाग गया उसके बाद मुझे कलिन्द्री एवं चंद्रिका सतनामी मुझे इलाज के लिए चिखलाकसा के अस्पताल ले गया जहां डक्टर ने रिफर करने के बाद जिला अस्पताल बालोद में उपचार चल रहा हैं |
इसी बात पर झुम्मन ने मेरे साथ विवाद करते रहा एवं करीब 03.30 बजे घर के अंदर कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया और कहने लगा कि तुम दूसरे-दूसरे से मोबाईल में बात करती हो तुम्हारा किसी और से संबंध है इसी कारण मेरे साथ नहीं रहने के लिए बहाना बना रही हो आज तुम्हे जिंदा नहीं छोइंगा कहकर लोहे की राड से मेरे सिर को मारा उसके बाद हंसिया से मेरे गले में वार किया जिससे मैं स्वयं को बचाने की कोशिश की उसके द्वारा हंसिया से वार करने से मेरे दाहिने हाथ की हथेली, बाएं हाथ की कलाई, छाती में दाहिनी तरफ चोट आया है मेरे गले में गहरा चोट आने के कारण मैं बेहोश हो गई थी कुछ देर बाद जब होश आया तो झुम्मन कमरे में नहीं था दरवाजा लगा हुआ था जिसे खोलकर मै कमरे से बाहर आई तो घर का मेन दरवाजा बाहर से बंद था उसी समय झुम्मन फिर से आया और मुझे खींचकर कमरे के अंदर ले जाने लगा तो मैं बोली कि मैं कहीं नहीं जाऊंगी यही बैठी कहकर बातों में उलझाने में लगी उसी समय कलिंद्री बाई पार्षद, जनक निषाद आकर दरवाजा खटखटाया तब झुम्मन दरवाजा खोलकर भाग गया उसके बाद मुझे कलिन्द्री एवं चंद्रिका सतनामी मुझे इलाज के लिए चिखलाकसा के अस्पताल ले गया जहां डक्टर ने रिफर करने के बाद जिला अस्पताल बालोद में उपचार चल रहा हैं |
पुलिस द्वारा पीडिता द्वारा दिए बयान के आधार पर आरोपी पति झुम्मन सतनामी के खिलाफ धारा 307 के तहत अपराध दर्ज तलाश कि जा रही है |
जगदलपुर।बस्तर जिले के ग्राम चपका में गोपाल स्पंज आयरन प्लांट के लिए जनसुनवाई रखा जाना राज्य सरकार का गलत निर्णय था । राज्य सरकार ने पहले जिले में धारा 144 लगाई उसके बाद जनसुनवाई के लिए इतनी बड़ी सँख्या में लोगों को एक जगह इकठ्ठा
करना सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाता है । उक्त बातें पूर्व शिक्षा मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने कही है । श्री कश्यप ने कहा कि चपका में जनसुनवाई इतना ही जरूरी था तो जनसुनवाई के बाद धारा 144 लगाना चाहिए था । और यदि धारा 144 लगाई गई है तो इतनी बड़ी जनसुनवाई करके सरकार खुद ही धारा 144 का मखोल उड़ा रही है ।
सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है , कोरोना काल मे जब सरकार को जनता के साथ खड़े रहना चाहिए ,उस समय सरकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाना चाहती है ।चुनाव के पहले सरकार ने जो वादे किए थे वो वादे पूरे नही हो पाए , इसलिए जनता सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त कर रही है ।सरकार का ये कदम जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है । राज्य की जनता जान गई है कि राज्य सरकार उद्योग लगाने के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपना रही है । इसलिए जनसुनवाई के दौरान जनता सरकार का विरोध कर रही है । और ये विरोध राज्य सरकार के नीतियों और राज्य सरकार की नीयत का विरोध है ।