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व्यापार के विस्तार के लिए करें स्वनिधी योजना की राशि का उपयोग :- उद्योग मंत्री कवासी लखमा

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स्वनिधि महोत्सव का शुभारंभ किया संसदीय सचिव और महापौर ने स्वावलम्बी रेहड़ी पटरी वालों का उत्सव

दीनदयाल अंत्योदय योजना नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम

जगदलपुर 29 जुलाई 2022 – स्वनिधि महोत्सव कार्यक्रम में उद्योग मंत्री एवं बस्तर जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि बस्तर-जगदलपुर बदल रहा है शहर में कई विकास कार्य हुए है। शहर में अब स्वनिधि महोत्सव के माध्यम से छोटे व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। व्यापारी को पैसा का उपयोग व्यापार विस्तार में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं की चर्चा विदेशों में होने लगी है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है, गाँव में विकास दिख रहा है। किसी क्षेत्र में हो मेहनत करने वालों को हमेशा लाभ होता है।

स्वनिधि महोत्सव का शुभारम्भ संसदीय सचिव रेखचंद जैन द्वारा किया गया। पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर सफीरा साहू, निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, पार्षदगण, आयुक्त नगर निगम श्री दिनेश नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक केशकाल संतराम नेताम ने कहा कि स्वनिधि महोत्सव का लाभ हितग्राहियों को लेना चाहिए, ये आर्थिक सहायता उनके व्यापार में सहायक होगा।

संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि कोरोना ने सभी को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से क्षति पहुँचाई है। इसका प्रभाव छोटे व्यापारियों को भी हुआ है। स्वनिधि योजना से हमारे छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता मिली है। 75 वर्ष आजादी के अमृत महोत्सव में आयोजित इस स्वनिधि महोत्सव में योजना का लाभ लेकर व्यापारी अपने व्यापार को बढ़ाएं। साथ ही अन्य नागरिक भी प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मितान योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना, धंवंतरी मेडिकल योजना सहित अन्य योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ लें। कार्यक्रम को सम्बोधित करते महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने बताया कि योजनान्तर्गत जगदलपुर एवं आस-पास ग्रामीण क्षेत्रों के 1439 पात्र हितग्राही ने इस योजना का लाभ ले चुके हैं। प्राप्त लक्ष्य 2509 के विरुद्ध निकाय द्वारा 2609 लोगों का प्रकरण बैंकों में प्रेषित किया है।कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू ने भी योजना लाभ लेने कहा। नगर निगम आयुक्त श्री नाग ने बताया कि देश के 75 नगर निगम में यह योजना का प्रारम्भ किया जा रहा है, जिनमें जगदलपुर नगर निगम भी शामिल है ।

उल्लेखनीय है कि कोविड 19 महामारी और लगातार बढ़ते हुए लाकडाउन से पथ विक्रेताओं की जीविकोपार्जन पर पड़े विपरीत प्रभाव से निकालने के लिए कार्यशील पूंजी हेतु ऋण की आवश्यकता को देखते हुए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना मार्च 2020 से आरम्भ की गयी है। इस योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं, रेहाड़ी-ठेला-पटरी पटरी पर सामान बेचनेवालों के आर्थिक हितों को सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा ऋण प्रदान किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र या आसपास सड़क किनारे, ठेला लगा कर, विशेषकर रेहाड़ी-ठेला-पटरी पर सामान बेचने वाले या बाजार में अस्थाई प्लास्टिक शेड लगाकर घूम-घूम कर खाद्य सामग्री, प्लास्टिक खिलौने, सब्जी एवं अन्य उपयोगी सामान विक्रय कर अपना एवं अपने परिवार का जीवन यापन करने वाले व्यक्ति पथ विक्रेता की श्रेणी में आते हैं उन्हें शहरी पथ विक्रेता या स्ट्रीट वेंडर कहते हैं।

योजनांतर्गत प्रत्येक हितग्राही को 10 हजार रुपये तक सिक्योरिटी फ्री ऋण प्रदान किया जाना हैं। नियमित भुगतान पर 7 प्रतिशत ब्याज में सब्सिडी तथा डिजिटल लेन-देन पर साल में एक हजार दो सौ रुपए तक कैशबैक प्रदान किया जा सकता है। समय पर ऋण राशि भुगतान किये जाने पर, द्वितीय किस्त 20 हजार रुपये एवं तृतीय किस्त 50 हजार रुपये तक ऋण राशि प्रदान किये जाने का प्रावधान है।कार्यक्रम में पथ विक्रेताओं को प्रशस्ति पत्र, यूपीआई कोड, बैंकर कोड, स्व- सहायता समूह को चेक का वितरण किया गया।

188. बटालियन सी.आर.पी.एफ द्वारा ” हरेली” पर्व पर चलाया गया वृक्षारोपण अभियान

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बस्तर …आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एफ/188 बटालियन सीआरपीएफ द्वारा घोर नक्सलवाद प्रभावित सुदूरवर्ती क्षेत्र पुसपालघाट बस्तर में वृक्षारोपण अभियान चलाया । 188 वी वाहिनी के रि पु बल द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में परिचालनिक कर्तव्य का निर्वहन करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को जागरूक करने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर भिन्न-भिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है इस कड़ी में पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर पावन पर्व हरेली के अवसर पर एफ/ 188 वी वाहिनी के रि पु बल पुष्पाल घाट बस्तर में श्री भावेश चौधरी कमांडेंट 188 बटालियन के रि पु बल के निर्देशन में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया इस अवसर पर एस ए रोजन जीमिक द्वितीय कमान अधिकारी कमल सिंह मीणा उप कमांडेंट एवं बन्ना राम सहायक कमांडेंट एवं एफ/188 बटालियन के अधीनस्थ अधिकारी एवं जवानों द्वारा कैंप परिसर के चारों तरफ वृक्षारोपण किया जिसमें विभिन्न प्रजाति के लगभग 700 पौधे लगाए गए

इस अवसर पर एस रोजन जीमिक द्वितीय कमान अधिकारी ने वृक्षारोपण के महत्व को समझाया तथा ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर प्रकृति का संरक्षण करने की वचनबद्धता दिलाई। उन्होंने बताया पेड़ प्रकृति का अनुपम देन है इनकी रक्षा करना हमारा दायित्व है ।

सीआरपीएफ के इस कार्य पर ग्रामीणों ने भूरी भूरी प्रशंसा की ।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी अंग्रेजी माध्यम स्कूल करपावंड में हरेली त्योहार ‌ धुमधाम से मनाया गया

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प्रत्येक वर्ष पहले हरियाली अमावस्या त्योहार आता है । इस वर्ष छत्तीसगढ़ शासन ने स्कूल स्तर पर छात्रों के साथ हरियाली अमावस्या त्योहार मनाने का निर्णय लिया गया । इसी तारतम्य में 28 जुलाई को‌ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी अंग्रेजी माध्यम स्कूल करपावंड में हरेली त्योहार धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर शाला संचालन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शामोराम कश्यप ने कहा कि यह त्योहार प्रथम मानी जाती है ए इस दिन ग्रामीण गाय, बैल, भैस को रचना नाम के पौधे जड़ को पीसकर खिलाते हैं जो आयुर्वेद मानी जाती है और खेत खलिहान में रचना के डगाल गाड़कर दुध नारियल के साथ खेत की अच्छी फसल एवं वर्षा के लिए पूजा पाठ किया जाता है । तत्पश्चात घर पर आकर अपने पूर्वजों के देवी देवता का पूजन किया जाता है । घर पर अच्छी पकवान बनाकर कुटुंब परिवार के साथ भोजन किया जाता है । ग्रामीण क्षेत्रों में ‌ कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन होता है । ऐसे गांव के लोग हरियाली अमावस्याए नया खानी, दियारी त्योहार को मुख्य रूप से मनाते हैं ‌। सभी त्यौहार का‌ अपने अपने महत्व है । स्वामी आत्मानंद स्कूल करपावंड में भी विभिन्न प्रकार से नृत्य , गान , भाषण चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया‌ विभिन्न प्रकार से पेड़ पौधे‌ का रोपड़ भी‌ किया गया । तथा पुरूस्कार वितरण किया गया । कार्यक्रम में शाला संचालन प्रबंधन समिति अध्यक्ष श्री शामोराम कश्यप उप सरपंच अनोज गुप्ता , उप प्राचार्य श्रीमती कविता साहु, हेडमास्टर श्रीमती रश्मि त्रिपाठी संस्था में पदस्थ समस्त संविदा शिक्षक कर्मचारी दोनों माध्यम के छात्र छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।

दरभागुड़ा के दर्जनों संग्राहक को हरा सोना का नहीं हुआ भुगतान

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ठेकेदार के घर पहुंचे संग्राहक मायूस लौटे

विभाग नहीं ले रहा सुध

जगदलपुर/सुकमा। सुकमा वन मंडल के कोटा वन परिक्षेत्र के दर्जनों संग्राहक को तेंदूपत्ता का भुगतान नहीं मिला है। दो दिन पूर्व दरभागुड़ा के दर्जनों संग्राहक कोंआ ठेकेदार के घर पहुंचे और वहां से मायूस होकर लौटे। इन गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं। सप्ताह 15 दिनों से लगा रहे चक्कर वन विभाग भी बेखबर।

ज्ञातवय हो कि हरा सोना के नाम पर एक बड़ा खेल चल रहा है जिसमें वन विभाग के साथ पुलिस विभाग का भी संरक्षण प्राप्त है। गरीब आदिवासी के हरा सोना के भुगतान नहीं होने का मामला लगातार प्रकाशित किया जा रहा है। खबर के बाद विभाग के बड़े अफसरों ने सुकमा के अधिकारियों को फटकार लगाई और भुगतान कराने के निर्देश दिये। खबर प्रकाशन के बाद विभाग हरकत में आया और यह जानकारी मिली है कि मुलाकिसोली के संग्राहक का भुगतान कराया गया है। ग्रामीणों ने हमारे कोंटा संवाददाता का आभार माना।

ठेकेदार के घर पहुंचे संग्राहकः

तेंदूपत्ता के ठेकेदार के द्वारा एक माह से भुगतान को लेकर टरकाया जा रहा है खबर है कि दरभागुड़ा के लगभग 50 से अधिक संग्राहक को 7 लाख से अधिक का भुगतान नहीं कराया
गया है।

जानकारी के अनुसार दरभागुड़ा के लगभग दो दर्जन से अधिक संग्राहक जो भुगतान को लेकर कोंटा ठेकेदार के घर पहुंचे और भुगतान को लेकर मांग करने लगे लेकिन ठेकेदार से संपर्क नहीं होने के कारण ठेकेदार के परिजनों से मिलकर सभी ग्रामीण मायूस वापस लौट आये। दरभागुड़ा के अलावा आसपास के कई संग्राहको के लाखों का भुगतान बकाया है जो आये दिन ठेकेदार के चक्कर लगाते फिर रहे है।

एनजीटी ने छत्तीसगढ़ में राजस्थान के कोयला ब्लॉकों के लिए साफ किया रास्ता

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने छत्तीसगढ़ में राजस्थान सरकार की खनन परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी के खिलाफ आवेदन को, योग्यता और महत्व की कमी के कारण खारिज कर दिया है। राजस्थान सरकार के तीन महत्वपूर्ण कोल ब्लॉकों के लिए रास्ता साफ करते हुए, एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि ‘आवेदक द्वारा कोई भी सुसंगत सफाई दी नहीं गयी है।’

राजस्थान सरकार को लगातार उन विरोधियों से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो भारत के सबसे बड़े कोयला उत्पादक राज्य, छत्तीसगढ़ में खनन परियोजनाओं के लिए कानूनी बाधाएं पैदा करना चाहते हैं। स्टेट यूटिलिटी राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) को लगभग एक दशक पहले, परसा पूर्व और केंते बासन ब्लॉक के लिए पर्यावरण मंजूरी मिली थी, जो पहले से ही सालाना करीब 15 मिलियन टन कोयले का उत्पादन कर रहा है। हालांकि, निहित स्वार्थ वाले लोग, करीब 5,000 लोगों के लिए रोजगार का स्रोत बने इस विकास परियोजना को, पटरी से उतारने के लिए निरर्थक मामले दर्ज कर रहे हैं।

एनजीटी का यह अनुकूल आदेश, आरआरवीयूएनएल के लिए एक और जीत है, जिसने हाल ही में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समक्ष अपने ब्लॉक के खिलाफ पांच मामले जीते हैं। यह पांच केस भी माननीय कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पास कोई विधिमान्य दलील ना होने के कारण खारिज कर दी थी। राजस्थान हाई कोर्ट के पांच निर्णयों के साथ अब एनजीटी के भी सकारात्मक आदेश से, कथित आंदोलनकारीओ की मंशा को धक्का भी पहुंचा है और अब सरगुजा जिले में महत्वपूर्ण माइनिंग परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

वर्तमान में, राजस्थान अपनी आधी कोयला जरूरतों को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित अपने निजी पीईकेबी ब्लॉक से पूरा करता है, और अब वह दो अन्य परसा ब्लॉक और केते एक्सटेंशन ब्लॉक से भी कोयला उत्पादन शुरू करने की भी योजना बना रहा है। यह आदेश राजस्थान को परसा और केते एक्सटेंशन ब्लॉक के लिए माइनिंग प्रोजेक्ट्स की योजनाओ को भी आगे बढ़ाने में मदद करेगा। एक बार पूरी तरह से चालू होने के बाद, आरआरवीयूएनएल के तीन प्रोजेक्ट्स, छत्तीसगढ़ सरकार को महत्वपूर्ण टैक्स और रॉयल्टी राशि का योगदान देने के अलावा, लगभग 25,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।

एनजीटी ने अपने आदेश में कहा, “आवेदन की शिकायत वर्ष 2011 और 2012 में दी गई पर्यावरण मंजूरी और पर्यावरण मंजूरी के बाद के पुनर्वैधीकरण से संबंधित है, जिसे एमओईएफ और सीसी द्वारा आदेश 25.06.2015 के तहत जारी किया गया था। इसमें आवेदक द्वारा कोई भी सुसंगत सफाई दी नहीं गयी है और पर्यावरण मंजूरी को चुनौती नहीं दी गई है।”

सरगुजा की उदयपुर तहसील में कोयला खनन के अनुदान को चुनौती देने के लिए भोपाल की एनजीटी की केंद्रीय जोनल बेंच के समक्ष एक आवेदन दायर किया गया था। जिसमे लोकल इकोलॉजी के हित में एक्सपर्ट कमेटी का गठन करके, अन्य लोगों के बीच कोल प्रोजेक्ट्स की मंजूरी को रद्द करने की मांग की थी । एनजीटी ने पाया कि आवेदन पोषणीय नहीं है क्योंकि न तो किसी प्रकार की सामग्री का खुलासा नहीं किया गया है और न ही पर्यावरण मंजूरी को चुनौती दी गई है।

डामर की चादर फट गई शहर की सड़क हुई बर्बाद

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गुणवत्ता की खुली पोल,बारिश पूर्व शहर के कई सड़कों का हुआ था कायाकल्प जगदलपुर – बारिश के पूर्व शहर के कई सड़क को मरम्मत के नाम पर डामरीकरण की गई थी। पहली ही बारिश में डामर की सड़क उखड़ जाने से सड़क बर्बाद हो गई और जनता धूल से परेशान हो रहे है। प्रशासन के नाको तले गुणवत्ता की इस कदर धज्जियां उड़ाई जा रही है कि शहर की सड़कें गुणवत्ता बयां कर रही है।

ज्ञातव्य हो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के बस्तर प्रवास के दौरान शहर की कई सड़कों जिसमें शहीद पार्क से चांदनी चौक और हनुमान मंदिर चौक, संजय बाजार, धरमपुरा मार्ग सहित अन्य कई सड़कों पर रिपेयरिंग कर लाखों रूपए के डामरीकरण के नाम पर लोक निर्माण विभाग द्वारा खर्च किया गया था। जिन मागों पर डामरयुक्त चादर बिछाकर गुणवत्ता कुछ दिन बाद की सच्चाई को बयां करने लगी है। शहर में हाल ही में रिपेयर की गई अधिकांश सड़क की डामरयुक्त चादर फट चुकी है और सड़क धूल से पटने लगी है जिससे राहगिरों को भारी परेशानिनयों का सामना करना पड़ रहा |

रिपेयरिंग के नाम पर खानापूर्तिः

सत्ताधारी दल के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ भाजपा के नेता एवं शहर की जनता ने आरोप लगाया है कि सड़क रिपेयर के नाम पर घटिया सामग्री का उपयोग कर खानापूर्ति मात्र किया गया है। जिन सड़कों की मरम्मत कराई गई है उन सड़कों के डामर उखड़ गये है और आम जनता परेशान हो रही है। शहर की जनता ने आरोप लगाया है कि विभाग की उदासिनता एवं ठेकेदार की मनमानी के कारण प्रशासन के नाक के नीचे इस प्रकार के घटिया कार्य होना राशि के दुरूपयोग की ओर इशारा करता है।

जिला मुख्यालय में गुणवत्ता की इस कदर अनदेखी की जा रही है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के बाहर दूरस्थ अंचल में गुणवत्ता का क्या हाल होगा। निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे एवं भाजपा पार्षदों ने भी आरोप लगाया है कि कांग्रेस के राज में गुणवत्ता को दरकिनार कर कमीशन के लालच में घटिया कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है जिसका उदाहरण शहर की सड़के है।

कांग्रेस ने “राष्ट्रपति के गौरव” का किया अपमान, कांग्रेस की आदिवासी विरोधी मानशिकता का उजागर, देश से मांगे माफ़ी- केदार कश्यप

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राष्ट्रपति के अपमान के विरोध में बस्तर संभाग के सभी जिले सहित देश के कोने कोने में हो रहा कॉग्रेस का विरोध

कांग्रेस नेता के बयान से आदिवासी समाज को पहुंची ठेस, आदिवासी महिला का राष्ट्रपति बनना कांग्रेस को नहीं आ रही रास

जगदलपुर:- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कि राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू जी के ऊपर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा करते हुए कहां महामहिम राष्ट्रपति किसी दल के नहीं होते बल्कि पूरे देश का होते है, राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को बनाएं रखना चाहिए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने जिस निष्क्रट मानसिकता और बहुत ही घटिया पन का परिचय दिया है वह अछम्य है। कांग्रेस की मानसिकता ही आदिवासी विरोधी महिला विरोधी मानसिकता है, कॉग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

आगे कश्यप जी ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में कांग्रेस ने 55 वर्षों तक देश में राज किया लेकिन कभी भी कांग्रेस ने जनजाति वर्ग को देश के सर्वोच्च पद पर नहीं पहुंचने दिया, डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और रामनाथ कोविंद को देश का राष्ट्रपति बना कर एनडीए ने अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति वर्ग को इस पद पर पहुंचाया परंतु कॉग्रेस के नेता अमर्यादित टिप्पणी कर राष्ट्रपति जी को अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस नेता के बयान से जनजाति आदिवासी समाज को पहुंची ठेस, आदिवासी महिला का राष्ट्रपति बनना कांग्रेस को नहीं आ रहा रास

कश्यप ने कहा कि देश में पहली बार कोई आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी है, जिस दिन उसके नाम की घोषणा की गई उसी दिन से कांग्रेस की टिप्पणियां सामने आने लगी, उसी दिन कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा द्वारा राष्ट्रपति प्रत्याशी का चयन भारत के बहुत बुरे दर्शन का प्रतिनिधित्व करता है जैसे शब्दों का प्रयोग किया था, आगे कश्यप ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में पहली बार बनी आदिवासी राष्ट्रपति को कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है और सोनिया के निर्देशन पर उनका अपमान करने पर उतर आए हैं, यह जुबान फिसलने की गलती नहीं बल्कि जानबूझकर राष्ट्रपति को अपमानित करने और नीचा दिखाने की कोशिश की गई है सोनिया गांधी ने चौधरी को लोकसभा में नेता नियुक्त किया है उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

राष्ट्रपति के अपमान के विरोध में बस्तर संभाग के सभी जिले सहित देश के कोने कोने में हो रहा कॉग्रेस का विरोध

कश्यप ने बताते हुए कहा की राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू जी के ऊपर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से पूरा देश आहत है जिसके विरोध में बस्तर संभाग के सातों जिलों सहित देश के कोने कोने में कांग्रेस पार्टी के विरोध में पुतला दहन कर प्रर्दशन हो रहे हैं।

राष्ट्रपति का अपमान देश का अपमान है..दुष्यंत सोनवानी

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कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी के द्वारा राष्ट्रपति महामहिम श्रीमति द्रौपदी मुर्मू जी के लिए प्रयोग किए गए अपमानजनक शब्द के विरोध में भारतीय जनता पार्टी मंडल गुंडरदेही के मंडल अध्यक्ष दुष्यंत सुनवानी ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस पार्टी का चाल चरित्र चेहरा है। एक गरीब जनजाति महिला भारत देश की राष्ट्रपति बन गई, कांग्रेश पार्टी इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और जानबूझकर राष्ट्रपति को अपमान करने के लिए कांग्रेस नेता के द्वारा इस तरह का बयान दिया गया हैं।

कांग्रेस पार्टी के नेताओं को शर्म आनी चाहिए और इस तरक राष्ट्रपति को अपमानित करने के लिए कांग्रेस पार्टी को सारे व राष्ट्रपति से माफी मांगनी चाहिए। महामहिम राष्ट्रपति का अपमान संपूर्ण राष्ट्र का अपमान है इस कृत्य के लिए कांग्रेसी नेता की जितनी निंदा की जाए कम है। मंडल के महामंत्री सौरभ चोपड़ा ने कांग्रेस के नेता के बयान को कांग्रेस की बौखलाहट बताया। आदिवासी समाज जन जातियों के उत्थान के लिए कांग्रेस पार्टी ने कभी कुछ नहीं किया, राष्ट्रपति के रूप में आदिवासी जनजाति महिला को कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है।

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छत पर धारदार हथियार से गला रेतकर महिला की हत्या

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अर्जुन्दा के ग्राम भालूकोनहा रहने वाली महिला की धारदार हथियार से उसके घर के छ्त पर हत्या कर दी गई । महिला का नाम संध्या राजपूत बताया जा रहा हैं वह लंबे समय से अकेली रहती थी महिला का विवाह 2013 में बालोद के विजय छत्री के साथ हुआ था 2 साल साथ रहने के बाद आपसी विवाद के कारण दोनों अलग रहने लगे थे संध्या राजपूत अर्जुंदा के भालुकोंहआ में अकेली रहती थी ।

महिला का ससुराल बालोद के आमापारा में था कुछ समय पूर्व एक मामले में उसके पति विजय छत्री को जेल हो चुकी है महिला का मायका ग्राम खरसुली में बताया जा रहा हैं मौके पर मोबाइल भी प्राप्त हुआ हैं । अर्जुंदा पुलिस, स्पेशल स्क्वाड टीम, साइबर सेल सहित फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी हैं पुलिस द्वारा हत्या की पुष्टि किया गया है । पुलिस द्वारा घटना देर रात या सुबह की बताई जा रही है पुलिस को सुबह 11:00 बजे के आसपास घटना की जानकारी प्राप्त हुई यह भी ज्ञात हुआ कि महिला का ग्रामीणों से संबंध ठीक नहीं था।

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अधिकारी – कर्मचारी का आंदोलन लेकिन 24 घंटे ड्यूटी निभाने वाले पुलिस कर्मियों को आज भी सायकल भत्ता 18 रु ये तो नाइंसाफी ही कहा जाए

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डौंडी- पूरे छत्तीसगढ़ मे हर वर्ग के शासकीय कार्यालयों के कर्मचारी- अधिकारी वर्ग को 22% महंगाई भत्ता दी जा रही है व पेंसनरो को 17 % राशि दिए जाने के आरोप लगाकर अपनी हक की लड़ाई उक्त संघ के लोग लड़ रहे है। उनकी मांगों को शासन द्वारा अभी तक निराकरण नही किया गया। क्या यह संघ ये बात जानते है कि हमारे भारत देश मे 24 घंटे फर्ज की ड्यूटी निभाते आ रहे पुलिसकर्मियों की तनख्वाह कितनी है व इन्हें कितना भत्ता मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार राज्य के समस्त शासकीय कार्यलयों में अधिकारी- कर्मचारियों को फिक्स डिपाजिट देय भत्ता मिल रहा है। किंतु दुर्भाग्य ही कहा जाये कि हमारे पुलिस प्रशासन के 24 घंटे ड्यूटी निभाने वाले कर्मचारियों को केवल आज भी सायकल भत्ता 18 रु, फिक्स टीए 25 रु, वर्दी भत्ता 60 रु, पौष्टिक आहार 100 रु, स्वास्थ्य भत्ता 200 रु व आवास भत्ता 697 रु ही मिल रहा है। आप सभी का सोचनीय तथ्य है कि चौबिसिय घण्टे जिले व विकासखंड का देखरेख करने वाले सिपाही अपने कर्तव्य के प्रति कितने जिम्मेदारी पूवर्क निर्वाहन करते आ रहे है।

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उन्हें शासन द्वारा ना तो स्ट्राइक का प्रवाधान दिया गया है और ना ही किसी तरह का अपने अधिकार क्षेत्र की लड़ाई लड़ने का परमिशन। ऐसे में चौबीस घण्टे कार्य करने वाले पुलिस कर्मी आखिर जाए तो किसके पास । गौरतलब है कि अधिकारी-कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल मे है। परंतु देश सेवा मे लगे पुलिसकर्मियों की सुध कौन ले रहा है.???

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